गोवर्धन. सिंथेटिक ट्रैक न मिलने से खेतों और सड़कों पर प्रैक्टिस करने वाले राधाकुण्ड के स्कूली छात्रों ने अंतर राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 400 मीटर दौड़ में शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्कर्ष ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर और विष्णु ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीत लिया।
कीड़ा भारती मथुरा उत्तर प्रदेश के तत्वाधान में जीएलए विश्वविद्यालय एवं एम एम बिल्डर द्वारा आयोजित अंतर राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में दौड़ लंबी कूद, शॉटफुट थ्रो, जैवलिन आदि का प्रतियोगिता कराई गई. जिसमें एक दर्जन के अधिक विद्यालयों के करीब ढाई सौ छात्रों ने भाग लिया. जिसमें 400 मीटर दौड़ प्रतियोगिता में राधाकुण्ड के जीआरकेड़ी पब्लिक स्कूल के कक्षा छठवीं के छात्र उत्कर्ष पुत्र प्रमोद कुमार व विष्णु पुत्र बदन सिंह निवासी कुंजेरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्कर्ष ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर सिल्वर और विष्णु ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीत लिया।
जीआरकेडी पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार मिश्रा व चंद्रशेखर मिश्रा ने बताया कि अंतर राज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में विजेता छात्रों का फूल माला व पटका पहनाकर जोशीला स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि देहात गॉव में सिंथेटिक ट्रैक न मिलने से खेतों और सड़कों पर प्रैक्टिस करने वाले मेहनती छात्रों ने विद्यालय एवं माता-पिता का नाम रोशन किया है.
मथुरा। देश में पॉवर लिफ्टिंग चैंपियनशिप में अपने पराक्रम से सबको चौंकाने वाली संस्कृति विश्वविद्यालय की छात्रा अंजू ने जयपुर में हुई अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता के ट्रायल में भी गोल्ड जीतकर अपनी धाक जमा दी है। छात्रा अंजू को अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप जो 24-30 अप्रैल 2024 से भूटान में होने वाली है उसके लिए भी चयनित किया गया है। संस्कृति विवि की छात्रा अंजू यूपी जूनियर, सीनियर, सब जूनियर पावर लिफ्टिंग चैंपियनशिप 2023 में डेड लिफ्ट में स्वर्ण पदक जीतकर मथुरा का गौरव बढ़ा चुकी हैं। अंजू ने नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए अपना टिकट पक्का करा लिया है। आगामी अतंर्राष्ट्रीय एवं एशियाई चैंपियनशिप के ट्रायल के लिए भी इनका चयन हुआ है। छात्रा की इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने हर्ष व्यक्त करते हुए अंजू को सम्मानित कर बधाई दी है। संस्कृति स्कूल आफ मेडिकल एवं अलाइड साइंस के विभागाध्यक्ष डा. आरपी जायसवाल ने बताया कि छात्रा अंजू संस्कृति विवि के बीएससी सीवीटी पाठ्यक्रम की पांचवें सेमेस्टर की छात्रा है। विश्वविद्यालय में होने वाली अनेक प्रतियोगिताओं में भी छात्रा अंजू ने अपनी प्रतिभा दिखाई है और पुरुस्कार हासिल किए हैं। छात्रा की यह उपलब्धि उसकी लगातार मेहनत का फल है। अलवर राजस्थान की रहने वाली छात्रा अंजू का हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेने वाली टीम में भी चयन हो गया है और वे 24-25 फरवरी 2024 को नेशनल प्रतियोगिता में भाग लेने सूरत गुजरात और 24-30 अप्रैल को भूटान में होने जा रही अंतर्राष्ट्रीय चैंपियनशिप में भाग लेंगी। छात्रा अंजू ने बताया कि 31 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए जयपुर में आयोजित ट्रायल में उन्हें गोल्ड मेडल मिला है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में 25 प्रतियोगियों ने 60 किलो भार वर्ग में उनके साथ भाग लिया था। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने परिवार द्वारा की गई हौसलाअफजाई के साथ संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा मिले प्रोत्साहन को देना चाहेंगी। संस्कृति विश्वविद्यालय के चांसलर डा. सचिन गुप्ता, सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा आदि ने भी छात्रा अंजू को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित हुई फैकेल्टी डेवलपमेंट कार्यशाला
मथुरा। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति पहुंच, समानता, गुणवत्ता, सामर्थ्य तथा जवाबदेही के स्तम्भों पर आधारित है। इसका उद्देश्य स्कूल और कॉलेज दोनों में शिक्षा को अधिक समग्र, बहु-विषयक तथा लचीला बनाना है, जो सतत विकास के अनुरूप हो। यह बातें शनिवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल में आयोजित फैकेल्टी डेवलपमेंट कार्यशाला में प्रख्यात वक्ता डॉ. रितु नारंग ने शिक्षकों को बताईं। ऑक्सफोर्ड पब्लिकेशन द्वारा आयोजित वर्कशॉप में डॉ. रितु नारंग ने कहा कि परिवर्तन संसार का नियम है। चिकित्सा, विज्ञान, शिक्षा आदि क्षेत्रों में निरंतर परिवर्तन हो रहे हैं। शिक्षा के बिना समाज का विकास सम्भव नहीं है। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आ रहे हैं लिहाजा राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क की जानकारी होना प्रत्येक शिक्षक के लिए जरूरी है। डॉ. नारंग ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के आने तक भारतीय शिक्षा प्रणाली में कई खामियां थीं। मसलन अवधारणाओं को समझने की तुलना में याद रखने को अधिक प्राथमिकता दी जाती थी। इसके अलावा कई बोर्डों की मौजूदगी भी एक बड़ा मुद्दा था। प्रत्येक बोर्ड में अलग-अलग कौशल के लिए अलग-अलग सीखने की विधियां थीं तथा फिर प्रत्येक छात्र को एक ही मानकीकृत बोर्ड परीक्षा देनी होती थी। इतना ही नहीं पिछले वर्षों में पारम्परिक विषयों को सीखने या उनमें महारत हासिल करने पर अधिक जोर दिया गया तथा व्यावसायिक कौशल विकसित करने पर कम ध्यान दिया गया।
डॉ. रितु नारंग ने बताया कि नई शिक्षा नीति में भारतीय शिक्षा प्रणाली की सभी कमियों और सीमाओं का ध्यान रखा गया है। इसके अलावा, नई शिक्षा नीति का उद्देश्य व्यावसायिक और औपचारिक शिक्षा के बीच के अंतर को पाटना है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति तथा एनसीएफ पर चर्चा करने के साथ ही इसके सकारात्मक दृष्टिकोणों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि एनईपी के कारण विद्यार्थियों के लिए विकास के नए-नए रास्ते खुल गए हैं। अब दिव्यांग छात्र-छात्राएं भी शिक्षा की मुख्य धारा से जुड़कर समान शिक्षा ग्रहण कर पाएंगे। नई शिक्षा नीति में रटने का दबाव खत्म होगा तथा सामान्य बौद्धिक क्षमता वाले छात्र-छात्राएं भी अपनी रुचि के अनुसार विषयों का चयन कर पाएंगे। डॉ. नारंग ने एनईपी तथा एनसीएफ के अंतर को स्पष्ट करते हुए शिक्षकों के प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। उन्होंने इंक्वायरी बेस्ड लर्निंग पर जोर देते हुए कहा कि इससे विद्यार्थी किताबी ज्ञान से ऊपर उठकर निजी अनुभव से जल्दी सीखता है। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने वर्कशॉप को सार्थक बताते हुए कहा कि ज्ञान हासिल करने की कोई उम्र नहीं होती। विद्यार्थी कोरे कागज के समान होते हैं जिन्हें सुघड़ सांचे में ढालने का कार्य शिक्षक करते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति से छात्र-छात्राओं को अध्ययन में काफी सहजता महसूस होगी। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि समय-समय पर ऐसी कार्यशालाओं का आयोजन किया जाना जरूरी है। ऐसी कार्यशालाओं से शिक्षकों को जहां अपडेट होने का मौका मिलता है वहीं शिक्षा में नयापन आने से छात्र-छात्राओं की अध्ययन के प्रति रुचि भी बढ़ती है। विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने डॉ. रितु नारंग का आभार मानते हुए कहा कि ईश्वर ने प्रत्येक विद्यार्थी को कोई न कोई गुण अवश्य दिया है, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति से विद्यार्थियों के भीतर छिपे गुणों को बाहर लाने तथा उन्हें निखारने में मदद मिलेगी।
अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में जीएलए के छात्रों ने झटके पांच पदक
गोला फेंक में अरमान उपाध्याय प्रथम, ध्रुव शक्ति रावत द्वितीय, गौतम तृतीय, भाला फेंक में गौतम प्रथम, ध्रुव शक्ति
रावत ने द्वितीय स्थान प्राप्त करके दो स्वर्ण, दो रजत एवं एक कांस्य पदक अपने नाम किये मथुरा : उत्कृष्ट शिक्षा के साथ खेलकूद में भी अपने विद्यार्थियों को अग्रसर बनाये रखने के लिए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा समर्पित है। बीते दिन जीएलए विश्वविद्यालय एवं जिला क्रीडा भारती मथुरा के संयुक्त तत्वावधान में अंतरराज्यीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप का आयोजन किया गया। जीएलए के छात्र अरमान ने गोला फेंक में चैंपियनशिप अपने नाम की।
जीएलए विश्वविद्यालय में आयोजित एथलेटिक्स चैंपियनशिप में आगरा, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, ओरैया, बरेली, मुरादाबाद, मुजफ्फरनगर आदि जिलों के लगभग 250 छात्र एवं छात्राओं ने प्रतिभाग किया। यह प्रतियोगिता अंडर 17 और ओपन आयु वर्ग में आयोजित की गई। प्रतियोगिता से पूर्व प्रतियोगिता का शुभारम्भ जिला क्रीडा भारती के जिला अध्यक्ष कमल किशोर वार्ष्णेय एवं जीएलए के डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा. हिमांशु शर्मा ने किया।
जीएलए के कोच एवं क्रीडा भारती के महासचिव भूपेंद्र कुमार मिश्रा के अनुसार अंडर 17 बालक वर्ग भाला फेंक में करण धनकर प्रथम, अंकुल द्वितीय एवं संदीप तृतीय स्थान पर रहे। ओपन बालक वर्ग भाला फेंक में गौतम प्रथम, ध्रुव शक्ति रावत द्वितीय, राजकुमार तृतीय रहे। ओपन बालिका वर्ग भाला फेंक में काजल प्रथम, गायत्री द्वितीय, भक्ति तृतीय रही। अंडर 17 बालक वर्ग 800 मीटर में हेमंत कुमार प्रथम, अजय कुमार द्वितीय, अतुल धनगर तृतीय रहे। ओपन बालक वर्ग 800 मीटर में प्रदीप प्रथम, कैलाश द्वितीय, ओम नारायण उपाध्याय तृतीय स्थान पर रहे। ओपन बालिका वर्ग 800 मीटर में रंजन प्रथम, संगीता द्वितीय, प्रियांशी तृतीय रही। अंडर 17 बालक वर्ग 1500 मीटर में हेमंत कुमार प्रथम, जगदीश द्वितीय,अंश चौधरी तृतीय,ओपन बालक वर्ग 1500 मीटर में हेमंत पाल प्रथम, प्रदीप द्वितीय,हेमंत तृतीय ओपन बालिका वर्ग 1500 मीटर में रंजन प्रथम, सोना द्वितीय, आकृति तृतीय ओपन बालक वर्ग 400 मीटर में साहिल प्रथम, केशव सैनी द्वितीय, विशाल तृतीय। ओपन बालिका वर्ग 400 मीटर में पूनम प्रथम, पल्लवी द्वितीय, सोना तृतीय रही। अंडर 14 बालक वर्ग 400 मीटर में शिवम प्रथम, उत्कर्ष द्वितीय, विष्णु तृतीय रहे। अंडर 14 में बालिका वर्ग 400 मी0 में नंदिनी प्रथम, रिद्धिमा द्वितीय, वैष्णवी तृतीय रही। अंडर 17 बालक वर्ग शॉट पुट में मयंक गौतम प्रथम, मोहित चौधरी द्वितीय, अजय तृतीय रहे। अंडर 17 बालिका वर्ग गोला फेंक में अंजलि प्रथम, भक्ति द्वितीय, प्रियांशी तृतीय पर रही।
ओपन बालक वर्ग गोला फेंक में जीएलए के छात्र अरमान उपाध्याय प्रथम, ध्रुव शक्ति सिंह रावत द्वितीय, गौतम तृतीय स्थान पर रहे। ओपन बालिका वर्ग गोला फेंक में पूनम प्रथम, काजल द्वितीय, डोली तृतीय रहे। ओपन बालक वर्ग लंबी कूद में हरिओम प्रथम, मनीष कुमार द्वितीय, सोनू तृतीय रहे। ओपन बालक वर्ग 3000 मी0 में हेमंत पाल प्रथम, हेमंत सिंह द्वितीय, विष्णु तृतीय, ओपन बालिका वर्ग 3000 मी0 में सोनू प्रथम, अंजलि द्वितीय, सोनिया तृतीय रहे। अंडर 17 बालक वर्ग 400 मी0 में मनीष कुमार प्रथम, अजय कुमार द्वितीय, नितेश सिंह तृतीय रहे। सभी विजेता खिलाड़ियों को मेडल, ट्रॉफी, सर्टिफिकेट, स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। समापन समारोह में पश्चिम उत्तर प्रदेश के संयोजक राजेश कुलश्रेष्ठ, प्रांत अधिकारी रीना सिंह, प्रेमा पानू सत्संगी, तपेश भारद्वाज, रोहित दीक्षित आदि पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
निर्णायक की भूमिका में भगवान सिंह, सत्येंद्र सिंह, सुरेन्द्र सिंह, योगेश राठौर, शुभम शर्मा, रजत अग्रवाल, राकेश सैनी रहे। प्रतियोगिता को संपन्न कराने में जीएलए के खेल विभाग से कोच जेपी सिंह, अमित कुमार शर्मा, बृज बिहारी सिंह, भूपेंद्र कुमार मिश्रा, आकाश कुमार, श्याम नारायण राय, आशीष कुमार राय, हरिओम शुक्ला, राहुल उपाध्याय, शैलेश कुमार, रितु जाट, सौरव गुप्ता का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।
जीएलए मैकेनिकल और कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के छात्र ने सझाया बैटरी लेवल तकनीक आइडिया
मथुरा : समय का अभाव और बार-बार देखने के झंझट को ध्यान में रखते हुए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के मैकेनिकल विभाग छात्रों ने बैटरी के इलेक्ट्रोलाइट को लेकर एक आधुनिक विचार साझा किया है। छात्रों के इस विचार का पेटेंट भी पब्लिश हो गया है।
‘बैटरी लेवल इंडिकेट अलार्म‘ के तहत साझा किए गए विचार में मैकेनिकल विभाग के तृतीय वर्ष के छात्र अभिषेक सक्सेना और कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के द्वितीय वर्ष के छात्र हार्दिक कुलश्रेष्ठ ने टेक्नोलॉजी बिजनेस इंक्यूबेटर के कॉर्डिनेटर जितेन्द्र कुमार के दिशा-निर्देशन में एक ऐसी तकनीक विकसित करने का शानदार विचार पेश किया, जो घरों और उद्योगों में इस्तेमाल होने वाली बैटरी के इलेक्ट्रोलाइट को स्तर कम होने पर व्यक्ति को अलार्म नोटिफिकेशन मिल जाएगा। इससे मदद मिलेगी कि हमें बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट भरने की आवश्यकता कब है।
छात्रों ने अपने घर का अनुभव और अन्य लोगों की चिंता को देखते हुए बताया कि घरों में बैटरी का उपयोग करते समय हम अक्सर भूल जाते हैं कि पावर कटऑफ के दौरान बिजली के उपकरणों को चलाने के लिए बैटरी में कितना इलेक्ट्रोलाइट बचा है। इलेक्ट्रोलाइट की कमी के कारण ही बैटरी का जीवन भी कम हो जाता है। ऐसे में यह अलार्म नोटिफिकेशन उपयोगिता और अधिक बढ़ जाती है। छात्रों ने बताया कि इसमें विभिन्न प्रकार के सेंसर का उपयोग किया है, जैसे फ्लोट लेवल सेंसर जो कि बैटरी में इलेक्ट्रोलाइट के स्तर को मापने का कार्य करेगा। माइक्रोकंट्रोलर जो इस आविष्कार में मस्तिष्क के रूप में कार्य करेगा। बजर का उपयोग अलार्म देने के लिए किया गया है। इसके अलावा कई अन्य जो इस परियोजना को बड़ी दक्षता के साथ सफल बनाते हैं।
जीएलए के डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने बताया कि बैटरी स्तर संकेतक अलार्म उपयोगकर्ताओं को शेष बैटरी जीवन के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करते हैं, जिससे वे तदनुसार अपनी गतिविधियों की योजना बना सकते हैं। यह अचानक बिजली की रुकावट और असुविधा को रोकता है।
कम्प्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के डीन प्रो. अशोक भंसाली एवं मैकेनिकल विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. पियूष सिंघल ने बताया कि इन सुविधाओं के संयोजन से आविष्कार उपयोगकर्ताओं को अपनी बैटरी को सक्रिय रूप से प्रबंधित करने का अधिकार देता है। संकेतक बैटरी की चार्ज स्थिति के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करता है, जिससे उपयोगकर्ताओं को संभावित समस्याओं के होने से पहले उनका अनुमान लगाने की अनुमति मिलती है। जब बैटरी का स्तर एक महत्वपूर्ण बिंदु तक पहुंचता है, तो अलार्म सिस्टम सक्रिय हो जाता है, जो उपयोगकर्ताओं को बैटरी को रिचार्ज करने जैसी समय पर कार्रवाई करने के लिए सचेत करता है।
बरसाना: शातिर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए बरसाना पुलिस ने तीन शातिरों को धर दबोचा। वहीं पुलिस ने शातिरों के कब्जे से दो चाकू, एक चोरी का मोबाइल व एक किलो सौ ग्राम गांजा बरामद किया है।
गुरुवार को मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल के नेतृत्व में पुलिस ने मिथलेश निवासी महराना को कांमा बॉर्डर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने शातिर के कब्जे से एक चाकू भी बरामद किया। वहीं पुलिस ने नेम पंडित निवासी कमई को कमई करहला मार्ग से गिरफ्तार किया। पुलिस ने शातिर के कब्जे से एक किलो सौ ग्राम गांजा बरामद किया। दूसरी तरफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने शातिर दीपक निवासी गोरखधाम कालोनी थाना छाता को राणा की प्याऊ से धर दबोचा। पुलिस ने शातिर चोर के कब्जे से एक चाकू व चोरी का वीवो मोबाइल बरामद किया।
पुलिस ने डग्गेमार नौ बाइक की सीज बरसाना: राधारानी मंदिर पर चलने वाली डग्गेमार बाइको के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने नौ बाइक सीज कर दी। जिससे बाइक चालकों में हड़कंप मच गया। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि गुरुवार को डग्गेमार बाइक चालकों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान नौ बाईकों को सीज किया गया। उक्त बाइक चालक बिना परमिट के सवारियां लेकर राधारानी मंदिर जाते है। ऐसे में एक बाइक पर तीन तीन सवारियां तक बैठा लेते है।
04 जनवरी 2024 को राजकीय आईटीआई नंदगांव विकास खंड नंदगांव जनपद मथुरा में ब्लॉक स्तरीय रोजगार मेले का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ नरदेव सिंह चौधरी ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं ध्रुव मग्गू प्रधानाचार्य द्वारा किया गया। रोजगार मेले में लगभग 379 अभ्यर्थियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। मेले में लगभग 10 कंपनियों द्वारा प्रतिभाग किया गया। प्रतिभागी अभ्यर्थियों के सापेक्ष 107 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। जिसमें माननीय द्वारा कई अभ्यर्थियों को ऑफर लेटर भी दिया गया। आयोजित ब्लॉक स्तरीय रोजगार मेले में राम तिवारी एवं ललित कुमार जिला कौशल प्रबंधक, गीतम सिंह, कार्यालय सहायक उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन मथुरा तथा पवन कुमार आईटीआई एवं भागीरथ का योगदान रहा तथा विजय कुमार, जितेंद्र कुमार एवं हरेंद्र कुमार द्वारा सहयोग प्रदान किया गया।
शेरगढ़ में गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी श्री जगदंबा काली अखाड़े के द्वारा भंडारा किया गया इस भंडारे के बारे में जानकारी देते हुए सोनू गोयल अखाड़ा मैनेजर,ने बताया कि यह हमारा भंडारा हर वर्ष कराया जाता है जिस मे की काली मां के जो स्वरूप के द्वारा जो पैसा मेलों में से आता है पैसे को इकट्ठा कर हम सब अखाड़े के भक्तजन भंडारा कर देते हैं इस मौके पर हमारे साथ अखाड़े के उस्ताद राज्यों गौतम, जगदीश, यादराम, कोषाध्यक्ष अनिल कुमार, सहयोगी भगवानदास, बनवारी ओमी, आदि लोग साथ रहे व सैकड़ो की संख्या में कस्बा वासियों ने देवी मां का प्रसाद पाया और अपने आप को धन्य किया
स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नौकरियों की कमी नहीं- डॉ. ओमप्रकाश कंसल
मथुरा। जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस के प्रबंधन अध्ययन विभाग द्वारा गुरुवार को स्वास्थ्य सेवा उद्योग पर एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। अतिथि वक्ता अमेरिकन कैंसर सोसायटी में भारत के सलाहकार डॉ. ओमप्रकाश कंसल ने एमबीए प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं को बताया कि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में नौकरियों की कमी नहीं है। भारत का स्वास्थ्य सेवा उद्योग वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना चुका है। डॉ. कंसल ने छात्र-छात्राओं को बढ़ते स्वास्थ्य सेवा उद्योग के महत्व से रूबरू कराते हुए कहा कि यह ऐसा क्षेत्र है जिसमें हमेशा बेहतर करियर की सम्भावनाएं रहेंगी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा में काम करने की सबसे अच्छी बात यह है कि आप हर दिन लोगों की मदद करेंगे, साथ ही उनके जीवन पर सकारात्मक प्रभाव डालेंगे। स्वास्थ्य सेवा उद्योग के भीतर आपकी भूमिका चाहे जो भी हो, स्वास्थ्य सेवा में काम करने से आप दूसरों की मदद करने के साथ ही जीविकोपार्जन की अपनी इच्छा को भी पोषित कर सकते हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि स्वास्थ्य सेवा में नौकरियां हमेशा रहेंगी, चाहे वह पूर्णकालिक, अंशकालिक या किसी एजेंसी के माध्यम से हों, आपको अपने कौशल के साथ काम खोजने के लिए कभी भी संघर्ष नहीं करना पड़ेगा। इतना ही नहीं, चूंकि स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र सार्वभौमिक है, लिहाजा इसमें बहुत सारे अंतरराष्ट्रीय अवसर हैं। अतिथि वक्ता ने बताया कि मौजूदा समय में स्वास्थ्य सेवा उद्योग शब्द चिकित्सा कर्मचारियों की सीमा को पार करता है तथा अस्पतालों से परे अपनी पहुंच बढ़ाता है। डॉ. कंसल ने कहा कि इसमें ऐसे क्षेत्र शामिल हैं जो उपचारात्मक, निवारक, उपशामक और पुनर्वास देखभाल से संबंधित सामान और सेवाएं प्रदान करते हैं। स्वास्थ्य सेवा उद्योग में अब न केवल अस्पताल, नैदानिक परीक्षण, तथा चिकित्सा उपकरण शामिल हैं बल्कि टेलीमेडिसिन, स्वास्थ्य बीमा तथा चिकित्सा पर्यटन ने भी अपनी पैठ बना ली है। सच कहें तो भारतीय स्वास्थ्य सेवा उद्योग अपनी व्यापक सुविधाओं और सेवाओं के चलते वैश्विक मंच पर अपनी पहचान बना चुका है। डॉ. कंसल ने हाल के बाजार रुझानों पर प्रकाश डाला तथा इस बात पर जोर दिया कि स्थिरता विभिन्न पहलुओं में व्यावसायिक प्रभावशीलता को बढ़ाने में कैसे योगदान देती है। उन्होंने कहा कि मौजूदा उत्पादों और सेवाओं के मूल्यांकन, उनकी ताकत, कमजोरियां, अद्वितीय बिक्री प्रस्तावों का आकलन करने तथा प्रतिस्पर्धियों की तुलना में किसी भी अंतर की पहचान करने के इर्द-गिर्द घूमती है। कार्यशाला के समापन अवसर पर संस्थान की निदेशक (प्रो.) डॉ. नीता अवस्थी ने डॉ. कंसल को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका स्वागत किया। व्याख्यान में एमबीए प्रथम और द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्रा के साथ ही प्राध्यापक स्तुति गौतम, सोनिया चौधरी, रामदर्शन सारस्वत सहित प्रबंधन अध्ययन विभाग के संकाय सदस्य उपस्थित रहे। आभार विभागाध्यक्ष प्रबंधन डॉ. शशि शेखर ने माना।