Tuesday, January 13, 2026
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जीएलए में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में जुटे विशेषज्ञ और शोधार्थी

-जीएलए : अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में केन्द्र और प्रदेश सरकार के प्रयासों को पीसीआई के प्रेसीडेंट ने सराहा

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के फार्मेसी विभाग में तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है। सेमिनार में देश और विदेश के विषय-विशेषज्ञ सहित शिक्षक और शोधार्थी शामिल हुए हैं। इसके अलावा कई राज्यों से शोध पत्र भी प्रकाशन हेतु प्राप्त हुए हैं।

विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में आयोजित तीन दिवसीय सेमिनार का शुभारम्भ मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत श्री गणेशीलाल अग्रवाल जी के चित्रपट के समक्ष मुख्य अतिथि फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रेसीडेंट डा. मोंटू पटेल, विशिष्ठ अतिथि एजुकेशन रेगुलेशन कमेटी एंड पीसीआई मेंबर डा. दीपेन्द्र सिंह, राजीव एकेडमी फार्मेसी विभाग के निदेशक डा. देवेन्द्र पाठक, सीसीएस यूनिवर्सिटी मेरठ फैकल्टी ऑफ फार्मेसी के डीन डा. विभु साहनी, जीएलए फार्मेसी के निदेषक डा. अरोकिया बाबू, विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजेयी ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

सेमिनार को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डा. मोंटू पटेल ने केन्द्र सरकार द्वारा फार्मा सेक्टर में दिए गए अतिरिक्त योगदान की सराहना करते हुए कहा कि इस बार सरकार ने 1 हजार करोड़ का निवेश किया है। इससे फार्मेसी सेक्टर में पिछले वर्षों से अब तक पेटेंट के ग्राफ में भी काफी इजाफा हुआ है। राज्य सरकार भी प्रदेश को फार्मा इंडस्ट्री का हब बनाने के प्रयासों में जुटी हुई है। इसके लिए एपीआई पार्क और फार्मा पार्क बनाए गए हैं। इससे यह साबित होता है कि उत्तर प्रदेश आने वाले समय पूरे विष्व को एपीआई एक्टि फार्मा स्युटिकल सामिग्री उपलब्ध करायेगा।

उन्होंने बताया कि फार्मा सेक्टर में रोजगार सृजन हेतु नेषनल जॉब पोर्टल बनाने पर कार्य चल रहा है। इसके माध्यम से फार्मासिस्ट को जॉब हासिल करने में आसानी होगी। यानि प्रत्येक फार्मासिस्ट को रोजगारपरक बनाने में सरकार के प्रयास हैं। उन्होंने बताया कि एक और बड़ी तैयारी की ओर सरकार ने अपने कदम बढ़ाए हैं। जल्द ही सेंट्रल रजिस्ट्रेशन नंबर व बार कोड़ शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रदान किए जाएंगे। शिक्षकों और रिसर्च स्कॉलर का पेय स्केल बढ़ाने पर काम चल रहा है। रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभाने के लिए रिसर्च स्कॉलर्स और शिक्षकों को जागरूक किया जा रहा है। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने अंतरराश्ट्रीय स्तर पर ऐसे सेमिनार आयोजित कराने के लिए अनुरोध किया।

विशिष्ट अतिथि डा. विभु साहनी ने फार्मासिस्टों के सहयोग के लिए पीसीआई को अपग्रेड करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पीएम योजना नीति आयोग (हील बाइ इंडिया) के द्वारा बहुत लोगों को लाभान्वित किया गया है। जल्द ही भारत फार्मेसी पैकेजिंग में भी अग्रसर होगा।
विशिष्ठ अतिथि डा. दीपेन्द्र सिंह ने कहा कि हम दुनियां के सबसे दवा बनाने वाले मैन्युफैक्चरर हैं, लेकिन हमें हमेषां एपीआई और रॉ मटेरियल बाहर से लेना पड़ता है। यही कारण है कि दवाओं का मूल्य अधिक होता है। जल्द ही इस समाधान हेतु सरकार आगे काम कर रही है। यह समस्या भी खत्म होते ही सभी को कम कीमत पर दवा उपलब्ध होगी।

विशिष्ट अतिथि डा. देवेन्द्र पाठक ने कहा कि आजकल की युवा पीढ़ी को ज्ञान तो गूगल से भी मिल जायेगा, लेकिन विवेकषील बनने के लिए तो मेहनत करने की आवश्यकता है।

जीएलए फार्मेसी विभाग के निदेशक डा. अरोकिया बाबू ने बताया कि तीन दिन तक फार्मेसी विद्यालयों में हो रहे रिसर्च को सभी छात्र-छात्राएं ओरल प्रेजेंटेशन व पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से साझा करेंगे और छात्रों की शोध गुणवत्ता के अनुसार प्रथम व द्वितीय पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किए जाएंगे।

सेमिनार में एंट्रा जेनिका नई दिल्ली, रेडिस लेबोरेटरी, नोवाट्रिस हैदराबाद, डावर रिसर्च फाउंडेषन गाजियाबाद, पतंजलि रिसर्च इंस्टीट्यूट हरिद्वार, जुविलेंट जेनेटिक्स ग्रेटर नोएडा, ऑरिजेन ऑन्कोलॉजी बैंगलोर, मेनकाईड फार्मा नई दिल्ली, सन फार्मा बडोदरा, नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल एजुकेशन और रिसर्च मोहाली पंजाब, जादवपुर यूनिवर्सिटी कोलकाता, जामिया हमदर्द, टेक्सस टेक यूनिवर्सिटी यूएसए, लवली विश्वविद्यालय पंजाब आदि से शोधार्थी और विषय-विशेषज्ञ शामिल हुए।

सेमिनार के अंत में मुख्य अतिथि को जीएलए के कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, विशिष्ट अतिथियों को निदेशक डा. अरोकिया बाबू और विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया।

सेमिनार के सफल संचालन में विभाग के शिक्षकों और छात्रों का योगदान सराहनीय रहा। कार्यक्रम का संचालन एसोसिएट प्रोफेसर डा. सोनिया सिंह ने किया।

सावधानी ही साइबर अपराधों से बचने का एकमात्र उपाय: अलका यादव

आरआईएस में साइबर क्राइम और सुरक्षा पर हुई कार्यशाला

मथुरा। छात्र-छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराधों से बचाने के लिए राजीव इंटरनेशनल स्कूल में बुधवार को साइबर क्राइम और सुरक्षा पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। सब इंस्पेक्टर अलका यादव ने छात्र-छात्राओं को सुरक्षित डिजिटल वातावरण की जानकारी देने के साथ ही साइबर अपराधों से बचने के उपाय सुझाए। उन्होंने कहा कि सावधानी ही साइबर अपराधों से बचने का एकमात्र उपाय है।
सब इंस्पेक्टर अलका यादव ने शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में इंटरनेट की दुनिया में हर व्यक्ति कम्यूषकटर और मोबाइल से जुड़ा है। आएदिन साइबर क्राइम के मामले सामने आ रहे हैं लिहाजा हम किसी अनजान व्यक्ति को अपने बैंक खाता या एटीएम की जानकारी न दें। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, अनजान नम्बरों से आई काल, ओटीपी वेरिफिकेशन स्वीकार न करें, अपना डेबिट व क्रेडिट कार्ड, एटीएम पिन, नेट बैंकिंग का पासवर्ड शेयर न करें।
कार्यशाला में सब इंस्पेक्टर यादव ने छात्राओं को उनके प्रति होने वाले अपराधों से भी जागरूक किया। अलका यादव ने छात्राओं को बताया कि इस समय मथुरा में एंटी रोमियो की 23 टीमें काम कर रही हैं परंतु जब तक छात्राएं स्वयं जागरूक नहीं होंगी और इस टीम का सहयोग नहीं करेंगी तब तक बढ़ते हुए अपराधों पर लगाम लगाना मुश्किल होगा। उन्होंने छात्राओं से आग्रह किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति की मित्रता स्वीकार नहीं करें तथा एफबी एवं इंस्टाग्राम आदि पर अपनी फोटो कतई अपलोड नहीं करें।
उन्होंने छात्राओं को बताया कि यदि किसी भी प्रकार के अपराध की शिकायत आपके द्वारा की जाती है तो उसे गुप्त रखा जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों को महिला हेल्पलाइन नम्बर 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098, सीएम हेल्पलाइन नम्बर 1076 एवं 112 आदि की उपयोगिताओं से भी रूबरू कराया। मथुरा एंटी रोमियो टीम के सदस्य कांस्टेबल संजय एवं अनुज ने विद्यार्थियों को इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड मजबूत व सिक्योर बनाने, इंटरनेट मीडिया का उपयोग करते समय सावधानी बरतने, अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने की अपील की। उन्होंने बायोमैट्रिक फ्राड, यूपीआई संबंधी फ्राड, पालिसी, चिटफंड, लाटरी का लालच देकर किए जाने वाले फ्राड, आनलाइन एप के माध्यम से सामान खरीदने व बेचने से संबंधित फ्राड आदि के बारे में भी छात्र-छात्राओं को जानकारी दी। संजय और अनुज ने शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं से अनजान वीडियो कॉल नहीं उठाने का भी आह्वान किया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि जागरूक रहकर ही हम अपने प्रति होने वाले अपराधों पर लगाम लगा सकते हैं। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि इस तरह की जानकारियां विद्यार्थियों को अवश्य दी जानी चाहिए जिससे वह अपने प्रति होने वाले किसी भी अपराध से स्वयं की सुरक्षा कर सकें। विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने छात्र-छात्राओं से सभी हेल्पलाइन नम्बर लिखने का आग्रह किया ताकि आवश्यकता पड़ने पर जवाबदेह लोगों से शिकायत की जा सके।

छाता क्षेत्र में मेरा परिवार, जिसकी सेवा करना मेरा कर्तव्य, नरदेव चौधरी प्रतिनिधि केबिनेट मंत्री

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बुधवार को छाता तहसील क्षेत्र एवं कोसीकला के गाँव कामर में ग्रामीणों की मांग पर जिला पंचायत सदस्य निधि से बनने वाली करीब 25 लाख रुपये की लागत से एक किमी० सड़क का नारियल फोड़कर शिलान्यास किया।। इस मौके पर मौजूद ग्रामवासियों ने माला एवं स्वाफ़ा पहनाकर स्वागत करते हुए आशीर्वाद दिया। कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि ने बताया कि यह सड़क काफी दिनों से खराब थी। जिसकी वजह से गांव के किसानो महिलाओं एवम स्कूली बच्चो को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन इस सड़क बनने के बाद गांव के लोगो की समस्या समाप्त होगी। इस मौके पर गांव के प्रधान सहित गाँव के मौजूदा लोग मौजूद रहे जिन्होंने सड़क निर्माण कार्य के उद्घाटन की भूरी भूरी प्रशंसा की।

करियर में सफलता के लिए जरूरी है प्लानिंगः अंकित बंसल

राजीव एकेडमी में करियर एण्ड बिजनेस अपार्च्युनिटी पर गेस्ट लेक्चर

मथुरा। हर कोई सफलता के शिखर पर पहुंचना चाहता है, इसके लिए लोग देश-विदेश के अच्छे कॉलेजों से एज्यूकेशन भी हासिल करते हैं, बावजूद इसके कुछ लोग ही निर्धारित लक्ष्य के अनुसार अपना करियर बना पाते हैं। इस असफलता के कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इसके मुख्य कारणों में से एक है व्यवस्थित तरीके से करियर प्लानिंग न करना। यदि करियर में हमें सफलता हासिल करनी है तो पहले से प्लानिंग करनी होगी। यह बातें राजीव एकेडमी में हाउ टू क्रियेट करियर एण्ड बिजनेस अपार्च्युनिटी विषय पर आयोजित कार्यशाला में बंसल फूड के डायरेक्टर अंकित बंसल ने बीबीए के छात्र-छात्राओं को बताईं।
श्री बंसल ने कहा कि करियर प्लानिंग एक व्यवस्थित प्रक्रिया है जिसके द्वारा कोई व्यक्ति अपने करियर के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए रास्ता चुनता है। करियर प्लानिंग के लिए पहला कदम है खुद का मूल्यांकन और फिर स्वतः निर्धारण यानि सबसे पहले आपको अपनी रुचि, नापसंद, कमजोरी, ताकत आदि सब का पता लगाना है। करियर प्लानिंग के लिए अपने आपको समझना बहुत जरूरी है। इसलिए अपने लिए कुछ समय निकालें तथा उन सभी कामों की सूची बनाएं जोकि आप करना चाहते हैं।
श्री बंसल ने कहा कि शिक्षा हासिल करने के बाद सभी को कोई न कोई खास फील्ड चुनना होता है, जहां वह जॉब या व्यापार की सम्भावनाएं तलाशता है। लेकिन किसी भी संगठन या कम्पनी में खुद की आवश्यकताओं, क्षमताओं, रुचि आदि के आधार पर अपना रास्ता स्वयं बनाना पड़ता है। ब्राइट करियर के लिए, सब कुछ पहले से प्लान करने से आप अपना काफी समय बचा सकते हैं। ऐसा करने से जैसे-जैसे आप आगे बढ़ेंगे, आपके लिए हर चीज पर नजर रखना आसान होगा, इसलिए अपना समय बचाने के लिए अपनी करियर प्लानिंग जरूर बनाएं।
अपने कारपोरेट अनुभव को साझा करते हुए श्री बंसल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में जॉब मार्केट में बहुत बड़े बदलाव हुए हैं यानि कि लोगों का करियर ग्राफरोलर कोस्टर की तरह रहा है। हर साल प्रमोशन, वेतन वृद्धि अब पुरानी बातें हो गई हैं। आज इकोनॉमी की कमजोरी के दौर में जॉब मार्केट में भारी अनिश्चितताएं हैं। अतः आपको बेहतर जॉब के लिए बेहतर प्लानिंग की बहुत जरूरत है।
श्री बंसल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि पहले खुद को समझें उसके बाद मौजूदा जॉब प्रोफाइल व बिजनेस का आकलन करें। व्यापार लम्बी अवधि तक चले इसके लिए प्लानिंग जरूर करें। जॉब और बिजनेस में लगातार नया सीखें और आगे बढ़ें। आपके लिए यह महत्वपूर्ण है कि आप सीखे हुए स्किल का प्रयोग भी करें। लोगों से सम्पर्क बनाना सीखें तथा उनके अनुभव का लाभ उठाएं। अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने अतिथि वक्ता का आभार माना।

दिनांक 23.11.2023 को मा0 प्रधान मन्त्री जी भारत सरकार, मा0 मुख्य मन्त्री जी उ0प्र0 सरकार एवं मा0 राज्यपाल महोदया उ0प्र0 के मथुरा आगमन पर जनपद मथुरा की यातायात व्यवस्था निम्न प्रकार से संचालित होगी

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प्रेस नोट

   दिनांक 23.11.2023 को मा0 प्रधान मन्त्री जी भारत सरकार, मा0 मुख्य मन्त्री जी उ0प्र0 सरकार एवं मा0 राज्यपाल महोदया उ0प्र0 के मथुरा आगमन पर जनपद मथुरा की यातायात व्यवस्था निम्न प्रकार से संचालित होगी

डायवर्जन प्लान

  1. गौशाला तिराहा (महावन) एवं बिचपुरी तिराहा (राया ) से लक्ष्मीनगर चौराहा की ओर सभी प्रकार के भारी / कॉमर्शियल वाहन उक्त दिनांक को प्रतिबन्धित रहेगे ।
  2. लक्ष्मीनगर चौराहे से सभी प्रकार के भारी /कॉमर्शियल वाहन /रोडवेज बस टैंक चौराहे की ओर प्रतिबन्धित रहेगे । ये वाहन गोकुल वैराज/टाउनशिप होते हुए अपने गन्तव्य को जायेगे ।
  3. सदर रामलीला ग्राउण्ड से एनसीसी तिराहा, टैंक चौराहा की ओर सभी प्रकार के वाहन उक्त दिनांक को पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  4. थाना हाइवे कट से धौली प्याऊ की ओर सभी प्रकार के भारी वाहन/कॉमर्शियल / ई-रिक्शा / टैम्पो प्रतिबन्धित रहेगे। ये वाहन एनएच-19 होकर अपने गन्तव्य को जायेगे तथा वीवीआईपी कार्यक्रम के समय सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे।
  5. पुराना आरटीओ कट से मोतीकुंज की ओर समस्त समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे |
  6. गोवर्धन चौराहा/मन्डी चौराहा से सभी प्रकार के भारी वाहन/कॉमर्शियल वाहन तथा रोडवेज बस प्रतिबन्धित रहेगी । रोडवेज बस मालगोदाम तक ही आयेगी तथा मालगोदाम से ही वापस अपने गन्तव्य को जायेगी। आवश्यकतानुसार चार पहिया वाहनो को भी नये बस अड्डे की ओर प्रतिबन्धित किया जायेगा। मालगोदाम की ओर से नये बस अड्डे की ओर ई-रिक्शा / टैम्पो पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  7. कृष्णा नगर बिजलीघर तिराहा/ फायर सर्विस तिराहा से भूतेश्वर तिराहा की ओर उक्त दिनांक को सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे।
  8. पानीगांव चौराहा से सौ-सैया की तरफ एवं सौ–सैया तिराहा से मसानी चौराहा की तरफ समस्त प्रकार के भारी / कॉमर्शियल वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  9. गोकुल रेस्टोरेन्ट से मसानी की ओर जाने वाले सभी प्रकार के भारी/कॉमर्शियल वाहन प्रतिबन्धित रहेगे तथा मसानी चौराहा से डींग गेट की ओर सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे। यह वाहन एनएच-19 होकर अपने गन्तव्य को जायेगे।
  10. गोकरन तिराहा से चौक बाजार की ओर चार पहिया वाहन एवं चौक बाजार से मिलन तिराहा की ओर उक्त दिनांक को सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे।
  11. चौक बाजार से मिलन तिराहा की ओर सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे।
  12. भैस बहोरा से अमरनाथ कट की ओर समस्त प्रकार के वाहन उक्त दिनांक को पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे।
  13. स्टेट बैक चौराहा से बृजरज उत्सव हनुमान तिराहा धौली प्याऊ की ओर सभी प्रकार के वाहन उक्त दिनांक को पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे।
  14. एफसीआई तिराहा महौली रोड से बस अड्डा की ओर समस्त प्रकार के वाहन उक्त दिनांक को प्रतिबन्धित रहेगे। उक्त दिनांक को सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  15. जिला वेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से हनुमान तिराहा धौली प्याऊ की ओर उक्त दिनांक को सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  16. गोकुल वैराज मोड तिराहा से पुलिस लाइन की ओर सभी प्रकार के भारी वाहन/कॉमर्शियल वाहन प्रतिबन्धित रहेगे तथा कैनरा बैक कच्ची सड़क से तहसील तिराहा की ओर समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे । यह वाहन टाउनशिप एनएच-19 / लक्ष्मीनगर चौराहा होकर अपने गन्तव्य को जायेगे
  17. डाक खाना तिराहा से पुलिस लाइन की तरफ एवं राजीव तिराहा से तहसील तिराहा की तरफ समस्त प्रकार के वाहन उक्त दिनांक को पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे।

नोटः- वीवीआईपी रूट गोकुल वैराज तिराहा से टैक चौराहा से मछली फाटक से धौली प्याऊ तक एवं टैक चौराहा से स्टेट बैक चौराहा से नया बस स्टेण्ड से भूतेश्वर तिराहा से के0जे0एस0 फाटक से मसानी चौराहा तक समस्त प्रकार के टैम्पो / ई-रिक्शा पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।

पार्किग स्थल

बृजतीर्थ विकास परिषद मथुरा उ0प्र0 कार्यक्रम से सम्बन्धित वाहन निम्न पार्किंग मे पार्क कराये जायेगे

  1. सदर रामलीला ग्राउण्ड पार्किंग (बडे वाहन)
  2. जीआईसी ग्राउण्ड पार्किंग (बडी बस)
  3. बी0एन0 पोद्दार पार्किंग (हल्के व भारी वाहन)
  4. थाना हाइवे के सामने इन्द्रप्रस्थ कालौनी के बरावर में पेट्रोल पम्प के सामने खाली भूमि पार्किंग (बडे व छोटे वाहन )
  5. माल गोदाम रोड पर पार्किंग (बडे वाहन व बस)
  6. केन्ट स्टेशन गेट पार्किंग ( छोटे वाहन)
  7. 10, 11 बीएन एनसीसी मैदान पार्किंग (छोटे वाहन )
  8. धौली प्याऊ रेलवे स्टेशन गेट न0- 03 (छोटे वाहन)
  9. मल्टीलेवल पार्किंग विकास बाजार (छोटे वाहन)
  10. कलैक्ट्रेट परिसर पार्किंग (छोटे वाहन)

नोटः- वीवीआईपी के मूवमेन्ट के समय वीआईपी मार्ग पर सभी प्रकार के छोटे/बडे वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे, ये वाहन वीवीआईपी कार्यक्रम समाप्ति के उपरान्त अपने अपने गन्तव्य को जा सकेगे एम्बूलेन्स तथा फायर सर्बिस जैसे आपात कालीन वाहनो को सभी प्रतिबन्धो से मुक्त रखा जायेगा आमजनमानस से अनुरोध है कि उक्त डायवर्जन प्लान के अनुरूप मार्गो का उपयोग कम करे ।

रोजमर्रा की सामग्रियों का सही उपयोग और प्रबंधन जरूरीः शुभी सचान

जी.एल. बजाज में हुई पर्यावरण संरक्षण पर कार्यशाला

मथुरा। पर्यावरण प्रदूषण एक वैश्विक समस्या जरूर है लेकिन हम अनुपयुक्त वस्तुओं के सही प्रबंधन द्वारा इससे निजात पा सकते हैं। हम अपने घर के अनुपयुक्त सामान को सही तरीके से प्रबंधित कर, वस्तुओं को फेंकने की बजाय उनकी मरम्मत कर अपने द्वारा उत्पादित कचरे की मात्रा और पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव में बड़ा अंतर ला सकते हैं। यह बातें जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा के छात्र-छात्राओं को जानी-मानी डिजाइनर शुभी सचान ने बताईं।
सुश्री सचान ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण से ही हम अपने आसपास के वातावरण को सुरक्षित रख सकते हैं। छात्र-छात्राएं इसमें बड़ी भूमिका अदा कर सकते हैं क्योंकि वही हमारा भविष्य हैं। रचनात्मक नवाचार को प्रतिबद्ध शुभी सचान ने कहा कि भविष्य उन लोगों का है जो अपने सपनों की सुन्दरता में विश्वास करते हैं। लंदन के सेंट्रल सेंट मार्टिंस स्कूल ऑफ आर्ट एण्ड डिजाइन से मटेरियल फ्यूचर्स में परास्नातक सुश्री सचान ने टिकाऊ डिजाइन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी परियोजनाएं, ’लाइफ ऑफ ए बुलेट’ और ’ट्रेडिशनल फ्यूचर्स’ कार्यात्मक और पर्यावरण के अनुकूल वस्तुओं को बनाने में अपशिष्ट पदार्थों की क्षमता पर प्रकाश डालती हैं।
मटेरियल लाइब्रेरी ऑफ इंडिया के साथ चर्चा के दौरान सुश्री सचान ने छात्र-छात्राओं से दैनिक जीवन में उपयोग की जाने वाली सामग्रियों को समझने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि हम रोजमर्रा की सामग्रियों का सही उपयोग कर स्वच्छ आज, हरा कलः कचरे का बुद्धिमानी से प्रबंधन विषय को सही साबित कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हम अनुपयुक्त वस्तुओं को जलाकर पर्यावरण को ही प्रदूषित करते हैं। अपशिष्ट जलाए जाने से होने वाला प्रदूषण कई स्वास्थ्य समस्याओं अस्थमा, हृदय रोग, कैंसर जैसी गम्भीर बीमारियों से जुड़ा हुआ है।
सुश्री सचान ने कहा कि अपशिष्ट और उसका गलत प्रबंधन भी बड़ी समस्याएँ पैदा कर रहा है। फेंके जाने वाले भोजन से हम प्रचुर मात्रा में श्रम, ऊर्जा और भूमि संसाधनों को खो देते हैं। ठोस कचरे का संचय एक खतरनाक पर्यावरणीय बम है जो पर्यावरण और हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। भारत जैसे आबादी बहुल देश में पर्यावरण के मुद्दे को बहुत गम्भीरता से लेने की जरूरत है, ताकि आने वाली पीढ़ी के लिए हम सबसे सुंदर ग्रह पृथ्वी को सुरक्षित रख सकें।
अगर हमें कचरा प्रबंधन में जिम्मेदारी बरतनी है, तो हमें अपने घर की अनुपयुक्त वस्तुएं इस तरह रखनी होंगी जोकि बाहर जाकर भी समस्या और परेशानी का बायस न बनें। सुश्री सचान ने छात्र-छात्राओं को ई-अपशिष्ट से होने वाले खतरों से भी आगाह किया। उन्होंने कहा कि आजकल हर घर में बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं का उपभोग किया जा रहा है, घरेलू स्तर पर इन्हें फेंकते समय हम ध्यान रखें कि खाद्य सामग्री और ई-कचरा अलग-अलग रखा जाए। अगर आपने टूटा हुआ थर्मामीटर या फ्यूज हुआ बल्ब कचरे में मिला दिया तो उसका जहर पूरे कचरे को विषाक्त कर देगा। अंत में संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने डिजाइनर शुभी सचान को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका आभार माना।

जीएलएः सोशल साइंस शोध के क्षेत्र में चुनौती और अवसरों पर मंथन

-जीएलए के प्रबंधन संकाय में हुआ आईसीएसएसआर स्पॉन्सर्ड वर्कशॉप का आयोजन

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के प्रबंधन संकाय में इंडियन कॉउंसिल ऑफ सोशल साइंस रिसर्च-एनआरसी द्वारा प्रायोजित दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईआईटी, बीएसएनएल, निप्पोन पेंट्स, एलपीयू, दयालबाग एजुकेशनल इंस्टिट्यूट, राजीव एकेडमी, सीआईएस इंटरनेशनल स्कूल, वीआईपीएस आदि समेत विभिन्न सरकारी, गैर-सरकारी संस्थानों से जुड़े उच्च पदस्थ अधिकारियों, शोधार्थियों और शिक्षक-शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।

’नर्चरिंग एक्सीलेंस इन सोशल साइंस रिसर्च-एम्पॉवरिंग ह्यूमन कैपिटल फ़ॉर सस्टेनेबल इंडियन ग्रोथ’ विषय पर आधारित इस कार्यशाला में बतौर विषय विशेषज्ञ संबोधित करते हुए जिंदल ग्लोबल बिज़नेस स्कूल के निदेशक-रिसर्च सैल प्रो. सचिन मंगला ने गुणवत्तापूर्ण शोध के मुख्य तत्वों और प्रक्रियाओं की जानकारी दी। उन्होंने शोध कार्यों को बढ़ावा देने में आईसीएसएसआर व अन्य संस्थाओं के महत्व पर प्रकाश डाला और साथ ही रिसर्च ग्रांट हेतु आवेदन करने से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।

रिलायंस इंडस्ट्रीज संग बतौर वरिष्ठ महाप्रबंधक जुड़े डा. सतबीर सिंह ने शोध कार्यों के दौरान प्रयुक्त होने वाली तकनीकों पर चर्चा की। विशेष तौर पर उन्होंने एमसीडीएम तकनीक पर प्रकाश डाला। आईओसीएल के मानव संसाधन प्रबन्धक नीरज जैसवाल ने सोशल साइंस रिसर्च के क्षेत्र में चुनौतियों और नवीन अवसरों से सभी को रूबरू कराया।

जीएलए विश्वविद्यालय के प्रबंधन संकाय निदेशक प्रो. अनुराग सिंह ने ट्रांसलेटिंग रिसर्च इनटू एक्शन विषय पर व्याख्यान देते हुए विभिन्न क्षेत्रों व कार्यों में रिसर्च के महत्व को समझाया। विष्वविद्यालय के एसोसिएट डीन रिसर्च प्रो. कुशाग्र कुलश्रेष्ठ ने अंत विषय और सहयोगात्मक अनुसंधान पर विभिन्न समसामयिक उदाहरणों संग चर्चा की। संकाय के एसोसिएट प्रोफेसर व अकेडमिक एरिया चेयर फाइनेंस डा. अंकित सक्सेना ने शोध कार्यों में नैतिकता एवं नैतिक व्यवहार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

प्रथम दिन शुभारंभ सत्र के दौरान स्वागत उद्बोधन व विषय प्रवर्तन का कार्य कार्यशाला की संयोजक एसोसिएट प्रोफेसर डा. सुचेता अग्रवाल द्वारा किया गया। सत्रांत धन्यवाद ज्ञापन डा. अनीसिया शर्मा व अवनीश शर्मा द्वारा दिया गया।

कार्यशाला के आयोजन में बतौर अध्यक्ष प्रो. अनुराग सिंह, सह-अध्यक्ष प्रो. उत्कल खण्डेलवाल, बतौर सह-संयोजक प्रो. विवेक अग्रवाल व प्रो. जितेंद्र कुमार दीक्षित व बतौर समन्वयक डा. शिवम भारद्वाज, डा. सुनील कुमार, डा. सागर वार्ष्णेय ने अपने दायित्वों का निर्वहन किया। कार्यशाला के सफल आयोजन में संकाय के विद्यार्थियों तरुण, जितेंद्र, शुभम, आरुषि, गौरी, सायरस, वैभव, निश्चल, चित्रांशी का विशेष सहयोग रहा।

संस्कृति विवि का लक्ष्य डा.कलाम के सपने को साकार करना

मथुरा । संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एजुकेशन में राष्ट्रीय शिक्षा दिवस के दिवस पर आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। पोस्टर प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। भारत सरकार के द्वारा निर्धारित मानकों के तहत इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
देश के प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आजाद के जन्म दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पोस्टर मेकिंग में भाग लिया जिसमें प्रथम स्थान द्वितीय स्थान एवं तृतिय स्थान प्राप्त किया एवं इन विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया तथा विद्यार्थियों ने नाटक प्रस्तुत किया और शिक्षा के महत्व को बताया।
कार्यक्रम का उद्घाटन कुलाधीपति डॉ. सचिन गुप्ता ने किया सीईओ डॉ. मीनाक्षी शर्मा, कुलपति प्रोo एम. बी. चेट्टी, स्कूल ऑफ एजुकेशन की डीन डॉ. रेनू गुप्ता, स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के डीन डॉ. के. के. सिंह, स्कूल ऑफ रिहैबिलिटेशन के विभागाध्यक्ष बैरिस्टर यादव ने किया। डॉ. सचिन गुप्ता ने बताया कि भारत के प्रथम शिक्षा मंत्री अबुल कलाम आज़ाद का सपना था कि देश का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षा ग्रहण करे और देश को उन्नत राष्ट्र का निर्माण करे, उनके सपने को आगे बढ़ाना है, शिक्षा के द्वारा ही विद्यार्थीयों में व्यक्तित्व, चरित्र, मानव मूल्य का निर्माण होता है, शिक्षा ही व्यक्ति एवं देश को सशक्त बनाती है, इस कार्य में विश्वविद्यालय नित्य नवीन कार्य कर रहा है।
स्कूल ऑफ एजुकेशन की डीन डॉ. रेनू गुप्ता ने शिक्षा के महत्व को बताया एवं राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2023 का विषय “सतत भविष्य के लिए अभिनव शिक्षा ” है, यह विषय शिक्षा में नवाचार के महत्व और रचनात्मक और प्रगतिशील शिक्षण विधियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर प्रकाश डालता है। डॉ. के. के. सिंह ने शिक्षा से देश में कृषि विज्ञान एवं उसके विकास को बताया। कार्यक्रम में डॉ. मृत्युंजय मिश्रा, डॉ. राजश्री, डॉ. पूनम गुप्ता, डॉ. प्रियंका गौतम, डॉ. कमल पांडेय, जय प्रकाश, पुष्पेंद्र, गोविन्द यादव, तथा विद्यार्थी मौजूद थे।

जीएलए में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह छात्रों ने दिखाई प्रतिभा

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में फार्मेसी विभाग के तत्वावधान में राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह की शुरुआत हो गयी है। इस साप्ताहिक कार्यक्रम के माध्यम से छात्रों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

विश्वविद्यालय के फार्मेसी विभाग में आयोजित राष्ट्रीय भेषजीक सप्ताह कार्यक्रम की शुरुआत विभाग के निदेशक डा. अरोकिया बाबू एवं विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने दीप प्रज्जवलित कर किया। शुभारम्भ के दौरान छात्रों के लिए कई प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। छात्रों ने एलोकेशन कॉन्टेस्ट, पोस्टर प्रतियोगिता, रंगोली प्रतियोगिता एवं फार्मा क्विज में बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।

कलाकृति उकेरने के दौरान क्विज प्रतियोगिता में बीफार्म प्रथम वर्ष की छात्रा कुसुम एवं द्वितीय वर्ष के छात्र अनमोल गोस्वामी ने प्रथम, तृतीय वर्ष से प्रिया कुशवाह एवं अतिम वर्ष के छात्र सुरेन्द्र कुमार प्रथम तथा एमफार्म से कृतिका शर्मा प्रथम स्थान पर रही।
ग्रुप रंगोली प्रतियोगिता में बीफार्म की छात्रा महक एवं भारती ने प्रथम तथा एमफार्म से अंशिका प्रथम स्थान पर रही। वहीं द्वितीय स्थान पर बीफार्म से अभिषेक और अक्षत रहे।

एलोकेशन प्रतियोगिता में प्रथम स्थान रिया वर्मा तथा द्वितीय स्थान पर हर्षित चौहान रहे। वहीं पोस्टर प्रतियोगिता में बीफार्म के अभिशेक षर्मा ने प्रथम तथा द्वितीय स्थान पर अनमोल गोस्वामी रहे।

सभी प्रतियोगिताओं का निर्णय असिस्टेंट प्रोफेसर रीना गुप्ता समापन समारोह के दौरान घोषित किया। इस दौरान विजेताओं को प्रशस्ति पत्र और ट्रॉफी से सम्मानित किया गया। समन्वय की भूमिका छात्र उदय सैनी ने निभाई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए निदेशक डा. अरोकिया बाबू ने बताया कि राष्ट्रीय फार्मेसी सप्ताह की थीम ‘जॉइन फार्मासिस्ट टू एंश्योर पेशेंट सेफ्टी‘ है। इसका अर्थ है कि मरीजों के इलाज में फार्मासिस्ट की अह्म भूमिका होती है, इसलिए उनकी सलाह दवा लेने में जरूर लेनी चाहिए। जीएलए विश्वविद्यालय में इस साप्ताहिक कार्यक्रम के तत्वावधान में रैली निकालकर फार्मेसी की भूमिका को जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। साथ ही फार्मा रैली में पोस्टर और स्लोगन लिखकर जागरूकता फैलायी। आगामी कार्यक्रम के दिनों में छात्रों को फार्मेसी की महत्ता से अवगत कराया जायेगा। इसके लिए फार्मेसी के कई एक्सपर्ट विश्वविद्यालय पहुंचकर छात्रों से रूबरू होंगे।

उन्होंने कई रंगों के माध्यम से जमीं पर कलाकृति को उकेरने वाले छात्रों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि आज के दौर में हर क्षेत्र में काफी कम्पटीशन है। इस कम्पटीशन से आगे निकलने का मात्र सिर्फ एक ही रास्ता नजर आता है कि प्रत्येक छात्र के पास अपना-अपना हुनर होना आवश्यक है।

विभागाध्यक्ष प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने बताया कि दवाओं की सही उपयोग की जानकारी केवल फार्मसिस्ट के पास होती है, इसलिए उनकी सलाह लेना आवश्यक होता है। हेल्थ केयर सिस्टम में डाक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स व स्वयं मरीज तथा मरीज की देखरेख कर रहे व्यक्ति को पूरा ध्यान देने की जरूरत है।

जॉब अवसर एवं कौशल विकास पर विशेषज्ञों ने रखी राय

राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में हुआ अतिथि व्याख्यान

मथुरा। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थान राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी मथुरा में छात्र-छात्राओं को सही मार्गदर्शन एवं बेहतर करियर विकल्प की जानकारी देने के लिए अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता विक्रांत मिश्रा मैनेजिंग डायरेक्टर न्यू पाथ सॉल्यूशंस फरीदाबाद एवं विशिष्ट वक्ता दीपिका अग्निहोत्री इंस्टीट्यूशन बिजनेस मैनेजर नॉर्थ इंडिया एबॉट फार्मा ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद कर उन्हें फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में बेहतर करियर विकल्पों के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
मुख्य वक्ता विक्रांत मिश्रा ने बेहतर करियर के लिए छात्र-छात्राओं से अपनी वक्तव्य शैली एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि फार्मास्युटिकल के क्षेत्र में बी फार्मा करने के पश्चात फार्माकोविजिलेंस, मार्केटिंग एवं दवा उत्पादन जैसे क्षेत्रों में करियर बनाया जा सकता है। श्री मिश्रा ने कहा कि जो भी कार्य करें कर्तव्य निष्ठा एवं ईमानदारी से करें तथा अपने प्रोफेशन के लिए भी पर्याप्त समय दें।
विशिष्ट वक्ता दीपिका अग्निहोत्री ने कहा कि सभी छात्र-छात्राओं में कुछ न कुछ विशेष होता है, जरूरी यह है कि वे अपने अंदर छिपी ऊर्जा शक्ति को पहचानते हुए लक्ष्य प्राप्ति के लिए अग्रसर हों। उन्होंने छात्र-छाक्षाओं के विभिन्न प्रश्नों के उत्तर देते हुए उन्हें साक्षात्कार एवं अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स को सुधारने के उपाय बताए। श्रीमती अग्निहोत्री ने सभी छात्राओं से नारी सशक्तीकरण की दिशा में अग्रसर होने का आह्वान किया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि छात्र जीवन में सेमिनार और कार्यशालाएं पुस्तकीय ज्ञान से कहीं अधिक महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि इनसे स्वयं का मूल्यांकन करने, वर्तमान स्थितियों से अपडेट रहने, अवधारणाओं को समझने और अपना नेटवर्क बनाने में मदद करती हैं। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि सेमिनार और कार्यशालाएं छात्र-छात्राओं को अपने ज्ञान का विस्तार करने तथा तकनीकी प्रगति के साथ अद्यतित रहने में काफी उपयोगी होती हैं।
राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेंद्र पाठक ने कहा कि संस्थान छात्र-छात्राओं के समग्र व्यक्तित्व विकास को प्रतिबद्ध है। राजीव एकेडमी में ऐसी कार्यशालाओं के आयोजन का मकसद विद्यार्थियों को उनके स्वर्णिम करियर को नई दिशा देना है। प्रो. पाठक ने अतिथि वक्ताओं का अमूल्य समय देने के लिए आभार माना तथा उन्हें स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) हिमांशु चोपड़ा ने अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन पर प्रसन्नता जताई। कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर पवन पांडेय ने किया। कार्यशाला में परीक्षा प्रमुख प्रो. तालेवर सिंह, प्रो. मयंक कुलश्रेष्ठ, एसोसिएट प्रोफेसर आर.के. चौधरी, असिस्टेंट प्रोफेसर सुनम शाह, ब्रजनंदन दुबे, विभा, आकाश गर्ग, शिवेंद्र कुमार, ब्रजेश कुमार शर्मा, वर्षा स्नेही, रितिक वर्मा, प्रतीक्षा राजौरिया, सोनल बंसल, सौम्यदीप मुखर्जी, कुलदीप सिंह, अविनाश मिश्रा एवं सांस्कृतिक प्रमुख रूत्वी अग्रवाल आदि उपस्थित रहे।