Thursday, January 15, 2026
Home Blog Page 190

मथुरा एआरटीओ प्रशासन की बात ही निराली! समस्या का समाधान तो दूर बोले नया बनवाओ

0

-संबंधित व्यक्ति बोला पहले लर्निंग के पैसे दो फिर डीएल के अलग दो, आखिर कहां से आये इतना पैसा

मथुरा: ये मथुरा एआरटीओ कार्यालय है। यहां कब क्या हो जाय कोई पता नहीं। पिछले रिकाॅर्ड बिल्कुल ध्वस्त हैं। पुराने लाइसेंस धारक अपने लाइसेंस के नवीनीकरण कराने को चक्कर काट-काटकर थक चुके हैं, लेकिन एआरटीओ प्रशासन की बात ही निराली सभी एक स्वर में बोलते हैं कि नया बनवाओ। लाइसेंस धारकों का कहना है कि इसका खामियाजा दो बार फीस जमा कर हम क्यों भुगतें।

मथुरा जनपद के सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय के हाल ए बेहाल हैं। यहां के एआरटीओ प्रशासन पुराने लाइसेंस धारकों को इस प्रकार चलता कर देते हैं कि जैसे वह किसी अन्य जनपद अथवा अन्य स्टेट से आये हैं। पुराने लाइसेंस धारकों का रिकाॅर्ड नहीं मिल रहा है तो उनको संतुष्ट करना तो बहुत दूर की बात है उनसे साफ कह दिया जाता है कि यहां कोई रिकाॅर्ड नहीं है। सब कुछ नया होगा। इसके लिए बाहर से आवेदन कराओ। पुराने लाइसेंस धारक दिगंबर का कहना है कि इसका खामियाजा वह क्यों भुगतें ? एआरटीओ प्रशासन की लापरवाही के चलते पुराने लाइसेंस धारक दूने पैसे देने मजबूर क्यो हों। पहले लर्निंग बनवायें उसकी फीस भरें उसके बाद पीवीसी कार्ड के लाइसंेस की फीस भरें। ये कौन सा नियम है।

स्थिति ये है कि एआरटीओ प्रशासन बिना एवीडेंस के ही पुराने लाइसेंस धारकों चलता कर देते हैं। उनके लाइसेंस को न तो देखा जाता है कि सिर्फ पूछकर और पुरानी वर्ष सुनकर ही नया बनवाने का आदेश कर रहे हैं। यानि गलती एआरटीओ कार्यालय की और दूनी फीस भरें पुराने लाइसेंस धारक।

दलाल लग रहे पीछे

पुराने लाइसेंस धारक एआरटीओ कार्यालय से समाधान न होने को लेकर जैसे ही बाहर निकलते हैं तो, दलाल तत्काल लपक पड़ते हैं। स्थिति ये है कि पुराने धारकों को जल्द ही लर्निंग और परमानेंट लाइसेंस जारी होने तक का प्रलोभन दे रहे हैं। आखिर यह किसकी सह पर दलाल कार्यालय में संलिप्त हैं। एआरटीओ प्रशासन का इस ओर ध्यान क्यों नहीं है ? पुराने लाइसेंस धारकों के साथ आखिर क्यों न्याय नहीं हो पा रहा है।
पीड़ित व्यक्ति दिगंबर के बारे में एआरटीओ प्रशासन से बात की गयी तो वह बोले पुराना कोई एविडेन्स नहीं चलेगा। इसके लिए नया ही जारी होगा। सभी प्रोसेस तो फाॅलो करने होंगे।

उड़ीसा से आया श्रद्धालु मथुरा से लापता

0

मथुरा–उड़ीसा से मथुरा दर्शनों के लिए आये श्रद्धालुओं के जत्थे से एक श्रद्धालु जुगल किशोर साँई लापता हो गया।गोविंद नगर में गुमशुदगी दर्ज कराई गई है।

26 सितम्बर को उड़ीसा से दर्शन करने करीब 50 लोगों का जत्था मथुरा आया था।सभी लोग श्रीकृष्ण जन्मभूमि के दर्शन करने के लिए गए थे,इसी दौरान उड़ीसा के रहने वाले जुगुल किशोर साँई लापता हो गए।साथियों ने खोजबीन के काफी प्रयास किए लेकिन कोई सफलता हाथ नहीं लगी।जिसके बाद पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई।परिवार के लोग अभी भी लापता हुए जुगल किशोर साँई को खोजने में लगे हुए हैं।

के.डी. हॉस्पिटल में मरीज के दिल की हुई सफल एंजियोप्लास्टी

कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिवानंद पटेल ने चतुर सिंह को दिया नया जीवन

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिवानंद पटेल ने बाजना, मथुरा निवासी हार्ट अटैक मरीज चतुर सिंह (60) की ब्लॉक हो चुकी दिल की नाड़ियों में तुरंत एंजियोप्लास्टी कर उसकी जान बचाने में सफलता हासिल की। अब मरीज बिल्कुल स्वस्थ है।
जानकारी के अनुसार विगत दिवस चतुर सिंह (60) निवासी बाजना, मथुरा के सीने में असहनीय दर्द और बहुत कम रक्तचाप होने के चलते गम्भीर हालत में के.डी. हॉस्पिटल लाया गया। मरीज की स्थिति को देखते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिवानंद पटेल ने तत्काल एंजियोग्राफी कराई जिससे पता चला कि उसके दिल की तीनों नाड़ियां पूरी तरह बंद हैं। डॉ. पटेल ने परिजनों को मरीज की गम्भीर स्थिति से अवगत कराया तथा तत्काल सर्जरी की सलाह दी।
परिजनों की सहमति के बाद डॉ. शिवानंद पटेल और उनकी टीम द्वारा मरीज की एंजियोप्लास्टी के माध्यम से बंद नाड़ियों को खोला गया। बंद नाड़ियों के खुलते ही मरीज की धड़कन शुरू हो गई, उसके बाद उसकी बायपास सर्जरी की गई। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ है तथा उसे छुट्टी दे दी गई है। इस सर्जरी पर डॉ. पटेल का कहना है कि ऐसे केस में बहुत कम लोगों की जान बच पाती है। के.डी. हॉस्पिटल में हृदयाघात के दौरान हृदय की मुख्य नली की प्राइमरी एंजियोप्लास्टी की गई और मरीज की जान बचाई गई। डॉ. पटेल बताते हैं कि एंजियोप्लास्टी प्रक्रिया में मुख्य नली को तार और बैलून डाल कर खोला गया तथा मुख्य नली में स्टेंट डाला गया। 24 घंटे बाद मरीज का रक्तचाप बगैर दवाइयों के सामान्य हो गया।
डॉ. पटेल का कहना है कि मरीज चतुर सिंह को जब के.डी. हॉस्पिटल लाया गया था तब उसके सीने में असहनीय दर्द के साथ ही उसका रक्तचाप बहुत कम था। इतना ही नहीं उसे डायबिटीज थी तथा दिल भी कम काम कर रहा था। इसे कार्डियोजेनिक शॉक की स्थिति कहते हैं। ऐसे मरीज को तुरंत एंजियोप्लास्टी की जरूरत होती है जिसे प्राइमरी एंजियोप्लास्टी कहते हैं। प्रायः ऐसे मरीज जिनकी हृदय की मुख्य नली बंद होने से हृदयाघात होता है, प्राइमरी एंजियोप्लास्टी करने के बाद भी बचने की उम्मीद बहुत कम ही रहती है, लेकिन चतुर सिंह सर्जरी के बाद पूरी तरह स्वस्थ है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका तथा उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने मरीज की जान बचाने वाले कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. शिवानंद पटेल और उनकी टीम को बधाई देते हुए चतुर सिंह के स्वस्थ तथा सुखद जीवन की ईश्वर से कामना की।

आजनौख गांव में नौटंकी देखने आए युवकों के मध्य चली गोली

0

रिपोर्ट राघव शर्मा

बरसाना: आजनौख गांव में नौटंकी देखने के आए चार दोस्तों के शराब पीकर झगड़ा हो गया। इस दौरान झगड़े में गोली चलने से एक युवक के बांए पैर में गोली लगने से घायल हो गया। पुलिस ने घटना के बाद तीन युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। वहीं युवक को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया।

मंगलवार की रात्रि बरसाना के समीपवर्ती गांव आजनौख गांव में देहाती मेला का आयोजन हुआ। इस दौरान मेले के दौरान नौटंकी का प्रोग्राम रखा गया। मेला देखने विक्रम, धर्मो वी कमल सिंह निवासी नरी थाना छाता था महेश पहलवान निवासी देवपुरा थाना बरसाना आए थे। इस दौरान चारों युवकों के बीच शराब पार्टी हुई। जिसके बाद नशा होने पर कमल सिंह का विक्रम, महेश पहलवान व धर्मो से झगड़ा हो गए था। झगड़ा इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर विक्रम ने तमंचे से कमल सिंह पर फायरिंग कर दी। गोली कमल सिंह के बाएं पैर लगी। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंच गई। घायल युवक को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवा दिया। वहीं कमल सिंह की तहरीर पर तीनों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण बालियान ने बताया कि शराब पीकर चारों के मध्य झगड़ा हुआ था। जिसके बाद गुस्से में आकर विक्रम ने कमल सिंह के गोली मार दी। तीनों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

पुलिस ने दो युवकों को तमंचा व चाकू में किया गिरफ्तार
बरसाना: आजनौख गांव में लगे देहाती मेले में पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पकड़े गए दोनो युवकों के कब्जे से तमंचा व चाकू बरामद हुआ। थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण बालियान ने बताया कि अजनौख गांव में रात्रि के दौरान मुखबिर की सूचना पर गोपाल आलवाई व धर्मवीर निवासी नरी थाना छाता को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। दोनो युवकों के कब्जे से तमंचा व चाकू बरामद हुआ।

गणपति जयकारों के साथ किया प्रतिमा का विसर्जन

0

-एनके ग्रुप ने सात दिवसीय गणेश महोत्सव के बाद किया गणपति प्रतिमा का विसर्जन

मथुरा। एनके ग्रुप के संस्कार सिटी में सात दिवसीय गणेश महोत्सव का आयोजन किया गया। प्रतिदिन हवन-पूजन और भजन कीर्तन में पदाधिकारी गणपति भक्ति में सराबोर रहे। सोमवार शाम को गणेश जी की प्रतिमा का विसर्जन किया।

इससे पूर्व जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के चीफ फाइनेंस ऑफिसर एवं एनके ग्रुप के निदेशक विवेक अग्रवाल ने सोमवार को गणेश जी की प्रतिमा के समक्ष महायज्ञ में आहूति देकर सभी के लिए सुख समृद्धि की कामना की। तत्पश्चात नाचते, गाते, झूमते हुए ग्रुप के पदाधिकारियों ने प्रतिमा को विसर्जित किया। गणपति बप्पा मोरिया के नारों से समूचा घाट गुंजायमान हो उठा।

इस अवसर पर मेघा रावत, सौरभ कसेरा, रामेश्वर, शिवम्, पुरोहित जी, मुकेश, सर्वेश, दानवीर एवं संस्कार सिटी के समस्त स्थानीय लोगों सहित समस्त स्टाफ मौजूद रहा।

ऑल इंडिया कराटे चैम्पियनशिप में आरआईएस के छात्रों का कमाल

मेरठ में एक गोल्ड, तीन सिल्वर तथा चार ब्रॉन्ज मेडल जीते

मथुरा। बलराम ब्रजभूषण सरस्वती शिशु मंदिर शास्त्री नगर मेरठ में आयोजित ऑल इंडिया कराटे चैम्पियनशिप में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक स्वर्ण, तीन सिल्वर और चार ब्रॉन्ज सहित कुल आठ मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। यह प्रतियोगिता सोतोकान शिकारा कराटे डू फेडरेशन द्वारा आयोजित कराई गई जिसमें देशभर के सैकड़ों करातेबाजों ने हिस्सा लिया।
मेरठ में हुई ऑल इंडिया कराटे चैम्पियनशिप में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने बेजोड़ प्रदर्शन किया। इस प्रतियोगिता में अनंत अग्रवाल ने जहां स्वर्णिम सफलता हासिल की वहीं कुशाग्र गर्ग, शिवांश भाटिया, आयुष चौधरी ने सिल्वर तथा विराट अग्रवाल, एकांश अग्रवाल, दैविक गुप्ता, जय शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर समूचे ब्रज मण्डल को गौरवान्वित किया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने मेडल विजेता छात्रों को बधाई देते हुए कहा कि पढ़ाई के साथ ही खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना बहुत बड़ी बात है। शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से सभी छात्र-छात्राओं को कुछ समय किसी न किसी खेल के लिए अवश्य देना चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि खेलकूद से शारीरिक ही नहीं मानसिक विकास भी होता है तथा मौजूदा समय में खेलों में भी शानदार करियर बनाया जा सकता है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई देते हुए कहा कि कराटे मार्शल आर्ट खेलों में आता है। इस खेल के माध्यम से छात्र-छात्राएं न केवल मेडल जीत सकते हैं बल्कि आसानी से स्वयं की रक्षा भी कर सकते हैं। श्री अग्रवाल ने छात्रों की उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा और खेल एक सिक्के के दो पहलू हैं लिहाजा प्रत्येक विद्यार्थी को खेलों में जरूर शिरकत करना चाहिए।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने सभी मेडल विजेता छात्रों को बधाई देते हुए हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि आरआईएस में शिक्षा के साथ ही अन्य गतिविधियों में भी छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किया जाता है। छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर जो सफलता हासिल की है उसका श्रेय उनकी कड़ी मेहनत के साथ ही कोच सोनिका वर्मा के गहन प्रशिक्षण को जाता है। सोनिका ने इन छात्रों को गहन प्रशिक्षण देते हुए इन्हें जीत के मूलमंत्र भी सिखाए।

संस्कृति विवि के सभागार में ‘विद्वान आईडी’ के लाभ को लेकर हुई महत्वपूर्ण सेमिनार

मथुरा। संस्कृति विवि के सभागार में ‘विद्वान आईडी’ के लाभ,दायरे और पंजीकरण के विषय को लेकर एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में विवि के कुलपति ने कहा कि यह पहल अनुसंधानकर्ताओं और वैज्ञानिकों के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है, जो उनके अनुसंधान कार्यों को संगठित रूप से प्रस्तुत करने और महत्वपूर्ण योगदान को मान्यता दिलाने में मदद करेगा।
विश्वविद्यालय के कुलपति, डॉ. एम. बी. चेट्टी (कुलपति) ने विद्यान आईडी के महत्व को लेकर इस आईडी के दायरे, लाभ और इसके पंजीकरण की पात्रता के बारे में विस्तार से चर्चा की और विशेषज्ञ तकनीकी मार्गदर्शन किया। आईडी का महत्व समझाते हुए डॉ. चेट्टी ने बताया कि इसमें कई प्रकार की आईडी होती हैं, जैसे कि गूगल स्कॉलर आईडी, ऑर्किड आईडी, स्कोपस आईडी और शोधकर्ता आईडी। इन आईडी को प्राप्त करने और पंजीकृत करने की तकनीकी जानकारी के साथ डॉ. चेट्टी ने इसे संशोधकों और छात्रों के लिए कैसे महत्वपूर्ण बनाया जाय, के बारे में सुझाव दिया। कुलपति ने कहा कि विद्वान आईडी का एक उपयोगी व्यक्तिगत उद्देश्य या संवर्धन प्रोफ़ाइल के रूप में भी उपयोग हो सकता है, जो विशेषज्ञों के अनुसंधान कार्य को सुविधाजनक बनाने में मदद करता है। इसका उपयोग संगठन के लिए सभी प्रकाशनों को शामिल करते हुए ग्रंथ सूची विश्लेषण के लिए भी किया जा सकता है, जिससे विश्वविद्यालय के अनुसंधान क्षेत्र में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपयोगी डिजिटल डेटाबेस का निर्माण हो सकता है।
डॉ. चेट्टी ने विद्यान आईडी के दायरे को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसके माध्यम से वैज्ञानिक जानकारी और अनुसंधान देने वाले सभी लोग पंजीकृत हो सकते हैं, चाहे वे शोधकर्ता हों, शिक्षक हों, या और किसी भी क्षेत्र में काम कर रहे हों। विद्यान आईडी का उपयोग उनके अनुसंधान कार्यों को संगठित रूप से प्रस्तुत करने के लिए किया जा सकता है, जिससे उनके योगदान का महत्वपूर्ण संकेत मिलता है। उन्होंने विद्यान आईडी प्राप्त करने और पंजीकृत करने की प्रक्रिया को सरलता से समझाया और सभी उपस्थित व्यक्तियों को इसका अनुरोध किया कि वे इस अवसर का फायदा उठाएं और अपने अनुसंधान कार्यों को प्रोफेशनली प्रबंधित करने के लिए इस उपकरण का सही तरीके से उपयोग करें। डॉ. चेट्टी ने कहा कि यह उपकरण संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत हो सकता है जो सभी प्रकाशनों को एक स्थान पर जमा करने और उन्हें विश्लेषण करने में मदद कर सकता है। इसके माध्यम से, संस्थान अपने अनुसंधान क्षेत्र में नई ऊर्जा और नए उत्थानों की ओर बढ़ सकता है।

और डॉ. सरस्वती घोष ने औपचारिक स्वागत का आयोजन किया और विद्यान आईडी के महत्व को विस्तार से बताया। सेमिनार में डॉ. घोष, डॉ. बी. के. वर्मा और रूप किशोर शर्मा ने अनुसंधान और शिक्षा क्षेत्र में नई दिशा देने का संकल्प लिया है। सेमिनार में नवनियुक्त हेड लाइब्रेरियन डा. बीके वर्मा को विद्वान आईडी और अन्य संशोधन स्रोत के लिए संग्रहण स्थल की जिम्मेदारी सौंपी गई।

के.डी. डेंटल कॉलेज में सिरेमिक लैमिनेट्स और एडलवाइस कॉन्सेप्ट पर हुई कार्यशाला

डॉ. रोहित शेट्टी ने छात्र-छात्राओं से साझा किए अपने अनुभव

मथुरा। हर इंसान को मुस्कान प्यारी लगती है लेकिन मुस्कराहट में सुन्दर दांतों का अपना महत्व होता है। लैमिनेट विनीर्स असुंदर पूर्वकाल के दांतों का एक रूढ़िवादी उपचार है। दंत सिरेमिक के विकास ने चिकित्सकों को अत्यधिक सौंदर्यपूर्ण और कार्यात्मक चीनी मिट्टी के दंत निर्माण के विकल्प मुहैया कराए हैं। यह बातें के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में आयोजित सिरेमिक लैमिनेट्स और एडलवाइस कॉन्सेप्ट पर हुई दो दिवसीय कार्यशाला में के.एल.ई. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल, बेंगलुरु में प्रोफेसर और एचओडी (प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग) डॉ. रोहित शेट्टी ने छात्र-छात्राओं और प्राध्यापकों को बताईं। कार्यशाला का शुभारम्भ प्राचार्य और डीन डॉ. मनेष लाहौरी के स्वागत भाषण तथा विद्या की आराध्य देवी सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर हुआ।
डॉ. शेट्टी ने बताया कि सिरेमिक लैमिनेट्स और एडलवाइस कॉन्सेप्ट के माध्यम से दंत रोगी को बेहतर उपचार और सुन्दरता प्रदान की जा सकती है। प्रसिद्ध प्रोस्थोडॉन्टिस्ट डॉ. शेट्टी ने चिकित्सकों तथा छात्र-छात्राओं को नवीनतम सिरेमिक सामग्रियों की जानकारी दी ताकि वे उनके अनुप्रयोगों को समझने तथा नैदानिक सफलता सुनिश्चित कर सकें। कार्यशाला में चीनी मिट्टी के दंत लिबास की दीर्घकालिक सफलता, सही अनुप्रयोग और नैदानिक सीमाओं का निर्धारण करने वाले महत्वपूर्ण मापदंडों को भी समझाया गया।
डॉ. रोहित शेट्टी ने पहले दिन कॉलेज सभागार में विभाग प्रमुखों और 250 से अधिक प्रतिभागियों के साथ अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने लेमिनेट प्रोस्थेसिस के लिए आवश्यक छोटे दांतों की तैयारी पर ध्यान केंद्रित किया तथा फिक्स्ड प्रोस्थोडॉन्टिक्स में दांतों की तैयारी के बुनियादी विचारों की समीक्षा की। कार्यशाला में डॉ. शेट्टी ने इम्प्रेशन उत्पन्न करने में शामिल सभी सामग्रियों व नैदानिक प्रथाओं के बारे में जानकारी प्रदान करते हुए रेजिन सीमेंट्स तथा लेमिनेट प्रोस्थेसिस के सीमेंटेशन के चरणों पर एक प्रस्तुति दी।
डॉ. शेट्टी ने रेखांकित किया कि किसी चीज को प्रत्यक्ष रूप से अनुभव करना उसके बारे में सीखने का सबसे अच्छा तरीका है। प्रोस्थोडॉन्टिक्स विभाग के प्राध्यापकों, स्नातक तथा स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं ने सभी प्रक्रियाओं की प्रस्तुति के बाद व्यावहारिक प्रशिक्षण में भाग लिया। इससे उन्हें लैमिनेट के लिए दांत तैयार करने की उचित विधि के साथ-साथ इसे प्रोविजनलाइज करने में शामिल चरणों को समझने में सहायता मिली। कार्यशाला के दूसरे दिन डॉ. शेट्टी ने सभी छात्र-छात्राओं के साथ एक दिन पहले सिखाई गई हर चीज की समीक्षा की तथा हर प्रश्न के उत्तर दिए। इसके बाद एडलवाइस अवधारणा पर चर्चा और प्रदर्शन हुआ। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने डॉ. रोहित शेट्टी का आभार माना तथा डॉ. शेट्टी ने प्रत्येक प्रतिभागी को प्रमाण-पत्र प्रदान किए।

राधावैली में बधाई के भजनों के साथ मनी राधाष्टमी

मथुरा। नगर की हाईवे स्थित राधावैली कालोनी में लाडली जी के जन्मोत्सव को पूरे भावों के साथ मनाया गया।
राधावैली स्थित राधा गोविंददेव में प्रातः से ही राधाजी के जन्म के आयोजन शुरू हो गए। सुबह आठ बजे मंत्रोच्चार के साथ राधाजी के विग्रह का अमृत अभिषेक किया गया। कालोनीवासियों ने सभी को प्रसाद वितरण कराया। सायंकाल 6 बजे से बधाई गायन शुरू होते ही भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी। बधाई गायन के साथ महिलाओं और पुरुषों ने झूम झूमकर नृत्य किया। कालोनी राधाजी के जयकारों से गूंज उठी। सेवायत पंडित गोपाल बल्लभ शर्मा ने धार्मिक परंपराओं के अनुरूप पूजन कराने के बाद मंदिर में मोजूद भक्तों को अनेक वस्तुएं लुटाई जो भक्तों ने प्रसाद स्वरूप जमकर लूटीं। इस मौके पर मुख्य रूप से पंडित शरद शर्मा, किशन चतुर्वेदी, ठाकुर आरके सिंह,अभिषेक अग्रवाल, अनूप अग्रवाल, अशोक अग्रवाल, दीपक अग्रवाल दूलहाघर वाले आदि उपस्थित रहे।

जीएलए में एनएचआरडीएन के वार्षिक सम्मेलन में जुटे उद्योग जगत के दिग्गज

-जीएलए में एनएचआरडीएन मथुरा चैप्टर के वार्षिक सम्मेलन में लघु एवं मध्य उद्योग के विस्तार और अवसरों पर हुई चर्चा

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के प्रबंधन संकाय द्वारा एनएचआरडीएन मथुरा चैप्टर के बैनर तले एक दिवसीय वार्षिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। ‘लघु एवं मध्यम उद्योग की सफलता और रणनीति‘ विषय पर आयोजित काॅन्क्लेव में उद्योग जगत के दिग्गजों ने उद्योग स्थापित करने से लेकर उनके विस्तार पर छात्रों के साथ चर्चा की।

सम्मेलन का शुभारंभ सत्र आमंत्रित अतिथियों व विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर कियया। शुभारंभ सत्र के मुख्य अतिथि एनएचआरडीएन के नेशनल प्रेसीडेंट जेके समूह के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी प्रेम सिंह ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय का स्माॅल एंड मीडियम इंडस्ट्री सक्सेस स्ट्रेटजीस पर चर्चा का यह बड़ा प्रयास उद्योगों के लिए काफी कारगर साबित होगा। क्योंकि स्माॅल इंडस्ट्रीज एक ऐसा सेक्टर है, जो कि आज की युवा पीढ़ी को रोजगार के अवसर तो देगा ही, बल्कि उद्यमिता के अवसर भी प्रदान करता है। भविष्य में ऐसे ही अवसर प्रयोगात्मक तौर पर भुनाने की आवश्यकता भी है।

उन्होंने कहा कि आज के समय में देष का 35 प्रतिशत शेयर स्माॅल इंडस्ट्रीज का है, जो कि देश की जीडीपी के ग्रोथ में बहुत बड़ा योगदान है। इसके अलावा जो भी इंडस्ट्री में एक्सपोर्ट होता है उसका 50 प्रतिशत शेयर इंडस्ट्री द्वारा बनाए हुए प्रोडक्ट का है। इसलिए हम इस मध्यम इंडस्ट्री को भी नजर अंदाज नहीं कर सकते। इसका कारण है कि बड़ी संख्या में जो देश का युवा है, उसके लिए स्माॅल इंडस्ट्रीज देश के विकास में बहुत अधिक कारगर है। भारत सरकार ने भी स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया, बिल्ड इन इंडिया, मिनिस्ट्री ऑफ़ स्माॅल इंडस्ट्री, स्किल डेवलपमेंट जैसे क्षेत्रों में काफी कदम बढ़ाए हैं। जिसका सीधा फायदा छात्रों के रोजगार और उद्यमिता से लेकर स्माॅल इंडस्ट्रीज को मिल रहा है। उन्होंने युवा पीढ़ी से आवाह्न करते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र उद्यमिता के रास्ते के साथ ही बेहतर जाॅब तैयार करने वाले रास्ते चुनें न कि सिर्फ जाॅब खोजने का रास्ता।

कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि डावर फुटवियर इंडस्ट्रीज के चेयरमैन पूरन डाबर ने कहा कि आज का समय छात्र को रोजगार से जोड़ने के अलावा उसको उद्यमशील बनाने के साथ-साथ जाॅब तैयार करने वाले नेटवर्क से जोड़ना है। क्योंकि जो अवसर भारत में है वह किसी और देश में नहीं। आज जरूरत है छोटे कार्यों को बडे रूप में दिखाने की और बंद बड़े कार्यों को संचालन में लाने की। इस बात पर भी उन्होंने जोर देते हुए कहा कि छात्र के लिए कोई भी कार्य छोटा नहीं है। छोटा है तो, सिर्फ उसका सोचना। इसलिए छात्र का परिवार जिस कार्य को कर रहा है उसी में मेहनत और लगन से कार्य कर उसे आगे बढ़ाने के प्रयास में जुट जाये न कि अपने चलते हुए कार्य को छोड़कर जाॅब पाने की फिराक में इधर-उधर निकले। शिक्षा पाकर उसी शिक्षा को अपने कामों के साथ जोड़ें। क्योंकि शिक्षा डिग्री का साधन नहीं है, बल्कि यह एक बड़े रोल अदा करने का साधन है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सरकारी रोजगार कम हो रहे हैं। साथ ही नई-नई टेक्नोलाॅजी से रोजगार में भी कमी आयी है। इसलिए रोजगार के सही अर्थ को समझना ही बेहतर शिक्षा का प्रारूप है।