
वृन्दावन। हनुमान प्रसाद धानुका सरस्वती बालिका विद्या मंदिर में लोकतांत्रिक मूल्यों एवं नेतृत्व क्षमता के विकास के उद्देश्य से छात्रा संसद चुनाव व शपथ ग्रहण समारोह का सफल आयोजन किया गया। विद्यालय परिसर में लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप उत्साहपूर्ण एवं अनुशासित वातावरण में छात्राओं ने मतदान कर अपने प्रतिनिधियों का चयन किया।
चुनाव प्रक्रिया पूर्णतः निष्पक्ष एवं पारदर्शी रही। मतदान से पूर्व प्रत्याशियों ने अपने विचार एवं संकल्प छात्राओं के समक्ष प्रस्तुत किए। मतदान के दौरान छात्राओं ने अनुशासन एवं जिम्मेदारी का परिचय देते हुए विद्यालय तंत्र के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। यह चुनावी प्रक्रिया इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के माध्यम से संपन्न हुई जिसमें कक्षा छठी से बारहवीं तक के प्रत्येक कक्षा के चार – चार छात्रा सांसद चुनी गई, जिन्होंने स्वच्छता प्रमुख, अनुशासन प्रमुख, वंदना प्रमुख, सेनापति व प्रधानमंत्री पद के चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग के माध्यम से अपने प्रतिनिधियों का चुनाव किया ।
मतगणना पूर्ण होने के पश्चात विजयी प्रत्याशियों की घोषणा की गई। जिसमें प्रधानमंत्री पद पर अनन्या शर्मा, उप प्रधानमंत्री दिव्या गोस्वामी, अनुशासन प्रमुख पायल शर्मा, उप अनुशासन प्रमुख गुंजन भार्गव, सेनापति गौरी, इशिका सैनी उप सेनापति, स्वच्छता प्रमुख राधिका तोमर, उप स्वच्छता प्रमुख सृष्टि, वंदना प्रमुख वंदना, उप वंदना प्रमुख शुभांगी व नेता विपक्ष के पद पर खुशी को चुना गया। विद्यालय की प्रधानाचार्य रजनी गुप्ता ने सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों को शुभकामनाएँ देते हुए आशा व्यक्त की कि वे छात्राहित, अनुशासन, सेवा, नेतृत्व एवं विद्यालय के सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित भाव से कार्य करेंगे। कहा कि छात्रा संसद केवल एक चुनाव नहीं, बल्कि छात्राओं में नेतृत्व, उत्तरदायित्व, सहयोग, निर्णय क्षमता एवं लोकतांत्रिक संस्कार विकसित करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों एवं छात्राओं की अनुशासित सहभागिता की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। संचालन में विद्यालय के समस्त टीचर्स का विशेष सहयोग रहा तथा पूरे चुनावी आयोजन ने छात्राओं को लोकतंत्र की कार्यप्रणाली का व्यावहारिक अनुभव प्रदान किया।
विद्यालय प्रबंध समिति से रेखा माहेश्वरी, पद्मनाभ गोस्वामी, विश्वनाथ गुप्ता, उमेश चंद शर्मा, कमल खंडेलवाल ने चयनित छात्रा संसद के पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दी।

