संस्कृति विवि का अंतर्राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह में विदेशी विद्यार्थियों को मिलीं डिग्रिया
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय का अंतर्राष्ट्रीय दीक्षांत समारोह विवि के संतोष मैमोरियल आडीटोरियम में भारतीय परंपराओं के साथ पूर्ण हुआ। दीक्षांत समारोह में मलावी, तंज़ानिया, ज़िम्बाब्वे, नामीबिया, रवांडा, ज़ाम्बिया, लेसोथो, म्यांमार तथा इस्वातिनी (पूर्व में स्वाज़ीलैंड) सहित विभिन्न देशों के कुल 29 विदेशी विद्यार्थियों को उपाधियों से विभूषित किया गया। इस मौके पर उपाधियों से अलंकृत हुए विदेशी छात्र-छात्राओं की खुशी देखते ही बनती थी। सभी विद्यार्थियों ने अपनी उपाधि के सम्मान को बनाए रखने के लिए शपथ ली। संस्कृति विवि के चांसलर डा. सचिन गुप्ता ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि संस्कृति विवि द्वारा दी गई यह उपाधि सिर्फ आपकी शिक्षा का ही मानक नहीं है बल्कि ये एक ऐसे संस्कार का भी प्रमाण बनेगा जो आप अपने भविष्य में संसार के सामने प्रदर्शित करेंगे।
दीक्षांत समारोह बैंड-बाजों की धुन पर परंपरागत परेड के साथ शुरु हुआ जिसमें संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता, प्रभारी कुलपति डा. रघुराम भट्ट, डाइरेक्टर जनरल डा. पीके भारती, रजिस्ट्रार आर के त्रिवेदी, डीन एकेडमिक डा. गंगाधर हुगर के अलावा सभी विभागों के डीन और विभागाध्यक्ष शामिल हुए। विवि के संतोष मैमोरियल आडिटोरियम में राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना के साथ दीप प्रज्ज्वलन हुआ। चांसलर डा. सचिन गुप्ता ने दीक्षांत समारोह के प्रारंभ की विधिवत घोषणा की।
उपाधियां हासिल करने वाले विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए संस्कृति विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने कहा कि अब आपके जीवन में खुला आकाश है, खूब सपने देखे अब उड़ने का समय है। शिक्षा से परिपक्वता आती है और यही परिक्वता आपके जीवन में आपकी विशिष्ठ पहचान बनाती है। हमेशा मुस्कुराते रहिए और हासिल की गई शिक्षा का बेहतर उपयोग करिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि ऐसे वैश्विक नागरिक तैयार करना है जो विविध संस्कृतियों का सम्मान करते हुए मानवता की प्रगति में योगदान दें। संस्कृति विश्वविद्यालय इसी दृष्टि के साथ विश्व के विभिन्न देशों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं संस्कार प्रदान कर रहा है। इससे पूर्व संस्कृति विवि के प्रभारी कुलपति प्रो. रघुराम भट्ट ने डिग्रियों से अलंकृत हुए विदेश विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ आपके ज्ञान को नहीं बढ़ाती यह आपक संपूर्ण व्यक्तित्व, आपकी सोच और आपके व्यवहार का भी निर्माण करती है। इससे पूर्व मंचासीन विद्वानों को कैप्स के निदेशक डा. रजनीश त्यागी, स्टूडेंट वेलफेयर विभाग के डीन डा. डीएस तोमर ने स्मृति चिह्न देकर सम्मानित
संस्कृति स्कूल आफ इंजीनियरिंग एंड इन्फोरमेशन टेक्नोलॉजी के डीन डा. पंकज गोस्वामी ने अपने विभाग के विद्यार्थियों के नामों एमंड पाब्लो पैरी, डेन्जल स्टाबेन मापेटा, मोडाउ लैमिल जामेह, थाबो मैप्लिवेंह्नले माजिला की घोषणा की जिन्हें संस्कृति विवि के चांसलर डा. सचिन गुप्ता ने डिग्री प्रदान की गईं। इसी प्रकार डीन एकेडमिक डा. गंगाधर हुगर ने स्कूल आफ मैनेजमेंट एंड कामर्स के विद्यार्थियों के नामों एनडीजिगेको मैलिसी साकोला, टिनोटेंडा न्यूटन मनजेन्गवा, मोलेमो डेनियल मैसीने, लिका प्रिसेला प्रिस्का पोरजो, स्कूल आफ फार्मेसी के विद्यार्थी डियोगार्टियस विंसेट मेज, एलिजाबेथ नेहने कामारा के नामों की घोषणा की। डीन डा. के.के. सिंह ने स्कूल आफ एग्रीकल्चर के विद्यार्थी रुमविजियाई सेसिला रुजेंगवे, स्कूल आफ ला के विद्यार्थी डिसाइड मुपांबा के नाम की घोषणा की स्कूल आफ एलाइड साइंस एंड हेल्थ केयर के डीन कुंदन लाल चौबेजी ने अपने विभाग के विद्यार्थियों के नामों कैरेन चिकोची, केली मैग्वेडे, वीनियल ईडमंड रिंगो, एरिक एनडीआईशिमिये, डोरियस साइमन एका, इयान लिट्टा, नेहमिया होवे, ब्लैसिंग इड्डी, टिमोथी डेकोरलर वोरमोन, फाटोमाटा टेनटाओ, केल्विन एन टारले, मारिया चाविंगा, के नामों की घोषणा की। इन सभी विद्यार्थियों को संस्कृति विवि के चांसलर डा. सचिन गुप्ता द्वारा डिग्रियां प्रदान की गईं।
समारोह के अंत में डीन एकेडमिक डॉ. गंगाधर हुगर ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत करते हुए सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. शुभांगी सक्सेना ने किया, जबकि संपूर्ण समारोह का समन्वय दीपक कुमार ने किया।


