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के.डी. हॉस्पिटल में सात माह के बच्चे की सफल सर्जरी शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने निकाली पित्तवाहिनी की जन्मजात गांठ कई अस्पतालों में उपचार के बाद भी नहीं मिली थी राहत


मथुरा। केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के शिशु शल्य विशेषज्ञ विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने सात माह के एक बच्चे की पित्तवाहिनी की जन्मजात गांठ का सफल ऑपरेशन कर उसे नया जीवन देने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। बच्चे की इस सर्जरी में समय पर सही बीमारी की पहचान और विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श की भूमिका महत्वपूर्ण रही। संस्थान के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई देते हुए बच्चे के स्वस्थ-सुदीर्घ जीवन की कामना की है।
जानकारी के अनुसार बलदेव तहसील के महावन क्षेत्र निवासी अशोक कुमार पित्तवाहिनी की जन्मजात गांठ से परेशान बच्चे के उपचार के लिए कई अस्पतालों के चक्कर काटे लेकिन उसे राहत नहीं मिली। विभिन्न जांचों से माता-पिता को बच्चे की बीमारी के बारे में जानकारी तो मिल गई, लेकिन उसकी पित्तवाहिनी की जन्मजात गांठ का ऑपरेशन करने को कोई भी चिकित्सक तैयार नहीं हुआ। अंततः सात अक्टूबर को अशोक कुमार अपने बच्चे को केडी हॉस्पिटल लाया और शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा से चिकित्सकीय परामर्श लिया।
शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने बच्चे की पहले हो चुकी विभिन्न जांचों को देखा तथा कुछ आवश्यक परीक्षण कराने के बाद ऑपरेशन की सलाह दी। माता-पिता की स्वीकृति के बाद 10 अक्टूबर को बच्चे का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के बाद डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने बताया कि बच्चे को पित्तवाहिनी की जन्मजात गांठ (कोलेडोकल सिस्ट) की समस्या थी। इस स्थिति में पित्त के प्रवाह में बाधा आ रही थी। इसका बच्चे के पाचन तथा शरीर के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। ऐसे मामलों में विशेषज्ञ चिकित्सकीय जांच के बाद गांठ को हटाना और पित्त के प्रवाह के लिए उचित मार्ग बनाना आवश्यक होता है।
डॉ. शर्मा ने बताया कि इस सर्जरी में गांठ को हटाकर छोटी आंत को यकृत से आने वाली पित्तवाहिनी के साथ जोड़ा गया, ताकि पित्त का प्रवाह सामान्य रूप से हो सके और बच्चे को आवश्यक पोषक तत्वों के पाचन में सहायता मिले। डॉ. शर्मा का कहना है कि ऐसे ऑपरेशन में सावधानी बहुत जरूरी होती है, क्योंकि इस गांठ का यदि कुछ हिस्सा छूट जाए तो 10-15 साल बाद इसमें कैंसर बनने की सम्भावना रहती है। इस ऑपरेशन में डॉ. श्यामबिहारी शर्मा का सहयोग डॉ. ऋतुराज, डॉ. कुशा कपूर, डॉ. प्रियंका पांडेय तथा निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. जगत सिंह ने किया।
सफल सर्जरी से खुश बच्चे के माता-पिता ने केडी हॉस्पिटल प्रबंधन का आभार माना। अशोक कुमार बताते हैं कि लगभग आठ अस्पतालों में उपचार के बाद भी राहत नहीं मिलने से परेशान वह केडी हॉस्पिटल बड़ी उम्मीद से आये थे, यहां के चिकित्सक डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने बच्चे का ऑपरेशन कर उसके परिवार को खुशियों की सौगात दी है। बच्चा अब स्वस्थ है, मां का दूध तथा अन्य पेय सहजता से ले रहा है। बच्चा सामान्य रूप से मल-मूत्र भी त्याग रहा है। उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
चित्र कैप्शनः बच्चे की सफल सर्जरी करने वाले शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा एवं अन्य।

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