Saturday, January 3, 2026
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जीएल बजाज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

देश के समुन्नत विकास के लिए विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच पैदा करना जरूरी

मथुरा। भारत के प्रसिद्ध वैज्ञानिक सर सीवी रमन के कृतित्व और व्यक्तित्व से छात्र-छात्राओं को रूबरू कराने के साथ उनमें वैज्ञानिक सोच पैदा करने के लिए जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. कैलाश विश्वकर्मा, भूतपूर्व प्राचार्य ब्रह्मानन्द पीजी कॉलेज राठ ने देश के समुन्नत विकास के लिए छात्र-छात्राओं में वैज्ञानिक सोच पैदा करने को जरूरी बताया। कार्यक्रम का शुभारम्भ सर सीवी रमन के छायाचित्र पर माल्यार्पण के साथ हुआ।
छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए डॉ. कैलाश विश्वकर्मा ने कहा कि विज्ञान ने कई तरह से समाज पर गहरा प्रभाव डाला है। सेहत से लेकर कृषि, संचार, तकनीक, अंतरिक्ष खोज जैसी कई नामुमकिन चीजें विज्ञान के जरिए ही मुमकिन हो पाई हैं। यह दिन हमारे बीच उभरते वैज्ञानिकों को प्रेरित करने तथा विज्ञान के क्षेत्र में हुए चमत्कारों को याद करने का दिन है। इस साल राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की थीम विकसित भारत के लिए भारतीय स्वदेशी प्रौद्योगिकी रही।
जीएल बजाज में भविष्य के लिए दायित्वशील विज्ञान विषय पर मंत्रणा हुई। मुख्य अतिथि डॉ. कैलाश विश्वकर्मा जोकि भौतिकी और वैदिक गणित में विशेषज्ञ हैं, ने विज्ञान को एकीकृत करने के महत्व पर जोर देते हुए भाषा, गणित और प्रौद्योगिकी जैसे मुख्य पहलुओं पर ध्यान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर उन्होंने विज्ञान एकीकरण के महत्व पर अपना दृष्टिकोण साझा करने के साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा का उल्लेख किया, जिन्हें गणित, विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में काफी ज्ञान था। इसके अलावा डॉ. विश्वकर्मा ने 5 मुख्य बिंदुओं भाषा, कैलेंडर, गणित, विज्ञान तथा तकनीकी ज्ञान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने बताया कि यह दिवस भारत के महान वैज्ञानिक सर सीवी रमन की उत्कृष्ट खोज प्रकाश के प्रकीर्णन के लिए मनाया जाता है। इसी खोज के लिए डॉ. रमन को वर्ष 1930 का नोबेल पुरस्कार दिया गया था। 28 फरवरी, 1928 को उन्होंने यह खोज की थी। यह किसी भारतीय द्वारा जीता गया प्रथम नोबेल प्राइज था। डॉ. मंधीर वर्मा विभागाध्यक्ष बीटेक प्रथम वर्ष ने भी विज्ञान दिवस पर अपने विचार साझा किए।
राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर संस्थान के छात्र-छात्राओं ने मंगलयान, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, अपशिष्ट से बिजली बनाने, टेलीस्कोप, ड्रिप इरिगेशन जैसे कई लाइव प्रोजेक्ट प्रदर्शित करते हुए मिनी परियोजनाओं के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर मुख्य अतिथि ने कुणाल माहेश्वरी व प्रतीक सिंह (बीटेक प्रथम वर्ष), अमन विश्वकर्मा ( बीटेक द्वितीय वर्ष) को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया। कार्यक्रम की सफलता में याज्ञिनिक शर्मा (बीटेक सीएसई), शैली दीक्षित (बीटेक सीएसई), एआई शिप्रा सिंह (बीटेक सीएसई), एआई मोहिनी गौर, निशांत सिंह ( बी टेक द्वितीय वर्ष) आदि का सहयोग रहा। डॉ. मंधीर वर्मा, डॉ. भोले सिंह, डॉ. अभिषेक सिंह, डॉ. रामवीर सिंह, मेधा खेनवार आदि ने यह माना कि राष्ट्रीय विज्ञान दिवस उभरते वैज्ञानिकों को प्रेरित और प्रोत्साहित करने का दिन है।

सांसद हेमा मालिनी द्वारा स्पेशल डीजीसी अलका उपमन्यु को किया सम्मानित

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मथुरा। पुलिस लाइन सभागार में सांसद हेमा मालिनी द्वारा स्पेशल डीजीसी पोक्सो कोर्ट श्रीमती अलका उपमन्यु एडवोकेट को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी शैलेंद्र कुमार सिंह, एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय भी मौजूद रहे।
सांसद हेमा मालिनी द्वारा दिए गए प्रशस्ति पत्र में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश शासन द्वारा चलाई जा रही 2 वर्षीय कार्य योजना मिशन शक्ति के दौरान मथुरा जिले की स्पेशल डीजीसी श्रीमती अलका उपमन्यु एडवोकेट द्वारा पोक्सो अधिनियम के अन्तर्गत वादों का कुशल एवं दक्ष अभियोजन करते हुए आपके द्वारा तीन मामलों में अभियुक्त को फांसी की सजा से दंडित करने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की एवं अनेकों मामलों में बलात्कार के अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा दिलाने में शतत भूमिका अदा की, आपका यह कार्य अभियोजन के प्रति आपकी उत्कृष्ट समर्पण कार्य दक्षता एवं उच्च कोटि के विधिक ज्ञान को प्रदर्शित करता है। मथुरा जिले की सांसद होने के नाते मैं आपके इस महत्वपूर्ण कार्य की सराहना करती हूं, तथा यह आशा करती हूं कि आप इसी तरह महिलाओं की रक्षा के लिए और अधिक शतत प्रयास करेंगी और अपराधियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका को निरंतर जारी रखेंगी। मैं आपके उज्जवल भविष्य की कामना करती हूँ।
स्पेशल डीजीसी पोक्सो कोर्ट श्रीमती अलका उपमन्यु ने कहा कि यह प्रशस्ति पत्र मेरे अधीनस्थ सरकारी सहयोगी एवं अभियोजन के अधिकारी व कर्मचारी आदि सभी के विशेष सहयोग से मिला है। मैं सभी को धन्यवाद देती हूं।

के.डी. डेंटल कॉलेज में मना राष्ट्रीय ओरल पैथोलॉजिस्ट दिवस

भावी दंत चिकित्सकों को बताए कानूनी दिक्कतों से बचने के उपाय

मथुरा। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के ओरल पैथोलॉजी विभाग द्वारा डॉ. एच.एम. ढोलकिया की स्मृति में पांचवां राष्ट्रीय ओरल पैथोलॉजिस्ट दिवस मनाया गया। अतिथि वक्ताओं ने जहां “डेंटल प्रैक्टिस में मेडिकोलीगल मुद्दों और फोरेंसिक ओडोन्टोलॉजी में अंतर्दृष्टि” विषय पर अपने अनुभव साझा किए वहीं संस्थान के स्नातक छात्र-छात्राओं ने ओरल पैथोलॉजी विषय से सम्बन्धित पोस्टर मेकिंग, रंगोली, साबुन नक्काशी और फेस आर्ट पेंटिंग जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से इसकी महत्ता प्रतिपादित की। कार्यक्रम का शुभारम्भ प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी तथा अतिथियों द्वारा डॉ. एच.एम. ढोलकिया के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर किया गया।
इंडियन एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजिस्ट के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में डॉ. लाहौरी ने छात्र-छात्राओं को डॉ. एच.एम. ढोलकिया के कृतित्व तथा व्यक्तित्व से अवगत कराया। विभाग द्वारा “डेंटल प्रैक्टिस में मेडिकोलीगल मुद्दों और फोरेंसिक ओडोन्टोलॉजी में अंतर्दृष्टि” विषय पर आयोजित सीडीई में अतिथि वक्ता डॉ. संदीप फौजदार, मैक्सिलोफेशियल सर्जन तथा मेडिकोलीगल सलाहकार ने दंत चिकित्सा पद्धति में चिकित्सीय लापरवाही और फोरेंसिक से संबंधित मौजूदा कानूनों तथा धाराओं के बारे में विस्तार से बताया।
डॉ. संदीप फौजदार ने कहा एक टीम के रूप में काम करने से चिकित्सा संबंधी त्रुटियां रुकती हैं तथा रोगी की सुरक्षा बढ़ती है। उन्होंने कहा कि दंत चिकित्सा पेशेवरों के रूप में हम हिप्पोक्रेटिक शपथ के प्रति प्रतिबद्ध हैं, जिसमें कहा गया है कि हमें अपने मरीजों को कोई नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। इसलिए दंत चिकित्सक, डेंटल नर्स तथा अन्य टेक्निकल कर्मचारियों का पहला दायित्व रोगी की सुरक्षा है। अतिथि वक्ता ने कहा कि प्रत्येक दंत चिकित्सक को किसी भी संभावित नुकसान को सीमित करते हुए रोगी को सर्वोत्तम उपचार प्रदान करने के साथ ही सम्भावित जोखिम तथा लाभ सहित उपचार के सभी विकल्पों पर उससे चर्चा जरूर करनी चाहिए।
प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी ने बताया कि डेंटल रिकॉर्ड किसी मरीज की बीमारी के इतिहास, शारीरिक परीक्षण, निदान, उपचार और प्रबंधन का विस्तृत दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य देखभाल से जुड़े कानूनी मुद्दों के बारे में आम जनता के बीच बढ़ती जागरूकता और कदाचार के मामलों में चिंताजनक वृद्धि के साथ, किसी भी चिकित्सक के लिए दंत रिकॉर्ड मुद्दों का सम्पूर्ण ज्ञान आवश्यक है।
विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश ने डॉ. एच.एम. ढोलकिया के कृतित्व को याद करते हुए कहा कि किसी भी तरह की कानूनी परेशानी से बचने के लिए दंत चिकित्सकों को मेडिकोलीगल पहलुओं की जानकारी जरूर होना चाहिए। डॉ. राम बल्लभ ने बताया कि दंत चिकित्सकों को कानूनी दिक्कतों से बचने के लिए रोगी का रिकॉर्ड बनाए रखना चाहिए। राष्ट्रीय ओरल पैथोलॉजिस्ट दिवस पर स्नातक छात्र-छात्राओं के बीच पाथआर्ट प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। डॉ. अंकिता पटनायक ने अतिथि वक्ता का परिचय देने के साथ कार्यक्रम का संचालन किया। इस अवसर पर सभी विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य तथा प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया आदि उपस्थित रहे।
चित्र कैप्शनः राष्ट्रीय ओरल पैथोलॉजिस्ट दिवस पर अतिथि वक्ताओं के साथ छात्र-छात्राएं।

जब डिप्टी कलक्टर ने कलक्टर से कहा कि गोली चलवानी है तो पहले मेरे ऊपर चलवाओ

विजय गुप्ता की कलम से

     मथुरा। बात लगभग साढ़े चार दशक पुरानीं है। मैं पुराने बस स्टैंड पर आगरा जाने हेतु बस देख रहा था, तभी मेरी नजर एक अधेड़ उम्र के देहाती टाइप के एक व्यक्ति पर पड़ी, जो गांव के धुर्रो जैसे अंदाज में कंधे पर झोला डाले हुए बस स्टैंड के अंदर बड़ी बेचैनी से इधर उधर टहल रहा था। उस गंवार जैसे दिखने वाले व्यक्ति को मैंने पहचान लिया, वे थे छाता के तत्कालीन डिप्टी कलक्टर के.सी. गर्ग।
     मैंने उनसे पूंछा कि गर्ग साहब क्या बात है आप इस स्थिति में क्यों है? उन्होंने कहा कि छाता जाने के लिए बस का इंतजार कर रहा हूं। तब मैंने पूंछा कि आपकी जीप कहां है? इस पर उन्होंने कहा कि कलक्टर साहब ने उसे वापस ले लिया है अतः मैं रोजाना बस से ही जाता हूं और वापस भी बस से ही आता हूं। मैंने पूंछा कि आपकी जीप को कलक्टर साहब ने आखिर क्यों छीन लिया? इस पर उन्होंने संक्षिप्त सा उत्तर दिया कि वे मुझसे नाराज हैं। मैंने उनसे पुनः पूंछा कि आखिर क्यों नाराज हैं? आप तो बड़े अच्छे और ईमानदार अफसर हैं इस पर उन्होंने कहा कि मैं क्या बताऊं ये तो वे ही जानें।
     हालांकि मैं भली-भांति जानता था कि उस समय के जिलाधिकारी सतीश अग्रवाल उन जैसे सीधे साधे और कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी से क्यों नाराज थे, फिर भी मैंने उनके मुंह से कहलवाने के लिए पूंछ लिया था। दरअसल बात यह थी कि एक बार कोसी में जन समस्याओं को लेकर बहुत बड़ा जन आन्दोलन हुआ था, जिसकी अगुवाई देव तुल्य वरिष्ठ पत्रकार स्वर्गीय श्री कांति चंद्र अग्रवाल के बड़े पुत्र शिशिर कुमार कर रहे थे। उस आन्दोलन ने ऐसा विकट रूप धारण कर लिया कि अफसरों के होश उड़ गए और गुस्से में आकर तत्कालीन जिलाधिकारी सतीश अग्रवाल ने शिशिर कुमार को गिरफ्तार करा दिया इस पर आंदोलन ने उग्र रूप धारण कर लिया।
     आंदोलन के उग्र होते ही सतीश अग्रवाल ने छाता के तत्कालीन एसडीएम के.सी. गर्ग से कहा कि यदि ये नहीं मानते हैं तो गोली चलवा दो। इस पर के.सी. गर्ग ने कहा कि सर गोली चलवाने से तो बात और बिगड़ जाएगी किंतु जिलाधिकारी नहीं माने फिर भी केसी गर्ग ने उनके आदेश को नहीं माना। इस पर जिलाधिकारी स्वयं मौके पर गए तथा पुलिस को गोली चलाने का आदेश दिया। उनके द्वारा पुलिस को गोली चलाने का आदेश मिलते ही पुलिस वालों ने जैसे ही पोजीशन लेनी शुरू की तुरंत के.सी. गर्ग उनके सामने खड़े हो गए और बोले कि यदि निर्दोषों को गोली मारनी है तो सबसे पहले मुझे गोली मार दो।
     बात बहुत बढ़ गई और अंत में जिलाधिकारी को मजबूरन अपना आदेश वापस लेना पड़ा। तभी से जिलाधिकारी के.सी. गर्ग से एकदम खफा हो गए तथा न सिर्फ उनकी जीप छीन ली बल्कि कदम कदम पर उन्हें प्रताड़ित व अपमानित करते रहते। इस बात का तो मैं स्वयं भी गवाह हूं, मेरे सामने भी ऐसे एकाध वाकये हुए थे। इसके अलावा जिलाधिकारी सतीश अग्रवाल तथा एसडीएम के.सी. गर्ग के स्वभाव में जमीन आसमान का अंतर था। कहते हैं कि आपस में पटरी तभी बैठती है जब दोनों पक्ष एक जैसे विचारों के हों। यदि तो व्यक्ति समान स्वभाव के आपस में मिल जाते हैं तो उनकी बड़ी जल्दी दोस्ती हो जाती है और जब दो परस्पर विरोधी स्वभाव वाले लोग आपस में मिलते हैं तो उनकी एक रसता कभी नहीं हो सकती।
     के.सी. गर्ग सचमुच के गृहस्थी संत थे। रिटायर होने के बाद मैं एकाध बार उनके चौक बाजार स्थित घी के कटरा में उनके पैतृक मकान में जाकर मिला था। कुछ दिन बाद मैंने गोवर्धन में ब्रह्मलीन महान संत गया प्रसाद जी के यहां भी संत जीवन व्यतीत करते हुए उन्हें देखा था। बताते हैं कि आगे चलकर वे ऐसे विरक्त संत हो गए कि पूरा जीवन उन्होंने ईश्वर के ध्यान में लीन रहकर जप तप करते बिताया। वे एसडीएम रहते हुए हमेशा जनता के दुख दर्द को दूर करने में लगे रहते। उनका पहनाव उढ़ाव, रहन सहन व खानपान वगैरा सब कुछ सात्विक था। अवकाश ग्रहण के पश्चात तो वे पूर्णत: संतत्व जीवन व्यतीत करते थे तब दिन में केवल एक बार स्वयं अपने हाथों से बनाकर थोड़ी सी खिचड़ी खाते।
     एक महत्वपूर्ण बात यह है कि जब के.सी. गर्ग रिटायर हो गए उसके बाद जिलाधिकारी सतीश अग्रवाल व पुलिस अधीक्षक हाकिम सिंह के मध्य बड़े जोर की लड़ाई छिड़ गई और एक दूसरे के ऊपर भ्रष्टाचार व अनियमितताओं के आरोप-प्रत्यारोप लगने लगे और तो और शासन को भी दोनों ओर से एक दूसरे की शिकायतें भेजी जाने लगीं। लड़ाई इतनी जबरदस्त थी कि प्रशासन और पुलिस के लोग तक आपस में भिड़ने लगे यानी कि तू तू मैं मैं पर उतर आये। प्रदेश शासन भी इन दोनों की लड़ाई से क्षुब्ध हो उठा और दोनों की उच्चस्तरीय जांच कराई गई। प्रतिष्ठा की इस लड़ाई में जिलाधिकारी सतीश अग्रवाल को बुरी तरह पटकनी लगी तथा उनका यहां से ट्रांसफर, जो शायद सचिवालय लखनऊ के लिए कर दिया गया और जीत का सेहरा एस.पी. हाकिम सिंह के माथे बंधा और वे इस घटनाक्रम के काफी दिनों बाद तक जमे रहे।
     मेरा मानना है कि जिलाधिकारी सतीश अग्रवाल को यह दंड शायद संत के.सी. अग्रवाल के साथ किए गए दुर्व्यवहार की वजह से ही मिला होगा। आज भले ही के.सी. गर्ग मौजूद नहीं है किंतु उनका अनुकरणींय व्यक्तित्व मौजूद है। ऐसे लोग मरकर भी अमर रहते हैं मैं उनको नमन करता हूं।

मथुरा – सभाकक्ष में एमसीएमसी के दायित्व एवं कार्यों के संबंध में प्रशिक्षण आयोजित किया गया

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मथुरा 27 फरवरी/ अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व योगानंद पांडेय जी की अध्यक्षता में दिनांक 27-02-2024 को अपराह्न 4.00 बजे एन०आई०सी० के सामने स्थित ई०ओ०सी० (इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मीटिंग कक्ष) सभाकक्ष में एमसीएमसी के दायित्व एवं कार्यों के संबंध में प्रशिक्षण आयोजित किया गया तथा कल दिनांक 28-02-2024 को भी प्रशिक्षण दिया जायेगा।
प्रशिक्षण में प्रीति जैन डिप्टी कलेक्टर, राजकुमार भास्कर अपर नगर मजिस्ट्रेट /प्रभारी अधिकारी जिलास्तरीय (एम०सी०एम०सी०) मीडिया सर्टीफिकेशन एवं मानीटरिंग कमेटी, प्रशांत कुमार सुचारी जिला सूचना अधिकारी / नोडल अधिकारी स्थायी मीडिया सेल, अजय कुमार गुप्ता निदेशक (आई०टी०) एन०आई०सी० / अपर जिला सूचना विज्ञान अधिकारी / नोडल अधिकारी, सोशल मीडिया सेल, उमर कुरैशी संवाददाता डीडी न्यूज, मनीष दयाल प्रवक्ता क्लैन्सी इण्टर कालेज, सुरेन्द्र प्रताप सिंह ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर कलेक्ट्रेट, गोविन्द भारद्वाज संवाददाता नियो न्यूज केवल नेटवर्क तथा एडीईओ कृष्ण कुमार कश्यप उपस्थित रहे।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लोक सभा सामान्य निर्वाचन-2024 के दृष्टिगत Hand Book on Media Matters Edition 01 Feb 2024 प्राप्त हुआ है। उक्त उल्लिखित निर्देशों के क्रम में जनपद में गठित मीडया / सोशल मीडिया टीम के सदस्यो (नोडल अधिकारी सहित) 02 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमे आज दिनांक 27 फरवरी 2024 को कलेक्ट्रेट स्थित इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के मीटिंग कक्ष में समस्त सदस्यों को प्रशिक्षण दिया गया।
बैठक में एमसीएमसी कमेटी के द्वारा निर्वाचन के दौरान किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी गई। किस प्रकार एमसीएमसी कमेटी विभिन्न पार्टियों के द्वारा दिए गए आवेदनों को ससमय निस्तारित करेगा। न्यूज / विज्ञापन/ टेलीकास्टिंग आदि की प्री सर्टिफिकेशन करेगा। एमसीएमसी कमेटी पेड़ न्यूज पर निगरानी रखेगा।

वृंदावन। टैक्स बार एसोसिएशन यूथ (पंजीकृत) मथुरा के वार्षिक चुनाव 26 फरवरी को स्थानीय होटल में सम्पन्न हुआ

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वृंदावन। टैक्स बार एसोसिएशन यूथ (पंजीकृत) मथुरा के वार्षिक चुनाव 26 फरवरी को स्थानीय होटल में सम्पन्न हुआ । जिसमें नटवर वशिष्ठ अध्य्क्ष , अमित सक्सेना महामंत्री , मोहित खंडेलवाल कोषाध्यक्ष चुने गये । चुनाव अधिकारी मोहम्मद सलीम खान एव आशीष कृष्ण शर्मा ने चुनाव प्रकिया को शांतिपूर्ण रूप से सम्पन्न कराया । उपाध्यक्ष मनीष गुप्ता एवं सागर बंसल, सयुक्त सचिव रोहताश चौधरी एवं शेखर शर्मा , पुस्तकालय मंत्री तपिश अग्रवाल एवं नितिन शर्मा, ऑडिटर शुभम् शर्मा तथा मीडिया प्रभारी मयंक गुप्ता को चुना गया । नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का सभी सदस्यों ने माल्यार्पण कर हर्ष जताया । कार्यक्रम में मुख्य रूप से उमेश कुमार अग्रवाल , गौरव अग्रवाल, आशीष लावनिया, ललित मोहन मित्तल , नवीन प्रकाश मित्तल ,विकास अग्रवाल, महीप अरोड़ा ,विकास बंसल , रविकान्त वार्ष्णेय, देवेश अग्रवाल ,नवीन बंसल , ब्रजेश सिंह ,संतोष कुमार, सौरव अरोड़ा, सत्य नायायण शर्मा, कपिल शर्मा, सुशिल अग्रवाल, गोविन्द शोलंकी, कन्हैया कृष्ण आदि समस्त अधिवक्ता सदस्य उपस्थित रहे।

राजीव एकेडमी की बीसीए छात्रा तृप्ति ने किया विश्वविद्यालय टॉप

डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में होगी सम्मानित

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट मथुरा की मेधावी छात्रा तृप्ति कश्यप ने बैचलर ऑफ कम्प्यूटर एप्लीकेशंस (बीसीए) की परीक्षा में विश्वविद्यालय टॉप कर समूचे जनपद को गौरवान्वित किया है। तृप्ति को अगले महीने डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में प्रशस्ति पत्र और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया जाएगा।
डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय द्वारा प्रेषित पत्र में राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट को बताया गया है कि तृप्ति कश्यप (सत्र-2020-23) को बीसीए परीक्षा में सर्वोच्च अंक (2704/3200) प्राप्त करने के लिए दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा। छात्रा तृप्ति की इस उपलब्धि से उसके माता-पिता तथा राजीव एकेडमी के प्राध्यापकों में खुशी का माहौल है।
मेधावी तृप्ति की इस उपलब्धि पर आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना सहित सभी प्राध्यापकों ने बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि गत वर्ष भी राजीव एकेडमी की छात्रा सुरभी अग्रवाल (2019-22) ने विश्वविद्यालय में बीसीए में सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर गोल्ड मेडल हासिल किया था। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हम युवा पीढ़ी को सिर्फ विभिन्न डिग्री हासिल करते नहीं बल्कि यहां से जो भी विद्यार्थी शिक्षित होकर निकले उसे कर्तव्य के क्षेत्र में स्थापित होते हुए देखना चाहते हैं।
संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने छात्रा तृप्ति की प्रशंसा करते हुए समस्त विद्यार्थियों से कहा कि वे सभी हमेशा उक्त छात्रा जैसा उद्देश्य लेकर पढ़ें ताकि अपनी शिक्षण संस्था, अपने शिक्षकों तथा राष्ट्र का नाम रोशन कर सकें। विभागाध्यक्ष चन्द्रेश दुबे ने कहा कि राजीव एकेडमी की बीसीए की डिग्री छात्र-छात्राओं के लिए बहुत खास है क्योंकि बीसीए/आईटी का हर अपडेट हमारे संस्थान में उपलब्ध है जिससे छात्र-छात्राएं लगातार उच्चस्तरीय ज्ञानार्जन कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय टॉपर तृप्ति ने अपनी इस सफलता का सारा श्रेय राजीव एकेडमी के अनुशासन और यहां की उच्चस्तरीय शैक्षिक व्यवस्थाओं को दिया। तृप्ति वर्तमान में राजीव एकेडमी से एम.सी.ए. कर रही हैं। एमसीए करने के बाद तृप्ति आगे पढ़ना चाहती हैं। तृप्ति का कहना है कि वे आई.टी. कारपोरेट जगत में नए मानदण्ड स्थापित कर राष्ट्र की सेवा करना चाहती हैं।

बरसाना अतिक्रमण की चपेट में आए यात्री विश्राम चबूतरे, फुटपाथ

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  • सड़को के दौनों तरफ खड़े रहते हैं ढकेल
  • रास्ता अवरुद्ध होने से श्रद्धालुओं को हो रही परेशानी

रिपोर्ट राघव शर्मा

बरसाना। श्रीजी के धाम बरसाना को योगी सरकार पर्यटक स्थल के रूप में विकसित कर रही है। किंतु यह मंदिर जाने के सभी मार्ग अतिक्रमण के चपेट में यात्री विश्राम चबूतरे व फुटपाथ आने से श्रद्धालुओं के मंदिर जाने में खाफी दिक्कत उठानी पड़ रही। अतिक्रमनके प्रति न तो नगर पंचायत व प्रशासन कोई ठोस कदम उठा रहा।
बताते चलें कि की पीली कोठी तिराहे से लेकर पुराना बस स्टैंड तक नगर पंचायत ने हाल ही में मंदिर जाने वाले रास्ते को भव्य एवं सुंदर बनाया था।इसमें एक तरफ फुटपाथ व सड़क के बीच मे लाइट के खम्बे लगाने के साथ ही सड़क किनारे खड़े वृक्षों को सरंक्षित करते हुए उनके चारों तरफ यात्रियों को बैठने के लिए चबूतरे लाल पत्थर से बनाए गए थे। चबूतरे निर्माण के बाद ही अतिक्रमणकारियों ने इनके पास खोखे रखकर चबूतरे पर दुकानों का सामान रख दिया। तो स्थानीय निवासियों के द्वारा चौबीस घंटे अपनी गाड़ी खड़ी कर इसे पार्किंग स्थल बना दिया है। जिससे श्रद्धालुओं को बैठने की जगह ही घिर गई। वही नगरपंचायत ने पुराना बस स्टैंड को नो पार्किंग जोन घोषित कर इसके प्रवेश मार्ग पर मोटे-मोटे अक्षरों में लिखवा दिया। उसके बाबजूद भी पार्किंग ठेकेदार ने इसके पार्किंग स्थल बना दिया है। जिसके कारण इस मार्ग की सुंदरता पर अतिक्रमणकारियों ने ग्रहण लगा दिया है। वहीं मंदिर जाने वाले दूसरे मार्ग प्रियाकुण्ड से सुदामा चौक तक भी ढकेल वालों ने समूचे मार्ग पर अतिक्रमण कर लिया है जिसकी बजह से रोजाना निकलने वाले श्रद्धालु हों या स्थानीय निवासी सभी को पैदल निकलने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि होली राधाष्टमी पर तो प्रशासन अतिक्रमणों को हटा देता है किंतु उसके बाद फिर कस्बे के सड़के अतिक्रमण की चपेट में आ जाती हैं। प्रशासन को इसका स्थायी समाधान निकालना होगा जिससे कि मंदिर जाने वाले सभी मार्ग अतिक्रमण से मुक्त हो सकें। सड़को पर हो रहे अतिक्रमण से स्थानीय व्यापारी भी परेशान है थोक व्यापारी दिनेश खंडेलवाल का कहना है सड़कों पर अतिक्रमण होने दिन में सामन की गाड़ी खड़ी मुश्किल हो गया। जो काम कम पैंसों में होता था वह अब तीन गुने पैसे में हो रहा है।

किसानों ने भूमि अधिग्रहण को लेकर बनाई संघर्ष समिति

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रिपोर्ट राघव शर्मा
बरसाना। बरसाना में टाउनशिप के लिए की जा रही भूमि अधिग्रहण से नाराज किसानों ने संघर्ष समिति का गठन कर लिया है। यह समिति जनप्रतिनिधियों व मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगी। न मानने पर हाईकोर्ट का दरबाजा खटखटाएंगे। संघर्ष समिति ने स्थानीय नेताओं पर ठाकुर विहीन बरसाना करने का आरोप लगया।
उत्तर प्रदेश सरकार के द्वारा बरसाना को विकसित करने के लिए एक टाउनशिप बनाने के लिए 157 एकड़ भूमि का अधिग्रहण करने के फैसले के बाद यहां के किसान लामबन्ध हो गए किसानो ने सरकार से लड़ने के लिए एक संघर्ष समिति का गठन कर लिया। यह समिति स्थानीय प्रतिनिधि, मुख्यमंत्री से खेती की जमीन को अधिग्रहण करने को मना करेगी। अगर सरकार नहीं मानी तो संघर्ष समिति हाईकोर्ट का दरबाजा खटखटाने पहुंचेगें। संघर्ष समिति के गजेंद्र सिंह, लखन, संजीव सिंह, रनवीर, पोहपी शंकरा, ओमी शंकरा, बुद्धा सिंह योगेंद्र सिंह , हीरालाल ने स्थानीय जन प्रतिनिधियों पर आरोप लगाया है कि कस्बे के किसानों का एकमात्र आजीविका का साधन खेती है। इसको छीनकर सरकार के नुमाइंदे बरसाना को ठाकुर मुक्त करना चाहती है। यहां के किसानों के पास सरकारी नोकरी नहीं है। अगर यह जमीन हमसे छिन जाएगी तो हम लोग सब बेकार हो जाएंगे। इतना ही नहीं इन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि जिस क्षेत्र में बरसाना के किसानों की जमीन को अधिग्रहण किया जा रहा है उस क्षेत्र एक प्रभावशाली व्यक्ति की जमीन को अधिग्रहण से मुक्त कर दिया है। इससे इनकी मंशा का पता चलता है कि बरसाना के प्रभुत्व रखने वाले समाज को यहां से किसी भी प्रकार भगाया जाए।

विद्यालय से स्कालरशिप पा छात्रों के खिले चेहरे

नौहझील-कस्बा के वेदप्रकाश पाठक पब्लिक स्कूल में सभी कक्षाओं में प्रथम आने वाले छात्रों को अंकों के हिसाब से विद्यालय द्वारा स्कालरशिप प्रदान की गई। जिसमें सर्वाधिक स्कालरशिप जिया त्रिपाठी 44200,प्रियांशु व कृति 21000,हनी 13200,तान्या व प्रांजल 11400, प्रदीप व कमलेश 11000,परी व तमन्ना 8400,शिवम,रीना व मयंक 6900,कनक व युवराज 5400 सुशील व सूरज को 5000 रुपए स्कालरशिप प्रदान की गई‌। स्कालरशिप पाकर छात्रों व परिजनों के चेहरे खिल उठे।
विद्यालय चेयरमैन दिनेश शर्मा, प्रबंधक वेद प्रकाश पाठक, डायरेक्टर शशि शर्मा ने बच्चों के विकास और उज्जवल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर विद्यालय के शिक्षकों के अलावा गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।