HomeUncategorizedसंस्कृति विवि में आयोजित हुई 'सतर्कता जागरूकता' पर नारा लेखन प्रतियोगिता

संस्कृति विवि में आयोजित हुई ‘सतर्कता जागरूकता’ पर नारा लेखन प्रतियोगिता

मथुरा। संस्कृति स्कूल आफ एजूकेशन द्वारा भविष्य के शिक्षकों के बीच ईमानदारी, सत्यनिष्ठा, पारदर्शिता और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘सतर्कता जागरूकता’ विषय पर एक नारा लेखन (स्लोगन मेकिंग) प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को भ्रष्टाचार मुक्त समाज के निर्माण, जवाबदेही की संस्कृति को बढ़ावा देने और समाज के प्रति नैतिक जिम्मेदारियों को समझने के लिए संवेदनशील बनाना था। प्रतियोगिता में स्कूल ऑफ एजुकेशन के छात्र-छात्राओं ने अत्यंत उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया। विद्यार्थियों ने अपनी वैचारिक सोच और रचनात्मकता का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक प्रभावशाली और अर्थपूर्ण नारे लिखे। छात्रों द्वारा तैयार किए गए इन विषयपरक और भावनात्मक नारों में समाज से भ्रष्टाचार को मिटाने, सामूहिक जिम्मेदारी निभाने और हर स्तर पर पारदर्शिता बनाए रखने का संदेश साफ झलक रहा था। यह प्रतियोगिता न केवल छात्रों को अपनी कलात्मक और रचनात्मक प्रतिभा दिखाने का एक बेहतरीन मंच साबित हुई, बल्कि इसने उनके भीतर नागरिक कर्तव्यों और व्यावसायिक नैतिकता की भावना को भी गहरा किया। कार्यक्रम के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि आज के ये छात्र कल के शिक्षक हैं, जो आगे चलकर देश के जिम्मेदार नागरिकों का निर्माण करेंगे। ऐसे में शिक्षण संस्थानों में ईमानदारी को बढ़ावा देने और बच्चों को नैतिक रूप से सुदृढ़ बनाने में इन भावी शिक्षकों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी। यह पहल संस्कृति विवि के स्कूल ऑफ एजुकेशन के मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करने और अपने शिक्षार्थियों के समग्र विकास के प्रति दृढ़ संकल्प को दर्शाती है। इस तरह के आयोजनों के माध्यम से छात्रों को ऐसे जिम्मेदार पेशेवरों के रूप में तैयार किया जाता है जो अपने व्यक्तिगत और व्यावसायिक जीवन में हमेशा ईमानदारी, निष्पक्षता और नैतिक सिद्धांतों का पालन करें। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों और संकाय सदस्यों द्वारा सत्यनिष्ठा का पालन करने के एक नए संकल्प के साथ हुआ। सभी ने एक सुर में देश को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और भ्रष्टाचार मुक्त बनाने में अपना सक्रिय योगदान देने की प्रतिबद्धता जताई। कार्यक्रम में विभाग की डीन डा. रेनू गुप्ता, डा. निशा चंदेल, डा. हरिकृष्ण, डा. प्रियंका गौतम, डा. अर्चना शर्मा, डा, भोपाल रावत, डा. विवेक शुक्ला, डा. ज्योत्सना राठौर, डा.संगीता सिंह, डा. पुष्पेंद्र कुमार, कु.दीक्षा आदि की मौजूदगी उल्लेखनीय रही।

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