
मथुरा। आज के तेजी से बदलते आर्थिक परिवेश में वित्तीय साक्षरता प्रत्येक युवा के लिए आवश्यक है। विशेषकर भविष्य के प्रबंधकों को निवेश, बचत, वित्तीय बाजार और जोखिम प्रबंधन की व्यावहारिक समझ होनी चाहिए। यह बातें भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) से जुड़े विशेषज्ञ एवं अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रोहित वाजपेयी ने राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में आयोजित अतिथि व्याख्यान में एमबीए छात्र-छात्राओं को बताईं।
आरएटीएम के एमबीए विभाग द्वारा संस्थान के सेमिनार हॉल में वित्तीय जागरूकता विषय पर आयोजित इस व्याख्यान में रोहित वाजपेयी ने विद्यार्थियों को ‘भविष्य के प्रबंधकों के लिए वित्तीय निर्णय-निर्माण’ विषय पर महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। यह कार्यक्रम सेबी, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) तथा मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) के वित्तीय साक्षरता एवं निवेश जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया।
रोहित वाजपेयी ने विद्यार्थियों को निवेश, तरलता, इक्विटी, कमोडिटी एक्सचेंज, शेयर बाजार तथा वित्तीय बाजार की कार्यप्रणाली से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि केवल किताबी ज्ञान हासिल करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वित्तीय मामलों की व्यावहारिक समझ विकसित करनी चाहिए, ताकि वे भविष्य में सोच-समझकर और जिम्मेदारी के साथ आर्थिक निर्णय ले सकें।
श्री वाजपेयी ने निवेश के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि किसी भी वित्तीय निर्णय से पहले उसके उद्देश्य, सम्भावित जोखिम और विश्वसनीयता को समझना बेहद जरूरी है। इस अवसर पर विद्यार्थियों को धन एवं प्रतिभूतियों की सुरक्षा, धोखाधड़ी वाली गतिविधियों से बचाव तथा ट्रेडिंग और निवेश से जुड़े जोखिमों के प्रति भी जागरूक किया गया। अतिथि व्कता ने निवेश संबंधी निर्णयों में सतर्कता बरतने और उपलब्ध जानकारी का समुचित विश्लेषण करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए शैक्षणिक ज्ञान के साथ वास्तविक जीवन में वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता विकसित करना भी जरूरी है। वित्तीय जागरूकता उन्हें व्यक्तिगत जीवन के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र में भी बेहतर निर्णय लेने में मदद करती है।
संस्थान के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि प्रतिस्पर्धात्मक और तेजी से बदलते आर्थिक परिवेश में युवाओं को बचत, निवेश, वित्तीय योजनाओं तथा जोखिम प्रबंधन की सही जानकारी समय रहते प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि संस्थान का उद्देश्य विद्यार्थियों को रोजगार के लिए तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें जागरूक, जिम्मेदार और सक्षम प्रबंधक के रूप में विकसित करना भी है।
चित्र कैप्शनः एमबीए छात्र-छात्राओं को प्रबंधन के गुर बताते सेबी के विशेषज्ञ रोहित वाजपेयी।

