मथुरा । विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के द्वारा पूरे देश में शौर्य जागरण यात्रा तथा जन जागरण के लिए रथ का भ्रमण करवाया जा रहा है । शुक्रवार को मथुरा में रथ का आगमन हुआ, जिसका मथुरा में जोरदार जगह जगह स्वागत किया गया.। शौर्य जागरण यात्रा आगरा होते हुए मथुरा पहुंची। यहां विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल एवं भारतीय हिंदू परिषद,भगवा दल,फरसा दल,श्री कृष्ण सेना के पदाधिकारियों एवम समाजसेवियों एवम नगरवासियों द्वारा रथ का भव्य स्वागत किया गया । सौर्य जागरण यात्रा औरंगाबाद, कलेक्ट्रेट, पुराना बस स्टैंड, होली गेट, डींग गेट, मसानी चौराहा होते हुए सभा स्थल चित्रकूट धर्मशाला मसानी तक रथ के साथ पैदल यात्रा के दौरान रथ पर फूलों की वर्षा करके इसे यादगार बनाया गया ।
शौर्य जागरण यात्रा में शामिल भारतीय हिंदू परिषद के कोर कमेटी अध्यक्ष ठा.आर के सिंह यदुवंशी ( राजा भैया ) ने बताया कि यात्रा का उद्देश्य धर्म के विरुद्ध हो रहे षड्यंत्र एवं कुचक्रों से लोगों को जागरूक करना है। हजारों सनातनी बलिदानियों के संघर्ष को याद कराने के लिए, उनके शौर्य की गाथा को युवाओं तक पहुंचाने के लिए, धर्मांतरण, लव जेहाद, जैसे अनेकों षड्यंत्र के प्रति लोगो को जागरूक करने के लिए पूरे प्रांत में शौर्य जागरण यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।
वही उपस्थित श्री कृष्ण सेना के वत्सल भाटिया ने कहा इस प्रकार की यात्राएं देश भर के सभी 44 प्रांतों में निकली जा रही है और बताया यह वर्ष विश्व हिंदू परिषद की स्थापना का 60 वां और बजरंग दल की स्थापना का 40 वां वर्ष है और इन यात्राओं का उद्देश्य लोगो को हिंदू धर्म के लिए जागरूक करना है । शौर्य जागरण यात्रा में बीजेपी पूर्व जिला अध्यक्ष मधु शर्मा,ठा.आर के सिंह यदुवंशी ( राजा भैया ) विधायक पूरन प्रकाश,पंडित गोपाल वल्लभ आचार्य,ठा.पूरन सिंह,नरेश पहलवान,प्रीतम चौधरी, वत्सल भाटिया,विष्णु पहलवान,राहुल,प्रह्लाद पहलवान,बलवीर ठेकेदार,राजू पंडित,लव ठाकुर,आशुतोष सिंह,अनमोल पंडित,पुष्पेंद्र सिंह,राहुल पंडित,अंकित पंडित,योगेश सिसोदिया,आकाश शर्मा,लाला जाट,सचिन ठाकुर,नमन पराशर,अजय शुक्ला,विजय शुक्ला,सुनील,देवेंद्र सिंह,राजू राजपूत,सहित भारी संख्या में महिला एवम पुरुष आदि लोग शामिल रहे।
विश्व हिंदू परिषद ने निकाली शौर्य जागरण यात्रा
बरसाना – झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही से गई युवक की जान
रिपोर्ट राघव शर्मा
बरसाना: सहार गांव में झोलाछाप डॉक्टर के लापरवाही के चलते बुखार से पीड़ित युवक की मौत हो गई। घटना के बाद मृतक युवक के स्वजनों ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ थाना में तहरीर दी है। वहीं पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया।
बरसाना के समीपवर्ती गांव सहार के अंतर्गत नगला गाजई निवासी विनोद कुमार उम्र 25 वर्ष को कई दिनों से बुखार आ रहा था। जिसके चलते गुरुवार को विनोद की पत्नी प्रिया ने फोन करके पास के गांव नगला लच्छी निवासी अमर सिंह को बुलाया। अमर सिंह का गांव में ही छोटा सा क्लीनिक है। जिसके बाद अमर सिंह इलाज करने विनोद के घर पहुंचा और उसे एक इंजेक्शन लगाया। जिसके थोड़ी देर बाद विनोद की तबीयत बिगड़ने लगी। विनोद की पत्नी ने फिर से अमर सिंह को फोन लगाया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। विनोद की बिगड़ती तबीयत को देख उसके स्वजन उसे केडी मैडिकल ले गए। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतक की पत्नी ने आरोपित झोलाछाप डॉक्टर अमर सिंह के खिलाफ थाना में तहरीर दी। जिसके बाद पुलिस ने शव का पंचनामा भर उसे पीएम के लिए भेज दिया। कार्यवाहक थाना प्रभारी निरीक्षक अवधेश जादौन ने बताया कि मृतक के शव को पीएम के लिए भेज दिया गया है। वही सीएमओ को उक्त घटना में जांच हेतु पत्र प्रेषित किया है। पीएम रिपोर्ट व सीएमओ के जांच के बाद आरोपित झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
के.डी. हॉस्पिटल में जन्मजात विकृति की सफल सर्जरी
शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने बच्ची की लौटाई मुस्कान
मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा के अथक प्रयासों से जन्मजात विकृति से परेशान पांच वर्षीय मिताक्षरा को राहत मिली है। डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने सफल सर्जरी के माध्यम से बच्ची की जन्मजात परेशानी का निदान कर उसके चेहरे पर मुस्कान लौटाने में सफलता हासिल की है। अब बच्ची पूरी तरह से स्वस्थ है तथा सामान्य रूप से मल त्याग रही है।
गौरतलब यह कि गांव पुन्हाना जिला नूंह (हरियाणा) निवासी अखेराम के घर पांच साल पहले बेटी पैदा हुई थी। बच्ची मिताक्षरा को जन्म से ही मल त्याग करने की समस्या थी। पिता अखेराम उसे कई अस्पतालों में ले गए लेकिन विशेषज्ञ चिकित्सकों के अभाव में उसकी समस्या यथावत रही। आखिरकार किसी ने अखेराम को के.डी. हॉस्पिटल में दिखाने की सलाह दी। वह मिताक्षरा को लेकर पहली बार मार्च महीने में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा से मिला। तब डॉ. शर्मा ने लक्षणों के आधार पर बीमारी का पता लगाया और जांच की तथा मलद्वार पेट पर बना दिया।
सितम्बर माह के आखिरी सप्ताह में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा द्वारा सर्जरी के माध्यम से पेट पर बने मलद्वार को गुदा से जोड़ा गया। मेडिकल भाषा में इसे हर्शप्रंग डिजीज तथा आपरेशन का नाम रिट्रोरेक्टल ट्रांसएनल पुल थ्रू कहते हैं। इस सर्जरी में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का सहयोग डॉ. मुकुंद मूंदड़ा, डॉ. श्रेयस, डॉ. विनायका, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. अतहर शमीम तथा टेक्नीशियन योगेश ने किया।
बच्ची मिताक्षरा अब पूरी तरह से स्वस्थ है। खाने-पीने में भी अब उसे कोई परेशानी नहीं है तथा सामान्य रूप से मल त्याग रही है। बच्ची के पूरी तरह से स्वस्थ होने तथा जन्मजात विकृति ठीक होने से पिता अखेराम पूरी तरह संतुष्ट है। उसने बच्ची की सफल सर्जरी करने वाले चिकित्सकों तथा के.डी. हॉस्पिटल प्रबंधन का आभार माना है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने बच्ची मिताक्षरा की सफल सर्जरी के लिए डॉ. श्याम बिहारी शर्मा तथा उनकी टीम को बधाई दी।
नुक्कड़ नाटक से गांव सिहाना में दिया स्वच्छता का संदेश
जी.एल. बजाज के छात्र-छात्राएं पांच गांवों में जगा रहे जनचेतना
मथुरा। शिक्षा का मकसद सिर्फ किताबी ज्ञान देना ही नहीं बल्कि सामाजिक सरोकार से रूबरू कराना भी है। इसी उद्देश्य को लेकर जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा मथुरा जनपद के गोद लिए पांच गांवों में साफ-सफाई, शिक्षा, प्लास्टिक का प्रयोग न करने आदि के प्रति ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हाल ही में जी.एल. बजाज के छात्र-छात्राओं की टोली ने गांव सिहाना में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को स्वच्छता का संदेश दिया।
उन्नत भारत अभियान के समन्यवयक प्रो. अजय उपाध्याय के मार्गदर्शन में छात्र-छात्राओं ने नाटक के जरिए सिहोनावासियों को नाले-नालियों, सड़क पर कूड़ा-कचरा न डालने, नदियों-तालाबों को गंदा न करने का संदेश दिया। इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि सड़क व इमारतों आदि में गुटखा खाकर न थूकें। समन्यवयक प्रो. अजय उपाध्याय ने कहा कि इस नुक्कड़ नाटक का उद्देश्य घर-घर तथा प्रत्येक आदमी तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाना और उसे जागरूक करना है। प्रो. उपाध्याय ने कहा कि जनसहयोग से ही हम अपने गांवों को साफ-सुथरा और स्वच्छ रख सकते हैं।
संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने अपने संदेश में कहा कि जी.एल. बजाज का उद्देश्य स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत के संकल्प को पूरा करना है। उन्होंने कहा कि हमारा देश तभी स्वच्छ व स्वस्थ रह सकता है जब हर एक भारतीय इसका न केवल संकल्प ले बल्कि उसे अमलीजामा पहनाने की कोशिश भी करे। प्रो. अवस्थी ने कहा कि गंदगी ही बीमारियों की मुख्य वजह है। यदि हम अपने घर और उसके आसपास के वातावरण को स्वच्छ रखना चाहते हैं तो साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना होगा।
गौरतलब यह कि जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस द्वारा मथुरा जनपद के पांच गांवों को उन्नत भारत अभियान के तहत गोद लिया गया है। उसी के तहत संस्थान के प्राध्यापक व छात्र-छात्राएं लगातार इन गांवों में पहुंच कर लोगों को स्वच्छता तथा साक्षरता का संदेश देते हैं। सिहाना में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए अपने आसपास के वातावरण को साफ-सुथरा रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में संस्थान के डॉ. प्रवीण अग्रवाल, योगेश, खुशबू, प्राची, हर्ष के साथ ही छात्र-छात्रएं उपस्थित रहे।
जीएलए फार्मेसी के छात्रों ने जाने मोलसॉफ्ट से दवा तैयार करने के गुर
-जीएलए फार्मेसी विभाग आयोजित हुई दो दिवसीय कार्यशाला में विद्यार्थियों से रूबरू हुए फार्मेसी विशेषज्ञ
मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के फार्मेसी विभाग में मोलसॉफ्ट एलएलसी के साथ अकेडमिक पार्टनरशिप में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने मोल सॉफ्टवेयर के माध्यम से दवाओं को प्रयोगशाला में बनाने से पहले कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिये उनके औषधीय गुण परखने के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम में कई संस्थानों के विद्यार्थियों ने भाग लिया।
‘हैण्ड्स ऑन ट्रेनिंग वर्कशॉप ऑन मोलीकुलर डॉकिंग एंड मोलीकुलर डायनामिक्स सिमुलेशन‘ विषय पर आयोजित कार्यशाला में विद्यार्थियों को दवाओं के नवनिर्माण के लिए अनुसंधान प्रयोगशालाओं में उपयोग में लाये जाने वाले सॉफ्टवेयर के संबंध में जानकारी प्रदान की। पहले दिन मुख्य अतिथि यूनिवर्सिटी ऑफ दिल्ली के सेंटर फॉर बायोमेड़िकल रिसर्च विभाग की प्रोफेसर मधु चोपड़ा ने कहा कि कई बिमारियां व्यक्ति इस प्रकार जकड़ लेती हैं कि संबंधित दवाओं से उक्त बीमारी कोई फर्क नहीं पड़ता। आज जरूरत है तो ऐसी दवाओं के नवनिर्माण की जो बीमारी पर असरदार हो। औशधी अनुसंधान प्रयोगशालाओं में मोलसॉफ्ट बहुत मदद करने में कारगर साबित हो सकता है।
आईआईटी दिल्ली से डा. तारक करमाकर ने विद्यार्थियों से फार्मा क्षेत्र में हो रहे अनुसंधान एवं चुनौतियों के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने छात्रों को बताया कि फार्मा उद्योग नित नये अनुसंधान करने की तरफ तेजी से कदम बढ़ा रहा है। आज हम भारत में प्रयोग की जाने वाली अधिकांश दवाइयों का उत्पादन स्वंय कर रहे हैं तथा विदेशों को भी निर्यात कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों को फार्मा कंपनी के विभिन्न विभागों में रोजगार के अवसरों की भी जानकारी दी।
दूसरे दिन मोल सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी देते हुए मोलसॉफ्ट एलएलसी कंपनी से डा. मोहसिन खान पठान एवं अमित वेदी ने बताया कि मोलसॉफ्ट के माध्यम से वैज्ञानिक उन्हीं दवाओं को प्रयोगषाला में बनाते हैं, जिनमें फार्माकोलाजिकल एक्टिविटी पायी जाती है। इस प्रकार वैज्ञानिक व्यर्थ के कैमिकल्स बनाने में लगने वाले समय और खर्चे को बचा पाते हैं। डॉ. पठान ने विद्यार्थियों को मोलसॉफ्ट पर ट्रेनिंग भी दी और उसकी बारीकियों को समझाया।
जीएलए फार्मेसी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सुमन सिन्हा ने अपने व्याख्यान में छात्रों को ड्रग डिजाईन के प्रयोग में लायी जाने वाली सॉफ्टवेयर की जानकारी दी और उनको कम्प्यूटर स्क्रीन के माध्यम से दिखाया कि कैसे प्रोटीन और ड्रग आपस में जुड़ते हैं और कैसे उनकी बाइडिंग एनर्जी की गणना की जाती है।
प्रो. मीनाक्षी वाजपेयी ने कार्यशाला में आये सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनको दो दिवसीय कार्यशाला के विषय में बताया। फार्मेसी के निदेशक प्रो. अरोकिया बाबू ने कंपनी द्वारा दिए गये सहयोग की सराहना की, जिसके माध्यम से सभी छात्रों ने सॉफ्टवेयर पर दवाओं और हमारे शरीर की प्रोटीन के बीच में होने वाले इंटरेक्षन से औषधि अनुसंधान में उसका उपयोग समझ पाये। डा. योगेश मूर्ति ने अपने धन्यवाद ज्ञापन में बताया कि इस कार्यशाला में सेन्ट्रल यूनिवर्सिटी पंजाब, पंजाब यूनिवर्सिटी पटियाला, वेंकटेश्वरा ग्रुप ऑफ एजुकेशनल इंस्टीट्यूट पांडुचेरी, एसजीटी यूनिवर्सिटी गुरूग्राम, नोएडा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी, नोएडा इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी नोएडा, डा. केएन मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मेसी मोदीनगर, रमेश इंस्टीट्यूट ऑफ वोकेशनल एंड टेक्नीकल एजुकेशन ग्रेटर नोएडा, जेएसएस एकेडमी नोएडा, फार्मेसी इंस्टीट्यूट ऑफ एनआइईटी ग्रेटर नोएडा, इंटेग्रल यूनिवर्सिटी लखनऊ, बीबीडीआइटी कॉलेज ऑफ फार्मेसी गाजियाबाद, आगरा पब्लिक फार्मेसी कॉलेज आगारा, राजीव एकेडमी ऑफ फार्मेसी के विद्यार्थियों ने भी प्रतिभाग किया।
कैदियों और छात्र-छात्राओं ने लिया नशा न करने का संकल्प
के.डी. डेंटल कॉलेज ने चलाया नशामुक्ति जागरूकता अभियान
मथुरा। समाज को नशे की लत से बचाने के लिए के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल द्वारा जिला कारागार मथुरा सहित जनपद के लगभग एक दर्जन शैक्षिक संस्थानों में एक पखवाड़े तक नशामुक्ति जागरूकता अभियान चलाया गया। संस्थान के डीन और प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने जिला कारागार मथुरा में कैदियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि नशा एक धीमा जहर है जोकि इंसान के जीवन को मुश्किल में डालने के साथ ही उसके परिवार को आर्थिक तंगहाल बनाता है।
डॉ. लाहौरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि नशे का चलन युवा पीढ़ी के भविष्य को अंधकार में ले जा रहा है। आज की युवा पीढ़ी शराब, तम्बाकू, चरस, अफीम सहित अन्य नशीले पदार्थों का इस्तेमाल कर रही है। नशे की लत जहां युवाओं की तरक्की में बाधक है वहीं इससे व्यक्ति का शारीरिक व मानसिक नुकसान भी होता है। नशे के चलते ही समाज में अपराधों में दिनोंदिन इजाफा हो रहा है।
जिला कारागार में डॉ. उपेन्द्र पाल सिंह सोलंकी और जेल अधीक्षक बृजेश कुमार आदि ने अपने सम्बोधन में कहा कि प्रत्येक नशे की शुरुआत शौक से होती है, यही शौक बाद में लत बन जाती है। जिला कारागार में डॉ. मनेष लाहौरी, डॉ. उपेन्द्र पाल सिंह सोलंकी, जेल अधीक्षक बृजेश कुमार, जेलर महाप्रकाश सिंह, डिप्टी जेलर अनूप कुमार, डॉ. नवप्रीत कौर, डॉ. सिद्धार्थ सिसोदिया, डॉ. विवेक शर्मा, डॉ. मनीष भल्ला आदि ने कैदियों से नशा न करने का आह्वान किया।
के.डी. डेंटल कॉलेज के चिकित्सकों और छात्र-छात्राओं द्वारा लगभग एक पखवाड़े तक नशा विरोधी जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अभियान में जिला कारागार के अलावा राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट, राजीव इंटरनेशनल स्कूल आदि में छात्र-छात्राओं को नशे से होने वाले दुष्परिणामों से अवगत कराया गया। नशामुक्ति पखवाड़े में के.डी. डेंटल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने रैली, नुक्कड़ नाटक आदि के माध्यम से नशे रूपी जहर को समाज से समाप्त करने का आह्वान किया।
नशामुक्ति अभियान में वक्ताओं का कहना था कि नशे की लत बहुत बुरी चीज है। यह खुद को तो नुकसान पहुंचाती ही है, साथ ही परिवार और करीबियों पर भी इसका बुरा प्रभाव पड़ता है। वक्ताओं ने बताया कि विकासशील देशों के मुकाबले विकसित देशों में ड्रग्स का उपयोग ज्यादा हो रहा है। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी लत का कोई भी रामबाण इलाज नहीं होता लेकिन हर नशे या लत से छुटकारा पाया जा सकता है। एक पखवाड़े तक चलाए गए नशामुक्ति अभियान में डॉ. उपेन्द्र पाल सिंह सोलंकी, प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया, फार्मासिस्ट सुभाष चंद्र द्विवेदी, लेखाकार सी.एम. तिवारी, करुणेश, शिवानी देवी आदि का सराहनीय योगदान रहा।
संस्कृति विवि में हुई ह्रदय रोगों के प्रारंभिक उपचार के महत्व पर चर्चा
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के कार्डियोवेस्कुलर टेक्नोल़ॉजी विभाग द्वारा ‘ह्रदय से हर दिल का उपचार’ थीम पर ह्रदय रोगों के प्रति जागरूकता का कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ह्रदय संबंधी रोगों में प्रारंभिक उपचार पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए बताया कि हम अपने ह्रदय को रोगों से कैसे स्वस्थ रख सकते हैं।
विश्वविद्यालय के कैंपस दो के सेमिनार हाल में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ परंपरागत रूप से हुआ। कार्यक्रम के दौरान संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग के प्राचार्य डा. केके पाराशर ने विद्यार्थियों और टेक्निशियनों को संबोधित करते हुए कहा कि आप टेक्निशियन हैं तो जहां जरूरत पड़े आगे बढ़कर मदद करें। उनका कहना था कि जो लोग प्रारंभिक उपचार को जानते हैं उनको किसी की साहयता करने में पीछे नहीं हटना चाहिए। अक्सर देखने में आया है कि रास्ता चलते यदि कोई व्यक्ति अचानक ह्रदयघात से गिर जाता है तो जानकार लोग मदद करने से पीछे हट जाते हैं जबकि व्यक्ति को तुरंत प्रारंभिक उपचार देकर अस्पताल अथवा डाक्टर के पास लेजाकर उसकी जान बचायी जा सकती है। उन्होंने बताया कि कार्डियो वास्कुलर टेक्नोलॉजी का इसी परिप्रेक्ष्य में उपयोग किया जाता है।
कार्यक्रम के संयोजक संस्कृति स्कूल आफ एसओएमएएस के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. गौरांग सरवांग ने कार्यक्रम की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जागरूकता के लिए ऐसे कार्यक्रमों को विश्वस्तर पर आयोजित किया जाता है। इससे न केवल लोग जागरूक होते हैं वहीं जानकार लोगों को दूसरों की मदद के लिए प्रेरित किया जाता है। एसओएमएएस विभाग के अध्यक्ष डा. आरपी जयसवाल ने बताया कि किस तरह से आवश्यकता पड़ने पर ह्रदय रोगी को प्रारंभिक उपचार दिया जाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर वैभव सिहं ने वातरोग्रस्त ह्रदय रोग को पीपीटी के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया। वहीं द्वितीय वर्ष के छात्र अभिनव ने हार्ट एटोनामी एंड फिजियोलाजी के बारे में पीपीटी के माध्यम से विस्तृत प्रकाश डाला। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में लगभग सौ से अधिक विद्यार्थी मौजूद रहे। अंत में असिस्टेंट प्रोफेसर गौरव सरवांग ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
इस अवसर पर संस्कृति एसओएमई(स्कूल आफ मेडिकल एंड एलाइड साइंसेज) विभाग के डा. गौरव चौधरी द्वारा एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। पोस्टर प्रतियोगिता के समन्वयक जगदीश सिंह ने बताया कि पोस्टर प्रतियोगिता में कुल 40 विद्यार्थियों ने भाग लिया और 17 पोस्टर तैयार किए। इस प्रतियोगिता में प्रथम स्थान बीएससी सीवीटी की छात्रा किरन जोत और स्पर्धा झा ने प्रथम पुरस्कार जीता। दूसरे स्थान पर छात्रा संजना शिवानी और तीसरा पूरुस्कार छात्रा मुस्कान ने हासिल किया।
जीएलए में हुआ ‘साइबर लॉ‘ पुस्तक का विमोचन
जीएलए लॉ संस्थान के प्रोफेसर और छात्रों ने लंदन यूके से मुद्रित हुई पुस्तक में अपने लेख पब्लिश कराने में पायी सफलता
मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के इंस्टीट्यूट ऑफ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा गुणवत्तापरक शिक्षा के परिणामस्वरूप समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी सफलता का परचम लहराया जाता रहा है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जीएलए के लॉ के छात्र-छात्राएं जाकर मूट कोर्ट तथा अन्य प्रतियोगिता में लगातार विजयी होकर लौटते रहे हैं। एक बार फिर से विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा एक उपलब्धि हासिल करते हुए ‘साइबर लॉः इमर्जिंग ट्रेंड एंड चैलेंजिस‘ विषय पर इनफिनिटी पब्लिकेशन लंदन यूके द्वारा एक मुद्रित पुस्तक में अपने लेख पब्लिष कराने में सफलता पायी है। इस पुस्तक का विमोचन जीएलए के सीईओ नीरज अग्रवाल ने किया।
इस पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने बताया कि पुस्तक के कुल 19 अध्याय में से 8 अध्याय में जीएलए विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी ऑनर्स एवं बीकॉम एलएलबी के छात्र-छात्राओं ने लेखक/सहलेखक के रूप में अपना योगदान दिया है। प्रो. धमीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि निकट भविष्य में एक और पुस्तक ‘मेरिटल रेपः द क्राइम बीयोण्ड कोनटोरस‘ प्रकाशित होने जा रही है, जिसमें जीएलए विश्वविद्यालय के 21 छात्र-छात्राओं ने लेख/सहलेखक के रूप में अपना योगदान दिया है। विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक वर्मा ने बताया कि उचित मार्गदर्शन एक ट्रेनिंग के माध्यम से यूनिवर्सिटी के लॉ छात्र-छात्राओं को इस प्रकार की उपलब्धियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता रहा है। जिसका परिणाम इस अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक के रूप में परिलक्षित हो रहा है।
लंदन यूके से मुद्रित पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए विधि संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. तरूण प्रताप यादव ने बताया कि इस किताब की विषय वस्तु मुख्य रूप से साईबर आतंकवाद (टेररिस्म) तथा इसके अंतर्राष्ट्रीय परिदृष्य पर आधारित है। इस पुस्तक के माध्यम से साईबर आतंकवाद पर नियंत्रण हेतु विभिन्न कानूनी विकल्पों के बारे में भी विस्तृत शोध किया गया है। यह पुस्तक बैंकिंग क्षेत्र में होने वाले विभिन्न किस्म के अपराधों के बारे में जहां एक ओर आम जनमानस को जागृत करती है, वहीं दूसरी ओर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय परिदृष्य में इस संदर्भ में उपलब्ध कानूनों पर विस्तृत प्रकाश भी डालती है। जिस प्रकार विभिन्न फिशिंग तकनीकों के माध्यम से आम जनमानस के साथ साईबर क्राईम हो रहे हैं। यह पुस्तक उन सभी खतरों एवं उपलब्ध उचित कानूनी उपचार को भी परिलक्षित करती है।
विश्वविद्यालय के सीईओ नीरज अग्रवाल ने पुस्तक का विमोचन करते हुए सभी छात्र-छात्राओं को इस उपलब्धि हेतु बधाई दी एवं इसी प्रकार उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते जाने हेतु शुभाशीष दिया। श्री अग्रवाल ने बताया कि यूनिवर्सिटी बीबीए एलएलबी ऑनर्स, बीकॉम एलएलबी ऑनर्स एवं बीए एलएलबी ऑनर्स के छात्र-छात्राओं को ध्यान में रखते हुए इंटर्नशिप एवं प्लेसमेंट को सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है एवं एक व्यवस्थित तरीके से ट्रेनिंग, वर्कषॉप तथा एमओयू के माध्यम से छात्र-छात्राओं को इसके लिए तैयार किया जा रहा है, जिसके सुखद परिणाम शीघ्र ही दृश्टिगोचर होंगे।
के.डी. मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने राष्ट्रीय स्तर पर फहराया परचम
टेबल टेनिस में हरमन सिंह ने सिंगल्स में जीता गोल्ड
डबल्स में हितेश के साथ सिल्वर और ब्रांज मेडल जीते
मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के छात्र-छात्राएं शिक्षा ही नहीं खेलों में भी शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं। हाल ही एम्स दिल्ली की मेजबानी में हुए पल्स-2023 फेस्ट की टेबल टेनिस स्पर्धा में के.डी. मेडिकल कॉलेज मथुरा के छात्र हरमन सिंह चावला ने सिंगल्स में गोल्ड और डबल्स में ब्रांज मेडल जीतकर समूचे ब्रज क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।
ज्ञातव्य हो कि एम्स दिल्ली में प्रतिवर्ष राष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स फेस्ट का आयोजन किया जाता है जिसमें देश के सभी मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राएं शिरकत करते हैं। इसी कड़ी में पल्स-2023 फेस्ट का विगत दिनों आयोजन किया गया। इसमें के.डी. मेडिकल कॉलेज के छात्र हरमन सिंह चावला ने सिंगल्स में जहां गोल्ड मेडल जीता वहीं हितेश के साथ डबल्स में ब्रांज मेडल पर कब्जा जमाया। पैडलर हरमन चावला काफी जुझारू और मेहनती है। पढ़ाई के साथ ही खाली समय में हरमन को खेलते देखा जा सकता है।
हरमन सिंह चावला की खेलों में सफलता का आलम यह है कि वह जिस स्पर्धा में उतरता है कोई न कोई मेडल जरूर जीतता है। एम्स में मिली सफलता के बाद शारदा मेडिकल कॉलेज ग्रेटर नोएडा में हुए केटलिस्ट फेस्ट में हरमन सिंह ने टेबल टेनिस के सिंगल्स और डबल्स में सिल्वर मेडल जीतकर अपने कॉलेज ही नहीं समूचे ब्रज मण्डल को गौरवान्वित किया है। डबल्स में हरमन और हितेश की जोड़ी स्वर्णिम सफलता तो हासिल नहीं कर सकी लेकिन इस जोड़ी ने अपने खेल से सबको मुरीद बना लिया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, प्राचार्य और डीन डॉ. आर.के. अशोका तथा महाप्रबंधक अरुण अग्रवाल ने हरमन सिंह और हितेश की इस शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी। चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने दोनों खिलाड़ियों को शाबासी देते हुए कहा कि मेडिकल जैसी कठिन पढ़ाई के बावजूद राष्ट्रीय स्तर की खेल गतिविधियों में हिस्सा लेना और मेडल जीतना बहुत बड़ी बात है। डॉ. अग्रवाल ने दोनों खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि आप लोग अच्छे खिलाड़ी के साथ ही बेहतर चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करोगे, ऐसा विश्वास है।
गांधी जयंती 2 अक्टूबर के अवसर पर श्री गिर्राज महाराज कॉलेज में नशा मुक्ति अभियान पर हुआ वृहद कार्यक्रम का आयोजन
मथुरा जिले के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान श्री गिर्राज महाराज महाविद्यालय में आज महात्मा गॉधी एवं लाल बहादुर शास्त्री जी की जयन्ती के उपलक्ष्य में माननीय प्रधानमंत्री जी द्वारा प्रस्तावित नशा मुक्ति अभियान के अन्तर्गत आज दिनांक 02 अक्टूबर को महाविद्यालय में नशा मुक्ति पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पूरन प्रकाश जी विधायक बल्देव विधानसभा क्षेत्र, अध्यक्ष लोकलेखा समिति एवं श्री तरूण प्रकाश और प्रबन्धक श्री आदित्य शुक्ला जी उपस्थित थे। मंच का संचालन बी0एड0 की छात्रा मुस्कान राघव द्वारा किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ चंद पक्तियों के साथ किया गया-
”नशा जो करता है इसंान, उसका न होता कभी भी कल्याण, नशे की लत जो जारी है ये सबसे बड़ी बीमारी है मेले लगते है शमशानों में आज उसकी तो कल अपनी बारी है।“
कार्यक्रम का शुभारम्भ गणमान्य अतिथियों द्वारा मॉ सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष द्वीप प्रज्जवलित कर माल्यार्पण करके किया गया। तत्पश्चात प्राध्यापक अनिल कौशिक, राजेश चाहर, प्रकाश चतुर्वेदी द्वारा अतिथियों को पटका पहना कर स्वागत किया गया। इसके बाद छात्र दीपक सिंह आजाद द्वारा कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए अपने विचार व्यक्त किये। संस्थान के प्रबन्धक श्री आदित्य शुक्ला जी द्वारा अतिथियों का परिचय कराते हुए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। इसके पश्चात मुख्य अतिथि श्री पूरन प्रकाश जी द्वारा छात्रों को नशे से दूर रहनेे के लिये प्रेरित किया गया और कहा कि केवल अपने लक्ष्य को जिसके लिये आप आज यहॉ एकत्रित हुए है को शपथ लेकर अपने आप-पास समाज में नशा को दूर भगाने का प्रढ़ लेने के लिये अभिप्ररित किया गया। साथ ही साथ मुख्य अतिथि द्वारा संस्थान के सभी छात्रों को शपथ भी दिलाई गयी और अभियान को सफल बनाने के लिये अभिप्रेरित किया। मुख्य अतिथि ने समस्त शिक्षार्थियों एवं उपस्थ्ति समस्त प्राध्यापकगणों को स्वयं नशा मुक्त रहने एवं समाज तथा राष्ट्र को नशा मुक्त रखने की शपथ दिलायी। कार्यक्रम के अन्त में मुख्य अतिथियों को शाल पहनाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रो राखी सक्सेना द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में प्रो ममतेश दीक्षित बिन्दू सिंह, आरती शर्मा, सत्यम दुबे, धमेन्द्र सिंह रंजीत कुमार दिलीप पार्वती संजय, इला सैफ शिखा देवेन्द्र अरूण एवं ज्योतिपाल आदि उपस्थित रहे।

