Tuesday, August 9, 2022
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मथुरा – सावन के चौथे सोमवार को शिवभक्तों ने मंदिरों में की पूजा अर्चना

रिपोर्ट – राजेश सोलंकी, नरेन्द्र सिंघल, राघव शर्मा, राजेश डब्बू
सावन मास में आने वाले सोमवार का दिन भोलेनाथ का महत्वपूर्ण दिन होता है, इस दिन माता बहने पुरुष बच्चे सभी व्रत रहकर भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना करते हैं। जिसमें बेलपत्र, भांग, धतूरा, फल, फूलों से भगवान का भोग लगाया जाता है। सावन के चैथे सोमवार को भूतेश्वर मंदिर, गलतेश्वर मंदिर और रंगेस्वर मंदिर पर श्रद्धालुओं की सुबह से भीड़ लगने लगी, कोविड-19 के चलते सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए मंदिर के सेवायतो ने सभी श्रद्धालुओं से मंदिर के अंदर मास्क लगाकर आने की और सोशल डिस्टेंस का पालन करने की बात कही।

कोसीकलां – श्रावण मास के चौथे सोमवार को शिव मंदिरों में हुई पूजा
हिन्दू धर्म में सावन के सोमवार व्रत का अत्यंत महत्व है। इस दिन भगवान शिव को विधि विधान से पूजा कर प्रसन्न करने का शुभ अवसर होता है। उसी वजह में मंदिरों में श्रद्धालु बड़े ही भक्तिभाव से भगवान भोलेनाथ एवं माता पार्वती की पूजा करते है। सावन के चौथे सोमवार को भी यही दृश्य देखने को मिला, कस्बा कोसीकला के प्रमुख महादेव मंदिरो में श्रद्धालुओ ने भगवान शिव की आराधना करते हुए पूजा अर्चना की। एवं दूध दही पंचामृत सहित बेल पत्र चढ़ाकर सुख शांति की मनोकामना की। महिला बच्चे बूढ़े लोग भगवान शिव की पूजा करते नजर आए। इसी दौरान नंदगांव में स्थित आशेश्वर महादेव पर भी श्रद्धालुओं की भीड़ दिखाई दी। लेकिन पिछले वर्ष की अपेक्षा कोविड 19 के तहत इस वर्ष श्रद्धालु कम नजर आए। जहां सभी श्रद्धालुओं ने आशेश्वर महादेव परिवार की शोसल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए विधि विधान के साथ पूजा की। पूजा अर्चना के दौरान पूरा मंदिर परिसर भगवान भोलेनाथ के जयकारों से गूंज उठा। बताया जाता है। सावन के पवित्र महीने में भगवान शिव पार्वती की पूजा करने का बड़ा ही शुभ महत्व माना गया है। जिसको लेकर सभी मंदिरों में दूर दराज से आने श्रद्धालुओ के द्वारा विशेष रूप से पूजा की जाती है। आशेश्वर महादेव की पूजा विशेष रूप से इसलिए कि जाति है क्योंकि भगवान शिव नंदलाल के बाल रूप के दर्शनों के लिए नंदगांव में आये थे। इस मौके पर आशेश्वर मंदिर को महंत के द्वारा फूलो से सजाया गया। जो कि अद्भुत एवं मनमोहक लग रहे थे। मंदिरों पर पूजा करने आने वाले श्रद्धालुओ की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल भी तैनात रहा। जो कि प्रत्येक संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर बनाए हुए थी।

बरसाना – सावन के चौथे सोमवार को शिव मंदिरों में की गई पूजा
एंकर – सावन मास के चौथे सोमवार को प्रातः 4 बजे से ही शिव मंदिरों में शिव भक्तों का सैलाब दिखाई दिया, बम बम भोले के जय कारे गूंजते हुए दिखाई दिए, ऐसा ही दृश्य देखने को मिला प्रिया कुंड प्रिय स्वर महादेव पर वही मंदिर के अंदर भक्तों के द्वारा शिवजी की आराधना की गई साथ ही भक्तों ने अपने बच्चों की खुशियों के लिए अपने-अपने नामों से शिव मंदिरों में अभिषेक भी कराए गए, वहीं महिला पुरुष बुजुर्ग भगवान महादेव की भक्ति में लीन नजर आए।

महावन – चिंताहरण महादेव पर उमड़ा शिव भक्तों का सैलाब
सावन मास के चौथे सोमवार को प्रातः से ही शिव मंदिरों में शिव भक्तों का सैलाब दिखाई दिया, मंदिरों में जय शिव शंकर, भोले शिव शंभू के नारे गूंजते रहे और सभी हर-हर महादेव के बीच अपना जल दूध अभिषेक करते रहे, ऐसा ही दृश्य देखने को मिला महावन स्थित चिंताहरण महादेव मंदिर पर, जहां सुबह से ही शिव भक्तों की लाइन मंदिर के बाहर लगी रही तो वही मंदिर के अंदर भक्तों द्वारा शिव जी की आराधना की गई और उन पर दूध जल बेलपत्र फूल फल चढ़ा कर अपनी-अपनी मनौती मांगी, इस दौरान सभी महिला पुरुष बच्चे बुजुर्ग शिव भक्ति में लीन नजर आए और सभी ने श्रावण मास के चौथे सोमवार के रूप में विशेष पूजा अर्चना की, चिंताहरण महादेव के महंत भोले बाबा ने जानकारी देते हुए बताया कि इस सोमवार पर जो भी जल अभिषेक करेगा उसके मन की मनोकामना पूर्ण होगी।

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