Friday, January 16, 2026
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के.डी. हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जनों ने किया दिमाग का क्रिटिकल ऑपरेशन

क्लिप लगाकर रक्तस्राव को बंद करने में हासिल की सफलता

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह ने गोवर्धन, मथुरा निवासी राधेश्याम (57) के दिमाग की फटी नस में क्लिप लगाकर उसका रक्तस्राव बंद करने में सफलता हासिल की है। अब मरीज बिल्कुल ठीक है तथा उसे छुट्टी दे दी गई है। डॉक्टरों का कहना है कि इस तरह की मुश्किल सर्जरी में एक तिहाई लोग ही बच पाते हैं तथा सामान्य जीवन जीते हैं।
ज्ञातव्य है कि गोवर्धन निवासी राधेश्याम क्षयरोग से पीड़ित होने के साथ ही प्रायः सिरदर्द से परेशान रहता था। एक दिन उसे अचानक सिर में असहनीय दर्द हुआ। परिजन उसे के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर लाए तथा विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति से मिले। डॉ. प्रजापति ने राधेश्याम की सीटी स्कैन कराई जिससे पता चला कि उसके दिमाग में रक्तस्राव हुआ है। रंगीन सीटी स्कैन कराने से ज्ञात हुआ कि उसके दिमाग की धमनी में एक गुब्बारा (एन्युरिज्म) है, जिसका तत्काल ऑपरेशन किया जाना जरूरी है।
परिजनों की सहमति के बाद डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने क्लिप लगाकर राधेश्याम के दिमाग के रक्तस्राव को बंद करने में सफलता हासिल की। ऑपरेशन के अगले ही दिन मरीज को होश आ गया तथा उसने खाना-पीना भी शुरू कर दिया। इस ऑपरेशन में डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह का सहयोग डॉ. सौरभ वर्मा, डॉ. हैंकी यादव, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. दीपक अग्रवाल, टेक्नीशियन राजबीर, राबिन ने किया।
डॉ. अजय प्रजापति का कहना है कि ऐसे ऑपरेशन में बमुश्किल एक तिहाई मरीज ही बच पाते हैं। ब्रेन स्ट्रोक में एन्युरिज्म फटने पर जितनी देर होती है मरीज की जान को उतना ही खतरा बढ़ जाता है। दरअसल तनाव और उच्च रक्तचाप के कारण ही दिमाग की धमनी छोटे से गुब्बारे की तरह फूल जाती है। लगातार दबाव बने रहने की वजह से वह फट जाती है तथा देर होने पर आंतरिक रक्तस्राव की वजह से मरीज की मौत भी हो सकती है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने राधेश्याम की मुश्किल ब्रेन सर्जरी करने वाले चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए मरीज के पूर्ण स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।

जीएलए बीटेक सिविल के 92 प्रतिशत छात्रों का चयन

12 से अधिक छात्र ऐसे भी जिन्हें दो और तीन-तीन कंपनियों से मिले जाॅब ऑफर

मथुरा : भारत विकासशील देश है। जहां सिविल से जुडे़ प्राइवेट और सरकारी सेक्टर को आये दिन ऐसे सिविल इंजीनियरों की आवश्यकता होती है जो विकासशील देश में और अधिक परिवर्तन लाकर नई रोड़ डिजाइन, रोड़ मैप, बाईपास और ताकतवर पुल आदि विकास से जुडे़ डिजाईन और उनके कुशल प्रबंधन से लेकर उनके निर्माण में अत्याधिक गति दे सके। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा का सिविल इंजीनियरिंग विभाग भी इस गति को तीव्र गति देने में जुटा हुआ है। हाल ही में 92 प्रतिशत छात्रों का चयन विभिन्न कंपनियों में हुआ है।

विदित रहे कि जीएलए विश्वविद्यालय के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के 92 प्रतिशत छात्रों को 19 से अधिक कंपनियों में रोजगार मिला है। इनमें से अधिकतर कंपनियां कोर कंपनियां हैं। इसके अलावा 12 से अधिक छात्र ऐसे जिन्हें एक नहीं बल्कि दो और तीन-तीन कंपनियों ने जाॅब ऑफर प्रदान किए हैं। चयनित हुए छात्रों में अधिकतर छात्रों को 6 लाख से अधिक पैकेज पर रोजगार मिला है। डिजाइन इंजीनियर से लेकर असिस्टेंट मैनेजर और अन्य पदों पर छात्र एचजी इंफ्रा इंजीनियरिंग, यूनिवर्सल मैप प्रोजेक्ट, दिल्ली इंटीग्रेटेड, एचसीसी इंडिया, टेक्टबेल इंजीनियर, केईसी इंटरनेशनल, एमएस इंफ्रा, एनकेजी इंफ्रास्ट्रक्चर, ब्रिजकाॅन, स्काईलार्क, आरकेसी इंफ्राबिल्ट, अडानी गु्रप, आईसीआईसीआई बैंक, इंडस्ट्रियल काॅनबिल्ड, यंगमैन, एसटीएस इंफ्रा, जेएमसी प्रोजेक्ट, ओम लाॅजिस्टिक्स, टीसीई, पटेल इंजीनियरिंग आदि कंपनियों ने विश्वविद्यालय में कैंपस प्लेसमेंट आयोजित कर छात्रों से रूबरू होकर रोजगार दिया है।

तीन कंपनियों से जाॅब ऑफर प्राप्त करने वाले छात्र उज्जवल तोमर कहते हैं कि सिविल के क्षेत्र में जिस प्रकार आज से कुछ वर्ष पहले सिविल इंजीनियरों की मांग थी। ठीक उसी प्रकार आज भी वही दौर आ गया है। इस विकासशील देश में कोर कंपनियों में सिविल छात्रों की अत्याधिक मांग बढ़ी है। क्योंकि सरकार ने देश के विकास का पंख लगाने का काम किया है। यही कारण है कि सिविल क्षेत्र की कंपनियों ने भी अपने रोजगार के द्वार खोले हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर और आधुनिक शिक्षा जीएलए ने दी। इसी आधुनिक शिक्षा के कारण ही मुझे तीन कंपनियों से बेहतर पैकेज पर जाॅब ऑफर मिला।

विभागाध्यक्ष प्रो. सुधीर गोयल कहते हैं कि जीएलए के सिविल विभाग के प्रोफेसरों ने ठाना है कि यहां शिक्षा लेने वाला हर छात्र रोजगारपरक बनने के अलावा उद्यमिता की ओर अग्रसर हो। इसके लिए विभाग में स्थापित हाइड्रोलिक्स और हाइड्रोलिक मशीन लैब, निर्माण सामग्री लैब-बिल्डिंग मटेरियल लैब, कंक्रीट लैब, परिवहन प्रयोगशाला, संरचना विश्लेषण प्रयोगशाला, स्ट्रक्चरल विश्लेषण जैसी लैबों में छात्रों प्रयोगात्मक ज्ञान देकर सिविल से पूर्ण ज्ञान अर्जित किया जाता है। उन्होंने बताया कि सिविल विभाग में 6 नेशनल एवं इंटरनेशनल एमओयू एवं 3 सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस की स्थापना से छात्रों को आधुनिक साॅफ्टवेयर पर ट्रेनिंग एवं उनमें चल रहे प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने के भी अवसर मिल रहे हैं।

जीएलए विश्वविद्यालय के 3000 से अधिक छात्र चयनित

जीएलए के छात्रों को सत्र 2022-23 में मिले 55 लाख के जाॅब ऑफर

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने सत्र 2022-23 में रिकॉर्ड बनाया है। प्लेसमेंट के मामले में इसने देश के कई नामचीन संस्थानों को पीछे छोड़ दिया है। विश्वविद्यालय की तरफ से इस साल 3000 से अधिक छात्रों का प्लेसमेंट हुआ है। उन्हें अलग-अलग पैकेज पर 600 से अधिक नेशनल और इंटरनेशनल कंपनियों में नौकरी मिली है। ऐसे में यह छात्र पढ़ाई खत्म करने के बाद टेलीकॉम, आईटी, रिसर्च, प्रोडक्शन और मार्केटिंग सेक्टर में अपना योगदान दे रहे हैं।

एक साथ इतने छात्रों के प्लेसमेंट मिलने के बाद जीएलए विश्वविद्यालय इसे अपनी बड़ी सफलता के तौर पर देख रहा है। खास बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में हुए सभी प्लेसमेंट सत्र 2022-23 में ही हुए हैं। जिन कंपनियों में छात्रों को नौकरी मिली है, उनमें एनजुमा, अमेजाॅन, फेसबुक, गूगल, माइक्रोसाॅफ्ट, एप्पल, नेस्टले, टाटा, रिलाइंस, एडीडास, एचएसबीसी, हिताची, वाॅलमार्ट, मित्सुबिशी, बैंक ऑफ़ अमेरिका, बार्कलेस, होंडा, सिस्को, मिलीमेन इंडिया, एसएचएल गु्रप, इन्फाॅरमेटिका बिजनेस, जेडस्केलर साॅफ्टटेक, टूथसी, जूसपेय, जेडवाइपीपी, डूडो स्क्ल्सि, सिनोप्सिस, हेक्साव्यू, ओटीपीवाइ, कारपोरेशन इंडिया, इयूलेर मोटर्स, टाइटन बायोटेक, लाइट स्पीड लाॅजिस्टिक्स, एचसीसी इंडिया, ब्रिजकाॅन, कॅरियर 360, ग्लोबल लाॅजिक, वाइथ डिजिटल, होरिबा इंडिया, स्प्रिंग वर्क्स, आईओटी 83, मेडीटेब, एक्सट्रिया, सोपरा स्टेरिया, एयरटेल एक्स लैब, जेमिनी साॅल्यूषन, हनू साॅफ्टवेयर, ट्रिप जेक जैसी नामचीन कंपनियां शामिल हैं।

ऐसा पहली बार हुआ कि 600 से भी ज्यादा कंपनियों ने कैंपस में आकर विद्यार्थियों को प्लेसमेंट ऑफर दिए। इनमें से ही कुछ दिग्गज कंपनियों ने सबसे ज्यादा छात्रों को प्लेसमेंट दिए हैं। इनमें एससेंचर में 73, माइक्रोसाॅफ्ट में 35, कैपजेमिनी में 228, काॅग्नीजेंट में 142 और टीसीएस में 18 छात्रों को प्लेसमेंट मिला है। अगर पैकेज की बात की जाय तो मल्टीनेशनल कंपनियों ने 7 लाख से 55 लाख तक के पैकेज ऑफर किए।

55 लाख के पैकेज पर एनजुमा कंसल्टिंग कंपनी में साॅफ्टवेयर डेवलपर के पद पर चयनित छात्र विधान शर्मा ने बताया कि जीएलए विश्वविद्यालय में उनका एक लंबा कॅरियर रहा है। सबसे पहले पाॅलीटेक्निक किया और इसी कंपनी में 26 माह की ट्रेनिंग का अवसर मिला। ट्रेनिंग के दौरान उन्होंने दर्जनों प्रोजेक्ट्स पर सुगमता से कार्य किया। इसके बाद उन्होंने जीएलए से ही बीटेक कम्प्यूटर साइंस की शिक्षा प्राप्त की और अब जीएलए से मिली रोजगारपरक षिक्षा के बलबूते एनजुमा में ही 55 लाख के पैकेज पर जाॅब ऑफर मिला। वर्तमान में छात्र विधान 50 से अधिक प्रोजेक्ट्स पर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि रिसर्च से लेकर इनोवेशन और नवाचार से लेकर रोजगारपरक शिक्षा जीएलए से ही प्राप्त हो सकती है।

कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने बताया कि नैक ए प्लस ग्रेड प्राप्त जीएलए विश्वविद्यालय एक समग्र विकास पर ध्यान देने वाला करिकुलम तैयार करता है। हाल ही में कई कॉर्पोरेट के साथ टाइ-अप किया है, ताकि विद्यार्थियों को इंजीनियरिंग, डेटा साइंस, बिग डेटा, क्लाउड, डिजिटल मार्केटिंग, फाइनेंशियल मार्केट्स, सप्लाई चेन, एचआरएम, मेडिकल साइंस जैसे क्षेत्रों में स्पेशलाइज्ड प्रोग्राम मुहैया कराए जा सकें। इस तरह जीएलए ने यह साबित किया है कि यह यूनिवर्सिटी विद्यार्थियों को इंडस्ट्री 4.0 की आधुनिक जरूरतों के लिए तैयार करती है। साथ ही इन बेहतरीन रिकॉर्ड और आंकड़ों के साथ जीएलए देश की उन चुनिंदा यूनिवर्सिटी में से एक बन गई है, जिसे नेशनल इंस्टीटूशनल रैकिंग फ्रेमवर्क (एनआइआरएफ) इन्नोवेशन में टाॅप 50 और फार्मेसी में 54 वीं रैंक हासिल हुई है।

राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं को बताए व्यक्तित्व विकास के गुर

तीन दिवसीय कार्यशाला में बार्कलेज के ट्रेनरों ने दी उपयोगी जानकारी

मथुरा। राजीव एकेडमी में शिक्षण का उत्तम माहौल है जो युवा वर्ग के करिअर को नई उड़ान दे रहा है। जब कोई शिक्षण संस्थान यह संकल्प ले ले कि विद्याथिर्यों को स्वर्णिम प्लेटफार्म तक पहुंचाना है तो वे भी उसके साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ते हैं। यह विचार बार्कलेज के ट्रेनर मोहित कुमार एवं विवेक कुमार ने तीन दिवसीय सॉफ्ट एवं कम्युनिकेशन स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम में छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
तीन दिवसीय सॉफ्ट स्किल/लाइफ स्किल ट्रेनिंग सेशन में बार्कलेज के ट्रेनरों ने कहा कि राजीव एकेडमी में बहुत कुछ है जो छात्र-छात्राओं के करिअर को संवारने में भरपूर मदद कर रहा है। ट्रेनरों ने तीन दिवसीय सॉफ्ट एवं कम्युनिकेशन स्किल डेवलपमेंट विषय पर आयोजित कार्यशाला में बीबीए, बीईकॉम, बीएससी (सीएस) के छात्र-छात्राओं को जॉब प्राप्ति के लिए भी प्रेरित किया तथा विभिन्न प्रकार के स्किल डेवलपमेंट माड्यूल्स के माध्यम से लीडरशिप स्किल एवं सामाजिक उत्तरदायित्व आदि के गुर सिखाए।
वक्ताओं ने कहा कि संस्थान में शिक्षण के साथ-साथ नई अपडेट्स भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं जिससे विद्यार्थी भविष्य की चुनौतियों से निपट सकते हैं। भविष्य में कौन सी समस्याएं अध्ययन में आड़े आ सकती हैं, इनका समाधान क्या हो सकता है, यह सब विद्यार्थी के अच्छे सॉफ्ट स्किल एवं लाइफ स्किल पर निर्भर करता है। तीन दिवसीय कार्यशाला में छात्र-छात्राओं को गोल सेटिंग, पब्लिक स्पीकिंग, स्वॉट एनालिसिस, इन्ट्रापर्सनल स्किल्स, ओरिजिनल केस स्टडीज, कम्युनिकेशन स्किल्स, पर्सनल इंटरव्यू, गुड मैनेजमेंट, ई-मेल एटीट्यूट्स के अतिरिक्त कार्पोरेट जगत की अन्य बारीकियों की भी जानकारी दी गई।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि जब विद्यार्थी का सॉफ्ट कम्युनिकेशन बेस मजबूत होगा तो उसे आगे बढ़ने में आसानी होगी। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व विकास में लाइफ स्किल्स और सॉफ्ट स्किल डेवलपमेंट का विशेष महत्व है। सॉफ्ट स्किल्स हमारे व्यवहार और व्यक्तित्व को बेहतर बनाता है तथा विकसित करता है। निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने बार्कलेज के अधिकारियों का स्वागत करते हुए तीन दिवसीय कार्यशाला के आयोजन के लिए ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग की सराहना की।

सुखद घर-परिवार व समाज के लिए अभिशाप है नशाः डॉ. कमल किशोर वर्मा

के.डी. हॉस्पिटल में विश्व नशा निरोधक दिवस पर कार्यशाला आयोजित

मथुरा। इस समय हमारा देश ही नहीं समूची दुनिया नशे की गिरफ्त में है। अगर शरीर को नष्ट होने तथा परिवार को बर्बादी से बचाना है, बाल-बच्चों का भविष्य संवारना है तो हमें नशाखोरी का परित्याग करना होगा क्योंकि नशा नाश की जड़ है। यह बातें सोमवार को विश्व नशा निरोधक दिवस पर के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के मनोचिकित्सा विभाग तथा नशामुक्ति एवं पुनर्वास केन्द्र द्वारा आयोजित कार्यशाला में विशेषज्ञ मनोचिकित्सक डॉ. गौरव सिंह ने नशे की गिरफ्त में आए लोगों तथा उनके परिजनों को बताईं।
कार्यशाला में मनोचिकित्सक एवं विशेषज्ञ नशामुक्ति डॉ. कमल किशोर वर्मा ने कहा कि नशा एक ऐसी बुराई है, जिससे इंसान का अनमोल जीवन समय से पहले ही नष्ट हो जाता है। नशीले और जहरीले पदार्थों के सेवन से व्यक्तियों को शारीरिक, मानसिक और आर्थिक हानि पहुंचने के साथ ही पारिवारिक तथा सामाजिक वातावरण भी क्लेशमय होता है। नशे के आदी व्यक्ति को समाज में हेयदृष्टि से देखा जाता है।
डॉ. वर्मा ने कहा कि दुर्व्यसन से आज स्कूल जाने वाले छोटे-छोटे बच्चों से लेकर बड़े-बुजुर्ग विशेषकर युवा वर्ग बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है। नशे से ग्रस्त व्यक्ति अपराध की ओर अग्रसर हो जाता है तथा शांतिपूर्ण समाज के लिए अभिशाप बन जाता है। समाज में पनप रहे विभिन्न प्रकार के अपराधों का कारण नशा ही है। उन्होंने कहा कि एक पूर्ण नशा मुक्त व्यक्ति अपने परिवार, समाज तथा राष्ट्र के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकता है। डॉ. वर्मा ने बताया कि इस साल का थीम- “लोग पहले: कलंक और भेदभाव को रोकें, रोकथाम को मजबूत करें” है।
विश्व नशामुक्ति दिवस पर स्लाइडर के माध्यम से नशे की गिरफ्त में आ चुके लोगों को इसके दुष्परिणामों से डॉ. प्रियंका और डॉ. विदुषी ने अवगत कराया। इन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि मादक द्रव्यों से मानव स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ समाज, परिवार और देश को भी गम्भीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। किसी भी देश का विकास उस देश के नागरिकों के स्वास्थ्य पर निर्भर करता है। नशे से विभिन्न प्रकार की बीमारियां जैसे तपेदिक, निमोनिया, सांस की बीमारियां, कैंसर, अल्सर इत्यादि का भी सामना करना पड़ता है। हमें नशे से होने वाले दुष्प्रभावों पर गम्भीरता से विचार कर एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में योगदान देना चाहिए।
नशीले पदार्थों के लती लोग ज्यादातर अकेले रहना चाहते हैं और अपने आपको समाज से अलग कर लेते हैं। उन्हें लगता है कि उनकी ज्यादातर चीजें गोपनीय ढंग से ही हों। मादक द्रव्यों के सेवन का विकार एक व्यक्ति के अन्य लोगों के साथ मेलजोल और उनसे घुलने-मिलने के तरीके को प्रभावित कर सकता है। कार्यशाला में संध्या कुमारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए। इस अवसर पर नशे की गिरफ्त में आए लोगों ने अपने अनुभव साझा किए वहीं उनके परिजनों ने बताया कि नशे की वजह से उनका परिवार आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहा है। उनके बच्चे ठीक ढंग से पढ़ाई भी नहीं कर पा रहे। इस अवसर पर नशे की गिरफ्त में आये लोगों ने नशा न करने का संकल्प लिया। कार्यशाला में डॉ. अंकुश, डॉ. रवनीत कौर, मनोनैदानिक विज्ञानी सचिन गुप्ता संध्या कुमारी, मंजनी, पूजा कुंतल, सोनू आदि उपस्थित रहे।

बैंक खातो से ऑनलाइन ठगी करने वाले 6 साइबर अपराधियों गिरफ्तार कर जेल भेजा

6 मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड व 10000 रूपये बरामद किए

गोवर्धन। थाना पुलिस ने साइबर ठगी के आरोप में छह अभियुक्तों को गिरफ्तार कर चालान किया है। आरोपियों के कब्जे से छह मोबाइल फोन, दस हजार रुपए कैश बरामद किया है।

शनिवार को गोवर्धन पुलिस ने दौलतपुर मंदिर के पास से मुखबिर को सूचना पर राशिद पुत्र हन्नू निवासी ग्राम देवसेरस, तसलीम पुत्र नूर मोहम्मद निवासी अकाता थाना कामा जिला भरतपुर, मज्जल पुत्र आशू निवासी देवसेरस, सोहेल पुत्र खुर्शीद निवासी झुन्डवास थाना हसनपुर जिला पलवल हरियाणा, जुनैद पुत्र बगदा निवासी देवसेरस, कुन्दन पुत्र बनिया निवासी ग्राम दौलतपुर को साइबर ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से छह मोबाइल फोन और दस हजार रुपए कैश बरामद किया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार आरोपी फर्जी आधार कार्ड स्वयं तैयार करते थे। फर्जी पहचान पत्र से सिम आसाम, बिहार, झारखण्ड आदि से निकलवाकर तथा फर्जी बैंक एकाउन्ट खुलवाकर तथा ट्रू-कॉलर, फेसबुक, से अज्ञात नम्बरो पर फर्जी सिम से कॉल कर व फेसबुक आदि सोशल साइटस से जानकारी हासिल कर जान पहचान वाला बनकर उनके व्हाट्सएप व मो0नं0 पर कॉल कर उनको झांसे में लेकर अवैध रूप से उनके खाते से QR Code & UPI आईडी के माध्यम से अपने फर्जी खातो में पैसा डलवाकर धोखा धडी से ठगे गये रूपयो को आपस में बाट लेते है । थानाध्यक्ष ओम हरि वाजपेई ने बताया कि आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

राजीव एकेडमी के विद्यार्थियों ने प्लेसमेंट में बनाया कीर्तिमान

दर्जनों छात्र-छात्राओं को एक नहीं छह से सात कम्पनियों के मिले ऑफर लेटर

मथुरा। ब्रज मण्डल के उत्कृष्ट शैक्षिक संस्थान राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के विद्यार्थियों ने इस साल प्लेसमेंट के मामले में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। अनेकों विद्यार्थियों को जहां लाखों के पैकेज पर नामचीन कम्पनियों में सेवा के अवसर मिले वहीं दर्जनों विद्यार्थी ऐसे रहे जिन्हें एक नहीं छह से सात कम्पनियों ने ऑफर लेटर प्रदान किए।
ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग के अनुसार एमबीए (प्रबंधन) में हर वर्ष की भांति इस साल भी शत-प्रतिशत प्लेसमेंट हुए। कैम्पस प्लेसमेंट को आई फैडेक्स कम्पनी ने यहां के एक छात्र को 20 लाख का ऑफर लेटर प्रदान किया। यहां कुल 62 कम्पनियों ने प्लेसमेंट के माध्यम से एमबीए के छात्र-छात्राओं को सेवा के अवसर प्रदान किए। एमबीए में चार विद्यार्थियों को 9-9 लाख के पैकेज तो 20 विद्यार्थियों को 5 या 5 लाख से अधिक के पैकेज पर जॉब मिले हैं। नूपुर अग्रवाल और दिशा चौधरी का सर्वाधिक कम्पनियों में चयन हुआ। इन्हें छह कम्पनियों से ऑफर लेटर मिले।
बीबीए में 6 लाख 70 हजार का अधिकतम पैकेज रहा। यहां के 5 विद्यार्थियों को 6 लाख 70 हजार के पैकेज पर जॉब मिले। बीबीए में कुल 45 कम्पनियां प्लेसमेंट को आईं। 15 विद्यार्थियों को पांच लाख से अधिक के पैकेज तथा 28 विद्यार्थियों को दो लाख से अधिक के ऑफर लेटर मिले। पूर्विका अग्रवाल तथा शताक्षी अरोड़ा को चार-चार लाख रुपये सालाना के पैकेज पर जॉब हासिल करने में सफलता मिली। एम.सी.ए. में 19.50 लाख रुपये तक का ऑफर देने वाली कम्पनियां आईं। एम.सी.ए. के 10 विद्यार्थियों को मल्टीपल ऑफर के साथ-साथ 4.5 लाख का एवरेज पैकेज मिला। 12 विद्यार्थियों को एक से अधिक कम्पनियों में ऑफर मिले। एमसीए में 42 कम्पनियां प्लेसमेंट को आईं, जिसमें 8 विद्यार्थियों को 5 लाख से अधिक के पैकेज पर जॉब मिले। रोमेश त्रिपाठी को चार कम्पनियों से ऑफर लेटर मिले।
बी.सी.ए. में आईटी क्षेत्र की 48 नामचीन कम्पनियों ने प्लेसमेंट किया तथा 15 विद्यार्थियों को एक से अधिक कम्पनियों से ऑफर मिले। आरती भारद्वाज को आई.टी. क्षेत्र की सात प्रमुख कम्पनियों विप्रो, एल एण्ड टी माइंड ट्री, सिस्टूल, एच.सी.एल, कोफोर्ज, टी.सी.एस, हैक्सावेयर से ऑफर लेटर प्राप्त हुए। बी.ईकॉम में 40 कम्पनियों ने विजिट किया जिसमें जैकब पॉल को 6 लाख 70 हजार रुपये का पैकेज प्राप्त हुआ। 6 विद्यार्थियों को 5 लाख से अधिक के पैकेज पर सेवा के अवसर मिले। इसी तरह बीएससी (सीएस) में भी 40 आईटी की दिग्गज कम्पनियों ने कैम्पस प्लेसमेंट किए। हर्षिता शर्मा को टी.सी.एस., एच.सी.एल., एल. एण्ड टी. माइंड ट्री, कोफोर्स, सिस्टूल, विप्रो, हैक्सवेयर आदि से ऑफर लेटर मिले।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को प्रेषित संदेश में कहा कि तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा आज के युवा वर्ग की खास जरूरतों में शुमार है। ऐसे में प्रत्येक युवा के पास उच्च गुणवत्तायुक्त प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान की व्यावसायिक डिग्री जरूर होनी चाहिए। निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना का कहना है कि राजीव एकेडमी में योग्य डेडीकेटेड प्लेसमेंट सेल द्वारा प्लेसमेंट दिलवाने का कार्य पूरे वर्ष संचालित रहता है। हम राजीव एकेडमी के प्रत्येक विद्यार्थी को बेहतर शिक्षा के साथ ही प्लेसमेंट दिलाने को प्रतिबद्ध हैं।

संस्कृति विवि, एपिडा ने बासमती के निर्यात के लिए किसान किए शिक्षित

मथुरा। “बासमती चावल के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए अच्छी कृषि पद्धतियों ” पर किसानों को प्रशिक्षित करने हेतु, बासमती एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन(बीईडीएफ), एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट एक्सपोर्ट डवलपमें एथोरिटी (एपीडा) ने संस्कृति विश्वविद्यालय के समन्वय से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में बासमती किसानों और हितधारकों को बासमती चावल के निर्यात में चुनौतियों और अवसरों के बारे में शिक्षित और अच्छी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया । कार्यशाला में 225 किसानों ने भाग लिया।
संस्कृति विवि के कैंपस-1 स्थित सभागार में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में मुख्य वक्ता पद्मश्री एवं इंडियन एग्रीकल्चर रिसर्च इंस्टीट्यूट के पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक डॉ. वीपी सिंह, जो सबसे लोकप्रिय बासमती चावल की किस्म पूसा बासमती 1121 विकसित करने में अपने योगदान के लिए जाने जाते हैं, ने अपने ज्ञानवर्धक उद्बोधन में कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी बहुमूल्य अंतर्दृष्टि और अनुभवों को साझा करते हुए बासमती की खेती में आने वाली चुनौतियों और संभावनाओं पर विस्तार से किसानों को बताया।
संस्कृति सेंटर फॉर एप्लाइड पॉलिटिक्स के निदेशक डा. रजनीश त्यागी ने स्वागत भाषण में कहा कि इस कार्यशाला का मुख्या उद्देश किसानों को प्रशिक्षित कर बासमती की उपज को बढ़ाना है और डॉ त्यागी ने कार्यशाला आयोजित करने और बासमती चावल के गुणवत्तापूर्ण उत्पादन के लिए अच्छी कृषि पद्धतियों के महत्व को उजागर करने के लिए, बासमती एक्सपोर्ट डेवलपमेंट फाउंडेशन, एपीडा के प्रति आभार व्यक्त किया। बीईडीएफ के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. अनुपम दीक्षित ने किसानों को बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए फाउंडेशन की पहल और चल रहे प्रयासों के बारे में जानकारी दी। प्रधान वैज्ञानिक डॉ. रितेश शर्मा ने प्रतिभागियों के साथ महत्वपूर्ण आँकड़ा साझा करते हुए इस बात पर प्रकाश डाला कि भारत ने बासमती चावल के निर्यात में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है, जिसका कुल निर्यात मूल्य चालू वर्ष में 38,524 करोड़ रुपये है। प्रतिभागियों ने इस विशेष क्षेत्र के भीतर विकास और विस्तार की अपार संभावनाओं को पहचाना और उद्योग की सफलता में योगदान देने के लिए प्रेरणा की एक नई भावना व्यक्त की। कार्यशाला में जीबी नगर में कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके) के प्रतिनिधि डॉ. विपिन शर्मा, नवप्रवर्तक किसान सुधीर अग्रवाल ने बासमती चावल उत्पादन में अपने अनुभवों और सफलता की कहानियों को साझा किया।
अध्यक्षीय भाषण संस्कृति विश्वविद्यालय के महानिदेशक प्रोफेसर (डॉ.) जेपी शर्मा ने दिया। डॉ. शर्मा ने बासमती चावल उद्योग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए निरंतर सीखने और ज्ञान साझा करने के महत्व पर जोर दिया। धन्यवाद ज्ञापन डीन स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर डॉ. के.के. ने दिया। कार्यशाला का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरण के साथ हुआ। प्रो संस्कृति यूनिवर्सिटी बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर के सीईओ अरुण कुमार त्यागी और प्रो. प्रबंधन के नोडल प्रशिक्षण संस्थान के प्रशिक्षण समन्वयक दाऊ दयाल शर्मा ने प्रतिभागियों की सक्रिय भागीदारी और गुणवत्तापूर्ण बासमती उत्पादन के प्रति प्रतिबद्धता को मान्यता देते हुए प्रमाण पत्र सौंपे। कार्यशाला का संचालन संस्कृति ट्रेनिंग सेल की वरिष्ठ प्रबंधक सुश्री अनुजा ने किया। कार्यशाला को सफल बनाने में डॉ संजीव शर्मा, डॉ कमल पांडे, डॉ सतीश चंद, हितेंद्र, रोहित, राम प्रताप इत्यादि लोगों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने किए ठाकुर राधा दामोदर के दर्शन

वृंदावन। श्री धाम वृंदावन के सप्त देवालयो में से एक ठाकुर श्री राधा दामोदर मंदिर में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर सपत्नीक ठाकुर राधा दामोदर लाल के श्री चरणों में हाजिरी लगाने पहुंचे। जहां पर मंदिर के बड़े गोसाई महाराज आचार्य कनिका प्रसाद गोस्वामी महाराज के द्वारा केंद्रीय मंत्री का चित्रपट व पटका ओढ़ा कर स्वागत किया गया तथा ठाकुर राधा दामोदर लाल की प्रसादी भेंट की।
वहीं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और उनकी पत्नी ने ठाकुर राधादामोदर लाल की चार परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा कि राधा दामोदर मंदिर के आचार्य कनिका प्रसाद गोस्वामी बड़े ही सरल स्वभाव के धनी है। इनके द्वारा निरंतर ही जनहित कल्याणकारी कार्य किए जाते हैं और साथ ही इनके द्वारा सदैव ही साधु वैष्णव सेवा की जाती है। आज मैं ठाकुर राधा दामोदर लाल के दर्शन कर धन्य हो गया हूं और साथ ही आचार्य श्री का आशीर्वाद प्राप्त किया है।

एच.सी.एल. में मिले जॉब से राजीव एकेडमी के विद्यार्थियों में खुशी

बीसीए के पांच छात्र-छात्राओं को मिला उच्च पैकेज पर सेवा का अवसर

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राएं लगातार राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में चयनित हो रहे हैं। हाल ही में बीसीए के पांच विद्यार्थियों को एच.सी.एल. कम्पनी में उच्च पैकेज पर जॉब मिलने से उनमें खुशी का माहौल है। चयनित छात्र-छात्राओं ने अपनी इस सफलता का श्रेय संस्थान की उच्चस्तरीय शिक्षा प्रणाली तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है।
ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग के प्रमुख ने बताया कि विगत दिनों एच.सी.एल. कम्पनी के कैम्पस प्लेसमेंट में बीसीए के पांच विद्यार्थियों ने परीक्षा और साक्षात्कार में श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए सेवा का अवसर प्राप्त किया है। चयनित छात्र-छात्राओं में आरती भारद्वाज, नेहा शर्मा, पुनीत कुमार सिंह, राघव अग्रवाल, रिषभ शर्मा शामिल हैं।
चयन प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि एच.सी.एल. पब्लिक कम्पनी है। 1991 से संचालित इस कम्पनी का मुख्यालय नोएडा है। यह मूलतः आईटी की कम्पनी है, जिसे मैन्युफैक्चरिंग, एअरो स्पेस एण्ड डिफेंस, फाइनेंशियल सर्विसेज, टेलीकॉम, रिटेल एण्ड सीपीजी लाइफ इंश्योरेंस एण्ड हेल्थकेयर, मीडिया एण्ड एण्टरटेनमेंट, ट्रेवल ट्रांसपोर्ट एण्ड लॉजिस्टिक, आटोमोटिव, हेल्थकेअर आदि की विशेषज्ञता प्राप्त है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी लगन और मेहनत से कम्पनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।