Saturday, January 3, 2026
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ब्रज साहित्योत्सव में पूर्व केंद्रीय मंत्री ने की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की बात

  • संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित हुआ ‘ब्रज साहित्योत्सव‘

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित ब्रज साहित्योत्सव का शुभारंभ करते हुए पूर्व केंद्रीय केबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता मुख्तार अब्बास नकवी ने आज यहां कहा कि भारत ‘सांस्कृति राष्ट्रवाद की शक्तिपीठ’ है जो संवैधानिक पंथनिरपेक्षता और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के सशक्त संकल्प के साथ ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के सफर की स्वभाविक समृद्धि सुनिश्चित कर रहा है।
पूर्व कैबिनेट मंत्री ने कहा कि भारत दुनिया का अकेला देश है जहां विश्व के सभी धर्मावलंबी के साथ-साथ किसी धर्म को न मानने वाले भी संयुक्त रूप से सांस्कृतिक संस्कार, संकल्प के साथ रहते हैं, फलफूल रहे हैं और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद से हम अपनी सांस्कृतिक, संवैधानिक प्रतिबद्धता और पहचान को पुख्ता कर अपने समाजिक मूल्यों, धार्मिक विश्वासों, सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित और समृद्ध रखते हुए आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ विदेशी आक्रमणकारियों के क्रिमिनल, कम्युनल, क्रूर करतूत को भी सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की संकल्प शक्ति से ठीक किया जा रहा है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के बिना संवैधानिक पंथ निरपेक्षता अधूरी है, हमारी भौगोलिक, आर्थिक, सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक, धार्मिक, आध्यात्मिक, राजनीतिक प्रतिबद्धता का मिश्रित पैमाना सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और संवैधानिक संकल्प है। श्री नकवी ने कहा कि सांस्कृतिक राष्ट्रवाद विविधता और ऐतिहासिक समृद्धि के साथ भौगोलिक भिन्नताओं को एक सूत्र में पिरोकर अनेकता में एकता का सशक्त संदेशवाहक है। संस्कृति विवि के साहित्योत्सव जैसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक धरोहरों को पुख्ता करते हैं।
पद्मश्री जैसे अनेक सम्मानों से सम्मानित विद्वान, कवि डॉक्टर अशोक चक्रधर ने कहा कि बहुत सारे नए-नए योद्धा चेक जीपीटी को चाट गए और नए-नए स्टार्टअप के माध्यम से जो एप आपके लिए तैयार होगा और आई.ए.का प्लेटफार्म बनेगा और वह हाथी है। उन्होंने चुटकियां लेते हुए साहित्य के विस्तार और महत्व के बारे में बारीकि से बताया। उन्होंने कहा कि संस्कृति विश्वविद्यालय और गाथा के सम्मिलित प्रयासों से आयोजित यह साहित्योत्सव अपनी महक चारों ओर फैला रहा है। संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने कहा कि यह एक पहल है, जिसको समृद्ध बनाना है। उन्होंने कहा कि ब्रज की संस्कृति, कला और साहित्य अनूठा और चिर कालीन है। नई पीढ़ी के विद्यार्थियों को ब्रज के साहित्य को जानना चाहिए। सूर, रसखान जैसे हमारे कवियों ने अपनी रचनाओं में भगवान कृष्ण के साथ-साथ जीवन जीने की कला बताई है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन करने के पीछे यही उद्देश्य की हमारी नई पीढ़ी अपने इस स्वर्णिम साहित्य और कला को जाने और आगे तक ले जाए।
उद्घाटन सत्र का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी और पद्मश्री डा. अशोक चक्रधर के दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एनबी चेट्टी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्कृति विवि के बारे में बताया। संस्कृति विवि के डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा ने सभी अतिथियों और उपस्थित विद्यार्थियों को धन्यवाद ज्ञापित किया। मंच पर ब्रजकला केंद्र के विष्णु गोयल, विवि की सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, विवि के कैप्स के डीन डा. रजनीश त्यागी भी मौजूद रहे।

उम्र अस्सी की फिर भी सांसद बनने को बेताब

विजय गुप्ता की कलम से

     मथुरा। कांग्रेस की टिकट पर तीन बार सांसद रह चुके कुं. मानवेंद्र सिंह एक बार फिर सांसदी का चुनाव लड़ने को बेताब हो रहे हैं। फर्क इतना है कि अब वे टिकट कांग्रेस से नहीं भारतीय जनता पार्टी से मांग रहे हैं।
     मजेदार बात यह है कि अब वे अस्सी वर्ष के हो चुके हैं और ठीक से चल फिर भी नहीं पाते। ये बैंत के सहारे धीरे-धीरे डगमगाते हुए अपने कदम आगे बढ़ाते हैं। ऐसी स्थिति में उनके सांसद बनने का स्वप्न कहां तक उचित है? इससे भी अधिक हास्यास्पद यह है कि हमेशा से यह जनसंघ और भाजपा को कोसते रहे तथा अब भाजपा की शरण में जाकर उसी से टिकट मांग रहे हैं।
     कई वर्ष पूर्व जब कांग्रेस के गर्दिश के दिन आए तब इन्होंने कांग्रेस की ओर पीठ कर ली और अपने पुत्र ऋषिराज के साथ भाजपा में शामिल हो गए। किसी जमाने में ये गांधी परिवार के विश्वास पात्रों में गिने जाते थे किंतु बाद में यह स्थान प्रदीप माथुर ने ले लिया। प्रदीप माथुर शुरू से ही गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी के विश्वासपात्र ही नहीं वफादार भी रहे। प्रदीप माथुर से इनका 36 का आंकड़ा शुरू से ही रहा है।
     इस संबंध में जब कुं. मानवेंद्र सिंह से पूछा गया तो उन्होंने स्वीकार किया कि मैं भाजपा से मथुरा की सांसदी का टिकट मांग रहा हूं। आजकल वे भाजपा हाई कमान के सामने अपनी दावेदारी को बड़ी दमदारी के साथ पेश करने में लगे हुए हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा करके वै उपहास के पात्र बन रहे हैं। यह सब मुंगेरीलाल के हसीन सपनों जैसा है।

बीसीए डिग्री धारियों के लिए जॉब के अवसरों की कमी नहीं राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं को बताया बीसीए डिग्री का महत्व

मथुरा। तकनीकी प्रगति, डिजिटलीकरण तथा सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में बीसीए डिग्री युवाओं के सपनों को चार चांद लगा रही है। बीसीए यानी बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन तीन साल का ऐसा स्नातक पाठ्यक्रम है जो छात्र-छात्राओं को बुनियादी कम्प्यूटिंग कौशल और सॉफ्टवेयर विकास का ज्ञान प्रदान करता है। यह आमतौर पर सूचना प्रौद्योगिकी की दुनिया में पहला कदम है। यह बातें राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में आयोजित कार्यशाला में बीसीए के छात्र-छात्राओं को अतिथि वक्ता हितेन्द्र सिंह (एण्टर प्राइस आर्किटेक्ट-कैलीफोर्निया) ने बताईं।
बीसीए की डिग्री के बाद मिलने वाले अवसरों पर अतिथि वक्ता हितेन्द्र सिंह ने कहा कि बीसीए स्नातकों के लिए कई क्षेत्रों में नौकरी के विविध अवसर हैं। बड़ी संख्या में ऐसे पाठ्यक्रम हैं जिन्हें बीसीए स्नातक अपने करियर और कौशल सेट को बढ़ाने के लिए अपना सकते हैं, जिनमें मास्टर इन कम्प्यूटर एप्लीकेशन (एमसीए), मास्टर्स इन कम्प्यूटर मैनेजमेंट (एमसीएम), मास्टर्स इन इंफॉर्मेशन मैनेजमेंट, मास्टर इन इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी मैनेजमेंट आदि शामिल हैं। इनके अलावा बीसीए स्नातक डिजिटल मार्केटिंग, नेटवर्क सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और कोडिंग जैसे अल्पकालिक पाठ्यक्रमों में भी दक्षता हासिल कर सकते हैं।
अतिथि वक्ता ने छात्र-छात्राओं को बताया कि बीसीए आईटी क्षेत्र का बेस है लिहाजा उन्हें कम्प्यूटर नेटवर्किंग, डाटाबेस, वेब डेवलपमेंट, सॉफ्टवेयर टेस्टिंग, प्रोग्रामिंग, डिजिटल मार्केटिंग और कम्प्यूटर ग्रॉफिक्स आदि में दक्षता हासिल करने की तरफ भी ध्यान देना चाहिए। अतिथि वक्ता ने राजीव एकेडमी को बीसीए के लिए बेहतर संस्थान बताते हुए कहा कि सॉफ्टवेयर उद्योग अपनी तेज गति और लगातार बदलती प्रकृति के लिए जाना जाता है। यह उद्योग लगातार विकसित और बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर का उपयोग प्रौद्योगिकी, वित्त, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा तथा कई अन्य उद्योगों सहित व्यापक श्रेणी में किया जाता है। हाल के वर्षों में सॉफ्टवेयर विकास और संबंधित सेवाओं की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, क्योंकि सभी प्रकार के व्यवसाय और संगठन अपने संचालन को डिजिटल बनाने और प्रौद्योगिकी के उपयोग में सुधार करना चाह रहे हैं। उन्होंने कहा कि सॉफ्टवेयर कई प्रकार के होते हैं, जिनमें ऑपरेटिंग सिस्टम, एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर और सिस्टम सॉफ्टवेयर शामिल हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से नवीनतम तकनीक के साथ हमेशा अद्यतन रहने की आवश्यकता पर बल दिया।
अतिथि वक्ता ने बताया कि हमारे देश में बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशन कोर्स का दायरा काफी व्यापक और विविध है। जिन छात्र-छात्राओं ने यह डिग्री पूरी कर ली है, वे सरकारी संगठनों, आईटी कम्पनियों, बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों, दूरसंचार, शिक्षा तथा स्वास्थ्य सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पा सकते हैं। वे सॉफ्टवेयर डेवलपर, सिस्टम विश्लेषक, नेटवर्क प्रशासक, वेब डिजाइनर और आईटी प्रोजेक्ट मैनेजर आदि के रूप में भी काम कर सकते हैं। अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने अतिथि वक्ता का आभार माना।

रोजगार मेले का हुआ आयोजन 132 बच्चे शॉर्टलिस्ट

राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान उजिना मैं जॉब मेले का आयोजन किया गया। संस्थान के प्रधानाचार्य जयभगवान ने बताया कि इस रोजगार मेले में जिला नूंह की सभी आईटीआई के लगभग 155 के आसपास बच्चे पहुंचे जिनमें से 132 बच्चों का शॉर्टलिस्ट विभिन्न प्रतिष्ठानों ने इस समय पर कर लिया जिसमें से मुख्य रूप से टाटा मोटर्स पंतनगर,वरुण बेवरेज उजीना, आशीर्वाद प्राइवेट लिमिटेड भिवाड़ी, एसआरएस डाई कास्टिंग प्राईवेट लिमिटेड, रोजका मेव, राने एनएसके बावल, एनडीआर ऑटो कंपोनेंट प्राइवेट लिमिटेड गुरुग्राम इत्यादि रहे।इस मौके पर जिला नूंह के एंप्लॉयमेंट एस एस रावत तथा प्रदीप कुमार सहायक शिक्षुता अधिकारी,विकास आजाद जूनियर शिक्षुता अधिकारी, साबिर जी इत्यादि अधिकारी मौजूद रहे।

मनोहर’ सरकार ने विधुर और अविवाहत पुरुषों के लिए शुरू की पेंशन स्कीम

  • जिला में 158 विदुर और अविवाहित पुरुष उठा रहे हैं सरकार की योजना का लाभ

हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने प्रदेश के 40 वर्ष होने के बाद विधुर व 45 साल तक उम्र के अविवाहित पुरूषों को पेंशन देने की योजना बनाई है। जिला नूंह में 158 विदुर और अविवाहित पुरुष सरकार की योजना का लाभ उठा रहे हैं, जिन्हें तीन हजार रुपए मासिक पेंशन दी जा रही है।
उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला में 158 विधुर और अविवाहितों की हुई पहचान जिला में सामाजिक न्याय अधिकारिता, अनुसूचित जातियों एवं पिछड़े वर्ग कल्याण तथा अंत्योदय (सेवा) विभाग द्वारा 158 विधुर और अविवाहितों को चिन्हित किया गया है। विधुरों व अविवाहितों को तीन हजार रुपए मासिक पेंशन दी जक रही है। उन्होंने बताया कि सरकार की ओर से 40 वर्ष तक की उम्र होने पर विधुर को पेंशन देने का प्रावधान किया गया है, बशर्तें परिवार पहचान पत्र में परिवार की आय 3 लाख से अधिक ना हो। इसी तरह ही 45 साल की उम्र होने पर अविवाहित को पेंशन देने का प्रावधान जोड़ा गया है । परिवार पहचान पत्र में उनके लिए वार्षिक आय की सीमा 1 लाख 80 हजार रखी गई है।
योजना का लाभ के लिए ये अनिवार्यता जरूरी
डीसी ने बताया कि प्रदेश सरकार की ओर से क्रियान्वित विधुर व अविवाहित पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए विधुरों की श्रेणी में तीन लाख रुपये तक की सालाना आय वाले 40 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्ति पात्र होंगे। इसी तरह अविवाहित व्यक्तियों के मामले में वार्षिक आय एक लाख 80 हजार रुपए से कम होनी चाहिए और आयु 45 वर्ष से अधिक हो। यह वित्तीय सहायता सीधे लाभपात्रों के खातों में दी जाएगी। विधुरों और अविवाहितों की आयु 60 वर्ष होने उपरांत उन्हें वृद्धावस्था सम्मान भत्ता का लाभ मिलेगा। यदि उक्त दोनों ही कैटेगरी के लाभार्थियों के जीवन में किसी भी प्रकार का परिवर्तन होता है तो लाभार्थियों को जिला समाज कल्याण विभाग इससे जुड़ी जानकारी से सूचित करना होगा। इसके अलावा अगर कोई लाभार्थी गलत सूचना देता है या किसी तथ्य को छुपाता है तो केवल उसी वक्त (जिस वक्त की गलत सूचना दी गई) की पेंशन को ब्याज सहित वापस लिया जाएगा।

हरियाणा श्रम विभाग श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध : उपायुक्त

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असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को भी मिलेगा सरकार की योजनाओं का लाभ

  • श्रम विभाग ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए पंजीकरण सुविधा की शुरू

उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि श्रम एवं रोजगार मंत्रालय द्वारा असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कल्याणार्थ शुरू की गई नई पहल ई-श्रम पोर्टल को हरियाणा में मजबूती से लागू किया जा रहा है। इसके तहत श्रम विभाग ने असंगठित क्षेत्र के मजदूरों का पंजीकरण फिर से शुरू किया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा श्रम विभाग श्रमिकों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। असंगठित क्षेत्र के अंतर्गत कृषि, मजदूर, रेहड़ी-पटरी वाले, घरेलू कामगार और निर्माण श्रमिक आदि आते हैं। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म असंगठित श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं से जोडऩे के लिए बनाया गया है।
उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि ई-श्रम पोर्टल केवल एक डिजिटल मंच नहीं, बल्कि यह असंगठित कामगारों के जीवन स्तर में व्यापक सुधार लाने की एक पहल है। अभी असंगठित श्रमिकों को बहुत सी परेशानियों का सामना करना पड़ता है, इसलिए उन्हें ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण के माध्यम से जोड़ा जा रहा है ताकि वे सरकार द्वारा दी जा रही योजनाओं का लाभ ले सकें। उन्होंने सभी असंगठित श्रमिकों से आह्वïन किया कि वे ई-श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण जल्द से जल्द करवाना सुनिश्चित करें। श्रम विभाग द्वारा हरियाणा के सभी जिलों में ई-श्रम पोर्टल पर असंगठित कामगारों के पंजीकरण के लिए एक विशाल अभियान चलाया जा रहा है, जिसके माध्यम से प्रत्येक पंजीकृत श्रमिक को 12-अंकीय यूनिवर्सल खाता संख्या (यूएएन) दिया जाएगा जो श्रमिक के पूरे जीवनकाल के लिए वैध होगा। साथ ही श्रमिकों का कौशल मानचित्रण भी किया जाएगा जहां श्रमिक अपने हुनर की पूरी जानकारी रजिस्टर करेंगे, जिसकी मदद से नियोक्ता अपनी आवश्यकता अनुसार श्रमिकों को रोजगार प्रदान कर सकेंगे।
उन्होंने बताया कि कोई भी श्रमिक eshram.gov.in पर स्वयं पंजीकरण कर सकता है या निकटतम सामान्य सेवा केंद्र या सरल केंद्र पर जा सकता है। पंजीकरण के बाद श्रमिक अपनी जरूरत अनुसार स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य सामाजिक सुरक्षा जैसी योजनाओं का लाभ आसानी से ले सकते हैं। अब अप्रवासी श्रमिक भी श्रम विभाग में अपना पंजीकरण अवश्य करायें और विभाग द्वारा दी जा रही सभी योजनाओं का लाभ उठायें।
श्रम पोर्टल पर कौन पंजीकरण कर सकता है :
उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि ई-श्रम पोर्टल पर छोटे और सीमांत किसान, खेतिहर मजदूर, बटाईदार, मछुआरे, पशुपालन के क्षेत्र में शामिल लोग, बीड़ी बनाने वाले, लेबलिंग और पैकिंग, भवन और निर्माण श्रमिक, चमड़े उद्योग के क्षेत्र में शामिल श्रमिक अपना पंजीकरण कर सकते हैं। साथ ही, बुनकर, बढ़ई, नमक श्रमिक, ईट भट्टों और पत्थर खदानों में काम करने वाले श्रमिक, श्रमिक आराघर, घरेलू कामगार, नाई, सब्जी और फल विक्रेता, समाचार पत्र विक्रेता, रिक्शा चालक, ऑटो चालक, रेशम उत्पादन श्रमिक, टेनरी श्रमिक, स्ट्रीट वेंडर, एमएनजीआर ए श्रमिक, आशा वर्कर्स , प्रवासी श्रमिक भी ई श्रम पोर्टल पर अपना पंजीकरण करवाना सुनिश्चित करें। श्रम पोर्टल पर पंजीकरण करने की पात्रता मानदंडों के अनुसार श्रमिक की आयु 16-59 वर्ष के बीच होनी चाहिए। वह श्रमिक ईपीएफओ और ईएसआईसी का सदस्य नहीं होना चाहिए और न ही आयकर दाता नहीं होना चाहिए। श्रमिक अपने आधार नंबर, मोबाइल नंबर, आधार लिंक बैंक खाता इत्यादि से अपना पंजीकरण करवा सकते हैं।

विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार 2024 के तहत घोषित नामांकन के लिए आमंत्रण

  • आवेदन के लिए 28 फरवरी अंतिम तिथि, चार श्रेणियों, विज्ञान रत्न, विज्ञान श्री, विज्ञान युवा और विज्ञान टीम में दिए जाएंगे छप्पन पुरस्कार : उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा
  • 11 मई 2024 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर की जाएगी पुरस्कारों की घोषणा

भारत सरकार ने विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में “राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार” की घोषणा की है। राष्ट्रीय पुरस्कार शोधकर्ताओं, प्रौद्योगिकीविदों और नवप्रवर्तकों के उत्कृष्ट और प्रेरक वैज्ञानिक, तकनीकी और नवाचार योगदान को मान्यता प्रदान करता है। यह जानकारी देते हुए उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और प्रौद्योगिकी आधारित नवाचार के विभिन्न क्षेत्रों में व्यक्तियों या टीम से राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार (आरवीपी) के लिए नामांकन/आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 28 फरवरी है।
उपायुक्त ने बताया कि यह पुरस्कार चार श्रेणियों में प्रदान किए जाएंगे। जिसमें विज्ञान रत्न (वीआर): विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में जीवनकाल की उपलब्धियों और योगदान को मान्यता देने के लिए अधिकतम तीन पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इसी प्रकार
विज्ञान श्री (वीएस): विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशिष्ट योगदान को मान्यता देने के लिए अधिकतम 25 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। वहीँ विज्ञान युवा: शांति स्वरूप भटनागर (वीवाई-एसएसबी) पुरस्कार: विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में असाधारण योगदान देने वाले युवा वैज्ञानिकों की प्रतिभा को पहचान दिलाने और उन्‍हें प्रोत्साहित करने के लिए अधिकतम 25 पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। पुरस्कार की अंतिम श्रेणी में
विज्ञान टीम (वीटी) पुरस्कार: तीन या अधिक वैज्ञानिकों/शोधकर्ताओं/नवप्रवर्तकों की एक टीम को अधिकतम तीन पुरस्कार प्रदान किए जा सकते हैं, जिन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में एक टीम में काम करते हुए असाधारण योगदान दिया हो।
उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार निम्नलिखित 13 प्रक्षेत्र में दिए जाएंगे, जिनमें भौतिकी, रसायन विज्ञान, जैविक विज्ञान, गणित और कंप्यूटर विज्ञान, पृथ्वी विज्ञान, चिकित्सा, इंजीनियरिंग विज्ञान, कृषि विज्ञान, पर्यावरण विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार, परमाणु ऊर्जा, अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी, और अन्य शामिल हैं। पुरस्कारों के लिए गृह मंत्रालय के पुरस्कार पोर्टल (https://awards.gov.in/) पर 28 फरवरी तक नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। सामान्य दिशानिर्देश और राष्ट्रीय विज्ञान पुरस्कार का विवरण, पुरस्कार पोर्टल पर उपलब्ध हैं। इस वर्ष पुरस्कारों का संचालन विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) द्वारा किया जा रहा है। पुरस्कारों की घोषणा 11 मई 2024 को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर की जाएगी। सभी श्रेणियों के पुरस्कारों के लिए पुरस्कार समारोह 23 अगस्त 2024 को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर आयोजित किया जाएगा

जिला में चलाया जा रहा है फलोरोसिस रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम : उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा

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नूंह उमेश अग्रवाल

जिला उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने कहा कि जिला के गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो और पानी में फलोराइड की मात्रा तय मानकों से अधिक ना हो इसके लिए जिले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा राष्ट्रीय फलोरोसिस रोकथाम एवं नियंत्रण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें मुख्य रूप से फलोरोसिस की टीम द्वारा गांव -गांव जाकर तथा स्कूलों में पढने वाले बच्चों के सर्वे द्वारा दांतों और हड्डियों की जाॅंच की जा रही है। पीने के पानी में फलोराइड की अधिकता होने के कारण छोटे बच्चों और व्यक्तियों में दाॅंतों में पीलापन तथा हड्डियों में टेढापन (विकृति) बहुत ही सामान्य है। जिले की फलोरोसिस टीम द्वारा स्कूलों तथा गांवों में जाकर फलोरोसिस संबंधी रोगियों की जांच की जा रही है तथा मौके पर ही उपचार तथा परामर्श दिया जा रहा है, तथा जटिल मरीजों के उपचार के लिए सिविल अस्पताल मांडीखेडा लाया जा रहा है तथा अधिक जटिल मरीजों का मेडिकल कालेज नल्हड में इलाज किया जाता है।
सिविल सर्जन डा. राजीव बातिश ने बताया कि फलोरोसिस विभाग द्वारा दंत्य फलोरोसिस ग्रस्त लोंगों को फलोराइड मुक्त टुथपेस्ट वितरित की गई। अधिक जटिल मरीजों का दंत रोग विभाग द्वारा जरूरी इलाज किया गया।
फलोरोसिस विभाग जिला नूंह के नोडल अधिकारी डाॅ. हेमन्त कुमार ने बताया की पीने के पानी में अधिक फलोराइड होने की वजह से उतपन्न हुई फलोरोसिस बामारी के मुख्य लक्षण इस प्रकार हैै जैसे : उल्टी आना, भूख कम लगना, पेट में दर्द होना, गैस बनना, पेट फूलना, मांसपेसियों तथा जोंडों में दर्द होना, लम्बी दूरी तक चलने में असमर्थ होना।
जिला नूंह के फलोरोसिस बीमारी से बचाव के लिए अपने पीने के पानी की जाॅंच कमरा नं. 46 सिविल अस्पताल मांडीखेड़ा में कराएं तथा बीमारी से बचाव के लिए भरपूर मात्रा में फली,हरी सब्जियों दूध तथा दुग्ध उत्पादन वाला संतुलित भोजन करें तथा उच्च फलोराइड युक्त भोजन जैसे काला नमक, सुपारी तम्बाकू तथा फलोराइड युक्त टूथपेस्ट का इस्तेमाल करने से बचें, और अधिक परामर्श के लिए फलोरोसिस विभाग सिविल अस्पताल मांडीखेडा में सम्पर्क करें।

अवैध क्रेशरों पर रोक लगायें : डीसी

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अवैध रूप से पत्थर भंडारण को जब्त कर उस पर प्राथमिकी दर्ज करें

नूंह उमेश अग्रवाल / उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला टास्क फोर्स की बैठक हुई । बैठक में उपायुक्त ने अवैध रूप से संचालित आरएमसी क्रेशरों व स्टोन क्रेशरों पर लगाम लगाने का निर्देश दिया । उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी हाल में अवैध क्रशरों का संचालन न हो और अवैध भंडारण पर रोक लगाने का भी निर्देश दिया। डीसी ने अधिकारियों से कहा कि जिले में संचालित अवैध क्रशर को चिह्नित कर सील करें । इसके लिए प्रदूषण विभाग के क्षेत्रीय पदाधिकारी के नेतृत्व में जिला टास्क फोर्स की टीम सप्ताह में एक दिन औचक निरीक्षण कर अवैध क्रशरों को सील करने की कार्रवाई करे । अवैध रूप से पत्थर भंडारण को जब्त कर उस पर प्राथमिकी दर्ज करें ।
इस अवसर पर एसडीएम फिरोजपुर झिरका डा. चिनार चहल, एसडीएम तावडू संजीव कुमार, आरटीए सचिव मनीष सहगल , डीएमसी रणबीर सिंह , जिला वन अधिकारी बिजेंद्र सिंह सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

सड़को पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है सड़क सुरक्षा समिति : उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा

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  • उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा की अध्यक्षता में हुई जिला सड़क सुरक्षा समिति की मासिक बैठक
  • सड़क किनारे बने स्कूलों के सामने बनाए जाएं स्पीड ब्रेकर
    कहा, जिला में ओवर लोडिंग व अवैध माइनिंग जैसी गतिविधियां नहीं चलने दी जाएंगी

उपायुक्त धीरेंद्र खड़गटा की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति व खनन गतिविधियों की समीक्षा बैठक हुई, जिसमें सड़क सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर विभिन्न विभागों को जरूरी कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। समिति ने स्थानीय सड़क मार्गों पर सुरक्षा व ट्राफिक नियमों की अनुपालना करने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर विचार किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि जिला में ओवर लोडिंग व अवैध माइनिंग जैसी गतिविधियां नहीं चलने दी जाएंगी। जिला सड़क सुरक्षा समिति जनमानस को सड़क सुरक्षा के महत्व के प्रति जागरूक करने और सड़कों पर सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सड़कों पर सुरक्षित यातायात के लिए संबंधित विभाग जरूरी कार्यवाही करे। उन्होंने सुरक्षित स्कूल वाहन पॉलिसी के तहत सड़क के साथ लगते स्कूलों के सामने स्पीड ब्रेकर बनाने के निर्देश भी दिए ताकि विद्यार्थियों को स्कूल प्रवेश या बाहर आते समय यातायात संबंधी कोई भी समस्या ना हो । राष्ट्रीय राजमार्गों पर स्थित एंबुलेंस मौजूद हो और उसकी लोकेशन नजदीकी थानों व अस्पतालों से भी होनी चाहिए। सड़कों व चौराहों पर स्थित सभी ट्रैफिक लाइटें चालू रहनी चाहिएं। सीसीटीवी कैमरों की एक जगह कनेक्टिविटी करते हुए एक बड़ा कंट्रोल रूम तैयार करवाया जाए, जहां से पूरे शहर व सड़कों पर स्थित कैमरे की कनेक्टिविटी रहे। सड़कों पर स्थित अवैध कटों को बंद किया जाए तथा स्कूलों के सामने सड़क पर जहां संभव हो, वहां पर बे्रकर जरूर बनाए जाएं। उन्होंने कहा कि तावड़ू बाईपास पर चौक खराब स्थिति में है, इसे हटाकर वहां पर ट्रैफिक लाइट लगाई जाए। केएमपी पर टूटी ग्रिल ठीक करवाई जाएं, जहां पर रोड खराब हैं, वहां उसे ठीक करवाया जाए तथा इस पर लाइटें भी चालू रखी जाएं।
उपायुक्त ने कहा कि गत दिनों आरटीए ने ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करने वाले व ओवर लोडिंग वाहनों के 175 चालान किए गए और उन पर 6 लाख 17 हजार 700 रुपए का जुर्माना किया। उन्होंने कहा कि इन चालानों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि लोग यातायात नियमों की अनुपालना शुरू कर दें।
उपायुक्त ने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरण व पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि वाहनों पर ट्राई एंगल में रिफलेक्टर टेप लगाई जाएं, ताकि रात्रि समय में वाहनों को दूर से देखना संभव हो सके। इसके लिए पूरा जिला में अभियान चलाया जाए तथा रिकशा, रेहड़ी, टै्रैक्टर-ट्राली, बड़े वाहन सहित अधिक से अधिक वाहनों को कवर किया जाए। यह सुरक्षा की दृष्टिï से बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य है। उन्होंने कहा कि राज्य व नेशनल हाइवे पर अतिक्रमण को तुरंत हटवाया जाए।