हनुमान प्रसाद धानुका सरस्वती बालिका विद्यालय में छात्राओं ने सुनी परीक्षा पर चर्चा
वृंदावन। हनुमान प्रसाद धानुका सरस्वती बालिका विद्या विद्या मंदिर में छात्राओं ने नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज सुबह 11 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देश के लाखों-करोड़ों छात्र-छात्राओं के साथ परीक्षा-पे चर्चा को लाइव टेलीकास्ट प्रोजेक्टर के माध्यम से देखा। इस दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी की ताकत को पहचानने के साथ जीवन में सकारात्मक रहने का संदेश दिया। छात्राएं तनाव और प्रेशर को कम करने के लिए खुद को तैयार रखें सुबह 4:00 बजे उठे। अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए परिश्रम करें। कैसे बोर्ड परीक्षा की तैयारी की जाए, टाइम मैनेजमेंट कैसे हो, मोबाइल के दुष्प्रभाव से कैसे बचा जाए?इस पर चर्चा कर जिज्ञासा को शांत किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ अंजू सूद ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि माननीय प्रधानमंत्री की जी के द्वारा दिए गए इन सुझावों से अवश्य हमारी छात्राएं लाभान्वित होंगी साथ ही एक बेहतर परिणाम के साथ विद्यालय, समाज व राष्ट्र का नाम रोशन करेंगी।
विद्यालय समिति के अध्यक्ष पद्मनाभ गोस्वामी, बाँकेबिहारी शर्मा, विश्वनाथ गुप्ता, महेश अग्रवाल, रेखा माहेश्वरी, प्रधानाचार्या डॉ अंजू सूद व समिति के समस्त पदाधिकारियों ने परीक्षा-पे चर्चा कार्यक्रम की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
मथुरा। जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस में आयोजित शतरंज प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपनी बौद्धिक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। खिताबी मुकाबला बीटेक (सीएसई) के शिवा गौतम और बीटेक (सीएसई एआई और एमएल) में अध्ययनरत पराग उपाध्याय के बीच खेला गया। कांटे के मुकाबले में शिवा ने पराग को पराजित कर खिताबी जीत दर्ज की। इससे पूर्व प्रतियोगिता का शुभारम्भ जीएल बजाज की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने शतरंज की बिसात पर चाल चलकर किया। प्रतियोगिता के शुभारम्भ अवसर पर प्रो. अवस्थी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि शतरंज दुनिया के सबसे पुराने एवं सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है। शतरंज ऐसा खेल है, जिसमें किसी भी तरह की शारीरिक ऊर्जा नहीं लगती। इसे छोटी सी जगह पर खेला जा सकता है। उन्होंने कहा कि शतरंज शारीरिक तो नहीं बल्कि एक बौद्धिक और मनोरंजक खेल जरूर है, जिसे देश और दुनिया के लोग पसंद करते हैं। भारत समेत दुनियाभर के सैकड़ों-हजारों खिलाड़ी ऐसे हैं, जिन्होंने इस खेल से काफी शोहरत हासिल की है। प्रो. अवस्थी ने कहा कि शतरंज आपके अंदर एकाग्रता को बढ़ाता है। इस खेल से जुड़े लोगों में अन्य व्यक्ति के मुकाबले एकाग्रता ज्यादा होती है। कम उम्र से अगर इस खेल को खेला जाए तो इसके परिणाम काफी अच्छे होते हैं। इसके अलावा फैसले लेने की क्षमता भी शतरंज की बिसात आपको सिखाती है, जिससे व्यक्ति के सोचने के नए आयाम खुलते हैं। प्रतियोगिता शुभारम्भ के बाद स्पोर्ट्स आफीसर लोकेश शर्मा की देखरेख तथा रजिस्ट्रार विपिन धीमान, डॉ. मंधीर वर्मा, नीरज गर्ग, आशीष प्रताप सिंह आदि की उपस्थिति में छात्र-छात्राओं ने शतरंज की बिसात पर अपनी बौद्धिक क्षमता दिखाई। पहला सेमीफाइनल शिवा गौतम तथा सौरभ के बीच खेला गया जिसमें शिवा ने जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। दूसरा सेमीफाइनल पराग उपाध्याय तथा बीटेक (सीएसई) की छात्रा वर्षा गौतम के बीच खेला गया, जिसमें पराग ने विजय दर्ज कर खिताबी दौर में जगह बनाई। अंत में फाइनल शिवा और पराग के बीच खेला गया जिसमें शिवा चैम्पियन बना। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने प्रतियोगिता के विजेताओं को शाबासी देते हुए कहा कि शतरंज का खेल आपको प्लानिंग, विश्वास, अनुशासन सिखाता है। शतरंज खेलने वाले बच्चों के अंदर गणित और विज्ञान जैसे कठिन विषयों पर अच्छी पकड़ बन जाती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जो व्यक्ति शरतंज खेलता है उसकी गणना क्षमता अच्छी हो जाती है। इसके अलावा यह खेल गहराई से सोचने तथा खोज करने की प्रवृत्ति को बढ़ाने में सक्षम है, जिससे आपके अंदर की कल्पना का विकास होता है। साथ ही क्या गलत है और क्या सही इसकी समझ भी इस खेल से मिलती है।
बरसाना पुलिस ने शातिर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार शातिरों को धर दबोचा। पुलिस ने तीनों शातिरों के कब्जे से अवैध देशी शराब तथा तमंचा बरामद किया।
बीती रात थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने मुखबिर की सूचना पर राजस्थान बॉर्डर से चार शातिरों को धर दबोचा। पूछताछ में शातिरों ने अपने नाम हुकम सिंह निवासी चैना का थोक, कुंजीलाल निवासी भरनाखुर्द, विष्णु निवासी तिलक बिहार कालोनी, रामचंद्र निवासी हाथिया बताया। पुलिस ने चारों शातिरों के कब्जे से एक तमंचा, 15 लीटर अवैध देशी शराब, हरियाणा मार्का 28 क्वाटर बरामद किया। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि चारों शातिरों को जेल भेज दिया गया है। वहीं शातिर अपराधी हुकम सिंह पर एक दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज है।
बरसाना। नंदगांव मार्ग पर पीली कोठी तिराहे पर नाले के पुल का चौड़ीकरण सिर्फ एक ओर किया जा रहा है जिसके विरोध में स्थानीय अधिवक्ता ने पुल का चौड़ीकरण दोनों तरफ बराबर किए जाने की मांग की है। विदित हो कि कस्बे में नंदगांव मार्ग पर पीली कोठी तिराहे पर गोवर्धन ड्रेन नाले पर पुल की चौड़ाई बढ़ाने का काम चल रहा है। इस पुल की चौड़ाई सिर्फ पीली कोठी वाली तरफ से ही बढ़ाई जा रही है। जबकि राधा बिहारी इंटर कॉलेज की ओर से इसे पूर्ववत रखा जा रहा है। कस्बे के नंदकिशोर शर्मा अधिवक्ता ने मांग की है कि पहले से बने हुए पुल के दोनों ओर बराबर चौड़ाई बढ़ाई जाए जिससे यातायात का आवागमन सुगमता से हो सके। इसी नाले पर गोवर्धन मार्ग पर बने पुल का भी चौड़ीकरण किया जा रहा है और उसकी चौड़ाई पहले से मौजूद पुल के दोनों तरफ बराबर बढ़ाई जा रही है। उनका कहना है कि सिर्फ एक तरफ से चौड़ीकरण किए जाने से उस तरफ के दुकानदारों के सामने मुश्किल खड़ी हो जायेगी। अधिवक्ता नंदकिशोर शर्मा ने इस आशय से एक मांगपत्र उपजिलाधिकारी गोवर्धन को सौंपा है।
मथुरा। त्रिकाल दर्शी संत देवराहा बाबा द्वारा देह त्याग के बाद उनकी अनमोल धरोहरों के खजाने को अपने कब्जे में करने वाले व्यक्ति की सनसनी खेज जानकारी मिली है। लोग सोच रहे होंगे कि बाबा की तमाम दुर्लभ और अनमोल धारोहरें बाबा के आश्रम में सुरक्षित होगी किंतु मजेदार बात यह है कि उन अनमोल धरोहरों की एक भी वस्तु बाबा के आश्रम में नहीं है बल्कि उन्हें एक व्यक्ति द्वारा अपने कब्जे में कर लिया था। ये सभी धरोहरें इतनी ज्यादा अनमोल हैं कि उनकी कीमत लाखों करोड़ों नहीं बल्कि अरबों खरबों तक पहुंच सकती है। हालांकि इनकी कीमत आंकना भी अपराध जैसा है किंतु आज के जमाने में हर वस्तु का मूल्यांकन करने का प्रचलन सा हो गया है। लोग इन सभी धरोहरों को अपने कब्जे में करने वाले व्यक्ति का नाम जानने को व्यग्र हो उठे होंगे और सोच रहे होंगे कि ऐसा कौन उस्ताद है जो इतने गहरे माल पर हाथ साफ भी कर गया और बाबा के तमाम भक्तों को कानों कान भनक तक नहीं लगी और ना ही बाबा के आश्रम वालों ने कोई रोक-टोक या चूं चपड़ की। अब मैं बताता हूं कि यह सज्जन कौन हैं? जिन्होंने इतने बड़े खजाने पर हाथ साफ कर लिया। इनका नाम है शैलजा कांत मिश्र। सब लोग चौंक गए होंगे किंतु यह एकदम सच बात है। मुझे यह सब लिखने में कोई हिचक या झिझक नहीं क्योंकि सच्चाई तो सच्चाई होती है और फिर निर्भीक पत्रकारिता का क्या मतलब रहा? भले ही संबंध कितने भी नजदीकी क्यों न हों। मुझे सच कहने में कोई डर नहीं। अब यह भी बताता हूं कि अनमोल धरोहरों में क्या-क्या इनके पास है। इनके पास बाबा की चरण पादुका, उनकी मृगछाला, जिस पत्थर की पवित्र पटिया पर बैठकर बाबा स्नान किया करते थे, वह तथा जिन सालिग्राम जी की नित्य प्रति बाबा सेवा पूजा करते थे उसे भी ले आए। और तो और बाबा की पूरी मचान की बांस बल्ली लकड़ी आदि सब कुछ बटोर लाऐ। अब बताइए कि क्या मेरी बात गलत है? अगर कोई यह कहे कि इन सब धरोहरों का मूल्यांकन अरबों खरबों में कैसे हो सकता है? मैं तर्क देकर अभी सिद्ध कर देता हूं। सबसे पहले बाबा के भक्तों में प्रचारित कर दिया जाय कि उनके चरण पादुकाओं की नीलामी की जाएगी। सभी भक्त अमुक दिन अमुक समय पर आ जाएं। सैकड़ो नहीं हजारों भक्त टूट पड़ेंगे तथा लाखों नहीं करोड़ों में बाबा की चरण पादुकाऐं बिक जाएंगी। इसके बाद मृगछाला भी चरण पादुकाओं से कम नहीं पड़ेगी। जब सालिग्राम जी का नंबर आएगा तो उसे प्राप्त करने के लिए अरब पति खरब पति सेठ अपना सर्वस्व न्योछावर करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। जहां तक मचान की बांस बल्लियों व लकड़ी के तख्तों की बात है वह भी एक-एक टुकड़ा लाखों में हाथों हाथ साफ हो जाएगा। अब बताओ कि मेरा तर्क गलत है या सही? हालांकि बाबा महाराज की दुर्लभ धरोहरों का मूल्य लिखकर में अपराध कर रहा हूं। इसके लिए मैं उनसे क्षमा प्रार्थना करता हूं। शैलजा कांत जी ने कुछ धरोहरें बाबा द्वारा देह त्याग से पूर्व उन्ही के हाथ से ग्रहण कर ली थीं जैसे सालिग्राम जी मृगछाला व चरण पादुका आदि। बाकी सभी धरोहरें देह त्याग के बाद ले आये। जिस समय बाबा ने देह त्यागी थी उस समय शैलजा कांत जी बाबा के आदेश पर उनकी मचान के नींचे खड़े थे। बाबा ने ब्रह्म मलंद विधि से प्राण त्यागे जिसे आम बोलचाल की भाषा में ब्रह्मांड फाड़ कर प्राण त्यागना कहा जाता है। इस विधि से सिर के मध्य से प्राण निकलते हैं। उस समय सिर के बीचों-बीच छोटा सा छिद्र हो जाता है और प्राण पखेरू उड़ जाते हैं। सतयुग में तो ऐसी घटनाएं होती रहती थीं किंतु कलयुग में देखने सुनने को भी नहीं मिलती। शैलजा कांत जी नित्यप्रति देवराहा बाबा द्वारा दिए गए सालिग्राम जी की सेवा पूजा करते हैं तथा अन्य सभी धरोहरों को सहेज कर रखा हुआ है। मचान की सभी बांस बल्ली व लकड़ी आदि को उन्होंने आजमगढ़ स्थित अपने पैतृक स्थान के घर में बने मंदिर के प्रांगण में रखवा दिया। आमतौर पर देखा जाता है कि किसी आश्रम के मठाधीश के देह त्यागते ही उनके शिष्य जमीन और धन संपत्ति पर टूटते और लड़ते झगड़ते रहते हैं। किंतु शैलजा कांत जी बड़े चतुर हैं उन्होंने ऐसी अनमोल धरोहर प्राप्त करने में रूचि रखी जिन्हें लोग बेकार की समझते हैं किंतु होती वे बड़ी अनमोल हैं। हर कोई उनकी महत्ता नहीं समझ पाता। देवराहा बाबा शैलजा कांत जी से अक्सर कहा करते थे कि बच्चा शैलेश यह सब आश्रम तुम्हारा ही है। लेकिन शैलजा कांत जी ने बाबा द्वारा त्याग के बाद धन, दौलत, जमीन, वैभव आदि से दूरी बनाऐ रखी। उन्हें तो बाबा की कृपा, आशीर्वाद और बाबा द्वारा दी गई धरोहरों में ही अलौकिक आनंद की अनुभूति हुई। इनके पास बाबा के चरणों की रज भी है जिसे शायद वे नित्य प्रति अपने मस्तक पर जरूर लगते होंगे। जब भी कभी वे मथुरा से बाहर जाते हैं तब और जब वापस लौटते हैं तब बाबा के आश्रम में जाकर उनके स्थान पर माथा टेकना नहीं भूलते। बाबा के आशीर्वाद से ही वे ब्रज की सेवा में लगे हुए हैं। उस समय जब शैलजा कांत जी मथुरा के पुलिस कप्तान हुआ करते थे तब बाबा कहते थे कि शैलेश बच्चा तुम्हें दुबारा मथुरा आकर ब्रजभूमि की सेवा करनी है और यहीं की मिट्टी में लोटपोट होना है। अंत में एक और बात बताता हूं जो लोगों को अविश्वसनींय सी लगेगी किंतु मैं अपने अनुभव के आधार पर कह रहा हूं कि बाबा इन्हें अपनी अलौकिक शक्तियां भी आंशिक रूप से दे गए हैं जिन्हें ये कभी जाहिर नहीं होने देते। यह मैं इस आधार पर कह रहा हूं कि कुछ बातों का इन्हें पूर्वाभास हो जाता है और इनकी कही हुई बातें आगे सच साबित हो जाती हैं। कभी-कभी तो मुझे लगता है कि यह छोटे बाबा हैं। हालांकि मेरी यह बात इनको अखरेगी। शैलजा कांत जी की इस अनूठी गुरु भक्ति के आगे में नतमस्तक हूं। ईश्वर अनंत समय तक ब्रजभूमि पर बाबा और उनकी छत्रछाया बनाऐ रखें।
विभागीय कार्यों में भी नहीं ले रहा था रुचि जिला पंचायत राज अधिकारी ने किया निलंबित
मथुरा मांट विकासखंड में तैनात सचिव चंद्रपाल गावर को निलंबित कर दिया गया है। डीपीआरओ किरण चौधरी ने बताया कि ग्राम पंचायत अधिकारी करीब 6 महीने से विभागीय कार्यों में रुचि नहीं ले रहे थे। जिससे विकास कार्य रुके हुए थे। ग्राम पंचायत अधिकारी के अनुपस्थित रहने के कारण ग्रामीणों के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बन पा रहे थे। इसे लेकर ग्राम प्रधानों ने भी डीपीआरओ से शिकायत की थी। खंड विकास अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी को दो बार नोटिस भी जारी किया था। इसके बाद भी ग्राम पंचायत अधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया। जिला पंचायत राजआधिकारी किरण चौधरी ने बताया की ग्राम वासियों द्वारा लगातर शिकायत की जा रही थी जिस पर उन्हें कई बार चेतावनी दी गई थी कि वह अपने कार्य सुधार लाएं लेकिन इसके बावजूद उन्होंने कर में सुधार लाने का प्रयास नहीं किया,उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो महीने से ग्राम पंचायत अधिकारी लगातार गैरहाजिर चल रहा था। तथा शासन की चलाई जा रही स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन कराए जाने की योजना में भी समयबद्धता के साथ रुचि नहीं ली जा रही थी। ग्राम पंचायत में व्यक्तिगत शौचायलयों का निर्माण किया जाना है जिसके लिए जिन घरों में शौचालय नहीं बने हैं उनके लिए स्पेशल ड्राइव चलकर शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है जिसमे रुचि नहीं ली जा रही थी। पंचायत सचिवालय का नियमित क्रियान्वयन भी नहीं हो पा रहा था, ग्राम पंचायत के ऑडिट प्रस्तर लंबित है। इसलिए ग्राम पंचायत अधिकारी चंद्रपाल गावर को निलंबित कर दिया गया है। प्रकरण की जांच एडीओ पंचायत चौमुंहा श्याम सुन्दर सारस्वत को सौंपी गई है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद दोषी के खिलाफ नियमानुसार अन्य विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी। जिला पंचायत राज कार्यक्रम चौधरी द्वारा की गई कार्रवाई के बाद सभी सचिवों में हड़कंप है इसके साथ ही उन्होंने सख्त लहजे में कहा की ग्राम पंचायत अधिकारी अपने कार्य में और शासन की मंशा के अनुरूप चलाए जा रही योजना में लापरवाही बरतेगा उसके विरुद्ध नियम अनुसार विधिक कार्रवाई भी की जाएगी
बरसाना । नगर पंचायत बरसाना के सभासदों ने अधिशाषी अधिकारी को एक ज्ञापन दिया जिसमें नायर कार्यकाल के आय व्यय का ब्यौरा मांगा है । गुरुवार को नगर पंचायत बरसाना के समस्त सभासदों ने अधिशाषी अधिकारी पूजा सिंह को ज्ञापन दिया जिसमें नगर पंचायत के कर्मचारी और ठेकेदारों द्वारा सभासदों से अशोभनीय व्यवहार के बारे में अवगत कराया और नए कार्यकाल के दौरान जितने भी कार्य किये गए है उनका पूर्ण विवरण मांगा है , साथ ही नगर पंचायत द्वारा जो भी उपकरण खरीदे गए है उनका भी बिल बोर्ड के समक्ष रखने की मांग की गई । ज्ञापन देते समय चंद्रशेखर , कन्हैया ठाकुर, चतुरलाल, लखन गुर्जर, राकेश सिंह, भोला पहलवान, कमल ठाकुर, श्रीराम, राकेश , रामसिंह, विश्वेन्द्र सिंह, देवी सिंह, विवेक अग्रवाल , विष्णु गुर्जर , राधाचरण और नंदकिशोर उपस्थित थे ।
मथुराl मथुरा रिफाइनरी ने बड़े जोश और देशभक्ति के साथ 75वां गणतंत्र दिवस मनाया| रिफाइनरी नगर के सहस्त्राब्दी स्टेडियम मे आयोजित कार्यक्रम की शुरुआत कॉर्पोरेट कार्यालय के कार्यक्रम मे वर्चुअल माध्यम से जुड़कर हुईl इंडियन ऑयल के अध्यक्ष श्री एस एम वैद्य के साथ मिलकर श्री अजय कुमार तिवारी, कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख, मथुरा रिफाइनरी ने तिरंगा फहराया और पूरे इंडियनऑयल परिवार ने एक साथ राष्ट्रगान गया। इस महत्वपूर्ण अवसर पर रिफाइनरी के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारी संघ व ऑफिसर्स एसीसिएशन के पदाधिकारियों, डीसी-सीआईएसएफ, केंद्रीय विद्यालय और दिल्ली पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्यों, दीर्घकालीन सेवा पुरस्कार विजेताओं, सी आई एस एफ के जवानों और स्कूली बच्चों की सभा को बधाई देते हुए, कार्यकारी निदेशक और रिफाइनरी प्रमुख, मथुरा रिफाइनरी श्री अजय कुमार तिवारी ने कहा कि 26 जनवरी सभी भारतीयों के लिए बहुत ही खास दिन है क्योंकि इस दिन हम गणतांत्रिक देश बने और अपना संविधान अपनाया। उन्होंने कहा कि इन सात दशकों में हमने अपने संविधान का पालन किया है और सभी क्षेत्रों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई हैl श्री तिवारी ने आईओसी और मथुरा रिफाइनरी की उपलब्धियों को भी साझा किया और निगम को अधिक से अधिक ऊंचाइयों पर ले जाने में सभी कर्मचारियो के प्रयासों की सराहना कीl उन्होंने कहा कि हमने पहले भी विषम परिस्थितियों में बेहतर कार्य कर दिखाया है और आगे भी हमें हर परिस्थिति से पार पाते हुए कामयाबी के नए आयाम बनाने हैl गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान केन्द्रीय विद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा नृत्य प्रदर्शन और डीपीएस की छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक प्रदर्शन ने माहौल को राष्ट्रवादी जोश से भर दिया। सीआईएसएफ कर्मियों द्वारा प्रस्तुत डेमो और रिफाइनरी के अग्नि एवं सुरक्षा विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा पर नुक्कड़ नाटक की प्रस्तुति की गई। साथ ही दिल्ली पब्लिक स्कूल, केंद्रीय विद्यालय और रिफाइनरी के पाँच विभागों द्वारा झांकियों की प्रस्तुति की गई जिसे सभी ने सराहाl निगम के साथ 25 और 30 साल की लंबी सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को भी कार्यकारी निदेशक व रिफाइनरी प्रमुख द्वारा सम्मानित किया गया।
75वें गणतंत्र दिवस पर छात्र-छात्राओं ने प्रस्तुत किए देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम
मथुरा। शुक्रवार को आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थानों के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर, के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल, के.डी. कॉलेज आफ नर्सिंग एण्ड पैरा मेडिकल साइंस, जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, राजीव एकेडमी फॉर मैनेजमेंट, राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी तथा राजीव इंटरनेशनल स्कूल में 75वां गणतंत्र दिवस उत्साह और उमंग के बीच मनाया गया। संस्थान प्रमुखों ने जहां राष्ट्रध्वज फहराया वहीं छात्र-छात्राओं ने देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रमों के माध्यम से हर किसी को राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत कर दिया। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेश मनोज अग्रवाल ने सभी प्राध्यापकों, कर्मचारियों तथा छात्र-छात्राओं को गणतंत्र दिवस की बधाई देते हुए कहा कि महान देशभक्तों के त्याग और बलिदान के परिणामस्वरूप हमारा देश पूर्ण गणतांत्रिक राष्ट्र हो सका, ऐसे में हमारा फर्ज है कि हम महापुरुषों के आदर्शों पर चलकर देश की सम्प्रभुता को अक्षुण्य रखें। 75वें गणतंत्र दिवस पर राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम पेश किए। ध्वजारोहण के बाद छात्र-छात्राओं ने गीतों के माध्यम से संविधान निर्माता बाबा साहब अम्बेडकर एवं अमर शहीदों को याद किया। इस अवसर पर स्कूल की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने विद्यार्थियों को देश का कर्णधार बताते हुए राष्ट्र के प्रति निष्ठावान होने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने अलग-अलग विषयों के ओलम्पियाड में अंतरराष्ट्रीय रैंक हासिल करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन कक्षा 9 की छात्रा अनन्या एवं धान्या ने किया।
के.डी. मेडिकल कॉलेज के उप प्राचार्य कर्नल डॉ. राजेन्द्र कुमार ने ध्वजारोहण के बाद छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि गणतंत्र का अर्थ है जनता के द्वारा जनता के लिये शासन। इस व्यवस्था को हम सभी पिछले 75 साल से गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते आ रहे हैं। इस अवसर पर शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने भारतीय संविधान पर विस्तार से जानकारी देते हुए छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वह एक बार अपने संविधान को अवश्य पढ़ें। हमारे संविधान में क्या लिखा है, इसका ज्ञान युवा पीढ़ी को जरूर होना चाहिए। छात्र-छात्राओं ने भी गणतंत्र दिवस की खूबियों को गीतों और भाषणों के माध्यम से प्रस्तुत किया। इस अवसर पर डॉ. वी.पी. पांडेय, डॉ. के.पी. दत्ता, डॉ. मंजू पांडेय, डॉ. गौरीशंकर गोयल, खेल, सांस्कृतिक और साहित्यिक समिति के अध्यक्ष डॉ. राहुल गोयल, लेखाधिकारी लव अग्रवाल, मनोज गोस्वामी, डॉ. सोनू शर्मा, पुनीत गुलाटी, दीपेश जैन, अंशुमन वर्मा, पवन कुमार, आयुष गोयल, अंश वार्ष्णेय आदि ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के डीन और प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने ध्वजारोहण के बाद अपने सम्बोधन में कहा कि हमारे देश में सभी धर्म-सम्प्रदाय के लोग रहते हैं। भारत की गरिमा और सम्प्रभुता को बरकरार रखना सिर्फ सैनिकों का ही नहीं बल्कि हम सभी का कर्तव्य है। डॉ. लाहौरी ने कहा कि हमारा तिरंगा हर भारतीय के अंदर उत्साह, स्वाभिमान और गौरव का संचार करता है। इस अवसर पर अन्य प्राध्यापकों के साथ ही छात्र-छात्राओं ने भी गीत और भाषणों के माध्यम से गणतंत्र दिवस की महत्ता प्रस्तुत की।
जी.एल. बजाज की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने ध्वजारोहण के बाद कहा कि 26 जनवरी का दिन प्रत्येक भारतीय को महापुरुषों के आदर्शों पर चलने की नसीहत देता है। भ्रष्टाचार, साम्प्रदायिकता, जातिवाद, क्षेत्रवाद, गरीबी, बेरोजगारी व अशिक्षा को दूर भगाना तब तक सम्भव नहीं जब तक कि हम एकजुट प्रयास नहीं करते। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक डॉ. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि हमें जो काम दिया गया है, उसे ईमानदारी से करना संस्थान तथा राष्ट्र के विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि गणतंत्र दिवस सिर्फ राष्ट्र उत्सव ही नहीं बल्कि राष्ट्र के विकास का मूलमंत्र भी है। इस अवसर पर आशीष चतुर्वेदी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। राजीव एकेडमी के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने अपने उद्बोधन में कहा कि गणतंत्र दिवस भारत की सांस्कृतिक समृद्धि और विविधता में एकता को प्रदर्शित करता है। दरअसल, हर साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि इसी दिन पूरे देश में संविधान लागू किया गया। 26 जनवरी, 1950 को संविधान लागू होने के साथ ही भारत को पूर्ण गणराज्य घोषित किया गया।
वृंदावन। भारत के 75 वें गणतंत्र दिवस का समारोह मथुरा मार्ग स्थित वृन्दावन पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समारोह का शुभारम्भ विद्यालय के निदेशक डॉ ओम जी द्वारा ध्वजारोहण से किया गया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रंखला में संगीत विभाग द्वारा देशभक्ति पूर्ण समूह गान की प्रस्तुति ने सबके हृदय में देश प्रेम की ज्योति प्रज्ज्वलित कर दी। देश के सैनिकों को समर्पित एक भावनात्मक नृत्य प्रस्तुति ने सबको भाव-विभोर कर दिया। कार्यक्रमों की इसी कड़ी में कक्षा नवमी की छात्रा शालू द्वारा हमारे भारत की स्वतंत्रता व गणतंत्र के लिए बहुत ही विचारात्मक कविता प्रस्तुत की गयी। कार्यक्रम में देशभक्ति से सराबोर करने वाली मूक अभिनय प्रस्तुति ने सबको मूक सा ही कर दिया। जिसमे स्वतंत्रता आन्दोलन की सारी घटनाओं के जीवंत चित्र पेश किये गए जिसमें उपस्थित छात्रों व विद्यालय परिवार की आँखें नाम कर दी। छात्रों ने देश के जवानों को समर्पित पिरामिड प्रस्तुति ने सबको अचंभित कर तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया।
विद्यालय के निदेशक डॉ ओम जी समस्त छात्रों व विद्यालय परिवार को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा की युवाओं में बहुत संभावनाएं हैं आज आजादी के इस अमृत काल में गणतंत्र दिवस को संकल्प दिवस के रूप में मनाए। हम राष्ट्रभक्ति, देशभक्ति का संकल्प लें, लेकिन इससे पहले घर, परिवार, समाज, संस्था, विद्यालय के प्रति भक्ति रखें। हमारे शुभ संकल्पों शुभ कर्मों की शुरुआत हमारे स्वयं से ही होनी चाहिए तभी इन राष्ट्रीय पर्वो को मनाने की प्रासंगिकता सिद्ध होगी ।
प्रधानाचार्य कृति शर्मा ने समस्त छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए धन्यवाद ज्ञापन दिया। रागिनी श्रीवास्तव, सीमा पाहुजा, स्वेका राज, सपना शर्मा, दिशी गोस्वामी, हेमलता वर्मा, अशोक सैनी, आदित्य शर्मा, पंकज चौहान, भारत भूषण उपाध्याय ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। संगीत विभाग से अंजना शर्मा, नृत्य विभाग से शुभी शर्मा, ब्रजनंदिनी, निधि गौर, सर्वदा वर्मा, औरेटरी विभाग से मनोज सारथी, पूजा तिवारी, जूही मिश्रा, ऋचा दुबे, पारुल वार्ष्णेय, शालू अग्रवाल ने अपने अपने कार्य को देश भक्ति के रंग में डूबकर सफलता के सोपान पर पहुंचाया।