बरसाना पुलिस ने रात्रि अगस्त के दौरान ऊंचा गांव रोड से चोरी की योजना बनाते तीन चोरों को पकड़ा पकड़े गए चोरों के कब्जे से एक चोरी की मोटरसाइकिल डीलक्स एक तमंचा 315 बर एक जिंदा कारतूस बरामद किया है तीनों आरोपियों का पुलिस ने चालान किया थाना प्रभारी अरविंद कुमार निर्वाल अप निरीक्षा के रवि भूषण शर्मा रात्रि 11:00 बजे मुखबिर की सूचना मिली कि ऊंचा गांव की तरफ जाने वाले रास्ते पर पत्थर वाली बाउंड्री पर बैठकर तीन बदमाश चोरी की योजना बना रहे है जिनके पास नाजायज असला भी हो सकते हैं मुखबिर की सूचना पर बरसाना पुलिस द्वारा तत्परता दिखाते हुए मुखबिर के बताए गए स्थान ऊंचा गांव रोड पर पत्थर वाली बाउंड्री के पास रात्रि 11:00 बजे देकर चोरी की योजना बनाते हुए तीन अभियुक्तों को एक मोटरसाइकिल एचएफ डीलक्स एक तमंचा 315 बर एक जिंदा कारतूस 315 बर सहित गिरफ्तार किया गया गिरफ्तार तीनों अभियुक्तों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेजा गया
लाडली जी मंदिर में होली की मस्ती में डूबे श्रद्धालु
लाडली जी मंदिर में समाज गायन के दौरान राधारानी को होली के पद सुनाते गोस्वामी समाज के लोग।
रिपोर्ट राघव शर्मा
बरसाना: आयो ऋतुराज बसन्त चलो सखि नंदराय गृह जइये, प्रीतम श्याम कमलदल लोचन न्यौत कछुक दिन लइये आदि होली के पद राधारानी को सुनाए जा रहे। बसंत पंचमी से शुरू हुई चालीस दिवसीय समाज गायन के दौरान गोस्वामी समाज के लोगों द्वारा रोजाना शाम को एक घन्टा बृषभान नन्दनी को होली के पद सुनाते है। चालीस दिनों में राधारानी को करीब 100 पद सुनाए जाएंगे। यह पद प्राचीन कवियों द्वारा लिखे हुए है।
बरसाना में होली की धूम मची हुई। लाडिली जी मंदिर पर अबीर गुलाल उड़ रहा है तो वहीं श्रद्धालु अबीर गुलाल के रंग में सराबोर हो रहे है। बसंत से शुरू हुआ होली का धमार धुलेंडी तक चलेगा। चालीस दिवसीय फाग महोत्सव के चलते राधारानी मंदिर पर समाज गायन चल रहा है। समाज गायन के दौरान गोस्वामी समाज के लोग राधारानी को रोजाना होली के पद सुना रहे है। बसंत के दिन ललित लवंग लता परिशीलन कोमल मलय समीरे। मधुकर निकर करम्बित कोकिल कूजित कुंज कूटीरे! उन्मद मदन मनोरथ पथिक बधुजन जनित विलापे। अलि कुल संकुल कुसुम समूह निराकुल बकुल कलापे!! आदि पदों की प्रस्तुति हुई। वहीं महाशिवरात्रि के दिन ‘‘रूप बावरो नन्द महर सौ वौहर बनौ होरी को छैल रोकत टोकत घूंघट खोलत भर पिचकारी तकत पुरोजन यही भरे जौवन के फैल’’ बरसानौ हमारी रजधानी गहवरवन और खोर सांकरी,,। आदि पदों की प्रस्तुति की जाएगी। जबकि समाज गायन के समापन के दौरान आखिरी पद ढप धर दै यार गई परकी, जौ जीवेगों सो खेलोगे गया जाएगा। गोस्वामी समाज के मुखिया रामभरोसी मुखिया ने बताया कि राधारानी मंदिर में होली के पदों का गायन बसंत से शुरू हुआ है। जो चालीस दिनों तक चलेगा। समाज गायन के दौरान जयदेव आदि कवि के पदों का गायन किया जाता है। सेवायत राम गोस्वामी ने बताया कि लाडली जी मंदिर में होली की धूम मची हुई है। श्रद्धालु अबीर गुलाल में सराबोर होकर होली का आनंद ले रहे है। वहीं लठामार होली की प्रथम चौपाई महाशिवरात्रि तथा द्वितीय चौपाई लड्डू होली के दिन निकाली जाएगी।
रंगीली गली चौक पर रहेगा श्रद्धालुओं का प्रवेश वर्जित
रंगीली गली चौक के आसपास खड़ी जर्जर इमारत।
रिपोर्ट राघव शर्मा
बरसाना: लठामार होली मेला की तैयारी को लेकर हर बार पुलिस प्रशासन जर्जर इमारतों के मालिकों सिर्फ नोटिस देकर खानापूर्ति करता है, लेकिन उसके बावजूद भी जर्जर इमारतों पर सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु चढ़ जाते है। इस बार भी पुलिस प्रशासन ने जर्जर इमारत के मालिकों को नोटिस जारी किया है।
18 मार्च को बरसाना में लठामार होली मेला का आयोजन होगा। लठामार होली मेला देखने के लिए देश विदेश से लाखों की तादाद में श्रद्धालु बरसाना आते है। ऐसे में कस्बे के तंग रंगीली गली में लठामार होली का मुख्य आयोजन होता है। जहां होली देखने के लिए वीवीआईपी का अमला एकत्र होता है। वहीं हजारों की संख्या में श्रद्धालु भी रंगीली गली में पहुंचे है। ऐसे में तंग रंगीली गली के चारो तरफ जर्जर इमारत खड़ी हुई है। उक्त इमारतों की छत पर बैठकर श्रद्धालु होली का आनंद लेते है। हर बार की तरह इस बार भी पुलिस प्रशासन द्वारा चालीस जर्जर इमारत मालिकों को नोटिस जारी किया गया है कि वो होली के दौरान अपनी छत पर किसी को चढ़ने न दे। अधिशाषी आधिकारी कल्पना बाजपेई ने बताया कि जर्जर इमारत मालिकों को नोटिस जारी कर दिया गया है। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि लठामार होली के दौरान जर्जर इमारत की छत पर किसी को चढ़ने नहीं दिया जाएगा। वहीं संजय वकील तिराह तथा चंदर समोसे वाले की दुकान पर बेरिकेड्स लगाकर किसी भी श्रद्धालु को रंगीली गली चौक तक नहीं जाने दिया जाएगा।
मथुरा। घटना लगभग तीन दशक से भी ज्यादा पुरानीं है किंतु मेरे सनकी पन का एक बड़ा रोचक किस्सा है। एक बार की बात है कि मुझे किसी ने सूचना दी कि छत्ता बाजार के अंदर बारी गली के एक बंद मकान जिसे पुलिस ने सील कर रखा है, के अंदर पिंजरे में बंद एक तोता भूखा प्यासा छटपटा रहा है। बस फिर क्या था इतना सुनते ही मेरा मन भी छटपटाने लगा और यह लगा कि कैसे भी हो उस तोते की जान बचाऊं। मैंने तुरंत अपने एक सहयोगी यदुवंश मणि पावस को बुलाया और स्कूटर पर बैठाकर जा पहुंचा बारी गली के उसी मकान पर। उस मकान में रहने वाले सभी लोगों को पुलिस ने दहेज हत्या के मामले में कई दिन पूर्व जेल भेजकर मकान के दरवाजे पर ताला लगाकर सील कर दिया था। वहां पर लोगों ने बताया कि एक दिन पहले तक तोते की टैं-टैं की आवाज आ रही थी किंतु उस दिन सुबह से ही आवाज बंद थी। मैंने तुरंत कोतवाली प्रभारी को फोन किया तथा वस्तुस्थिति से अवगत कराया। जहां तक मुझे याद है उस समय कोतवाल धर्मचंद्र थे। उन्होंने कहा कि गुप्ता जी अब हम सील तो तोड़ नहीं सकते और कोई दूसरा रास्ता है भी नहीं। मैंने कहा कि दूसरा रास्ता यह है कि आप पुलिस को भेज दो उसकी उपस्थिति में हम लोग एक नसैनीं लगाकर खिड़की के रास्ते घर के अंदर प्रवेश कर जाएंगे तथा तोते को सकुशल बचा लेंगे। थोड़ी देर बाद एक दरोगा वहां पहुंच गए इसी दरम्यान हमने एक नसैंनीं का इंतजाम किया और हम सभी नसैनीं लगाकर खिड़की के रास्ते घर के अंदर प्रवेश कर गए। हमने पूरा घर छान मारा किंतु तोता कहीं नहीं मिला और हम सभी वापस बाहर आ गये। बाद में पता चला कि बीती रात्रि में मुहल्ले के कुछ लोग नसैनीं लगाकर घर के अंदर प्रवेश करके तोते को चुपचाप निकाल लाये थे। खैर जो भी हो तोते की जान बच गई यही बहुत अच्छी बात रही। चली बात पर इतना जरूर कहना चाहूंगा कि जो लोग अपने शौक और मनोरंजन के लिए तोते या अन्य पक्षियों को कैद करके पूरे जीवन भर घोंट घोंट कर मारते हैं, उनका दर्जा तो कसाईओं से भी ज्यादा बड़ा होता है क्योंकि कसाई तो एक बार ही मारता है किंतु ये निर्दयी तो पूरी जिंदगी उन्हें तिल तिल कर मारते रहते हैं। ये लोग इंसान नहीं शैतान होते हैं। अगर इन्हें या इनके बच्चों को कोई पूरे जीवन भर एक कमरे में बंद रखे और वही खाना दे दिया जाय तथा कह दिया जाए कि यहीं खाओ और यही हंगो, तो इन्हें कैसा महसूस होगा? अरे निर्दयी लोगो आसमान के इन परिंदों को मत सताओ इनकी आह तुम्हें कहीं का नहीं छोड़ेगी। प्रदीप का यह गाना “पिंजरे के पंछी रे तेरा दर्द न जाने कोय, ऊपर से तू खामोश लगे हैं भीतर भीतर रोये, विधि ने तेरी कथा लिखी आंसू में कलम डुबोय” सुनते ही मेरा मन रोने लगता है। धन्य हैं प्रदीप और धिक्कार है इन निर्दईयों को।
पांच अगस्त को होने वाले दीक्षांत समारोह में मिलेगा गोल्ड मेडल
मथुरा। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राजीव एकेडमी की छात्राएं लगातार शानदार सफलताएं हासिल कर रही हैं। हाल ही में यहां की बीसीए छात्रा तृप्ति कश्यप ने जहां डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में टॉप किया था वहीं अब यह उपलब्धि सत्र 2020-22 की एम.एड. छात्रा मनीषा गौतम ने हासिल की है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी पत्र में कहा गया है कि इन दोनों छात्राओं को पांच अगस्त को होने जा रहे दीक्षांत समारोह में गोल्ड मेडल तथा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने छात्रा मनीषा गौतम को बधाई देते हुए कहा कि एमएड की डिग्री वह भी सर्वोच्च अंकों के साथ हासिल करना बड़ी उपलब्धि है। यह डिग्री उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मनीषा के लिए काफी महत्वपूर्ण होगी तथा वह शिक्षिका के रूप में एक नई पहचान बनाने में सफल होंगी। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने छात्रा मनीषा गौतम को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने छात्रा मनीषा गौतम को शानदार उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि हाल ही में बीसीए सत्र (2020-23) की छात्रा तृप्ति कश्यप ने जहां सबसे अधिक अंक हासिल कर राजीव एकेडमी का गौरव बढ़ाया है वहीं गत वर्ष बीसीए की ही छात्रा सुरभि अग्रवाल ने विश्वविद्यालय में सर्वोच्च अंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल हासिल किया था। मनीषा गौतम ने अपनी सफलता का श्रेय राजीव एकेडमी की शिक्षण व्यवस्था और अनुशासन को देते हुए कहा कि यहां हर संकाय के विद्यार्थियों को सुयोग्य शिक्षकों तथा मार्गदर्शकों का सहयोग मिलता है। मनीषा कहती हैं कि जिस तरह की तैयारी मैंने की थी उसे देखते हुए अच्छे अंक आने की उम्मीद थी। मनीषा को राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के शिक्षा संकाय के विभागाध्यक्ष तथा प्राध्यापकों ने बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वह शिक्षण के क्षेत्र में बेहतर करियर बनाने में सफल होंगी।
मथुरा। रहीम दास जी का यह दोहा मुझे बेहद पसंद है। इस दोहे में उन लोगों की सटीक व्याख्या की गई है जो बड़े तो बहुत ज्यादा होते हैं किंतु मानसिक कद उनका बेहद नांटा होता है। ये लोग जन्म भले ही मनुष्य योनि में लेते हैं किंतु होते खजूर के पेड़ जैसे। इनका धन खजूर की तरह होता है और छाया तो ऐसी होती है जिसका अता पता भी नहीं रहता। ये लोग तो सिर्फ अपने तक ही सीमित रहते हैं। ऐसे लोग जो भले ही कितने भी धनवान हो और कितने भी प्रभावशाली किंतु सब बेकार। चौरासी लाख योनियों के बाद मिली मनुष्य योनि इसलिए नहीं मिली है कि अपना ही अपना सोचो और पूरी जिंदगी अपना ही अपना मंत्र जपते जपते एक दिन मिट्टी में मिल जाओ। मैं, मेरा घर परिवार बस इसके आगे कुछ नहीं। हमारे पिताजी अक्सर कहते थे कि सभी वेद, पुराण आदि धर्म शास्त्रों का निचोड़ है परमार्थ। मेरी नजर में तो ये लोग बज्र मूर्ख हैं जिन्हें यह भी नहीं पता कि अपना का अर्थ क्या होता है। सही मायने में अपना लाभ तो विरानों यानीं गैरों की मदद में निहित होता है। यदि हमारी सोच यानीं हमारा मूल स्वभाव परोपकार का होगा तो सचमुच में हम अपना लाभ कर पाएंगे वर्ना पूरा जीवन अकारत हुआ यानीं दो कौड़ी का। धन, संपत्ति, जमीन, जायदाद, प्रभाव, रंग रुतवा तथा शान शौकत आदि सब निरर्थक। इस प्रकार की टुच्ची सोच रखने वालों की गति क्या होती है? यह बताने की जरूरत नहीं यह तो सर्वविदित है। इनका लोक तो क्या परलोक भी बिगड़ जाता है न मालूम कौन सी गंदी योनि में जन्म मिलेगा। इसके अलावा अंत समय में बड़ा पछतावा रहता है कि हमने अपने जीवन में कुछ हासिल नहीं किया। यही नहीं जिन घर वालों के लिए जोड़ जोड़ कर रखे जा रहे हैं तथा तरह-तरह के पाप पुण्य करके धन संपत्ति का संचय कर रहे हैं, वे भी आगे चलकर मुंह मोड़ लेते हैं। मैंने ऐसे कई उदाहरण देखे हैं। शेष में ये लोग बिलबिलाते और छटपटाते ही रह जाते हैं तथा कहते हैं कि हमने इनके लिए क्या-क्या नहीं किया और आज उसका क्या प्रतिफल मिल रहा है। अब मैं एक कहानी सुनाता हूं, जो पिताजी ने मुझे उन दिनों सुनाई थी जब मैं किशोरावस्था पार कर युवावस्था में प्रवेश कर रहा था तथा पिताजी के कारोबार में उनका हाथ बंटाता था। उस समय मुझे भी अधिक धन कमाने की हाय लगी रहती थी तथा भला बुरा सोचे बगैर बस एक ही धुन सवार रहती थी कि कैसे भी हो ज्यादा से ज्यादा आमदनीं होनी चाहिए। कहानी यह है कि एक व्यक्ति अधिक धन दौलत कमाने की लालसा में भला बुरा कुछ भी नहीं सोचता था चाहे उसे कितना भी पाप पुण्य क्यों न करना पड़े यहां तक कि लूटपाट और हत्या तक कर डालता था। एक बार ऐसा हुआ कि किसी पहुंचे हुए व्यक्ति से उसका वास्ता पड़ गया। पहुंचे हुए व्यक्ति ने उस व्यक्ति से पूंछा कि तुम यह सब जो कर रहे हो वह किसके लिए कर रहे हो? उसने कहा कि अपने परिवार के भरण पोषण के लिए। तब पहुंचे हुए व्यक्ति ने उस लालची व्यक्ति से कहा कि जिनके लिए तुम यह सब पाप पुण्य कर रहे हो वे तुम्हारे किसी मतलब के नहीं क्यों इस पाप की गठरी को अपने सिर पर रख रहे हो? वे तो खाने पीने और मौज मस्ती तक के साथी हैं जब तुम्हारे बुरे दिन आएंगे तब ये सब साथ छोड़ देंगे और पूरा पाप तुम्हें ही भोगना पड़ेगा। उस व्यक्ति ने पहुंचे हुए व्यक्ति की बात को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अरे ये तो मेरे लिए जान की बाज़ी तक लगा देंगे तुम्हें कुछ नहीं मालूम। इस पर दोनों में बहस छिड़ गई। तब लालची व्यक्ति इस बात पर तुला रहा कि मेरे घरवाले मेरे लिए मर मिटने को तैयार रहेंगे तो फिर पहुंचे हुए व्यक्ति ने कहा कि ठीक है मैं अभी सिद्ध किए देता हूं कि तेरे घर वाले तेरे लिए मरना मिटना तो दूर एकदम मुंह फेर लेंगे। लालची व्यक्ति बोला कि यदि तुमने यह सिद्ध कर दिया तो फिर मैं आज से ही इनके लिए पाप पुण्य करना छोड़ दूंगा। इसके बाद पहुंचे हुए व्यक्ति ने लालची से उसके घर का पता ठिकाना पूंछा तथा वहां खबर भिजवादी कि तुम्हारे आदमी की दशा बिगड़ गई है। हालत बहुत खराब है तुरंत चल कर उसे देखो। साथ ही लालची को पट्टी पढ़ा दी कि तुम लेट जाओ और आंखें बंद करके जोर जोर से सांस लेना तथा ऐसा नाटक करना जैसे सचमुच में तुम मरणासन्न स्थिति में हो लालची ने ऐसा ही किया। जैसे ही घर वाले भागे भागे आये, उन्हें दूर से आते हुए देखकर वह लेटकर नाटक करने लगा। पहुंचे हुए व्यक्ति ने उनसे कहा कि इसका अंत समय आ गया है और यह बचेगा नहीं। इतना सुनते ही वे लोग बुरी तरह घबरा कर रोने धोने लगे। साथ ही पहुंचे हुए व्यक्ति से कहने लगे कि महाराज कोई ऐसा उपाय करो जिससे इनके प्राण बच जांय। इस पर वे बोले कि एक उपाय हो सकता है। उनके मुंह से यह बात निकलते ही वे सभी एक स्वर में बोले कि जल्दी बताओ कि क्या उपाय हैं? हम जरूर करेंगे। इस पर उस पहुंचे हुए व्यक्ति ने कहा कि यदि इसकी जिंदगी बचाने के बदले में आप लोगों में से कोई अपनी जिंदगी देने को तैयार हो तो यह कार्य संभव है। इतना सुनते ही सब की बोलती बंद हो गई यानी कि किसी ने भी अपनी जिंदगी देने की हां नहीं भरी। बेटे, बहू सब कहने लगे कि अभी हमने देखा ही क्या है इस दुनियां में यानी किसी ने कुछ किसी ने कुछ बहाना बना दिया। इसके बाद पहुंचे हुए व्यक्ति ने उसकी पत्नी की ओर मुखातिब होकर कहा कि तुम ही पति परमेश्वर के लिए अपनीं जान दे दो। इस पर वह बोली कि मुझे तो इनकी छोड़ी हुई गृहस्थी चलानी है मैं कैसे अपनी जान दे दूं? उसकी बात पर पहुंचे हुए व्यक्ति ने कहा कि गृहस्थी तो सब अपने आप चलती रहेगी बेटे बहू समझदार हैं। सब संभाल लेंगे क्यों चिंता करती हो? इस पर वह बोली कि मेरा मन तो यह है कि इनके सारे क्रिया कर्म करने के बाद फिर मैं कोई अन्य जीवनसाथी की तलाश लूंगी और बाकी की जिंदगी ऐशौ आराम व ठाट वाट से बिताऊंगी विधवा जिंदगी थोड़े ही जीऊंगी। मतलब सभी ने आंखें बदल ली तथा कोई अपनी जान देने के दाव में नहीं आया। यह सब बातें वह व्यक्ति जो उनके लिए दिन रात पाप पुण्य करने में लगा रहता था, बड़े ध्यान से सुन रहा था। कुछ देर में पहुंचे हुए व्यक्ति का इशारा पाते ही वह लालची उठ बैठा और क्रोध से पागल होकर उन सभी को खूब खरी-खोटी सुनाई और उसकी आंखें खुल गईं। उसके बाद उसने उन सभी घरवालों से नाता तोड़ लिया तथा सभी बुरे कर्मों से तौबा कर ली। फिर तो उसे वैराग्य प्राप्त हो गया और उसी पहुंचे हुए व्यक्ति का शिष्य बन परोपकार के कार्यों में अपना शेष जीवन बिताने लगा। सौ की सीधी बात यह है कि हम लोग बजाय खजूर के पेड़ के ऐसे फलदार वृक्ष बनें जिनसे औरों को फल व छाया मिले। इसी में हमारा जीवन सार्थक है। अत्यधिक धन लिप्सा इंसान को ऐसा अंधा बना देती है जिसे यह भी दिखाई नहीं देता कि किस बात में हमारी भलाई है और किसमें बुराई। धन की कामना केवल इतनी रहनी चाहिए कि “ठाकुर इतना दीजिए जिसमें कुटुम्म समाय, मैं भी भूखा ना रहूं साधु भी भूखा न जाय।
पूर्व में भी पुलिस को देख गौवंश से लदे सेंट्रो कार छोड़ भागा था गौ तस्कर
रिपोर्ट राघव शर्मा
बरसाना: दिनदहाड़े कांमा राजस्थान बॉर्डर पर बरसाना पुलिस व गौ तस्कर के मध्य मुठभेड़ हो गई। जिसके चले पुलिस की गोली लगने से गौ तस्कर घायल हो गया। पुलिस ने शातिर गौ तस्कर के कब्जे से तमंचा व कारतूस सहित चोरी की बाइक बरामद की। पूर्व में भी शातिर गौ तस्कर पुलिस को चकमा देकर गौवंश से लदे सेंट्रो कार छोड़कर भाग गया था।
गुरुवार की दोपहर करीब तीन बजे मुखबिर की सूचना पर चौकी इंचार्ज नंदगांव अजय अवाना, चौकी इंचार्ज हाथिया अरविंद पौनियां, कस्बा चौकी इंचार्ज अवधेश पुरोहित मयफोर्स के साथ राजस्थान कांमा बॉर्डर पर स्थित चरण पहाड़ी पर मौजूद थे। तभी कांमा की तरफ से आ रहे कच्चे रास्ते से शातिर गौ तस्कर बाइक से आ रहा था। पुलिस ने शातिर गौ तस्कर को रोकने का प्रयास किया तो पुलिस टीम को देख शातिर ने फायर कर दिया। जबाब में पुलिस ने भी फायरिंग की। बाएं पैर में पुलिस की गोली लगने से शातिर गौ तस्कर गिर पड़ा। जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। शातिर गौ तस्कर ने अपना नाम साहुन निवासी हाथिया हाल निवासी उदाका थाना कांमा जनपद भरतपुर बताया। पुलिस ने शातिर के कब्जे से एक तमंचा सहित दो कारतूस तथा दो खोखा कारतूस, चोरी की बाइक बरामद की। पूछताछ के दौरान शातिर साहुन ने बताया कि एक फरवरी को अपने साथी सलीम निवासी अलीमेव के साथ गौवंश की रैकी करने बाइक से बरसाना क्षेत्र में आया था, लेकिन तभी रास्ते में पुलिस को देखकर भाग गया। थाना प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार निर्वाल ने बताया कि पूर्व में भी कांमा बॉर्डर पर शातिर गौ तस्कर गौवंश से भरे सेंट्रो कार को छोड़ अपने साथियों के साथ भाग गया था। शातिर गौ तस्कर पर गोवर्धन व बरसाना थाना में आधा दर्जन से अधिक आपराधिक मुकदमें दर्ज है। शातिर गौ तस्कर को गौवंश चोरी करने में महारथ हासिल थी।
सड़कों के रिटेनिंग वॉल में प्रयोग होने वाले पाइप की जगह अब जीएलए के प्रोफेसरों का काम करेगा आईडिया
मथुरा : सतह से ऊंची सड़क के स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए पानी निकासी हेतु रिटेनिंग वॉल में पाइप लगाए जाते हैं, जिसमें कई परेशानियां आती हैं। इसी समस्या के समाधान का निश्कर्श निकालते हुए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसरों ने एक नए आईडिया की खोज की है। जिसका ‘ऑटो ड्रेनेज ब्रिक‘ नामक पेटेंट भी प्रकाशित हो चुका है।
अक्सर देखने को मिलता है कि जमीन स्तर से ऊंची सड़कों के किनारे जो रिटेनिंग वॉल लगाई जाती है, उसमें पानी निकासी हेतु प्लास्टिक अथवा लोहे के पाइप लगाए जाते हैं, जिसमें काफी खर्च और समय भी लगता है। इसके अधिक खर्चे और समय की बचत हेतु जीएलए विश्वविद्यालय सिविल इंजीनियरिंग के असिस्टेंट प्रोफेसर मोहित वर्मा और कुंवर राघवेन्द्र सिंह ने जल की निकासी मजबूत ईंट का आईडिया सुझाया है।
असिस्टेंट प्रोफेसर मोहित वर्मा ने बताया कि सड़क के स्ट्रक्चर को पानी से बचाए रखने के लिए साइट में रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जाता है। सड़कों पर पानी जमा न हो उसके लिए रिटेनिंग वॉल में ही पाइप लगाए जाते हैं, लेकिन अब पाइप की आवश्यकता से भी छुटकारा मिलने की पूर्ण संभावना है। अगर सबकुछ ठीक रहा तो उनके आईडिया के माध्यम से एक सीमेंटेड, फ्लाई ऐश, लाइम (चूना) के द्वारा एक खोखली ईंट का निर्माण होगा। यह ईंट रिटेनिंग वॉल में प्रयोग होगी। प्रयोग होने वाली खोखली ईंट के माध्यम से सड़क का पानी आसानी से बाहर आ सकेगा और अलग से कोई पाइप सिस्टम की आवश्यकता नहीं पडे़गी।
विभागाध्यक्ष प्रो. सुधीर गोयल कहते हैं कि सबकुछ ठीक रहने के बाद सिविल विभाग के प्रोफेसर का आईडिया धरातल पर आता है तो वाकई रिटेनिंग वॉल की मजबूती तो होगी ही, बल्कि सड़क के स्ट्रक्चर को बनाए रखने के लिए मुख्य धारा की तरह साबित होगी। साथ ही पाइप का खर्च तो बचेगा ही, बल्कि गिट्टी एवं पत्थर से यह ईंट अधिक किफायती मूल्य पर उपलब्ध हो सकेगी।
डीन रिसर्च प्रो. कमल शर्मा ने बताया कि रिटेनिंग वॉल में लगने वाले पाइप कभी टूट और खराब हो जाते हैं, जिससे जमीन की सतह से ऊंची सड़क का पानी नहीं निकल पाता, लेकिन अब प्रोफेसर के आईडिया से काफी सहूलियत मिलेगी। खोखली यानि सुराख वाली मजबूत ईंट रिटेनिंग वॉल में एक नई कड़ी जुड़कर उभरेगी।
कोसीकलां। कोसीकलां में निकासा रोड़ पर स्थित पशु पेंठ के समीप गुरुवार सुबह अज्ञात लोगों द्वारा प्रशासन की अनदेखी के कारण एनजीटी के आदेशों को दरकिनार कर कूड़े के ढेर में आग लगा दी गई। वहीं विकराल आग से निकलते प्रदूषण रहित काले धुआं के गुब्बारों से आसमान काला हो गया। कोसीकलां के निकासा रोड़ पर कूड़े के ढेर में लगी आग से प्रदूषण रहित काले धुआं के बीच से बमुश्किल राहगीरों को निकलने पर मजबूर होना पड़ा। वहीं प्रशासन की अनदेखी के कारण कोसीकलां के निकासा रोड़ पर स्थित पशु पेंठ के समीप अज्ञात लोगों द्वारा एनजीटी के आदेशों की किस तरह से धब्बजियां उड़ाई जा रही हैं यह आप खुद इस विडियो में देख सकते हैं। निकासा रोड़ पर गुरुवार को एनजीटी के आदेशों की खुलेआम धब्बजियां उड़ा कर कूड़े के ढेर में आग लगा दी गई। जिससे वातावरण में प्रदूषण फैलाने के साथ ही साथ बिमारी को न्योता दिया जा रहा है। लेकिन प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं लगी।
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स ‘फिएस्टाः 2024’ का शुभारंभ करने पहुंचे मुख्य अतिथि प्रसिद्ध क्रिकेट खिलाड़ी, कोच, रैफरी केके शर्मा ने कहा कि आपका एक लक्ष्य होना चाहिए और उस लक्ष्य को पाने के लिए आपके अंदर एक (बर्निंग डिजायर) भूख होनी चाहिए। अपने लक्ष्य को पाने के लिए सारी ताकत लगा दें। यदि कभी सफलता न मिले तो अपने को हारा हुआ महसूस न करें फिर जुट जाएं और तब तक प्रयास करें जबतक लक्ष्य हासिल न हो जाए। रेलवे की ओर से रणजी खेलने वाले पूर्व डिवीजनल सीटीआई क्रिकेटर किशोर शर्मा(केके शर्मा) ने संस्कृति के विद्यार्थियों की हौसला अफजाई करते हुए कहा कि आप बहुत भाग्यशाली हैं जो इस विवि में आपको पढ़ने का मौका मिला है। उन्होने देश के नामचीन खिलाड़ियों का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह से उन्होंने लगातार प्रयास कर सफलती पाई और देश का नाम रौशन किया। मैं यहां आकर अचंभित हूं कि विवि ने कितने उच्चस्तरीय संसाधन सभी खेलों के लिए उपलब्ध करा रखे हैं। उन्होंने कहा कि आप प्रयास करेंगे तो देश के लिए क्रिकेट, बैडमिंटन, वेटलिफ्टिंग आदि भी खेल सकते हैं। उन्होंने नारा देते हुए कहा कि खेलो संस्कृतियन खेलो, जीभर के खेलो। विशिष्ठ अतिथि वरिष्ठ बैडमिंटन, टेबिल टेनिस खिलाड़ी प्रदीप कुलश्रेष्ठ ने कहा कि कठिन परिश्रम का कोई विकल्प नहीं है। सफलता हासिल करने के लिए कठिन परिश्रम करना ही पड़ेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को कहा कि आप जिस खेल में भी रुचि रखते हैं उसमें आगे बढ़ने के लिए सभी प्रयास करें आपको सफलता जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि पुरानी कहावत बदल लीजिए और खूब पैर फैलाइए, चादर आपको बड़ी मिल ही जाएगी।
संस्कृति विवि के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने कहा कि खेल एक ऐसा माध्यम है जिससे आप अपनी क्षमताओं का आकलन कर सकते हैं। खेलने से मानसिक शक्ति, टीम भावना, स्किल का विकास होता है इसलिए खूब खेलें और खूब पढ़ें, आपकी तरक्की सुनिश्चित है। संस्कृति विवि की सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा, डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। डा. रजनीश त्यागी ने खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला। स्पोर्ट्स फिएस्टाः2024 का शुभारंभ मुख्य अतिथि क्रिकेटर केके शर्मा ने मशाल जलाकर और गुब्बारे उड़ाकर किया। इस मौके पर मुख्य अतिथि ने विवि के एक छात्र को अपने पैड भी गिफ्ट किए। अंत में संस्कृति स्टूडेंट वेलफेयर के डीन डा. डीएस तौमर ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उद्घाटन सत्र का संचालन वरिष्ठ प्रबंधक अनुजा गुप्ता ने किया।