मथुरा। कक्षा में मास्टर साहब ने विद्यार्थियों से कहा कि कुत्ते और इंसान के मध्य के रिश्ते के बारे में संक्षेप में अपने-अपने विचार व्यक्त करो। कुत्तों की वफादारी से लेकर उनके काटने तक सभी विद्यार्थियों ने अपने अलग-अलग विचार व्यक्त किए किंतु अंत में एक विद्यार्थी ने अपने निराले विचारों से मास्टर साहब का दिल जीत लिया।
विद्यार्थी ने कहा कि मास्टर साहब पहले तो कुत्ते इंसानों पर भोंकते थे और इंसान उनसे डर कर सर पर पैर रखकर भागने में ही अपनी भलाई समझते किंतु अब स्थिति इसके एकदम उलट है। मास्टर साहब ने विस्मय से पूंछा कि वह कैसे?
विद्यार्थी का जवाब था कि अब इंसान कुत्तों पर भौंक रहे हैं और कुत्ते उनसे डर कर अपनीं दुम दबाकर भाग रहे हैं। मास्टर साहब के मुंह से तुरंत निकला कि वैरी गुड। इसके बाद पूरी क्लास तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठी।