

वृंदावन। गीता शोध संस्थान एवं रासलीला अकादमी में आयोजित एक सप्ताह की गीता गान कार्यशाला में प्रतिभागियों को गीता के श्लोकों का शुद्ध उच्चारण सहित गायन, संकीर्तन शैली तथा श्लोकों को गीत के रूप में प्रस्तुत करने की विधा का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
कार्यशाला के समापन पर गीता शोध संस्थान सभागार में आयोजित कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि रोटरी क्लब के पूर्व अध्यक्ष नवीन चौधरी, सांस्कृतिक विशेषज्ञ डॉ अनूप शर्मा, मधु तोमर, ब्रज संस्कृति विशेषज्ञ डॉ. उमेश चंद्र शर्मा, भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट, सिंगापुर के निदेशक अनुकंपना दास तथा तीर्थनाथ वासुदेव ने प्रतिभागी बालक-बालिकाओं को प्रमाण-पत्र वितरित किए।
राजा महेंद्र प्रताप बाल विद्या मंदिर के छात्र-छात्राओं ने प्रिंसिपल सुनील लवानिया एवं संस्थापक राम विनोद भट्ट व पारुल भट्ट के निर्देशन में कार्यशाला में सक्रिय सहभागिता की और अंतिम दिन श्लोक गायन की सुंदर प्रस्तुति दी। कार्यशाला में प्रशिक्षक के रूप में गौर सुंदर दास भी उपस्थित रहे।
कार्यशाला का संयोजन गीता शोध संस्थान के समन्वयक चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार द्वारा किया गया।
प्रशिक्षण के दौरान भक्ति वेदांत इंस्टीट्यूट, सिंगापुर के निदेशक अनुकंपना दास ने प्रतिभागियों को एक सप्ताह तक श्लोकों के अक्षर ज्ञान, व्यंजन, शुद्ध उच्चारण, संभाषण शैली एवं ध्वनि के विभिन्न आयामों का प्रशिक्षण प्रदान किया।
संस्थान के निदेशक प्रो. दिनेश खन्ना ने बताया कि यह प्रशिक्षण गीता के श्लोकों को सरल एवं सहज रूप में समझाने का एक अभिनव प्रयास है। इसके माध्यम से संस्कृत का पूर्व ज्ञान न रखने वाले प्रतिभागी भी श्लोकों का शुद्ध उच्चारण करते हुए उन्हें गा सकेंगे। प्रशिक्षण में श्लोक गायन, संकीर्तन शैली, भजन प्रस्तुति एवं उपदेश की विधाओं का समावेश किया गया है।
कार्यशाला में लक्ष्मण, शिवानी, चांदनी, तमन्ना, दुर्गेश, मीणा शर्मा, ऋतिक, हरीश चौधरी, अभिनव बंसल, गोविंद रावत, योगेश कुमार द्विवेदी, मधु द्विवेदी, मानसी राजपूत, रितु सिंह एवं प्रिया सिंह आदि मौजूद रहे। संचालन चंद्र प्रताप सिंह सिकरवार ने किया।

