Friday, January 9, 2026
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सूचना संरक्षण और सुरक्षा पर जीएलए में कार्यशाला

  • जीएलए के पुस्तकालय विभाग द्वारा आयोजित हुई कार्यशाला में कम्प्यूटर इंजीनियरिंग विभाग का मिला सहयोग

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के पुस्तकालय विभाग द्वारा सूचना संरक्षण एवं सुरक्षा विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कम्प्यूटर इंजीनियरिंग एंड एप्लीकेशन विभाग के सहयोग से आयोजित हुई कार्यशाला में साइबर सुरक्षा और डिजिटल फोरेंसिक में अनुसन्धान को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

कार्यशाला के मुख्य अतिथि एवं विषय विशेषज्ञ रिभु नाथ लवानियां ने डिजिटल प्लेटफार्म पर धोखाधड़ी से बचने के समुचित संसाधनों के सदुपयोग के बारे में जानकारी दी। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि बैंक, ई-मेल, स्पैम कॉल, सोशल मीडिया आदि के माध्यम से तीव्र गति से हो रहे साइबर अपराधों से समाज व खुद को सुरक्षित करने का एक सरल उपाय यह है कि किसी भी परिपक्वता के बिना अपनी गोपनीय जानकारी बिना किसी विशेषज्ञ से सलाह लिए बगैर साझा न करें। साथ ही उन्होंने कहा कि परिदृश्य को समझकर और अपने हाइब्रिड परिवेश में महत्वपूर्ण डेटा की पहचान करें। जोखिम भरे व्यवहार का पता लगाएं और संवेदनशील जानकारी को आकस्मिक रूप से साझा करने से रोकें। अपने डेटा को नियंत्रित करें स्वचालित रूप से डिलीट विकल्प को बनाए रखें और डेटा और रिकॉर्ड्स को सुरक्षित तरीके से संग्रहीत करें। अपनी एवं अपने परिवारजन की कोई भी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अपने गुप्त पासवर्ड एवं ओटीपी आदि किसी को न बताएं। अपने पासवर्ड एवं दूसरी गुप्त जानकारी अपने कम्प्यूटर, ब्राऊजर आदि पर सेव न करें। अपने गुप्त पासवर्ड को सुरक्षित करने के लिए विभिन्न शब्द अंक एवं दूसरी विधि का प्रयोग करें और उसको नियमित अंतराल पर बदलते रहें।

पुस्तकालयाध्यक्ष डा. राजेश कुमार ने सभी छात्रों और कार्यशाला में आये हुए अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि कार्यषाला का मुख्य उद्देश्य साइबर सुरक्षा और डिजिटल डेटा में अनुसंधान को बढ़ावा देना था। कार्यशाला में डेटा संग्रह उपकरण, खतरे की आहट का जानकारी के लिए डेटा स्कैनिंग तकनीक, डेटा एनालिटिक्स, मेमोरी के लिए फोरेंसिक टूल, मोबाइल फोन, नेटवर्क, इंटरनेट ऑफ थिंग्स जैसे विषयों के बारे में छात्रों और शिक्षकों के साथ जानकारी साझा की।

कार्यशाला समन्वयक अभय वशिष्ठ ने दैनिक जीवन में नई-नई तकनीक प्रयोगों पर चर्चा की और बताया कि छात्रों द्वारा अर्जित कौशल और क्षमताएं उनके पेशेवर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण होंगी। हम अपने छात्रों को न केवल शिक्षार्थियों के रूप में, बल्कि नागरिक के रूप में भी शिक्षित करना चाहिए। इसलिए, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम में सर्वोत्तम प्रथाओं और सिद्धांतों को अपनाना महत्वपूर्ण है।
कार्यशाला के समापन पर पुस्तकालयाध्यक्ष डा. राजेश कुमार ने मुख्य अतिथि रिभु नाथ लवानियां एवं अभय वशिष्ठ को डा. शिव सिंह ने स्मृति चिन्ह् भेंटकर सम्मानित किया।

मथुरा रिफाइनरी ने प्रदेश के मुख्य अग्निशमन अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया

मथुरा | मथुरा रिफाइनरी के अग्नि एवं सुरक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश अग्निशमन सेवा के नवनियुक्त मुख्य अग्निशमन अधिकारियों के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन कियाl दिनांक 6 फरवरी 2024 को मथुरा रिफाइनरी द्वारा फील्ड विजिट प्रशिक्षण कार्यक्रम की व्यवस्था की गई और यूपी अग्निशमन सेवा के नवनियुक्त ग्यारह मुख्य अग्निशमन अधिकारियों ने इसमे हिस्सा लिया| प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उनके साथ सीएफओ-प्रशिक्षण श्री रामराज यादव भी थे। कार्यक्रम का उद्घाटन श्री नरेंद्र प्रताप सिंह, सीएफओ, मथुरा की उपस्थिति में किया गया और इसमें मथुरा फायर स्टेशन के अग्निशमन दल और अग्निशमन अधिकारी भी उपस्थित थे।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में कक्षा प्रशिक्षण और क्षेत्र का दौरा शामिल था, जहां मथुरा रिफाइनरी के संचालन के साथ ही रिफाइनरी द्वारा उपयोग की जा रही अग्नि सुरक्षा प्रणाली और आपातकालीन तैयारियों के बारे में श्री रजनीश तिवारी, उपमहाप्रबंधक (अग्नि एवं सुरक्षा विभाग- मथुरा रिफाइनरी) द्वारा जानकारी साझा की गई ।

राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं को बताए तकनीकी कौशल के फायदे

  • उभरती हुई तकनीक और करिअर पर हुआ अतिथि व्याख्यान

मथुरा। समय के साथ शिक्षा प्रणाली भी बदल रही है। अब पुस्तकीय ज्ञान के साथ ही जिसमें तकनीकी कौशल होगा उसे करिअर बनाने में आसानी होगी। आज के समय में कोई भी युवा नए आईटी कौशल तथा तकनीकी ज्ञान में इजाफा कर आसानी से अपना करिअर संवार सकता है। यह बातें गुरुवार को सॉफ्टवेयर एण्ड ए.आई.एम.एल. इंजीनियर प्रदीप कुमार ने राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के एमबीए और एमसीए के छात्र-छात्राओं को बताईं।
राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट द्वारा उभरती हुई तकनीक और करिअर विषय पर आयोजित अतिथि व्याख्यान में सॉफ्टवेयर एण्ड ए.आई.एम.एल. इंजीनियर प्रदीप कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि आज के समय में जो लोकप्रिय तकनीक हैं, वे करिअर निर्माण में बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में मशीन लर्निंग, यूएक्स डिजाइनर, रोबोटिक्स इंजीनियरिंग डेटा वैज्ञानिक आदि ऐसी तकनीकें हैं जिन्हें सीखकर छात्र-छात्राएं अपने करिअर को ऊंची उड़ान दे सकते हैं।
अतिथि वक्ता ने कहा कि आज केवल प्रौद्योगिकी ही नहीं बल्कि उसके साथ नए-नए कौशलों का चलन भी बढ़ता जा रहा है लिहाजा विद्यार्थियों को इन्हें सीखना चाहिए। उन्होंने हाइब्रिड रिमोट वर्क स्ट्रक्चर की विस्तार से चर्चा करते हुए डेटा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और इंटरनेट आफ थिंग्स जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियों को उत्तम तथा नई टेक्नोलॉजी की नींव बताया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी हर उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जैसे-जैसे नवाचार तकनीकी कौशल की बढ़ती मांग को प्रेरित करता है, आईटी में करिअर पहले से कहीं अधिक व्यवहार्य हो गया है। सच कहा जाए तो अब भविष्य के कौशल हासिल करने और आईटी करियर के साथ आने वाले रोमांचक अवसरों का लाभ उठाने का सही समय है।
अतिथि वक्ता प्रदीप कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि उभरते तकनीकी करिअर को समझने और उसमें काम करने के लिए आपको हमेशा औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। जिस नौकरी की भूमिका में आपकी रुचि है, उस पर शोध करके शुरुआत करें। जिस उद्योग में आप काम करना चाहते हैं या जिस करिअर को आप अपनाना चाहते हैं, उसके बारे में यथार्थवादी दृष्टिकोण प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका उसी क्षेत्र के किसी व्यक्ति से बात करना हो सकता है। अतिथि व्याख्यान से पहले संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने गुलदस्ता भेंट कर अतिथि वक्ता प्रदीप कुमार का स्वागत किया।

गीता शोध संस्थान व रासलीला अकादमी ने किया वीपीएस के छात्रों को सम्मानित

वृंदावन। कर्म का ज्ञान व उसे अपने दैनिक जीवन दिनचर्या का अंग बनाने की प्रेरणा देने वाला ग्रन्थ गीता के प्राकट्योत्सव दिवस पर उक्त संस्थान में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें वृन्दावन पब्लिक स्कूल के कक्षा-6 से 12 तक के लगभग 60 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता में सुलेख, निबंध व गीता श्लोक के गायन विषय थे। जिसमें छात्रों ने अपनी प्रतिभा व कला से निर्णायकों को लुभाया।
संस्थान के निदेशक दिनेश खन्ना ने छात्रों के प्रयास की भूरि-भूरि प्रशंसा की। समन्वयक सीपी सिकरवार ने कहा कि इस विद्यालय के साथ बहुमुखी प्रतिभा के धनी हैं तथा समस्त जनपद में शैक्षिक व सह शैक्षिक स्तर पर विद्यालय को गौरवान्वित कर रहे हैं।
श्लोक वाचन में संगीत विभाग की संयोजिका अंजना शर्मा के संयोजन में मोहन नेपाल, शिव, पलक, विधि, सौरभ भारद्वाज ने श्लोकों के कण्ठस्थ सुमधुर गायन से सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं आरेटरी क्लब की संयोजिका प्रियदर्शिनी आचार्य के निर्देशन में छात्रा खुशी, मनु, वंशिका, राधिका, लविशा, साक्षी, नैना, परी ने वाचन क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कला वर्ग से संयोजिका हेमलता वर्मा व राधिका गौर के निर्देशन में छात्रों ने कैली ग्राफी (सुलेख) की सुन्दर प्रस्तुति दी।
प्रधानाचार्य कृति शर्मा ने छात्रों को शुभकामनाएं प्रेषित की। साथ ही मनोज सारथी के निर्देशन में निबंध प्रतियोगिता में स्तुति, जीनिशा, रागिनी, रानी, वर्षा, ममता, उमा ने गीता दिवस पर अपने विचारों को शब्द बद्ध करके निर्णायकों की प्रशंसा बटोरी।
इस अवसर पर विशेष आकर्षण का केन्द्र रही विद्यालय के छात्रों द्वारा कर्म के महत्व को दर्शाते माॅडल व काॅलाज जिसको समसामयिक परिप्रेक्ष्य में छात्रों द्वारा जीवंत रूप दिया गया। इसमें वेदान्त, शुभदीप, आयूषी, ममता, देवांशी आदि ने अपने उत्कृष्ट बुद्धि शुद्धि कौशल का परिचय दिया।

विद्याभारती द्वारा हनुमान प्रसाद धानुका की छात्राओं व अध्यापक वृंद का किया गया प्रतिभा सम्मान

वृंदावन। हनुमान प्रसाद धानुका सरस्वती बालिका विद्या मंदिर के अध्यापक अध्यापिकाओं को भारतीय श्री विद्या परिषद उत्तर प्रदेश द्वारा ब्रह्मा देवी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर हापुड़ में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में शैक्षणिक स्तर व बौद्धिक प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने हेतु सम्मानित किया गया।


प्रधानाचार्य डॉ अंजू सूद को प्रधानाचार्य के रूप में सर्वश्रेष्ठ शैक्षणिक प्रदर्शन हेतु श्री राम स्वरूप स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। विद्यालय की 22 छात्राओं को खेलकूद प्रतियोगिता में राष्ट्रीय स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने पर गणित मॉडल व पत्रवाचन में 5 छात्राओं व विज्ञान पत्रवाचन में तान्या यादव समेत बौद्धिक प्रतियोगिताओं अन्त्याक्षरी प्रश्नमंच भाषण स्वरचित कवितापाठ में 11 छात्राओं ने कामधेनू स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र दिया गया। विद्यालय के आचार्य वृन्द द्वारा छात्राओं को अंग्रेजी, मनोविज्ञान, संगीत, गणित, संस्कृत, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, अर्थशास्त्र, लेखाशास्त्र, वाणिज्य, इतिहास, कम्प्यूटर (web application), राजनीति शास्त्र, पेंटिंग विषय में 100 अंक प्राप्त कराने, बौद्धिक प्रतियोगिताओं, गणित मॉडल व विज्ञान पत्रवाचन में सफलता व प्रथम स्थान प्राप्त कराने पर अयोध्या स्वरूप स्मृति चिह्न व प्रशस्ति पत्र द्वारा सम्मानित किया गया।
विद्यालय प्रबंध समिति से पद्मनाभ गोस्वामी, विश्वनाथ गुप्ता, रेखा माहेश्वरी, महेश अग्रवाल, बांकेबिहारी शर्मा, मंयक मृणाल आदि ने सभी विजयी छात्राओं एवं अध्यापक वृंद को हार्दिक बधाई दी।

संस्कृति विवि पहुंचे आस्ट्रिया के प्रतिनिधि, स्टूडेंट एक्सचेंज पर हुई चर्चा

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय सपत्नीक पहुंचे आस्ट्रियन दूतावास के सांस्कृतिक फोरम के निदेशक माइकल पाल ने यहां पहुंचकर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हमारे छात्र-छात्राएं भारत की संस्कृति, शिक्षा और यहां के परिवेश के बारे में जानना चाहते हैं। हम संस्कृति विवि के साथ मिलकर स्टूडेंट एक्सचेंज प्रोग्राम चलाकर विश्व बंधुत्व की भावना को बढ़ाने में योगदान देना चाहते हैं।
माइकल पाल के विवि पहुंचने पर उनका भारतीय परंपरा के अनुसार भावभीना स्वागत किया गया। उन्होंने संस्कृति विवि के वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि यहां पढ़ाई के लिए बहुत अच्छा माहौल है। विश्वविद्यालय के अधिकारियों और विद्यार्थियों के साथ हुई बैठक और मुलाकात में आस्ट्रिया दूतावास के सांस्कृतिक फोरम के निदेशक माइकल ने आस्ट्रिया की शिक्षण व्यवस्था और उच्च शिक्षा व्यवस्था की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने आस्ट्रिया के उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों पढ़ाए जाने प्रमुख विषयों के बारे में तो बताया ही साथ ही उन्होंने विभिन्न पाठ्यक्रमों की फीस का भी ब्यौरा दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय विद्यार्थी जब आस्ट्रिया पढ़ने जाएंगे तो उन्हें भी आस्ट्रिया की संस्कृति, भाषा और शिक्षा व्यवस्था का ज्ञान होगा। वे वहां निश्चित रूप से अच्छा महसूस करेंगे। संस्कृति स्कूल आफ टूरिज्म एंड हास्पिटेलिटी के डीन रतिश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि माइकल पाल ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्रालय में 30 वर्षों से अधिक समय से विभिन्न अनुभागों में कांसुलर विभाग, कानूनी सेवा, विकास विभाग और कार्य परिषद के अध्यक्ष रूप में काम कर रहे हैं। उन्होंने ग्रीस और स्विट्जरलैंड से मान्यता प्राप्त थी, इसके बाद उत्तरी मैसेडोनिया में मिशन के उप प्रमुख, मॉस्को में महावाणिज्य दूत, डीएचओएम नाइजीरिया और कजाकिस्तान में पद पर नियुक्त किया गया था। भारत में अपना नया कार्यभार संभालने से पहले, ऑस्ट्रियाई दूतावास नई दिल्ली के सांस्कृतिक मंच के निदेशक के रूप में, वह मंत्रालय में विकास निदेशालय में यूनिट गुणवत्ता प्रबंधन और मूल्यांकन के प्रमुख के रूप में थे, बाद में कार्य परिषद के अध्यक्ष रहे।
बैठक में मिस्टर माइकल के अलावा संस्कृति विवि के डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा, एकेडमिक डीन डा. मीनू गुप्ता, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डा.डीएस तोमर, संस्कृति इंक्युबेशन सेंटर के सीईओ अरुन त्यागी आदि अधिकारी और शिक्षक मौजूद रहे।

हैरीटेज पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय अंतर सदनीय खेलकूद प्रतियोगिता शुरू

वृन्दावन। हैरीटेज पब्लिक स्कूल में दो दिवसीय खेल कूद प्रतियोगिता का शुभारंभ मशाल जलाकर विद्यालय के संस्थापक नामदेव शर्मा द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह में विद्यार्थियों द्वारा दी गयी प्रस्तुतियों ने अतिथियों का मन मोह लिया। प्रतियोगिता का शुभारंभ चारों सदनों द्वारा शानदार मार्च पास्ट से किया गया।
प्रतियोगिता के पहले दिन 100 मीटर और 200 मीटर बालक व बालिका वर्ग दौड़ के हीट, 400 मीटर बालक वर्ग की रिले रेस के मुकाबले खेले गए।
विद्यालय के प्रबंध निदेशक अनुपम शर्मा ने कहा कि शिक्षा और खेल का उचित संयोजन बालकों के समग्र विकास में सहायक होता है। प्रधानाचार्य शालिनी शर्मा ने कहा कि विद्यालय का चरित्र निर्माण और देश प्रेम की भावना जगाने का विद्यालय हमेशा प्रयास करता रहेगा। प्रतियोगिता में विजयी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया जायेगा। खेल प्रतियोगिता में रेफरी की भूमिका देवेंद्र कुकरेती ने निभाई।
इस अवसर पर नागेन्द्र कौशिक, सीबी शर्मा, जे पी शर्मा, धर्मेन्द सिंह, डॉ. आनंद, सीमा शर्मा, दिव्या, आदि मौजूद रहे।

यमुना में क्रूजों का चलन लाभकारी या हानिकारी?

विजय कुमार गुप्ता

मथुरा। वृंदावन से गोकुल तक क्रूज को चलाने की शुरुआत होने जा रही है कहा जा रहा है कि इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। क्रूज के चलने से नफा कम और नुकसान अधिक होने की संभावना है। वह ऐसे कि आजकल नावें तो नाम मात्र की रह गई हैं और मोटर बोट अधिक हैं।
     जब मोटर बोट दनदनाती हुई चलती है तब यमुना जी के पानीं में उथल-पुथल सी होती है और उसी की वजह से लहरें बनकर छपाक से किनारे पर घाटों की सीढ़िया से टकराती है। जिसके फलस्वरुप पानीं जोर से उछाल मारता है और यमुना किनारे बैठकर पूजा कर रहे लोग भीग जाते हैं तथा पूजन सामग्री भी तितर वितर हो जाती है। ऐसे मौके पर आस्था से पूजन कर रहे भक्तों जिनमें बाहर से आए श्रद्धालु तीर्थ यात्री भी होते हैं। वे यकायक हुए इस घटनाक्रम से व्यथित हो जाते हैं महिलाओं को ज्यादा परेशानी होती है।
     अब सोचने की बात यह है कि जब क्रूज दहाड़ते हुए दौड़ेंगे तब तो लहरों के हमले और भी तेज हो जाएंगे। स्थानींय लोगों ने उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष श्री शैलजा कांत मिश्र का ध्यान इस ओर आकर्षित करते हुए क्रूजों के चलन पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया है।
     इसके अलावा एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि कायदे से इन मोटर वोटों का चलना भी बंद होना चाहिए क्योंकि यमुना जी में पतवार वाली नावें ही शोभा देती है ना कि हुर्र हुर्र करके भन्नाटे लेती मोटर बोटें। एक और बात यह है कि यह पूरे लोहे से बनी हैं और उनकी ऊंचाई नाव की तुलना में थोड़ी अधिक होने में यात्रियों खास करके महिलाओं को मोटर बोट में चढ़ने में बहुत दिक्कत होती है।
     यही नहीं जिस प्रकार नाव में आराम से बैठकर घूमने का जो आनंद मिलता है वह इसमें बिल्कुल नहीं क्योंकि इसमें जमीन पर बैठने का सिस्टम नहीं होता और कुर्सी नुमा बैठने का सिस्टम होता है वह आराम देह नहीं तकलीफ देह होता है। आजकल देखने को यह मिल रहा है कि कुछ मोटर वोट चालक तेज आवाज में फूहड़ गाने बजाते हैं तथा मौज मस्ती को आए लड़के लड़कियां उनकी धुन पर डांस भी करने लग जाते हैं। यह सब उद्दंडता धार्मिक वातावरण को दूषित करती है।
     लोगों का कथन है कि पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर क्रूजों का चलना गलत है इसके अलावा मोटर वोटों को भी वृंदावन से गोकुल तक प्रतिबंधित कर देना चाहिए। ब्रजभूमि श्रद्धालु तीर्थ यात्रियों की भावनाओं के अनुरूप होनी चाहिए ना कि मौज मस्ती यानी तफरी के लिए आने वालों की खुशी के लिए।
     कुछ बुद्धिजीवियों का मानना है कि शासन और प्रशासन को ऐसे कार्यों से बचना चाहिए जिससे भीड़ का आना बेतहाशा रूप से बढ़े। एक तो पहले से ही हर जगह लगने वाले जाम ने नाक में दम कर रखी है इसके अलावा बिहारी मंदिर भीड़ की विकरालता किसी से छिपी नहीं है। बिहारी जी के बाद में यह समस्या अब अन्य बड़े मंदिरों में भी होने लगी है। इस समस्या का एक ही निदान है वह यह कि ऐसे प्रयास होने चाहिए कि यहां काम से कम लोग आयें।
     जो श्रद्धालु है वह तो आएंगे ही किंतु मौज मस्ती और तफरी बाजी वाले यहां आकर वातावरण को और दूषित करते हैं। असल जरूरत तो यह है कि इन्हें प्रोत्साहित नहीं किया जाय।

आत्मविश्वास की भावना पैदा करता है बीएलएस का ज्ञान

  • के.डी डेंटल कॉलेज में बेसिक लाइफ सपोर्ट पर दिया प्रशिक्षण

मथुरा। इंसान की भागमभाग भरी जिन्दगी और नित्यप्रति हो रही स्वास्थ्य परेशानियों को देखते हुए आज के समय में बेसिक लाइफ सपोर्ट (बीएलएस) यानी जीवन रक्षक कौशल का ज्ञान होना सभी के लिए बहुत जरूरी है। चिकित्सा क्षेत्र का पेशेवर ही नहीं एक बीएलएस प्रशिक्षण प्राप्त आम आदमी भी आपातकालीन स्थिति में किसी के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकता है। यह बातें मंगलवार को के.डी डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल, मथुरा में आयोजित बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण शिविर में चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञों ने छात्र-छात्राओं को बताईं।
के.डी. डेंटल कॉलेज सभागार में आयोजित बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण शिविर में आगरा और मथुरा के चिकित्सकों तथा छात्र-छात्राओं, स्टाफ सदस्यों को सम्बोधित करते हुए अतिथि वक्ता डॉ. ए.एम. अग्रवाल (एसोसिएट प्रोफेसर एवं एचओडी, एनेस्थीसिया विभाग, आरडीएमसी, बांदा) ने कहा कि बीएलएस प्रशिक्षण सशक्तीकरण और आत्मविश्वास की भावना पैदा करता है। यह आत्मविश्वास आपके आस-पास के अन्य लोगों को भी प्रभावित कर सकता है। आपात स्थिति में मूकदर्शक बने रहने के बजाय हमें पीड़ित की हर तरह से मदद करनी चाहिए तथा उसे चिकित्सालय पहुंचाना चाहिए।
विशेषज्ञ निश्चेतना डॉ. राजेश मीना ( प्रोफेसर एवं प्रभारी कौशल केंद्र, नोडल अधिकारी, एनईएलएस, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी) ने कहा कि बीएलएस बुनियादी चिकित्सा सहायता है, जो लोगों को अस्पताल पहुंचने से पहले या उन स्थितियों में दी जाती है, जहां चिकित्सा सुविधा तुरंत उपलब्ध नहीं होती है। डॉ. कविता मीना, (एसोसिएट प्रोफेसर, एनेस्थीसिया विभाग, आईएमएस, बीएचयू, वाराणसी), डॉ. सोमेश त्रिपाठी (असिस्टेंट प्रोफेसर, सर्जरी विभाग, आरडीएमसी, बांदा) तथा डॉ. प्रिया दीक्षित (सहायक प्रोफेसर, एनेस्थीसिया विभाग, आरडीएमसी, बांदा) आदि ने सभी पंजीकृत प्रतिनिधियों के साथ लाइव डेमो के माध्यम से बुनियादी जीवन समर्थन के महत्व पर प्रकाश डाला तथा चर्चा की।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने के.डी. डेंटल कॉलेज के जन जागरूकता तथा जीवन रक्षक कार्यक्रम की प्रशंसा की। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सड़क पर घायल पड़े व्यक्ति को कभी नजरअंदाज न करें। उसे तुरंत बीएलएस की सुविधा दें तथा एम्बुलेंस बुलाकर अस्पताल पहुंचाएं। आपका थोड़ा सा समय उसकी जिन्दगी बचा सकता है।


अतिथि वक्ताओं ने बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रशिक्षण शिविर के आयोजन के लिए अध्यक्ष डॉ. मनेश लाहौरी, (प्राचार्य, केडी डेंटल कॉलेज), आयोजन सचिव डॉ. विनय मोहन (प्रोफेसर एवं एचओडी, ओएमआर विभाग) और वैज्ञानिक सलाहकार डॉ. सोनल गुप्ता (प्रोफेसर एवं एचओडी, पेडोडोंटिक्स विभाग) आदि के प्रयासों की सराहना की। प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी ने कहा कि इस तरह के शैक्षणिक आयोजनों का उद्देश्य व्यक्तियों को गंभीर परिस्थितियों में महत्वपूर्ण जीवन-रक्षक कौशल के साथ सशक्त बनाना है।
ओरल मेडिसिन और रेडियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर और प्रमुख डॉ. विनय मोहन ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम छात्र-छात्राओं को बुनियादी होने के बावजूद कौशल के साथ जागरूक और अद्यतन करने में मदद करते हैं जो उनमें से प्रत्येक को आपात स्थिति में पहला प्रतिक्रियाकर्ता बनने के लिए सशक्त बनाता है। व्याख्यान के बाद अतिथि वक्ताओं के मार्गदर्शन में पंजीकृत प्रतिनिधियों के लिए व्यावहारिक सत्र का आयोजन किया गया। उसके बाद प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम का संचालन बाल चिकित्सा एवं निवारक दंत चिकित्सा विभाग की पीजी छात्राओं डॉ. आशिमा और डॉ. रिया ने किया।

पुलिस के हत्थे चढ़े दो शातिर बाइक चोर

  • पुलिस ने शातिरों के कब्जे से चार चोरी की बाइक बरामद की

बरसाना: बीती रात बरसाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो शातिर बाइक चोरों को धर दबोचा। पुलिस ने शातिरों के निशान देही पर चार चोरी की बाइक बरामद की।

रविवार की रात करीब साढ़े नौ बजे मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल मयफोर्स के गोवर्धन बरसाना रोड पर गश्त कर रहे थे। तभी गोवर्धन की तरफ से आ रही दो बाइक सवार पुलिस को देख भागने लगे। पुलिस ने पीछा करते हुए दोनो बाइक सवारों को दबोच लिया। पूछताछ के दौरान शातिरों ने अपने नाम वीरू निवासी तसी थाना कठूमर जनपद अलवर व छोटू निवासी डभाला बताया। पुलिस ने दोनों शातिरों के कब्जे से तीन चोरी की बाइक तथा एक एक्टिवा बरामद की। शातिर अपराधी राजस्थान व हरियाणा में चोरी की बाइक सप्लाई करते थे। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि शातिर वीरू शातिर छोटू का फूफा लगता था। छोटू इलाके से बाइक चोरी कर फूफा के साथ मिलकर राजस्थान व हरियाणा में सप्लाई करते थे। फिलहाल दोनों शातिरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।