मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के सभागार में इनोटिव भारत 2.0 के बैनर तले दो दिवसीय पीपीटी प्रेजेंटेशन कंपटीशन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर इनोटिव भारत 2.0 के संचालक एवं आरएसएस के विभाग प्रचारक अरुण पांचजन्य ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आपको अपने आइडिया को सामने लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि पश्चिमी सोच मनुष्य को भी प्राणी मात्र मानती है, जिसमें सभी आते हैं। ऐसा नहीं है मनुष्य के पास प्रतिक्रिया की अपार संभावनाएं हैं जो निरंतर परिष्कृत होती रहती हैं।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरुण पांचजन्य का विद्यार्थियों से कहना था कि आपके अंदर प्रतिभा दबी न रह जाय इसलिए ऐसे आयोजन किए जा रहे हैं। आपको अपने आइडिया की पीपीटी बनानी चाहिए और प्रतियोगिताओं में भाग लेकर उसका आकलन कराना चाहिए। विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता को मरने नहीं देना चाहिए। हमारी कोशिश है कि हमारे देश के युवाओं का टेलेंट मौके के अभाव में दम न तोड़े इसलिए ऐसे आयोजन द्वारा उनको मौके दिए जा रहे हैं। विद्यार्थियों को ऐसे मौकों का लाभ उठाना चाहिए। आपकी इस ऊर्जा का सबके लिए उपयोग होगा तो सबका लाभ होगा और देश प्रगति करेगा।
संस्कृति विवि के चांसलर डा. सचिन गुप्ता ने इस मौके पर कहा कि विद्यार्थियों को यह सोचना होगा कि वे अपना देश कैसा चाहते हैं। जब ये सोचेंगे तो उसी तरह के आइडिया भी दिमाग में आएंगे। उन्होंने कहा कि आपका नजरिया सकारात्मक होना चाहिए। प्रयास करेंगे तो अपने आइडिया को साकार भी कर सकेंगे। उन्होंने सभी विद्यार्थियों से ऐसे आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए भी प्रोत्साहित किया गया। विश्वविद्यालय की सीईओ डा. मीनाक्षी शर्मा, कैप के डायरेक्टर डॉ. रजनीश त्यागी व डा कमल कौशिक ने भी छात्रों का मार्ग दर्शन किया। छात्रों ने पीपीटी प्रजेंटेशन किया। दूसरे दिन इंजीनियरिंग टैक्नोलॉजी, मेडिकल हैल्थ केयर व इकोनोमिक्स एण्ड ला पर पीपीटी प्रजेंटेशन किया।
पीपीटी पर अपनी टिप्पणी के लिए निर्णायक दल में डा कंचन सिंह, डा.मोनिका एबरोल, रतीश शर्मा शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन अनुजा गुप्ता व संयोजन डा. डीएस तोमर डीन छात्र कल्याण द्वारा किया गया। कार्यक्रम में डा राजश्री, डा उर्वशी शर्मा, डा कुंदन चौबे, डा अभिषेक वर्मा आदि शिक्षकों सहित सैकड़ों पंजीकृत छात्रों ने भाग लिया।
संस्कृति विवि में इनोटिव भारत 2.0 पर छात्रों ने प्रस्तुत कीं पीपीटी
गीतानुशीलनम प्रतियोगिता में छाए आरआईएस के छात्र-छात्राएं
सामूहिक नृत्य, आर्ट, श्लोक वाचन, कृष्णा क्विज में मिला पहला स्थान
मथुरा। भक्ति वेदांत गुरुकुलम इंटरनेशनल स्कूल चौमुँहा, मथुरा की मेजबानी में हुई गीतानुशीलनम प्रतियोगिता में राजीव इंटनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने अपने नयनाभिराम नृत्य कौशल और कुशाग्रबुद्धि का परिचय देते हुए सामूहिक नृत्य, आर्ट, श्लोक वाचन, क्विज आदि प्रतियोगिताओं में पहला स्थान हासिल कर अपनी धाक जमाई। प्रतियोगिता के पारितोषिक वितरण समारोह में अतिथियों ने विजेता तथा उप-विजेता छात्र-छात्राओं को ट्रॉफी व प्रशस्ति पत्र प्रदान कर प्रोत्साहित किया।
भक्ति वेदांत गुरुकुलम इंटरनेशनल स्कूल चौमुँहा द्वारा आयोजित गीतानुशीलनम प्रतियोगिता में मथुरा जनपद के दर्जनों स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने एक्टेंपोर, कृष्णा क्विज, श्लोक वाचन, आर्ट, भजन एवं नृत्य आदि में अपने कौशल का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता समापन के बाद छात्र-छात्राओं के प्रदर्शन पर सतत नजर रखने वाले निर्णायकों ने परिणामों की घोषणा की, घोषित परिणामों में आरआईएस का बोलबाला रहा। कृष्णा क्विज की छह से आठ की कैटेगरी में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के अर्णव त्यागी, तन्मय शर्मा तथा कृष्णा दास को पहला स्थान मिला, इसी तरह नौ से 12 की कैटेगरी में दिति त्यागी, कर्षित अग्रवाल तथा रिया शर्मा दूसरे स्थान पर रहे। चार से पांच कैटेगरी में आराध्या, ऋषभ, शुभ को सांत्वना पुरस्कार मिला।
आर्ट कम्पटीशन की 6 टू 8 कैटेगरी में अमृता ने प्रथम, 9 टू 12 कैटेगरी में आकांक्षा तथा 4 टू 5 कैटेगरी में रौनिका ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कृष्णा भजन टीम ने 9 टू 12 कैटेगरी में प्रथम, 6 टू 8 कैटेगरी में द्वितीय तथा 4 टू 5 कैटेगरी में तृतीय स्थान हासिल किया। इसी तरह सामूहिक नृत्य प्रतियोगिता में आरआईएस की टीम ने एक से पांच कैटेगरी में पहला स्थान हासिल कर सभी की वाहवाही लूटी। एक्टेंपोर प्रतियोगिता के 9 टू 12 ग्रुप में अथर्व दूसरे तथा 6 टू 8 ग्रुप में निताई चरण तीसरे स्थान पर रहे। इसी क्रम में श्लोक वाचन की चार से पांच कैटेगरी में गार्गी सिंह को द्वितीय पुरस्कार मिला।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं की इस शानदार उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई देते हुए निरंतर प्रगति की कामना की। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आरआईएस में छात्र-छात्राओं की रुचि पर न केवल ध्यान रखा जाता है बल्कि उन्हें प्रतिभा निखारने को मंच भी मुहैया कराए जाते हैं, इसी वजह से अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास को प्रतिबद्ध है। जिन छात्र-छात्राओं ने गीतानुशीलनम प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा और कौशल से विजेता-उप-विजेता होने का गौरव हासिल किया, वे सभी बधाई के पात्र हैं। प्रिया मदान ने बताया कि विद्यार्थियों को संगीत शिक्षक विशाल सैनी एवं नृत्य शिक्षिका शिवानी शर्मा द्वारा प्रशिक्षित किया जाता है।
डायवर्जन प्लान एनएच-19
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-19 के मथुरा बाद खण्ड के रोड कि0मी0 147.800 STR.NO.148/ 2(रेलवे कि0मी0 के 1394/25-27)पर आरसीसी बॉक्स पुसिंग के दौरान दिनॉक 14.09.2023 से 19.09.2023 तक समय 21.00 बजे से प्रातः 06.00 बजे तक यातायात व्यवस्था हेतु निम्न स्थानो से आवश्यकतानुसार मार्ग परिवर्तन(डायवर्जन)किया जायेगा।
1.समस्त प्रकार के भारी वाहन दिल्ली एवं हरियाणा की तरफ से आगरा की ओर आने वाले वाहनो को छाता शेरगढ तिराहा एनएच-19 से शेरगढ रोड होते हुए नौहझील कट यमुना एक्सप्रेस-वे होते हुए अपने गन्तव्य को जा सकेगे।
2.समस्त प्रकार के भारी एवं हल्के वाहन मथुरा से भरतपुर की ओर जाने वाले वाहन सौख रोड जाजमपट्टी होते हुए भरतपुर की ओर जा सकेगे।
3.भरतपुर रोड से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन जाजमपट्टी से सौख होते हुए दिल्ली की ओर अपने गन्तव्य का जा सकेगे।
4.भरतपुर रोड से बरेली आगरा ग्वालियर की ओर जाने वाले वाहन जाजमपट्टी से ओल होते हुए अपने गन्तव्य को जा सकेगे।
- ग्वालियर ,आगरा की ओर से दिल्ली ,हरियाणा की ओर जाने वाले वाहन आवश्यकता पडने पर रैपुरा जाट से वापस मोड कर यमुना एक्सप्रेस-वे होते हुए अपने गन्तव्य का जा सकेगे।
6.आवश्यकता पडने पर आगरा से दिल्ली ,हरियाणा की आकर जाने वाले वाहनो को टाउर्निशप चौराहा से डायवर्ट कर गोकुल बैराज होते हुए यमुना एक्सप्रेस-वे से अपने गन्तव्य को जा सकेगे।
7.अलीगढ,बरेली से भरतपुर की ओर जाने वाले वाहनो को टाउनशिप चौराहा से डायवर्ट कर ओल होते हुए जाजमपट्टी से अपने गन्तव्य को जा सकेगे।
8.आवश्यकता पडने पर धौली प्याऊ तिराहा से हाइवे कट की ओर वाहन प्रतिबन्धित कर पुराना आरटीओ कट की ओर डायवर्ट किये जायेगे।रेलवे द्वारा किये जा रहे कार्यो के दृष्टिगत वाहनो का डायवर्जन आवश्यकतानुसार आगे बढाया जा सकता है।
नोटः-इन सभी प्रतिबन्धो से फायर सर्विस/एम्बुलेन्स एवं अन्य इमरजेन्सी वाहन मुक्त रहेगें
हिंदी दिवस: जीएलए में लगा पुस्तक मेला छात्रों ने देखी किताबों की दुनियां
-जीएलए में आयोजित पुस्तक मेले में पहुंचे 25 से अधिक बुक पब्लिशर
मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में हिंदी दिवस बडे़ ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के केन्द्रीय पुस्तकालय द्वारा दो दिवसीय विशाल पुस्तक मेले का आयोजन हुआ। मेले में पहुंचे 25 से अधिक बुक पब्लिशर के माध्यम से छात्र और शिक्षकों को किताबों की दुनियां देखने को मिली।
पुस्तक मेले का शुभारम्भ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने फीता काटकर किया। तत्पश्चात पुस्तक मेले में कुलपति के साथ उपकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता और कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने पब्लिशर्स से अधिक पढ़ी जाने वाली किताबों के बारे में जानकारी ली।
इस दौरान कुलपति ने पुस्तक मेले को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदी भारत की राष्ट्र भाषा है। इस अवसर पर लगा पुस्तक मेला छात्रों को अधिक से अधिक ज्ञानार्जन में मदद करेगा। उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में भी पुस्तकों का बहुत महत्व है, इस तरह के आयोजन छात्रों में सोचने और समझने की क्षमता का विकास करते हैं। पुस्तकें छात्रों के सर्वांगीण विकास में बहुत बड़ा योगदान देती हैं।
विश्वविद्यालय के पुस्तकालयध्यक्ष डा. राजेश कुमार ने बताया कि पुस्तक मेले में देश भर से आये 25 पब्लिषरों ने 35 विषयों की पुस्तक प्रदर्शनी लगायी, जिसमें प्रमुख पब्लिशर्स न्यूएज, बीपीबी पब्लिकेशन, सीबीएस पब्लिशर, एस चंद, एसआर साइंटिफिक, इंटरनेशनल बुक सेंटर, अरिहंत बुक, काॅगेज लर्निंग, बुक्स फाॅर आल, ओरिएंट, साइंटिफिक, टाटा मेग्रो हिल, पियरसन एजुकेशन, वाइले, स्प्रिंगर, सीआरसी प्रेस, टेलर एंड फ्रांसिस आदि ने बढ़चढ़कर हिस्सा लिया।
पुस्तकालयध्यक्ष ने बताया कि छात्र अपनी क्लास में पढ़ाई के दौरान अधिकतर पुस्तकों को पढ़ने से वंचित रह जाते हैं। इस पुस्तक मेले का मुख्य उद्देश्य यही है कि जिन पुस्तकों से छात्र ज्ञानअर्जन से वंचित रह जाते हैं वह प्राप्त कर सकें और प्रतियोगी परीक्षाओं बेहतर सफलता हासिल हो। इसके लिए छात्रों को पब्लिशरों के माध्यम से कम्प्यूटर साइंस, मशीन लर्निंग, कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग, प्रिंसिपल ऑफ़ आर्गेनिक फार्मिंग, डेटा एनालिसिस विद पाइथन, आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, नेटवर्क एनालिसिस, मोबाइल एंड वायरलैस कम्युनिकेशन, मार्केटिंग फाॅर कस्टमर वेल्यू, पेटेंट काॅपीराइट एंड ट्रेडमार्क, सेल्स एंड डिस्ट्रीब्यूशन मैनेजमेंट विषयों की किताबों के अलावा छात्रों ने प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता पाने के लिए विभिन्न प्रकार की पुस्तकों का अवलोकन और क्रय किया, जैसे कि इसरो इन इमेज, भारतीय भाषा लोक सर्वेक्षण, गेट, आइएएस, पीसीएस, कश्मीर और कश्मीरी पंडित, भारतीय लोक साहित्य आदि।
इस अवसर पर डीन एकेडमिक प्रो. आशीष शर्मा, एग्रीकल्चर डीन प्रो. सुरेंद्र सिवाच, एसोसिएट डीन एकेडमिक डा. आशीष शुक्ल, डा. रोहित अग्रवाल, उपपुस्तकालयध्यक्ष शिव सिंह, अजय शर्मा, सुशील सिंह, मित्रपाल सिंह आदि का सहयोग सराहनीय रहा।
जूनियर के साथ छोटे भाई-बहन सा व्यवहार करें सीनियर्सः डॉ. एस.के. कटारिया
के.डी. डेंटल कॉलेज में हुई एंटी रैगिंग पर कार्यशाला
मथुरा। रैगिंग हमारे देश की शिक्षा प्रणाली के लिए अभिशाप है। रैगिंग से छात्र-छात्राओं को बचाने के लिए शिक्षण संस्थानों को पारिवारिक माहौल बनाने की कोशिश करनी चाहिए क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में इससे सैकड़ों छात्र-छात्राओं का करिअर बर्बाद हुआ है। यह बातें गुरुवार को के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में आयोजित एंटी रैगिंग कार्यशाला में मुख्य अतिथि तथा डीसीआई की एंटी रैगिंग सेल के अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) एस.के. कटारिया ने अपने सम्बोधन में कहीं।
के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में आयोजित एंटी रैगिंग कार्यशाला में प्रो. एस.के. कटारिया ने सभी यूजी व पीजी छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि रैगिंग का अर्थ किसी भी ऐसे कार्य को करना है जो किसी छात्र को शारीरिक, मानसिक तथा शर्मिंदगी से आहत करने का कारण बनता है। डॉ. कटारिया ने कहा कि रैगिंग अन्य अपराधों से भिन्न है क्योंकि इसका उद्देश्य केवल विकृत सुख प्राप्त करना है। उन्होंने सलाह दी कि यदि सीनियर छात्र-छात्राएं जूनियर्स के साथ छोटे भाई-बहन जैसा व्यवहार करें तो यह समस्या पैदा ही नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सभी स्कूल-कॉलेजों को छात्र-छात्राओं को परिवार सा माहौल देने की कोशिश करनी चाहिए।
डॉ. कटारिया ने कहा कि यदि किसी भी विद्यार्थी के साथ रैगिंग होती है तो उसे तुरंत कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति को बताना चाहिए तथा रैगिंग समिति का भी यह कर्तव्य है कि वह शिकायत करने वाले छात्र या छात्रा की पहचान सुरक्षित और गुप्त रखे। प्रो. (डॉ.) कटारिया की जहां तक बात है यह डीसीआई के एंटी रैगिंग सेल के अध्यक्ष होने के साथ ही डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य भी हैं।
प्राचार्य और डीन डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल पूरी तरह से रैगिंग मुक्त संस्थान है। हमारे कॉलेज का एंटी रैगिंग सेल रैगिंग की रोकथाम और निषेध के साथ ही सभी छात्र-छात्राओं के स्वस्थ मानसिक विकास के लिए एक अच्छा माहौल प्रदान कर रहा है। इसका वही उद्देश्य है जो रैगिंग को खत्म करने के लिए एआईसीटीई का है। एंटी रैगिंग सेल का आदर्श वाक्य है ‘टुगेदर, वी फील एट होम’। डॉ. लाहौरी ने कहा कि के.डी. डेंटल कॉलेज में सभी प्रवेशित छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता के लिए रैगिंग विरोधी हलफनामा भरना अनिवार्य है।
डॉ. लाहौरी ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य रैगिंग मुक्त परिसर बनाना है ताकि छात्र-छात्राएं पाठ्यचर्या और पाठ्येत्तर गतिविधियों में बिना किसी बाधा के एक साथ आ सकें और अपने शैक्षिक अनुभवों को विकसित कर सकें। अंत में छात्र-छात्राओं को एंटी रैगिंग से बचाव के लिए पुस्तिकाएं प्रदान की गईं। कार्यशाला में डॉ. उमेश चंद्र, डॉ. अजय नागपाल, डॉ. नवप्रीत, डॉ. शैलेंद्र चौहान, डॉ. विनय मोहन, डॉ. सोनल, डॉ. अतुल, डॉ. हस्ती, प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में प्राचार्य डॉ. लाहौरी ने प्रो. (डॉ.) एस.के. कटारिया को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका आभार माना।
उम्दा प्रदर्शन के बल पर चमका वीपीएस
सफलता के लिए प्रयत्न आवश्यक – डाॅ ओमजी
वृंदावन। ब्रज हैरिटेज फीस्ट-2023 के बैनर तले चंद्रोदय मन्दिर में जिला स्तर के मध्यवर्ती विद्यालयों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। जिसमें मथुरा मार्ग स्थित वृंदावन पब्लिक स्कूल के बच्चों ने भिन्न भिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लिया व विजयी हुए।
जिसमें विशेष प्रोत्साहन पुरस्कार आनंद सोनी हिन्दी कहानी वक्ता में वंशिका, तृतीय स्थान पर व सांत्वना पुरस्कार राधिका तिवारी, लविशा बंसल, शुभ शर्मा को मिला। लोक संगीत में द्वितीय स्थान विधि शुक्ला व समूह लोक गीत में अदिति, दीपांशी, प्रियांशी, सागर, रमा, सांत्वना पुरस्कार से सम्मानित हुए।
वहीं फिल्म पर आधारित देश भक्ति गीत में प्रथम पुरस्कार मोहन नेपाल व सांत्वना पुरस्कार आनंद सोनी को मिला। संवाद प्रतियोगिता में प्रथम स्थान साक्षी झा व नैना चैधरी को मिला। कला में पेंसिल शेडिंग में सांत्वना पुरस्कार हर्ष दुबे तथा संगीत के वाद्य यंत्रों की सुंदर प्रस्तुति में तृतीय स्थान हर्ष वत्स को प्राप्त हुआ। अंग्रेजी हिन्दी कहानी वक्ता में तृतीय स्थान गोविन्द गुप्ता व द्वितीय स्थान राघव दुबे तथा सांत्वना पुरस्कार चित्रांशी, कनक, जय अग्रवाल को मिला। अंग्रेजी निबंध प्रतियोगिता में तृतीय स्थान पर पलक व हिन्दी निबंध प्रतियोगिता में जिनीशा द्वितीय स्थान पर सांत्वना पुरस्कार में रानी, रागिनी, वर्षा, वैष्णवी शामिल रहे। पुरस्कार प्राप्त कर सभी बच्चे बहुत खुश हुए।
विद्यालय प्रबंधक डाॅ ओमजी ने सभी बच्चों को उनकी जीत पर मंगल बधाई दी व आशीष वचनों से उन्हें आशीर्वाद प्रदान करते हुए उन्होंने कहा कि प्रयत्न करते रहने चाहिए। जीवन में ऐसा कोई पड़ाव ही नहीं है जहाँ ठहराव की आवश्यकता है। कहा कि आज की असफलता भविष्य के सफल स्वप्न की जननी है। हमारे प्रत्यन एवं निष्ठा के बल पर निश्चित ही सफलता प्राप्त होती है। बच्चों की इस जीत में सहयोगी गुरुजनों का विशेष योगदान रहा। अंजना शर्मा, सृष्टि, हेमलता, राधिका गौड़, प्रियदर्शनी आचार्य, सीमा पाहूजा का सहयोग सराहनीय रहा।
हनुमान प्रसाद धानुका की छात्राओं ने लहराया वैदिक गणित में परचम
वृंदावन। विद्याभारती द्वारा आयोजित वैदिक गणित की संकुल स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन बाबू दाऊदयाल एडवोकेट सरस्वती विद्या मन्दिर, सोंख रोड़, मथुरा में किया गया। प्रतियोगिता में हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय की छात्राओं अंजलि राघव, दिव्यांशी एवं सुप्रिया तिवारी ने वैदिक गणित प्रश्नमंच बाल वर्ग में प्रथम स्थान प्राप्त किया। काव्या, हर्षिता एवं गौरी गर्ग ने प्रश्नमंच तरूण वर्ग में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। किशोर वर्ग प्रश्नमंच में नित्या, खुशी एवं हर्षिता ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वैदिक गणित प्रदर्श बाल वर्ग में अनन्या शर्मा, सौम्या एवं हंसिका ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। तरूण वर्ग में गुंजन ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वैदिक गणित पत्रवाचन तरूण वर्ग में मुस्कान कौशिक ने प्रथम स्थान प्राप्त किया तथा किशोर वर्ग में जया पाण्डेय तथा बाल वर्ग में ओजस्वी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। छात्राओं का चयन प्रान्तीय स्तर की वैदिक गणित प्रतियोगिता के लिए हुआ।
इस प्रतियोगिता में कृष्ण कुमार तिवारी, श्यामसुन्दर शर्मा, रविकान्त गौतम, आशीष शर्मा, अभिमन्यु सावंत, स्वीटी कुलश्रेष्ठ, अपर्णा श्रीवास्तव तथा डिम्पल अग्रवाल का सहयोग रहा।
विद्यालय समिति के अध्यक्ष पद्मनाभ गोस्वामी, बाँकेबिहारी शर्मा, विश्वनाथ गुप्ता, महेश अग्रवाल, रेखा माहेश्वरी, प्रधानाचार्य डॉ अंजू सूद व समिति के समस्त पदाधिकारियों ने विजयी छात्राओं को बधाई एवं आगामी प्रतियोगिता में सफलता हेतु शुभाशीष दिया।
संस्कृति विवि में हुई ‘आत्महत्या पर रोक’ को लेकर गंभीर चर्चा
मथुरा। संस्कृति स्कूल आफ साइकोलाजी द्वारा ‘वर्ल्ड सोसाइड प्रिवेंशन डे’ के अवसर पर विद्यार्थियों के साथ अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक और खुशहाल जीवन जीने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर आयोजित ‘क्रिएट थ्रू’ थीम पर हुई संगोष्ठी में वक्ताओं ने आत्महत्या के विचार को कैसे हतोत्साहित किया जाय, इसपर अपने व्याख्यान दिए।
संगोष्ठी की मुख्य वक्ता डा. मोनिका अबरोल ने अपने वक्तव्य में कहा कि आत्महत्या एक बहुत ही गंभीर विषय है। इधर देखने में आया है कि विद्यार्थियों में आत्महत्या के मामले अधिक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों और अभिभावकों का यह दायित्व है कि वे तुरंत सचेत हों और युवाओं को इस तरह से प्रोत्साहित करें कि उनमें सकारात्मकता बढ़े। उन्होंने कहा कि युवाओं को जागरूक करने की आवश्यकता है। शिक्षक, अभिभावक युवाओं से निरंतर संपर्क बनाएं और उनकी समस्याओं के बारे में खुलकर बात करें। बच्चों से जब हम लगातार संवाद करते रहते हैं तो उनके अंदर छिपी असफलता से उत्पन्न निराशा, अकारण दुखी रहने और बेवजह स्वयं को कोसने की आदतों का खुलासा होता है। इसको हम शिक्षक, अभिभावक आसानी से दूर कर सकते हैं और बच्चों को सकारात्मक सोचने की आदत डलवा सकते हैं। उन्होंने बताया कि आत्महत्या का विचार कुछ क्षणों के लिए आता है और ऐसे समय यदि सकारात्मक विचारों का संप्रेषण हो जाय तो नकारात्मकता समाप्त हो जाती है और एक अमूल्य जान बच जाती है।
प्रो. उर्वशी शर्मा और रिचा चौधरी ने अपने वक्तव्य में कहा कि विद्यार्थियों को इस दिशा में जागरूक करने की जरूरत है। उनको यह बताना हमारा कर्तव्य है कि जीवन को सकारत्मक तरीके से कैसे जिया जा सकता है। आज समस्याएं सबके सामने हैं लेकिन यह बताना जरूरी है कि समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं बल्कि उस समस्या का सामना कर उसपर विजय प्राप्त करना है। संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने भी बड़े सुंदर तरीके से उदाहरण देते हुए समझाया कि आखिर इस दिवस को मनाने की हमें जरूरत क्यों पड़ी। विद्यार्थियों ने इसके दुष्परिणामों के बारे में भी बताया। इस अवसर स्थानीय और विदेशी छात्र-छात्राओं नृत्य, गीतों और पोस्टर के माध्यम से भी अन्य साथियों को जागरूक करने जैसा उल्लेखनीय कार्य किया।
राजीव एकेडमी में बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के नए सत्र का शुभारम्भ
ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नवागंतुक छात्र-छात्राओं को बताईं प्रबंधन की बारीकियां
मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में बुधवार को बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को प्रबंधन क्षेत्र की बारीकियों से अवगत कराने के साथ नए सत्र का शुभारम्भ किया गया। मुख्य अतिथि विश्वेन्द्र सिंह (मार्केटिंग आफीसर-पंजाब नेशनल बैंक-सम्भल) ने ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नवागंतुक छात्र-छात्राओं को सफलता के लिए कठिन परिश्रम करने का आह्वान किया।
बी.बी.ए. प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में मुख्य अतिथि विश्वेन्द्र सिंह ने कहा कि राजीव एकेडमी व्यावसायिक शिक्षा का प्रतिष्ठित संस्थान है जहां अध्ययन करने वाले विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाती है। नवप्रवेशितों को प्रोत्साहित करते हुए उन्होंने कहा कि यहां पढ़ने वाले विद्यार्थियों को शानदार प्लेटफार्म प्रदान किया जाता है। जिससे आगे चलकर वह कारपोरेट जगत में अपने स्वर्णिम सपनों को साकार करते हैं।
श्री सिंह ने बताया कि उच्च गुणवत्तायुक्त शिक्षण के साथ यहां अध्ययनरत विद्यार्थियों का देश-विदेश की जानी-मानी प्रतिष्ठित कम्पनियों में जॉब प्लेसमेंट होता है जिससे उनके करिअर में चार चाँद लग जाते हैं। उन्होंने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं से कठिन परिश्रम करने तथा सुयोग्य प्राध्यापकों से अपने व्यक्तित्व में पर्याप्त स्किल विकसित करने के टिप्स सीखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में कम्पनियां उन्हीं उम्मीदवारों को चुनना पसंद करती हैं, जिनके पास स्किल्स हो, जो अपने काम की समझ रखते हों और काम को जल्दी से कर सकते हों।
संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने नवप्रवेशित छात्र-छात्राओं को अनुशासन में रहते हुए अध्ययन करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि राजीव एकेडमी की गुणवत्तायुक्त शिक्षा विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण को नई दिशा देती है। डॉ. सक्सेना ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को बताया कि संस्थान के अनुभवी प्राध्यापक थ्योरेटिकल के साथ-साथ प्रैक्टिकल जानकारी भी देते हैं। राजीव एकेडमी का यही प्रयास रहता है कि छात्र-छात्राओं को वही सिखाया जाए जो उन्हें इंडस्ट्रीज में जाकर करना है। संस्थान में इस बात का भी ध्यान रखा जाता है कि छात्र-छात्राओं को कोर्स के बाद अच्छी जगह प्लेसमेंट भी मिल सके। अंत में बी.बी.ए. विभागाध्यक्ष ने कैलेण्डर वर्ष में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की विस्तार से जानकारी दी।
घंटे-घड़ियाल और ताल मृदंग की ध्वनि के बीच मनेगा बलराम जी का जन्मोत्सव
-दाऊजी मंदिर प्रांगण में बलदेव जी के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर
-बलराम जी के जन्मोत्सव के अवसर पर 11 कुंतल बेसन के लड्डू का लगेगा भोग
चंद्र प्रकाश पांडेय
बलदेव/मथुरा : भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी के बाद शेषावतार ब्रज के राजा बलदाऊजी के जन्मोत्सव की धूम मचेगी। घंटे-घड़ियाल और ताल मृदंग की ध्वनि के बीच जन्मोत्सव मनाया जायेगा। इसके लिए ब्रज के राजा की नगरी बलदेव में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जन्मोत्सव पर ब्रजराज को बेसन के 11 कुंतल लड्डू का भी भोग लगेगा।
भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को ब्रज के राजा बलदाऊ जी जन्म लेंगे। जन्मोत्सव को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने के लिए 8 दिवसीय बलदेव महोत्सव चलेगा। इस बीच दाऊजी मंदिर के रासलीला प्रांगण में सुबह से लेकर शाम तक भागवत कथा का आयोजन होगा। 14 से 20 सितंबर तक श्रीमद्भागवत कथा आयोजित होगी। इसमें भागवत प्रवक्ता ब्रज के प्रमुख संत श्री ऋतेश्वर महाराज, लाडली निकुंज वन, वृन्दावन के श्रीमुख से अमृत वर्षा होगी। कथा समय दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक है। वहीं संत श्री प्रभुदत्त ब्रह्मचारी महाराज द्वारा रचित श्री भागवत चरित संगीतमय पारायण का आयोजन 13 सितम्बर से 20 तक होगा।
इसमें भागवत प्रवक्ता गोपाल भैया है। कथा समय सुबह सात बजे से 12 बजे तक है। बलदेव जन्मोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 21 सितम्बर को मनाया जाएगा।
जन्मोत्सव के अवसर को दिव्यता प्रदान करने के लिए विशेष अभिषेक व हीरा जवाहरात के साथ श्री दाऊजी महाराज का विशेष श्रंगार वस्त्र विशेष रूप से तैयार हो रहें हैं, जिन्हें दाऊजी महाराज धारण करेगें। मंदिर में शहनाई वादन, विशेष श्रंगार दर्शन, हलधर सहस्त्र नाम पाठ वेदपाठी पंडितों द्वारा बलभद्र महायज्ञ होगा। जन्मोत्सव पर अभिषेक व दिव्य हीरा जवाहरात के दर्शन होंगे। शाम को चार बजे से विशाल भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो कि नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। शोभायात्रा के स्वागत के लिए भी नगरवासियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
दाऊजी मंदिर के सेवायत ज्ञानेन्द्र पांडेय ने बताया प्राचीन परम्परा के अनुसार बलदाऊजी जन्मोत्सव के बाद दधिकाधां महोत्सव भी 21 सितम्बर को आयोजित होगा। इसमें लाला की छीछी के रुप में दही माखन, हल्दी, फल नारियल प्रसाद स्वरूप लुटाया जायेगा। सभी कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी तरह से जोरों पर है। श्रीमद्भागवत कथा का पंडाल लगभग तैयार है। बलदेववासियों व ब्रजवासियों में बलदेव जन्मोत्सव के लिये विशेष जोश व उत्साह नजर आ रहा है। सभी ब्रज के राजा श्री दाऊजी महाराज का जन्मोत्सव मनाने के लिये तैयारी कर रहे हैं।
11 कुंतल लड्डू का लगेगा भोग
सेवायत ज्ञानेन्द्र पांडेय ने बताया कि बलदेव छठ के अवसर पर ब्रज के राजा को शुद्ध देशी घी से निर्मित 11 कुंतल बेसन के लड्डू का भोग लगेगा। भोग के बाद प्रसादी के तौर समाज के लोगों को वितरित किया जायेगा।
जगह-जगह लगेंगे बायगीर मेले
बलदेव छठ पर जगह-जगह बायगीर मेला शुरू होंगे। मेले में बायगीर सांप काटे की समस्याओं के साथ कंठवेल, विष वेल से पीड़ितों का उपचार करेंगे।

