
वृंदावन। विद्या भारती ब्रज प्रदेश द्वारा आयोजित विद्या भारती मानक परिषद प्रशिक्षण वर्ग के द्वितीय चरण का शुभारंभ परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में हुआ। यह प्रशिक्षण वर्ग 25 से 28 मई तक आयोजित होगा।
द्वितीय चरण के इस प्रशिक्षण वर्ग में ब्रज प्रदेश की दो प्रमुख समितियाँ भारतीय शिक्षा समिति सी.बी.एस.ई. एवं भारतीय श्रीविद्या परिषद के विभिन्न विद्यालयों से आए प्रधानाचार्य एवं बहनें सहभागिता कर रहे हैं।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यालयों के समग्र मूल्यांकन हेतु प्रशिक्षित आंकलनकर्ता तैयार करना है, जिससे विद्यालयों की गुणवत्ता का राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन किया जा सके। इस वर्ष मानक परिषद का प्रशिक्षण प्रांत में तीन चरणों में पूर्ण किया जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ भारतीय शिक्षा समिति ब्रज प्रदेश के प्रदेश निरीक्षक यशवीर सिंह, विद्या भारती मानक परिषद ब्रज प्रांत के संयोजक होडिल सिंह, विद्यालय प्रबंधक शिवेन्द्र गौतम एवं प्रबंध समिति सदस्य डॉ. राकेश सारस्वत द्वारा माँ शारदा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया गया। अतिथियों का परिचय विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन कुमार शर्मा ने कराया। प्रशिक्षण वर्ग की प्रस्ताविकी मानक परिषद के ब्रज प्रांत संयोजक होडिल सिंह द्वारा प्रस्तुत की गई। उन्होंने विद्यालयों में मानक व्यवस्था, शैक्षिक गुणवत्ता तथा प्रधानाचार्यों के उत्तरदायित्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि विद्या भारती की छात्र-केंद्रित शिक्षा पद्धति को प्रभावी रूप से लागू करना आवश्यक है। साथ ही विद्यालयों में छात्र सुरक्षा एवं गुणवत्ता से संबंधित सभी मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
वर्ग में प्रशिक्षणकर्ता के रूप में ब्रज प्रांत के प्रकाशन प्रमुख अशोक कुमार शर्मा एवं सरस्वती विद्या मंदिर, एटा के प्रधानाचार्य डॉ. राजीव गुप्ता ने विद्या भारती मानक परिषद 2.0 के फ्रेमवर्क एवं उसके अंतर्गत होने वाली मूल्यांकन प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
वर्ग में राजकुमार, कृष्ण कुमार तिवारी, विजय प्रकाश, गणेश दत्त, सौरभ वार्ष्णेय, कुमुदेश द्विवेदी, विवेक दुबे, रजनी गुप्ता, संतोषी दुबे, श्रीमती संगीता चौहान, सुमन राजपूत, डॉ. नीता सिंह, अर्चना चौहान आदि उपस्थित रहे।
वर्ग की व्यवस्थाओं में देवेंद्र कुमार गौतम, मोहित गुप्ता, ऋषि शर्मा, यतेंद्र प्रताप सिंह, उमंग सक्सेना, जगपाल सिंह, अरविन्द कुमार, लखन कुंतल, रविंद्र अग्रवाल, श्वेता सिंह एवं तान्या राजपूत आदि का सहयोग रहा।

