गोवर्धन. भारतीय जनता पार्टी मथुरा महानगर अध्यक्ष ने जतीपुरा की समाजसेवी ओमप्रकाश शर्मा पर भरोसा जताते हुए राधाकुण्ड का मंडल अध्यक्ष मनोनीत किया गया है. जिससे कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर है.
मंगलवार को नवागत राधाकुंड मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश का पार्टी कार्यकर्ताओं ने फूलमाला, पटका व स्मृति चिन्ह भेटकर जोशीला स्वागत किया गया. इसके उपरांत मंडल अध्यक्ष ने जतीपुरा पहुँचकर गिरिराजजी मुखरबिंद मंदिर पर प्रभु की विधि-विधान से पूजा अर्चना कर मनोती मांगी. और खुशहाल देश की कामाना की. मंडल अध्यक्ष ओम प्रकाश शर्मा ने बताया कि संगठन मथुरा महानगर द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पुरी निष्ठा से पालन करेंगे और भाजपा कार्यकर्ताओं को साथ लेकर मंडल को आगे बढ़ाऊंगा। इस अवसर पर भाजपा वरिष्ठ नेता सियाराम शर्मा, ठाकुर हरवान सिंह, ठाकुर नेत्र सिंह, पप्पू बीडीसी, पारस ठाकुर, बागी फौजदार, हेम सिंह ठाकुर,भमर मास्टर आदि लोगों उपस्थित रहे।
छात्र-छात्राएं डिजिटल साक्षरता का अधिकाधिक उठाएं लाभः अभिषेक कुमार
मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के प्लेसमेंट विभाग द्वारा एमबीए व एमसीए के छात्र-छात्राओं के लिए दो दिवसीय डिजिटल लिट्रेसी ट्रेनिंग पर वर्कशॉप का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता अभिषेक कुमार (माइक्रोसाफ्ट ट्रेनर) ने कहा कि वर्तमान और भविष्य की बढ़ती अर्थव्यवस्था और रोजमर्रा की जिन्दगी में सबसे बड़ी भूमिका डिजिटल साक्षरता की है लिहाजा छात्र-छात्राओं को इसका अधिकाधिक लाभ उठाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज के समय में डिजिटल साक्षरता इंसान की आत्मा बनती जा रही है। नासकाम सेण्टम फाउण्डेशन एण्ड डीएक्ससी टेक्नोलॉजीज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित डिजिटल लिट्रेसी ट्रेनिंग के दौरान माइक्रोसाफ्ट ट्रेनर अभिषेक कुमार ने छात्र-छात्राओं से डिजिटल साक्षरता अपनाने का आग्रह करते हुए कहा कि सब कुछ डिजिटल हो गया है। शिक्षा से करियर, वित्त से विपणन तथा अनुसंधान से कार्यान्वयन तक सब कुछ आपकी उंगलियों पर है, बस सफलता के लिए थोड़ा प्रयास करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता ने वास्तव में दुनिया को करीब ला दिया है। हमें इस डिजिटल युग का अधिकतम लाभ उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता लोगों से जुड़ने, सीखने, अपने समुदाय से जुड़ने तथा अधिक आशाजनक भविष्य बनाने में सबसे शक्तिशाली भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता आपको डिजिटल अर्थव्यवस्था में संलग्न होने, आजीविका में सुधार करने तथा डिजिटल कौशल हासिल करने में मदद कर सकती है। अभिषेक कुमार ने कहा कि वर्तमान और भविष्य की बढ़ती अर्थव्यवस्था तथा रोजमर्रा की जिन्दगी में सबसे बड़ी भूमिका डिजिटल साक्षरता की है। उन्होंने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि जब पूरी दुनिया इस पर आश्रित है तो क्यों न अभी से इसकी ट्रेनिंग लेकर भविष्य की चुनौतियों को आसान कर लिया जाए। रिसोर्स परसन ने कहा कि डिजिटल साक्षरता ही कौशल को बढ़ावा देती है। जिस गति से हमारे राष्ट्र में डिजिटलीकरण हो रहा है, हमें भी अपने आपको उसी गति के काबिल बनाना होगा। उन्होंने कहा कि अब पुराने तरीके के स्थान पर डिजिटलाइजेशन स्थान लेता जा रहा है। आने वाले समय में डिजिटल कौशल के क्षेत्र में रोजगार की अपार सम्भावनाएं निर्मित होंगी। इस समय भारत में 95 प्रतिशत डिजिटल कौशल से युक्त कामगारों की मांग है। कार्यशाला में बिगडाटा अनालाइटिक्स, साइबर अटैक, ए.आई., क्लाउड कम्प्यूटिंग, आई.ओ.टी. कम्युनिकेशन, डाटा साइंस और डिजाइन थिंकिंग पर भी विस्तृत चर्चा हुई। अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने अतिथि वक्ता का बेशकीमती समय और अनुभव प्रदान करने के लिए आभार माना।
जीएलए का पॉलीटेक्निक संस्थान प्रगति की ओर अग्रसर एक और पेटेंट ग्रांट
मथुरा : सड़क दुर्घटना होने के बाद व्यक्ति को तत्काल इलाज न मिल पाने के कारण उसकी जान चली जाती है। इसी मृत्यु दर को कम करने के प्रयास हेतु जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के पॉलीटेक्निक संस्थान के लेक्चरर और छात्रों ने एक आधुनिक खोज की है। इसका पेटेंट भी ग्रांट हो गया है।
जीएलए पॉलीटेक्निक संस्थान लेक्चरर रोहिणी शर्मा, छात्र भानु प्रताप सिंह चौहान एवं कृष्णा शर्मा ने जीएलए के डीन रिसोर्स जनरेशन एंड प्लानिंग प्रो. दिवाकर भारद्वाज के दिशा-निर्देशन में एक्सीडेंट डिटेक्शन एंड मैसेजिंग सिस्टम यूजिंग जीएसएम के तहत के आधुनिक डिवाइस की खोज की है।
डिवाइस के बारे में जानकारी देते हुए प्रो. दिवाकर भारद्वाज ने बताया कि एक रिसर्च के मुताबिक देश में हर मिनट के अंतराल में एक गंभीर सड़क दुर्घटना होती है और हर घंटे भारतीय सड़कों पर तकरीबन 16 लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से अधिकतर मौतें वह होती है, जिन्हें गंभीर चोटें होने के बाद तत्काल इलाज नहीं मिल पाता। ऐसी ही घटनाओं से व्यथित होकर शिक्षक और छात्रों ने एक्सीडेंट डिटेक्शन डिवाइस पर बेहतर तरीके से कार्य किया है। यह डिवाइस किसी भी वाहन में लगायी जा सकती है, जो कि कम कीमत पर तैयार होगी।
पॉलीटेक्निक संस्थान की लेक्चरर रोहिणी शर्मा ने बताया कि एक्सीडेंट डिटेक्शन डिवाइस को जीपीएस और जीएसएम मोड़ पर तैयार किया गया है। साथ ही एक कंपन सेंसर का प्रयोग किया गया है, जो कि एक्सीडेंट को भांपने का काम करेगा। इस डिवाइस को ड्राइवर साइड की तरफ लगाया जायेगा। इस डिवाइस में सभी पुलिस थाने, चौकी एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों के अलावा चालक के परिवारजनों के नंबर होंगे। जैसे कोई दुर्घटना घटित होगी, तो तत्काल ही इस डिवाइस के माध्यम से संबंधित पुलिस थाने और परिवारजनों के पास बतौर लोकेशन एसएमएस पहुंचेगा। इस प्रकार पुलिस को जानकारी मिलते ही घायल व्यक्ति को तत्काल इलाज मुहैया हो सकेगा।
प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने इस पेटेंट ग्रांट की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी आधुनिक रिसर्च देश के विकास को गति देने वाली होती हैं। घायल व्यक्ति को समय पर एक डिवाइस के माध्यम से इलाज मुहैया होने के साथ उसके परिवारजनों को भी घटना का सन्देश पहुंच सकेगा। यह अपने आप में एक बड़ी बात है। उन्होंने रिसर्च करने वाले शिक्षक और छात्रों के इस प्रयास सराहना करते हुए अन्य छात्रों को भी प्रेरित करते हुए कहा कि जरूरत है तो सिर्फ ऐसे रिसर्च कि जो लोगों की सहायता और देष के विकास में सहायक सिद्ध हों।
पॉलीटेक्निक संस्थान प्रगति की ओर अग्रसर
पिछले वर्षों में जीएलए पॉलीटेक्निक संस्थान के शिक्षकों ने प्रो. दिवाकर भारद्वाज एवं डा. विकास कुमार शर्मा के दिशा-निर्देशन में कई 12 से अधिक आधुनिक रिसर्च पर कार्य किया है। साथ ही सभी रिसर्च में पॉलीटेक्निक संस्थान के विद्यार्थियों ने भी अपने ज्ञान का अच्छा प्रदर्शन किया है। सभी आधुनिक रिसर्च का पेटेंट पब्लिश और कई का ग्रांट भी हो चुका है। पेटेंट पब्लिश और ग्रांट होना इस बात का प्रमाण है कि पॉलीटेक्निक संस्थान विद्यार्थियां को उत्कृष्ट और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान कर रहा है।
मथुरा। असली जन्म स्थान पर भव्य मंदिर निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। मजेदार बात यह है कि इस बात की भनक तक किसी को नहीं है। भगवान श्री कृष्ण की असली जन्म भूमि जिसे ईदगाह कहा जाता है, पर अयोध्या की तर्ज पर भव्य मंदिर बनने की दिशा में अलौकिक कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है और मंदिर का द्वार कहां होगा यह भी सुनिश्चित हो चुका है। द्वारा के नींचे देहरी के स्थान को रेलवे लाइन हटाकर काफी कुछ समतल किया जा चुका है। यह अद्भुत कार्य शासन या प्रशासन द्वारा नहीं बल्कि स्वयं भगवान श्री कृष्ण और उनकी प्रियतमा राधा रानी की इच्छानुसार स्वत ही संपादित हो रहा है। कहने सुनने में भले ही यह बात बड़ी अजीबोगरीब लग रही हो किंतु यह एकदम सत्य है। कुछ घटनाक्रम ऐसे घटित हो जाते हैं जो इंसान की समझ से एकदम परे होते हैं। यानी दिखाई कुछ और देता है किंतु वास्तविकता कुछ और होती है। ठीक यही बात यहां है। अब यथार्थ समझने की दिशा में आगे बढ़ते हैं। श्री कृष्ण जन्म स्थान और असली जन्म स्थान (ईदगाह) के बराबर कुछ समय पूर्व तक रेलवे लाइन थी। उस पर मथुरा वृंदावन के मध्य राधारानी एक्सप्रेस संचालित थी।
अब सांसद हेमा मालिनी की पहल पर रेल का आधुनिकीकरण होना था किंतु रेल की पटरिया हटाते ही स्थानींय लोगों ने असुविधा का हवाला देकर हंगामा कर दिया और आधुनिकीकरण की योजना हो गई टांय-टांय फिस्स। यदि रेलवे द्वारा आधुनिकीकरण करके यहां मेट्रो चलाई जाती तो फिर भव्य मंदिर निर्माण की दिशा में बहुत बड़ी बाधा खड़ी हो जाती क्योंकि यह रेल लाइन जन्म स्थान व असली जन्म स्थान से सटा हुआ यानी एकदम चिपटमा है। जिस तरह से अदालती कार्यवाही चल रही है उससे स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि अयोध्या की तर्ज पर मथुरा में भी बहुत शीघ्र भव्य कृष्ण मंदिर बनने जा रहा है। इस दिशा में भगवान श्री कृष्ण और उनकी प्रियतमा राधिका जी ने ऐसा चक्र चलाया कि सांप भी मर जाय और लाठी भी न टूटे। यदि शासन और प्रशासन इसी लक्ष्य को लेकर रेल की पटरियों को हटवाते तो बायबेला मच जाता। रेलवे लाइन हटकर जो कच्चा मार्ग है उसी से सटा हुआ भी कटरा केशव देव है। कटरा केशव देव की प्राचीन दीवाल के खंडहर भी मौजूद हैं। इसी दीवाल को तोड़कर 1892 में रेल मार्ग बनाया गया था। कहने का मतलब है जन्म स्थान, असली जन्म स्थान और कटरा केशव देव इन तीनों को मिलाकर भव्य विशाल मंदिर निर्माण की शुरुआत ईश्वरीय शक्तियों के द्वारा हो चुकी है। यह शुभ कार्य परम पूज्य देवराहा बाबा के परमप्रिय शिष्य संत शैलजा कांत, भगवान श्री कृष्ण की भक्ति में लीन रहने वाली सांसद हेमा मालिनी जिनके अंदर कभी-कभी मीरा की झलक भी दिखाई देती है तथा यहां के दुर्लभ जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह की मौजूदगी में ही होगा यह हमारा पक्का विश्वास है। जहां तक हेमा मालिनी की सांसदी का सवाल है वह स्पष्ट रूप से परिलक्षित हो रहा है कि अगली बार भी वे ही सांसद बनेंगी। इसके अलावा यह भी पक्का विश्वास है कि भव्य मंदिर के उद्घाटन में प्रधानमंत्री के रूप में नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री के रूप में योगी आदित्यनाथ ही शिरकत करेंगे। अब देखने की बात यह है कि पृथ्वी की अदालती औपचारिकताएं कब तक पूरी होती हैं? वैसे ईश्वरीय अदालत का फरमान आ चुका है उसे समझने में भले ही कुछ लोग हिचकें और झिझकें किंतु जजमेंट सीधा साफ और एकदम सरल संकेत में है। सिर्फ समझ समझ का फर्क है। शंकालुओं को जवाब है नाई-नाई बाल कितने जिजमान सामने आ जाएंगे।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मिलावट खोरी को रोकने के लिए चलाए जा रहे हैं अभियान के तहत सहायक आयुक्त डॉक्टर गौरी शंकर के निर्देशन में शेरगढ़ कोसीकला क्षेत्र में स्थित वृंदावन एग्रो कोल्ड ड्रिंक प्लांट पर छापा मार करवाई की गई प्लांट का सघन निरीक्षण करने के उपरांत कोल्ड ड्रिंक बनाने में प्रयुक्त होने वाली चीनी तथा सोडा वाटर एवं स्प्राइट ब्रांड के कोल्ड ड्रिंक का एक-एक नमूना जांच हेतु संग्रहित किया। उसके बाद टीम NH2 कोसीकला स्थित शिव ऑयल मिल पहुंची जहां ऑयल मिल का निरीक्षण करने के उपरांत सरसों तेल के तीन नमूना जांच हेतु संग्रहित किए गए साथ ही फर्म संचालक को परिसर में साफ सफाई रखने के निर्देश दिए गए। कार्रवाई के दौरान टीम में मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी एसपी तिवारी तथा गजराज सिंह, अरुण कुमार, धर्मेंद्र सिंह ,भारत सिंह खाद्य सुरक्षा अधिकारी एवं खाद्य सहायक ताराचंद धारिया उपस्थित रहे।
स्वस्थ तन-मन के लिए खेलना बहुत जरूरीः डॉ. आर.के. अशोका
आजाद और शिवाजी टीमों ने जीते रस्साकशी के खिताब
मथुरा। खेल हमारे जीवन का आवश्यक हिस्सा हैं। स्वस्थ शरीर और दिमाग को विकसित करने के लिए खेल महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों से जहां हमारा शरीर सुगठित होता है वहीं मन भी तरोताजा रहता है लिहाजा है प्रत्येक छात्र-छात्रा को प्रतिदिन कुछ समय खेलों को अवश्य देना चाहिए। यह सारगर्भित बातें मुख्य अतिथि के.डी. मेडिकल कॉलेज के डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने के.डी. नर्सिंग कॉलेज एण्ड पैरा मेडिकल साइंस में स्पर्धा 2023-24 के शुभारम्भ अवसर पर छात्र-छात्राओं को बताईं। सोमवार को राष्ट्रगान के साथ के.डी. नर्सिंग कॉलेज एण्ड पैरा मेडिकल साइंस में चार दिवसीय स्पर्धा 2023-34 का हर्षोल्लास के साथ शुभारम्भ किया गया। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में छात्र-छात्राओं से खेलभावना के साथ खेलने का आह्वान किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. अशोका ने अपने सम्बोधन में कहा कि स्वस्थ शरीर हमारे दैनिक कार्यों को पूरा करने में मदद करता है। स्वस्थ रहने का अर्थ रोगरहित तन का होना ही नहीं बल्कि तनावमुक्त मन का होना भी है। शरीर और मन दोनों की स्वस्थता जीवन में सफलता के साथ आनंदमय जीवन जीने का सूत्र है।
के.डी. नर्सिंग कॉलेज एण्ड पैरा मेडिकल साइंस के प्राचार्य डॉ. शिवराज सिंह त्यागी ने अपने सम्बोधन में कहा कि आज हर व्यक्ति को अपने स्वास्थ्य की चिन्ता है। वह चाहता है कि स्वस्थ रहकर जीवन बिताए। स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम, योग, प्राणायाम, संतुलित पोषक-आहार आदि तो महत्वपूर्ण घटक हैं ही, इसके अलावा खेल भी बहुत महत्वपूर्ण है। जीवन में खेलकूद का भी उतना ही महत्व है, जितना कि पढ़ाई-लिखाई का। खेलकूद न केवल छात्र-छात्राओं का मनोरंजन करते हैं अपितु उनके स्वास्थ्य को भी उत्तम बनाते हैं। यदि बच्चे प्रसन्न और स्वस्थ रहेंगे तो पढ़ाई-लिखाई की ओर भी ध्यान देंगे। उप-प्राचार्य सुधा गौतम ने छात्र-छात्राओं से खेलभावना के साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं में शिरकत करने का आह्वान किया। स्पोर्ट्स आफीसर डॉ. सोनू शर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि चार दिवसीय स्पर्धा में छात्र-छात्राएं न केवल खेलभावना के साथ खेलें बल्कि अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से एक आदर्श स्थापित करें।
चार दिवसीय स्पर्धा 2023-24 के बेहतर तरीके से संचालन के लिए चार ग्रुप बनाए गए हैं। सुभाषचंद्र बोस, चंद्रशेखर आजाद, शिवाजी तथा भगत सिंह ग्रुपों के बीच पहले ही दिन शानदार खेल कौशल देखने को मिला। स्पर्धा का आगाज रस्साकशी प्रतियोगिता से हुआ। रस्साकशी का खिताब बालक वर्ग में चंद्रशेखर आजाद ग्रुप ने सुभाषचंद्र बोस टीम को पराजित कर जीता वहीं बालिका वर्ग में शिवाजी टीम चैम्पियन रही। फाइनल में शिवाजी टीम ने सुभाषचंद्र बोस टीम को पराजित किया। चार दिवसीय प्रतियोगिता में क्रिकेट, शतरंज, वॉलीबाल, टेबल टेनिस तथा एथलेटिक्स की विभिन्न स्पर्धाएं सम्पन्न होंगी। प्राचार्य डॉ. शिवराज सिंह त्यागी ने कहा कि प्रतियोगिता का समापन और पारितोषिक वितरण 11 जनवरी को किया जाएगा। प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए खेलों के जानकारों डॉ. सोनू शर्मा, लोकेश शर्मा, लक्ष्मीकांत चौधरी, निशांत शर्मा के साथ ही कॉलेज के प्राध्यापकों गौरव त्यागी, विनोद चौधरी, प्रीति मिश्रा, सत्येन्द्र चौधरी, अजय शर्मा, हेमंत शर्मा, नैंसी, नरेन्द्र गोस्वामी, अजीत प्रताप सिंह, मधू, कन्हैया, अभय, गुंजन, राजेश कुमार आदि को विभिन्न जवाबदेही सौंपी गई हैं।
बरसाना: कस्बे में चोरी करने वाले दो चोर पुलिस के हत्थे चढ़े। पुलिस ने चोरों के कब्जे से चोरी के मोबाइल व समरसेबिल आदि सामान बरामद किया।
रविवार को मुखबिर की सूचना पर कस्बा इंचार्ज नितिन त्यागी ने कस्बे के राणा की प्याऊ से दो शातिर चोरों को धर दबोचा। पकड़े गए चोरों ने अपने नाम अमन उर्फ गुल्लू निवासी बाल्मिक मौहल्ला व भूपेश उर्फ नंदी निवासी जाटव मौहल्ला बताया। पुलिस ने चोरों के कब्जे से चोरी का सैमसंग गैलेक्सी मोबाइल, हैवल्श कंपनी की समरसैबिल, डेढ़ किलो जला तांबा का तार सहित एक चाकू बमारद किया। पुलिस ने दोनों शातिर चोरों को जेल भेज दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि उक्त शातिर चोर रात के अंधेरों में खेतों में से समरसैबिल तथा राधारानी मंदिर से श्रद्धालुओं के मोबाइल आदि की चोरी कर लेते थे। कई दिनों से उक्त शातिरों पर पुलिस का शक था।
मथुरा। हमारे डी.एम. साहब ने प्राचीन काल से चली आ रही परंपरा को तोड़ मरोड़ कर चकनाचूर कर दिया। उनकी इस कार्य प्रणाली से अधीनस्थ अधिकारी परेशान हैं। उल्लेखनींय है कि पुराने समय से यह प्रथा चली आ रही थी कि जो फरियादी अपनी फरियाद लेकर आते थे उनके प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी आवश्यक कार्रवाई करने का आदेश लिखकर अपनी टेबल पर रखी एक ट्रे में रखते जाते थे। बाद में यह सभी कागज डाक वही में चढ़कर संबंधित विभागों को चले जाते। अब जब से नये जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह जी पधारे हैं तभी से पुरानी परंपरा को ताक पर रख दिया गया है और नया कानून लागू हो गया है। नया नियम यह कर दिया गया है कि जिलाधिकारी पहले पूरे प्रार्थना पत्र को पढ़ते हैं और फिर उस पर अपना आदेश लिखकर उसी फरियादी को थमा कर कहते हैं कि इसे अमुक अधिकारी के पास लेकर चले जाओ। साथ ही अपनी एक छोटी सी डायरी में इन सभी प्रार्थना पत्रों को अंकित करते जाते हैं। श्रीमान शैलेंद्र जी यहीं तक सीमित नहीं रहते बल्कि प्रार्थना पत्र को लाने वाले के हाथों में देने से पहले अपने स्टेनो या अन्य किसी अधीनस्थ से कहते हैं कि फलां अधिकारी से मेरी बात कराओ। फोन मिलते ही डी.एम. साहब कहते हैं कि फलां व्यक्ति को आपके पास भेज रहा हूं उनकी समस्या का तत्काल समाधान करके मुझे अवगत करायें। यही नहीं फरियादी द्वारा शैलेंद्र जी को जब यह बताया जाता है कि उनकी शिकायत पर फलां अधिकारी ने कोई कार्रवाई नहीं की या अनसुना कर दिया तो उनके तेवर कड़े हो जाते हैं और सख्त लहजे में संबंधित अधिकारी से कहते हैं कि अब मेरे पास दोबारा शिकायत नहीं आनी चाहिए। इतना सुनते ही अधिकारी की सिट्टी-पिट्टी और भी गुम हो जाती है। बात तब और मजेदार हो जाती है जब फरियादी अपने प्रार्थना पत्र पर जिलाधिकारी से आदेश कराने के बाद उक्त अधिकारी के पास पहुंचता है, तो वही अधिकारी जो पहले उसे घास भी नहीं डालता और टरका देता था अब तो वह उसे बाइज्जत अपने सामने कुर्सी पर बैठाकर तहजीब से बात करता है और कहता है कि अरे भाई आप डी.एम. साहब के पास तक क्यों जा पहुंचे। चलो अब बताओ क्या परेशानी है और फिर आनन फानन में समस्या का समाधान होने लगता है। जिलाधिकारी की इस अनोखी और मजेदार परंपरा से एक ओर जहां जन मानस खुश है वहीं दूसरी ओर अधीनस्थ अधिकारी परेशान हैं। क्योंकि पहले तो वह इन प्रार्थना पत्रों की अपने हिसाब से खाना-पूरी कर लेते थे किंतु अब उन्हीं के ऊपर कार्यवाही की तलवार लटकी रहती है। इस प्रकार के सैकड़ो केस प्रतिदिन देखने को मिल रहे हैं। इसके अलावा एक और खास बात यह देखने को मिल रही है कि यदि महिला या बुजुर्ग फरियादी होते हैं तो डी.एम. साहब द्वारा उन्हें कुर्सी पर बैठाकर बात की जाती है और कुर्सी खाली न होने पर भी किसी न किसी प्रकार कुर्सी की व्यवस्था हो जाती है। एक और बात यह है कि कोई फरियादी कुर्सी पर बैठा होता है और अपनी समस्या बताते समय खड़ा हो जाता है तो जिलाधिकारी उसे कहते हैं कि अरे भैया बैठ जाओ। जब वह बैठ जाता है तो फिर बड़े इत्मीनान से कहते हैं कि “हां अब बताओ क्या समस्या है? भले ही शैलेंद्र जी ने पुरानीं परंपराओं को तोड़कर चकनाचूर कर दिया हो किंतु उन्होंने अपनी एक अजब गजब की नई परंपरा से जनमानस के साथ अपना नाता दिलों की गहराई तक जोड़ लिया है। इसके लिए वे साधुवाद के पात्र हैं। ईश्वर करे रिटायरमेंट से पूर्व उनका शेष 2 वर्ष से अधिक का कार्यकाल भगवान श्री कृष्ण की जन्म भूमि में ही पूरा हो। शैलेंद्र जी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी से एक दिन पूर्व ही अपना चार्ज ग्रहण किया था और अगली दो जन्माष्टमी भी उनकी छत्रछाया में मनें ऐसी हमारी कामना ही नहीं पूर्ण विश्वास भी है। भगवान श्री कृष्णा, योगी आदित्यनाथ और संत शैलजा कांत की कृपा जिस पर हो उसे फिर कौन डिगा पाएगा? शैलेंद्र जी आप हमेशा सुखी रहें और शतायु हों।
गोवर्धन. सिंथेटिक ट्रैक न मिलने से खेतों और सड़कों पर प्रैक्टिस करने वाले राधाकुण्ड के स्कूली छात्रों ने अंतर राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्कर्ष ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर और विष्णु ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीत लिया।
कीड़ा भारती मथुरा उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में जीएलए विश्वविद्यालय एवं एम एम बिल्डर द्वारा आयोजित अंतर राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दौड़ लंबी कूद, शॉटफुट थ्रो, जैवलिन आदि का प्रतियोगिता कराई गई. जिसमें एक दर्जन के अधिक विद्यालयों के करीब ढाई सौ छात्रों ने भाग लिया. जिसमें 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में राधाकुण्ड के जीआरकेड़ी पब्लिक स्कूल के कक्षा छठवीं के छात्र उत्कर्ष पुत्र प्रमोद कुमार व विष्णु पुत्र बदन सिंह निवासी कुंजेरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्कर्ष ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर और विष्णु ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीत लिया।
जीआरकेडी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार मिश्रा व चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि अंतर राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में विजेता छात्रों का फूल माला व पटका पहनाकर जोशीला स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि देहात गॉव में सिंथेटिक ट्रैक न मिलने से खेतों और सड़कों पर प्रैक्टिस करने वाले मेहनती छात्रों ने विद्यालय एवं माता-पिता का नाम रोशन किया है.