मथुरा। द्रोपदी मुर्मू की मुंह बोली बहन और बंगलादेशी घुसपैठियों की अम्मा ममता बनर्जी को जल्दी से जल्दी अपना हमसफर तलाश कर आगे की जिंदगी सुखमय बनानीं चाहिए। यह बात मैं इसलिए कह रहा हूं कि ममता दीदी अब अलग-थलग सी पड़ गई हैं, क्योंकि उनकी पार्टी के विधायक तक उनका साथ नहीं दे रहे, साधारण कार्यकर्ताओं की बात तो बहुत दूर रही।
मैं सोचता हूं कि वे आगे की एकांकी जिंदगी कैसे काटेंगी? मेरा ख्याल है कि हमसफर साथी आर.एस.एस. में आसानी से मिल जाएंगे। लगातार पन्द्रह वर्षों तक पश्चिम बंगाल की महारानी बनी रहने वाली ममतू की अब जो दुर्गति हो रही है वह देखी नहीं जाती। इसीलिए मेरा सुझाव है कि दीदी अब देर मत करो क्योंकि वैसे भी ढलती उम्र में सहारे की बहुत जरूरत होती है।
एक सुझाव और देना चाहता हूं कि अगर आप अपना भला चाहो तो भारतीय जनता पार्टी के आगे नतमस्तक हो जाओ और भगवा कलर की साड़ी पहनकर "जौय श्री राम" के नारे लगाना शुरू करो दो क्योंकि ये भाजपाई किसी के सगे नहीं होते। जैसे इन्होने विरोधी दलों के कुछ नेताओं की दुर्गति कर रखी है कहीं उस श्रेणीं में आप भी न पहुंच जाओ। समझदार को इशारा काफी है मैं तो आपको सिर्फ आगाह कर रहा हूं अगर मेरी बात पर आपको भरोसा ना हो तो इंतजार करो समय का। जौय बांगला।