Thursday, January 1, 2026
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राया क्षेत्र के गाँव मुरसेनिया के किसानों की गेंहूँ की फ़सल में अज्ञात कारणों से लगी आग

थाना राया क्षेत्र के गाँव मुरसेनिया के किसानों की गेंहूँ की फ़सल में अज्ञात कारणों से आग लग गई।जिसकी बजह से क़रीब पाँच एकड़ जमीन पर खड़ी गेंहूँ की फ़सल और पशुओं के चारे हेतु खेत मे खड़ी भूसे की बुर्जी जलकर राख हो गई।घटना जानकारी किसानों को हुई तो वह खेतों पर आग बुझाने के लिए दौड़े लेक़िन आग का तांड़व ऐसा था कि अंदाताओ के सामने ही उनकी वर्ष भर की मेहनत राख हो गई।सूचना पर दमकल भी पहुँच गई किन्तु जबतक सबकुछ बर्बाद हो चुका था।किसान गजेंद्र सिंह ने थाने में तहरीर देते अपना दुखड़ा रोया।और बताया कि आग के इस तांड़व में गाँव के ही रेशम सिंह ,कुसल सिंह की भी फ़सल जलकर राख हो गई है।जिससे उनका लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।पुलिस ने तहरीर लेकर कार्यवाही शुरू कर दी है।किसानों का कहना यह भी था कि विधाता की ऐसी मार पड़ी है परिवार के पेट भरने के लिये वर्ष दर दर भटकना पड़ेगा।जबकि किसान पूरे वर्ष मेहनत कर फ़सल तैयार करते हैं और जमाने का पेट भरते हैं।लेक़िन इस वर्ष अपने परिवार के भरण पोषण के भी लाले पड़ जायेंगे।

राशन से लदे हुए ट्रक की टक्कर से महिला की मौत

थाना राया क्षेत्र के कस्बा स्थित सादाबाद रोड पर चौधरी धर्म कांटे की समीप सड़क किनारे वाहन के इंतजार में मृतक श्रीमती कमलेश(47) निवासी पडरारी को राया की तरफ से सिंगल स्टेज डोर स्टेप डिलीवरी योजना अंतर्गत खाद्यान्न उठाने में प्रयुक्त ट्रक। जिसमें सरकारी राशन लदा हुआ था। ट्रक संख्या यूपी 84 टी-9614 जिसमें राशन भरा हुआ था‌‌। उक्त ट्रक चालक ने सड़क किनारे खड़ी महिला को टक्कर मार दी। इस के चलते महिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। सूचना पर पहुंची थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम गृह भिजवा दिया और ट्रक को कब्जे में ले लिया है। वहीं चालाक मौके से फरार हो गया।पुलिस आगे की कार्रवाई में जुट गई है।

संस्कृति विवि के प्रोफेसर ग्रीस दूतावास द्वारा हुए सम्मानित

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के दो प्रतिष्ठित प्रोफेसर, सेंटर फॉर एप्लाइड पॉलिटिक्स के निदेशक डॉ. रजनीश त्यागी और पर्यटन और आतिथ्य के डीन स्कूल प्रो. रतीश कुमार को नई दिल्ली में ग्रीक दूतावास द्वारा संस्कृति विश्वविद्यालय और विभिन्न प्रतिष्ठित ग्रीस शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोगात्मक प्रयासों के लिए सम्मानित किया गया। दिल्ली में आयोजित यह कार्यक्रम ग्रीस के विजिटिंग प्रोफेसरों के सम्मान में आयोजित किया गया था, जो जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) द्वारा आयोजित ‘ग्रीस और भारत: इतिहास, समाज, विज्ञान और उद्यमिता’ विषय पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग ले रहे थे।
राजनयिक माहौल के बीच, डॉ. रजनीश त्यागी और प्रो. रतीश कुमार को भारत में ग्रीस के राजदूत महामहिम अलिकी कौत्सोमिटोपोलू के साथ चर्चा करने का सम्मानित अवसर मिला। उनकी बातचीत संस्कृति विश्वविद्यालय और विभिन्न प्रतिष्ठित यूनानी शैक्षणिक संस्थानों के बीच मजबूत सहयोगात्मक प्रयासों के इर्द-गिर्द घूमती रही। विशेष रूप से, संस्कृति विश्वविद्यालय को पिछले वर्ष ग्रीक सरकार द्वारा मान्यता प्रदान की गई थी, जिससे एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय के रूप में इसकी स्थिति की पुष्टि हुई और शिक्षा और अनुसंधान में द्विपक्षीय सहयोग के रास्ते को बढ़ावा मिला।
राजदूत कौत्सोमिटोपोलू ने भारतीय और यूनानी शैक्षिक प्रतिष्ठानों के बीच बढ़ती साझेदारी को और मजबूत करने के लिए संस्कृति विश्वविद्यालय का दौरा करने में अपनी गंभीर रुचि व्यक्त की। पिछले वर्ष संस्कृति विश्वविद्यालय और अंतर्राष्ट्रीय हेलेनिक विश्वविद्यालय और एथेंस के कृषि विश्वविद्यालय सहित प्रमुख यूनानी विश्वविद्यालयों के बीच कई समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए थे। ये समझौते विभिन्न विषयों में अकादमिक आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान पहल और सांस्कृतिक संवाद को बढ़ावा देने के लिए एक साझा प्रतिबद्धता का संकेत देते हैं। डॉ. रजनीश त्यागी ने युवा उद्यमियों को बढ़ावा देने में संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रयासों के बारे में अंतरराष्ट्रीय हेलेनिक विश्वविद्यालय के वाइस रेक्टर, प्रोफेसर कॉन्स्टेंटिनो डायमंटारस को जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि कैसे संस्कृति विश्वविद्यालय मैनेज, हैदराबाद के लिए एक मान्यता प्राप्त सरकारी प्रशिक्षण भागीदार के रूप में कार्य करता है। इस साझेदारी में भारत सरकार द्वारा पूरी तरह से प्रायोजित 45-दिवसीय निःशुल्क आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शामिल है, जिसका उद्देश्य युवाओं में उद्यमशीलता की भावना को बढ़ावा देना है।

ऑनलाइन गेम एप पर युवती की अश्लील फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने के मामले में मुकदमा दर्ज, युवक की तलाश में जुटी पुलिस

वृंदावन। ऑनलाइन गेमिंग एप पर गेम खेलते समय जुड़े एक युवक द्वारा युवती की अश्लील फोटो बनाकर वायरल करने की धमकी का मामला प्रकाश में आया है इस संबंध में युवती द्वारा युवक के विरुद्ध कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया है युक्ति द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिस युवक की तलाश में जुट गई है।
आपको बताते चलें कि इन दोनों मोबाइल पर ऑनलाइन गेमिंग के प्रति युवाओं का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है जिसमें युवक एवं युवतियों की काफी बड़ी संख्या है। लेकिन लेकिन इस ऑनलाइन गेमिंग के दौरान गेम खेलते समय किस ऐप से जुड़े किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी की भी अश्लील फोटो या वीडियो बनाई जा सकती है इसकी जानकारी शायद बहुत कम लोगों को ही होगी। ऑनलाइन गेमिंग एप से जुड़ी एक युवती की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है जिसमें एक युवक पर उसकी अश्लील फोटो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी जा रही है साथ ही युवक द्वारा युवती की अश्लील फोटो अपनी डीपी पर लगा ली है तथा उसके नाम से एक फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर उसे पर भी कुछ फोटो अपलोड किए हैं।
पीड़ित युवती द्वारा हाथरस निवासी युवक मनीष के विरुद्ध कोतवाली में आईटी एक्ट की धाराओं के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत कराया है जिसके आधार पर पुलिस युवक की तलाश में जुटी हुई है। इस मामले के विवेचक इंस्पेक्टर क्राइम धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित युवती की तहरीर के आधार पर मुकदमा पंजीकृत किया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार किया जाएगा।

वीपीएस में लाइब्रेरी माह का हुआ शुभारंभ, प्रथम दिन हुईं विभिन्न प्रतिस्पर्धाएं

वृंदावन। मथुरा मार्ग स्थित वृन्दावन पब्लिक स्कूल में लाइबेरी माह का शुभारंभ किया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए लाइब्रेरी एवं पुस्तकों के प्रति जागरुक भी किया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस को रीडिंग कैम्पेन थीम के रूप में मनाया गया। जिसमें कक्षा 6 से 12 वीं तक के छात्र-छात्राओं ने भाग लेते हुए विभिन्न प्रकार की ऐक्टिविटी आयोजित की।
लाइब्रेरियन ज्योति शर्मा ने बताया कि लाइब्रेरी माह के प्रथम दिवस में कक्षा 6 के छात्र-छात्राओं ने रीडिंग काॅटैस्ट में प्रतिभाग किया। वहीं कक्षा 7 से बुक रिव्यूज, कक्षा 8 से रीडिंग काॅर्नर, कक्षा 9 से रीडिंग साॅन्ग, कक्षा 10 से माॅस्क रीडर, कक्षा 11 से क्विज काॅम्पटीशन तथा कक्षा 12 से गेस बूस्टर ”हू एम आई“ नामक प्रतिस्पर्धाओं के बल पर पुस्तकों का जीवन मे महत्व विषय पर लोगों को जागरुक किया। उन्होंने बताया कि इस दौरान प्रतिस्पद्र्धा में विजयी छात्र-छात्राओं में कक्षा 8 से अंशुल, मेघांश, हर्ष, उदय प्रताप सिंह ने रीडिंग स्किल में विजयी घोषित किया गया। वहीं कक्षा 10 से विरेन को रीडर, कक्षा 7 से श्रेया गोस्वामी को बुक रिव्यू, कक्षा 8 से वर्षा को मोटिवेशनल सटोरी के लिए विजेता चुना गया है।
प्रधानाचार्य कृति शर्मा ने कहा कि एक विद्यार्थी के तौर पर पुस्तक हमारे जीवन में अति महत्वपूर्ण स्थान रखती हैं। ज्ञान का प्रतिबिम्ब पुस्तक के रूप में ही समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिन प्रतिदिन आधुनिक होते जा रहे समाज में पुस्तकों के महत्व को नकारा नहीं जा सकता। ऐसे आयोजनों के माध्यम से विद्यार्थियों को पुस्तकों के महत्व के प्रति जागरुक करने में सहायता प्रदान होती है।
इस अवसर पर स्वेका राज, सपना शर्मा, शालिनी, उमा शर्मा, शालू शर्मा, ब्रजनन्दनी कुश्वाह, राधा प्रजापति, कृष्णा सारस्वत आदि उपस्थित रहे।

के.डी. हॉस्पिटल में महिला के सिकुड़े फेफड़े की सफल सर्जरी, सीटीवीएस सर्जन डॉ. सैफ अलीम और उनकी टीम ने दिया रेशमा को नवजीवन

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ सीटीवीएस सर्जन डॉ. सैफ अलीम और उनकी टीम के प्रयासों से नई बस्ती मथुरा निवासी रेशमा (32) पत्नी चांद को नई जिन्दगी मिली है। के.डी. हॉस्पिटल के शल्य चिकित्सकों ने लगभग चार घंटे की मशक्कत के बाद रेशमा के सिकुड़े बाएं फेफड़े को रिपेयर करने में सफलता हासिल की। अब रेशमा पूरी तरह से स्वस्थ है तथा उसे सांस लेने में भी कोई परेशानी नहीं हो रही है।
चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार नई बस्ती मथुरा निवासी रेशमा पत्नी चांद को 12 अप्रैल को गम्भीर अवस्था में के.डी. हॉस्पिटल लाया गया। क्षय रोग से पीड़ित रेशमा को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। डॉ. सैफ अलीम ने कुछ जांचें कराईं जिनसे पता चला कि वह क्षय रोग से पीड़ित है तथा उसके दाएं फेफड़े की तरफ ट्यूब डली है जिसके आसपास काफी पस जमा है। जांच से पता चला कि उसका बायां फेफड़ा सिकुड़ा हुआ है तथा उसके ऊपर मोटी सी झिल्ली ने जगह बना ली है, जिसके चलते मरीज को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
मरीज की गम्भीर स्थिति को देखते हुए डॉ. सैफ अलीम ने परिजनों को सर्जरी की सलाह दी। परिजनों की स्वीकृति के बाद डॉ. सैफ अलीम और उनकी टीम के सहयोगियों डॉ. अंकित, डॉ. वेंकट, डॉ. कार्तिकेय, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. सुप्रिया, डॉ. उमेद, डॉ. जगत तथा टेक्नीशियन एस. खान, योगेश, गौरव आदि के सहयोग से रेशमा की सर्जरी की गई। लगभग चार घंटे के प्रयासों के बाद चिकित्सकों की टीम द्वारा रेशमा का सिकुड़ा फेफड़ा रिपेयर किया गया। इतना ही नहीं फेफड़े के ऊपर से झिल्ली हटाते हुए आसपास जमा पस की सफाई की गई।
डॉ. सैफ अलीम ने बताया कि इस सर्जरी को डीकोटिकेशन विथ लंग्स रिपेयर कहते हैं। यह आपरेशन सिकुड़े फेफड़े के आरम्भिक दिनों में बहुत ही सफल व कारगर साबित होता है क्योंकि आरम्भिक अवस्था में सिकुड़ा फेफड़ा दबाव में तो होता है, पर ज्यादा क्षतिग्रस्त नहीं होता। उन्होंने बताया कि बीमारी का समय पर पता न चलने पर समस्या गम्भीर होती जाती है। रेशमा के पति चांद ने सफल और बहुत कम पैसे में हुई सर्जरी के लिए के.डी. हॉस्पिटल प्रबंधन तथा चिकित्सकों का आभार माना है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए मरीज के स्वस्थ जीवन की कामना की है।

मथुरा – जंक्शन आरपीएफ टीम ने रेल यात्रियों को फर्जी तरीके से टिकट बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया

मथुरा। जंक्शन आरपीएफ टीम ने रेल यात्रियों को फर्जी तरीके से टिकट बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से मोबाइल, नकदी और तीन पीआरएस विंडो टिकट बरामद हुई हैं। ट्रेन में रिजर्वेशन के लिए यात्री परेशान हैं। जालसाज, यात्रियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे हैं। फर्जी तरीके से यात्रियों को ऊंची कीमत पर आरक्षण वाली टिकट बेच रहे हैं। एक टिकट पर यात्री से 200 से 300 रुपये अतिरिक्त वसूल रहे हैं। आरपीएफ प्रभारी निरीक्षक अवधेश गोस्वामी ने बताया कि गोवर्धन स्टेशन पर अवैध तरीके से रेलवे की विंडो से पीआरएस टिकट बनाकर यात्रियों को बेचने की जानकारी मिली थी। सूचना पर टीम पहुंची। एक व्यक्ति भोवन पुत्र वासुदेव निवासी राधाकुंड मथुरा को मौके से गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से 10475 रुपये कीमत की तीन पीआरएस विंडो टिकट बरामद की गई हैं। आरोपी के खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 143 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि वह एक साल से यह काम कर रहा है।

जब सदाकांत जी मुझसे बोले अंडरवियर में देख लिया फिर पाजामा पहनने से क्या फायदा

मथुरा। बात कई दशक पूर्व उस समय की है जब सदाकांत जी मथुरा के जिलाधिकारी थे। दीपावली का दिन था और सुबह लगभग 11-12 बजे का समय रहा होगा। मैं अपने निवास “नवल नलकूप” पर फाटक के अन्दर अंडरवियर और बनियान पहने हुए खड़ा हुआ था, तथा वहां हो रही साफ-सफाई को देख रहा था। इसी दौरान जिलाधिकारी के मुख्य अर्दली सत्यप्रकाश मेरे पास आए और बोले कि गुप्ता जी साहब आए हैं। मैंने सड़क पर नजर डाली तो देखा कि बाहर गाड़ी खड़ी हुई है और सदाकांत जी उसमें बैठे हुए हैं।
     मैं थोड़ा सिटपिटा सा गया और अर्दली से बोला कि यार सत्तो तेरे साहब को कम से कम फोन करके तो आना था और फिर मैं यह कह कर ऊपर घर में तिड़ी लगाकर भागा कि रुक जा अभी आया दो मिनट में पाजामा पहन कर। उसके बाद मैंने झटपट पाजामा पहना और भागकर सदाकांत जी की अगवानी करने जा पहुंचा उनकी गाड़ी के पास। इसके पश्चात सदाकांत जी घर के अन्दर आए तथा सीढ़ियां चढ़ते हुए गलवहियां डालकर मस्ताने अन्दाज में बोले कि गुप्ता जी मैंने आपको अंडरवियर में तो देख ही लिया था अब पाजामा पहनने से क्या फायदा? मैंने भी नहले पर दहला जड़ते हुए उनसे कहा कि क्या अब इसे उतार दूं? इस पर वे खिलखिला कर हंसे और बोले कि नहीं नहीं अब पहन ही लिया है तो फिर इसे पहने ही रहो। दरअसल सदाकांत जी मुझसे बहुत स्नेह हम मानते थे तथा दिपावली के दिन बगैर सूचना दिए घर आने का उनका मंतव्य मुझे सरप्राइज देना यानि चौंकाना था। वे यारों के यार थे तथा जिससे मुहब्बत करते तो बेइन्तहां मुहब्बत करते तथा जिससे नफरत करते तो फिर उसकी तरफ देखना भी गवारा नहीं होता।
     अब बात अंडरवियर की चल रही है तो अंडरवियर से जुड़े अपने दो प्रसंग और बताने का मन है। यह घटना भी काफी पुरानीं है। रात के शायद नौ बजे का समय होगा किसी ने घंटी बजाई मैंने ऊपर पिंजर में से आवाज देकर पूछा कौन? इस पर नीचे सड़क पर खड़े हुए पवन चतुर्वेदी बृज बिहार वालों ने जवाबी आवाज दी कि गुप्ता जी मैं हूं पवन। इस पर मैं अपनीं उसी अंडरवियर बनियान वाली यूनिफॉर्म में नींचे गया और फाटक खोला। फाटक के खुलते ही मैं हतप्रभ रह गया क्योंकि जिला जज श्री जगमोहन पालीवाल और उनकी धर्मपत्नी भी पवन जी के साथ खड़े हुए थे। मैं जज साहब उनकी धर्मपत्नी तथा पवन जी को ऊपर घर में लाया तथा झटपट पाजामा पहन कर अपनी लाज रखी। जज साहब ने कहा कि गुप्ता जी अब हम मथुरा से जा रहे हैं और आपसे मिले बगैर भला कैसे जा सकते हैं? दरअसल जज साहब का प्रमोशन हाई कोर्ट में हो गया था तथा दूसरे दिन उन्हें इलाहाबाद के लिए रवाना होना था, वे भी मुझसे बहुत स्नेह मानते थे।
     इसी प्रसंग में तीसरी घटना भी आपको बताता हूं। यह बात तो बहुत ज्यादा पुरानीं है शायद चालीस वर्ष हो गए होंगे। जाड़े के दिन थे समय लगभग रात्रि के नौ बजे का रहा होगा, घंटी बजी तो मैंने ऊपर से आवाज दी कि कौन है? इस पर किसी ने कहा कि दरवाजा खोलो, मैं समझ नहीं पाया कि ठंड के दिनों में आखिर कौन आया है इतनी रात में, ऊपर से देखने पर एक जीप खड़ी दिखाई दे रही थी तथा चार पांच लोग थे। मैं अपनी उसी यूनिफॉर्म में सरपट नीचे दौड़कर गया और झटपट फाटक खोला। बाहर देखते ही मैं हतप्रभ रह गया क्योंकि मेरे सामने उस समय के जिला जज श्री गंगा शरण शर्मा उनकी धर्मपत्नी तथा परिवार के अन्य सदस्य खड़े हुए थे। मैंने कहा कि जज साहब इतनी रात में आप सब लोगों ने कष्ट किया। इस पर जज साहब बोले कि हमें देर इसलिए हो गई क्योंकि जीप रास्ते में खराब हो गई और उसे हम सभी लोगों ने बार-बार धक्का लगा लगाकर स्टार्ट कराया। बार-बार स्टार्ट होती और कुछ दूर चल कर फिर बंद हो जाती। मैंने उन सभी को घर में ऊपर लाकर बैठाया तथा हर बार की तरह इस बार भी पाजामा धारण किया। जज साहब ने कहा कि कल हम लोगों को जाना था मथुरा छोड़कर और आपसे मिलने का बहुत मन था।
     दरअसल बात यह थी कि जिस दिन जज साहब रिटायर हुए उसी दिन उन्होंने अपना सरकारी आवास खाली कर दिया तथा कचहरी स्थित हिन्दुस्तान होटल में ठहर गए। उन्होंने न सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल किया और ना ही किसी अन्य व्यक्ति की गाड़ी स्वीकार की तथा भाड़े पर एक खटारा सी जीप की और मन्दिरों के दर्शन करते हुए हमारे घर आए। जज साहब मूल रूप से हाथरस के रहने वाले थे तथा ईमानदारी की बेमिसाल नजीर थे। वे भी मुझसे बेहद स्नेह मानते थे, उनकी ईमानदारी और कर्तव्य निष्ठा की धमक हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक में थी। यही कारण था कि उन्हें रिटायर होने के बाद भी पूरे देश के एक न्यायाधिकरण (ट्रिब्यूनल) की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। यह न्यायाधिकरण समूचे भारत के सरकारी नौकरी से संबंधित बड़े एवं विवादित मामलों के निस्तारण में अपना अन्तिम फैसला देता था। उनकी सादगी ईमानदारी और कर्तव्य परायणता को मैं भी सलाम करता हूं।
     यह मेरा सौभाग्य है कि मेरे जैसे फटीचर इंसान को भी इतने अच्छे और ऊंचे पदों पर बैठे लोगों का इतना स्नेह मिलता है शायद मेरे पूर्व जन्मों का कोई पुण्य बकाया चल रहा होगा।

विजय गुप्ता की कलम से

वीपीएस में मनाया गया श्री हनुमान जन्मोत्सव, बच्चों ने हनुमान चालीसा का किया पाठ

वृंदावन। मथुरा मार्ग स्थित वृंदावन पब्लिक स्कूल में भगवान हनुमान जी का जन्म दिवस धूमधाम के साथ मनाया गया। छात्र-छात्राओं द्वारा प्रार्थना सभा में हनुमान चालीसा व हनुमान भजन की धुन पर नृत्य किया गया। साथ ही बच्चों ने ड्राइंग शीट पर हनुमान जी की छवि को बहुत ही मनमोहक ढंग से प्रस्तुत किया। सभी बच्चों को कक्षा में लगे हुए टीवी स्क्रीन व श्याम शांति सभागार में लगे प्रोजेक्टर पर (हनुमान) फिल्म दिखाई गई। जिसमें हनुमान जी की माँ के पूर्व जन्म से लेकर राम जी के राज्याभिषेक तक की कथा को बहुत ही सुंदर ढंग से प्रस्तुत किया गया था।जिसे देख बच्चे भगवान श्री राम व हनुमान के त्याग, पराक्रम,विद्या,बल- बुद्धि, भक्ति चतुराई के गुणों से ओत-प्रोत हुए। बच्चों ने बहुत ही आनंद के साथ इस फिल्म को देखा। फिल्म का संगीत बहुत ही अद्भुत था जिसमें बच्चों को बहुत मजा आया। फिल्म में लंका कांड में हनुमान जी के प्रदर्शन को देखकर बच्चों ने जय श्रीराम के नारे लगाए जिससे पूरा सभागार राम भक्ति से गुंजायमान हो उठा। उपस्थित सभी गुरूजनों ने भी भगवान श्रीराम व हनुमान जी का वंदन किया व बच्चों को उनके आदर्शो पर चलने की प्रेरणा दी।

राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के विद्यार्थियों ने किया दवा कम्पनी का भ्रमण, एवरटच हेल्थ केयर में दवाओं के उत्पादन तथा टेस्टिंग की जानकारी हासिल की

मथुरा। शिक्षा में शैक्षिक भ्रमण का विशेष महत्व है। जो बातें छात्र-छात्राएं किताबों में पढ़कर नहीं समझ पाते, उसे वे शैक्षिक भ्रमण में आसानी से सीख जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थान राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी मथुरा के बी. फार्मा चतुर्थ वर्ष के छात्र-छात्राओं को एसोसिएट प्रोफेसर आर.के. चौधरी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर पवन पांडेय (ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट प्रमुख) के नेतृत्व में मथुरा के कोसीकलां स्थित दवा निर्माता कम्पनी एवरटच हेल्थ केयर ले जाया गया। इस शैक्षिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं ने दवाओं के उत्पादन, टेस्टिंग, पैकिंग, पंचिंग आदि की विस्तार से जानकारी हासिल की।
औद्योगिक भ्रमण के दौरान एवरटच हेल्थ केयर की प्रोडक्शन प्रमुख बबली सौरोत तथा अन्य विभागीय अधिकारियों द्वारा छात्र-छात्राओं को फार्मास्यूटिकल, न्यूट्रास्यूटिकल, हर्बल के उत्पादन की विस्तार से जानकारी देते हुए दवा उत्पादन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों से भी अवगत कराया गया। कम्पनी पदाधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को दवाओं के उत्पादन, टेस्टिंग, पैकिंग, पंचिंग आदि के बारे में भी बताया। इस शैक्षिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं को बीफार्मा के उपरांत रोजगार के अवसरों हेतु विभिन्न विभागों के लिए आवश्यक योग्यता की जानकारी भी दी गई।
औद्योगिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं ने मशीनों के उपयोग को भी प्रत्यक्ष रूप से देखा और समझा। एवरटच हेल्थ केयर ग्रुप के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील चौधरी, मानवेंद्र चौधरी, मांगेराम सौरोत एवं संतराम सौरोत ने छात्र-छात्राओं को कम्पनी की उपलब्धियों की जानकारी देने के साथ-साथ उसकी अलग-अलग यूनिटों एडवर्टाइज बायोरेमेडीज मोनिका लाइफ साइंस, एडवर्टाइज लाइफ केयर, एडवर्टाइज हेल्थ केयर, एडवर्टाइज हर्बल केयर का भी भ्रमण कराया। छात्र-छात्राओं ने इस शैक्षिक भ्रमण को बहुत उपयोगी बताया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि इंडस्ट्रियल विजिट से छात्र-छात्राओं को उद्योग के बारे में विस्तार से जानकारी मिलती है, जिससे उन्हें प्रारम्भिक चरण में ही अपना करियर तय करने में मदद मिलती है। इंडस्ट्रियल विजिट अधिक ज्ञान प्राप्त करने को प्रेरित करता है जो उन्हें स्पष्ट लक्ष्य-निर्धारण तथा दिशात्मक विचारों से अवगत कराता है। संस्थान के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि शैक्षिक यात्राएं छात्र-छात्राओं को एक नई संस्कृति का अनुभव करने का अवसर प्रदान करती हैं। शैक्षिक दौरे छात्र-छात्राओं को उनके परिचित वातावरण के बाहर नए अनुभवों, चुनौतियों और जिम्मेदारियों के सम्पर्क के माध्यम से आत्मविश्वास बढ़ाने में मदद करते हैं।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेंद्र पाठक ने कहा कि राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी द्वारा समय-समय पर छात्र-छात्राओं के प्रायोगिक स्तर को बढ़ाने के लिए ऐसे औद्योगिक भ्रमण कराए जाते हैं। डॉ. पाठक ने एडवर्टाइज हेल्थ केयर के शीर्ष पदाधिकारियों का आभार माना जिन्होंने छात्र-छात्राओं को अपना अमूल्य समय दिया। विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) हिमांशु चोपड़ा ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि उन्होंने इस शैक्षिक भ्रमण में जो कुछ भी नया देखा और समझा है, उस पर अमल अवश्य करें। बेहतर होगा इसे नोटबुक में लिख लिया जाए।