
मथुरा। ब्रज क्षेत्र में शिक्षा के नए मानक स्थापित करने, भावी पीढ़ी को नैतिक, समझदार और सामाजिक रूप से जागरूक बनाने के साथ उन्हें मूल्य आधारित शिक्षा देने का काम अब केडी विश्वविद्यालय मथुरा और वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर एक साथ मिलकर करेंगे। इस सम्बन्ध में 18 मार्च को केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल तथा अकुर कृष्ण दास उपाध्यक्ष वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। दोनों संस्थानों ने इसे शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव पहल निरूपित किया है।
केडी विश्वविद्यालय के प्रति-कुलाधिपति मनोज अग्रवाल ने कहा कि भारत की शिक्षा प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी शिक्षा प्रणालियों में से एक है लेकिन गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लोकतंत्रीकरण में संरचनात्मक असमानताएं और विनियामक हस्तक्षेप बाधा उत्पन्न करते हैं। श्री अग्रवाल ने कहा कि वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर के साथ मूल्य आधारित शिक्षा पर हुआ यह अनुबंध ब्रज क्षेत्र में शिक्षा को नया आयाम देगा, जिसके भविष्य में अच्छे परिणाम देखने को मिलेंगे।
केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने इस अनुबंध को मील का पत्थर बताते हुए कहा कि वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर के वैल्यू एज्यूकेशन प्रोग्राम से जुड़ना गौरव की बात है। डॉ. लाहौरी ने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा भावी पीढ़ी में नैतिक, नीतिपरक और मूलभूत सिद्धांतों को सिखाने और आत्मसात करने की सबसे बेहतर प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य छात्र-छात्राओं में ईमानदारी, सहानुभूति, सम्मान, सत्यनिष्ठा और जिम्मेदारी जैसे गुणों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि मूल्य आधारित शिक्षा आत्म-जागरूकता पर बल देती है। छात्र-छात्राएं जैसे-जैसे स्वयं का विवेचन करते हैं, अपने व्यक्तित्व का विस्तार करने के साथ बेहतर निर्णय ले पाते हैं।
कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल ने कहा कि वैल्यू एज्यूकेशन यानी मूल्य आधारित शिक्षा सम्मान को बढ़ावा देती है। उन्होंने कहा कि केडी विश्वविद्यालय का उद्देश्य डिग्रियां देना नहीं बल्कि छात्र-छात्राओं में नैतिक मूल्यों को विकसित करना भी है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जब छात्र-छात्राओं को मूल्य-आधारित शिक्षा दी जाती है, तो वे सामुदायिक समस्याओं के समाधान में भाग लेने को प्रेरित होते हैं तथा उनमें जनहित के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित होती है। मूल्य आधारित शिक्षा निरंतर शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास के प्रति प्रतिबद्धता को बढ़ावा देती है।
अकुर कृष्ण दास उपाध्यक्ष वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर ने केडी विश्वविद्यालय के साथ हुए अनुबंध पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि हम पिछले पांच साल से वैल्यू एज्यूकेशन प्रोग्राम (वीईपी) चला रहे हैं। हमारा उद्देश्य देश की भावी पीढ़ी की जिज्ञासा और सीखने के प्रति जुनून को प्रोत्साहित करना है ताकि वह नई चुनौतियों का सामना करने, नवीन विचारों को खोजने और लगातार विकसित हो रही दुनिया के अनुकूल अपने आपको ढाल सके। श्री अकुर कृष्ण दास ने बताया कि वीईपी की सफलता में अनिरुद्ध बलराम दास (प्रशासक) का भी अहम योगदान है।
श्री अकुर कृष्ण दास ने बताया कि हम केडी विश्वविद्यालय के साथ वैल्यू एज्यूकेशन प्रोग्राम को प्रभावी रूप से संचालित करने हेतु आवश्यक पाठ्यक्रम, शिक्षण तकनीक, नोट्स तथा अन्य सामग्री (डिजिटल एवं ऑडियो-विजुअल) और कार्यप्रणालियां तैयार कर भावी पीढ़ी का मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि हम विश्वविद्यालय के अधिकारियों से परामर्श करके पाठ्यक्रम और समय-सारणी को अंतिम रूप देंगे तथा प्रशिक्षकों के माध्यम से समय समय पर विभिन्न सत्रों का आयोजन कर छात्र-छात्राओं को मूल्य आधारित शिक्षा प्रदान करेंगे। श्री अकुर कृष्ण दास ने कहा कि छात्र-छात्राओं की आत्म-जागरूकता की नींव को मजबूत करने के लिए उनमें बौद्धिक, भावनात्मक और आध्यात्मिक क्षमता विकसित की जाएगी। इतना ही नहीं उनकी मानसिक स्थिरता और आंतरिक शक्ति, तनाव प्रबंधन, क्रोध प्रबंधन, सामाजिक दबाव से निपटने की शक्ति में भी इजाफा किया जाएगा।
चित्र कैप्शनः मूल्य आधारित शिक्षा के सहमति पत्रों को एक-दूसरे को प्रदान करते हुए केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल और अकुर कृष्ण दास उपाध्यक्ष वृन्दावन चंद्रोदय मंदिर।

