Friday, January 16, 2026
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के.डी. हॉस्पिटल में मरीज के स्पाइन ट्यूमर की हुई क्रिटिकल सर्जरी

न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह के प्रयास से राधा स्वस्थ

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह के प्रयासों से कई महीनों से दर्द से कराह रही बरसाना, मथुरा निवासी राधा (45) को राहत मिल गई है। के.डी. हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने राधा की रीढ़ की हड्डी के ट्यूमर का क्रिटिकल ऑपरेशन करने में सफलता हासिल की है। अब मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर जा चुकी है।
जानकारी के अनुसार बरसाना, मथुरा निवासी राधा (45) विगत छह माह से हाथ-पैरों में झनझनाहट तथा दाएं हिस्से में थोड़ी सी कमजोरी के कारण परेशान थी। उसकी परेशानी बढ़ती देख परिजन उसे दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल ले गए लेकिन वहां ऑपरेशन के लिए लम्बी प्रतीक्षा को देखते हुए मरीज को के.डी. हॉस्पिटल लाया गया। राधा की एमआरआई जांच कराने पर उसकी रीढ़ की हड्डी में बड़ा ट्यूमर होने का पता चला। ट्यूमर स्पाइनल कॉर्ड को दबा रहा था, जिसकी वजह से उसके दाएं हिस्से की ताकत कम हो गई थी।
मरीज की खराब स्थिति को देखते हुए न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति ने परिजनों को ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों की सहमति के बाद डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह ने लगभग दो घण्टे की कोशिश के बाद मरीज का ट्यूमर निकालने में सफलता हासिल की। इस ऑपरेशन में डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह का सहयोग निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. दीपक अग्रवाल, डॉ. समर्थ तथा टेक्नीशियन राजवीर, रॉबिन और रजनीश ने किया।
डॉ. अजय प्रजापति का कहना है कि ऑपरेशन के दौरान स्पाइनल कॉर्ड में सामान्य खून की सप्लाई को बचाना अत्यंत आवश्यक था। इस ऑपरेशन में रिस्क था, यदि थोड़ी सी असावधानी हो जाती तो मरीज के हाथ-पैरों की ताकत पूरी तरह से जा सकती थी। के.डी. हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जनों की जहां तक बात उनके द्वारा अब तक कई मुश्किल सर्जरी की जा चुकी हैं।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, के.डी. मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने इस सफल ऑपरेशन के लिए न्यूरो सर्जरों सहित टीम के सभी सदस्यों को बधाई दी है।

स्केटिंग में आरआईएस के प्रज्ञान ने जीता सिल्वर मेडल

यूपी ओपन स्टेट रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप में किया कमाल

मथुरा। गाजियाबाद में चार से छह अगस्त तक आयोजित हुई चतुर्थ यूपी ओपन स्टेट रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के होनहार छात्र प्रज्ञान अग्रवाल ने सिल्वर मेडल जीतकर समूचे मथुरा जनपद को गौरवान्वित किया है। इस प्रतियोगिता में 50 से अधिक स्कूलों के स्केटर्स ने प्रतिभाग किया था।
उत्तर प्रदेश रोलर स्केटिंग एसोसिएशन द्वारा गाजियाबाद में आयोजित चतुर्थ यूपी ओपन स्टेट रोलर स्केटिंग चैम्पियनशिप में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के होनहार स्केटर प्रज्ञान अग्रवाल ने अपने धैर्य और संतुलन की बदौलत सिल्वर मेडल अपने नाम किया। इससे पहले भी प्रज्ञान अग्रवाल जिला और राज्य स्तर पर स्केटिंग में न केवल कौशल दिखा चुका है बल्कि अब कई मेडल अपने नाम कर चुका है। प्रज्ञान अपनी सफलता का श्रेय स्पोर्ट्स टीचर श्याम बोरा को देते हुए कहता है कि वह अब राष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतना चाहता है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने होनहार प्रज्ञान अग्रवाल की इस सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसे बधाई दी। डॉ. अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि अब खेल सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं हैं। कोई भी छात्र-छात्रा पढ़ाई के साथ खेलों में सहभागिता कर अपना करिअर बना सकता है। स्केटिंग जैसे खेल में बड़े ही धैर्य और संतुलन की जरूरत होती है। प्रज्ञान की यह सफलता समूचे जनपद के लिए गौरव की बात है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल में भावी पीढ़ी की रुचि का न केवल ध्यान दिया जाता है बल्कि उसे प्रतिभा दिखाने के अवसर भी प्रदान किए जाते हैं। श्री अग्रवाल ने प्रज्ञान की इस सफलता के लिए उसके प्रशिक्षक को बधाई देते हुए कहा कि बिना गुरु के किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल करना नामुमकिन है।
स्कूल की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने राज्यस्तर पर स्केटर प्रज्ञान अग्रवाल द्वारा सिल्वर मेडल जीतने पर बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल शिक्षा ही नहीं छात्र-छात्राओं को हर क्षेत्र में प्रतिभाग करने के लिए प्रोत्साहित करता है। यह खुशी की बात है कि यहां के छात्र-छात्राएं हर विधा में सफलता हासिल कर रहे हैं।

संस्कृति विवि में पांच दिन शिक्षकों को किया गया प्रशिक्षित

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट विभाग द्वारासॉफ्ट स्किल विषय पर पांच दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम अयोजित किया गया।
विश्वविद्यालय विवि द्वारा पांच दिन के इस प्रोग्राम में डायरेक्टर जनरल प्रो. जे. पी. शर्मा एवं डॉ. रजनीश त्यागी ने टीम वर्क एवं नेतृत्व, मूल्य प्रणाली, व्यक्तित्व लक्षण, प्रेरणा और रचनात्मक, शिक्षण कौशल, संचार कौशल, निर्णय लेना और विश्लेषण, समय प्रबंधन, संघर्ष प्रबंधन, तनाव प्रबंधन, ख़ुशी आदि विषय पर शिक्षकों को नई सोच से अवगत कराया और शिक्षण के दौरान इन बातों को ध्यान में रखने का सुझाव दिया। शिक्षकों को खेल खेल के माध्यम से विचार मंथन कराया गया एवं नई जानकारी दी गई।
डायरेक्टर जनरल प्रो. जे. पी. शर्मा ने बताया कि जीवन में ख़ुशी के स्रोतों को नित्य अपनाने की आवश्यकता है। इसके अतिरिक्त क्रोध एवं तनाव को कैसे नियंत्रित किया जाता है इस विषय पर गूढ़ जानकारी शिक्षकों को दी। इससे शिक्षकों में प्रेरणा मिली कि वे अपने छात्रों के साथ भी नई ऊर्जा एवं नई शिक्षण तकनीकी को अमल में लाएंगे। अंत में सभी शिक्षकों ने अपने विचार साझा किये एवं सुझाव दिए। इस अवसर पर संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. सचिन गुप्ता ने हर्ष व्यक्त किया एवं सभी को शुभकामनाएं दी। विश्वविद्यालय की सीईओ डॉ. मीनाक्षी शर्मा ने कहा कि ऐसे उपयोगी प्रशिक्षण कार्यक्रम का लाभ तभी होगा जब शिक्षक इसमें दिए गए सुझावों को अमल में लाएंगे। कुलपति प्रो. एम. बी. चेट्टी, डायरेक्टर जनरल प्रो. जे. पी. शर्मा की देखरेख में कार्यक्रम का सफल संचालन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के सभी स्कूल के शिक्षकों ने भाग लिया। कार्यक्रम की समन्वयक अनुजा गुप्ता एवं जयकांत तिवारी थे।

राजकीय संग्रहालय देख राजीव इंटरनेशनल स्कूल के विद्यार्थी खुश

संग्रहालय और शिक्षा एक सिक्के के दो पहलूः डॉ. रामकिशोर अग्रवाल

मथुरा। छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ ही ब्रज की संस्कृति और इतिहास से रूबरू कराने के लिए शनिवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल में अध्ययनरत कक्षा 6 के छात्र-छात्राओं को डेम्पियर नगर मथुरा स्थित राजकीय संग्रहालय का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। इस शैक्षिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में रखी वस्तुओं को न केवल देखा बल्कि शिक्षकों से तरह-तरह के सवाल भी पूछे।
डेम्पियर नगर मथुरा स्थित राजकीय संग्रहालय के शैक्षिक भ्रमण में छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन शिक्षकद्वय विक्रांत, गीता सिंह, प्रशासनिक अधिकारी गौरव सिंह और शुचिस्मिता ने किया। छात्र-छात्राओं ने संग्रहालय में रखे सिक्कों, पेंटिंग, टेराकोटा सामान, मूर्तिकला सहित अन्य उल्लेखनीय संग्रह को देखकर प्रसन्नता जताई। शिक्षकों ने छात्र-छात्राओं को बताया कि इस संग्रहालय का इतिहास बहुत पुराना है। इस संग्रहालय की स्थापना 1874 में मथुरा के तत्कालीन कलेक्टर सर एफएस ग्रोसे ने की थी।

चित्र कैप्शनः डेम्पियर नगर मथुरा स्थित राजकीय संग्रहालय का शैक्षिक भ्रमण करते राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राएं।


पहले इस सरकारी संग्रहालय को कर्जन पुरातत्व संग्रहालय के रूप में जाना जाता था बाद में इसका नाम बदलकर पुरातत्व संग्रहालय, मथुरा कर दिया गया। भारत सरकार ने 9 अक्टूबर, 1974 को इस संग्रहालय पर एक डाक टिकट भी जारी किया था। इस अष्टकोणीय संग्रहालय में विशिष्ट बोधि प्रतिमाएं और हाथ से तराशी गई मूर्तियां भी हैं, जो इसके विशाल लॉन के चारों ओर पंक्तिबद्ध हैं।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं के इस शैक्षिक भ्रमण पर आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल का कहना है कि संग्रहालय और शिक्षा को अलग करके नहीं देखा जा सकता, क्योंकि संग्रहालय से जो शिक्षा मिलती है, वह स्थायी होती है। सही मायने में संग्रहालय और शिक्षा एक सिक्के के दो पहलू हैं। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि छात्र-छात्राओं के लिए पुस्तकीय ज्ञान की ही तरह शैक्षिक भ्रमण का भी बहुत महत्व है क्योंकि शैक्षिक भ्रमण से हासिल जानकारी चिरस्थायी होती है। श्री अग्रवाल ने कहा कि भावी पीढ़ी को ब्रज की संस्कृति और इतिहास की जानकारी होनी जरूरी बहुत जरूरी है।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान का कहना है कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल प्रत्येक छात्र-छात्रा के सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास को प्रतिबद्ध है। छात्र-छात्राओं ने मथुरा के राजकीय संग्रहालय में जो कुछ भी देखा है, उससे उन्हें ब्रज की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जानकारी मिली है। प्रत्येक छात्र-छात्रा का यह नैतिक कर्तव्य है कि वह जहां भी रहते हैं, उसकी उन्हें पूरी जानकारी हो।

केएम में आयुष्मान के तहत हुआ दिमाग का सफल ऑपरेशन

मथुरा। केएम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में न्यूरो सर्जरी के द्वारा दिमाग का ऑपरेशन आयुष्मान के तहत निःशुल्क ऑपेरशन हुआ जिसकी जानकारी हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डा संदीप चौहान देते हुए बताया कि 25 जुलाई को 46 वर्षीय कालीचरन पुत्र छिद्दा निवासी तारसी गांव का एक्सीडेंट हो गया था जिसका उपचार मथुरा में चला, कोई फायदा न होने पर तीन दिन पूर्व मरीज को केएम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में बेहतर इलाज और आयुष्मान कार्ड धारकों का मुफ्त में इलाज होने की जानकारी होने पर कालीचरन के पुत्र ने उन्हें केएम हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जर डॉ संदीप चोहान के डिपार्टमेंटल मे भर्ती कराया। एक्सीडेंट होने के बाद मरीज के दिमाग का सीधा हिस्सा बिल्कुल काम नहीं कर रहा था, चिकित्सकीय जांच में पाया गया कि दिमाग में अंदरूनी चोट लगने के कारण, खून का तपफा जमा होने से दिमाग की नसे ब्लॉक हो चुकी थी। न्यूरो सर्जन विशेषज्ञ डॉ संदीप चौहान ने अपनी सर्जरीकल टीम के साथ मरीज के दिमाग में जमे खून के तपफे को बाहर निकाला, मरीज के शरीर का सीधा हिस्सा अब मूमेंट कर रहा है।

केएम विश्वविद्यालय के कुलाधिपति किशन चौधरी, गेम सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल की उपलब्धि बताते हुए चिकित्सकीय टीम को बधाई दी है। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन का किसी अन्य प्राइवेट हॉस्पिटल में 2से 3 लाख के खर्च में होता जो केएम हॉस्पिटल ने आयुष्मान कार्ड योजना के तहत निःशुल्क किया है। सर्जरीकल विभाग में डा. नवसंगीत, डा. भूपेन्द्र डा. आकाश तथा नर्सिंग स्टाफ में हरदेव, छत्रपाल शामिल रहे।

न्यूटन की गति के नियम आज भी प्रासंगिकः डॉ. भारद्वाज

न्यूटन की गति के नियमों से रूबरू हुए राजीव एकेडमी के विद्यार्थी

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में गुरुवार को बीएससी के छात्र-छात्राओं के लिए न्यूटन की गति के नियमों पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें रिसोर्स पर्सन डॉ. शिवराज भारद्वाज (प्रोफेसर भौतिक शास्त्र) ने बताया कि जो वस्तु विराम अवस्था में है वह स्थिर ही रहेगी और जो वस्तु एक समान गति में है वह तब तक एक समान गति में बनी रहती है जब तक उस पर कोई बाहरी बल नहीं लगाया जाता।
डॉ. भारद्वाज ने छात्र-छात्राओं को बताया कि वर्षों बाद आज भी भौतिक विज्ञानी न्यूटन की गति के नियमों को प्रासंगिक मानते हैं। तभी इन नियमों को आधार मानकर नए-नए प्रयोग हो रहे हैं तथा विद्यार्थियों को भी न्यूटन की गति के इन नियमों की जानकारी दी जाती है। परीक्षाओं में इन पर प्रश्न भी पूछे जाते हैं लेकिन ग्रेज्युएशन में इन नियमों को विस्तार से बताया जाता है ताकि विद्यार्थी इनको सिद्धान्त रूप में प्रयोग में लाते हुए उसकी व्यावहारिकता सिद्ध कर सकें। उन्होंने कहा कि गति या विश्राम की अवस्था को बिना बल लगाए नहीं बदला जा सकता। यदि कोई वस्तु किसी विशेष दिशा में आगे बढ़ रही है, तो वह उस दिशा में तब तक चलती रहेगी, जब तक उसे रोकने के लिए कोई बाहरी बल न लगाया जाए।
डॉ. भारद्वाज ने बताया कि न्यूटन की गति का पहला नियम कहता है कि यदि कोई पिंड आराम की स्थिति में है या एक सीधी रेखा में स्थिर गति से चल रहा है, तो वह आराम की स्थिति में ही रहेगा या सीधी रेखा में चलता रहेगा जब तक कि उस पर किसी बाहरी बल द्वारा कार्रवाई न की जाए। न्यूटन की गति का दूसरा नियम बताता है कि किसी पिंड के संवेग में परिवर्तन की दर उस पर लगाए गए बल के सीधे आनुपातिक होती है और संवेग कुल लगाए गए बल की दिशा में होता है। न्यूटन की गति के तीसरे नियम के अनुसार प्रत्येक क्रिया की हमेशा बराबर और विपरीत प्रतिक्रिया होती है।
रिसोर्स पर्सन ने बीएससी के विद्यार्थियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दिए तथा इन नियमों की व्याख्या करते हुए किसी वस्तु पर लगाए गए बल और उसके द्रव्यमान तथा उसके गतिमान होने के सम्बन्ध स्पष्ट किये। इतना ही नहीं उन्होंने कई उदाहरणों के माध्यम से भी छात्र-छात्राओं को न्यूटन के नियमों की जानकारी दी। कार्यशाला में विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विभागाध्यक्ष ने रिसोर्स पर्सन डॉ. शिवराज भारद्वाज का आभार माना।

जीएलए लाॅ संस्थान की उपलब्धियों में जुड़ा एक और मील का पत्थर

जीएलए लाॅ संस्थान में पांच वर्षीय बीबीए एलएलबी पाठ्यक्रम आरंभ

जीएलए लाॅ संस्थान में पांच वर्शीय बीबीए एलएलबी ऑनर्स को बीसीआई से मिली मान्यता

मथुरा : वर्ष 2018 से जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा इंस्टीट्यूट ऑफ़ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च संस्थान द्वारा आरंभ किए गए बीए एलएलबी ऑनर्स एवं बीकाॅम एलएलबी ऑनर्स के उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा संस्थान को वर्ष 2023 से बीबीए एलएलबी ऑनर्स पाठ्यक्रम की मान्यता के रूप में उपलब्धि हासिल हुई है।

विश्वविद्यालय के कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने बताया कि वर्तमान समय में उद्योग जगत में काॅर्पोरेट लाॅ, सिविल लाॅ, क्रिमिनल लाॅ, टैक्स लाॅ, टैक्सेशन लाॅ, इंटरनेषनल लाॅ सहित आदि क्षेत्रों में एलएलबी युवाओं के लिए उच्च वेतनमान पर विभिन्न अवसर उपलब्ध हैं तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं लाॅ को एक प्रोफेषन के तौर पर अपनाने हेतु अग्रसर हैं। इन्हीं परिस्थितियों को देखते हुए विश्वविद्यालय द्वारा बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया का अप्रूवल प्राप्त करके वर्ष 2018 में बीए एलएलबी ऑनर्स एवं बीकाॅम एलएलबी ऑनर्स पाठ्यक्रम आरंभ किया गया था। जिसके उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं सफलता के पश्चात् वर्ष 2023 से बार काउंसिल ऑफ़ इंडिया द्वारा संस्थान को पांच वर्षीय बीबीए एलएलबी ऑनर्स पाठ्यक्रम आरंभ करने की मान्यता मिली है।

जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा इंस्टीट्यूट ऑफ़ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च संस्थान के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने बताया कि वर्तमान में मेधावी छात्र-छात्राएं लाॅ के पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के बाद जहां एक ओर प्रतियोगी परीक्षाओं में अपनी सफलता परचम लहरा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर उद्योग जगत भी लाॅ प्रोफेशनल को हाथों-हाथ ले रहा है और उच्च वेतनमान पर नियुक्ति प्रदान कर रहा है। प्रो. धमीजा ने बताया कि वर्तमान परिदृष्य में पांच वर्षीय लाॅ स्नातक पाठ्यक्रम के बाद छात्र-छात्राओं को न्यायायिक सेवा, काॅरपोरेट लाॅयर, लीगल एडवाइजर, लाॅ रिपोर्टर, लीगल असिस्टेंट, साइबर लाॅ एक्सपर्ट इत्यादि के रूप में अनेक अवसर उपलब्ध हो रहे हैं। जीएलए विश्वविद्यालय द्वारा इन सभी अवसरों को ध्यान में रखते हुए समय-समय पर अपने पाठ्यक्रम में नए विषयों का समावेश करता रहता है। संस्थान द्वारा उच्च स्तरीय शिक्षा के साथ-साथ मूट कोर्ट प्रैक्टिश सेषंस, वर्कशॉप, गेस्ट लेक्चर, कॉन्फ्रेंस, सेमिनार के माध्यम से भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। विश्वविद्यालय द्वारा सभी छात्र-छात्राअेां को प्रतिष्ठित संस्थानों में इन्टर्नशिप भी करवायी जा रही है, जिसका परिणाम है छात्र-छात्राओं के उच्च प्लेसमेंट के रूप में परिलक्षित हो रहा है। संस्थान के छात्र शिक्षा प्राप्त करने के पश्चात् वर्तमान में इंफोसिस, एचडीएफसी एरगो, कोफोरेज, वाइस वेज कंसल्टिंग, साइबर पीस आदि कंपनियों में उच्च वेतनमान पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

प्रो. धमीजा ने बताया कि पांच वर्षीय बीबीए एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश आमंत्रित किए जा रहे हैं तथा इस पाठ्यक्रम में प्रबंधन तथा विधि की नवीनतम विधाओं एवं विषयों का समावेश करके विषय-विशेषज्ञों के समूह द्वारा उच्च स्तरीय पाठ्यक्रम विकसित किया गया है, जो समस्त छात्र-छात्राअेां को एक पेशेवर के तौर पर विधि के क्षेत्र में अपनी पहचान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठित संगठनों से किए गए एमओयू छात्र-छात्राओं को अंतर्राष्ट्रीय स्तर का अनुभव प्रदान करेंगे तथा छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष इंटर्नशिप के माध्यम से अपने पांच वर्षों के अध्ययनकाल में ही एक पेशेवर के तौर पर समस्त स्किल्स प्राप्त करके अपनी इच्छा के क्षेत्र में उचित रोजगार प्राप्त कर सकेंगे।

वर्तमान में संस्थान द्वारा बीबीए एलएलबी ऑनर्स, बीकाॅम एलएलबी ऑनर्स तथा बीए एलएलबी ऑनर्स के साथ-साथ एलएलएम इन साइबर लाॅज एंड डेटा प्राइवेसी तथा बैकिंग फाइनेंस एंड इंश्योरेंस लाॅज में ऑनलाइन प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश दिए जा रहे हैं तथा बाहरी छात्र-छात्राओं की सुविधा के लिए देश के विभिन्न शहरों में भी एडमिशन ऑफिस खोले गए हैं, जिनकी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल, सीएफओ विवेक अग्रवाल, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह आदि ने वर्तमान छात्र-छात्राओं को बेहतर प्रदर्शन हेतु अपनी शुभकामनायें देते हुए कहा कि अच्छे शिक्षकों तथा अच्छी शिक्षा प्रणाली के माध्यम से विश्वविद्यालय लगातार श्रेष्ठ प्रदर्शन दे रहा है, जिसके परिणाम स्वरूप नेशनल असेंसमेंट एंड एक्रीडिटेशन काउंसिल (नैक) द्वारा विश्वविद्यालय को 3.46 के उच्च अंकों के साथ ‘ए प्लस‘ एक्रीडिटेशन भी प्राप्त हुआ है, जिससे उद्योग जगत का विश्वविद्यालय की शिक्षा प्रणाली विश्वास और भी गहरा हुआ है।

सफलता के लिए समय पर सही लक्ष्य निर्धारण जरूरीः मोहंती

राजीव इंटरनेशनल स्कूल में हुई करिअर कॉउंसलिंग पर कार्यशाला

मथुरा। हर इंसान अपने जीवन में सफल होना चाहता है लेकिन सफलता सभी को नहीं मिलती। जीवन में यदि हमें सफलता हासिल करनी है तो सबसे जरूरी है, समय से लक्ष्य का निर्धारण कर, उसे हासिल करने के ईमानदार प्रयास किए जाएं। असफलता यही सिद्ध करती है कि हमने सफलता के लिए सही मन से प्रयास नहीं किए। यह बातें बुधवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल द्वारा आयोजित करिअर कॉउंसलिंग कार्यशाला में ऋषिहुड यूनिवर्सिटी, सोनीपत (हरियाणा) के जनरल मैनेजर सैलजा प्रसाद मोहंती ने सीनियर सेकेण्ड्री के छात्र-छात्राओं को बताईं।
श्री मोहंती ने कहा कि आज के समय में किसी भी क्षेत्र में रोजगार की कमी नहीं है। कमी है तो खुद को उसके अनुसार तैयार नहीं करने की। अगर हम अपनी रुचि को पहचान कर आगे बढ़ें तो सफलता निश्चित तौर पर मिलेगी। करिअर कॉउंसलिंग में बेनेट विश्वविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर देवव्रत बराल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि भविष्य में उन्हें क्या बनना है, इसका निर्णय स्वयं लेना होगा। उन्होंने कहा कि लक्ष्य कितना भी बड़ा हो यदि हम सकारात्मक सोच के साथ पूरी तन्मयता से मेहनत करें तो सफलता सुनिश्चित है। श्री बराल ने छात्र-छात्राओं से अपनी पसंद का जीवन जीने के लिए सही करिअर चयन की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राएं न्याय के क्षेत्र में भी करिअर बनाने का फैसला ले सकते हैं।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि करिअर किसी भी व्यक्ति के जीवन का महत्वपूर्ण पहलू है। आज के समय में प्रत्येक विद्यार्थी अपने स्वर्णिम करिअर को लेकर फिक्रमंद रहता है लेकिन सफलता उसे ही मिलती है जोकि पूरी ईमानदारी के साथ अपने लक्ष्य प्राप्ति की कोशिश करता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि पढ़ाई हो या फिर करिअर का चुनाव, युवा पीढ़ी को यह ध्यान में रखना होगा कि आज का दौर प्रतिस्पर्धा का है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने राजीव इंटरनेशनल स्कूल द्वारा आयोजित करिअर कॉउंसलिंग कार्यशाला की सराहना करते हुए कहा कि आज के समय में बेहतर करिअर के असीमित विकल्प हैं, छात्र-छात्राएं धैर्य, विवेक, समझ और निष्पक्ष निर्णय के बल पर किसी भी क्षेत्र में आसानी से सफलता हासिल कर सकते हैं। कार्यशाला के अंत में विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने अतिथि वक्ताओं को स्मृति चिह्न भेंटकर छात्र-छात्राओं का मार्गदर्शन करने के लिए उनका आभार माना।

राष्ट्र के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है वित्तीय समावेशन

राजीव एकेडमी में फाइनेंशियल इनक्लूजन पर हुई कार्यशाला

मथुरा। किसी भी देश के आर्थिक विकास का मुख्य आधार उस देश का बुनियादी ढांचा होता है। यदि बुनियादी ढांचा ही कमज़ोर हो तो कितना भी प्रयास किया जाए व्यवस्था को आर्थिक मजबूती नहीं दी जा सकती। वस्तुतः यही कारण है कि ‘वित्तीय समावेशन’ के तहत यह सुनिश्चिथत किया जाता है कि अंतिम छोर पर खड़े व्यवक्तिा को भी आर्थिक विकास के लाभों से जोड़ा जा सके और कोई भी व्यक्ति आर्थिक सुधारों से वंचित न रहे। यह बातें मंगलवार को राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के बीबीए विभाग द्वारा वित्तीय समावेशन (फाइनेंशियल इनक्लूजन) पर आयोजित कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन मयंक चतुर्वेदी ने छात्र-छात्राओं को बताईं।
कार्यशाला में हारमनी रियल एस्टेट गुरुग्राम के वित्तीय प्रबंधक मयंक चतुर्वेदी ने कहा कि देश के आर्थिक विकास को गति प्रदान करने में वित्तीय समावेशन बहुत महत्वपूर्ण है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को वित्तीय समावेशन की परिभाषा, अर्थ और महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वित्तीय समावेशन किसी भी समाज या राष्ट्र के आर्थिक विकास की महत्वपूर्ण कड़ी है। इससे देश की आर्थिक गरीबी को कम करने में मदद मिलती है। श्री चतुर्वेदी ने कहा कि वित्तीय समावेशन के माध्यम से पिछड़ों एवं कम आय वर्ग लोगों को वित्तीय सेवाएं प्रदान की जाती हैं।
विद्यार्थियों के प्रश्नों के उत्तर में उन्होंने कहा कि देश के जिन लोगों तक अभी तक बैंकिंग सेवाएं नहीं पहुंचीं हैं, उन्हें त्वरित गति से बैंकिंग सेवाओं से जोड़ना, उन्हें छोटी-छोटी बचत कर अपने खाते में धन संग्रह करने की आदत डालना ही वित्तीय समावेशन की सच्ची राष्ट्र सेवा है। वित्तीय समावेशन के सभी स्तम्भों पर चर्चा करते हुए उन्होंने राष्ट्र के लोगों के लिए वित्तीय साक्षरता तथा टेक्नोस्पायर को महत्वपूर्ण और आवश्यक स्तम्भ बताया।
श्री चतुर्वेदी ने कहा कि आज के आई.टी. युग में भी हमारे गांवों में अनेकों लोग बैंक में वित्तीय लेन-देन ठीक से नहीं कर पाते। वित्तीय समावेशन में ऐसे लोगों को बैंकिंग सेवाओं की विस्तार से जानकारी दी जाती है। लोगों को धन बचाने, भुगतान करने, धन ट्रांसफर करने, बैंकिंग जोखिमों को कवर करने तथा आर्थिक विकास और विस्तार के लिए उधार लेने की सुविधा से अवगत कराया जाता है। वित्तीय समावेशन के तहत देश के प्रत्येक नागरिक को अर्थव्यरवस्थाा की मुख्ययधारा में शामिल करने का प्रयास किया जाता है। ऐसा इसलिये किया जाता है ताकि गरीब आदमी को बचत करने के साथ-साथ विभिन्ना वित्तीय उत्पाेदों में सुरक्षित निवेश करने के लिये प्रोत्सातहित किया जा सके। अंत में संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने रिसोर्स पर्सन मयंक चतुर्वेदी का आभार माना।

विद्यालय में आयोजित हुई बैंकिंग वर्कशाप

वृंदावन। हनुमान प्रसाद धानुका सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में बैकिंग विषय की एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें कक्षा ग्यारहवीं व बारहवीं की कॉमर्स संकाय की 172 छात्राओं ने सहभागिता की। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्राओं में बैंकिंग जागरूकता को बढ़ाना व कार्यक्षेत्र हेतु उपयोग करना है। जिसमें मुख्य अतिथि आरती गुप्ता, ब्रांच मैनेजर, केनरा बैंक द्वारा छात्राओं को बैंक सम्बन्धी कार्यविधि एवं RBI द्वारा सुरक्षित बैंकिंग कार्यप्रणाली की जानकारी दी गई, साथ ही हस्तान्तरण एवं Digital Banking, KYC Documents के बारे में बताया गया। विद्यालय की छात्राओं द्वारा बैकिंग प्रणाली सम्बन्धी प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं को शांत किया।

कार्यक्रम का आयोजन विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ अंजू सूद, आचार्य गिरीश साहू केशव पाण्डेय, रविकान्त शर्मा एवं आचार्या मीनू उपाध्याय द्वारा किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय प्रबन्ध समिति से पद्मनाभ गोस्वामी, बाँकेबिहारी शर्मा विश्वनाथ गुप्ता, रेखा माहेश्वरी, उमेश चंद्र शर्मा, मयंक मृणाल, महेश अग्रवाल आदि ने कार्यक्रम की सफलता पर हार्दिक शुभकामना दी।