Thursday, January 15, 2026
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घंटे-घड़ियाल और ताल मृदंग की ध्वनि के बीच मनेगा बलराम जी का जन्मोत्सव

-दाऊजी मंदिर प्रांगण में बलदेव जी के जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां जोरों पर
-बलराम जी के जन्मोत्सव के अवसर पर 11 कुंतल बेसन के लड्डू का लगेगा भोग

चंद्र प्रकाश पांडेय

बलदेव/मथुरा : भगवान श्रीकृष्ण की जन्माष्टमी के बाद शेषावतार ब्रज के राजा बलदाऊजी के जन्मोत्सव की धूम मचेगी। घंटे-घड़ियाल और ताल मृदंग की ध्वनि के बीच जन्मोत्सव मनाया जायेगा। इसके लिए ब्रज के राजा की नगरी बलदेव में तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। जन्मोत्सव पर ब्रजराज को बेसन के 11 कुंतल लड्डू का भी भोग लगेगा।

भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को ब्रज के राजा बलदाऊ जी जन्म लेंगे। जन्मोत्सव को भव्यता और दिव्यता प्रदान करने के लिए 8 दिवसीय बलदेव महोत्सव चलेगा। इस बीच दाऊजी मंदिर के रासलीला प्रांगण में सुबह से लेकर शाम तक भागवत कथा का आयोजन होगा। 14 से 20 सितंबर तक श्रीमद्भागवत कथा आयोजित होगी। इसमें भागवत प्रवक्ता ब्रज के प्रमुख संत श्री ऋतेश्वर महाराज, लाडली निकुंज वन, वृन्दावन के श्रीमुख से अमृत वर्षा होगी। कथा समय दोपहर 3 बजे से 7 बजे तक है। वहीं संत श्री प्रभुदत्त ब्रह्मचारी महाराज द्वारा रचित श्री भागवत चरित संगीतमय पारायण का आयोजन 13 सितम्बर से 20 तक होगा।
इसमें भागवत प्रवक्ता गोपाल भैया है। कथा समय सुबह सात बजे से 12 बजे तक है। बलदेव जन्मोत्सव का मुख्य कार्यक्रम 21 सितम्बर को मनाया जाएगा।

जन्मोत्सव के अवसर को दिव्यता प्रदान करने के लिए विशेष अभिषेक व हीरा जवाहरात के साथ श्री दाऊजी महाराज का विशेष श्रंगार वस्त्र विशेष रूप से तैयार हो रहें हैं, जिन्हें दाऊजी महाराज धारण करेगें। मंदिर में शहनाई वादन, विशेष श्रंगार दर्शन, हलधर सहस्त्र नाम पाठ वेदपाठी पंडितों द्वारा बलभद्र महायज्ञ होगा। जन्मोत्सव पर अभिषेक व दिव्य हीरा जवाहरात के दर्शन होंगे। शाम को चार बजे से विशाल भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी, जो कि नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी। शोभायात्रा के स्वागत के लिए भी नगरवासियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

दाऊजी मंदिर के सेवायत ज्ञानेन्द्र पांडेय ने बताया प्राचीन परम्परा के अनुसार बलदाऊजी जन्मोत्सव के बाद दधिकाधां महोत्सव भी 21 सितम्बर को आयोजित होगा। इसमें लाला की छीछी के रुप में दही माखन, हल्दी, फल नारियल प्रसाद स्वरूप लुटाया जायेगा। सभी कार्यक्रमों की तैयारियां पूरी तरह से जोरों पर है। श्रीमद्भागवत कथा का पंडाल लगभग तैयार है। बलदेववासियों व ब्रजवासियों में बलदेव जन्मोत्सव के लिये विशेष जोश व उत्साह नजर आ रहा है। सभी ब्रज के राजा श्री दाऊजी महाराज का जन्मोत्सव मनाने के लिये तैयारी कर रहे हैं।

11 कुंतल लड्डू का लगेगा भोग

सेवायत ज्ञानेन्द्र पांडेय ने बताया कि बलदेव छठ के अवसर पर ब्रज के राजा को शुद्ध देशी घी से निर्मित 11 कुंतल बेसन के लड्डू का भोग लगेगा। भोग के बाद प्रसादी के तौर समाज के लोगों को वितरित किया जायेगा।

जगह-जगह लगेंगे बायगीर मेले

बलदेव छठ पर जगह-जगह बायगीर मेला शुरू होंगे। मेले में बायगीर सांप काटे की समस्याओं के साथ कंठवेल, विष वेल से पीड़ितों का उपचार करेंगे।

जीएलए के प्रोफेसर और छात्र के तकनीकी आइडिया का पेटेंट पब्लिश

-जीएलए के प्रोफेसर और छात्र के तकनीकी आइडिया से ऑटोमेटिक रूप से बंद कमरे में लगा एसी

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के मैकेनिकल विभाग के प्रोफेसर और छात्र ने ‘ऑटोमेटीकली स्विच ऑफ एंड ह्यूमन डिटेक्टिंग अटेचमेंट फॉर एयर कंडीशनर‘ विषय पर एक नया तकनीकी आइडिया सुझाया है। इस आइडिया से बिजली की बचत के साथ-साथ एसी के मेंटेनेंस में भी कमी आयेगी। सुझाए गए नए तकनीकी आइडिया का पेटेंट पब्लिश हो गया है।

विदित रहे कि गर्मी के मौसम में हम आरामदायक वातावरण के लिए कमरे के तापमान को कम करने के लिए एयर कंडीशनर (एसी) का उपयोग करते हैं। ऐसे में कभी-कभी अचानक कोई काम लगने पर जल्दबाजी में एसी बंद करना भूल जाते हैं, तो अब घबराने की जरूरत नहीं है। इसके लिए जीएलए विश्वविद्यालय में मैकेनिकल विभाग के अंतिम वर्ष के छात्र यश अग्रवाल ने डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा और असिस्टेंट प्रोफेसर डा. सोनी कुमारी एवं डा. अभिषेक कुमार के दिशा निर्देशानुसार एक ऐसी तकनीक विकसित करने का शानदार विचार पेश किया है, जो कि कमरे में किसी व्यक्ति विशेष के न होने पर भी एसी ऑटोमेटिक बंद हो जायेगा।

छात्र यश अग्रवाल ने बताया कि एसी ऑटोमेटिक स्विच ऑफ नई तकनीक के तहत विभिन्न प्रकार के सेंसर का उपयोग किया है। जैसे कि ओमरॉन डी6टी बोर्ड माउंट टेम्परेचर सेंसर, जो कि केबिन या कमरे में मौजूद इंसान का पता लगाने का कार्य करेगा। अरुडिनो यूएनओ माइक्रोकंट्रोलर, जो कि आविष्कार में मस्तिष्क के रूप में कार्य करेगा। सर्वो मोटर जिसका उपयोग पंखों को हिलाने और पलटने का कार्य करेगा।

छात्र ने बताया कि इसी तकनीक के तहत एक आइडिया को विशेष तौर पर और जोड़ा गया है, जो कि एसी चलाने के बाद केबिन अथवा कमरे के तापमान में बदलाव के समय तक केबिन अथवा कमरे में तैनात व्यक्ति पर सीधे ठंठी हवा फेंकेगा। इससे व्यक्ति विशेष को भीषण गर्मी में आराम तो महसूस होगा ही, बल्कि एसी को भी अधिक समय तक चलाने की आवश्यकता महसूस नहीं होगी।

विभागाध्यक्ष प्रो. पियूष सिंघल और डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा कहते हैं कि अधिकतर देखा जाता है कि कार्यालयों अथवा घर पर लोग जल्दबाजी में कमरे का एसी चला हुआ छोड़ जाते हैं, जिससे बिजली की तो खपत होती ही है, बल्कि मेंटेनेंस में भी बढ़ोत्तरी होती है। छात्र द्वारा सुझाए गए आइडिया से बिजली की बचत के साथ-साथ मेंटेनेंस भी कमी देखने को मिलेगी। छात्र का यह आइडिया सब कुछ ठीक रहा तो, प्रोटोटाइप तैयारी के बाद ग्रांट के लिए भेजा जाएगा।

प्रोफेसरों के दिशा निर्देशानुसार छात्र के माध्यम से सुझाए गए आइडिया में पूर्ण सहयोग करने वाले प्रोफेसरों ने बताया कि छात्र द्वारा तैयार किया गया आइडिया एक नए अविष्कार को जन्म देगा। आइडिया का पेटेंट पब्लिश होने पर छात्र के चेहरे पर ख़ुशी छाई है। क्योंकि मेहनत का नतीजा मिलने पर हर छात्र को ख़ुशी होती है, बल्कि उसके उस कार्य में भी तेजी आती है, जो कि उसे आगे तक अंजमा देना चाहता है। छात्र का यह प्रयास अन्य छात्रों को भी नए आइडिया प्रदर्शित करने के लिए प्रेरित करेगा। ऐसे छात्रों का विश्वविद्यालय हमेशां पूर्ण सहयोग करने के लिए आगे खड़ा है।

ब्रज हेरिटेज फेस्ट में राजीव इंटरनेशनल स्कूल ने मारी हैट्रिक

लगातार तीसरी बार ओवरऑल चैम्पियनशिप ट्रॉफी जीती

सर्वाधिक स्पेशल पुरस्कार भी किए अपने नाम

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षा ही नहीं प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के नए आयाम स्थापित कर रहे हैं। मंगलवार को ब्रज हेरिटेज फेस्ट के पारितोषिक वितरण समारोह में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने जहां लगातार तीसरी बार ओवरऑल चैम्पियनशिप ट्रॉफी अपने नाम की वहीं सर्वाधिक ईनाम और ट्रॉफियां झोली में डालकर समूचे मथुरा जनपद में अपने स्कूल का नाम रोशन किया।
ज्ञातव्य है कि 18 जुलाई से 12 अगस्त के बीच चंद्रोदय मंदिर वृंदावन द्वारा इंटर स्कूल सांस्कृतिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं। जनपद के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजिक एक्टेंपोर, क्विज, श्लोक चेंटिंग, ड्राइंग, डांस, म्यूजिक आदि प्रतियोगिताओं में विभिन्न स्कूलों के होनहारों ने अपनी मेधा और कौशल का शानदार आगाज किया। ब्रज हेरिटेज फेस्ट में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने न केवल निर्णायकों को अपनी प्रतिभा से प्रभावित किया बल्कि इस फेस्ट में दांव पर लगे अधिकतर पुरस्कार अपने नाम किए।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने ब्रज हेरिटेज फेस्ट में ओवरऑल चैम्पियनशिप ट्रॉफी के साथ ही सर्वाधिक स्पेशल प्राइज भी अपने नाम किए। स्पेशल प्राइज जीतने वालों में सीनियर वर्ग में लालिमा, एंजेल खंडेलवाल एवं वैभवी शर्मा रहीं। इन्हें आयोजकों द्वारा लैपटॉप, टैबलेट तथा किंडल प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। इसी कड़ी में निताई चरण गौर, माधव एवं कृष्णादास को स्मार्ट वॉच प्रदान की गईं।
जूनियर वर्ग में गौर चरण विश्वास, मानस सारस्वत, गार्गी सिंह तथा अर्णव चौधरी ने क्रमशः साइकिल एवं स्मार्ट वॉच पर कब्जा जमाया। प्राइमरी वर्ग में सर्वाधिक ईनाम प्राप्त करने वाली काम्या बंसल को स्मार्ट वॉच देकर पुरस्कृत किया गया। अतिथियों द्वारा आरआईएस के विजेता छात्र-छात्राओं को तीनों वर्गों में ट्रॉफियां प्रदान करने के साथ-साथ प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने सभी छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि लगातार तीसरे साल ओवरऑल चैम्पियनशिप ट्रॉफी जीतना बहुत बड़ी उपलब्धि है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ ही सांस्कृतिक गतिविधियों में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल करना इस बात का सूचक है कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल में प्रत्येक छात्र-छात्रा के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास पर ध्यान दिया जा रहा है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने इस शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए विजेता छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। श्री अग्रवाल ने कहा कि छात्र-छात्राएं इसी प्रकार अपनी मेधा और कौशल से कामयाबी हासिल करते हुए अपने स्कूल, जनपद और प्रदेश का गौरव बढ़ाएं।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने जनपद के छात्र-छात्राओं को नए अवसर प्रदान करने के लिए ब्रज हेरिटेज का आभार माना साथ ही विद्यार्थियों को इस सफलता के लिए बधाई देते हुए कहा कि यह वाकई में बड़ी उपलब्धि है।

शेरगढ़ – पुलिस के द्वारा एक अभियुक्त को चोरी की मोटरसाइकिल व अवैध हथियार कारतूस सहित गिरफ्तार किया

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रिपोर्ट – गोपीनाथ तिवारी

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मथुरा के आदेश अनुपालन में अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मथुरा, क्षेत्राधिकारी छाता के निर्देशन में थाना अध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस ने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है।
मुखबिर की सूचना पर एक अभियुक्त नसरू पुत्र कालू निवासी जांघावली थाना शेरगढ़ उम्र करीब 55 वर्ष को एक चोरी की मोटरसाइकिल फर्जी नंबर प्लेट, एक अवैध राइफल दो कारतूस गांव जंघावली की पुलिया से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है पकड़े गए युवक के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कर चालान कर दिया है।
थाना अध्यक्ष सोनू कुमार बैसला ने बताया कि पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर एक युवक को चोरी की मोटरसाइकिल, नाजायज अवैध हथियार सहित गिरफ्तार कर जेल भेजा है।

महानगर के चम्पा अग्रवाल इंटर कालेज में संस्कृत संभाषण शिविर का हुआ शुभारंभ।

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संस्कृतभारती ब्रजप्रांत मथुरा महानगर द्वारा स्थानीय चम्पा अग्रवाल इण्टर कॉलेज में दस दिवसीय संस्कृत संभाषण शिविर का शुभारंभ वैदिक विधि विधान से किया गया।
इस अवसर पर प्रमुख रूप से उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ मथुरा महानगर सहकार्यवाह विजय अग्रवाल बण्टा,अजय अग्रवाल सर्राफा, ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी, संस्कृत भारती ब्रज प्रान्त संगठन मंत्री नरेन्द्र भागीरथी, ब्रज प्रान्त मंत्री धर्मेन्द्र कुमार अग्रवाल, हरस्वरुप यादव, संस्कृत भारती ब्रज प्रान्त मथुरा महानगर अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी शास्त्री पूर्व पार्षद एवं चम्पा अग्रवाल इण्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ राकेश माहेश्वरी, आदि ने सर्व प्रथम मां सरस्वती व भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया ।
शिविर शिक्षक रुद्रप्रताप सिंह तोमर द्वारा मां सरस्वती की वन्दना प्रस्तुत की गई। शिविर शिक्षक देवव्रत तोमर द्वारा ध्येय मंत्र का पाठ किया गया।
ब्रज प्रान्त संगठन मंत्री नरेन्द्र भागीरथी ने संस्कृत भारती के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा संस्कृत भाषा को जनसाधारण की भाषा बनाना ही संस्कृत भारती का मुख्य उद्देश्य है। ब्रज प्रान्त मंत्री धर्मेन्द्र अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान में संस्कृत भाषा को विश्व के अनेक देशों में ज्ञान व विज्ञान की भाषा के रुप में स्वीकार किया जा रहा है।अतः संस्कृत भाषा के प्रति युवाओं में जागरूकता पैदा करना अति आवश्यक है।
महानगर सहकार्यवाह विजय अग्रवाल बण्टा व अजय अग्रवाल सर्राफा ने कहा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रारंभ से ही भारतीय संस्कृति सभ्यता संस्कार और परम्पराओं को सुरक्षित रखने के लिए संस्कृत भाषा को जनसाधारण की भाषा बनाने के लिए संकल्पित है।
संस्कृत भारती ब्रज प्रान्त मथुरा महानगर अध्यक्ष आचार्य ब्रजेन्द्र नागर ने कहा वर्तमान में संस्कृत भाषा के प्रति छात्र छात्राओं में आकर्षण पैदा करने की आवश्यकता है इसी उद्देश्य को लेकर संस्कृत भारती द्वारा विद्यालयों में संभाषण शिविर, प्रशिक्षण वर्ग, प्रबोधन वर्ग,नैपुण्य वर्ग,बाल केन्द्र के माध्यम से छात्र छात्राओं में संस्कृत भाषा के प्रति आकर्षण पैदा करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे हमारी नई पीढ़ी को भरत की प्राचीन संस्कृति व संस्कार का ज्ञान प्राप्त हो सके। उन्होंने ने चम्पा अग्रवाल इण्टर कॉलेज की प्रबंध समिति एवं प्रधानाचार्य सहित सभी सहयोगी अध्यापकों का संस्कृत भाषा के प्रचार प्रसार में सहयोग प्रदान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापन करते हुए आभार व्यक्त किया।
प्रचार प्रमुख रामदास चतुर्वेदी शास्त्री पूर्व पार्षद ने कहा कि आज से 130 वर्ष पूर्व 11 सितम्बर 1893 में स्वामी विवेक नन्द जी ने विश्व धर्म सम्मेलन शिकागो में व्याख्यान करते हुए अपनी भाषा, संस्कृति के वैज्ञानिक पक्ष को सिद्ध किया था।
उस काल खण्ड में हमारी प्राचीन संस्कृति का उपहास किया जाता था।
19 25 में पुनः अपनी भारतीय परम्पराओं की संस्कृति, संस्कार, ज्ञान, विज्ञान को संरक्षित, संवर्धित एवं पुर्नस्थापित करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना के साथ लिए गए संकल्प आज सिद्ध हो रहें, विभिन्न माध्यमों से भारतीय संस्कृति की जय जय कार सम्पूर्ण विश्व में हो रही है,उसी प्रकार अब वह दिन दूर नहीं जब,गांव गांव,नगर नगर, घर घर संस्कृत भाषा सामान्य बोलचाल के चलन में होगी।
इस अवसर पर चम्पा अग्रवाल इण्टर कालेज के प्रधानाचार्य डॉ राकेश माहेश्वरी ने संस्कृत भारती के सभी पदाधिकारियों का अंगवस्त्र भेट कर सम्मान किया और संस्कृत भारती के पदाधिकारियों का संस्कृत भाषा के प्रति छात्र छात्राओं में आकर्षण पैदा करने के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ज्योतिषाचार्य पंडित कामेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने की तथा संचालन बृजभूषण चौहान द्वारा किया गया।

हवन-पूजन के साथ हुआ के.डी. डेंटल कॉलेज में नए शैक्षिक सत्र का शुभारम्भ

शिक्षक छात्र-छात्राओं को ज्ञानवान ही नहीं संस्कारवान बनाएं- डॉ. रामकिशोर अग्रवाल

मथुरा। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में सोमवार को वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-पूजन के साथ नए शैक्षिक सत्र (2023-24) का शुभारम्भ किया गया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी ने सभी अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए छात्र-छात्राओं से लगन और मेहनत से शिक्षा हासिल करने के साथ पीड़ित मानवता की सेवा करने का आह्वान किया।
सोमवार को के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में हवन-पूजन के साथ नए शैक्षिक सत्र का शुभारम्भ किया गया। सुबह से ही कॉलेज परिसर में नवागंतुक छात्र-छात्राएं उत्साह और उमंग के बीच देखे गए। नए सत्र के शुभारम्भ से पहले आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-पूजन कराया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं हनुमान चालीसा का सस्वर पाठ किया। नए सत्र के शुभारम्भ पर आयोजित हवन-पूजन को लेकर आचार्य करपात्री महाराज ने बताया कि वैदिक काल से ही किसी नए कार्य का शुभारम्भ हवन-पूजन के साथ ही करने का विधान है। हवन पूजन से वातावरण शुद्ध होने के साथ-साथ व्यक्ति का तन और मन दोनों शुद्ध होता है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि के.डी. डेंटल कॉलेज में छात्र-छात्राओं को पारिवारिक माहौल देने की कोशिश की जाती है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि विद्यार्थी देश का भविष्य हैं और इनको ज्ञानवान तथा संस्कारवान बनाना प्राध्यापकों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दूर-दूर से आए इन बच्चों को सिर्फ शिक्षा ही नहीं संस्कार भी दिए जाने चाहिए।


प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी ने छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि चिकित्सा शिक्षा अपने आप में एक विशेष शिक्षा है, जिसमें छात्र-छात्राएं उत्तीर्ण होकर समाज की सेवा करते हैं। उन्होंने नवागंतुक विद्यार्थियों से कहा कि जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व है। अनुशासित जीवन ही इंसान के भविष्य की राह तैयार करता है। डॉ. लाहौरी ने कहा कि के.डी. डेंटल कॉलेज में छात्र-छात्राओं को शिक्षण ही नहीं अन्वेषण के मौके भी उपलब्ध कराए जाते हैं, जिनका लाभ उठाते हुए आपको अच्छा दंत चिकित्सक बनना है।
डॉ. लाहौरी ने शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं को बताया कि शिक्षा का मतलब केवल श्रेणी लाना नहीं बल्कि सर्वांगीण बौद्धिक विकास होता है। डॉ. लाहौरी ने नवागंतुक छात्र-छात्राओं को भरोसा दिया कि यहां उन्हें किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी, यदि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई समस्या आती है तो वह बिल्कुल निडर भाव से अपनी बात बताएं उनकी हरसम्भव मदद की जाएगी। इस मौके पर कॉलेज के सभी विभागाध्यक्षों ने अपने-अपने विभागों की जहां नवागंतुक छात्र-छात्राओं को जानकारी दी वहीं छात्र-छात्राओं ने अपना परिचय देते हुए के.डी. डेंटल कॉलेज में प्रवेश लेने के कारण बताए। ओरिएंटेशन प्रोग्राम में प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं तथा अभिभावक उपस्थित रहे।

ग्रैंड पैरेंट्स डे पर दादा-दादी की आंखों में छलके खुशी के आंसू

राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने बांधा समां

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल में रविवार को ग्रैंड पैरेंट्स डे मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं की मनमोहक प्रस्तुतियों पर दादा-दादी और नाना-नानी की आंखों में खुशी के आंसू दिखाई दिए। बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से ऐसा समां बांधा कि दादा-दादी और नाना-नानी भी वाह-वाह करने से अपने आपको नहीं रोक सके। ग्रैंड पैरेंट्स डे का शुभारम्भ के.डी. डेंटल कॉलेज के डीन और प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी, राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक प्रो. देवेंद्र पाठक एवं विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने माँ शारदे के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
गणेश वंदना और अतिथियों के स्वागत पश्चात छात्र-छात्राओं ने एक से बढ़कर एक कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रम में अपने दादा-दादी और नाना-नानी को पाकर जहां बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा वहीं बच्चों के कला-कौशल का लुत्फ उठाते दादा-दादी, नाना-नानी भी तालियां बजाते और खुशी जताते देखे गए। समारोह में बच्चों की प्रस्तुतियों को देखकर वहां बैठे दादा-दादियों की आंखें खुशी से भर आईं। स्कूल प्रबंधन ने दादा-दादी और नाना-नानी को कार्यक्रम में बुलाकर जहां जनरेशन गैप को कम करने की कोशिश की वहीं उन्हें कुछ घंटों का अनोखा खुशनुमा पल भी दिया।
सीनियर सिटीजंस के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने नृत्य नाटिका की प्रस्तुति से सबको भाव-विभोर कर दिया। इसी तरह सीनियर सिटीजंस के मनोरंजन के लिए तंबोला, कार्ड, कैंडल्स आदि गेम्स का भी आयोजन किया गया, जिसमें सभी वरिष्ठ नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की थीम गोवा रखी गई थी। इसके अंतर्गत सीनियर सिटीजंस ने रैंप वॉक कर सबका मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंत में विजेता सीनियर सिटीजंस को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर डॉ. मनेष लाहौरी ने उपस्थित सीनियर सिटीजन का नमन करते हुए कहा कि आपके द्वारा संस्कारित बच्चे ही भारत को विश्व गुरु बनाएंगे। उन्होंने कहा कि बच्चों की परवरिश में माता-पिता के साथ-साथ दादा-दादी की भूमिका भी बहुत महत्वपूर्ण होती है। बच्चों रूपी छोटे-छोटे पौधों को संस्कार रूपी जल से दादा-दादी ही सींचते हैं। निदेशक प्रो. देवेन्द्र पाठक ने संयुक्त परिवार के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि बच्चों को दादा-दादी, नाना-नानी के मार्गदर्शन की हमेशा जरूरत रहेगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ बच्चों को संस्कार मिलना जरूरी हैं। बच्चों को जैसे संस्कार मिलेंगे वह वैसा ही आचरण और व्यवहार करेंगे।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि वरिष्ठ नागरिक हमारी धरोहर हैं। उन्हें सम्मान देना हमारी जिम्मेदारी है। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि आज के व्यस्त समय में दादा-दादी ही बच्चों को सही संस्कार दे सकते हैं इसलिए बच्चों का उनके साथ समय बिताना बहुत आवश्यक है। शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने सभी को ग्रैंड पैरेंट्स डे की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन युविका, नित्या, लेशिया एवं नव्या ने किया।

एनके ग्रुप ने बच्चों को उपहार बांट मनाया कृष्ण जन्मोत्सव

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर बच्चों को ग्रुप के पदाधिकारियों ने बांटे खिलौने और खाने पीने की चीजें

मथुरा : कहीं कृष्ण नाम की गूंज थी, तो कहीं राधा नाम की। समूची कृष्ण नगरी कृष्ण नाम में लीन थी, लेकिन एनके ग्रुप ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव को असहाय बच्चों के चेहरे पर ख़ुशी लाकर मनाया। एनके ग्रुप के संस्कार सिटी में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर ग्रुप के पदाधिकारियों ने मजदूरों के बच्चों को खिलौने और खाने-पीने की विभिन्न वस्तुएं बांटी। पदाधिकारियों और बच्चों ने मिलकर जन्मोत्सव के उपलक्ष्य में खूब धमाल मचाया।

इस अवसर पर जीएलए के चीफ फाइनेंस ऑफिसर एवं एऩके ग्रुप के निदेशक विवेक अग्रवाल ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने धरती पर अवतार लेकर कई राक्षसों का वध किया और धरा पर धर्म की स्थापना की। सनातन धर्म ही हमारी संस्कृति और जीवंतता है। ब्रज के कण-कण में श्रीकृष्ण की नित्य लीला का असीम रस निरंतर गतिमान है। बस जरूरत है तो इसे ग्रहण करने की।

श्री अग्रवाल ने बच्चों और पदाधिकारियों को जन्माष्टमी की बधाई देते हुए नंद घर आनंद भयो जय कन्हैयालाल की… जैसे भजनों का भी जमकर बच्चों ने लुत्फ उठाया।

इस अवसर पर भारत विकास परिषद् के पूर्व अध्यक्ष देवेन्द्र अग्रवाल, मेघा रावत, सौरभ कसेरा, रामेश्वर, पुरोहित जी, मुकेश, सर्वेश, दानवीर आदि स्टाफगण उपस्थित रहे।

राजीव एकेडमी में हुई टूल इण्टीग्रेटिंग पर कार्यशाला

डाटा सेटिंग में बहुत कारगर है पाइ स्पार्कः उत्तम ठाकुर

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में अध्ययनरत एमसीए के छात्र-छात्राओं के लिए शुक्रवार को पाइ स्पार्क, पायथन अपाचे स्पार्क विषय पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में रिसोर्स परसन उत्तम ठाकुर ने छात्र-छात्राओं को टूल इण्टीग्रेटिंग से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पायथन एक लोकप्रिय और मल्टीपर्पज कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग भाषा है, जो कम्प्यूटर प्रोग्रामर के बीच अपनी सरलता और पठनीयता के लिए जानी जाती है।
रिसोर्स परसन उत्तम ठाकुर डाटा साइंटिस्ट, 4 अचीवर नोएडा ने छात्र-छात्राओं को बताया कि अपाचे स्पार्क कम्युनिटी द्वारा पायथन के साथ डेवलप किया गया एक टूल है। पायथन का पाइ स्पार्क अपाचे स्पार्क को इण्टरफेस प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रीब्यूटेड डाटा सेटिंग के वक्त पायथन का यूज करते हुए यह पाइ स्पार्क से एक्सेस कर सकता है और सही विश्लेषण प्रदान करता है।
श्री ठाकुर ने विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर में कहा कि अपाचे स्पार्क एक मल्टी लैंग्वेज इंजिन है जो एक्जीक्यूटिंग डाटा इंजीनियरिंग, डाटा साइंस और मशीन लर्निंग आदि को कण्ट्रोल करता है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को लैंग्वेज बेसिस जॉब्स में करिअर निर्माण के टिप्स भी दिए। श्री ठाकुर ने कहा कि पाइ स्पार्क अपाचे पायथन के लिए एक उचित इण्टरफेस का निर्माण करता है। पायथन एप का प्रयोग करते हुए आप पाइ स्पार्क द्वारा अच्छी से अच्छी एप्लीकेशन लिख सकते हैं। हम इसकी मदद से अत्यधिक विशाल डाटा की सेटिंग भी कर सकते हैं।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि राजीव एकेडमी में आयोजित होने वाली प्रत्येक कार्यशाला का अपना महत्व है। यह कार्यशालाएं छात्र-छात्राओं के करिअर निर्माण में नींव का पत्थर साबित हो सकती हैं बशर्ते रिसोर्स परसन ने जो कुछ बताया है, उसे न केवल आत्मसात किया जाए बल्कि उस पर सतत अभ्यास भी किया जाए।
संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने रिसोर्स परसन उत्तम ठाकुर का आभार मानते हुए एमसीए के छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि इस कार्यशाला में जो टिप्स दिए गए हैं, उन पर अमल करते हुए निरंतर अभ्यास किया जाना चाहिए। डॉ. सक्सेना ने कहा कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में एमसीए की डिग्री करिअर निर्माण में सहायक होगी। करिअर इंसान की जीवनशैली का नेतृत्व करता है जिससे समाज में उसकी स्थिति निर्धारित होती है।

सफलता का मार्ग दृढ़ संकल्प और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रशस्त होता हैःशशिशेखरसंस्कृति दीक्षारंभ-2023


मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में नवीन सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों के लिए आयोजित दो दिवसीय संस्कृति दीक्षारंभ-2023 (ओरियंटेशन प्रोग्राम) में दूसरे दिन देश के जाने-माने वरिष्ठ पत्रकार, संपादक शशिशेखर ने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से जीवन में आगे बढ़ने और लक्ष्य हासिल करने के सूत्र बताए। उन्होंने कहा कि सफलता का मार्ग दृढ़ संकल्प और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रशस्त होता है।
वरिष्ठ पत्रकार शेखरजी ने अपने उद्बोधन की शुरुआत स्पष्ट, बिना काटे और निष्पक्ष, सीधे दिल से बोलने के वादे के साथ की। इस प्रतिबद्धता ने विद्यार्थियों को तुरंत आकर्षित कर लिया क्योंकि उन्हें एक सार्थक और प्रामाणिक संदेश की आशा थी। शेखरजी ने अपनी कथा से विद्यार्थियों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसमें चार शक्तिशाली कहानियाँ शामिल थीं। शुरुआत, साधना, साध्य और सोच। ये कहानियाँ महज़ कहानियाँ नहीं थीं, वे उनके व्यक्तिगत अनुभवों से प्राप्त जीवन के सबक थे। प्रत्येक कहानी एक विशिष्ट संदेश दे रही थी। उन्होंने पहले बिंदु सभारंभ(शुरुआत) पर यात्रा शुरू करने और पीछे मुड़कर न देखने के महत्व पर जोर देते हुए छात्रों को अपने लक्ष्य की ओर पहला कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। फिर साधना के महत्व पर कहानी के माध्यम से सफलता प्राप्त करने में निरंतर प्रयास और समर्पण के महत्व पर प्रकाश डाला गया। साध्य के लिए जिस कहानी को उन्होंने सुनाया उसमें संदेश था कि निरंतर दृढ़ संकल्प और फोकस के साथ, छात्र अपने उद्देश्यों को पूरा कर सकते हैं। अंत में उन्होंने सोच(विचार)के महत्व को बताती कहानी सुनाई और बताया कि मानसिक शक्ति और किसी के भाग्य को आकार देने में उसके विचारों के प्रभाव कितना महत्व रखते हैं।
शेखरजी की कहानियाँ सरल लेकिन गहन थीं, छात्रों के लिए प्रासंगिक थीं और दृढ़ता, कड़ी मेहनत और सकारात्मक सोच का एक सार्वभौमिक संदेश दे रहीं थीं। उनके व्यक्तिगत अनुभव प्रेरणा के रूप में काम कर रहे थे, यह दर्शाते हुए कि सही दृष्टिकोण के साथ छात्र अपने सपनों को हासिल कर सकते हैं। संक्षेप में, उनके संदेश ने छात्रों को खुद पर और अपनी क्षमता पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया, उन्हें याद दिलाया कि सफलता का मार्ग दृढ़ संकल्प और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रशस्त होता है। उनकी उपस्थिति और शब्दों ने निस्संदेह नए छात्रों पर एक अमिट छाप छोड़ी, जिससे उन्हें नए उत्साह और उद्देश्य के साथ अपनी शैक्षणिक यात्रा शुरू करने के लिए प्रेरणा मिली।
छात्रों में ऊर्जा का संचार करते हुए चांसलर डॉ. सचिन गुप्ता ने किसी के नाम के महत्व पर एक गहरा दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने बताया कि जब कोई व्यक्ति जन्म लेता है तो उसकी पहचान में दो नाम जुड़ जाते हैं, एक नाम उसके माता-पिता का। जैसे ही वे स्कूल जाते हैं, एक नया नाम, उनके स्कूल का, जोड़ दिया जाता है। यूनिवर्सिटी में कदम रखते ही उनकी पहचान में चौथा नाम जुड़ गया है। इस सादृश्य रेखांकित किया कि शिक्षा का प्रत्येक चरण किसी व्यक्ति की पहचान और चरित्र को आकार देने में योगदान देता है। विश्वविद्यालय का अनुभव सिर्फ ज्ञान प्राप्त करने के बारे में नहीं है, बल्कि एक व्यक्ति के रूप में विकसित होने के बारे में भी है। डॉ. गुप्ता ने कहा कि संस्कृति विश्वविद्यालय में उनका समय यह परिभाषित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा कि वे कौन बनेंगे। इसके अलावा, उन्होंने बलिदान के महत्व पर जोर दिया, विशेष रूप से सफलता प्राप्त करने के लिए किसी के आराम क्षेत्र से बाहर निकलने की आवश्यकता पर। इस संदेश ने छात्रों को चुनौतियों को स्वीकार करने और अपने लक्ष्यों की प्राप्ति में अपनी सीमाओं से आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि शशिशेखर, कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता, कुलपति प्रोफेसर एमबी चेट्टी, सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा के द्वारा दीप प्रज्ज्वलन से हआ। अपने स्वागत भाषण में डॉ. एम.बी. कुलपति चेट्टी ने न केवल मुख्य अतिथि शशि शेखर का गर्मजोशी से स्वागत किया, बल्कि पत्रकारिता की दुनिया में उनकी अविश्वसनीय यात्रा को उजागर करने का काम भी किया। एप्लाइड पॉलिटिक्स के निदेशक डॉ. रजनीश त्यागी ने छात्रों के जीवन में विश्वविद्यालय की भूमिका का एक ज्वलंत चित्र प्रस्तुत किया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि “विश्वविद्यालय” सिर्फ ज्ञान प्राप्त करने की संस्था नहीं है, बल्कि दुनिया के मामलों से जुड़ने की जगह भी है। महानिदेशक डॉ. जे.पी. शर्मा का धन्यवाद ज्ञापन इस आयोजन का एक हल्का-फुल्का लेकिन सार्थक निष्कर्ष था। उनके हास्य उपाख्यानों ने मनोरंजन का तड़का लगाया, जिससे दर्शक उत्साहित हो गए।
पर्दे के पीछे, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. धर्मेंद्र सिंह तोमर, डा. रेनू गुप्ता ने यह सुनिश्चित किया कि कार्यक्रम की सभी व्यवस्थाएँ निर्बाध रूप से चलती रहें। अनुजा गुप्ता की कुशल एंकरिंग ने कार्यवाही को आकर्षक बनाए रखा और एक खंड से दूसरे खंड तक सुचारू रूप से स्थानांतरित किया। संक्षेप में, संस्कृति विश्वविद्यालय, मथुरा में ओरिएंटेशन कार्यक्रम केवल एक स्वागत समारोह नहीं था बल्कि छात्रों की रोमांचक शैक्षणिक यात्रा के लिए एक उत्प्रेरक था। इसने उनमें अकादमिक रूप से उत्कृष्टता प्राप्त करने और अपनी शैक्षिक गतिविधियों और उससे आगे आने वाली चुनौतियों को स्वीकार करने के लिए उद्देश्य, समर्पण और प्रेरणा की भावना पैदा की।