Friday, January 16, 2026
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जीएलए की इंटरनेशनल FDP में जुटे विषय-विशेषज्ञ और शिक्षाविद

जीएलए में सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस आईबीएम के तत्वावधान में आयोजित हुई अपस्किलिंग इंग्लिश पर -इंटरनेशनल एफडीपी, 6 से अधिक देशों के शिक्षकों ने किया प्रतिभाग

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर टीचिंग एवं लर्निंग डेवलपमेंट को सशक्त मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस आईबीएम एवं अंग्रेजी विभाग ने एक अंतर्राष्ट्रीय मंच साझा किया है। इस मंच पर कई देशों के विषय-विशेषज्ञ और शिक्षाविद जुटे। इस दौरान शिक्षकों ने जाना कि किस प्रकार विद्यार्थियों को अंग्रेजी में दक्ष बनाया जाए।

विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग में अपस्किलिंग इंग्लिश विषय पर आयोजित दो दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) में जापान, जर्मनी, हाॅगकांग सहित जीएलए विश्वविद्यालय के शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। एफडीपी का शुभारम्भ प्रबंधन संकाय के निदेशक प्रो. अनुराग सिंह एवं इंटरनेशनल रिलेशन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डाॅ. निर्भय मिश्रा ने सभी विषय-विशेषज्ञ और प्रतिभागियों का एक दूसरे को परिचय कराते हुए की।

ब्रिटिश टिसोल ट्रेनर डाॅ. रफेल ने भाषा के स्किलों को बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि आज अंग्रेजी भाषा के लिए सभी शिक्षकों को तकनीकी प्रयोगों के बारे में जानना बेहद जरूरी है, जिससे कि सभी विद्यार्थियों को उसका ज्ञान हो। आज के समय में छात्र को अधिकतर भाषाओं के साथ अंग्रेजी भाषा का ज्ञान ठीक से होना महत्वपूर्ण है। इसका मुख्य कारण है कि आज समय में जिस एआई जैसी तकनीक सामने आ रही हैं। उन तकनीकों के बेहतर प्रयोग के लिए ही अंग्रेजी की आवश्यकता होगी। आने वाला भविष्य भी अंग्रेजी से ही तय होगा।

डाॅ. डेनी ने इंग्लिश ग्रामर की बारीकी एवं तकनीकी पहलुओं पर ध्यान देते हुए इंग्लिश राइटिंग को और बेहतर बनाने के गुर शिक्षकों को बताए। उन्होंने ऐसे कई शब्दों का उल्लेख किया, जो कि आमतौर पर गलत तरीके से प्रयोग किए जाते हैं और इस प्रकार गलत अर्थ प्रदर्शित करते हैं।

डाॅ. इंगा ने इसी प्रकार ओरल कम्यूनिकेशन की बारीकियों को समझाते हुए बताया कि कैसे हम एक नान इंग्लिश स्पीकर को आसानी से एवं कम समय में स्पीकिंग को अच्छा बनाया जा सकता है। प्रो. इंगा ने मैनेजमेंट शिक्षा के क्षेत्र में चल रहे नये आयामों की चर्चा की एवं बताया कि कैसे सभी को अपने पर्सनल एवं प्रोफेशनल लाइफ में मैनेजमेंट स्किल की आवश्यकता होती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि कैसे मैनेजमेंट शिक्षा का वास्तविक जीवन में उपयोग किया जाए।

जीएलए के प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता एवं डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने इंटरनेशनल एफडीपी के बारे में कहा कि अब जीएलए के छात्रों को विश्वस्तरीय भाषाओं की शिक्षा भी जीएलए में मिल सकेगी। इसके लिए जीएलए का इंटरनेशनल विभाग काफी प्रयासरत है। ऐसी इंटरनेशनल एफडीपी से शिक्षक विश्वस्तर पर बोले जाने वाली अंग्रेजी भाषा का ज्ञान लेकर अपने छात्रों को प्रदान करें।

इंटरनेशनल रिलेशन विभाग के एसोसिएट डायरेक्टर डाॅ. निर्भय मिश्रा ने एफडीपी के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अपस्क्लि द इंग्लिश लैंग्वेज एंड प्रोफेशनल स्किल्स विद 21 सेंचुरी स्किल्स विषय पर आयोजित एफडीपी ब्रिटिश इंपीरियल यूके और जीएलए विश्वविद्यालय के सहयोग से संपन्न हुई। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश इंपीरियल यूके अकादमिक अंग्रेजी और पेशेवर कौशल जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से संकाय सदस्यों, छात्रों और शोधकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का कार्य करती है, जो कि ब्रिटिश सरकार की काउंसिल द्वारा प्रमाणित संस्था है। इसी के माध्यम से ब्रिटिश टिसोल प्रोग्राम के अन्तर्गत आयोजन हुआ।

इस अवसर पर अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डा. रामान्जनेय उपाध्याय, कार्यक्रम के संयोजक डा. सुप्रिया, डा. प्रतीक पाण्डेय, डा. मुकुंद कुमार मिश्र एवं अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।

राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी की छात्राओं ने जीपैट में फहराया परचम

निशा को 99.78 फीसदी तो ज्योति को मिले 93.66 फीसदी अंक

मथुरा। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थान राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के छात्र-छात्राओं ने नेशनल ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूट टेस्ट (जीपैट) में शानदार प्रदर्शन किया है। इस परीक्षा में निशा पाण्डेय ने 99.78 प्रतिशत, ज्योति ने 93.66 प्रतिशत तो भूपेन्द्र सिंह ने 79.28 प्रतिशत अंकों के साथ मास्टर इन फार्मेसी में प्रवेश की पात्रता हासिल की है। निशा पाण्डेय को राष्ट्रीय स्तर पर 139वीं रैंक मिली है।
संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेन्द्र पाठक ने बताया कि राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी की बी.फार्मा अंतिम वर्ष की छात्रा निशा पाण्डेय, ज्योति एवं छात्र भूपेन्द्र सिंह ने नेशनल ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूट टेस्ट (जीपैट) में शानदार सफलता हासिल करते हुए मास्टर इन फार्मेसी में प्रवेश सुनिश्चित किया है। डॉ. पाठक ने बताया कि निशा पाण्डेय ने 99.78 फीसदी अंकों के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 139वीं रैंक हासिल करते हुए समूचे मथुरा जनपद को गौरवान्वित किया है। इसी तरह ज्योति ने 93.66 फीसदी अंकों के साथ 3985वीं रैंक तथा भूपेन्द्र सिंह ने 79.28 प्रतिशत अंकों के साथ 13059वीं रैंक हासिल की।
डॉ. पाठक ने बताया कि मानव संसाधन एवं विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशन में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर जीपैट परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में देशभर के बी फार्मा स्नातक छात्र-छात्राएं प्रतिभाग करते हैं। इस परीक्षा को उत्तीर्ण करने के बाद ही छात्र-छात्राओं को देश के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय संस्थानों से परास्नातक करने का मौका मिलता है तथा मेधावी विद्यार्थियों को सरकार की स्कॉलरशिप योजना का लाभ भी दिया जाता है। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के तीनों विद्यार्थियों ने शानदार सफलता हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर कॉलेज की बेहतर शिक्षा व्यवस्था का प्रमाण दिया है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने तीनों विद्यार्थियों को शानदार सफलता के लिए बधाई देते हुए मास्टर इन फार्मेसी में और बेहतर प्रदर्शन की शुभकामनाएं दी हैं। गौरतलब है कि राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के छात्र-छात्राएं फिलवक्त नाइपर, जामिया, डिप्सार आदि से मास्टर इन फार्मेसी कर रहे हैं।

तीन दिवसीय श्री अक्रूर जी रथयात्रा महोत्सव 15,16 एवं 17 सितंबर को वृंदावन मथुरा में

  • अखिल भारतीय कवि सम्मेलन एवं बॉलीवुड कलाकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगा भव्य आयोजन
  • कार्यक्रम में बॉलीवुड के सितारे एवं अंतरराष्ट्रीय मंच के कवियों को किया जाएगा आमंत्रित
  • अक्रूर मेला के रूप में बनाया जाएगा दो दिवसीय कार्यक्रम
  • जाने-माने ब्रांड के स्टॉल के स्वादिष्ट व्यंजनों एवं बच्चों के झूले मेला में बनेंगे आकर्षण का केंद्र

वृंदावन। श्री अक्रूर जी रथयात्रा महोत्सव समिति की एक बैठक आयोजित की गई। जिसमें विगत वर्ष निकाली गई भव्य रथयात्रा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के समीक्षा की गई एवं 15,16 एवं 17 सितंबर को आयोजित तीन दिवसीय
द्वितीय रथयात्रा महोत्सव की तैयारियों पर चर्चा की गई।
महोत्सव अंतर्गत प्रथम दिन श्री अक्रूर जी महाराज भव्य रथ यात्रा का कार्यक्रम होगा। द्वितीय एवं तृतीय दिन अक्रूर मेले के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया। संस्था के संस्थापक अमित वार्ष्णेय ने बताया कि समाज के मेधावी छात्र छात्राओं को एवं समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले समाज के बंधुओं का एवं वार्ष्णेय समाज के विभिन्न क्षेत्रों में नगर निगम, नगर पालिका, नगर पंचायत में चुने हुए प्रतिनिधियों का सम्मान कार्यक्रम भी किया जाएगा। अध्यक्ष डॉ पुनीत वार्ष्णेय और महामंत्री ऋषि गुप्ता ने बताया कि समाज द्वारा अक्रूर मेला का आयोजन प्रथम बार किया जा रहा है। मेला को और ज्यादा भव्य एवं नए कलेवर के साथ आयोजित करने के बैठक में मौजूद सभी सदस्यों ने अपने अपने सुझाव रखे। सुझावों को ध्यान में रखते हुए तीन दिवसीय कार्यक्रम को मथुरा जनपद ही नहीं उत्तर प्रदेश में इस तरीके के आयोजन की एक मिसाल कायम करने का निर्णय लिया गया। ताकि वार्ष्णेय समाज की एक पहचान लोगों के बीच में जा सके।
बैठक में राजू गुप्ता चावल वाले, विकास वार्ष्णेय, डॉक्टर कपिलेश वार्ष्णेय, सुशील वार्ष्णेय ,जगदीश गुप्ता (चुनमुन ), रवि वार्ष्णेय, विशाल गुप्ता, पवन वार्ष्णेय, अशोक वार्ष्णेय, आलोक गुप्ता, दीपक गुप्ता, हिमांशु वार्ष्णेय, किशोर वार्ष्णेय, उपकार गुप्ता, मोहित गुप्ता, मनोज वार्ष्णेय, गिरीश वार्ष्णेय, हेमलता वार्ष्णेय, निशा गुप्ता, नीता वार्ष्णेय, मालती गुप्ता आदि मौजूद थे

आरआईएस की आराध्या और रौनिका ने फहराया अपनी मेधा का परचम

राष्ट्रीय साइबर ओलम्पियाड में जीता गोल्ड व सिल्वर मेडल

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल की होनहार मेधावी छात्राओं आराध्या सारस्वत और रौनिका नागपाल ने अपनी कुशाग्रबुद्धि का नायाब प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय साइबर ओलम्पियाड में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतकर समूचे मथुरा जनपद को गौरवान्वित किया है। इससे पहले मेधावी छात्रा रौनिका नागपाल अंतरराष्ट्रीय विज्ञान ओलम्पियाड में भी तीसरा स्थान प्राप्त कर चुकी है।
हाल ही में आयोजित राष्ट्रीय साइबर ओलम्पियाड में राजीव इंटरनेशनल स्कूल की होनहार छात्राओं आराध्या सारस्वत और रौनिका नागपाल ने अपनी मेधा और कुशाग्रबुद्धि से न केवल गोल्ड और सिल्वर मेडल जीते बल्कि अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग में भी क्रमशः पांचवां तथा नौवां स्थान हासिल किया। आराध्या सारस्वत गोल्ड तो रौनिका नागपाल सिल्वर मेडल जीतने में सफल रहीं। आराध्या ने जोनल स्तर पर दूसरी तथा इंटरनेशनल स्तर पर पांचवीं रैंक हासिल की। इसी तरह रौनिका जोनल स्तर पर तीसरी तथा इंटरनेशनल स्तर पर नौवीं रैंक हासिल करने में सफल रही। आयोजकों ने आराध्या सारस्वत को रुपये 1250 और गिफ्ट हैम्पर तथा रौनिका नागपाल को रुपये एक हजार तथा गिफ्ट हैम्पर प्रदान कर प्रोत्साहित किया।
आराध्या और रौनिका की शानदार सफलता पर आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए दोनों मेधावी छात्राओं को बधाई देते हुए इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। डॉ. अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए प्रत्येक विषय महत्वपूर्ण है लिहाजा उन्हें अपनी रुचि अनुरूप विषयों का चयन कर हर प्रतिस्पर्धा में शिरकत करना चाहिए।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने दोनों छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि उनकी इस सफलता से समूचा विद्यालय परिवार प्रसन्न है। उम्मीद है कि इसी तरह से वे अन्य प्रतिस्पर्धाओं में भी सफलता हासिल कर अपने जनपद, राज्य तथा माता-पिता का गौरव बढ़ाएंगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि कोई भी प्रतिस्पर्धा हो उसकी सफलता आगे बढ़ने को प्रेरित करती है।
स्कूल की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने दोनों छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल में अध्ययनरत विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ ही उनकी रुचि के अनुरूप राज्य, राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सहभागिता के पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाते हैं, यही वजह है कि वह जिस प्रतियोगिता में सहभागिता करते हैं, वहां उन्हें सफलता जरूर मिलती है।

डॉ. देवेन्द्र पाठक अब जामिया हमदर्द डीम्ड यूनिवर्सिटी दिल्ली में भी देंगे सेवाएं

फार्मेसी शिक्षा को नया मुकाम देना है इनका लक्ष्य

मथुरा। फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक एवं डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम टेक्निकल यूनिवर्सिटी उत्तर प्रदेश के डीन फार्मेसी डॉ. देवेन्द्र पाठक को जामिया हमदर्द डीम्ड यूनिवर्सिटी, हमदर्द नगर नई दिल्ली में अनुबद्ध प्रोफेसर डिपार्टमेंट आफ फार्मास्युटिकल केमेस्ट्री के पद पर नियुक्त किया गया है। अब डॉ. पाठक एक साथ तीन संस्थाओं में फार्मेसी शिक्षा को बढ़ावा देंगे।
जानकारी के अनुसार हाल ही में रजिस्ट्रार आफ जामिया हमदर्द डीम्ड यूनिवर्सिटी, हमदर्द नगर नई दिल्ली द्वारा छह पदाधिकारियों की नई नियुक्ति के आदेश दिए गए हैं जिसमें डॉ. देवेन्द्र पाठक भी शामिल हैं। डॉ. पाठक की जहां तक बात है इन्होंने फार्मेसी शिक्षा के क्षेत्र में दर्जनों पुस्तकें लिखने के साथ इस विषय के विकास के लिए तन-मन से प्रयास किए हैं। डॉ. पाठक की सेवाओं को देखते हुए इन्हें दर्जनों राष्ट्रीय पुरस्कारों से भी नवाजा जा चुका है। अपनी इस नियुक्ति पर डॉ. पाठक का कहना है कि यह एक शासकीय प्रक्रिया है, मुझे तो फार्मेसी शिक्षा को नया मुकाम देना है।
डॉ. पाठक की नियुक्ति पर आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के प्राध्यापकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है। गौरतलब है कि देश में फार्मेसी शिक्षा को आगे बढ़ाने के लिए फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई ) काम कर रही हैं। डॉ. पाठक का कहना है कि फार्मेसी शिक्षा प्रगति पथ पर तेजी से अग्रसर है लेकिन देश में बेहतर गुणवत्ता वाले फार्मेसी शिक्षण संस्थानों के लिए एक स्पष्ट नीति बनाई जाना चाहिए। इसके लिए उच्च फार्मेसी संस्थानों में स्नातकोत्तर शिक्षा तथा अनुसंधान को बढ़ावा देने के साथ-साथ मान्यता तथा गुणवत्ता जैसे मानकों का निर्धारण भी अनिवार्य रूप से किया जाना जरूरी है।
डॉ. पाठक का कहना है कि वह भारत को एक अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त फार्मास्युटिकल केन्द्र बनते देखना चाहते हैं। आज भारत में फार्मेसी की शिक्षा को कई लोगों द्वारा व्यवसाय के अवसर के रूप में देखा जा रहा है। देश के फार्मेसी कॉलेजों में योग्य तथा शिक्षित अध्यापकों की कमी है। इसके साथ ही फार्मेसी स्नातकों द्वारा प्राप्त ज्ञान तथा कौशल और रोजगार की आवश्यकताओं के बीच काफी विसंगतियां भी हैं। देश के फार्मेसी कॉलेजों के बीच वितरण की असमानता भी क्षेत्रीय असंतुलन तथा छात्रों के अंतरराज्यीय प्रवर्जन का प्रमुख कारण बना हुआ है।
डॉ. पाठक का कहना है कि ग्रामीण तथा दूरस्थ इलाकों में फार्मेसी कॉलेजों की अलोकप्रियता ने इस मुसीबत को और बढ़ाया है। इसके अलावा देश के कई फार्मेसी कॉलेज स्नातक टीम के रूप में कार्य करने में असमर्थ हैं तथा उनमें इंटर डिसीप्लीनरी नॉलेज, पर्याप्त व्यावहारिक उन्मुखीकरण तथा मौखिक तथा लिखित कौशल का अभाव है। डॉ. पाठक कहते हैं कि भारतीय समाज में फार्मासिस्ट को उतना सम्मान नहीं मिल रहा, जितना कि उसे मिलना चाहिए। इसका मुख्य कारण फार्मेसी शिक्षा में सौहार्द्रता का अभाव है। यही कमी फार्मासिस्टों के पेशेवर मूल्यों का व्यावहारिक रूप से अवमूल्यन कर रही है।

जीएलए फार्मेसी के पांच छात्रों को जीपैट में सफलता

जीपैट परीक्षा में सफलता पाने वाले छात्रों जीएलए विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा को सराहा

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के फार्मेसी विभाग के 5 छात्रों ने ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टीट्यूट टेस्ट यानि जीपैट में सफलता पायी है। छात्रों ने अपनी सफलता का श्रेय विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा दी जा रही बेहतर शिक्षा को दिया है।

मानव संसाधन विकास मंत्रालय के दिशा-निर्देशन में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर की जीपैट परीक्षा आयोजित की जाती है। इस परीक्षा में फार्मेसी के स्नातक छात्र प्रतिभाग के करते हैं। इस परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले विद्यार्थियों को परास्नातक में आसानी से प्रवेष मिल जाता है। साथ ही सरकार द्वारा दी जाने वाली स्कालरशिप का भी लाभ मिलता है।

इसी परीक्षा में जीएलए के पांच छात्रों ने सफलता हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर जीएलए की बेहतर शिक्षा का प्रमाण दिया है। सफलता हासिल करने वाले छात्रों में भावनी सर्राफ रैंक 1147, दिया वार्ष्णेय रैंक 1266, पराग वाश्र्णेय रैंक 1674, रवि वर्मा 4386 एवं सुरेन्द्र कुमार ने 8870 रैंक हासिल की है। छात्रा दिया वार्ष्णेय ने बताया कि जीएलए विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में क्लास रूम की पढ़ाई से अलग हटकर विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी भी करायी जाती है। इसके लिए विश्वविद्यालय में ट्रेनिंग एंड डेवलपमेंट विभाग की काफी बड़ी टीम है, जो छात्रों के भविष्य को बुनने में जुटी हुई है।

फार्मेसी विभाग के निदेशक डा. अरोकिया बाबू ने बताया कि हर साल पूरे सत्र में एक बार जीपैट परीक्षा करायी जाती है। राष्ट्रीय स्तर के ग्रेजुएट फार्मेसी एप्टिट्यूड टेस्ट (जीपैट) की परीक्षा का आयोजन अब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी कराती है। इस साल 22 मई, 2023 को परीक्षा का आयोजन किया गया था। जिसका परिणाम बीते दिनों जारी हुआ। उन्होंने कहा कि जीपैट सफल छात्र जीएलए में भी एमफार्मा पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश प्रक्रिया चल रही है।

इस सफलता के अवसर पर विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने सफल छात्रों को बधाई दी और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। साथ ही संस्थान के सभी अध्यापकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में और भी छात्र इन छात्रों से प्रेरित होकर जीपैट की तैयारी के लिए कॉम्पटीशन की पढ़ाई में बढचढ़कर प्रतिभाग करेंगे।

राधारानी मंदिर पर गुरुग्राम की महिला श्रद्धालु की चैन तोड़ी

बरसाना: राधारानी मंदिर पर गुरुग्राम की महिला श्रद्धालु की करीब साढ़े तीन लाख रुपये की सोने की चैन कट गयी। चैन कटने के बाद महिला श्रद्धालु के होश उड़ गये। घटना के बाद महिला श्रद्धालु ने तहरीर दी।

मुड़िया पूर्णिमा मेले के दौरान तीर्थ स्थल बरसाना में भी श्रद्धालुओ की भीड़ उमड़ने लगी। सोमवार को गुरुग्राम की रहने वाली महिला श्रद्धालु रविता दर्शन करने के लिए राधारानी मंदिर पहुची। इस दौरान महिला श्रद्धालु ने करीब साढ़े तीन लाख रुपये की सोने की चैन पहन रखी थी। दर्शन के दौरान महिला श्रद्धालु की सोने की चैन कट गयी। जिसके बाद महिला श्रद्धालु के होश उड़ गये। घटना के बाद महिला श्रद्धालु ने थाने में तहरीर दी। बरसाना थाना प्रभारी अरुण कुमार बालियान ने बताया की दर्शन के दौरान महिला श्रद्धालु की चैन गायब हो गयी थी। लाड़ली जी मंदिर के सीसीटीवी फुटैज खंगाले जा रहे है।

बीस सालों से साधु के भेष में रह रहा शातिर गुजरात क्राइम ब्रांच टीम के हत्थे चढ़ा

शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच की टीम भी साधु के भेष में थी

नन्दगांव के कुंजकुटी आश्रम में रह रहा था शातिर अपराधी
शातिर अपराधी पर था गुजरात पुलिस द्वारा पचास हजार का इनाम घोषित
बरसाना: बीस सालों से साधु का भेष धारण करके नन्दगांव में रह रहा हत्यारा गुजरात पुलिस के हत्थे चढ़ा। उक्त हत्यारे पर गुजरात पुलिस द्वारा पचास हजार का इनाम घोषित था। गुजरात पुलिस के क्राइम ब्रांच की टीम उक्त हत्यारे को पकड़ने के लिए तीन दिन तक साधु भेष में नन्दगांव में घूमती रही।

3 सितंबर 2001 को ओडिशा के गंजाम जनपद के रहने वाले पदम उर्फ राकेश पंडा सूरत के उधना इलाके के शांतिनगर सोसायटी में किराये पर रहता था। पदम उर्फ राकेश पंडा यहां भजिया का कारोबार करता था। इस दौरान उसका पड़ोस की रहने वाली महिला से प्रेम प्रसंग हो गया। वहीं सूरत के रहने वाले विजय सचीदास भी उक्त महिला के घर आता जाता था। जो पदम उर्फ राकेश पंडा को नागवार गुजरा। जिसके चलते पदम उर्फ राकेश पंडा ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर पहले विजय सचीदास का अपहरण किया। उसके बाद सूरत के उधना खाड़ी के किनारे ले जाकर हत्या कर दी। तभी से आरोपित पदम उर्फ राकेश पंडा सूरत से फरार होकर मथुरा भाग आया। जिसके बाद पदम उर्फ राकेश पंडा नन्दगांव के कुंजकुटी आश्रम में साधु का भेष बनाकर रह रहा था। उक्त अपराधी पर सूरत पुलिस द्वारा पचास हजार का इनाम घोषित किया। शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए सूरत पुलिस ने कई राज्यों में दबिश दी, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका। बीस साल बाद सूरत की क्राइम ब्रांच टीम को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि उक्त अपराधी साधु के भेष में नन्दगांव में रह रहा है। जिसके चलते सूरत की क्राइम ब्रांच टीम 26 जून को नन्दगांव आ गई। उक्त शातिर अपराधी को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच टीम ने भी साधु व पुजारी का भेष बनाकर पहले उसकी रैकी की। जिसके बाद 28 जून को उसे कुंजकुटी आश्रम में धर दबोचा। थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण बालियान ने बताया कि उक्त आरोपी करीब बीस सालों से नन्दगांव में साधु के भेष में रह रहा था। जिसे गुजरात की क्राइम ब्रांच टीम गिरफ्तार करके ले गई। उक्त आरोपित हत्या के केस में फरार चल रहा था।

संस्कृति विवि के शिक्षकों को बताए शिक्षण के आधुनिक तरीके

मथुरा। विश्वविद्यालय के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन सेल द्वारा स्कूल ऑफ़ एजुकेशन में एक सप्ताह तक चलने वाले फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का ऑनलाइन आयोजित किया गया। एक सप्ताह चले इस कार्यक्रम के दौरान अनुभवी और शिक्षा के क्षेत्र में कई मानदंड स्थापित करने वाले विशेषज्ञों ने संस्कृति विवि के शिक्षकों से आनलाइन संवाद करते हुए उनको आधुनिक तकनीकियों से अवगत कराया। वक्ताओं ने कहा कि विद्यार्थियों को नई शिक्षा नीति से जोड़कर उनके भविष्य को ऊंचाइयों पर लेकर जाना है।
इसमें वक्ताओं ने लर्नर सेंटर्ड एंड इंटरैक्टिव पेडागोगी इन नई एजुकेशन पालिसी 2020 के मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की, इसमें उन्होंने बताया की नई शिक्षा निति से भविष्य में नए -नए मार्ग प्रशस्त होंगे और देश की युवा आबादी जो आज रोजगार के लिए भटक रही है, वही हमारे देश के युवा विश्व स्तर पर अपनी ख्याति से लोगो का ध्यान आकृष्ट करेंगे। विश्व के कई देशों की जितनी जनसंख्या है उतनी जनसँख्या भारत के युवाओं की है। नई शिक्षा निति उद्योग से जोड़ कर छात्रों के विभिन्न कला, कौशल एवं रोजगार से जोड़कर परिकल्पित की गई है। राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी ने भी शिक्षा को हस्त शिल्प कला से जोड़ने एवं छत्रों को रोजगार से जोड़ने के लिए कहाँ था। छात्र केंद्रित शिक्षा प्रणाली से देश एवं समग्र शिक्षा प्रणाली का विकास होगा।
कार्यक्रम के दौरान संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. ऍम.बी. चेट्टी, मुख्य अतिथि प्रोफ. डॉ. चंद्र भूषण शर्मा डायरेक्टर, स्कूल ऑफ़ एजुकेशन IGNOU नई दिल्ली, प्रमुख वक्ता प्रोफ. डॉ. दिनेश चहल शिक्षा संकाय केंद्रीय विश्वविद्यालय हरियाणा, प्रोफ. डॉ. रेनू गुप्ता डीन स्कूल ऑफ़ एजुकेशन, संस्कृति विश्वविद्यालय एवं विभिन्न विश्वविद्यालय एवं कॉलेज के शिक्षक, शोध छात्र, भावी शिक्षक आदि ने भाग लिया।

आईटी कम्पनी कोफोर्ज में चयनित हुए राजीव एकेडमी के पांच विद्यार्थी

छात्र-छात्राओं ने व्यक्त कीं सकारात्मक प्रतिक्रियाएं

मथुरा। आईटी क्षेत्र की बेहतरीन कम्पनियों में शुमार कोफोर्ज ने राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के पांच विद्यार्थियों का उच्च पैकेज में चयन किया है। शिक्षा पूरी करने से पहले ही मिली इस सफलता से सिर्फ छात्र-छात्राएं ही नहीं उनके अभिभावक भी खुश हैं।
ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार हाल ही में आईटी क्षेत्र की कोफोर्ज कम्पनी के पदाधिकारियों ने कैम्पस प्लेसमेंट के माध्यम से राजीव एकेडमी की बीसीए छात्रा आरती भारद्वाज, नन्दिनी खण्डेलवाल, वन्दना राजोरिया, कुनाल सारस्वत तथा बीएससी (सीएस) की हर्षिता शर्मा का बौद्धिक मूल्यांकन करने के बाद उन्हें आफर लेटर प्रदान किए।
कोफोर्ज कम्पनी आई.टी. की पब्लिक कम्पनी है, जिसमें सैकड़ों कर्मचारी कार्यरत हैं। विश्व के 21 देशों में कम्पनी के 25 डिलीवरी सेंटर हैं। यह ग्लोबल डिजिटल कम्पनी है जो अपने लाखों उपभोक्ताओं को आई.टी. की विशेष सेवाएं प्रदान करती है। कम्पनी का हेड क्वार्टर उत्तर प्रदेश के नोएडा में है। आई.टी. कम्पनी में चयनित होने के बाद छात्र-छात्राओं ने सकारात्मक प्रतिक्रियाएं व्यक्त कीं। इनका कहना है कि राजीव एकेडमी में शिक्षा के साथ छात्र-छात्राओं के स्वावलम्बन की तरफ भी ध्यान दिया जाता है। यही वजह है कि यहां जानी-मानी कम्पनियां प्लेसमेंट को आती हैं।
आर.के. एज्यूकेशन ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वर्तमान समय सूचना प्रौद्योगिकी का है, ऐसे में उन्हें कोफोर्ज कम्पनी में सेवा का जो अवसर मिला है, अपनी लगन और मेहनत से उसे ऊंचाई तक पहुंचाएं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान के लिए भी खुशी की बात है कि यहां के छात्र-छात्राएं लगातार श्रेष्ठ कम्पनियों में चयनित हो रहे हैं। संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई दी तथा अन्य विद्यार्थियों से शिक्षण के हर क्षेत्र में अपडेट रहने का आह्वान किया।