
-दो दर्जन अधिवक्ताओं की शिकायत पर डीएम को दिए निर्देश
-चेयरमैन अनिल कुमार आईएएस ने तीन घण्टे की चर्चा
मथुरा । प्रशासनिक न्यायाधिकारियों की अनियमितता के विरोध में 20 अधिवक्ताओं का दल शुक्रवार को रेवेन्यू बोर्ड के अध्यक्ष अनिल कुमार आईएसस से लखनऊ में मिला। उन्होंने 3 घंटे करीब अधिवक्ताओं से विस्तृत वार्ता की। साथ ही शिकायत पर गंभीरता पूर्वक कार्यवाही का आश्वासन दिया।
राजस्व अधिवक्ता एसोसिएशन के अध्यक्ष धीरेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि वर्ड ऑफ़ रेवेनुए के अध्यक्ष ने तकरीबन 3 घंटे तक शिकायत और उससे जुड़े बिंदुओं का विस्तृत परीक्षण किया। अधिवक्ताओं का आरोप था कि प्रशासनिक न्यायाधिकारी 3 से 5 साल पुराने वादों का बगैर शख्स के निस्तारित करने लगे हैं। धारा 24 धारा 32 धारा 38 आदि के वादों को सालों से अटकाए रहने व फर्जी निस्तारण करने के आदी बन चुके हैं। उन्होंने प्रशासनिक न्यायालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा भी रखा। जिलाधिकारी से कई दौर की वार्ताओं के बाद भी कोई हल निकालने पर भी उन्होंने चिंता जाहिर की। पिछले 6 महीने से बादकारियों को सिर्फ नो वर्क और तारीख ही मिल रही हैं। कई हजार मुकदमे इसके चलते अटके पड़े हैं।
सरकारी मातहत नियम कानून को ताक पर रखकर भूमाफियाओं के हक में काम करने के आदी हो चुके हैं।
अधिकारियों द्वारा बरती जा रही है अनियमितताओं का चिट्ठा देखते ही चेयरमैन ने अधिवक्ताओं को आश्वस्त किया कि जब तक आप मथुरा पहुंचेंगे तब तक आपको एक्शन नजर आएगा।
वादकारी परेशान हैं। सरकारी मातहत भूमाफियाओं के हक में काम कर रहे हैं। आम आदमी परेशान हो रहा है। मुकदमों में संक्रमित निर्णय किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने कई दौर की वार्ताओं के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं की। इसके चलते अधिवक्ताओं को लखनऊ जाना पड़ा। ऐसा कई सालों बाद हुआ है। हालात विशेष खराब होने की स्थिति में ही अधिवक्ता लखनऊ तक गए हैं। अब देखना यह है एक्शन क्या होता है।

