Saturday, February 14, 2026
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छात्र व छात्राओं से गीता के कर्म और शिक्षा के सिद्धांत समझाए

  • गीता शोध संस्थान और गिव संस्था ने स्कूली बच्चों की किया श्रीमद्भगवद् गीता के प्रति प्रेरित

वृंदावन। गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी ने गीता के प्रचार-प्रसार योजना के अंर्तगत शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक कार्यक्रम प्रारंभ किया है। इसमें गौरांग इंस्टीट्यूट पर वैदिक एजुकेशन (गिव) गोवर्धन का सहयोग है।
गीता शोध संस्थान वृंदावन के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना के निर्देशन में वृंदावन के कैलाश नगर में विद्यालय सत्या देवी सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में गीता का प्रेरक कार्यक्रम आयोजित किया गया।
गिव गीता संस्था के आचार्य वृंदावन चंद्र दास की कृपापात्र माध्वी देवी दासी माताजी द्वारा श्रीमद् भगवद गीता पर अत्यंत प्रेरक व प्रभावशाली व्याख्यान दिया गया। विद्यालय के कक्षा 9 से 12वीं तक के बालक बालिकाओं ने गीता व्याख्यान को बहुत ही ध्यान से सुना।
व्याख्याता माध्वी ने कहा कि प्रत्येक मानव को आत्मा के लिए ज्ञान (आध्यात्मिक ज्ञान) ग्रहण करना अत्यंत ही आवश्यक है जो हमें श्रीमद् भगवद गीता से प्राप्त होता है। बालक बालिकाओं के साथ-साथ विद्यालय के आचार्य/आचार्याओं की उपस्थिति सराहनीय रही। विद्यालय के प्रधानाचार्य नरेंद्र दत्त शर्मा का विशेष सहयोग रहा। अकादमी के निदेशक प्रो दिनेश खन्ना जी के साथ प्रशिक्षक जगदीश पथसारिया, सुनील कुमार पाठक, विद्यालय से अर्चना त्रिपाठी, माधुरी, बलवीर चौहान, यज्ञपाल, दीपक जी आदि उपस्थित रहे।
गीता शोध संस्थान वृंदावन के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने अवगत कराया कि दोनों संस्थान के विद्वान लगातार ही वृन्दावन के शैक्षणिक संस्थानों ने जाकर गीता पर आधारित ये प्रेरक प्रोग्राम प्रस्तुत करेंगे।

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