Home Uncategorized पंच दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का हुआ उदघाटन-परमेश्वरी देवी धानुका विद्यायल में आयोजित हो रहा ग्रीष्मकालीन शिविर

पंच दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का हुआ उदघाटन-परमेश्वरी देवी धानुका विद्यायल में आयोजित हो रहा ग्रीष्मकालीन शिविर

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पंच दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का हुआ उदघाटन-परमेश्वरी देवी धानुका विद्यायल में आयोजित हो रहा ग्रीष्मकालीन शिविर

वृंदावन । परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर में पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर का शुभारंभ हुआ। उद्घाटन सत्र में कक्षा 6 से लेकर 9 तक के छात्रों ने अनुशासन पूर्वक एवं पूर्ण मनोयोग से शिविर को सफल बनाने का संकल्प लिया l
सर्वप्रथम विद्यालय के प्रबंधक शिवेन्द्र गौतम और प्रधानाचार्य विपिन शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन के साथ शिविर का शुभारंभ किया l कक्षा नवम के छात्र वैभव ने सभी छात्रों को शपथ ग्रहण कराई। प्रधानाचार्य विपिन शर्मा ने कहा कि शिविर के माध्यम से हम लोग एक अनुशासित जीवनचर्या को समझने का प्रयास करते हैं और स्वयं अनुशासन की भावना को अपने हृदय में जगाते हुए स्वावलंबन एवं सहकारिता के गुणों से स्वयं को समृद्ध करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इस ग्रीष्म शिविर में बालक अपनी छिपी हुई प्रतिभाओं का और अधिक विस्तार कर सकेंगे और एक अपूर्व अनुभव लेकर घर लौटेंगे। प्रबंधक शिवेंद्र गौतम ने ग्रीष्म शिविर के औपचारिक उद्घाटन कि उद्घोषणा की। शिविर संयोजक रविन्द्र सिंह ने बताया कि शिविर में प्रातः जागरण से लेकर रात्रि 10 बजे स्वयं तक के कालखंड को अलग-अलग गतिविधियों में बांटा गया है। जिसमें बालक को विभिन्न प्रकार के क्रियाकलापों के माध्यम से रचनात्मकता की ओर प्रेरित किया जाएगा जिससे बालक अपनी प्रतिभा का विकास कर सके। संपूर्ण शिविर को अलग-अलग हाउस में बाँटा गया है जिसके अलग-अलग हाउस इंचार्ज नियोजित किये गये है और प्रत्येक हाउस की गतिविधियों पर नजर रखेंगे l इस ग्रीष्म शिविर में छात्रों को प्रतिदिन संक्षिप्त शैक्षिक भ्रमण पर भी ले जाया जाएगा जिसमें धार्मिक एवं मनोरंजन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।
इस ग्रीष्म शिविर में 125 छात्र भाग ले रहे हैं और यह पूर्ण आवासीय शिविर है जो 5 दिन तक चलेगा l
पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन शिविर के पहले दिन सायं कालीन सत्र में छात्रों ने पारंपरिक खेलकूद के माध्यम से अपनी भुलाई जा चुकी विरासत से परिचित होने का अवसर प्राप्त किया। प्रत्येक हाउस के बालकों ने अपने अपने हाउस इंचार्ज के निर्देशन में दौड़, खो- खो, वृत्त कबड्डी, हनुमान दौड़, बिच्छू दौड़, विष – अमृत, रण कबड्डी आदि खेलों का आनंद उठाया। खेल प्रमुख सतेंद्र तोमर ने बताया कि आजकल मोबाइल की दुनिया में बच्चे इतना रम गए हैं कि वह इन खेलों को जान ही नहीं पाते जिम बिना किसी उपकरण के एकाग्रता सहकारिता सहयोग शक्ति प्रदर्शन जैसे मानवीय गुणों को बड़ी आसानी से आत्मसात किया जा सकता है। खेलों का निर्देशन हाउस प्रमुख ने किया।
पारंपरिक खेलों के पश्चात वंशी वादन के सिद्ध हस्त कलाकार गोपाल प्रसाद एवं ऋषभ शर्मा ने छात्रों को वेणु वादन प्रशिक्षण दिया गया जिसमें बालकों ने वाद्ययंत्र की बारीकियों को समझा और उसके प्रारंभिक स्वरूप से परिचित हुए।
रात्रिकालीन अनौपचारिक सत्र में राहुल गोस्वामी के निर्देशन में छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का आनंद उठाया। शिवेंद्र गौतम ने भी सुंदर भजन प्रस्तुतियों के माध्यम से बालकों को थिरकने पर मजबूर कर दिया। समर कैंप छात्रों को आत्मनिर्भरता और स्वावलंबन के मानवीय मूल्यों से परिचित कराता है और यह कैंप इस उद्देश्य में पूरी तरह खरा उतरता है।
सभी अध्यापक बन्धुओं द्वारा शिविर की सम्पूर्ण व्यवस्था की गयी I शिविर में ओमप्रकाश शर्मा, ललित गौतम, सुजान सिंह, राजेश कुमार , नवीन शर्मा, सत्येन्द्र द्विवेदी, प्रभाकर ठाकुर, अरुण दीक्षित, यतेंद्र प्रताप, ब्रजमोहन अवस्थी, योगेश अग्रवाल, राहुल गोस्वामी आदि मौजूद रहे ।

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