Saturday, January 17, 2026
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छात्र-छात्राएं समय प्रबंधन से दूर करें मानसिक तनावः डॉ. गौरव सिंह

आरआईएस में हुई तनावमुक्त विद्यार्थी जीवन विषय पर वर्कशॉप

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को तनावमुक्त विद्यार्थी जीवन विषय पर एक वर्कशॉप का आयोजन किया गया जिसमें मुख्य वक्ता के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के जाने-माने मनोचिकित्सक डॉ. गौरव सिंह ने छात्र-छात्राओं को तनावमुक्त जीवन जीने के तरीके बताए तथा उन्हें सफलता के लिए प्रेरित किया।
डॉ. गौरव सिंह ने छात्र-छात्राओं से कहा कि परीक्षा के समय तनावपूर्ण स्थिति से गुजरना सामान्य सी बात है लेकिन बेहतर होगा कि तनाव को बहुत न बढ़ने दिया जाए। उन्होंने कहा कि तनाव की थोड़ी स्थिति तो अच्छी होती है जिससे आप बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित हो सकते हैं लेकिन अत्यधिक तनाव आपकी क्षमता को क्षीण कर सकता है। तनाव प्रबंधन का पहला चरण तनाव के मूल कारण का पता लगाना है क्योंकि तनाव प्रबंधन के तरीके तब तक प्रभावी नहीं होंगे जब तक उनका मूल कारण संज्ञान में नहीं आएगा।


डॉ. गौरव सिंह ने छात्र-छात्राओं को सलाह दी कि ऐसी स्थिति में सबसे पहले अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें तथा समय प्रबंधन पर को अमल में जरूर लाएं। सफलता और मेहनत का शॉर्टकट नहीं होता लेकिन समय प्रबंधन के साथ निरंतर प्रयास से आप अपना लक्ष्य जरूर प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. सिंह ने छात्र-छात्राओं द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब भी दिए। इससे पहले विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने आगंतुक महानुभाव का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिह्न भेंटकर स्वागत किया।


आर.के. एजूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल अपने संदेश में कहा कि मेडिटेशन से शांत दिमाग का निर्माण होता है तथा इससे उलझे विचारों को आसानी से सुलझाया जा सकता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल इस तरह की कार्यशालाओं के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण शारीरिक और मानसिक विकास को प्रतिबद्ध है।
स्कूल के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि परीक्षा हो या कोई अन्य कठिन लक्ष्य यदि हम सकारात्मक सोच रखेंगे तो सफलता अवश्य मिलेगी। श्री अग्रवाल ने कहा कि पर्याप्त नींद लेना और सकारात्मक सोच रखना लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने में छात्र-छात्राओं की सहायता कर सकता है।

के.डी. डेंटल कॉलेज में हुई एंटी रैगिंग पर कार्यशाला

प्रो. कटारिया ने छात्र-छात्राओं को रैगिंग के दुष्परिणामों की दी जानकारी

मथुरा। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में शुक्रवार को एंटी रैगिंग पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में वक्ताओं ने कहा कि रैगिंग हमारे देश की शिक्षा प्रणाली में एक परेशान करने वाली सच्चाई है। रैगिंग से छात्र-छात्राओं को कैसे बचाया जाए इस पर शैक्षिक संस्थानों के जवाबदेह पदाधिकारियों को गम्भीर प्रयास करने चाहिए क्योंकि पिछले कुछ वर्षों में इससे सैकड़ों विद्यार्थियों का करिअर बर्बाद हो चुका है। कार्यशाला का शुभारम्भ मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) एस.के. कटारिया विभागाध्यक्ष डेंटल सर्जरी, एस.एन. मेडिकल कॉलेज आगरा ने विद्या की आराध्य देवी सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर किया।
प्रो. (डॉ.) कटारिया ने सभागार में उपस्थित सभी यूजी व पीजी छात्र-छात्राओं को बताया कि रैगिंग का अर्थ किसी भी ऐसे कार्य को करना है जो किसी छात्र को शारीरिक, मानसिक तथा शर्मिंदगी से आहत करने का कारण बनता है। इतना ही नहीं किसी छात्र-छात्रा को छेड़ना, गाली देना या व्यावहारिक मजाक करना, चोट पहुंचाना आदि भी रैगिंग की श्रेणी में आता है। डॉ. कटारिया ने कहा कि रैगिंग अन्य अपराधों से भिन्न है क्योंकि इसका उद्देश्य केवल विकृत सुख प्राप्त करना है।

मुख्य वक्ता प्रो. (डॉ.) एस.के. कटारिया के साथ उपस्थित संस्थान के प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं


डॉ. कटारिया ने कहा कि यदि किसी भी विद्यार्थी के साथ रैगिंग होती है तो उसे तुरंत कॉलेज की एंटी रैगिंग समिति को बताना चाहिए तथा रैगिंग समिति का भी यह कर्तव्य है कि वह शिकायत करने वाले छात्र या छात्रा की पहचान सुरक्षित और गुप्त रखे। डॉ. कटारिया की जहां तक बात है यह रैगिंग यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन में इंटर काउंसिल कमेटी के सदस्य हैं और एंटी रैगिंग उपायों की निगरानी के लिए एमएचआरडी भारत सरकार के डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया का प्रतिनिधित्व करते हैं। डॉ. कटारिया डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य भी हैं। वह आईडीए यूपी स्टेट और एसोसिएशन ऑफ ओरल एंड मैक्सिलो-फेशियल सर्जन ऑफ इंडिया यूपी स्टेट के अध्यक्ष रह चुके हैं। वह इंटरनेशनल कॉलेज ऑफ डेंटिस्ट, एकेडमी ऑफ डेंटिस्ट्री इंटरनेशनल, पेरी फौचर्ड एकेडमी के फेलो और नेशनल एकेडमी ऑफ मेडिकल साइंसेज, इंडियन नेशनल साइंस कांग्रेस और इंडियन सोसाइटी ऑफ डेंटल रिसर्च के सदस्य हैं। प्रो. (डॉ.) कटारिया ने कहा कि यदि सभी स्कूल-कॉलेजों में छात्र-छात्राओं को परिवार सा माहौल मिले तो रैगिंग पर आसानी से निजात पाई जा सकती है।
प्राचार्य और डीन डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल पूरी तरह से रैगिंग मुक्त संस्थान है। हमारे कॉलेज का एंटी रैगिंग सेल रैगिंग की रोकथाम और निषेध के साथ ही सभी छात्र-छात्राओं के स्वस्थ मानसिक विकास के लिए एक अच्छा माहौल प्रदान कर रहा है। इसका वही उद्देश्य है जो रैगिंग को खत्म करने के लिए एआईसीटीई का है। एंटी रैगिंग सेल का आदर्श वाक्य है ‘टुगेदर, वी फील एट होम’। डॉ. लाहौरी ने कहा कि के.डी. डेंटल कॉलेज में सभी प्रवेशित छात्र-छात्राओं और उनके माता-पिता के लिए रैगिंग विरोधी हलफनामा भरना अनिवार्य है। यहां रैगिंग निरोधी प्रकोष्ठ है।
डॉ. लाहौरी ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य रैगिंग मुक्त परिसर बनाना है ताकि छात्र-छात्राएं पाठ्यचर्या और पाठ्येत्तर गतिविधियां दोनों में छात्रों के विकास के लिए बिना किसी बाधा के एक साथ आ सकें और अपने शैक्षिक अनुभवों को विकसित कर सकें। कार्यशाला में डॉ. उमेश चंद्र, डॉ. अजय नागपाल, डॉ. हस्ती, डॉ. नवप्रीत, डॉ. शैलेंद्र चौहान, डॉ. विनय मोहन, डॉ. सोनल, प्रशासनिक अधिकारी नीरज छापड़िया सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में प्राचार्य डॉ. लाहौरी ने प्रो. (डॉ.) एस.के. कटारिया को स्मृति चिह्न भेंटकर उनका आभार माना।

रक्तदान शिविर में युवाओं ने किया 101 यूनिट रक्तदान

संस्कृति विश्वविद्यालय में 4 मार्च को रक्दान शिविर का आयोजन किया गया। जिसका शुभारम्भ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम. बी. चेट्टी ने फीता काट कर किया। साथ में विवि के डायरेक्टर जनरल डॉ. जे.पी. शर्मा, डॉ. के. के. पारासर, डॉ. रेनू गुप्ता, डॉ. मोहनन, डॉ. डी.के. शर्मा, रतिस शर्मा, अरुन त्यागी, उपस्थित थे।
रक्तदान को रामकृष्ण सेवाश्रम रक्त कोष द्वारा एकत्रित किया गया। इस रक्तदान शिविर का आयोजन 04 मार्च, मंगलावर को हिन्दू नव वर्ष विक्रम संवत 2080 के उपलक्ष्य में किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया । इस रक्त दान शिविर में विवि के सहायक आचार्य, सह आचार्य, आचार्य, स्टाफ सदस्य एवं विद्यार्थियों ने 101 यूनिट रक्तदन किया। भारत में प्रति वर्ष 15 मिलियन यूनिट रक्त की आवश्यकता होती है। एक स्वस्थ व्यक्ति में 4 -6 लीटर रक्त विद्यमान होता है । प्रति वर्ष 75 मिलियन व्यक्ति रक्त की कमी के कारण मृत्यु हो जाती है। जिसमे 4.5 मिलियन जीवन को रक्तदान के द्वारा बचाया जाता है। एक स्वस्थ व्यक्ति जिसकी उम्र 16 -18 वर्ष जिसका वजन 45 किलो से ज्यादा और उसका हीमोग्लोबिन पुरुष 12 एवं महिला का 12.5 जीएम/डीएल हो तो वह रक्तदान कर सकता है एवं अपनी एवं दूसरों के जीवन को बचा सकता है।

के.डी. मेडिकल कॉलेज के मेधावी एमबीबीएस छात्र-छात्राएं सम्मानित

रजत कुमार सिंह और रंजना चौधरी ने जीते सबसे अधिक मेडल

मथुरा। गुरुवार को एक गरिमामय समारोह में के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के सभागार में प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार, डॉ. श्याम बिहारी शर्मा, डॉ. वी.पी. पांडेय, डॉ. मंजू पांडेय, डॉ. गगन दीप कौर, डॉ. अमित जैन, डॉ. प्रणीता सिंह आदि के करकमलों से 2017 के लगभग 50 मेधावी एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को मेडल तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस समारोह में रजत कुमार सिंह और रंजना चौधरी ने सबसे अधिक मेडल जीतकर अपनी मेधा का परिचय दिया। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने सम्मानित मेधावी छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


सम्मान समारोह में प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने अपने सम्बोधन में छात्र-छात्राओं से कहा कि आप लोग अब चिकित्सक बन चुके हैं। चिकित्सा का क्षेत्र समाज की सेवा के लिए जाना जाता है। हम उम्मीद करते हैं कि आप लोग अपने माता-पिता, परिवार और समाज की न केवल सेवा करेंगे बल्कि एक अच्छे चिकित्सक के रूप में ख्याति अर्जित करेंगे। उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने मेधावियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं को सही दिशा मिले तो वे कोई भी लक्ष्य हासिल कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आप अच्छे चिकित्सक बनें तथा पैसे के पीछे न भागें। यदि आप मरीजों और समाज के प्रति अपने उत्तरदायित्वों का अच्छे तरीके से पालन करते हैं तो आपको धन-वैभव सबकुछ हासिल होगा।
विशेषज्ञ शल्य चिकित्सक डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे अनुशासित जीवन जिएं। जीवन में प्रतिस्पर्धा का कभी अंत नहीं होता। जो टॉपर आए हैं उन्हें चिकित्सा के क्षेत्र में भी एक विशेष मुकाम हासिल करना चाहिए। डॉ. शर्मा ने कहा कि एमबीबीएस करने के बाद परिवार, समाज और राष्ट्र के प्रति आपकी जवाबदेही बढ़ चुकी है। उम्मीद है कि आप लोग सेवाभाव को ही अपना मूलमंत्र मानेंगे।
संस्थान प्रमुखों के सम्बोधन के बाद करतल ध्वनि के बीच मेधावियों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले छात्र-छात्राओं में रजत कुमार सिंह, संजना चौधरी, रितु जैन, मनप्रीत कौर, ध्रुव कुमार जैन, सृष्टि गुलाटी, सोहा रानावत, सवरीन अंजुम, अमन गुलेरी, रिपनदीप कौर, साक्षी गौर, मल्लीपति कनका महालक्ष्मी रेशमा, श्रुति भारद्वाज, आकांक्षा गुप्ता, चेतांशा गुप्ता, निकिता शर्मा, मेहुल पटेल, चिराग बजाज, अभिनव जौहरी, माधवी त्रिपाठी, शाम्भवी टंडन, पूजा यादव, शिवानी, प्रीति, आस्था, अभिषेक पांडेय, शुभ्रज्योति गुहा, संजीत सिंह, एकता आर्य, मनप्रीत कौर, बिधुभूषण राउल, शशांक सिंह, दीक्षा गोयल, शिमोना असलम, गौरव दीक्षित, अरुषि श्रीवास्तव, नेहा चौधरी, अदिति चौबे, प्रियंका, देवल ठाकुर, रिशिका बजाज, अभिलक्ष बलोदा, चारु अग्रवाल, प्रत्यक्ष कौशिक, मुदित गुप्ता, नंदिनी सिंह, ममता गंगवार, पूजा रावत, अरुण सारस्वत शामिल हैं। लगन और परिश्रम को मिले सम्मान के बाद छात्र-छात्राओं ने प्राध्यापकों की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह मेडल और सम्मान उन्हें आगे बढ़ने में प्रोत्साहन का कार्य करेगा।

जिला ओलंपिक एसो के पहले संरक्षक बने किशन चतुर्वेदी

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मथुरा। जिला ओलंपिक एसोसिएशन मथुरा की एक आवश्यक बैठक अमरनाथ विद्या आश्रम पर आहूत की गई । बैठक में जनपद में शीघ्र ही जूनियर ,सीनियर एवं ओपन वर्ग की प्रतियोगिताएं आयोजित करने की घोषणा की गई।
इस अवसर पर डॉक्टर अनिल वाजपाई ने कहा कि जनपद मैं सभी खेल संघों, स्कूल, कालेजों से संपर्क कर सहयोग लिया जाएगा।
शीघ्र ही टूर्नामेंट कमेटी का व संघ का विस्तार भी किया जाएगा।
बैठक में दिनेश चतुर्वेदी ने इसी क्रम में संरक्षक मंडल का भी प्रस्ताव रखा। सचिव महेंद्र राजपूत ने किशन चतुर्वेदी पूर्व अमर उजाला चीफ ब्यूरो का नाम सुझाया, जिसपर सबने एक स्वर से सहमति जताते हुए जिला ओलिंपिक एसोसिएशन मथुरा के पहले संरक्षक के रूप में किशन चतुर्वेदी को मनोनीत किया। बैठक में दलवीर, जय सिंह, असलम, नरेंद्र सिंह, सुनील श्रीवास्तव, प्रशांत, प्रदीप, पदम सिंह, शैलेश मिश्रा , ममता, योगेश शर्मा, चंद्र प्रकाश , नितिन , सुयश, शुभम वाजपाई मौजूद रहे। अंत में सचिव महेद्र राजपूत ने सभी अतिथियों एवम बैठक मैं पधारे सदस्यों का आभार प्रकट किया।

सह रिसीवर सहित चार लोगों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज

राधारानी मंदिर पर गुल्लक खोलने को लेकर हुआ था बवाल

बरसाना: राधारानी मंदिर पर गुल्लक तोड़ने के आरोप में सिविल जज जूनियर डिवीजन के आदेश पर सह रिसीवर सहित चार लोगों के खिलाफ पुलिस ने चोरी का मुकदमा दर्ज किया। वहीं मुकदमा दर्ज होने के बाद सह रिसीवर ने खुद को राजनीति का शिकार बताया।

20 मार्च कि रात्रि राधारानी मंदिर में गुल्लक खोलने को लेकर मंदिर सेवायत भगवान दास गोस्वामी व सह रिसीवर रासबिहारी गोस्वामी के मध्य विवाद हो गया था। विवाद की सूचना पर बरसाना पुलिस भी मंदिर पहुच गई। वहीं रात्रि में मंदिर पर हुए बवाल को लेकर कस्बे के रहने वाले रसिक मोहन गोस्वामी ने सिविल जज जूनियर डिवीजन के यहां सह रिसीवर रासबिहारी गोस्वामी, श्रीदामा गोस्वामी, ध्रुवेश गोस्वामी व पवन भट्ट निवासी बरसाना के खिलाफ गुल्लक तोड़ने व रुपये चोरी करने का प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर कोर्ट ने बरसाना पुलिस के लिए उक्त प्रकरण में विधिक कार्रवाई करने के आदेश दिए। जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर बरसाना पुलिस ने मंगलवार को सह रिसीवर रासबिहारी गोस्वामी, श्रीदामा गोस्वामी, ध्रुवेश गोस्वामी व पवन भट्ट निवासी बरसाना के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। सह रिसीवर रासबिहारी गोस्वामी ने बताया कि एडीजे तृतीय के आदेश पर उन्हें लाडली जी मंदिर का कार्यवाहक रिसीवर नियुक्त किया गया। मंदिर पर तैनात कर्मचारियों की सैलरी देने के लिए गुल्लक खोलने गया। गुल्लकों में से बरामद रुपयों में हिस्सा न मिलने पर वर्तमान मंदिर सेवायत व उनके समर्थकों ने बवाल कर दिया। कोर्ट को गुमराह करके इन लोगों ने झूठा मुकदमा दर्ज कराया है। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रमोद पंवार ने बताया कि सिविल जज जूनियर डिवीजन के आदेश पर सह रिसीवर सहित चार लोगों के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं उक्त प्रकरण में वर्तमान सेवायत सहित रात्रि में मंदिर परिसर मौजूद लोगों की भूमिका को लेकर भी जांच चल रही है।

के.डी. हॉस्पिटल में छह माह के बच्चे की जन्मजात विकृति दूर

शिशु शल्य चिकित्सक श्याम बिहारी शर्मा ने किया ऑपरेशन

मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ शिशु शल्य डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने ऑपरेशन के माध्यम से चिड़ीमार टीला, कच्ची बस्ती निवासी प्रदीप के छह माह के बच्चे की जन्मजात विकृति को दूर करने में सफलता हासिल की है। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है तथा उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है।
ज्ञातव्य है कि चिड़ीमार टीला, कच्ची बस्ती निवासी प्रदीप के छह माह के बच्चे के जन्मजात मलद्वार नहीं था। मलद्वार नहीं होने से बच्चा दूध पीने के बाद उल्टी कर देता था। बच्चे की परेशानी को देखते हुए एक दिन प्रदीप उसे लेकर के.डी. हॉस्पिटल आए और विशेषज्ञ शिशु शल्य डॉ. श्याम बिहारी शर्मा से मिले। डॉ. शर्मा ने बच्चे की कुछ आवश्यक जांचें कराईं जिनसे पता चला कि इस बच्चे के बड़ी आंत जन्म से ही नहीं है तथा यह मल त्याग पेट पर बनाए रास्ते से कर रहा था। इतना ही नहीं बच्चे की पेशाब की थैली में भी खराबी थी।
बच्चे की सभी आवश्यक जांचों का अवलोकन करने के बाद डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने ऑपरेशन की सलाह दी। प्रदीप की स्वीकृति के बाद 28 मार्च को डॉ. शर्मा द्वारा बच्चे का ऑपरेशन किया गया। बच्चे के थोड़ी सी जो बड़ी आंत बची थी तथा वह यूरिनरी ब्लेडर (पेशाब की थैली) से जुड़ी हुई थी तथा पेशाब भी गुर्दे में ऊपर विपरीत दिशा में जा रहा था, इन सभी विकृतियों को सर्जरी के माध्यम से दूर किया गया। इस ऑपरेशन में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का सहयोग डॉ. रीतेश, डॉ. समर्थ तथा निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. दिव्या व डॉ. दीपक ने किया।
डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का कहना है कि मेडिकल भाषा में इसे कन्जनाइटल पाउच कोलन विद कोलो वेसीकल फिस्टुला विथ वेसिको यूरेटरल रिफ्लक्स कहते हैं तथा ऑपरेशन कोलोप्लास्टी एवं पुल थ्रू कहलाता है। डॉ. शर्मा बताते हैं कि बच्चे का मलद्वार यथास्थान बना दिया गया है। अब बच्चा पूरी तरह स्वस्थ है तथा मां का दूध पी रहा है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका तथा मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. राजेन्द्र कुमार ने बच्चे की सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी है।

फेयरवेल पार्टी में जमकर झूमे के.डी. मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं

चेहरे पर खुशी तो आंखों में दिखा वि‍दाई का गम

मथुरा। सोमवार की शाम के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की फेयरवेल पार्टी के नाम रही। फेयरवेल पार्टी में जूनियर्स छात्र-छात्राओं ने 2017 के अपने सीनियर्स को विदाई दी। लगभग साढ़े 10 बजे तक चली इस फेयरवेल पार्टी में जहां छात्र-छात्राओं ने मनमोहक कार्यक्रमों के माध्यम से सभी का मनोरंजन किया वहीं सीनियर्स ने अपने अनुभव साझा करते हुए चिकित्सा के क्षेत्र में अपने सेवाभाव का संकल्प दोहराया।
फेयरवेल पार्टी के दौरान रैम्प पर कैटवॉक, डांस, स्पीच और अपनी अदाओं के जादू से छात्र-छात्राओं ने सभी का खूब मनोरंजन किया। कार्यक्रम के दौरान कई छात्र-छात्राओं ने अपनी पसंद के गीतों पर जमकर डांस किया। कैटवॉक का कार्यक्रम शुरू होते ही पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कैटवॉक में छात्राओं ने एक-एक कर अपना जलवा बिखेरा। इस दौरान कई छात्र-छात्राओं ने मंच से अपने उन अनुभवों को भी साझा किया जो पढ़ने के दौरान उन्होंने संस्थान से ग्रहण किए। फेयरवेल पार्टी में जहां मस्ती और धमाल रहा वहीं विदाई के समय कुछ छात्र-छात्राओं की आंखें भी नम देखी गईं। सीनियर्स छात्र-छात्राओं ने उनकी विदाई को यादगार बनाने के लिए अनन्या भदौरिया, भाविन त्रिवेदी, प्राची खण्डेलवाल, नितिन दीक्षित, प्रियांशी गहलोत, पूर्णिमा प्रशांत आदि की मुक्तकंठ से सराहना की। अंत में निर्णायकों द्वारा डॉ. अभिषेक पांडेय को मिस्टर फेयरवेल तथा डॉ. भावना को मिस फेयरवेल घोषित किया गया।


आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने 2017 बैच के छात्र-छात्राओं से अपने संदेश में कहा कि चिकित्सा शिक्षा ग्रहण कर जब छात्र-छात्राएं चिकित्सक हो जाते हैं तो समाज के प्रति उनका उत्तरदायित्व और बढ़ जाता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि केवल धनार्जन के लिए चिकित्सा न की जाए बल्कि सदैव गरीबों व असहायों की सेवा का भी ध्यान रखा जाना जरूरी है, यही सच्ची मानवता भी है।
फेयरवेल पार्टी में के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने अपने संदेश में कहा कि छात्र-छात्राओं ने शिक्षण के दौरान जो कुछ भी सीखा है, उस पर ईमानदारी से अमल करेंगे ऐसा उन्हें विश्वास है। डॉ. अशोका ने कहा कि चिकित्सा का क्षेत्र सेवाभाव का पर्याय है, समाज को आप जैसे होनहार चिकित्सकों से बहुत अपेक्षाएं हैं, उम्मीद है कि आप लोग अपनी कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव से समाज में एक नजीर स्थापित करेंगे। संस्थान के प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल तथा जीएम अरुण अग्रवाल ने 2017 बैच के छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

जीएलए बीएड के विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित स्कूलों में चयन

-जीएलए के बीएड में बेहतर शिक्षा के साथ मिल रहा प्रतिष्ठित स्कूलों में रोजगार का अवसर

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा अपने विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा के साथ रोजगार उपलब्ध कराने के लिए अग्रणी है। इसी दिशा में विश्वविद्यालय ने शिक्षा संकाय (बीएड) द्वितीय वर्ष में अध्ययनरत 50 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थियों को सीबीएसई से संबंद्ध प्रतिष्ठित स्कूलों में रोजगार मुहैया कराया है।

बीते दिनों सीबीएसई से संबंद्ध कान्हा माखन गु्रप, ज्ञान दीप शिक्षा भारती एवं दौसा राजस्थान का बांदीकुई पब्लिक स्कूल के पदाधिकारियों ने जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा का विजिट किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा संकाय की प्राचार्या डाॅ. कविता वर्मा से मुलाकात की। इस दौरान स्कूल के पदाधिकारियों ने कैंपस प्लेसमेंट आयोजित किया। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान कन्हा माखन ग्रुप ऑफ़ स्कूल के शिक्षा विशेषज्ञ प्रमोद शर्मा, विवेक कुमार सिंह, कीर्ति शर्मा, निशू मिश्रा, प्रियेन्द्र कुमार एवं ज्ञान दीप शिक्षा भारती से सन्दीप कुलश्रेठ, आकाश भाटिया, संगीता चैहान, डाॅ. पंकज कुमारी और बान्दीकुई पब्लिक स्कूल दौसा, राजस्थान से टी सार्थ कुमार रेड्डी व चरन सिंह बीएड के विद्यार्थियों से रूबरू हुए।

सभी शिक्षा विशेषज्ञों ने अपने स्कूल के बारे में बीएड के विद्यार्थियों को जानकारी दी। तत्पश्चात् मौखिक परीक्षा आयोजित हुई। परीक्षा में 50 प्रतिशत विद्यार्थियों में भगत सिंह, कृतिका, नेहा चैधरी, तनिष्का गौर, पायल वाष्र्णेय, खुशबू, काजल गावर, हर्षिता दीक्षित, मंयक शर्मा, अंशिका चैधरी, मीनू कुमारी, आलोक सिंह, छवि शर्मा, दिगम्बर सिंह, गोविन्द शर्मा, हर्षिता अग्रवाल, महिमा, मोनिका सिंह, पदमाक्षी सिंह, शुभम चैधरी, सौम्या गुप्ता एवं तरून कुमार सिंह आदि ने सफलता हासिल कर कीर्तिमान स्थापित किया। इसके बाद स्कूल पदाधिकारियों ने चयनित हुए विद्यार्थियों की सूची जारी की। रोजगार मिलने की सूची को देखकर विद्यार्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई। एक स्वर सभी विद्यार्थियों स्कूली पदाधिकारियों सहित जीएलए शिक्षा संकाय की प्राचार्या और शिक्षकों का आभार व्यक्त किया।

चयनित हुई छात्रा खुशबू ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय के बीएड संकाय मंे अध्ययनरत विद्यार्थियों को रोजगार की चिंता करने की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं है। आवश्यकता है तो सिर्फ शिक्षकों द्वारा दिए जा रहे बेहतर ज्ञान को ग्रहण करने की, जिससे कि प्रतिष्ठित स्कूलों द्वारा दिए जाने वाले रोजगार के अवसर हाथ से न निकल जाएं और स्कूली शिक्षा विशेषज्ञों के सामने विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा बेहतर प्रदर्शन हो।

बांदीकुई पब्लिक स्कूल दौसा के शिक्षा विशेषज्ञ चरन सिंह सर्वप्रथम विश्वविद्यालय के हरित वातावरण को देख प्रफुल्लित नजर आये। इसके बाद उन्होंने विद्यार्थियों के साक्षात्कार के दौरान बेहतर प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि जीएलए शिक्षा संकाय के विद्यार्थियों में कुछ नया सीखने की ललक, दूसरों को सिखाने की जागरूकता देखने को मिली। अवश्य ही ऐसे विद्यार्थी स्कूली बच्चों के विकास में सहायक होंगे।

जीएलए शिक्षा संकाय की प्राचार्या डाॅ. कविता ने चयनित हुए विद्यार्थियों को अच्छा शिक्षक बनने का गुरू मंत्र प्रदान किया। उन्होंने कहा कि एक श्रेष्ठ शिक्षक से बच्चे का विकास संभव है। यही बच्चे भारत की नींव है। बच्चों को शुरूआती दौर से शिक्षा अच्छी मिलेगी तो ही उच्च शिक्षा के क्षेत्र में वह श्रेष्ठता हासिल कर पायेंगे। इसलिए जरूरी है कि शिक्षकों के द्वारा बच्चों की शिक्षा पर फोकस कर उनके मानसिक विकास पर भी ध्यान देना होगा।

जीएलए का शिक्षा संकाय अपने विद्यार्थियों बेहतर और श्रेष्ठ शिक्षक बनाने की ओर काफी लंबे समय से जुटा हुआ है। पढ़ाई के दौरान विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित स्कूलों में रोजगार मुहैया हो जाता है। उन्होंने कहा कि बीएड कर रहे विद्यार्थियों ने टेट और सुपरटेट में अच्छा स्कोर हासिल किया है। सुपरटेट में अच्छा स्कोर हासिल करने वाले विद्यार्थी आज परिषदीय विद्यालयों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

राजीव एकेडमी के सात विद्यार्थियों को मिली उच्च पैकेज पर नौकरी

लार्सन एण्ड टरबो ग्रुप की प्रतिष्ठित कम्पनी में मिला सेवा का अवसर

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राएं एक के बाद एक राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में सेवा का अवसर हासिल कर रहे हैं। हाल ही यहां के बीसीए और बीएससी (सीएस) के सात विद्यार्थियों को ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग कम्पनी एलटीआई माइण्ड ट्री में उच्च पैकेज पर जॉब मिला है। शिक्षा पूरी करने से पहले मिले जॉब से अभिभावकों और छात्र-छात्राओं में खुशी की लहर है।
ट्रेनिंग और प्लेसमेंट विभाग के अनुसार बीसीए की आरती भारद्वाज, कुनाल, पुनीत कुमार सिंह, राघव अग्रवाल, सागर चौधरी और तृप्ति कश्यप तथा बीएससी (सीएस) के हरीश शर्मा को कैम्पस प्लेसमेंट के दौरान बेहतर प्रदर्शन के चलते ग्लोबल टेक्नोलॉजी कंसल्टिंग की प्रसि़द्ध कम्पनी एलटीआई माइण्ड ट्री में उच्च पैकेज पर जॉब हेतु चयनित किया गया है।
चयन प्रक्रिया का शुभारम्भ करने से पहले अधिकारियों ने बताया कि एलटीआई माइण्ड ट्री डिजिटल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में अग्रणी कम्पनी है। यह लार्सन एण्ड टरबो ग्रुप की प्रतिष्ठित कम्पनी है- इसमें देश-विदेश में 90 हजार से अधिक टैलेंटेड एण्टरप्रिन्योरिअल प्रोफेशनल्स कार्यरत हैं। टरबो इनफोटेक और माइण्ड ट्री अधिकांश कॉम्पलेक्स बिजनेस चैलेंज करते हैं। इसका मुख्यालय में मुम्बई है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए परिश्रमपूर्वक कार्य करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा राजीव एकेडमी से प्राप्त जॉब प्लेटफार्म विद्यार्थियों को भविष्य में स्वर्णिम पायदान तक पहुँचा सकता है। संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि छात्र-छात्राएं कक्षा में शिक्षकों द्वारा दिए ज्ञान और स्वयं के परिश्रम के आधार पर स्किल को विकसित करें- जॉब उनको खुद-ब-खुद मिलेगा।