पूर्व आईपीएल खिलाड़ी सिद्धार्थ त्रिवेदी 12 अप्रैल से 17 अप्रैल तक क्रिकेट एकेडमी फॉर एक्सीलेंस में आ रहे है और 6 दिन का समर कैंप लेंगे, उनका मकसद मथुरा में नई पौध को सीचना है। सीएई के डायरेक्टर जोरावर सिंह ने बताया कि अब आईपीएल खिलाड़ी सिद्धार्थ त्रिवेदी मथुरा की क्रिकेट एकेडमी फॉर एक्सीलेंस में हेड कोच के रूप में भी जुड़ गए है, और मथुरा के क्रिकेटर्स के लिए बहुत ही सौभाग्य है कि उन्हें इतने अच्छे कोच से सीखने को भी मिलेगा। कोच कुमार विजय और जगदीश अग्रवाल ने कहा कि मथुरा की क्रिकेट अब बहुत अच्छी तरह से आगे बढ़ रही है और हमारा मकसद मथुरा से अब एक भारतीय खिलाड़ी निकालना है। एनसीए स्पेशलिस्ट कैलाश सोलंकी ने कहा कि सिद्धार्थ त्रिवेदी मणिपुर के भी बोर्ड ट्रॉफी अंडर 23 के इस साल कोच रहे है, और अब मथुरा के खिलाड़ियों को भी सिखाने आ रहे है, ज्यादा से ज्यादा बच्चे इस कैंप का लाभ ले और आईपीएल खिलाड़ी का अनुभव और उनका अपार ज्ञान लेने की कोशिश करे, जिससे मथुरा को भी जल्दी अच्छे स्तर पर खिलाड़ी खेलते हुए मिले ।
जब कल्याण सिंह ने नवल नलकूप की प्रशंसा की
विजय गुप्ता की कलम से
मथुरा। 7 जुलाई 1994 की अर्धरात्रि के बाद नवल नलकूप के संस्थापक एवं महान देशभक्त स्व. लाला नवल किशोर गुप्ता ने अपनी देह त्यागी। उसके चार-पांच दिन बाद राम जन्मभूमि आंदोलन के महानायक श्री कल्याण सिंह लाला जी के निवास पर पहुंचे तथा अपनी श्रद्धांजलि देते हुए उनके द्वारा स्थापित नवल नलकूप की प्रशंसा करते हुए कहा कि लाला जी द्वारा लगाया गया नलकूप मथुरा के लिए वरदान साबित हो रहा है। उन्होंने लाला जी द्वारा देश की आजादी में दिए अपने योगदान की भी प्रशंसा की तथा कहा कि लालाजी हमेशा याद किए जाएंगे।
उल्लेखनींय है कि कल्याण सिंह जी के दो-तीन दिन बाद, उत्तर प्रदेश के तत्कालीन राज्यपाल स्व. श्री मोतीलाल वोरा ने भी स्वतंत्रता सेनानी लाला नवल किशोर जी के निवास पर पहुंचकर उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित किए। उक्त दोनों महामहिमों की संस्तुति के पश्चात लालाजी की कर्म स्थली वाली सड़क का नाम "लाला नवल किशोर मार्ग" तथा क्षेत्रीय पुलिस चौकी का नाम "पुलिस चौकी लाला नवल किशोर" रखा गया।
नवल नलकूप आज मथुरा नगर की शान बना हुआ है। लगभग आधे शहर की प्यास लाला जी द्वारा स्थापित इसी नलकूप के शीतल जल से बुझ रही है जो लाला जी के पुण्य प्रताप का परिणाम है।
मथुरा – लोकसभा चुनाव में 7वीं से पीएचडी करने वाले प्रत्याशी आजमा रहे अपना भाग्य, 15 प्रत्याशी मैदान में, देखिए नियो न्यूज़ की विशेष रिपोर्ट
मथुरा जनपद में हो रही लोकसभा चुनाव को लेकर 16 प्रत्याशियों ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए थे, जिसमें से 15 नामांकन सही पाये गये, इनमें कुछ प्रत्याशी पार्टी के हैं तो बाकी निर्दलीय उम्मीदवार हैं, नियो न्यूज़ द्वारा यह प्रयास किया गया कि आखिरकार कौन सबसे युवा प्रत्याशी इस लोकसभा के चुनाव में हैं, इसी कड़ी मे मथुरा जनपद के महोली रोड के रहने वाले रवि वर्मा सबसे युवा प्रत्याशी हैं, जिनका जन्म 1 मई 1995 को हुआ है, इसी के साथ दूसरे स्थान पर शिखा वर्मा हैं जिनका जन्म 22 जुलाई 1990 को हुआ जो की वृंदावन की रहने वाली हैं, कमल कांत शर्मा का जन्म 1 दिसंबर 1989 को हुआ जो की होली गेट के रहने वाले हैं, इसी के साथ-साथ कांग्रेस प्रत्याशी मुकेश धनगर 21 अगस्त 1987 के जन्मे हैं, भानु प्रताप जो कि निर्दलीय प्रत्याशी हैं उनका जन्म 16 फरवरी 1985 को हुआ है।
इसी तरह से टॉप फाइव में सबसे उम्रदराज प्रत्याशी की बात करें तो पहले नंबर पर मौनी फलाहरी बाबा हैं जो की गुहारी छाता के रहने वाले हैं, इनका जन्म 1 जनवरी 1945 को हुआ है, दूसरे स्थान पर वर्तमान सांसद और भाजपा की प्रत्याशी हेमा मालिनी हैं जिनका जन्म 10 अक्टूबर 1948 को हुआ है, मुंबई तथा हाल निवासी वृंदावन की रहने वाली हेमा मालिनी तीसरी बार सांसद का चुनाव लड़ रही हैं, वहीं तीसरे स्थान पर हैं राष्ट्रीय समता विकास पार्टी के प्रत्याशी विष्णु पुरी निवासी जगदीश प्रसाद जिनका जन्म 15 फरवरी 1952 को हुआ है, इसी के साथ चौथे स्थान पर हैं बलदेव क्षेत्र के रहने वाले प्रवेशानंद महाराज जो कि निर्दलीय प्रत्याशी हैं जिनका जन्म 1 जनवरी 1967 को हुआ है, इसी के साथ-साथ बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी सुरेश सिंह 15 नवंबर 1961 को जन्मे हैं।
अब बात करते हैं सबसे ज्यादा शिक्षित और साक्षर व्यक्ति की, सबसे अधिक यदि साक्षर व्यक्ति की बात करें तो कानपुर की रहने वाली निर्दलीय प्रत्याशी रश्मि यादव पीएचडी है, इसी के साथ दूसरे स्थान पर राष्ट्रीय समता विकास पार्टी के प्रत्याशी जगदीश प्रसाद कौशिक हैं जो की एमएलएलबी हैं, इसी के साथ तीसरे स्थान पर कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी मुकेश धनगर हैं जो की मास्टर ऑफ़ आर्ट्स हैं, वहीं बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी सुरेश सिंह की शिक्षा ग्रेजुएट तथा वह पूर्व में आईआरएस अधिकारी रह चुके हैं, वहीं दूसरी ओर यदि बात करें शिक्षा की एक बार फिर तो वर्तमान सांसद हेमा मालिनी मैट्रिक पास हैं तथा मानद उपाधि से सम्मानित हैं।
वहीं सबसे कम पढ़े-लिखे होने की बात करें तो मौनी फलाहरी बाबा हैं जो की मात्र साक्षर हैं, इसी के साथ-साथ प्रवेशानंद महाराज कक्षा 7 पास हैं, यह सभी प्रत्याशी वर्तमान में सांसद के चुनाव में अपना भाग्य आजमा रहे हैं। इसी कड़ी में निर्दलीय प्रत्याशी योगेश तालान स्नातक, बहुजन मुक्ति पार्टी के प्रत्याशी छत्रपाल सिंह ग्रेजुएट, राष्ट्रीय शोषित समाज पार्टी के प्रत्याशी सुरेश चंद बघेल 8वीं पास हैं तथा निर्दलीय प्रत्याशी राकेश कुमार जो की हाथरस के रहने वाले हैं वह इंटर पास हैं।
पांच वर्षीय बच्चे के साथ बाल अपचारी ने किया कुकर्म
बरसाना। थानांतर्गत के गांव में बाल अपचारी ने पांच वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म कर दिया। पिता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपी को गिफ्तार कर लिया। पीड़ित को मैडिकल जांच को भेज दिया। जबकि घटना की जांच को एसडीएम सीओ थाना पहुंचे।
बाल अपचारी हिरासत लिया, पीड़ित को मैडिकल जांच को भेजा
बरसाना के निकटवर्ती गांव में 15 वर्षीय बाल अपचारी ने गांव के पांच वर्षीय बच्चे को मामाजी के पास ले जाने की कहकर बहाल फुसला कर ले गया और उसके साथ कुकर्म कर दिया। पीड़ित ने अपने साथ हुई घटना की जानकारी घर बालों को दी। पीड़ित के पिता ने आरोपी बच्चे के खिलाफ थाना बरसाना में तहरीर दी। थाना प्रभारी अरविंद निर्वाल ने तहरीर के आधार पर आरोपी बाल अपचारी को हिरासत में ले लिया। वहीं पीड़ित को मैडिकल जांच को भेज दिया। 5 वर्षीय बच्चे के साथ कुकर्म की जानकारी होने पर एसडीएम व सीओ थाना परिसर में घटना की जांच को पहुंचे।
रिपोर्ट राघव शर्मा
एक घायल गाय जिसे हम नाव में रख कर लाए
विजय गुप्ता की कलम से
मथुरा। बात लगभग बीस पच्चीस वर्ष पुरानीं होगी। गऊ चारण से एक या दो दिन पहले का मामला है। उस दिन मंगलवार था। मंगलवार की याद इसलिए है कि मैं प्रत्येक मंगलवार को असकुंडा घाट स्थित अपने कुलदेव श्री नृसिंह जी के मंदिर में दर्शन करने जाता हूं।
गुसाईं पेड़े वाले के सामने संतघाट पर यमुना किनारे मुझे कुछ लोगों की भीड़ नजर आई। जिज्ञासावश मैं वहां गया तो जो दृश्य देखा उसे देख मेरा कलेजा सा फट गया। वहां एक गाय जो ठीक-ठाक डीलडौल की थी, यमुना जी के किनारे पर खड़ी हुई थी। उसके गले से लेकर टुन्डी तक का पूरा हिस्सा जो लगभग ढाई तीन फुट का होगा, फटा पड़ा था और उसमें से थोड़ा थोड़ा खून भी टपक रहा था।
मैंने पता किया कि यह कैसे हुआ? तो लोगों ने बताया कि रात में यमुना में अचानक बाढ़ आई और यह गाय कहीं से बह कर आ गई तथा घाट के किनारे लग गई। उसके बाद यमुना किनारे के शिकारी कुत्तों ने नौंच नौंच कर यह दुर्दशा कर डाली। उस समय दोपहर का वक्त था। मैं जल्दी से भागकर मंदिर में गया तथा नृसिंह भगवान की देहरी पर माथा टेका और फिर तुरंत वहीं लौट आया।
मैंने सोचा कि इसे घर ले चलना चाहिए ताकि इसकी रक्षा हो सके किंतु समस्या ऐसी विकराल कि मेरा प्लान फेल क्योंकि घाट से ऊपर यानी सड़क तक पहुंचने के लिए छोटी-छोटी और ऊंची ऊंची यानी एकदम खड़ी ऐसी विचित्र सीढ़ियां थीं कि गाय की बात तो दूर इंसान भी बहुत संभल संभल कर ऊपर चढ़ते थे। इससे भी ज्यादा खराब बात यह थी कि उस घाट से दूसरे घाट पर भी नहीं ले जाया जा सकता था क्योंकि यमुना जी की रेती का पहाड़ सा दोनों और खड़ा हुआ था। अब तो मैं बड़ी मुश्किल में पड़ गया कि क्या करूं कैसे करूं? यह भी मन गवारा नहीं कर रहा था कि भगवान के नाम पर इसे इसी दशा में छोड़कर चला जाऊं क्योंकि दिन ढलते ही शिकारी कुत्ते उसकी जो दशा करेंगे उसकी कल्पना मात्र से सिहरन होने लगी।
इसके लिए मेरे दिमाग में एक युक्ति आई कि कुछ लोगों की मदद से इसे नाव के द्वारा किसी दूसरे घाट पर ले जाकर फिर वहां किसी वाहन की व्यवस्था करके घर तक ले जाया जाय। मैं फटाफट अपने घर पर आया तथा दो तीन कर्मचारियों को साथ लेकर वापस वही पहुंच गया।
अब फिर समस्या खड़ी हो गई कि कोई नाव वाला गाय को अपनीं नाव में रखने को तैयार नहीं। खैर यमुना मैया की कृपा से एक नाव वाला ऊने दूने पैसों के लालच में गाय को अपनीं नाव में रखकर दूसरी जगह पहुंचाने को तैयार हो गया। इसके बाद दस बारह लोगों की मदद से उस गाय को जैसे-तैसे नाव में रखा और कंपू घाट स्थित पुलिस चौकी के पास स्थानींय लोगों की मदद से उतारा। गाय की हिम्मत इतनी जबरदस्त थी कि उस स्थिति में भी वह बेचारी कुछ दूर चली और उसके बाद उसकी सामर्थ जवाब दे गई। जहां तक गाय चली वह जगह ऐसी थी कि वहां पर वाहन आ सकता था। इसके बाद मैंने माल ढोने वाले टेंपो की व्यवस्था की तथा गाय को घर ले आया।
गाय के घर आते ही मैंने वेटरनरी कॉलेज के डॉक्टर रुद्र प्रताप पांडे को फोन करके सारी स्थिति बताई। डॉक्टर पांडे वही हैं जिनकी चर्चा मैंने पिछले लेख में की थी। मैं अपनी बात को फिर दोहराऊंगा कि ये केवल पशुओं के डॉक्टर ही नहीं बल्कि घायल पशुओं के मसीहा हैं। मैंने पशु चिकित्सक तो बहुत देखे पर इनके जैसा कोई नहीं देखा। यह न सिर्फ अत्यंत अव्वल दर्जे के काबिल हैं बल्कि इनके अंदर सेवाभाव वाली काबिलियत भी बड़ी जबरदस्त है बोलते कम हैं किंतु लगन शीलता बहुत ज्यादा है।
खैर अब मैं आगे बढ़ता हूं थोड़ी देर में डॉक्टर पांडे आ गए उन्होंने कुछ इंजेक्शन ग्लूकोज की बोतलें व अन्य जरूरी दवाई मंगाई और अपना काम शुरू कर दिया। इस उपचार के कार्य में हमारे घर वालों ने भी बड़ी मदद की कोई गाय को चढ़ने वाले ग्लूकोस की बोतल लेकर खड़ा रहा कोई गाय के पैरों को पकड़ने लगा। कहने का मतलब है परिजनों ने भी पूरी मदद की। इसके अलावा आसपास के कुछ दयावान लोग भी मदद को आ गए।
रात गहराने लगी फिर भी डॉक्टर पांडे ने कोई परवाह नहीं की तथा फटे हुए पूरे हिस्से को अनगिनत टांके लगाकर ऐसी सिलाई की कि मानो जादू सा कर दिया। सिलाई के दौरान व बाद में गाय बार-बार पैर चलाती थी, इसलिए हम लोगों ने गाय के चारों पैरों को रस्सी से बांध दिया ताकि पैर चलाने पर कहीं टांके न टूट जांय। इसके बाद डॉक्टर पांडे अपने घर चले गए और हम सभी ऊपर आकर सो गए।
सुबह सुबह आकर जो मैंने गाय की स्थिति देखी तो उसे देखते ही बड़ी जबरदस्त कोफ्त हुई। यानी कि हम सभी लोगों के किए कराये पर पानीं फिर गया। क्योंकि चूहों ने सभी टांके कुतर डाले और जैसा काम कुत्तों ने किया कुछ कुछ वैसा ही काम चूहों ने कर डाला। उस समय मेरे ऊपर जो बीती वह मैं ही जानता हूं। अगले दिन वह गाय मर गई।
इस सब घटनाक्रम ने मुझे झकझोर कर रख दिया और ऐसा लगा जैसे मेरे ऊपर बहुत बड़ा वज्रपात सा हो गया क्योंकि सब कुछ किया कराया मिट्टी में मिल गया। इससे अच्छा तो यह रहता कि मैं उस गाय को घर में लाकर उसी कंडीशन में जब तक वह जिंदा रहती सेवा करता रहता क्योंकि खाल में टांके लगने की असहनींय पीड़ा से बच जाती।
यदि मेरे दिमाग में चूहों वाले खतरे की बात जरा भी आ जाती तो भले ही पूरी रात जागकर उसकी रखवाली करनी पड़ती तो भी शायद करता किंतु ईश्वर ने जो कुछ पहले ही तय कर रखा था वही हुआ। आज भी मुझे उस बेचारी गाय की दुर्गति होने का बहुत दुःख है। साथ ही अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर सकने का मलाल भी कम नहीं।
कोसीकलां – भाजपा के स्थापना दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई का भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया अपमान
भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं द्वारा पार्टी का स्थापना दिवस कोसीकलां के बलदेव गंज सरकारी स्कूल में एक दिन पूर्व मनाया गया, जिसमें भाजपा नेता धर्मवीर अग्रवाल सहित एवं अन्य उभरते हुए युवा नेता भी इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए, कार्यक्रम प्राथमिक विद्यालय बलदेवगंज के बूथ पर रखा गया लेकिन जहां एक तरफ अन्य बड़े संस्थापक सदस्यों के चित्र पर माल्यार्पण किया गया तो वहीं पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई जिनका की सम्मान सभी पार्टियों के नेता करते हैं उनकी तस्वीर को एक तरफ साइकिल के स्टैंड पर रख दिया गया, अब यह तस्वीर सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है कि आखिरकार अपने ही भाजपा के एक बड़े नेता का किस तरह से पार्टी के युवा एवं कर्मठ बताने वाले कार्यकर्ताओं ने अपमान किया है फिलहाल कोई भी भाजपा नेता इस संबंध में कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को टीमएमपी ने दी नौकरी
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के बीबीए, बी.काम.,बीएससी के 11 विद्यार्थियों को टीमएमपी रिसर्च वर्क प्राइवेट लि. ने रिसर्च एक्सीक्यूटिव पद के लिए चयनित किया है। चयनित विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं हैं।
संस्कृति प्लेसमेंट एंड ट्रेनिंग सेल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार सभी विद्यार्थियों को कंपनी ने तीन चरणों में हुए आनलाइन इंटर्व्यू के बाद चयनित किया है। कंपनी की एचआर शिप्रा अरोड़ा द्वारा बताया गया कि 2022 में स्थापित कंपनी ने अपने लगभग दो साल के कार्यकाल में तेजी से प्रगति की है। कंपनी शोध कार्यों में अपनी सेवा देती है। कंपनी द्वारा संस्कृति विश्वविद्यालय की बी.काम.की छात्रा अंजली कुमारी, ईशा कौशिक, एनुगुंडवा कागुवी, पेट्रोन मोयो, नहिका अग्रवाल, प्रियांशी चौरसिया, प्रियंका सिंह, छात्र ऋषभ जैन, बीबीए की छात्रा चेतना अग्रवाल, बीएससी की छात्रा तिशा शर्मा, ऋतु सिंह को नौकरी दी गई है।
क्विज प्रतियोगिता में समृद्धि, प्राज्ञवंशी, रूपाली की मेधा का फहरा पर चमके.डी. मेडिकल कॉलेज में आयोजित हुई आईएपीएसएम डब्ल्यूएचडी प्रश्नोत्तरी
मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा बुधवार को इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एण्ड सोशल मेडिसिन (आईएपीएसएम) के तत्वावधान में मेडिकल छात्र-छात्राओं के लिए आईएपीएसएम विश्व स्वास्थ्य दिवस क्विज-2024 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस क्विज प्रतियोगिता में के.डी. मेडिकल कॉलेज की 2020 सत्र की एमबीबीएस छात्राओं समृद्धि मोदानी, प्राज्ञवंशी त्यागी तथा रूपाली गुलाटी की टीम ने अपनी मेधा का परिचय देते हुए विजेता होने का गौरव हासिल किया। अपार मलिक, अतुलित जाखड़ तथा सनी यादव की टीम दूसरे स्थान पर रही।
आईएपीएसएम विश्व स्वास्थ्य दिवस क्विज-2024 प्रतियोगिता का आयोजन के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर गोयल (आचार्य) तथा एमएस डॉ. राजेन्द्र कुमार (आचार्य) के नेतृत्व तथा नोडल अधिकारी डॉ. शुभादीप बाग, डॉ. सूरवीर, डॉ. प्रशांत, डॉ. अंकुर, डॉ. अमनदीप के सहयोग से किया गया। विभागाध्यक्ष डॉ. गौरीशंकर गोयल ने बताया कि इंडियन एसोसिएशन ऑफ प्रिवेंटिव एण्ड सोशल मेडिसिन (आईएपीएसएम) का मुख्य उद्देश्य विशिष्ट स्वास्थ्य समस्याओं पर राष्ट्रीय स्तर पर जागरूकता पैदा करना तथा मेडिकल छात्र-छात्राओं को संवेदनशील बनाना है। डॉ. गोयल ने बताया कि इस साल का थीम मेरा स्वास्थ्य, मेरा अधिकार है।
नोडल अधिकारी तथा क्विज प्रतियोगिता के समन्वयक डॉ. शुभादीप बाग ने बताया कि यह प्रतियोगिता दो चरणों में हुई। एलिमिनेशन राउंड में प्रदर्शन के आधार पर चार टीमों को अंतिम राउंड के लिए चुना गया। क्विज प्रतियोगिता का अंतिम राउंड सोमवार को हुआ जिसमें समृद्धि मोदानी, प्राज्ञवंशी त्यागी तथा रूपाली गुलाटी की टीम विजेता तथा अपार मलिक, अतुलित जाखर और सनी यादव की टीम उप-विजेता रही। कनिका, ख्याति तथा लक्षी की टीम को तीसरा स्थान मिला। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर विजेता-उप विजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफियां प्रदान की गईं। इस अवसर पर एमएस डॉ. राजेन्द्र कुमार ने सभी विजेता-उप विजेता छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर के.डी. मेडिकल कॉलेज का नाम गौरवान्वित करने की शुभकामनाएं दीं।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. रामकुमार अशोका ने विजेता तथा उप-विजेता टीमों के छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि मेडिकल छात्र-छात्राएं स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र के सैनिक हैं। इन पर स्वस्थ राष्ट्र के संकल्प को पूरा करने का दायित्व है। के.डी. मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय आईएपीएसएम विश्व स्वास्थ्य दिवस क्विज प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि वह हर चुनौती को तैयार हैं।
बहला-फुसलाकर युवक हुआ युवती को लेकर फरार
नौहझील- नौहझील कस्बा निवासी एक युवक पड़ोस में रहने वाली युवती को अपनी बातों में बहला-फुसला कर फरार हो गया।युवती के पिता ने युवक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस से मदद की गुहार लगाई है।
जानकारी देते हुए युवती के पिता ने बताया कि पड़ोस का रहने वाला युवक उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर भगा ले गया है।जिसकी शिकायत युवक के परिजनों से करने पर परिजनों ने गाली-गलौज करते हुए मारपीट कर दी।घटना के संबंध में नामजद युवक के खिलाफ तहरीर दी है।
जानकारी देते हुए इंस्पेक्टर शैलेन्द्र सिंह ने बताया कि युवती के पिता की तहरीर पर युवक राजेश के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश की जा रही है।
रिपोर्ट-कपिल अग्रवाल
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क का निवास, वीपीएस में मनाया गया विश्व स्वास्थ्य दिवस
वृंदावन। स्वास्थ्य ही धन है।
स्वस्थ शरीर में ही स्वस्थ मस्तिष्क निवास करता है। स्वस्थ शरीर के लिए आहार व व्यायाम नितान्त आवश्यक हैं। इसी परिकल्पना को साकार रूप देने के लिए मथुरा मार्ग स्थित वृन्दावन पब्लिक स्कूल में विश्व स्वास्थ्य दिवस बड़े ही मनोयोग से मनाया गया। जिसमें छात्रों को स्वस्थ रहने के गुणों का परिचय कराया गया।
प्रार्थना सभा की शुरुआत देशी आहार के महत्व को बताते हुए गीत जागो जनमानस जागो जीत से हुआ जिसमें अनाज, गेहूं, जौ, बाजरा, मक्का के प्रयोग व प्रकृति संरक्षण का सन्देश दिया गया।
कक्षा दस की छात्रा उन्नति गौर ने दैनिक दिनचर्या का एक स्वस्थ मनुष्य के जीवन में योगदान विषय पर कुछ टिप्स छात्रों के साथ साझा किए। खेल विभाग से भारतभूषण उपाध्याय के निर्देशन में समस्त छात्रों ने कपाल भाति, अनुलोम विलोम, प्राणायाम, आसन, योग, ध्यान व सूर्य नमस्कार किया।

इसी क्रम में कक्षा दस के छात्र व छात्राओं में खुशी अग्रवाल के नेतृत्व में एक लघु नाटिका का मंचन किया। जिसमें स्वास्थ्यवर्धक भोजन व फास्ट फूड से शरीर पर पड़ने वाले प्रभावों को बताया गया। प्रार्थना सभा में समस्त छात्रों ने स्वस्थ भारत स्वच्छ भारत का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के सफल संयोजन में सीमा पाहूजा, अंजना शर्मा, वंदना कौशिक, सर्वदा वर्मा, निधि गौर, हेमलता वर्मा, पंकज चौहान, शिवानी वर्मा आदि मौजूद रहीं।

