Tuesday, February 10, 2026
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विश्व योग दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी का संबोधन, जानिए क्या बोले

नई दिल्ली। दुनियाभर में 7वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। विश्व स्तर पर फैली कोरोना महामारी और लॉकडाउन से आईं समस्याओं के बीच इस साल के योग दिवस का थीम ‘योगा फॉर वेलनेस’ रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विश्व योग दिवस के मौके पर सोमवार सुबह 6.30 बजे संबोधित किया।


प्रधनमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि आप सभी को सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएं। आज जब पूरा विश्व कोरोना महामारी का मुकाबला कर रहा है तो योग उम्मीद की एक किरण भी बना हुआ है। जब कोरोना के वायरस ने दुनिया में दस्तक दी थी, तब कोई भी देश, साधनों से, सामथ्र्य से और मानसिक अवस्था से, इसके लिए तैयार नहीं था। हम सभी ने देखा है कि ऐसे कठिन समय में, योग आत्मबल का एक बड़ा माध्यम बना। जब कोरोना के अदृश्य वायरस ने दुनिया में दस्तक दी थी, तब कोई भी देश साधनों से, सामथ्र्य से और मानसिक अवस्था से इसके लिए तैयार नहीं था। ऐसे समय में योग आत्मबल का बड़ा साधन बना। योग ने लोगों ने भरोसा जताया कि हम इस बीमारी से लड़ सकते हैं।

पढ़िए पीएम मोदी के संबोधन की बड़ी बातें

  • महान तमिल संत श्री तिरुवल्लुवर जी ने कहा कि अगर कोई बीमारी है तो उसकी जड़ तक जाओ, बीमारी की वजह क्या है वो पता करो, फिर उसका इलाज शुरू करो। योग यही रास्ता दिखाता है।
  • भारत के ऋषियों ने, भारत ने जब भी स्वास्थ्य की बात की है, तो इसका मतलब केवल शारीरिक स्वास्थ्य नहीं रहा है। इसीलिए, योग में फिजिकल हेल्थ के साथ साथ मेंटल हेल्थ पर इतना जोर दिया गया है।
  • जब भारत ने यूनाइटेड नेशंस में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का प्रस्ताव रखा था, तो उसके पीछे यही भावना थी कि ये योग विज्ञान पूरे विश्व के लिए सुलभ हो। आज इस दिशा में भारत ने यूनाइटेड नेशन और वल्र्ड हैल्थ ऑर्गेनाइजेशन के साथ मिलकर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
  • सबको साथ लेकर चलने वाली मानवता की इस योग यात्रा को हमें ऐसे ही अनवरत आगे बढ़ना है। कोई भी स्थान हो, कोई भी परिस्थिति हो, कोई भी आयु हो, हर एक के लिए योग के पास कोई न कोई समाधान जरूर है।

ऐसे हुई विश्व योग दिवस की शुरुआत

11 दिसंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस या विश्व योग दिवस के रूप में मनाए जाने की घोषणा की थी। इसके बाद 21 जून 2015 को विश्व में पहली बार अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। उस साल इसमें करीब 36 हजार लोग शामिल हुए थे। इसके साथ ही लगभग 84 देशों के प्रतिनिधियों ने भी योग के आसन किये थे।


योग मन और मस्तिष्क को संतुलित बनाए रखने में मददगार

योग को व्यायाम के सबसे प्रभावशाली प्रकारों में से एक माना गया है। योग न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मन और मस्तिष्क का संतुलन बनाए रखने में भी काफी मददगार होता है। इसके फायदे को देखते हुए लोगों को जागरुक करने औरइसके महत्व को समझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की शुरुआत हुई थी। इसने भारत को विश्व गुरु के रुप में स्थापित करने में भी योगदान दिया।

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