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शिव महापुराण कथा का असर: आस्था के सैलाब से बरसाना में जाम, हर-हर महादेव से गूंजे रास्ते कथा स्थल से आसपास के मार्गों तक उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, कई जगह आवागमन प्रभावित; अर्धनारीश्वर की झांकी ने मोहा मन, आज रामदेव बाबा होंगे शामिल

बरसाना। राधारानी की नगरी में इन दिनों राधे-राधे के साथ हर-हर महादेव का जयघोष गूंज रहा है। पंडित प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दूसरे दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से कथा स्थल की ओर जाने वाले मार्गों पर कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बन गई। नंदगांव-बरसाना मार्ग से लेकर कथा स्थल के आसपास के रास्तों पर श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने से स्थानीय यातायात प्रभावित हुआ। दूसरी ओर कथा पंडाल में शिव भक्ति की ऐसी धारा बही कि श्रद्धालु कथा सुनने के साथ भजनों और जयघोष में रमते नजर आए।

कथा स्थल पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए विठलेश सेवा समिति की ओर से अतिरिक्त पंडालों की व्यवस्था करनी पड़ी। श्रद्धालुओं के लिए भोजन-प्रसादी सहित अन्य व्यवस्थाओं में क्षेत्रवासी भी सेवा भाव से जुटे रहे। कथा स्थल से लेकर आसपास के मार्गों तक भीड़ का दबाव दिखाई दिया।

सड़कों पर भीड़, पंडाल में शिव भक्ति

कथा में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने का असर स्थानीय मार्गों पर दिखाई दिया। कई स्थानों पर जाम जैसी स्थिति बनी रही और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। नया बस स्टैंड, पीली कोठी तिराहा और सुदामा चौक की ओर जाने वाले रास्तों पर भी श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

इधर, कथा स्थल पर अर्धनारीश्वर की मनोहारी झांकी सजाई गई। झांकी के दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। कथा स्थल पर हर-हर महादेव और बाहर राधे-राधे के जयघोष से बरसाना का वातावरण भक्तिमय बना रहा।

एक लोटा जल और सच्ची श्रद्धा का संदेश

पंडित प्रदीप मिश्रा ने भगवान शिव की आराधना का महत्व बताते हुए कहा कि भोलेनाथ अपने भक्तों की पुकार सुनते हैं। भगवान को प्रसन्न करने के लिए दिखावे की आवश्यकता नहीं है। एक लोटा जल और सच्ची श्रद्धा से की गई आराधना ही पर्याप्त है।

उन्होंने कहा कि भगवान की प्राप्ति दिखावे से नहीं, बल्कि सरलता और सहजता से होती है। मनुष्य को भगवान पर अटूट विश्वास रखते हुए अच्छे कर्म करते रहना चाहिए।

कर्मफल से बच नहीं सकता मनुष्य

कथा के दौरान पंडित प्रदीप मिश्रा ने कर्मफल का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि कर्म का फल मिलने में देरी हो सकती है, लेकिन मनुष्य अपने कर्मों के परिणाम से बच नहीं सकता। इसलिए वर्तमान जीवन में अच्छे कर्म करते रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कथा सुनने की सार्थकता तभी है, जब उसके संदेश को जीवन में उतारा जाए। सेवा, भक्ति और सदाचार को आचरण का हिस्सा बनाना ही कथा श्रवण का उद्देश्य है।

आज रामदेव बाबा होंगे कथा में शामिल

शिव महापुराण कथा में देशभर से साधु-संतों और कथा प्रेमियों का पहुंचना जारी है। मंगलवार को भागवत कथावाचक हेमलता शास्त्री, डॉ. शिवम साधक और हरिवंश मिश्रा ने कथा का श्रवण किया। बुधवार को योग गुरु रामदेव बाबा सहित अन्य साधु-संत और जनप्रतिनिधि कथा में शामिल होंगे। बढ़ती भीड़ को देखते हुए समिति और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं का विस्तार किया जा रहा है।

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