Sunday, December 4, 2022
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इस बार इन पांच राजयोगों में शुरू हो रही है नवदुर्गा, महामारी का प्रभाव होगा कम

25 मार्च, बुधवार यानी आज चैत्र माह के शुक्लपक्ष की प्रतिपदा से नवरात्र शुरू हो रहे हैं। जो कि 2 अप्रैल यानी रामनवमी तक रहेंगे। इस बार नवरात्रि में कोई भी तिथि क्षय नहीं होना शुभ रहेगा।
सूर्योदय के समय की कुंडली में गजकेसरी, पर्वत, शंख, सत्कीर्ति और हंस नाम के राजयोग बन रहे हैं। इन शुभ योगों में नवरात्रि कलश स्थापना होना देश के लिए शुभ संकेत हैं। ज्योतिषाचार्य के अनुसार इन राजयोगों का शुभ प्रभाव नवरात्रि की अष्टमी तिथि से देखने को मिल सकता है। उन्होंने बताया कि देश में फैल रही महामारी का प्रभााव नवरात्रि के साथ ही कम होने लगेगा। वहीं देश की आर्थिक और राजनीतिक स्थिति और भी मजबूत हो जाएगी।
ज्योतिष के अनुसार इस बार देवी का आगमन नाव पर होगा और प्रस्थान हाथी पर होना शुभ रहेगा। वहीं नवरात्रि में किसी तिथि का क्षय न होना भी देश के लिए शुभ संकेत हैं। इनके प्रभाव से देश में समृद्धि और खुशहाली आएगी। लोगों की मनोकामनाएं पूरी होंगी। देश में फैली महामारी खत्म होने की संभावना है। देश की जनता का सुख बढ़ेगा।

ध्यान रखें ये बातें
1. नवरात्र में माता दुर्गा के सामने नौ दिन तक अखंड ज्योत जलाई जाती है। यह अखंड ज्योत माता के प्रति आपकी अखंड आस्था का प्रतीक स्वरूप होती है। माता के सामने एक एक तेल व एक शुद्ध घी का दीपक जलाना चाहिए।

2. मान्यता के अनुसार, मंत्र महोदधि (मंत्रों की शास्त्र पुस्तिका) के अनुसार दीपक या अग्नि के समक्ष किए गए जाप का साधक को हजार गुना फल प्राप्त हो है। कहा जाता है-

3. अखंड ज्योत पूरे नौ दिनों तक जलती रहनी चाहिए। इसके लिए एक छोटे दीपक का प्रयोग करें। जब अखंड ज्योत में घी डालना हो, बत्ती ठीक करनी हो तो या गुल झाड़ना हो तो छोटा दीपक अखंड दीपक की लौ से जलाकर अलग रख लें।

4. यदि अखंड दीपक को ठीक करते हुए ज्योत बुझ जाती है तो छोटे दीपक की लौ से अखंड ज्योत पुनः जलाई जा सकती है छोटे दीपक की लौ को घी में डूबोकर ही बुझाएं।

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