Friday, January 2, 2026
Home Blog Page 145

विकसित भारत चाहते हैं तो मोदीजी को सफल बनाएः हेमा

भाजपा के शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ का लोकसभा सम्मेलन

मथुरा। भारतीय जनता पार्टी के शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ द्वारा विकसित भारत संकल्प पत्र संगोष्ठी एवं सुझाव कार्यक्रम संस्कृति विश्वविद्यालय के संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में आयोजित किया गया। मथुरा-वृदावन लोकसभा क्षेत्र के इस आयोजन में मुख्य अतिथि सांसद डा. हेमा मालिनी ने प्रकोष्ठ से जुड़े शिक्षकों, अधिकारियों में उत्साह भरते हुए आह्वान किया कि यदि विकसित भारत चाहते हैं तो मोदीजी को सफल बनाने के लिए जुट जाएं।
मथुरा-वृंदावन लोकसभा सीट से भाजपा की तीसरी बार टिकट पाने वाली सांसद, सिने तारिका, नृत्यांगना डा. हेमा मालिनी ने कहा कि मैं जब तक जीवित हूं मथुरा-वृंदावन की सेवा करती रहूंगी। उन्होंने कहा कि मैं राजनीति में इसलिए आई कि जो इस क्षेत्र में आने में हिचकते हैं वे देख लें कि यहां अच्छे लोगों की कितनी जरूरत है। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि आप लोग बच्चों को बताईए और प्रेरित करिए कि वे राजनीति में आएं और देश को सही दिशा दें। उन्होंने कहा कि हमारे देश का नेतृत्व सही हाथों में है। हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री मोदीजी का विकसित भारत का जो लक्ष्य है वह पूरा हो, हम उसी रास्ते पर उनके साथ हैं। शिक्षक ही हैं जो विद्यार्थियों को देश की संस्कृति, देश की गरिमा के बारे में बताकर उन्हें अच्छा नागरिक बनाते हैं। इसलिए में चाहती हूं ये विद्यार्थी जब राजनीति में आएं तो सारे देश को अच्छा बनाएं। मैंने मथुरा के लिए बहुत कुछ किया है और बेस्ट बनाने के लिए बहुत कुछ और करना चाहती हूं। मोदीजी ने मेरी भावनाओं को समझा और मुझे फिर से मौका देकर आपकी सेवा करने के लिए भेजा है।
आज के इस सम्मेलन की आयोजक, शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ की जिला संयोजक डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से प्रकाश डाला और चुनाव में शिक्षण प्रकोष्ठ की भूमिका को बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षकों के हाथ में देश का भविष्य है और देश का विकास हमारी जिम्मेदारी है। हमें राजनीतिक, सामाजिक, धार्मिक सभी क्षेत्र से जुडे लोगों को प्रेरित कर भाजपा को जिताना है। सम्मेलन के मुख्य वक्ता एवं प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक पवन सिंह चौहान ने कहा कि जो पिछले सत्तर साल में विकास नहीं हुआ वह पिछले नौ साल में हो गया। उन्होंने आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी से जुड़ें और लोगों को इस बारे में बताएं। प्रदेश सह संयोजक प्रभारी ब्रज एवं पश्चिम प्रदेश भास्कर द्विवेदी ने शिक्षण प्रकोष्ठ की जिला संयोजक, कार्यक्रम की आयोजक डा. श्रीमती मीनाक्षी शर्मा की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बहुत ही कम समय में शिक्षण प्रकोष्ठ से कई सारे लोगों को जोड़ा और अनेक कार्यक्रम कराए। उन्होंने उपस्थित लोगों से हेमाजी की जीत सात लाख से कराने का संकल्प भी कराया।
क्षेत्रीय सह संयोजक ब्रज क्षेत्र प्रो.आरपी सिंह ने सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राज्य बनाना है। यह देश का अमृत काल है और देश हर क्षेत्र में बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। भारतीय जनता पार्टी के क्षेत्रिय मंत्री डा. रजनीश त्यागी ने ऐतिहासिक उल्लेख करते हुए बताया कि भारत तो दो हजार साल पहले विकसित राष्ट्र था। उस काल में भारतीय मुद्रा सारे देशों की मुद्रा पर भारी पड़ती थी। भारत के इस स्वर्णकाल को फिर से लाना है। सम्मेलन के विशिष्ठ अतिथि संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों के सामने दिव्यांगजन एजूकेशन बोर्ड, दिव्यांग डिप्लोमा को जारी रखे जाने का सुझाव दिया। कार्यक्रम की अध्य़क्षता कर रहे भाजपा के जिला अध्यक्ष निर्भय पांडे ने उपस्थित शिक्षण संस्थान प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि ऐसी पार्टी जिसने सभी वायदे पूरे किए और बहुते ही अल्प समय में देश को विकास के उस शिखर पर पहुंचाया जिसके बारे में सिर्फ कल्पना ही की जा सकती थी, उसको केंद्र की सत्ता में फिर से लाने के लिए जुट जाएं। उन्होंने कहा कि इस बार हेमाजी की जीत सात लाख वोटों से होगी। कार्यक्रम का संचालन अनुजा गुप्ता ने किया।

पुत्र का श्राप क्षण भर में हो गया सच

विजय गुप्ता की कलम से

 मथुरा। घटना लगभग पच्चीस वर्ष पुरानीं है। गर्मियों के दिन थे मैं और मेरा दिवंगत पुत्र विवेक दोपहर के समय पलंग पर लेटे हुए थे। विवेक ने मुझसे कहा कि बाबूजी अब तो तुम्हारे पास दो जनरेटर हो गए हैं उनमें से एक जनरेटर पप्पी बुआ के घर भेज दो, वहां पर जब बिजली चली जाती है तब चन्दन गर्मी में परेशान होता है।
 असल में हमारे यहां पर एक दो दिन पहले ही दूसरा जनरेटर आया था और हमारी छोटी बहन का दिवंगत पुत्र चन्दन उस समय बहुत छोटा था जब बिजली चली जाती थी तब कूलर के बंद होने पर परेशान हो जाता था। मैंने बच्चे की बात को सुना अनसुना कर दिया किंतु वह फिर वही बात दोहराने लगा कि एक जनरेटर को पप्पी बुआ के यहां क्यों नहीं भेज देते? इस पर मैंने हां हूं करके उसकी बात को टालना चाहा तो वह नहीं माना तथा जिद करने लगा कि जनरेटर को अभी भिजवाओ। इस पर मैंने उसे थोड़ा सा डांटा कि तू फालतू की जिद इस समय मत कर मुझे नींद आ रही है और कूलर की ठंडी हवा में सोने दे।
 इस पर भी विवेक नहीं माना और बोला कि जब कूलर ही फुंक जाएगा तो फिर उसकी ठंडी हवा कैसे खा लोगे? इस पर मुझे और भी झुंझलाहट हो गई तथा मैंने कहा कि तू विश्वामित्र है परशुराम है या दुर्वासा ऋषि? जो तेरे श्राप देते ही कूलर फुंक जाएगा। अब बहुत हो चुकी तेरी जिद चुपचाप तू भी सो जा और मुझे भी सोने दे। इसके बाद मैं जैसे ही लेटा कि कमरे में बड़े जोर से बिजली के तारों के जलने जैसे बदबू आई। मैंने उठकर देखा तो कूलर में से धुआं उठ रहा था यह देखते ही मैंने तुरंत कूलर को बंद कर दिया तथा दो मिनट बाद पुनः चलाया तो वह चला ही नहीं क्योंकि वास्तव में कूलर की मोटर फुंक चुकी थी और अंदर की वायरिंग भी जल गई थी।
 इस घटना से मैं अंदर तक हिल गया कि पता नहीं इंसान के रूप में यह कौन है? मैं इतना भयभीत हो गया कि नींद हो गई एकदम उड़न छूं और आनन फानन में एक जनरेटर को अपनी छोटी बहन के छत्ता बाजार जोहरी गली स्थित घर पर पहुंच वाया। मुझे यह डर सता रहा था कि अभी तो कूलर पर बीती है और ऐसा न हो कि कहीं और कुछ बात मेरे लिए इसके मुंह से निकल गई तो पता नहीं मेरा क्या हश्र होगा? ऐसा अक्सर हो जाता था कि उसके मुंह से निकली बातें सच हो जाया करती थीं।
 एक और घटना बताना चाहता हूं एक दिन में बाजार से आया और एक नारियल उसे दिखा कर कहा कि देख मैं तेरे लिए गोला लेकर आया हूं। सुबह फोड़कर भगवान का भोग लगाएंगे और तुझे उसका पानीं पिलाएंगे क्योंकि नारियल का पानीं उसे बेहद पसंद था। विवेक बोला कि, अभी पिला दो, तब मैंने कहा कि सुबह पी लेना, इस पर वह बोला कि नहीं मेरी अभी पीने की बहुत जोर की इच्छा है। इसके बाद मैंने कहा कि तू वैसे तो भगवान का इतना बड़ा भक्त बनता है और फिर तुझे इतना भी सब्र नहीं है कि सुबह भगवान का भोग लगाकर पानीं पी ले। इस पर उसने कहा कि क्या भगवान का भोग अब नहीं लग सकता? तब मैंने उसे झिड़क सा दिया कि तू फालतू की जिद मत कर तू बच्चा है बच्चे की तरह ही रह सुबह भगवान का भोग लगाकर पी लेना फिर वह मन मसोसकर रह गया।
 इस बात को शायद एक मिनट ही हुआ होगा कि कमरे में चट की आवाज हुई मैंने चारों ओर देखा पर कुछ दिखाई नहीं दिया तभी मेरा ध्यान देवी देवताओं की तस्वीरों वाले पूजा के स्थान पर रखें नारियल पर गई तो मैं भौचक्का रह गया क्योंकि नारियल स्वत: ही फट गया तथा उसके अंदर की गिरी साफ दिखाई देने लगी किंतु इतना अधिक भी नहीं फटा कि उसका पानीं ही फैल जाय। इसके तुरंत बाद मैंने नारियल के चटके हिस्से को चाकू से चौड़ा कर उसका पानीं निकाला व भगवान का भोग लगाकर उसे पिलाया।
 इस घटना ने भी मुझे हिला कर रख दिया कि यह तो वास्तव में साधारण इंसान नहीं है। मैं सोचने लगा कि यह बच्चा है या बवाल है जो भले ही चल फिर नहीं सकता किंतु इसकी इच्छा शक्ति कुछ से कुछ कराने की सामर्थ्य रखती है। एक घटना जो मेरे सामने की नहीं है किंतु हमारी छोटी बहन बताती है कि एक बार हम सभी लोग ऊपर छत पर बैठे हुए थे तभी विवेक बोला कि देखो अभी कुछ देर में जोर की आंधी आएगी और वर्षा होने लगेगी अतः मुझे नींचे ले चलो। उसकी इस बात पर किसी ने कोई खास ध्यान नहीं दिया क्योंकि धूप निकली हुई थी लेकिन देखते ही देखते कुछ ही देर में धूप गायब हो गई तेज हवाओं के साथ आंधी आई और वर्षा भी शुरू हो गई।
 विवेक बचपन से ही चल फिर नहीं सकता था क्योंकि ब्रेन से हाथ पैरों को कंट्रोल करने वाली उसकी नसें कमजोर थीं किंतु उसके चेहरे पर तेज था तथा बुद्धि बहुत तीव्र थी। सौम्य और शांत स्वभाव जैसे उसे अपने बाबा यानीं हमारे पिताजी से मिला था। वह हमारे पिताजी की भांति ही अत्यंत धार्मिक और आध्यात्मिक विचार रखता था। घायल जीव जंतुओं, पशु पक्षियों खास तौर से गायों से उसे बड़ा स्नेह था। जब भी उसे पता चलता कि फंला जगह कोई घायल गाय पड़ी है तो वह तुरंत जिद पकड़ लेता कि उसे अपने घर ले आओ और तभी मानता जब तक कि उस गाय को हम अपने घर नहीं ले आते।
 उसकी अध्यात्म के प्रति गहन रुचि थी तमाम धार्मिक पुस्तकें मंगवा कर अपनी मां से सुनता व सभी अवतारों के बारे में जिज्ञासु रहता था। स्नान के बाद अपनी मां से प्रतिदिन श्रीमद्भागवत का एक अध्याय सुनना उसका नित्य नियम था। लगभग बीस वर्ष पूर्व उसने साढ़े सत्रह वर्ष की उम्र में अपनी देह त्यागी। जिस दिन उसने अपनी देह त्यागी थी उस दिन मकर संक्रांति का पर्व था तथा प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में अचानक सोता का सोता रह गया। उस समय इलाहाबाद में महाकुंभ पर्व चल रहा था तथा जिस समय उसने शरीर छोड़ा वह समय महा कुंभ के शाही स्नान के मुहूर्त का था।
 सबसे अधिक महत्वपूर्ण बात यह है कि वह प्रतिदिन श्रीमद्भागवत का श्रवण करता था, क्योंकि उस दिन उसे ठंड लग गई थी और उसकी मां ने उसे नहलाया नहीं था, इसी कारण वह श्रीमद् भागवत कथा नहीं सुन पाया। शनिवार का दिन और शाम का समय था सात बजने वाले थे विवेक के पास ट्रांजिस्टर चल रहा था। मैंने उसकी मां से कहा कि इसकी तबीयत ठीक नहीं है सर्दी लगी हुई है यह क्या किर्र किर्र चला रखा है बंद कर इस ट्रांजिस्टर को। इतना सुनते ही वह एकदम गुस्सा सा होने लगा और इशारों से उसने ट्रांजिस्टर बंद करने को मना कर दिया। उसके मना करते ही मथुरा वृंदावन रेडियो से उद्घघोषक राधा बिहारी गोस्वामी की आवाज सुनाई पड़ी कि अब आप फंला पंडित जी से श्रीमद्भागवत कथा का सस्वर पाठ सुनिए। इसके पश्चात श्रीमद्भागवत कथा का संस्कृत पाठ और फिर उसका हिन्दी अनुवाद हुआ। यानी कि प्रति दिन तो वह अपनी मां से सिर्फ हिंदी में भागवत जी को श्रवण करता था और देह त्यागने से पूर्व संस्कृत पाठ और हिन्दी अनुवाद दोनों ही सुने। मथुरा वृंदावन रेडियो से सप्ताह में एक दिन शनिवार को भागवत कथा प्रसारित होती थी। उसने एक बार हमारे घर में श्रीमद् भागवत सप्ताह भी जिद करके कराई और सातों दिन पूरे समय बैठता था।
 उसने अपने प्राण अर्ध नेत्रों से त्यागे। बताते हैं कि सर्वश्रेष्ठ तो ब्रह्मांड फाड़कर त्यागे जाने वाले होते हैं जो ब्रहम ऋषि देवराहा बाबा ने त्यागे थे और उसके बाद श्रेष्ठता  अर्ध नेत्रों की मानीं जाती है। पूज्य देवराहा बाबा का भी उसे आशीर्वाद था, बाबा कहते थे कि इसे मैं ठीक तो कर दूं लेकिन इसका पूर्व जन्मों का जो प्रारब्ध है वह इसी जन्म में पूरा हो जाय वही इसके हित में है। ज्योतिषियों व कई पहुंचे हुए महात्माओं का कहना था कि यह कोई योग भ्रष्ट दिव्य आत्मा है इसकी तपस्या में विघ्न पड़ने की वजह से यह मनुष्य रूप में यहां आया है।
 अन्त में एक और महत्वपूर्ण बात में विवेक के बारे में बताना चाहता हूं। जब हम सभी लोग उसे जल समाधि देने के लिए यमुना जी ले गए उस समय ध्रुव टीले पर अखंड रामायण पाठ का समापन चल रहा था और जैसे ही उसे जल समाधि दी जाने लगी उसी क्षण पूर्णाहुति प्रारंभ हो गई तथा मंत्रोच्चारण शंख ध्वनि घंटे घड़ियालों आदि की मिश्रित ध्वनि से एक अलौकिक वातावरण की अनुभूति हो रही थी। लाउडस्पीकर की आवाज दूर दूर तक गूंज रही थी। जल समाधि देते ही पूर्णाहुति भी समाप्त हो गई। मैंने इस बात पर कोई ध्यान नहीं दिया किंतु हमारे बड़े भाई साहब व अन्य लोग यह कहते सुने गए कि ऐसा लग रहा है कि यह सब इसी के निमित्त हो रहा है। तब मुझे भी यह महसूस हुआ कि शायद यह सब इसी के निमित्त था। मैं कभी-कभी अपने को सौभाग्यशाली समझता हूं कि ऐसी पुण्यात्मा ने हमारे घर में जन्म लिया।

बरसाना पुलिस ने पकड़ा डेढ़ क्विंटल मिलावटी गुलाल

  • मिलावटी गुलाल विक्रेता में मचा हड़कंप
  • मिलावटी गुलाल पर पुलिस की छापामार करवाई

रिपोर्ट राघव शर्मा

बरसाना: लठामार होली मेला के दौरान बड़े पैमाने पर बरसाना में मिलावटी गुलाल की बिक्री की जाती है। उक्त मिलावटी गुलाल के चलते श्रद्धालुओं की आंखे खराब होती है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए करीब डेढ़ क्विंटल मिलावटी गुलाल को पकड़ा है।

हाल ही में लठामार होली मेला की बैठक के दौरान मंडलायुक्त ऋतु माहेश्वरी के सामने मिलावटी गुलाल को लेकर चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी ने बात उठाई। चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी ने कहा कि बड़े पैमाने पर बरसाना में मिलावटी गुलाल की बिक्री की जाती है। जिससे श्रद्धालुओं की आंखे खराब होती है। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर बरसाना पुलिस ने रंगीली गली चौक पर स्थित विष्णु अग्रवाल की दुकान से करीब डेढ़ क्विंटल मिलावटी गुलाल पकड़ा। वहीं व्यापारी की दुकान से मिलावटी गुलाल पकड़ने की सूचना पर अन्य गुलाल व्यापारियों में खलबली मच गई। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि कस्बे के एक दुकान से दस बोरा मिलावटी गुलाल पकड़ा है। एसडीएम गोवर्धन को सूचना दे दी गई है।

बरसाना क्षेत्र मे सीआईएसएफ के जवानों ने किया फ्लैग मार्च

रिपोर्ट राघव शर्मा

बरसाना: आगामी लोकसभा चुनावों के चलते सीमा सुरक्षा बल के जवानों को लेकर बरसाना पुलिस ने बरसाना क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में फ्लैग मार्च किया। बुधवार को सीओ गोवर्धन आलोक सिंह व थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल के नेतृत्व में में सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने बरसाना क्षेत्र के सहार, बझेड़ा, शिवाल, हाथिया, नहारा, रांकोली, डभाला नहर मेहरराना ऊंचा गांव नंदगांव डवाला रिठौरा नगला इमामखा सहित कस्बे में फ्लैग मार्च किया।

स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के प्रसार प्रचार के वाहनों को हरी झंडी दिखा किया रवाना

रिपोर्ट-राजेश लवानिया

गोवर्धन विकासखण्ड परिसर गोवर्धन में स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के तत्वाधान में ओडीएफ प्लस की स्थिति बनाए रखने हेतु संस्था एक्शन फार रूरल डेवलपमेंट लखनऊ की जागरूकता टीम ने विकासखण्ड गोवर्धन पर विभिन्न गतिविधियों के द्वारा नुक्कड़ नाटक, स्वच्छता मेला, पेयजल एवं स्वच्छता समिति की बैठक एवं कैलेंडर पोस्टर पंपलेट आदि वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया।इस दौरान कार्यक्रम में बीडीयो अश्वनी कुमार,एडीओ पंचायत गजेंद्र कुमार तोमर, ब्लॉक प्रमुख विपिन सिंह एकॉन्टेंट अभीनाश शर्मा, रामकुमार, राम स्वरूप सैनी, डीपीसी अंकुश सिंह,एडीपीसी विवेक सिंह, मनोज मद्धेशिया ,राकेश सिंह, रीता पटेल एवं विकासखण्ड के समस्त कर्मचारीगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के पश्चात बीडीयो अश्वनी कुमार, एडीओ पंचायत गजेंद्र कुमार तोमर द्वारा टीमों को हरी झंडी दिखाकर ग्राम पंचायत स्तर राजस्व ग्राम स्तर के लिए रवाना किया गया। साथ ही उन्होंने कहा इस तरह के कार्यक्रम जब ग्रामों में आयोजित होंगे तब लोगों में जागरूकता फैलेगी l

नव नियुक्त रिसीवर कमेटी ने चार्ज लेते ही दिखाया एक्शन

  • राधा रानी मंदिर में लगी अवैधगोलक वह स्कैनर हटाए

रिपोर्ट राघव शर्मा

बरसाना कोर्ट के द्वारा नवनियुक्त पांच सदस्यीय रिसीवर की टीम नियुक्त होने के बाद पूर्व रिसीवर से चार्ज मिलने के बाद टीम ने एसडीएम सीओ की मौजूदगी में कोर्ट का आदेश पालन करते हुए मंदिर परिसर में लगी अवैध गुल्लकों को व फोन पेटीएम आदि के क्यूआर स्कैनरो को शाम को मंदिर परिसर से हटा दिया गया सिविल कोर्ट ने राधा रानी मंदिर के व्यवस्था के लिए पांच सदस्यीय टीम नियुक्त करने के बाद टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ राधा रानी मंदिर जाकर मंदिर परिसर में अवैध धन उगाई को मंदिर के चौक व मंदिर के बाहर दान पेटी लगा रखी थी नव नियुक्त टीम को सशर्त चार्ज मिलते ही पहली शर्त अवैध दान पेटी व स्कैनर पर कार्रवाई की गई मंदिर रिसीवर प्रवीण गोस्वामी सुशील गोस्वामी ने बताया कि चार्ज मिलने के बाद कोर्ट के आदेश अनुसार एसडीएम नीलम श्रीवास्तव व सीओ आलोक कुमार थाना प्रभारी अरविंद निर्वाल के साथ ईओ कल्पना बाजपेई चेयरमैन प्रतिनिधि पदम फौजी के साथ मंदिर परिसर में लगी अवैध गुल्लकों में फोन पेटीएम के लगे अवैध स्कैनरों को मंदिर परिसर से हटा दिया गया है मंदिर परिसर में केवल आठ दान पेटी रहेगी जिनमे चार सेवायत की ब चार मंदिर रिसीवर की

नगर विकास विभाग की 11 हजार करोड़ की विकास योजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम को स्क्रीन पर सजीव देखते चेयरमैन, सभासद व लाभार्थी

  • नगर विकास विभाग की हजारों करोड़ की परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम का नगर पंचायत में हुआ सजीव प्रसारण

रिपोर्ट – राजेश लवानिया

गोवर्धन: नगर विकास विभाग की परियोजनाओं के लोकार्पण शिलान्यास कार्यक्रम का सजीव प्रसारण नगर पंचायत सभागार में हुआ। बता दे की नगर विकास विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा प्रदेश में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति में 11 हजार करोड़ की 4319 परियोजनाओं का शिलान्यास लोकार्पण समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजन का सजीव प्रसारण नगर पंचायत गोवर्धन में स्क्रीन लगा कर किया गया। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित नगर विकास मंत्री ए के शर्मा , वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, राज्य मंत्री गुरु जी, सहित सभी ने उत्तर प्रदेश को विकसित प्रदेश बनाने के लिए फिर से एक बार मोदी सरकार को ही बनाना होगा।
मुख्यमंत्री सहित सभी ने उद्वोधन में कहा की डबल इंजन सरकार ने रोजगार , इंफ्रास्ट्रक्चर , परिवहन , नगर सौंदर्य, स्वच्छता को लेकर जो काम किए है उनसे प्रदेश व देश की छवि बनी है। इस दौरान नगर पंचायत गोवर्धन का सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजता रहा।
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष प्रभा देवी, प्रतिनिधि मनीष लंबरदार , सभासद सुरेंद्र गुप्ता, शिवपाल सिंह, चंद्रभान चौधरी, धर्मेंद्र सिंह, माधव शर्मा, राकेश सिंघानिया, अमित गोस्वामी, रिंकू सिंह, पवन सैनी, सहित पी एम स्वनिधि योजना व अन्य योजनाओं के लाभार्थी उपस्थित रहते हुए प्रदेश सरकार की विकास परक योजनाओं को सराहा।

पालीवाल जी बोले पटनायक जी के बारे में लिखने से पहले मुझसे भी_श पूंछ लेते

मथुरा। विगत दिवस मेरी डॉ. हरीकृष्ण पालीवाल से फोन पर बात हो रही थी, वे बोले कि पटनायक जी के बारे में आपने जो लिखा उसे मैंने भी पढ़ा, काश आप लिखने से पहले मुझसे भी पूंछ लेते।
उनकी इस बात से मेरा दिमाग घूम गया। मेरे मन में विचार आया कि शायद दाल में कुछ काला है। यानी कि सौत को देखकर सौत जलती है, हो सकता है इनको गोपबंधु पटनायक जी के प्रशंसात्मक लेख से चिढ़न हुई होगी और कहना चाहते होंगे कि गुप्ता जी आपने यह क्या ऊल जलूल लिख दिया। यह भी हो सकता है कि पटनायक जी की कुछ कमियां निकाल कर मुझे बताएं, किंतु मामला एकदम उल्टा निकला। पालीवाल जी को जलन नहीं बल्कि उसे पढ़कर तो आइसक्रीम जैसी तरावट महसूस हुई।
उन्होंने लगभग चालीस साल पुराना एक हैरतअंगेज किस्सा सुनाया। उस किस्से को सुनकर मैं भी अवाक रह गया और पटनायक जी के प्रति मेरा मन अत्यधिक श्रद्धान्वत हो उठा। घटनाक्रम देहरादून का था उस समय हरि कृष्ण पालीवाल जी गढ़वाल मंडल में संयुक्त निदेशक के पद पर नियुक्त हुए ही थे। अपनी नियुक्ति का चार्ज लेकर वे कमिश्नर से मिलने के लिए अपनी जीप से जा रहे थे। रास्ते में उन्हें एक नौजवान व्यक्ति तेजी से साइकिल से जाता हुआ दिखाई दिया।
पालीवाल जी बताते हैं कि दूर से देखने पर मुझे उस नौजवान की झलक पटनायक जी की सी लगी, और जब जीप उस साइकिल सवार के निकट से गुजरी तब मैंने गौर से देखा तो वह नौजवान और कोई नहीं सचमुच में पटनायक जी ही थे। इस पर मुझे बड़ी हैरत हुई तथा मैंने जीप रुकवाई और पटनायक जी को रोककर पूंछा कि पटनायक जी आप और साइकिल पर माजरा क्या है? कहां जा रहे हो दौड़े-दौड़े साइकिल से?
दरअसल उन दिनों पटनायक जी पौड़ी गढ़वाल मंडल में प्रबंध निदेशक के पद पर तैनात थे। पटनायक जी ने बताया कि मेरा ट्रांसफर मथुरा डीएम पद पर हो गया है और मुझे यहां का चार्ज छोड़कर मथुरा जाना है। अतः कमिश्नर से मिलने जा रहा हूं। इस पर पालीवाल जी ने कहा कि आप अपनी गाड़ी के बजाय साइकिल से क्यों जा रहे हो? तो पटनायक जी ने कहा कि इससे क्या फर्क पड़ता है। पालीवाल जी जो स्वयं एक दुर्लभ व्यक्तित्व के धनी हैं, पटनायक जी की अति दुर्लभता देखकर गदगद हो उठे।
पालीवाल जी ने मुझे बताया कि इसके बाद मैंने उनकी साइकिल को अपनी जीप में रखवाया और फिर हम दोनों साथ-साथ कमिश्नर से मिलने गए। मुझे लगता है कि गोप बंधु पटनायक जी के अंदर कुछ-कुछ परमहंस पन के से लक्षण हैं। इनके ऊपर इस बात का कोई फर्क नहीं पड़ता है कि कोई देखेगा तो क्या कहेगा। ये तो अपनीं अलग ही धुन के धुनीं हैं। इनके बारे में अब और क्या लिखूं। पहले लेख में जो कुछ मैंने लिखा, वह सब इस एक घटना के मुकाबले फीका सा पड़ गया।
बात भले ही छोटी सी है किंतु बजनी अधिक है। पता नहीं पटनायक जी इंसान के रूप में कौन सी दिव्यात्मा है। इनके इस भोले और लुभावने पन को मेरा सलाम।

विजय गुप्ता की कलम से

संस्कृति विवि में हेमा बोलीं, अबकी बार चार सौ के पार

विद्यार्थियों ने किया जोरदार स्वागत

मथुरा। भारतीय जनता पार्टी की सांसद और पार्टी की मथुरा-वृंदावन लोकसभा सीट से प्रत्याशी घोषित होने के बाद मथुरा में प्रथम आगमन पर डा. हेमा मालिनी का संस्कृति विश्वविद्यालय में जोरदार स्वागत हुआ। हेमाजी से मिलने को उत्सुक विद्यार्थियों ने जब जीत के जमकर नारे लगाए तो प्रफुल्लित होकर उन्होंने कहा कि अगर युवा हमारे साथ हैं तो हमारी जीत तो सुनिश्चित है ही देश में भी इसबार भाजपा चार सौ के पार जाएगी।
छात्र-छात्राओं और महिलाओं द्वारा किए गए जोरदार स्वागत से प्रफुल्लित सांसद हेमा मालिनी पर कड़ी धूप का असर भी नजर आया। संस्कृति विवि के चांसलर डा. सचिन गुप्ता ने भारतीय जनता पार्टी के इस चयन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि संस्कृति विवि की उपाधि से विभूषित डा. हेमा मालिनी जी हमारे संसदीय क्षेत्र के विकास की गारंटी हैं। उम्मीद है कि जिस तरह से उन्होंने ईमानदारी के साथ और भगवान कृष्ण और राधा के प्रति अपनी श्रद्धा के साथ इस क्षेत्र को अपनाया है उसी तरह से यहां के हर नागरिक की समस्याओं को अपनाकर उनका निराकरण करेंगी। इस मौके पर संस्कृति विवि की सीईओ डा. मीनाक्षी शर्मा सहित सभी महिला शिक्षाओं ने हेमाजी को फूल मालाएं पहनाकर जोरदार स्वागत किया। मथुरा जिले में प्रवेश के बाद रास्तेभर हुए स्वागत के कारण दो घंटे विलंब से संस्कृति विवि पहुंची हेमाजी लगभग आधे घंटे तक रुकीं। बालीवुड की सुप्रसिद्ध सिने तारिका और मथुरा-वृंदावन से सांसद हेमाजी को निकट से देखने की विद्यार्थियों में होड़ सी मच गई। छात्र-छात्राओं ने जोरदार नारेबाजी कर हेमाजी का उत्साह दूना कर दिया।

जीएलए विधि संस्थान के छात्रों ने लोक अदालत पहुंचकर जानी कानूनी प्रक्रिया

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के इंस्टीट्यूट ऑफ़ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च संस्थान की कानूनी सहायता समिति समन्वयक डा. आईके सिंह के दिशा-निर्देशन में विद्यार्थियों ने बीते दिन जिला न्यायालय, मथुरा में लोक अदालत का दौरा सफलतापूर्वक पूरा किया।

लोक अदालत में प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों ने कानून और कानूनी कामकाज एवं अदालत की कार्य प्रक्रिया के बारे में बारीकी से जानकारी जुटाई। सर्वप्रथम विद्यार्थियों को लोक अदालत और इसके मुख्य उद्देश्य अर्थात् न्यायालय के बाहर समझौतों के माध्यम से न्याय के शीघ्र निपटान के बारे में एक विचार दिया है। उसके बाद अदालत परिसर और विभिन्न स्थानों का अवलोकन किया, जिससे विद्यार्थी जनता की समस्याओं को हल करने में मदद कर सकें। इसके बाद 3-4 विद्यार्थियों के समूह बनाए और उन्हें लोक अदालतों की बैठकों का निरीक्षण करने के लिए अदालत में चारों तरफ निगाह बनाए रखने और लोगों केे मार्गदर्शन करने का निर्देश दिया। इस तरीके विद्यार्थियों को यह जानकारी प्राप्त हुई कि न्याय के लिए अदालत में किस सीढ़ी पर पहुंचना आवश्यक है।

इस प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थियों ने बहुत से लोगों के साथ बातचीत की और किताबों में उल्लेखित समस्याओं के अलावा जमीनी स्तर की समस्याओं को जाना। साथ ही विद्यार्थियों को गहनता से कानून के बारे में जानकारी देने के लिए न्यायायिक मजिस्ट्रेट निशांत चैहान और एडवोकेट नीरज राठौर से जीएलए विधि संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर आईके सिंह ने अनुरोध किया। अनुरोध पर विद्यार्थियों को न्यायायिक मजिस्ट्रेट ने कानूनी पेशे और अदालत के महत्व के बारे में बताया।

लोक अदालत का दौरा कर लौटे विद्यार्थियों ने संस्थान के डीन प्रो. सोमेश धमीजा से मुलाकात की। इस दौरान प्रो. धमीजा ने बताया कि विश्वविद्यालय का विधि संस्थान प्रत्येक विद्यार्थी को कानूनी विशेषज्ञ के तौर पर देखना चाहता है। यही कारण है कि विद्यार्थियों को समय-समय पर अदालतों का भ्रमण एवं बेहतर कानून की जानकारी हेतु न्यायालयों के विशेषज्ञों के माध्यम से जानकारियां प्रदान की जाती हैं।