शेरगढ
ग्रामीण मिनी स्टेडियम शेरगढ़ में हो रहे मैच में बुधवार को पुलिस लाइन मथुरा एवं खेलनवन क्रिकेट क्लब शेरगढ़ के बीच मैच खेला गया जिसमें शेरगढ़ के कप्तान ने टॉस जीतकर फील्डिंग करने का निर्णय लिया मथुरा पुलिस लाइन टीम ने निर्धारित 20 ओवर में 149 रन बनाए जिसके जवाब में खेलनवन क्रिकेट क्लब शेरगढ़ ने लक्ष्य का पीछा करते हुए शानदार बैटिंग दिखाते हुए निर्धारित 20 ओवर में आखिरी तक 144 पर ही ऑल टीम आउट हो गई हरिश्चंद्र शर्मा ने बताया कि हमारे स्टेडियम में मैच बड़े ही शानदार हो रहे हैं और आज शेरगढ़ की टीम ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है लेकिन जो दो टीम होती है एक को तो हारना होता है इसी के चलते अंपायर मथुरा के देवेंद्र एवं संजय ने की कमेंट्री प्रतिपाल सिंह एवं जयप्रकाश निषाद ने की संचालन हरिश्चंद्र शर्मा ने किया मैन ऑफ द मैच नीरज निषाद को दिया गया एवं वेस्ट बाल का पुरस्कार देवराज पुलिस लाइन की टीम मथुरा को दिया गया। इस अवसर पर धर्मराज, महेश शर्मा, कपिल मवई ,मुरारी लाल ,कन्हैया लाल, योगेश, ईदु , गोपीनाथ तिवारी, कपिल गर्ग,नीरज शर्मा , पवन हरसाना, गिरीश तिवारी, भोले, आरिफ पठान,सोनू कुमार ,हरीश शर्मा, जयप्रकाश निषाद ,प्रितपाल सिंह ,एवं सभी हजारों दर्शक उपस्थित रहे
मथुरा पुलिस लाइन ने शेरगढ़ को हराकर पांच रन से जीता मैच
15 साल से फरार हत्यारोपी चढ़ा पुलिस के हत्थे
- न्यायलय द्वारा सुनाया गया था आजीवन कारावास की सजा
रिपोर्ट राघव शर्मा
बरसाना: हत्या के मामले में न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास में 15 साल से फरार चल रहे शातिर अपराधी को बरसाना पुलिस ने धर दबोचा। पुलिस ने शातिर अपराधी के कब्जे से तमंचा सहित कारतूस बरामद किया।
19 अक्टूबर 2006 में मडोरा के सुम्मर खां की हाथिया में हत्या कर दी गई थी। जिसमें हत्या का आरोप अफसर निवासी हाथिया पर लगा। लेकिन घटना के बाद से ही हत्यारोपी अफसर फरार हो गया। जिसके बाद 25 सितंबर 2008 को एडीजे छठ ने हत्या के मामले में अफसर को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास तथा 10 हजार रूपये का जुर्माना सुनाया। तभी से हत्यारोपी अफसर फरार चल रहा था। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने मयफोर्स के रूपनगर पुलिया से उसे धर दबोचा। पुलिस ने फरार हत्यारोपी के कब्जे से 312 बोर का तमंचा व कारतूस बरामद किया। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि हत्यारोपी 15 साल से फरार चल रहा था। जिस पर थाना बरसाना में आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज हैं। न्यायलय द्वारा भी उक्त हत्यारोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
जीएलए के मेधावी छात्रों को अमेरिकी विश्वविद्यालयों से मास्टर डिग्री और रोजगार के अवसर
- जीएलए में प्रोजेक्ट प्रथम कार्यक्रम के तहत मेधावी छात्रों को अमेरिकी विश्वविद्यालयों से मास्टर ऑफ डिग्री के साथ मिलेंगे बेहतर रोजगार के अवसर
मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही छात्रों को आकर्षण पैकेज पर शीर्ष कम्पनियों में नौकरी मिल रही है। अब विश्वविद्यालय ने अपने मेधावी छात्रों को 1 साल की प्रोफेशनल मास्टर ऑफ साइंस डिग्री के लिए अमेरिकी विश्वविद्यालयों में भेजने के लिए प्रोजेक्ट प्रथम कार्यक्रम की शुरूआत की है।
यह परियोजना अमेरिका के व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल ब्रीफिंग में घोषित क्रिटिकल एण्ड इमर्जिंग टेक्नोलॉजी (आईसीईटी) पहल के तहत शुरू की गई है। इससे संकेत लेते हुए भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने शिक्षा और कौशल विकास पर एक कार्यक्रम समूह की शुरूआत की है। जिससे छात्रों, संकाय सदस्यों और उच्च शिक्षा प्रमाणपत्र और डिग्री कार्यक्रमों के आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों देशों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद जताई गयी है।
प्रोजेक्ट प्रथम कार्यक्रम के बारे में जानकारी देते हुए जी.एल.ए. के प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने बताया कि अमेरिका में एसटीईएम (विज्ञान प्रौद्योगिकी इंजीनियरिंग गणित) विषयों में अत्यधिक विशिष्ट कौशल की भारी कमी है। इस डिग्री को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले भारतीय छात्रों को संयुक्त राज्य अमेरिका में उच्च वेतन वाली नौकरी की पेशकश मिलेगी। उन्होंने बताया कि जीएलए में प्रोजेक्ट प्रथम कार्यक्रम को सितम्बर 2023 में शुरू किया गया था और अन्तिम वर्ष के बी.टेक, बीफार्म और बीएससी (एग्री) ऑनर्स के विद्यार्थियों के हित को मद्देनज़र रखते हुए नवम्बर माह में कार्यालय का औपचारिक शुभारम्भ किया गया।

इसी श्रृंखला के अन्तर्गत अमेरिकी विश्वविद्यालय में से एक ट्रॉय विश्वविद्यालय, अल्बामा से कम्प्यूटर विज्ञान विभाग के अध्यक्ष और स्नातक कार्यक्रमों के निदेशक प्रो. सुमन कुमार ने जी.एल.ए. विश्वविद्यालय पहुँचे।
इस दौरान प्रो. कुमार ने वरिष्ठ प्रबन्धन और संकाय सदस्यों को अपने विश्वविद्यालय और कम्प्यूटर विज्ञान में स्नातक डिग्री कार्यक्रमों के बारे में विवरण दिया। उन्होंने स्नातक छात्रों को साइबर सुरक्षा, डेटा साइंस, क्लाउड और बिग डेटा, बायो-इंफॉर्मेटिक्स, वीडियो गेम डिजाइन, सॉफ्टवेयर डेवलपमेन्ट आदि जैसी विभिन्न विशेषज्ञताओं की पेशकश के बारे में बात की। इस दौरान उन्होंने जी.एल.ए. परिवारजनों को बताया कि शिक्षा और कौशल विकास अमेरिका में बड़ी भूमिका में है। यहाँ स्नातक छात्रों को शीर्ष अमेरिकी कम्पनियों सीजीआई, जिटरबिट, लॉकहीड मार्टिन आदि में नौकरी मिल जाती है।
जीएलए प्रथम प्रोजेक्ट के मुख्य संरक्षक डा. प्रमोद जोशी एवं रतुल घोष ने बताया कि जी.एल.ए. अपने छात्रों को संयुक्त राज्य अमेरिका में उच्च तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी उद्योगों, विनिर्माण, सॉफ्टवेयर, एयरोस्पेस, बायो-टेक, एग्री-टेक, फार्मा आदि में मज़बूत पकड़ दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान दोनों पक्ष छात्र आदान-प्रदान, संयुक्त नवाचार और अनुसंधान, ट्विनिंग और संयुक्त डिग्री कार्यक्रमां आदि में सहयोग की सम्भावनाओं पर आगे चर्चा करने पर सहमत हुए।
जी.एल.ए. परिसर और कार्यषालाओं के व्यापक दौरे के बाद प्रोफेसर कुमार ने कम्प्यूटर इंजीनियरिंग, कृषि विज्ञान, व्यवसाय प्रबन्धन, आदि विभाग के संकाय सदस्यों के साथ अपनी बैठकों में जी.एल.ए. में उपलब्ध सुविधाओं की सराहना की।
गणित प्रश्नावली में जीएल बजाज के छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा
- सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को उपहार देकर किया प्रोत्साहित
मथुरा। शिक्षा से ही विकासशील समाज की आधारशिला रखी जा सकती है। जिस समाज में शिक्षा व्यवस्था जैसी होगी, उसी प्रकार के समाज का निर्माण होगा। हमें अगर एक सभ्य समाज का निर्माण करना है तो शिक्षा के उद्देश्यों का निर्धारण करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उद्देश्य ऐसे हों जिन्हें व्यावहारिक रूप से प्राप्त किया जा सके और जो व्यक्ति, समाज तथा देश की आवश्यकताओं को पूर्ण कर सकें। यह बातें जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित गणित प्रश्नावली के शुभारम्भ अवसर पर बीटेक प्रथम वर्ष के विभागाध्यक्ष डॉ. मंधीर वर्मा ने छात्र-छात्राओं को बताईं।
इस अवसर पर डॉ. भोले सिंह ने कहा कि गणित ही ऐसा विषय है, जिसकी जानकारी हर किसी को होनी चाहिए। आज हर क्षेत्र में गणित की उपयोगिता महसूस की जा रही है। कृषि क्षेत्र की हर नाप-तौल गणित पर आधारित है तो मेडिकल क्षेत्र में दवा का प्रतिशत भी प्रत्येक गोली अथवा शीशियों पर लिखा रहता है जिससे पता चलता है कि दवा में भिन्न-भिन्न तत्व किस मात्रा में हैं। व्यापार, शेयर बाजार, बैंक, पोस्ट ऑफिस, विविध निर्माण कार्य बिना गणित के सम्भव नहीं हो सकते।
गणित प्रश्नावली कार्यक्रम में डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को वैदिक मैथ्स की जानकारी दी। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि ‘संख्या समझ’ एक ऐसा शब्द है जिसका उपयोग अक्सर किया जाता है, लेकिन इसको परिभाषित करना बहुत कठिन है। आमतौर पर इसका मतलब विद्यार्थियों द्वारा संख्याओं का लचीले ढंग से और प्रवाहपूर्ण तरीके से उपयोग करने की योग्यता होता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि संख्या समझ को सीखना और उसमें सुधार करना जीवन भर की गतिविधि है जिसका प्रारम्भ बचपन से ही हो जाता है।
उन्होंने कहा कि गणित हमारे दैनिक जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें सोचने, सीखने और समस्याओं का समाधान निकालने की कला सिखाती है। यह हमें मापन, गणना और संकेतों को समझने में मदद करती है। गणित सीखने से हमारी मानसिक शार्पनेस और समस्याओं को हल करने की क्षमता में सुधार होता है, जो हमें जीवन में सफलता हासिल करने में मदद करता है।
इस अवसर पर डॉ. अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं से तरह-तरह के सवाल पूछे तथा सवालों का सही जवाब देने वाले विद्यार्थियों को उसी समय उपहार स्वरूप कुछ न कुछ प्रदान कर प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजीव देवलिया के साथ छात्र याग्निक शर्मा तथा छात्रा तान्या गुप्ता (बीटेक सीएसई प्रथम वर्ष) ने किया। अन्त में अनुज कुमार ने अच्छे आयोजन के लिए सभी का आभार माना।
मथुरा – ठंड के चलते विद्यालयों में अवकाश घोषित
- कक्षा 1 से लेकर 5 तक के शासकीय मान्यता प्राप्त एवं परिषदीय विद्यालयों का अवकाश व घोषित
अब 14 जनवरी तक का अवकाश होगा
15 जनवरी को खुलेंगे सभी विद्यालय कक्षा 8 से लेकर 12 तक का पूर्व में बदला जा चुका है समय
लेकिन अभिभावक कर रहे हैं छुट्टी की मांग
भगवान दास के लिए भगवान साबित हुए के.डी. हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन
- डॉ. अवतार सिंह और डॉ. दीपक चौधरी ने की कमर के बड़े ट्यूमर की सफल सर्जरी
मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के न्यूरो सर्जन लगातार अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के बीच मुश्किल से मुश्किल सर्जरी कर मरीजों के चेहरे पर खुशियां लौटा रहे हैं। के.डी. हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ. अवतार सिंह और डॉ. दीपक चौधरी ने 27 दिसम्बर को नाउम्मीद हो चुके नानक नगर मथुरा निवासी भगवान दास (77 वर्ष) के कमर के बड़े ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर उसे नई जिन्दगी दी है।
ज्ञातव्य है कि नानक नगर मथुरा निवासी भगवान दास पिछले सात महीने से असहनीय कमर दर्द और दोनों पैरों में कमजोरी के चलते चलना-फिरना तो दूर उठ-बैठ भी नहीं पा रहा था। परिजनों ने कई जगह दिखाया लेकिन समस्या का कहीं निराकरण नहीं हुआ। आखिरकार परिजन भगवान दास को के.डी. हॉस्पिटल लाए और न्यूरो सर्जन डॉ. अवतार सिंह तथा डॉ. दीपक चौधरी से मिले। डॉ. अवतार सिंह ने मरीज की एमआईआई कराई जिससे पता चला कि उसके कमर (स्पाइनल कार्ड) में डी-10 और डी-11 पर बड़ी गांठ है। मरीज की खराब स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने परिजनों को ऑपरेशन की सलाह दी।
परिजनों की सहमित के बाद 27 दिसम्बर को न्यूरो सर्जन डॉ. अवतार सिंह और डॉ. दीपक चौधरी द्वारा मरीज के ट्यूमर का ऑपरेशन किया गया जोकि सफल रहा। इस सर्जरी में डॉ. अवतार सिंह और डॉ. दीपक चौधरी का सहयोग विभागाध्यक्ष निश्चेतना डॉ. लीना गोयल, डॉ. शेख हुसैन, डॉ. धनंजय (पीजी) तथा टेक्नीशियन रजनीश, राबिन, राजवीर आदि ने किया। अब भगवान दास पैर मोड़ने लगा है तथा उसके पैरों की कमजोरी भी दूर हो रही है। डॉ. अवतार सिंह का कहना है कि मरीज की कमर में डी-10 और डी-11 (आईडीईएम) पर बड़ी गांठ थी, उसे हटा दिया गया है। उन्होंने विश्वास जताया कि अब मरीज न केवल अपने पैरों पर खड़ा होगा बल्कि कुछ दिन में चलने-फिरने भी लगेगा।
डॉ. अवतार सिंह का कहना है कि समय के साथ स्पाइन सर्जरी में महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। हाल के वर्षों में यह सर्जरी काफी सुरक्षित हो गई है और इसके परिणाम भी बेहतर हैं। उन्होंने बताया कि चूंकि के.डी. हॉस्पिटल में स्पेशलाइज्ड स्पाइनल सर्जरी सेंटर है, इसलिए अब तक जो भी ऑपरेशन हुए हैं, वे पूरी तरह से सफल रहे हैं। उन्होंने बताया कि भगवान दास जब के.डी. हॉस्पिटल लाया गया था तब उसकी स्थिति काफी खराब थी। वह लगातार कमर दर्द से कराह रहा था।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने भगवान दास की सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों तथा उनकी टीम को बधाई देते हुए मरीज के स्वस्थ-सुखद जीवन की कामना की है।
आरआईएस के छात्र-छात्राओं ने सीखे साहसिक खेलों के गुर
- डर पर काबू पाना सिखाते हैं एडवेंचर कैम्पः डॉ. रामकिशोर अग्रवाल
मथुरा। छात्र-छात्राओं के मन से डर निकालने तथा उन्हें साहसी और निर्भीक बनाने के लिए राजीव इंटरनेशनल स्कूल में दो दिवसीय एडवेंचर कैम्प का आयोजन किया गया। दो दिवसीय एडवेंचर कैम्प में छात्र-छात्राओं ने न केवल साहसिक खेलों की बारीकियां सीखीं बल्कि उन्हें करने की भी कोशिश की। शनिवार को हर्षोल्लास के बीच एडवेंचर कैम्प का समापन किया गया।
बौद्धिक विकास के लिए जहां शिक्षा की आवश्यकता होती है वहीं शारीरिक और मानसिक दृढ़ता के लिए साहसिक खेल बहुत जरूरी हैं। साहसिक गतिविधियों से मनोरंजन तो होता ही है, छात्र-छात्राओं के मन से डर भी दूर होता है। इसी उद्देश्य के मद्देनजर राजीव इंटरनेशनल स्कूल में 29 और 30 दिसम्बर दो दिवसीय एडवेंचर कैम्प का आयोजन किया गया।
इस दो दिवसीय कैम्प में प्रशिक्षकों द्वारा छात्र छात्राओं को रॉक क्लाइंबिंग, रिवर क्रॉसिंग, मंकी ब्रिज, बर्मा ब्रिज, ब्रिज क्रॉसिंग, कमांडो नेट, जॉब रोलर, ट्रेम्पुलिन, बॉडी जॉर्ब, लेजर बीम, कमांडो क्रॉल, रनिंग बंजी, होप स्कॉच, टग आफ वार, मैजिकल मैज, ह्यूमन टैंक आदि साहसिक गतिविधियों का गहन प्रशिक्षण दिया गया।
दो दिवसीय एडवेंचर कैम्प में छात्र-छात्राओं ने न केवल साहसिक खेलों की बारीकियां सीखीं बल्कि एक तरफ भूल भुलैया तो दूसरी तरफ रस्सी में लटकने तथा दीवार पर चढ़ने का अनुभव भी हासिल किया। एक ही मैदान में इतने सारे एडवेंचर स्पोर्ट्स देखकर विद्यार्थियों के चेहरे जहां खुशी से खिल उठे वहीं उनमें कुछ कर गुजरने का विश्वास भी पैदा हुआ।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि एडवेंचर कैम्प मन के डर पर काबू पाने का बेहतरीन तरीका है। साहसिक खेल बच्चों में छिपी प्रतिभा को बाहर निकाल कर उनमें साहस और रोमांच की भावना का विकास करते हैं। इससे बच्चों में निर्णय लेने और जीवन की चुनौतियों से मुकाबला करने की क्षमता पैदा होती है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने एडवेंचर कैम्प के सफल आयोजन के लिए शिक्षकों की तारीफ करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को हर तरह की शिक्षा पुस्तकों से नहीं दी जा सकती। विद्यार्थियों को जितना जरूरी पुस्तकीय ज्ञान है उतना ही जरूरी व्यावहारिक ज्ञान भी है। एडवेंचर कैम्प में विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से छात्र-छात्राओं में जो साहस की भावना पैदा की गई है, वह उनके जीवन भर काम आएगी।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने कहा कि छात्र-छात्राओं के मन से डर निकालने तथा उन्हें साहसी और निर्भीक बनाने के लिए दो दिवसीय एडवेंचर कैम्प का आयोजन किया गया। साहसिक खेल व्यक्तिगत विकास का भाव पैदा करते हैं तथा इनसे छात्र-छात्राओं को अपनी क्षमता का पता लगाने का मौका मिलता है।
संस्कृति विवि और आर्टेमिस अस्पताल के मध्य हुआ महत्वपूर्ण समझौता
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय और आर्टेमिस हास्पिटल गुड़गांव के मध्य एक महत्वपूर्ण समझौते(एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। जानकारी के अनुसार यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य प्रगति के नए द्वार खोलेगा और विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सर्वोत्तम मंच तैयार करेगा।
संस्कृति विश्विविद्यालय में निष्पादित हुए इस महत्वपूर्ण समझौते पर आर्टेमिस अस्पताल की ओर से अस्पताल के प्रतिनिधि फरीद खान और मनोज अरोड़ा व संस्कृति विश्वविद्यालय की ओर से असिस्टेंट रजिस्ट्रीर रवि त्रिवेदी ने हस्ताक्षण किए। संस्कृति स्कूल आफ मेडिकल एवं एलाइड साइंस के विभागाध्यक्ष डा. आरपी जायसवाल ने बताया कि वर्ष 2007 में स्थापित आर्टेमिस अस्पताल, 9 एकड़ में फैला हुआ, 550 से अधिक बिस्तरों वाला अस्पताल है। गुड़गांव में स्थित अत्याधुनिक मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल पहला जेसीआई और एनएबीएच मान्यता प्राप्त अस्पताल है। भारत में सबसे उन्नत अस्पतालों में से एक के रूप में डिज़ाइन किया गया, आर्टेमिस उन्नत चिकित्सा और सर्जिकल हस्तक्षेप, इनपेशेंट और आउटपेशेंट सेवाओं के व्यापक मिश्रण के स्पेक्ट्रम में विशेषज्ञता की गहराई प्रदान करता है। अस्पताल में अपनाई जाने वाली चिकित्सा पद्धतियाँ और प्रक्रियाएँ अनुसंधान उन्मुख हैं और दुनिया में सर्वश्रेष्ठ के मुकाबले बेंचमार्क हैं।
संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एमबी चेट्टी ने इस बात पर प्रकाश डाला कि यह समझौता गुरुग्राम के प्रसिद्ध अस्पताल में विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुसंधान और प्रशिक्षण के लिए सर्वोत्तम सेतु का काम करेगा। समझौते के नियम और शर्तों के अनुसार आगे की प्रक्रिया के लिए संस्कृति विवि की ओर से असिस्टेंट रजिस्ट्रार रवि त्रिवेदी प्रतिनिधि के रूप में काम करेंगे। बताया गया कि समझौते के अनुसार आर्टेमिस अस्पताल ने संस्कृति विवि के विद्यार्थियों, कर्मचारियों और उनके परिवार के सदस्यों को नैदानिक परीक्षणों और उपचार के लिए 10-15% छूट की पेशकश की है।
यातायात व्यवस्था एवं डायवर्जन प्लान
- दिनांक 31.12.2023 को मा0 गृह मन्त्री भारत सरकार एवं मा0 मुख्य मन्त्री हरियाणा सरकार, मा0 उप मुख्यमन्त्री उत्तर प्रदेश सरकार के वात्सल्य ग्राम वृन्दावन आगमन एवं नववर्ष 2024 में श्री बांके विहारी जी के दर्शन हेतु लाखों की संख्या में श्रद्धालुगण कस्वा वृन्दावन में दर्शन एवं परिक्रमा हेतु आते है । जिस उपलक्ष्य में कस्वा वृन्दावन की यातायात व्यवस्था निम्न प्रकार से संचालित होगी
👉 वृन्दावन की यातायात व्यवस्था एवं डायवर्जन प्लान
- छटीकरा से कस्वा वृन्दावन की ओर समस्त प्रकार के भारी / कॉमर्शियल वाहन प्रतिबन्धित रहेगे ।
- छटीकरा-वृदांवन मार्ग पर मल्टीलेबल पार्किंग स्थल से आगे किसी प्रकार का वाहन नहीं जा सकेगा ।
- वैष्णोदेवी पार्किंग से सभी प्रकार के भारी वाहन बडी बसे एवं छोटी बसे वृन्दावन की ओर पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगी ।
- रुकमणि बिहार गोलचक्कर से वृन्दावन की ओर समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
- सुनरख तिराहा प्रेम मन्दिर के पीछे से परिक्रमा मार्ग की ओर सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
- नन्दनवन कट तिराहा से प्रेम मन्दिर तिराह एवं सुनरख तिराहा प्रेम मन्दिर के पीछे की ओर सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
- वृन्दावन कट , पानीगांव चौराहा से वृन्दावन की ओर सभी प्रकार के भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे । आवश्यकतानुसार सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
- पानी घाट तिराहे (यमुना पुल) से परिक्रमा मार्ग की ओर वृन्दावन के लिए सभी प्रकार के वाहन प्रतिबन्धित रहेंगे ।
- पानीगांव चौराहा से सौ-सैया कस्वा वृन्दावन की भारी / कॉमर्शियल एवं ट्रैक्टर आदि वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे । वीआईपी आगमन के समय समस्त प्रकार वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
- ग्राम जैत के पास एनएच-19 कट से रामताल चौराहा की ओर समस्त प्रकार के भारी वाहन/ हल्के वाहन सुनरख रोड / वृन्दावन की ओर कोई वाहन प्रवेश नहीं करेगा ।
- रामताल चौराहा से सुनरख तिराहा वृन्दावन की ओर सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
- गोकुल रेस्टोरेन्ट एनएच-19 से भारी / कामर्शियल वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे । वीआईपी आगमन के समय समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
- मसानी चौराहा से कस्वा वृन्दावन की ओर समस्त प्रकार के भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे , प्राइवेट बसे कॉमर्शियल , चार पहिया / टैम्पू / ई-रिक्सा पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
👉 पार्किंग व्यवस्था
➡️ दिनांक 31-12-2023 एवं 01-01-2024 से 02-01-2024 तक युमना एक्सप्रेस- वे से कस्वा वृन्दावन की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निम्न पार्किंग स्थलों में पार्क कराये जायेंगे ।
- दारुक पार्किंग ।
- TFC मैदान पार्किंग
- पानी गांव पशु पैठ (बड़े वाहन बस, ट्रैक्टर इत्यादि)
- पानी घाट तिराहा पार्किंग ।
- मंडी पार्किंग ।
- शिवा ढावा के सामने
➡️ दिनांक 31-12-2023 एवं 01-01-2024 से 02-01-2024 तक मथुरा शहर की ओर से वृन्दावन को आने श्रद्धालुओं के सभी वाहन निम्नलिखित पार्किंग स्थलों पर पार्क होंगे— - चौहान पार्किंग ।
- मंडी पार्किंग ।
- ITI कॉलेज पार्किंग ।
- पागल बाबा अस्पताल की खाली भूमि गांव धौरेरा ।
➡️ दिनांक 31-12-2023 एवं 01-01-2024 से 02-01-2024 तक NH-19 छटीकरा से कस्वा वृन्दावन की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के सभी वाहन निम्नलिखित पार्किंग स्थलों पर पार्क होगें— - माता वैष्णों देवी मंदिर के सामने पार्किंग-1 (बड़े वाहन)
- माता वैष्णों देवी मंदिर के सामने पार्किंग-2 (बडे वाहन)
- रॉयल भारती मोड़ पार्किंग (छोटे वाहन)
- मल्टीलेबल पार्किंग ।
- प्रेम मंदिर के पीछे सुनरख तिराहा मोड़ पार्किंग ।
- जादौन पार्किंग ।
नोटः- दिनांक 31.12.2023 को मा0 गृहमन्त्री भारत सरकार एवं मा0 मुख्यमन्त्री हरियाणा सरकार, मा0 उप मुख्यमन्त्री उत्तर प्रदेश सरकार के वात्सल्य ग्राम वृन्दावन आगमन एवं नव वर्ष 2024 के अवसर पर कस्वा वृन्दावन में इन सभी प्रतिबन्धों के अलावा फायर सर्विस/एम्बूलेन्स एवं इमरजेन्सी वाहन के लिए आवागमन खुला रहेगा ।
बरसाना में आज से प्रतिबंध होगा वाहनों का प्रवेश
- लाडली जी मंदिर में रहेगी वनवे की व्यवस्था
- मंदिर में भीड़ का दबाव बढ़ने पर श्रद्धालुओ को जयपुर मंदिर से उतारा जाएगा
रिपोर्ट राघव शर्मा
बरसाना: नवबर्ष के चलते बरसाना पुलिस ने तैयारी पूर्ण कर ली है। जिसके चलते भीड़ के आकलन को देखते हुए पुलिस ने लाडली जी मंदिर में वनवे की व्यवस्था की है। वहीं रविवार व सोमवार को बरसाना में वाहनों का प्रवेश प्रतिबंध रहेगा। जिसके चलते पुलिस ने रूट प्लान भी तैयार कर लिया है।

तीर्थ स्थल बरसाना में वैसे तो रोजाना हजारों की संख्या में श्रद्धालु आते है, लेकिन नवबर्ष पर अपनी आराध्य राधारानी के चरणों में मनाने के लिए श्रद्धालुओं का आगमन शनिवार से ही शुरू हो जाएगा। जिसके चलते पुलिस ने भी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी कर ली है। इस दौरान रविवार व सोमवार को लाडली जी मंदिर पर वनवे की व्यवस्था रहेगी। जहां सुदामा चौक की पुरानी सीढ़ियों से श्रद्धालुओ को मंदिर में प्रवेश कराया जाएगा। वहीं नई सीढ़ियों से उन्हें उतारा जाएगा। मंदिर में भीड़ का दबाव बढ़ने पर श्रद्धालुओ को जयपुर मंदिर मार्ग से भी नीचे उतारा जाएगा। बड़ी सिंहपौर पर बेरिकेड्स की व्यवस्था रहेगी। जिससे आने जाने वाले श्रद्धालु एक दूसरे से न मिले। वहीं यातायात व्यवस्था के लिए गोवर्धन की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को नीमगांव तिराह पर रोका जाएगा। छाता से आने वाले वाहनों को बरसाना चौराह पर रोका जाएगा। कोसीकलां से आने वाले वाहनों को नंदगांव तिराहा पर रोका जाएगा। कांमा की तरफ से आने वाले वाहनों को ऊंचागांव पर रोका जाएगा। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि रविवार व सोमवार को वाहनों का प्रवेश बरसाना में पूर्णत प्रतिबंध रहेगा। इस दौरान छोटे बड़े वाहनों को गोवर्धन रोड पर रोका जाएगा। छाता की तरफ के वाहनों को श्रीनगर मोड़ पर रोका जाएगा। नंदगांव की तरफ से आने वाले वाहनों को गाजीपुर पर रोका जाएगा। कांमा की तरफ से आने वाले वाहनों को राधा बाग पर रोका जाएगा। वहीं राणा की प्याऊ व प्रियाकुण्ड तथा कटारा पार्किंग की तरफ से किसी भी वाहन को कस्बे में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा। सिर्फ एंबुलेंस, स्कूल वाहन तथा सरकारी बसों का संचालन कस्बे में होगा। मंदिर रिसीवर रासबिहारी गोस्वामी ने बताया कि मंदिर परिसर में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजामत किए गए है। सुरक्षा गार्डों को दिशा निर्देश दे दिया गया है कि श्रद्धालुओं के साथ अच्छा व्यवहार करे।

