Thursday, January 15, 2026
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राजीव इंटरनेशनल स्कूल के होनहार खिलाड़ियों का कमाल

रोलर स्केटिंग में प्रज्ञान तो प्रियांशा ने कराटे में दिखाया जलवा

मथुरा। शिक्षा खेलों में कतई बाधक नहीं बशर्ते समय का सही प्रबंधन किया जाए। ब्रज मण्डल के ख्यातिनाम राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी शानदार सफलताएं हासिल कर अपने जिले और प्रदेश को गौरवान्वित कर रहे हैं। हाल ही में यहां के छात्र प्रज्ञान अग्रवाल ने रोलर स्केटिंग तथा छात्रा प्रियांशा ने कराटे में शानदार प्रदर्शन कर अपनी प्रतिभा की झलक दिखाई है।
प्रज्ञान अग्रवाल ने रोलर स्केटिंग में डबल गोल्ड मेडल जीतकर राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई किया है। इसी तरह छात्रा प्रियांशा उपाध्याय ने कराटे में ब्रांज मेडल जीता है। प्रज्ञान अग्रवाल ने तीसरी मथुरा जिला रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप में 500 एवं 300 मीटर रेस में गोल्ड मेडल जीतकर अपने शारीरिक संतुलन का नायाब उदाहरण पेश किया। यह प्रतियोगिता विगत 8 अक्टूबर को श्री गुरु कार्ष्णि इंटर कॉलेज रमणरेती चौरासी खंबा में आयोजित की गई थी। प्रज्ञान की यह जीत सफलता की शुरुआत है। इस होनहार से उसके माता-पिता और विद्यालय के स्पोर्ट्स टीचरों को स्टेट लेवल की स्केटिंग प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीतने की पूरी उम्मीद है।
नवम्बर माह में आयोजित होने वाली स्टेट लेवल स्केटिंग प्रतियोगिता में प्रज्ञान अग्रवाल मथुरा जनपद का प्रतिनिधित्व करेगा। सफलता के इसी क्रम में राजीव इंटरनेशनल स्कूल की छात्रा प्रियांशा उपाध्याय ने आठ अक्टूबर को ही मसूरी में आयोजित सेकेंड यूनाइटेड वॉरियर कप ऑल इंडिया कराटे चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज मेडल जीतकर अपने विद्यालय और जनपद को गौरवान्वित किया है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने प्रज्ञान तथा प्रियांशा की इस शानदार सफलता पर खुशी जताते हुए उन्हें बधाई देते हुए भविष्य में और अच्छा प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अब खेलों के मायने बदल गए हैं। छात्र-छात्राएं पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी यदि कुछ समय दें तो इससे उनका तन और मन दोनों स्वस्थ रहेगा। उन्होंने कहा कि हमारा ध्येय प्रत्येक विद्यार्थी का सर्वांगीण विकास करना है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने दोनों होनहारों को बधाई देते हुए कहा कि आज के समय में खेलों का बहुत महत्व है। खेलों में बेहतर कर कोई भी छात्र और छात्रा अपना शानदार करियर बना सकता है। प्रज्ञान ने रोलर स्केटिंग जैसे खेल में दो गोल्ड मेडल जीतकर यह साबित किया है कि उसमें गजब की क्षमता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मुझे पूरा भरोसा है कि वह राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में भी शानदार प्रदर्शन कर मथुरा जनपद को गौरवान्वित करेगा।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजक प्रिया मदान ने दोनों विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा की प्रतिभा को पहचान कर उसे प्रगति पथ पर अग्रसर करना ही राजीव इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य है। भविष्य में भी यहां के छात्र-छात्राएं इसी तरह सफलताएं हासिल कर अपने जिले और प्रदेश को गौरवान्वित करेंगे।

क्लस्टर कबड्डी चैम्पियनशिप-2023 में वीपीएस के छात्रों ने लहराया परचम

चैम्पियनशिप में 35 जिलों की 80 टीमों ने भाग लिया

वीपीएस ने रन अप का खिताब जीत हासिल किया ब्रॉन्ज मेडल

वृंदावन। शैक्षिक स्तर पर नित नई उपलब्धियों से कीर्तिमानों को स्थापित करते हुए सह शैक्षिक गतिविधियों में भी छात्रों के चहुमुखी विकास की ओर उन्मुख वृंदावन पब्लिक स्कूल ने नया मुकाम हासिल किया।
विद्यालय ने सीबीएसई द्वारा आयोजित क्लस्टर कबड्डी चैम्पियनशिप 2023 में वृंदावन पब्लिक स्कूल के छात्रों ने बाजी मारी व द्वितीय रनर अप की ट्राॅफी अपने नाम की।
गौरतलब है कि कानपुर के गौरव मैमोरियल इंटर स्कूल में इस कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें 35 जिलों की 80 टीमों ने भाग लिया। इस प्रतियोगिता में वीपीएस के एथलिट्स ने द्वितीय रनर अप की ट्राॅफी के साथ कांस्य पदक व इस महत्वपूर्ण प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस उपलब्धि पर विद्यालय के निदेशक शिक्षाविद् डाॅ ओम ने छात्रों की शुभकामनाएं दी व उनके खेल कौशल व उत्कृष्टता को सराहा।
विद्यालय की सह निदेशिका निधि शर्मा ने भी वीपीएस परिवार की अटूट प्रतिबद्धता और अथक प्रयासों के साथ साथ गुरुजनों व समस्त टीम को हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित की।
प्रधानाचार्य कृति शर्मा ने कहा कि वीपीएस के ये परिंदे अवश्य ही ऊँची उड़़ान भरेंगे। इंजीनियर पुण्यप्रकाश शर्मा ने भी एथलीटों की हौंसला अफजाई की।
समस्त खेल विभाग की ओर से भारतभूषण उपाध्याय, शैतान सिंह, अतीश को विद्यालय परिसर ने बधाई दी।
छात्रों ने भी अपनी इस सफलता का श्रेय विद्यालय व अपने विद्यालय कोच को देते हुए आभार प्रकट किया।
विजयी छात्रों में आशीष कुमार, प्रद्युम्न राजपूत, पवन निषाद, निशान्त उपाध्याय, गुलशन कुमार, वैभव, कामता यादव, प्रशान्त सिंह, सौरभ बघेल, दुश्यन्त कुमार को समस्त विद्यालय परिवार ने शुभाशीष प्रदान किया।

रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम वृन्दावन में हुआ नवनिर्मित अखंडानंद भवन और दवाखाने का उद्घाटन

अखंडानंद भवन में निवास करेंगे अस्पताल के 44 कर्मचारी

वृंदावन। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नवनिर्मित अखंडानंद भवन और दवाखाने का उद्घाटन
मुख्य अतिथि रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के उपाध्यक्ष स्वामी गौतमानन्द महाराज द्वारा वेद मंत्र उच्चारण के मध्य किया गया।
रामकृष्ण मिशन, दिल्ली के सचिव स्वामी सर्वलोकानन्द महाराज ने रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, वृन्दावन के प्रगति और सेवा भाव की प्रशंसा की। रामकृष्ण मठ और रामकृष्ण मिशन के उपाध्यक्ष स्वामी गौतमानन्द महाराज ने अपने आशीर्वचन में सेवाश्रम को बधाई दी। कहा कि श्री रामकृष्ण देव के बताये हुए मार्ग शिव ज्ञान से जीव सेवा भी एक साधना का मार्ग है। भगवान सभी जीवों के भीतर निवास करते हैं और जीवों की ईश्वर मानकर सेवा करना उस ईश्वर की ही पूजा होती है। ऐसा नहीं कि अस्पताल में की गई सेवा ही ईश्वर की सेवा है बल्कि किसी भी प्रकार किसी जीव की सेवा ईश्वर की सेवा हो सकती है। उन्होंने कहा कि ईश्वर को अपना समझना चाहिए क्योंकि ईश्वर भी हमें अपना समझते हैं और हम सब पर सब समय कृपा करते हैं।
स्वामी सुप्रकाशानंद महाराज ने अपने स्वागत भाषण में बताया कि रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, वृंदावन पिछले 115 वर्षों से पवित्र ब्रज धाम और मथुरा के आसपास के जिलों के अभावग्रस्त रोगियों को चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। अस्पताल अपने सभी रोगियों को उनकी जाति, पंथ या समाज के किसी भी वर्ग के लोगों से भेदभाव किये बिना, निःशुल्क या कम मूल्यों पर गुणवत्तापूर्ण देखभाल प्रदान करता आ रहा है।
उन्होंने नवनिर्मित कर्मचारियों हेतु बनाए गए भवन ‘अखंडानंद भवन’ के लिए श्याम स्टील मैन्युफैक्चरिंग लिमिटेड को आर्थिक सहायता के लिए धन्यवाद दिया।
अस्पताल प्रभारी स्वामी कालीकृष्णानन्द महाराज ने बताया कि सेवाश्रम एक छोटे से क्लिनिक से प्रारम्भ करके आज रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, वृंदावन आधुनिक सुविधाओं से लैस 300 बिस्तरों वाला मल्टी-स्पेशलिटी अस्पताल चला रहा है। रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम चैरिटेबल अस्पताल 320 बिस्तरों वाला जनरल स्पेशियलिटी अस्पताल है। जिसमें कुछ सुपर स्पेशियलिटी हैं कैंसर चिकित्सा, जॉइंट रिप्लेसमेंट, शल्य चिकित्सा, ह्रदय चिकित्सा, मूत्र रोग चिकित्सा, गुर्दा रोग (मेघ रोग) चिकित्सा, स्नायु रोग चिकित्सा जैसी विशेष सुविधाओं के अलावा अन्य सभी साधारण सेवाएं प्रदान करता है। अस्पताल मथुरा और उसके आसपास गरीब और संकटग्रस्त लोगों की सेवा कर रहा है। बताया कि हृदय चिकित्सा के पश्चात अब पेट स्कैन की सुविधा भी उपलब्ध हो चुकी है जो कि मथुरा के आसपास के जिलों में एक मात्र पेट सिटी स्कैन है। कार्य बढ़ने के साथ कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ रही है अतः उनके रहने की सुविधा हेतु यह कदम उठाया गया इसमें 44 कर्मचारियों के रहने की व्यवस्था की गई है।
स्वामी नित्यात्मानन्द महाराज ने उद्बोधन संगीत और स्वामी गीतेशानंद महाराज ने समापन संगीत में भजन के द्वारा समा बांध दिया।

अपनी पर्सनल जानकारी किसी से भी साझा करना घातकः राहुल मिश्रा

जीएल बजाज में हुई साइबर अपराध रोकथाम पर कार्यशाला

मथुरा। आज के समय में हर कोई इंटरनेट सेवा का इस्तेमाल कर रहा है तथा अपनी व्यक्तिगत जानकारी सोशल मीडिया में साझा कर साइबर अपराधों को बढ़ावा दे रहा है। यदि हमें साइबर अपराध से बचना है तो अपनी पर्सनल जानकारी, बैंक डिटेल्स आदि कभी भी किसी से साझा न करें। किसी भी अनाधिकृत ऐप को इंस्टॉल न करें, साथ ही किसी भी वेबसाइट का इस्तेमाल करते समय सावधानी जरूर बरतें। यह बातें शुक्रवार को जीएल बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा द्वारा साइबर अपराध रोकथाम विषय पर आयोजिक कार्यशाला में साइबर सुरक्षा सलाहकार राहुल मिश्रा ने प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं को बताईं।
राहुल मिश्रा की जहां तक बात है वह उत्तर प्रदेश पुलिस के साइबर सुरक्षा सलाहकार होने के साथ ही इनोवेटिव आइडियाज इन्फोटेक के साइबर-सलाहकार भी हैं। आईआईटी दिल्ली से आईटी और साइबर फोरेंसिक में बी-टेक राहुल मिश्रा को उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए कई साइबर अपराध मामलों को सुलझाने के लिए भी जाना जाता है। श्री मिश्रा साइबर सुरक्षा कार्यशालाओं में बतौर वक्ता लोगों को साइबर अपराधों से बचाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहे हैं। श्री मिश्रा ने जीएल बजाज में प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं को आगाह किया कि अपनी व्यक्तिगत जानकारी किसी से साझा न करें तथा मोबाइल या ई-मेल पर आए अनाधिकृत लिंक पर क्लिक न करें।
श्री मिश्रा ने कहा कि डेटा गोपनीयता एक मानव अधिकार है। इसे बंद करें, इसकी सुरक्षा करें और हैकर्स को ब्लॉक करें तथा अपने साइबरस्पेस को सुरक्षित करें। उन्होंने कई उदाहरणों के माध्यम से प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचने के उपाय बताए। श्री मिश्रा ने कहा कि गूगल से कोई भी ग्राहक सेवा नम्बर प्राप्त न करें तथा मनी ट्रांसफर के लिए क्यूआर कोड का उपयोग करें। अपना कार्ड दर्ज करने से पहले स्लॉट (स्किमर) को बाहर निकालें। यदि स्लॉट नकली है तो वह सामने आ जाएगा।
राहुल मिश्रा इनोवाडोर इन्फोटेक प्राइवेट लिमिटेड के तकनीकी निदेशक हैं, कम्पनी सूचना सुरक्षा ऑडिट करने के लिए सीईआरटी-ईन के साथ सूचीबद्ध है और एक सूचीबद्ध परीक्षण प्रयोगशाला (एसईटीएल) भी है। यह दोनों सूचीबद्ध भारत की चार कम्पनियों में से एक हैं। श्री मिश्रा ने सलाह दी कि अपने सोशल एकाउंट्स के पासवर्ड बदलते रहें। अपने एटीएम कार्ड का नम्बर, वैधता तिथि और कार्ड के पीछे लिखा सीवीवी नम्बर किसी को बिल्कुल न बताएं। उन्होंने कहा कि बैंक, कम्पनी या किसी भी विभाग की जानकारी लेने के लिए ऑनलाइन हेल्प लाइन नम्बर सम्बन्धित विभाग से वर्चुअल ही लें। लॉटरी, नौकरी और लोन दिलाने के झांसे में आकर ठगी से बचें और गोपनीय जानकारी किसी को शेयर न करें। अंत में संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने साइबर सुरक्षा सलाहकार राहुल मिश्रा को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका आभार माना।

सड़कों पर नंदी की दुर्दशा देख व्यथित हुए बाबा, तो खोल दी गौशाला

गौशाला में निस्वार्थ सेवा के साथ नंदी के संरक्षण और संवर्धन में जुटे दामोदर बाबा

आधुनिक सुविधाओं से पूर्ण है श्रीपाद बाबा नंदी गौशाला, अड़ींग बाईपास पर स्थित है नंदी गौशाला

मथुरा : दान और निश्वार्थ सेवा से बड़ी कोई सेवा नहीं है। ठीक ऐसी सेवाभाव अपनाकर गौऋषि दामोदर बाबा ने वह कर दिखाया जिसे करने के लिए सिर्फ लोग सोचकर की पीछे हठ जाते हैं। पिछले तीन दशकों से वृन्दावन में श्रीपाद बाबा गौशाला में आठ हजार से अधिक गायों की सेवा की जा रही है। इसी सेवाभाव को निश्वार्थ मानते हुए अडींग बाईपास स्थित श्रीपाद बाबा नंदी गौशाला के नवनिर्माण के बाद 500 से अधिक नन्दियों का पालन पोषण किया जा रहा है।

असहाय, लाचार, बीमार, बिना दूध देने वाली गायों की सेवा इस गौशाला में की जाती है। दामोदर बाबा का संकल्प है कि जल्द ही यहां 10 हजार तक नंदी गोवंश का संरक्षण होगा। नंदी गौशाला में सोलर प्लांट के द्वारा बिजली की व्यवस्था की गई है। नंदियों के जलपान के लिए हौदियों में 6 से 7 बार पानी बदला जाता है। खाने में दिन में तीन बार भूसा, हरा चारा, चोकर डाला जाता है। बीमार नन्दियों के इलाज के लिए निजी अस्पताल का भी निर्माण नंदी गौशाला के अंदर कराया गया है, जिसमें दो चिकित्सक मौजूद रहकर बीमार नंदियों को उपचार देते हैं। चिकित्सालय में दवाओं के साथ टीकाकरण की भी व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही दो एंबुलेंस भी हैं, जो कि बीमार होने पर उचित इलाज हेतु नन्दियों को वेटेरिनरी हॉस्पिटल भेजा जाता है। सड़कों पर बीमारी हालत में पड़े नन्दियों को एंबुलेंस की मदद से उपचार हेतु ले जाया जाता है। समय-समय पर जाकर इस नंदी गौशाला में श्रीबलभद्र पीठाधीश्वर आचार्य विष्णु भी देखरेख करते हैं।

बलभद्र पीठाधीश्वर आचार्य विष्णु ने बताया कि हमारी संस्कृति में गौवंश को पूजनीय माना गया है। गौवंश का संरक्षण एवं संवर्द्धन प्रत्येक भारतीय की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि दामोदर बाबा ने निजी स्तर पर नंदी गौशाला बनाने का फैसला लिया था। आज उनका संकल्प पूर्ण होकर निरंतर नंदी गौवंश का संरक्षण करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस दिशा में आमजन एवं गौभक्तों से भागीदारी निभाने का आह्वान करते हुए कहा कि सामूहिक प्रयासों से हम निराश्रित गौवंश की सेवा में कामयाब होंगे।

नंदी गौशाला खुलने पर शहर की सड़कों व जिले के विभिन्न गांवों में लावारिस घूम रहे नन्दियों को निरन्तर गौशाला ले जाने का प्रयास जारी है। इससे हमारे किसान भाइयों और आम जनता को भी सहूलियत मिलेगी। दामोदर बाबा ने बताया कि पहले कृषक कार्यों में नंदीओ के द्वारा खेती, बैलगाड़ी में प्रयोग किया जाता रहा है, लेकिन आधुनिक समय में अत्याधुनिक कृषि यंत्रों के प्रयोग होने के कारण असहाय स्थिति में नंदिओ को सड़कों पर आवारा छोड़ दिया जाता हैं। गौवंश की इस दुर्दशा से मन व्यथित हुआ तो, नंदी गोशाला खोलने का प्रण मन में धारण कर लिया, आज नंदी गौशाला संचालित होने से मन का संकल्प साकार रूप लें चुका हैं। नंदी गौशाला की सरकारी कामकाज की व्यवस्ता गोविंद पाण्डेय देख रहें हैं।

संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज में नि:शुल्क नेत्र जांच शिवर

मथुरा। संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल एवं आरोग्य भारती ब्रज प्रांत द्वारा आयोजित किए जा रहे साप्ताहिक विशाल निशुल्क नेत्र जांच एवं चिकित्सा शिविर में आसपास के क्षेत्र में रहने वाले नागरिकों की भीड़ उमड़ रही है। इस निशुल्क जांच शिविर में चिकित्सकों द्वारा आंखों की सुरक्षा के लिए निशुल्क चश्मे भी वितरित किए जा रहे हैं। 12 अक्टूबर से शुरू हुआ यह शिविर 17 अक्टूबर तक चलेगा।
संस्कृति विश्वविद्यालय की सीईओ डा. मीनाक्षी शर्मा ने जानकारी देते हुए कहा कि संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हॉस्पिटल के द्वारा समय-समय पर निशुल्क स्वास्थ्य शिविर लगाकर समाजसेवा के क्षेत्र में एक बड़ा सहयोग दिया जा रहा है। इसी क्रम में मेडिकल कालेज के आप्टोमेट्री एवं आयुर्वेद विभाग एवं आरोग्य भारती ब्रज प्रांत द्वारा निशुल्क नेत्र जांच एवं चिकित्सा शिविर लगाया गया है। नेत्र रोग विशेषज्ञ डा. हरिमोहन ने बताया कि 12 अक्टूबर को पहले ही दिन 121 लोगों की आखों का परीक्षण और निशुल्क चश्मा वितरण किया गया। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन शिविर सुबह नौ बजे से शाम 4 बजे तक संचालित किया जा रहा है। इस दौरान आने वाले लोगों को आखों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए सावधानियों और खानपान के प्रति भी जागरूक किया गया।
संस्कृति आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल के प्राचार्य डा. मोहनन की देखरेख में संचालित किए जा रहे शिविर में डा. हरिमोहन, आप्टोमैट्रिस्ट जगदीश कुमार, इंटर्न रीति रानी, रोशनी, प्रियंका वर्मा, कु.प्रियंका, नीरज यादव, कुलदीप निगम, मोहम्मद आमिर आदि चिकित्सा कार्य में सहभागिता कर रहे हैं।

जीएलए और राष्ट्रीय साइबर समन्वय केन्द्र के मध्य एमओयू साइन

-जीएलए में एमओयू के तहत स्थापित होगी साइबर सिक्यॉरिटी लैब

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने साइबर सिक्यॉरिटी सिस्टम को लेकर बड़ा कदम उठाया है। विश्वविद्यालय ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत साइबर सुरक्षा के लिए राष्ट्रीय नोडल एजेंसी भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सीईआरटी-इन) राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र (एनसीसीसी) के साथ एमओयू साइन किया है। इस एमओयू के तहत जीएलए यूनिवर्सिटी में साइबर सिक्यॉरिटी लैब स्थापित की जाएगी। लैब में अनाधिकृत घुसपैठियों (हैकर) को पकड़ने के लिए हनीपोट तैनात किए जाएंगे।

यह एमओयू इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी के वैज्ञानिक अनिल सागर एवं जीएलए विश्वविद्यालय कुलसचिव अशोक कुमार सिंह के हस्ताक्षर के बाद प्रभावी हुआ है। अब इस परियोजना के तहत (सीईआरटी-इन) हनीपोट सेंसर की तैनाती के लिए उपकरण और सॉफ्टवेयर प्रदान करेगा। जीएलए विश्वविद्यालय और (सीईआरटी-इन) के बीच समझौता सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजनाओं और छात्र इंटर्नशिप की सुविधा प्रदान करेगा। दोनों संस्थानों के संकाय सदस्यों और एमटेक एवं पीएचडी शोधकर्ताओं को अनुसंधान परियोजनाओं पर सहयोग करने, वैज्ञानिक अंतर्दृष्टि का आदान-प्रदान करने और प्रत्येक संगठन में उपलब्ध अत्याधुनिक सुविधाओं और संसाधनों तक पहुंचने का अवसर मिलेगा।

एमओयू साइन के बाद जीएलए के कुलपति प्रो फाल्गुनी गुप्ता ने हनीपोट्स के बारे में बताते हुए कहा कि हनीपॉट एक नेटवर्क-संलग्न प्रणाली है, जिसे साइबर हमलावरों को लुभाने और सूचना प्रणालियों तक अनाधिकृत पहुंच प्राप्त करने के हैकिंग प्रयासों का पता लगाने और उनका अध्ययन करने के लिए एक प्रलोभन के रूप में स्थापित किया गया है। हनीपोट्स का उपयोग साइबर हमलावरों के व्यवहार और उनके नेटवर्क के साथ बातचीत करने के तरीकों पर शोध करने के लिए भी किया जाता है।

डीन रिसोर्स जनरेशन एंड प्लानिंग प्रो. दिवाकर भारद्वाज ने एमओयू के बारे में अपने विचार साझा करते हुए बताया कि साइबर सुरक्षा या सूचना प्रौद्योगिकी सुरक्षा कंप्यूटर, नेटवर्क, प्रोग्राम और डेटा को अनाधिकृत पहुंच या हमलों से बचाने की तकनीकें हैं, जो साइबर-भौतिक प्रणालियों और महत्त्वपूर्ण सूचना अवसंरचना के दोहन पर लक्षित हैं। साइबर अपराधी व्यक्ति या संगठनों को नुकसान पहुंचाने के लिए कम्प्यूटर, स्मार्टफोन, इंटरनेट जैसे उपकरणों का दुरुपयोग करते हैं। इसलिए साइबर सुरक्षा एक जरूरी विषय है, जो सुरक्षा के लिए नए और उन्नत तकनीक विकसित करने और साइबर अपराधों को रोकने के लिए नीतियों एवं प्रक्रियाओं को संशोधित करने की आवश्यकता को उजागर करता है।

डीन (अंतर्राष्ट्रीय संबंध एवं शैक्षणिक सहयोग) प्रो. दिलीप कुमार शर्मा ने बताया कि राष्ट्रीय नोडल एजेंसी भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम (सीईआरटी-इन) राष्ट्रीय साइबर समन्वय केंद्र (एनसीसीसी) एवं जीएलए विश्वविद्यालय के बीच ये समझौता ज्ञापन (एमओयू ) निश्चित रूप से छात्रों को साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपना करियर बनाने में मदद करेगा। जीएलए ने अभी तक विभिन्न विश्वविद्यालयों, सरकारी निकायों और उद्योगों के साथ 150 से अधिक राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं। इन एमओयू का उद्देश्य छात्रों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराना और विभिन्न विश्वविद्यालयों, सरकारी निकायों और उद्योगों के साथ ज्ञान साझा करना है।

मानसिक स्वास्थ्य को गंभीरता से लें और जागरूक बनें

संस्कृति विवि में हुआ जागरूकता कार्यक्रम

मथुरा। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर संस्कृति विश्वविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग ने विश्व मानसिक जागरूकता दिवस का आयोजन किया। संस्कृति विश्वविद्यालय के सेमिनार हाल में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न कार्यक्रमों के द्वारा विश्वविद्यालय के अन्य छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को मानसिक स्वास्थ्य के महत्व के विषय में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
इस मौके पर उपस्थित छात्र, छात्राओं, शिक्षकों को संबोधित करते हुए विभागाध्यक्ष श्रीमती मोनिका अबरोल सहित अन्य वक्ताओं ने तनाव, डिप्रेशन जैसी मानसिक समस्याओं के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि यदि समय रहते इनका समाधान कर लिया जाय तो हम कई समस्याओं से निजात पा जाते हैं। वक्ताओ ने कहा कि ये तो अधिकांश लोगों ने सुन ही रखा होगा कि एक स्वस्थ मस्तिष्क ही शरीर को स्वस्थ रख सकता है। थोड़े से प्रयास और जानकारी से हम अपने मस्तिष्क के तमाम विकारों को दूर कर सकते हैं। मानसिक स्वास्थ्य अच्छा होना कितना जरूरी है इसके लिए बीए प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के विद्यार्थियों ने एक नाटक द्वारा समझाने का प्रयास किया। कार्यक्रम का प्रारंभ बीए प्रथम वर्ष की छात्रा दीप शिखा के वक्तव्य से हुआ। विद्यार्थियों ने एक नाट्य प्रस्तुति के द्वारा ग्रामीण परिवेश में होने वाली सामान्य समस्या ‘तनाव’ के बारे में बताया गया तथा उसके निवारण में ग्राम प्रधान और सरकारी उपक्रमों की क्या भूमिका होती है उसको दर्शाया गया।
एक अन्य नाट्य प्रस्तुति में विद्यार्थियों ने पारिवारिक तनाव के कारण होने वाली समस्याओं को बड़े सहज ढंग से समझाया गया। वहीं अगली प्रस्तुति में परामर्शदाता की उपयोगिता और उसकी महत्वपूर्ण भूमिका को बताया गया। मंच संचालन अन्वी दीक्षित, वेदिका रुहेला द्वारा किया गया एवं नाट्य प्रस्तुतियों के प्रमुख पात्रों को मंच पर प्रीति लोधी, माधवी पाराशर, फैजिया खान, आनंद सिंह, रमा त्रिपाठी, सौम्या सिंह, शिवांगी अग्रवाल, प्रियंका चौधरी, गोविंद सिंह, कोमल जोशी, निकिता चौधरी, अभिषेक बघेल, स्नग्धा, ज्योति कुंतल, अंजली अग्रवाल, उमा सिंह, शिवानी, इशिका, पूजा यादव, मुस्कान शर्मा, विद्या, महिमा, हेमा, शिवांगी, चंदा ने जीवंत किया। कार्यक्म को सफल बनाने में डा. उर्वशी शर्मा, डा. रिचा चौधरी एवं अर्पिता नीमा का विशेष सहयोग रहा। अतिथियों के रूप में प्रोफेसर ब्लैसी, लोकेश तन्वर, सवन और नेहा उपस्थित रहीं। धन्यवाद ज्ञापन संस्कृति स्कूल आफ साइकॉल़ॉजी विभागाध्यक्ष मोनिका अबरोल ने किया।

राजीव इंटरनेशनल स्कूल में हुआ दो दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन

एक ही छत के नीचे अच्छी पुस्तकें पाकर खिले छात्र-छात्राओं के चेहरे

आगरा और दिल्ली के प्रकाशकों ने लगाए स्टॉल

मथुरा। पुस्तकें मनुष्य की सबसे अच्छी मित्र होती हैं, ऐसे में यदि पुस्तक मेले से छात्र-छात्राओं को रूबरू होने का सुअवसर मिले तो इससे अच्छी बात दूसरी हो ही नहीं सकती। शिक्षा के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाले मथुरा जनपद के राजीव इंटरनेशनल स्कूल में दो दिवसीय पुस्तक मेले का आयोजन किया गया। एक ही छत के नीचे हजारों तरह की पुस्तकें पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल उठे।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल में दो दिवसीय पुस्तक मेले के आयोजन का उद्देश्य छात्र-छात्राओं में अध्ययन-अध्यापन के प्रति रुचि जागृत करना था। इस पुस्तक मेले में आगरा और दिल्ली के प्रकाशकों ने अपने-अपने स्टॉलों में ज्ञानवर्द्धक पुस्तकों का संग्रह रखा। पुस्तक मेले में पुस्तकों की प्रदर्शनी के साथ-साथ उनकी बिक्री की भी व्यवस्था की गई थी। पुस्तक मेले में हर आयु वर्ग के विद्यार्थियों को अपनी-अपनी पसंद की पुस्तकें देखने और खरीदने का सुअवसर मिला।
पुस्तक मेले में छोटे बच्चों के लिए पंचतंत्र के साथ-साथ अन्य मनोरंजक कहानियों की रंग-बिरंगी किताबें थीं तो बड़े बच्चों के लिए एक से बढ़कर एक उपयोगी पुस्तकें भी स्टॉलों में पाई गईं। काल्पनिक, हॉरर, थ्रिलर, बायोग्राफी जैसी विविध प्रकार की पुस्तकों को एक ही छत के नीचे पाने की खुशी जहां छात्र-छात्राओं में साफ देखी गई वहीं उन्होंने इसका लाभ उठाते हुए जमकर पुस्तकों की खरीददारी भी की। पुस्तक मेले में अभिभावकों की पसंद का भी पूरा ध्यान रखा गया था। इस अवसर का लाभ उठाते हुए विद्यार्थियों के साथ-साथ अभिभावकों ने भी अपनी-अपनी रुचि के अनुसार पुस्तकें खरीदीं।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने पुस्तक मेले के आयोजन को समसामयिक बताते हुए कहा कि मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक पुस्तकें छात्र-छात्राओं ही नहीं हर आयु वर्ग के लोगों के लिए न केवल उपयोगी होती हैं बल्कि उनका जीवन पर्यंत मार्गदर्शन भी करती हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पुस्तकें प्रगति एवं बुद्धि के विकास में सहायक होती हैं। पुस्तकें ही हमारी हर मुश्किल में सहायता करती हैं तथा अज्ञान के अंधकार से हमें ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाती हैं।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में जब विद्यार्थियों की मौलिकता सोशल मीडिया या मोबाइल में लुप्त होती जा रही हो, ऐसे समय में उस अंधकार से उन्हें सिर्फ अच्छी पुस्तकें ही निकाल सकती हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि पुस्तकों को मनुष्य का सच्चा मित्र कहा जाता है, इन्हें पढ़कर ही हम ज्ञान पाते हैं। आज हम किसी विषय के बारे में जो कुछ जानते हैं उसका आधार किताबें ही हैं। बच्चें पुस्तक पढ़कर ही सीखना शुरू करते हैं।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने कहा कि इस प्रकार के पुस्तक मेले बड़े उपयोगी होते हैं क्योंकि हमें एक ही स्थान पर सभी प्रकार की पुस्तकें देखने, पढ़ने एवं चुनने का अवसर मिलता है। विद्यार्थियों के ज्ञानवर्धन के लिए समय-समय पर ऐसे पुस्तक मेलों का आयोजन किया जाना बहुत जरूरी है।

हाईवे किनारे छाता – कोसी के ढाबों पर बालिकाओं से जबरन कराया जा रहा था देह व्यापार

हाईवे किनारे स्थित छाता और कोसी में संचालित ढाबों से राज्य बाल आयोग के निर्देश पर काम कर रही मिशन मुक्ति फाउंडेशन की टीमों ने आधा दर्जन बालिकाओं को मुक्त कराया है। उनसे जबरन देह व्यापार कराया जा रहा था। अधिकतर लडकियां नाबालिग हैं। बरामद सभी लडकियां बदहवास स्थिति में मिली। इस बडी कार्रवाई और सफलता से खलबली मच गई। टीम ने आधा दर्जन से अधिक आरोपितों को भी पकडा है। उनके खिलाफ टीमें कार्रवाई में जुट गई है। वहीं बाल आयोग की टीमों की पहली ही बार में इस सफलता ने पुलिस की कार्यशैली पर भी सवालियां निशान लगा दिए हैं। घटनाक्रम के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य बाल आयोग की निगरानी में मिशन मुक्ति फाउंडेशन की टीम ने हाईवे किनारे कोटवन बाॅर्डर के समीप चैधरी ढाबे पर छापा मार कार्रवाई की। टीम को एक के बाद एक बडी सफलता मिली है। एक बालिका की तलाश करने पहुंची टीम को दो स्थानों पर करीब पांच लडकियां मिली हैं। जिन्हें बरामद किया गया है। जिनमें चार नाबालिग बताई जा रही है। दरअसल हुआ यूं कि झारखंड से एक 15 वर्षीय किशोरी को कुछ लोग काम के बहाने दिल्ली ले आए थे। जिसके बाद से बालिका गायब थी। किसी तरह से उसने अपनी बैंगलोर में रह रही बहन से संपर्क कर आपबीती बताई। हालात को समझते हुए वह उसे खोजते हुए दिल्ली पहुंची और चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी संस्कार आश्रम दिल्ली से संपर्क कर अपनी शिकायत रूप सुदेश विमल को दी। उन्होंने लडकी द्वारा बहन को बताए चिन्हों के आधार पर यूपी बाॅर्डर के होटल या ढाबों पर बालिका के होने शक जताया।

चाइल्ड वेल्फेयर कमेटी के सदस्य रूप सुदेश विमल के अनुसार उन्होंने राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग एवं उत्तर प्रदेश राज्य बाल आयोग को इस बावत सूचना देकर रैकी के लिए मिशन मुक्ति फाउंडेशन को जिम्मेदारी सौंपी । टीम ने वहां पहुंचकर इसकी योजना बनाई। यहां टीम के सदस्यों ने पिछले एक सप्ताह तक इन ढाबों पर ग्राहक बनकर रैकी की। जब टीम के सदस्य उक्त किशोरी से मिले और उसके उसी होटल पर होने की सूचना सुनिश्चित हुई तो उन्होंने छाता सीओ से मुलाकात कर सीधे कार्रवाई की बात कही। मामले की निगरानी और कार्रवाई में जुटी टीम के सदस्यों के अनुसार सूचना के साथ ही सीओ छाता गौरव त्रिपाठी को साथ लेकर कोटवन स्थित चौधरी ढाबा पर कार्रवाई कर वहां से किशोरी सहित दो नाबालिग लडकियों को बरामद किया जबकि तीन लोगों को दबोचा है। वहीं दूसरी कार्रवाई टीम ने वेलकम लाॅज छाता में की। वहां से टीम ने एक नाबालिग सहित दो लडकियों को बरामद कर चार लोगों को पकडे जाने की सूचना है। मिशन मुक्ति फाउंडेशन के डायरेक्टर वीरेंद्र सिंह एवं

अमित कुमार ने बताया कि अभी कार्रवाई चल रही है। कुछ लोग फरार हैं। तहरीर तैयार की जा रही है। जिसके आधार पर आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। मामले में इंस्पेक्टर अनुज कुमार राणा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है तहरीर के आधार पर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।


छापे की कार्रवाई हो गई थी लीक, मिशन मुक्ति टीम को टालना पडा था आपरेशन

हाईवे किनारे इन ढाबों पर बाल अधिकार संरक्षण से जुडी इन टीमों की कार्रवाई करने की सूचना लीक हो गई थी। ढाबा संचालकों ने लडकियों को वहां से हटा दिया था। जिसके चलते टीम को यह कार्रवाई टालनी पडी । हालांकि इसको लेकर सभी टीमें हैरान हो गई थी। टीमों ने दोबारा रैकी कर सूचना को पुख्ता कर अचानक कार्रवाई की । चाइल्ड वैल्फेयर कमेटी संस्कार आश्रम दिल्ली के रूप सुदेश विमल ने फोन पर बताया कि जब टीमें रविवार को वहां उक्त ढाबे पर रैकी के लिए पहुंची और इस बावत सुरक्षा बंदोबस्त में जुट गए । इसी दौरान वहां कार्रवाई की सूचना लीक हो गई। नतीजतन
ढाबा संचालक सतर्क हो गए। उन्होंने फौरन लडकियों को ढाबे से दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया। जिसके बाद टीम को कर्रवाई टालनी पडी। दोबारा नए सिरे से रैकी कराई गई। जब ग्राहक के रूप में पहुंचे टीम के सदस्यों ने लडकी के वहां होने की सूचना की पुष्टि की तभी रात में अचानक पुलिस अधिकारियों के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया गया। तब दोनों ही स्थानों पर बडी सफलता मिली।