




ज्ञान, सृजनशीलता और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव है बसंत पंचमी : प्रेमा पानू
वृंदावन। केशव धाम स्थित रामकली देवी सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर विद्यारंभ संस्कार, सरस्वती पूजन एवं पंचकुंडीय हवन का भव्य एवं श्रद्धापूर्ण आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चार के मध्य पंचकुंडीय हवन द्वारा किया गया। जिसमें विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकगण, विद्यार्थी एवं अभिभावकों ने आहुति प्रदान कर वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित किया।
हवन के माध्यम से समस्त विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य, विद्या, बुद्धि एवं संस्कारों की मंगलकामना की गई। इसके पश्चात ज्ञान, विद्या एवं कला की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न हुई। पीले वस्त्रों एवं पुष्पों से सुसज्जित पूजा स्थल ने संपूर्ण वातावरण को भक्तिमय एवं उल्लासपूर्ण बना दिया। विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती से ज्ञान, विवेक एवं सद्बुद्धि की प्रार्थना की।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण विद्यारंभ संस्कार रहा। जिसमें बच्चों ने गुरुजनों के सान्निध्य में अक्षर ज्ञान का शुभारंभ किया। शिक्षकों ने बच्चों को विद्या के महत्व के बारे में बताया तथा उन्हें अनुशासन, परिश्रम एवं नैतिक मूल्यों के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य प्रेमा पानू ने कहा कि बसंत पंचमी केवल ऋतु परिवर्तन का पर्व नहीं है, बल्कि यह ज्ञान, सृजनशीलता और सकारात्मक ऊर्जा का उत्सव भी है। ऐसे संस्कारात्मक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण के साथ हुआ। संपूर्ण आयोजन शांतिपूर्ण, गरिमामय एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। जिससे उपस्थित सभी जनों में आध्यात्मिकता एवं उत्साह का संचार हुआ।
इस अवसर पर विद्यालय समिति अध्यक्ष अमरनाथ गोस्वामी, सहव्यवस्थापक आर. डी. शर्मा, डॉ. राम बहादुर भदोरिया एवं सुशील पचौरी उपस्थित रहे।


