Wednesday, January 14, 2026
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जीएलए के नीरज ने दिए छात्रों को सफलता के मंत्र

-जीएलए विवि द्वारा लखनऊ के इंदिरा गांधी सभागार में छात्रों के लिए आयोजित हुआ मोटिवेशन सेशन

मथुरा : सफलता क्या है? हर किसी की सफलता की परिभाषा दूसरों से भिन्न है। इसलिए हर किसी की सफलता की व्याख्या अलग होती है। कुछ के लिए यह मन की एक अवस्था है, कुछ के लिए भौतिक सुख, तो कुछ के लिए एक निश्चित पद को पाना और कुछ के लिए समाज में कुछ बड़ा कर नाम और शोहरत पाना।

यह सफलता के मंत्र जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा की संस्था ‘‘प्रयास‘‘ टीम के सहयोग से लखनऊ के गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी सभागार में आयोजित मोटिवेशन सेशन के दौरान मोटिवेशनल स्पीकर जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के सीईओ नीरज अग्रवाल ने 1200 से अधिक छात्रों को दिए।

सेशन के दौरान लखनऊ, बाराबंकी एवं सीतापुर रोड़ स्थित कैपीटल पब्लिक स्कूल, एसडीएसएन पब्लिक स्कूल, सरस्वती विद्या मंदिर, हॉनर कॉलेज, डायमंड पब्लिक स्कूल, अरविंद एकेडमी, ष्याम सुंदर, केन्द्रीय विद्यालय, वर्धन इंटरनेषनल, एसटी एक्सवियर्स, लखनऊ इंटरनेशनल स्कूल, एमआर जयपुरिया, न्यू एरा स्कूल, रॉयल माउंट एकेडमी, पुलिस मॉर्डन स्कूल, चेतना, शिवानी पब्लिक स्कूल आदि के 1200 से अधिक छात्रों को दर्जनों प्रेरणाश्रोत कहानियों के माध्यम से सफलता के मंत्र एवं अनुभव साझा करते हुए मोटिवेशनल स्पीकर नीरज अग्रवाल ने कहा कि मेरे विचार से सफलता कभी पूर्ण नहीं होती है बल्कि यह सापेक्ष होती है। यह सिर्फ एक अल्पविराम है, पूर्णविराम नहीं। यह अंत न होकर जीवन की यात्रा का सिर्फ एक मोड़ है। इससे कभी संतुष्ट नहीं हुआ जा सकता। असल में सफलता हमेशा बेहतर करने और आगे बढ़ने का संदेश देती है।

सफलता के लिए छात्रों को एक सन्देश के माध्यम से कहा कि ‘‘कोशिश पूरी नहीं हो रही है, तो यकीन मानिये की पूरी कोशिश नहीं हो रही है‘‘ इस सन्देश के माध्यम से छात्रों को बताना चाहता हूं कि छात्र अगर ये सोचें कि हम किसी कार्य को करने के लिए खूब मेहनत कर रहे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिल रही है तो यह सच है वाकई छात्र पूरी कोशिश नहीं कर रहे हैं। यह कार्य नही हो पायेगा या फिर यह कैसे होगा यह विचार तो बिल्कुल भी नहीं आना चाहिए। हर सफल कार्य को करने के बाद छात्रों को हमेशां अपनी पीठ जरूत थपथपानी चाहिए। क्योंकि जो सफल कार्य आपके माध्यम से हुआ उसमें मेहनत आपकी होती है। इसलिए श्रेय भी आपको ही जाता है।

अंत में छात्रों को जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा की प्रगति के बारे में अवगत कराया। इस दौरान छात्रों ने बड़ी ही उत्सुकता से प्रश्न पूछे। सभी छात्रों के प्रश्नों के जवाब छात्रों को आसानी से मिले। छात्रों ने मोटिवेशनल स्पीकर के ऑटोग्राफ एकत्रित किए। प्रयास टीम के वाइस प्रेसीडेंट साइबल चटर्जी के निर्देशन में टीम में शामिल शिमुल बनर्जी, शिवानी गुप्ता, पूजा, आतिफ सिद्दकी, दीपक राय, नितिन भार्गव के सहयोग से सेषन का सफल आयोजन हुआ। इस दौरान विद्यालयों के प्राचार्य और शिक्षक उपस्थित रहे।

बांसुरी के रंग महोत्सव में सम्मानित हुई ब्रज की विभूतियां

मथुरा। श्री गंगा लोक कल्याण सेवा संस्थान के सांस्कृतिक प्रकल्प बांसुरी के तत्वाधान में और संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से चार दिवसीय तृतीय राष्ट्रीय नृत्य एवं नाट्य महोत्सव वृन्दावन शोध संस्थान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान करने वाली ब्रज की विभूतियों का सम्मान भी किया गया। इसी क्रम में शिक्षा के क्षेत्र में अतुलनीय योगदान के लिए संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता को सम्मानित किया गया।
29 अक्टूबर से शुरू हुए इस महोत्सव में रंग यात्रा निकाली गई जो शहर के विभिन्न मार्गो से होती हुई शोध संस्थान पहुंची, जिसमें पूरे देश के विभिन्न राज्यों जैसे झारखण्ड, ओड़िशा, असम, मणिपुर, बंगाल, राजस्थान, म प्र, आदि राज्यों के करीब 400 कलाकार अपनी अपनी वेश भूषा और अपने पारमपरिक नृत्य को करते और अपने प्रान्त की छटा बिखेरते हुए नजर आये। शहर में कई जगह यात्रा के ऊपर पुष्प वर्षा हुई और जगह जगह लोगों ने स्वागत किया तथा जलपान कराया। यात्रा अपने आप में अनुपम रही और ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे ये रंग यात्रा एक राष्ट्र यात्रा हो, मानो पूरा भारत आज वृन्दावन में दिख रहा है। शहरवासियों के अलावा बाहर के लोगों ने भी इस यात्रा का भरपूर आनंद लिया। आयोजक मण्डल के सभी सदस्यों अभय वशिष्ठ, विवेक आचार्य, धर्मेंद्र गौतम, अतुल श्रीवास्तव, संजय गोस्वामी, प्रेम कौशिक, गोपाल, प्रमेंद गोस्वामी ने पूरी व्यवस्था को बखूबी निभाया।
प्रथम सत्र में संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ सचिन गुप्ता की अध्यक्षता और पुराणचार्य मनोज मोहन शास्त्री, अनुराग गोयल, अवधेश अग्रवाल, मुकेश मित्तल, किशन चतुर्वेदी, डॉ तरुण शर्मा ने दीप प्रज्जवलित कर समारोह का विधिवत शुभारम्भ किया। सत्र में थिएटर मूवमेंट, आस्था डान्स ग्रुप, जिग ज़ेग डांस ग्रुप, नूपुर डांस एकेडमी और हीराकुद डांस अकेडमी और आवाहन ग्रुप ने नृत्य प्रस्तुति दी। इस अवसर पर देवेंद्र कौशिकजी की पुण्य स्मृति में पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकार किशन चतुर्वेदी का सम्मान प्रेम कौशिक ने किया। सचिन गुप्ता ने संस्था के आयोजन की सराहना की और भविष्य में संस्कृति विश्विद्यालय द्वारा सम्भव सहायता देने का आश्वासन दिया।
इस अवसर पर संस्था के पदधिकारिओं मे विशेष रूप से विनय गोस्वामी , धर्मेंद्र गौतम , विवेक आचार्य , संजय गोस्वामी , प्रेम कौशिक , सीता अग्रवाल , गोपाल शर्मा , अशोक शर्मा आदि लोग उपस्थित रहे ।

संसदीय कार्यवाही से रूबरू हुए आरआईएस के छात्र-छात्राएं

यूथ पार्लियामेंट में तथ्यपूर्ण आंकड़ों के साथ उठाए गम्भीर मुद्दे

मथुरा। छात्र-छात्राओं को संसदीय कामकाज की जानकारी दिलाने की खातिर गुरुवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल में यूथ पार्लियामेंट का आयोजन किया गया। यूथ पार्लियामेंट में छात्र-छात्राओं ने तथ्यपूर्ण आंकड़ों के साथ जहां कई गम्भीर मुद्दे उठाए वहीं उनका समाधान भी किया गया।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल में गुरुवार को संसद भवन जैसे तैयार किए गए मंच पर स्पीकर, सेक्रेटरी, स्टेनो एवं विभिन्न मंत्रियों की वेशभूषा धारण कर कक्षा 8 और 9 के छात्र-छात्राएं न केवल बैठे बल्कि संसदीय कार्यवाही में भाग लेते हुए औपचारिक रूप से अपना मत सदन के समक्ष प्रस्तुत किया। यूथ पार्लियामेंट में विपक्ष की तरफ से पूछे गए प्रश्नों के उत्तर सरकार के प्रतिनिधियों ने बखूबी दिए।
यूथ पार्लियामेंट में महिला सशक्तीकरण, शिक्षा, भुखमरी, बेरोजगारी, किसानों की आत्महत्या, बढ़ते अपराधों से लेकर बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं तक के मुद्दे उठाए गए। इतना ही नहीं कुछ प्रस्ताव भी संसद भवन में बहुमत से पारित किए गए तथा आर्थिक व सामाजिक समस्याओं पर सभी मंत्रियों ने अपने विचार रखे और उपाय भी सुझाए। आरआईएस के यूथ पार्लियामेंट में ड्रग्स जैसे नशे पर लगाम कसने का मुद्दा सर्वाधिक चर्चित रहा।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि ममता भारद्वाज अध्यक्ष भाजपा महिला मोर्चा मथुरा ने राजीव इंटरनेशनल स्कूल के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि इससे विद्यार्थियों के भीतर चिंतन शक्ति का विकास होगा। उन्होंने कहा कि छात्र संसद छात्र-छात्राओं के सम्पूर्ण विकास की परिकल्पना का अभिन्न अंग है। इससे छात्र-छात्राओं को शैक्षिक के साथ-साथ राजनीतिक, सांस्कृतिक, क्रियात्मक रूप से योग्य बनने और विद्यालय से निकलकर देश व समाज को नई दिशा देने का मार्ग प्रशस्त होगा।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता का विकास होता है तथा वह अपनी बात को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करने के योग्य बनते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि बचपन से ही लोकतंत्र के प्रति आस्था और जिम्मेदारियों का अहसास कराने के लिए छात्र संसद का गठन सकारात्मक प्रयास है। उन्होंने कहा कि आदर्श लोकतंत्र अनुशासित विद्यार्थियों से ही सम्भव है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि समय-समय पर आयोजित इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की मानसिक योग्यता की परख होती है तथा सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास में सहायता मिलती है। श्री अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं से समय के साथ संयम से अपने जीवन को व्यवस्थित कर लक्ष्य प्राप्त करने का आह्वान किया।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने कहा कि यह कार्यक्रम बहुत ही शिक्षाप्रद रहा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों ने जाना कि हमारे देश में कितने बड़े-बड़े मुद्दे ऐसे हैं जिनमें सुधार की गुंजाइश है। छात्र संसद की परिकल्पना को साकार करने में सुदीप्ता चक्रवर्ती एवं अनीता जादौन का विशेष योगदान रहा।

शैक्षिक यात्राएँ मनोरंजन के साथ ज्ञानवर्द्धक भी- डाॅ ओम

वृंदावन। पुस्तकीय ज्ञान के साथ व्यवहारिक ज्ञान एक छात्र के चहुमुँखी विकास में सहायक होते हैं, जिसमें पर्यटन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसी उद्देश्य की पूर्ति हेतु मथुरा-वृंदावन मार्ग स्थित वृंदावन पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों को राजस्थान के प्रसिद्ध शहर उदयपुर का भ्रमण कराया गया। जिसमें छात्रों ने इतिहास की जानकारी के साथ भ्रमण का भी लुफ्त उठाया।
विद्यालय द्वारा चार दिवसीय शैक्षिक भ्रमण 28 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक निश्चित हुआ जिसमें अधिक से अधिक छात्रों ने रुचि दिखाई व इस भ्रमण के हिस्सा बनें। झीलों की नगरी उदयपुर की यह यात्रा सुखद मनोरंजनात्मक आनंदमय व ज्ञानवर्द्धक रहीं। छात्रों ने अपनी यात्रा के अनुभव साझा किये व विद्यालय प्रबंधन को इस यात्रा के लिए आभार व्यक्त किया।
झीलों की नगरी उदयपुर का सौन्दर्य यूँ तो अद्वितीय है। छात्रों द्वारा इसकी जीवंत अनुभूति ने उनके हृदय पटल पर गहरी छाप छोड़ी।
विद्यालय द्वारा हल्दी घाटी, एकनाथ, नाथ द्वारा, सहेलियों की बाड़ी, महाराणा प्रताप का पुस्तकालय, जगदीश टैंपल, उदयपुर सिटी, महाराणा प्रताप म्यूजियम आदि स्थानों का दर्शन किया। साथ ही कालबेरिया नृत्य, शेप क्लाइविंग पारंपरिक लोक नृत्य व संगीत आदि का भी लुफ्त उठाया।
गौरतलब है कि विद्यालय द्वारा प्रति वर्ष छात्रों को शैक्षिक भ्रमण के कार्य क्रय की क्रियान्विति की जाती है ताकि छात्र बाहरी दुनिया से रूबरू होकर प्राकृतिक सौन्दर्य के दर्शनों का लाभ लें। विद्यालय के निदेशक डाॅ ओम जी ने बताया कि यात्राओं से जहाँ मनोरंजन होता है वहीं अन्य राज्यों, स्थानों, क्षेत्रों की संस्कृति को जानने का भी अवसर मिलता है।
शैक्षिक भ्रमण में विद्यालय की निदेशिका निधि शर्मा व प्रधानाचार्या कृति शर्मा भी सहगामी रहे। इंजीनियर पुण्यप्रकाश शर्मा, आदित्य शर्मा, जूही मिश्रा व हेमलता वर्मा ने इस यात्रा को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग किया।

विश्व को आयुर्वेदिक चिकित्सा से है बड़ी उम्मीदः डा. सचिन

मथुरा। संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज में नए सत्र का शुभारंभ करते हुए संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को आयुर्वेद चिकित्सा के भविष्य और उपयोगिता के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि आने वाले समय में आयुर्वेद विश्व के स्वास्थ्य की एक बड़ी उम्मीद है, जिसके लाभ को सारे विश्व ने कोरोना काल में देखा है।
उन्होंने कहा कि विश्व में आयुर्वेद चिकित्सा दिवस भी एक दिन उसी तरह से मनाया जाएगा जिस तरह से आज योग दिवस मनाया जाता है। कोरोना काल में सारे विश्व ने आयुर्वेद की ताकत को स्वीकार किया है और आयुर्वेद चिकित्सा को आज सारा विश्व भविष्य की एक बड़ी उम्मीद के रूप में देख रहा है। ऐसे में आयुर्वेद चिकित्सा को कमतर न आंकें और पूरे मन से इसका अध्ययन करें क्योंकि यह आपका उज्ज्वल भविष्य है। डा. सचिन गुप्ता ने जोर देते हुए कहा कि एमबीबीएस में प्रवेश न मिल पाने पर आप लोगों ने बीएएमएस का चयन किया है, ऐसा माना जाता है। लेकिन ये जान लें कि दोनों ही डिग्रियों का समान महत्व है और कुछ वर्षों में ही बीएएमएस की उपयोगिता सारा विश्व स्वीकार करेगा और इसको हासिल करने वालों की मांग बहुत बढ़ेगी।
इस मौके पर विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एमबी चेट्टी ने विद्यार्थियों को बताया कि वे अपनी कक्षाओं को में अधिकतम उपस्थिति दर्ज कराएं। उन्होंने विद्यार्थियों का शिक्षकों से परिचय भी कराया। आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. मोहनन ने विद्यार्थियों को उनके पाठ्यक्रम और पहले वर्ष में उनके सिलेबस की जानकारी दी। नवीन सत्र के दीप प्रज्ज्वलन कर हुए शुभारंभ पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी कीं जिनमें नवीन सत्र और सीनियर कक्षाओं के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित डा. रजनीश त्यागी ने नवीन सत्र में प्रवेश लेने वाले सभी विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।

एमबीए के बाद बैंकिंग सेक्टर में जॉब की अपार सम्भावनाएं

राजीव एकेडमी में अतिथि वक्ता ने छात्र-छात्राओं को दी जानकारी

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के एमबीए विभाग द्वारा बैंकिंग क्षेत्र में एमबीए करने के बाद जॉब के अवसर विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस अवसर पर अतिथि वक्ता नेहा शर्मा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि एम.बी.ए. महत्वपूर्ण डिग्री है, यह डिग्री हासिल करने के बाद बैंकिंग सेक्टर जॉब के लिए ओपन हो जाता है।
रिसोर्स परसन नेहा शर्मा उप-प्रबंधक एचडीएफसी बैंक, मथुरा ने अपने अनुभव साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को बताया कि एम.बी.ए. करने के बाद सीधे ब्रांच मैनेजर के पद पर जॉब मिल सकता है। इतना ही नहीं एम.बी.ए. उत्तीर्ण करने के बाद बैंकिंग क्षेत्र में सीनियर एसोसिएट, सीनियर बिजनेस एनालिस्ट, रिसर्च एनालिस्ट जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी जॉब के अवसर सर्च किए जा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि अगर आप नौकरी की सुरक्षा, करियर में उन्नति, बेहतर अवसर और कई अतिरिक्त भत्तों की तलाश में हैं तो एमबीए के बाद सरकारी नौकरियां आपके लिए बेहद फायदेमंद हो सकती हैं। एमबीए के बाद सरकारी नौकरियां बैंकिंग, वित्तीय सेवा, बीमा आदि कई अन्य क्षेत्रों में उपलब्ध हैं। आरबीआई, एसबीआई, एनएमडीसी और अन्य शीर्ष संगठन भी विभिन्न पदों के लिए एमबीए करने वाले अनुभवी पेशेवरों को नियुक्त करते हैं।
उप-प्रबंधक नेहा शर्मा ने बताया कि बैंकों को अपनी ह्यूमन रिसोर्स एक्टिविटीज़ को संभालने के लिए एक पर्सनल ऑफिसर की आवश्यकता होती है। बैंकों में इन ऑफिसर्स के कुछ प्रमुख कार्य प्रशिक्षण कार्यक्रमों की व्यवस्था करना, भत्तों को डिजाइन करना, कर्मचारियों की पोस्टिंग या स्थानांतरण, सेवानिवृत्ति लाभ वितरण, प्रचार अभ्यास आयोजित करना और कर्मचारियों के प्रदर्शन की निगरानी करना है। एमबीए करने के बाद उम्मीदवार राष्ट्रीय स्तर पर बैंक मं कार्मिक अधिकारी के लिए भी आवेदन कर सकते हैं।
विद्यार्थियों के प्रश्नों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि एमबीए के बाद बैंकिंग सेक्टर में काफी अच्छा करियर स्कोप है। वर्तमान में उक्त क्षेत्र में लाइबिलिटीज प्रोडक्ट मैनेजर, कार्ड्स मैनेजर आदि पद भी सृजित हुए हैं, इसलिए ट्रांजेक्शन बैंकिंग, कार्पोरेट बैंकिंग, कम्प्लायंस, होल सेल रिस्क, क्रेडिट रिस्क, ट्रेजरी आदि विभागों में भी एमबीए करके उच्च पैकेज पर सरकारी और निजी सेक्टर में जॉब हासिल किए जा सकते हैं। बैंकिंग के इन्फार्मेशन सिस्टम मैनेजमेंट में भी एमबीए करने के बाद जॉब प्राप्त हो रहे हैं। अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने अतिथि वक्ता का आभार माना।

सूरज से पहले उगें घोड़े से तेज दौडें : नीरज

-जीएलए द्वारा शहर के एक सदन में आयोजित ‘चुनौतियों से ऊपर उठें‘ मोटिवेशन कार्यक्रम में पहुंचे हजारों छात्र

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा की प्रयास टीम ने अपने अथक प्रयासों से एक हजार से अधिक छात्रों को एक सदन में एकत्रित कर मोटिवेशन सेशन का हिस्सा बनाया। इस दौरान जीएलए के सीईओ मोटिवेशनल स्पीकर नीरज अग्रवाल ने सभी छात्रों को सूरज से पहले उठकर घोड़े से तेज दौड़ने का भी संकल्प दिलाया।

मंगलवार को शहर के एक सदन में जीएलए प्रयास टीम ने ‘चुनौतियों से ऊपर उठें‘ विषय पर एक मोटिवेशन सेशन आयोजित किया। सेशन में करीब एक दर्जन से अधिक स्कूल क्विन विक्टोरिया गर्ल्स कॉलेज, सेंट जोसेफ गर्ल्स कॉलेज, लाइफ लाइन पब्लिक स्कूल, राजेन्द्र स्वरूप पब्लिक स्कूल, आरएस पब्लिक स्कूल, बलूनी पब्लिक स्कूल, विजय महारानी कॉलेज, राधाबल्लभ पब्लिक स्कूल, जीएल पब्लिक स्कूल, चौधरी बीरी सिंह कॉलेज आदि स्कूल के करीब एक हजार से अधिक छात्र सेशन का हिस्सा रहे।

इस दौरान मोटिवेशनल स्पीकर जीएलए के सीईओ नीरज अग्रवाल ने कहा कि जिंदगी एक क्रिकेट ग्राउंड की तरह है, जहां हमेशां आपको बैंटिंग करनी है, चाहे विकेट कीपर हो या न हो। इसलिए फोकस सिर्फ अपने लक्ष्य को भेदने पर होना चाहिए। अगर फोकस विकेट कीपर की तरफ होगा तो लक्ष्य भटकने में भी देर नहीं लगती। छात्र जीवन में परसेंटेज से अलग हटकर क्वालिटी के भी अपने अलग मायने हैं। परसेंटेज सिर्फ एक कक्षा से हटाकर दूसरी कक्षा की तरफ ले जा सकती है, लेकिन अगर क्वालिटी यानि बेहतर परफार्मेंस अगर आपके अंदर है, तो प्रत्येक ड्रीम जॉब आपके कदम चूमेगी। इसके अलावा और कई बेहतर विकल्प मिलेंगे जो, छात्र जीवन को ऊंचाईयों की ओर ले जायेंगे।
उन्होंने कहा कि आजकल अक्सर देखा जाता है कि युवा अपने कमरे में उगते हुए सूरज और दौड़ते हुए घोडे़ की छवि लगा ले लेते हैं। इस छवि लगाने से ये तो साबित नहीं होता कि आप सूरज से पहले उगते हो और घोड़े से तेज दौड़ते हो।

उन्होंने कहा कि आज का समय एक दूसरे से मुकाबले यानि कॉम्पटीशन का है। इसलिए जरूरत है सूरज से पहले उगो और घोड़े से तेज दौड़ो। इसके अलावा मोटिवेशनल स्पीकर कई शेरों-शायरी के माध्यम से छात्र-छात्राओं को मोटीवेट किया। अंत में नीरज अग्रवाल ने कहा कि अगर आज का युवा अपना 25 प्रतिशत भी पूर्ण लगन से किसी कार्य को देता समझना आगे के जो प्रतिशत होंगे उन्हें पाने में भी और आसानी होगी। इसलिए दूसरे के रिकॉर्ड को देखने से अच्छा है कि रिकॉर्ड नए बनाये जायें।

सीईओ ने टीम प्रयास के वाइस प्रेसीडेंट साइबल चटर्जी और उनकी टीम को बेहतर कार्यक्रम के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि प्रयास टीम के माध्यम से ही इंटर स्कूली छात्रों को आगे के स्कोप के बारे में अत्यधिक जानकारी हासिल होती है। कार्यक्रम का संचालन स्निगधा मेहरा ने किया। मोटिवेशनल स्पीकर के बारे में जानकारी डॉ. अमित अग्रवाल ने दी।

छाता क्षेत्र में विकास कराना ही कैबिनेट मंत्री चौधरी लक्ष्मी नारायण की पहली प्राथमिकता- प्रतिनिधि नरदेव चौधरी

सोमबार को छाता तहसील क्षेत्र के गाँव कामर में करीब 70 लाख रुपये की लागत से डेढ़ किमी० कोसी-कामर सड़क का नारियल फोड़कर शिलान्यास किया। एवं क्षेत्र पंचायत से करीब 15 लाख रुपये की लागत से कोसी-कामर सड़क से लेकर प्रहलाद के मकान तक इंटरलॉकिंग खरंजे का नारियल फोड़कर लोकार्पण किया।
इस अवसर पर समस्त ग्रामवासियों द्वारा किये गए स्वागत हेतु ग्रामवासियों का हार्दिक आभार । ग्रामवासियों ने कहा कि लगातार कैबिनेट मंत्री एवं क्षेत्र के विधायक के द्वारा लोगो को सुविधाएं प्रदान करने के लिए सड़कों को बनबाया जा रहा है। जिससे ग्रामीणों को किसी भी परेशानी का सामना न करना पड़े। इस अवसर पर ग्रामवासियों ने माला पहनाकर स्वागत किया।

हनुमान प्रसाद धानुका सरस्वती बालिका विद्या मंदिर की छात्राओं का हुआ वैदिक गणित राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन

वृंदावन। विद्याभारती द्वारा आयोजित वैदिक गणित की क्षेत्रीय प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती विद्या मन्दिर, कमला नगर, आगरा में किया गया। प्रतियोगिता में हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय की छात्राओं अनन्या शर्मा, सौम्या एवं हंसिका ने बाल वर्ग प्रदर्श में प्रथम स्थान प्राप्त किया। वैदिक गणित प्रदर्श तरूण वर्ग में गुंजन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वैदिक गणित पत्रवाचन तरूण वर्ग में मुस्कान कौशिक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा किशोर वर्ग प्रदर्श में गौरी गर्ग ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं का चयन राष्ट्रीय स्तर की वैदिक गणित प्रतियोगिता के लिए हुआ। जिसका आयोजन दिसम्बर माह में सरस्वती विद्या मन्दिर, साहिबावाद में किया जायेगा।
इस प्रतियोगिता में कृष्ण कुमार तिवारी, श्यामसुन्दर शर्मा, रविकान्त गौतम, आशीष शर्मा, अभिमन्यु सावंत, स्वीटी कुलश्रेष्ठ, अपर्णा श्रीवास्तव तथा डिम्पल अग्रवाल का सहयोग रहा।
विद्यालय समिति के अध्यक्ष पद्मनाभ गोस्वामी, बाँकेबिहारी शर्मा, विश्वनाथ गुप्ता, महेश अग्रवाल, रेखा माहेश्वरी, प्रधानाचार्या डाॅ अंजू सूद व समिति के समस्त पदाधिकारियों ने विजयी छात्राओं को बधाई एवं आगामी प्रतियोगिता में सफलता हेतु अपना शुभाशीष दिया।

गुलाबी नगरी की खूबसूरती देख पुलकित हुए आरआईएस के विद्यार्थी

शैक्षिक भ्रमण में देखे जयपुर के ऐतिहासिक स्थल, ली जानकारी

मथुरा। घूमने-फिरने के लिहाज से जयपुर सभी की पहली पसंद है। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं की पसंद को प्राथमिकता देते उन्हें गुलाबी नगरी ले जाया गया। जयपुर के किले-महल छात्र-छात्राओं को इतने पसंद आए कि वे उन्हें अपलक निहारते रहे। शैक्षिक भ्रमण से लौटे छात्र-छात्राओं ने जयपुर की सुन्दरता तथा वहां के ऐतिहासिक महलों की नक्काशी को जमकर सराहा।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा नौ से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने अपने शैक्षिक भ्रमण में जयपुर के दर्शनीय स्थलों, ऐतिहासिक इमारतों एवं जयगढ़ किला, आमेर किला, जल महल, हवा महल, जंतर-मंतर, बिरला मंदिर सहित विभिन्न दर्शनीय व ऐतिहासिक स्थलों पर घूमकर इनकी जानकारी हासिल की। आमेर फोर्ट एवं जंतर-मंतर भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को शिक्षकों तथा गाइड ने इनके इतिहास की जानकारी दी।
विद्यार्थियों ने भ्रमण के दौरान बहुत सी ऐतिहासिक व वैज्ञानिक जानकारियां हासिल कर उन्हें अपनी नोटबुक में अंकित किया। छात्र-छात्राओं ने आमेर और जयगढ़ किला देखकर जयपुर के राजाओं के बारे में भी बहुत कुछ जाना। बिरला तारामंडल में विद्यार्थियों ने पूरे ब्रह्मांड की जानकारी ली तो जंतर मंतर में घूमकर राजा जय सिंह द्वारा स्थापित समय यंत्र को करीब से देखा। छात्र-छात्राओं को आमेर किले की बारीक नक्काशी एवं शीशे का कार्य बहुत मनोहारी लगा। जल महल, हवा महल एवं बिरला मंदिर की भी विद्यार्थियों ने खूब तारीफ की।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि छात्र-छात्राओं के मन से पाठ्य पुस्तकों का दबाव कम करने तथा उनमें नई ऊर्जा का संचार करने के लिए शैक्षिक भ्रमण बहुत जरूरी है। शैक्षिक भ्रमण से हासिल ज्ञान स्थायी होता है। सबसे अच्छी बात तो यह है कि छात्र-छात्राओं को समूह में रहने का परमानंद मिलता है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल का कहना है कि शैक्षिक भ्रमण शिक्षा का अभिन्न अंग है। छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण में ऐसी बातें मालूम होती हैं जिनका पुस्तकों में जिक्र नहीं होता। राजीव इंटरनेशनल स्कूल द्वारा समय-समय पर छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण पर इसलिए भी ले जाया जाता है ताकि वह इतिहास और वर्तमान दोनों की सघन जानकारी हासिल कर सकें।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने कहा कि विद्यार्थियों को ऐतिहासिक स्थलों की जानकारी देने के लिए इस तरह के भ्रमण सहायक सिद्ध होते हैं। साथ ही बच्चों को अपने देश की सभ्यता और संस्कृति से भी परिचित होने का अवसर मिलता है।