


वृंदावन। केशव नगर स्थित रामकली देवी सरस्वती विद्या मंदिर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बसंत पंचमी (सरस्वती पूजा) का आयोजन बड़े हर्षोल्लास एवं श्रद्धा भाव से किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य गणेश दत्त शर्मा एवं मुख्य यजमान बृजेश शर्मा द्वारा सपत्नीक माँ सरस्वती के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया गया।
प्रधानाचार्य गणेश दत्त शर्मा ने ऋतुराज बसंत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी को ज्ञान, विज्ञान, साहित्य, संगीत, कला एवं वाणी की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती का प्राकट्य उत्सव मनाया जाता है। यह दिन विद्यार्थियों के लिए विशेष रूप से ज्ञानार्जन की प्रेरणा प्रदान करता है।
करतार सिंह ने वीर बलिदानी बालक हकीकत राय को स्मरण करते हुए बताया कि मुगलकाल में मात्र 14 वर्ष की आयु में उन्होंने अपने धर्म के प्रति अटूट निष्ठा दिखाते हुए धर्म परिवर्तन स्वीकार नहीं किया और वीरगति को प्राप्त हुए। ऐसे महान वीर बालक को उनकी शहादत पर सादर नमन किया गया। आचार्य बृजेंद्र शर्मा ने भारतीय संस्कृति के 16 संस्कारों में से प्रमुख विद्यारंभ संस्कार के महत्व को समझाते हुए कहा कि अपने पाल्य का विद्यारंभ प्राचीन परंपराओं के अनुसार किया जाना चाहिए। ब्रह्म सिंह ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जीवन और राष्ट्र के लिए उनके योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। इसके पश्चात पट्टी पूजन एवं हवन का कार्यक्रम राम मोहन शुक्ल द्वारा विधि-विधान से संपन्न कराया गया। संचालन अर्चना तिवारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य धीरज कुमार बंसल, शैलेंद्र शर्मा, योगेश जादौन, शशिवाला शर्मा, राजू सिंह, अरुण उपाध्याय, शशांक शर्मा, श्रीकांत शर्मा, ललित कुमार, हरेंद्र सिंह, रवि सिसोदिया, जितेंद्र प्रताप सिंह, देवेंद्र गौतम, दुष्यंत शर्मा, लव अग्रवाल, भानु प्रताप, राकेश शर्मा, सुनीता सिंह, संगीता अरोड़ा, प्रियंका वीर, शुचि शर्मा, राजकुमार भारद्वाज आदि उपस्थित रहे।

