Thursday, January 15, 2026
Home Blog Page 195

स्वस्थ रहने के लिए जरूरी है नियमित व्यायामः डॉ. गजेंद्र शर्मा

जीएल बजाज में हुई वर्कस्टेशन एर्गोनॉमिक्स पर स्वास्थ्य कार्यशाला

मथुरा। आज की भागमभाग भरी जिन्दगी में हर कोई अपने स्वास्थ्य को लेकर परेशान है। कामकाजी लोग हों या छात्र-छात्राएं यदि वह अपनी दिनचर्या में पौष्टिक आहार और कुछ समय के व्यायाम को समाहित कर लें तो वह हमेशा तरोताजा रह सकते हैं। उक्त सारगर्भित उद्गार जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस मथुरा द्वारा आयोजित वर्कस्टेशन एर्गोनॉमिक्स स्वास्थ्य कार्यशाला में डॉ. गजेंद्र शर्मा, फिजियोथैरेपी प्रमुख, के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर, मथुरा ने व्यक्त किए। कार्यशाला का शुभारम्भ संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने किया।
कार्यशाला का मुख्य भाग सामान्य जोखिम कारकों की पहचान से शुरू करते हुए, विशिष्ट एर्गोनॉमिक विचारों पर केंद्रित था। प्रतिभागियों ने सीखा कि कैसे अनुचित डेस्क और कुर्सी चयन, मॉनीटर प्लेसमेंट और अपर्याप्त प्रकाश व्यवस्था जैसी समस्याएं मस्कुलोस्केलेटल समस्याओं में योगदान कर सकती हैं। इसके बाद व्यावहारिक समाधान तलाशे गए, जिनमें कुर्सी और डेस्क समायोजन, मॉनीटर ऊंचाई संरेक्षण, कीबोर्ड और माउस पोजीशनिंग और केबल प्रबंधन शामिल थे। कार्यशाला में कीबोर्ड ट्रे और मॉनीटर स्टैंड जैसे एर्गोनॉमिक एक्सेसरीज के मूल्यों पर भी चर्चा की गई।
कार्यशाला में डॉ. गजेंद्र शर्मा द्वारा उचित शरीर यांत्रिकी और मुद्रा के महत्व पर जोर देते हुए प्रतिभागियों को बैठने और खड़े होने की सही स्थिति बनाए रखने के बारे में शिक्षित किया गया। इतना ही नहीं कार्यशाला में स्थैटित मुद्राओं को कम करने और कार्यदिवस में नियमित ब्रेक और स्ट्रेच को शामिल करने की रणनीतियां साझा की गईं। प्रतिभागियों को अपने कार्यस्थानों को निजीकृत करने, उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं का आकलन करने और तद्नुसार एर्गोनॉमिक समायोजन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया। व्यावहारिक गतिविधियों ने उन्हें इन समायोजनों का अभ्यास करने की अनुमति दी, जिससे अपने स्वयं के कार्यस्थानों पर परिवर्तनों को लागू करने में उनका आत्मविश्वास बढ़ा।
डॉ. गजेंद्र शर्मा ने कहा कि एक छात्र को 7-8 घण्टे जरूर सोना चाहिए। उन्होंने कहा कि रोजाना व्यायाम बढ़ती उम्र के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है। हम व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल कर आंखों की रोशनी में सुधार, सामान्य ब्लडप्रेशर तथा दुबली मांसपेशियों को बेहतर बना सकते हैं। प्रो. अवस्थी ने प्राध्यापकों का आह्वान किया कि हम रोजाना जॉगिंग करें, अपने बच्चों के साथ पार्क में जाएं तथा रस्सीकूद या अन्य एक्टिविटी कर शरीर को फुर्तीला और निरोगी बनाएं। अंत में प्रो. नीता अवस्थी ने मुख्य वक्ता तथा डॉ. गजेंद्र शर्मा को स्मृति चिह्न भेंट किया। कार्यक्रम का संचालन स्तुति गौतम ने किया तथा आभार महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष डॉ. शिखा गोविल ने माना।

भैंस लेने जा रहे किसान के साथ बाइक सवारों ने की लूट

0

किसान से मारपीट कर छीने पचास हजार रुपये

बरसाना: भैंस लेने जा रहे किसान के साथ बाइक सवारों ने लूटपाट। बाइक सवारों ने किसान के साथ मारपीट कर पचास हजार रुपये लूट लिये। घटना के बाद पीड़ित किसान ने आरोपितों के खिलाफ थाना में तहरीर दी है। वहीं घटना के बाद पुलिस आरोपित बाइक सवारों के तलाश में जुटी हुई है।

सोमवार को नरी गांव के रहने वाले किसान छिददी कमई गांव में भैंस लेने जा रहा था। तभी गोवर्धन ड्रेन के समीप वाहन का इंतजार कर रहा था। थोड़ी देर में बाइक सवार दो युवक किसान के पास आकर रुकते है और बोलते कि ताऊ कमई जा रहे हो क्या। बाइक सवारों के पूछने पर किसान उनके साथ बाइक पर बैठ जाता है। थोड़ी दूर जाकर 108 कुटिया के समीप बाइक सवार किसान छिददी से मारपीट कर उसकी जेब मे रखे पचास हजार रुपये छीनकर भाग जाते है। घटना के बाद पीड़ित किसान ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटैज खंगालने में जुट गयी। इंस्पेक्टर क्राइम अवधेश जादौन ने बताया कि पीड़ित किसान की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।वहीं आरोपित बाइक सवारों की तलाश की जा रही है।

श्री कृष्ण जन्मभूमि पर जन्माष्टमी दिनांक 07/08.09.2023 पर यातायात डायवर्जन प्लान जनपद मथुरा

0

श्री कृष्ण जन्मभूमि पर जन्माष्टमी दिनांक 07/08.09.2023 पर यातायात डायवर्जन प्लान जनपद मथुरा ।

दिनांक 07-09-2023 को श्री कृष्ण जन्मभूमि पर जन्माष्टमी मनाये जाने के अवसर पर यातायात व्यवस्था को सुदृढ एवं सुगम बनाये जाने हेतु दिनांक 06-09-2023 की रात्रि-20.00 बजे से कार्यक्रम समाप्ति तक जनपद मथुरा के शहर क्षेत्र का यातायात डायवर्जन प्लान निम्नवत रहेगा ।

➡️ प्रतिबन्धित मार्गः-

  1. गोवर्धन चौराहा एवं मण्डी चौराहा से भूतेश्वर की ओर जाने वाले सभी प्रकार के कामर्शियल /भारी वाहन रोडवेज बस, ट्रैक्टर पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगें । रोडवेज बसे औद्योगिक क्षेत्र / जयगुरुदेव एनएच-19 होकर मालगोदाम तक आयेगी एवं इसी मार्ग से वापस अपने गन्तव्य को जायेगी ।
    2.भूतेश्वर तिराहा से श्री कृष्ण जन्मभूमि की तरफ सभी प्रकार के चार पहिया , टेम्पो , ई-रिक्शा , दो पहिया वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    3.मसानी चौराहा से श्रीकृष्ण जन्मभूमि की ओर जाने वाले सभी प्रकार के कामर्शियल /भारी वाहन नगर निगम की बसे, ट्रैक्टर पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे । साथ ही चार पहिया वाहन , टेम्पो , ई-रिक्शा एवं दो पहिया वाहन को श्री कृष्ण जन्मभूमि की तरफ पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जायेगा ।
    4.मसानी चौराहा से चौक बाजार / लाल दरबाजा की ओर समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबन्धित रहेगे ।
    5.गोकरन तिराहा से चौक बाजार एवं चौक बाजार से द्वारिकाधीश मन्दिर की ओर सभी प्रकार के वाहन प्रतिबन्धित रहेगे ।
    6.बस स्टेण्ड से भूतेश्वर की ओर जाने वाली रोडवेज व नगर निगम की बसे भूतेश्वर की ओर पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगी । ये सभी बसे मालगोदाम वाले रास्ते से होकर अपने गनतव्य को जा सकेगी ।
    7.स्टेट बैक चौराहा से सभी प्रकार के कॉमर्शियल /भारी वाहन, ट्रैक्टर आदि वाहन भूतेश्वर की ओर पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे यह सभी वाहन धौली प्याऊ होकर अपने गन्तव्य को जा सकेगे ।
    8.कृष्णापुरी से सभी प्रकार के कॉमर्शियल / भारी वाहन होलीगेट की तरफ पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    9.जी0आई0सी0 कॉलेज वैरियर से चार पहिया , ऑटो टैम्पो , ई- रिक्शा होलीगेट की ओर प्रतिबन्धित रहेगे ।
    10.लक्ष्मी नगर चौराहा से एन0सी0सी0 तिराहा की ओर आने वाले सभी प्रकार के कोमर्शियल / भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगे ।
    11.डींग गेट चौराहा से सभी प्रकार के वाहनो को श्रीकृष्ण जन्मभूमि की तरफ पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जायेगा ।
    12.गोकुल रेस्टोरेन्ट से मसानी चौराहा की तरफ जाने वाले सभी प्रकार के कॉमर्शियल /भारी वाहन को पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे आवश्यकता पडने पर चार पहिया वाहन भी प्रतिबन्धित रहेगे ।
    13.भरतपुर गेट से डींग गेट की ओर समस्त प्रकार के चार पहिया वाहन ऑटो , ई-रिक्शा पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    14.चौक बाजार से मिलन तिराहा की ओर सभी प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    15.मछली फाटक टैक चौराहा से आवश्यकता पडने पर चार पहिया वाहन ऑटो , ई-रिक्शा को प्रतिबन्धित किया जायेगा ।
    16.महाविद्या कालोनी वैरियर से रूपम तिराहा की ओर समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    17.रूपम तिराह से महाविद्या कालोनी की ओर समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    18.गणेशरा कट एनएच-19 वैरियर से पोतरा कुण्ड श्री कृष्ण जन्मभूमि की ओर समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    19.भैस बहौरा के.आर. डिग्री कॉलेज तिराहा से अमरनाथ कट की ओर समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    20.बी0एन0 पोद्दार कॉलेज वैरियर से चार पहिया, ऑटो टैम्पो , ई- रिक्शा होलीगेट की ओर प्रतिबन्धित रहेगे ।
    21.स्टेट बैक चौराहा से भरतपुर गेट की ओर चार पहिया वाहन , कॉमर्शियल वाहन , ऑटो , ई-रिक्शा पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    22.नये बस स्टेण्ड से भूतेश्वर तिराहा की ओर समस्त प्रकार के वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
    23.एनएच-19 बजरंग धर्मकांटा अण्डरपास से बस स्टेण्ड की ओर भारी / कॉमर्शियल वाहन रोडवेज बसे पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगा ।

➡️ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा शहर की यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन हेतु 74 स्थानो पर वैरियर लगाकर यातायात को डायवर्ट/प्रतिबंधित किया जायेगा तथा 20 पार्किंग स्थलों पर श्रध्दालुओं के वाहनों को पार्क कराया जायेगा ।

नोटः- श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दिनांक 06.09.23 से 08.09.23 तक मथुरा शहर मे इन सभी प्रतिबन्धों के अलावा फायर सर्विस / एम्बूलेन्स एवं इमरजेन्सी वाहन के लिए आवागमन खुला रहेगा ।

➡️ पार्किंग व्यवस्थाः- दिनांक 06.09.2023 से 08.09.23 तक श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर आने वाले वाहनो को निम्न पार्किंग स्थालों पर पार्क कराया जायेगा ।

🔴 वीवीआईपी / वीआईपी एवं उच्चाधिकारी गण के वाहनो के लिए पार्किंग

  1. नगर पालिका पार्किंग पोतरा कुण्ड के पश्चिम में वीआईपी पार्किंग

🔴 यमुना एक्सप्रेस वे / वृन्दावन की ओर से श्री कृष्ण जन्मभूमि पर आने वाले वाहनो के लिए पार्किग व्यवस्था

  1. आईटीआई पार्किंग
  2. पी.एम.बी. पॉलीटेक्निक स्कूल पार्किंग
  3. राजेश सैनी का खाली प्लाट पार्किंग
  4. आरके ज्वैलर्स का खाली प्लाट जयसिंह पुरा पार्किंग

🔴 गोकुल रेस्टोरेन्ट / एनएच-19 से मसानी की ओर आने वाले वाहनो के लिए पार्किंग

  1. आरएसएस संस्था के सामने पार्किंग (निकट कल्याण करोती)
  2. गोविन्द मित्तल का प्लॉट गोकुल रेस्टोरेन्ट के पास पार्किंग
  3. आईएसबीटी बस अड्डा एनएच -19 पार्किंग
  4. नयति अस्पताल की खाली भूमि पर पार्किंग

🔴 गोवर्धन चौराहा एवं मण्डी चौराहा से भूतेश्वर की ओर आने वाले वाहनो के लिए पार्किंग

  1. भूतेश्वर फायर सर्विस पार्किंग
  2. नगर निगम मार्केट कृष्णा नगर बिजलीघर के पास पार्किंग

🔴 एनएच-19 होकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर आने वाले वाहनो के लिए पार्किंग

  1. मण्डी परिसर में सभी प्रक्रार के वाहन पार्क किये जायेगे ।

🔴 यमुना एक्सप्रेस –वे होकर लक्ष्मी नगर होकर आने वाले वाहनो के लिए पार्किंग

  1. जीआईसी इण्टर कालेज पार्किंग
  2. रामलीला मैदान पार्किंग सदर बाजार

🔴 टाउनशिप चौराहा गौकुल बैराज की तरफ से आने वाले वाहनो के लिए पार्किंग

  1. सेठ बीएन पोद्दार इण्टर कॉलेज पर पार्क किये जायेगे
  2. कलेन्सी इण्टर कॉलेज मैदान पार्किंग

🔴 एनएच-19 थाना हाइवे की तरफ से आने वाले वाहनो के लिए पार्किंग

  1. रेलवे ग्राउण्ड धौली प्याऊ पर पार्क किये जायेगे

🔴 एनएच-19 जयगुरुदेव कट से बस स्टेण्ड की ओर आने वाले वाहनो के लिए पार्किंग

  1. रेलवे मालगोदाम स्थित खाली मैदान पर पार्क कराये जायेगे

🔴 मीडिया ओ0बी0वेन0 हेतु पार्किंग

  1. के0जे0एस0 गेट नम्बर 01 के पास (मुख्य द्वार) पार्किंग

श्री कृष्ण जन्माष्टमी वृन्दावन की यातायात व्यवस्था
➡️ प्रतिबंधित मार्ग

  1. छटीकरा से कस्वा वृन्दावन की ओर समस्त प्रकार के वाहन प्रतिबन्धित रहेगे ।
  2. छटीकरा-वृदांवन मार्ग पर मल्टीलेबल पार्किंग स्थल से आगे किसी प्रकार का वाहन नहीं जा सकेगा ।
  3. वैष्णोदेवी पार्किंग से सभी प्रकार के भारी वाहन बडी बसे एवं छोटी बसे वृन्दावन की ओर पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगी ।
  4. रुकमणि बिहार गोलचक्कर से वृन्दावन की ओर समस्त प्रकार के भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  5. मथुरा-वृदांवन मार्ग पर सौ सैया से आगे सभी प्रकार के (भारी / चार पहिया ) वाहन प्रतिबन्धित रहेंगे ।
  6. वृन्दावन कट , पानीगांव से वृन्दावन की ओर सभी प्रकार के भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे ।
  7. पानी घाट तिराहे (यमुना पुल) से परिक्रमा मार्ग की ओर वृन्दावन के लिए सभी प्रकार के वाहन प्रतिबन्धित रहेंगे ।
  8. पानीगांव चौराहा से सौ-सैया कस्वा वृन्दावन की ओर समस्त प्रकार के भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे
  9. पुलिस चौकी जैत के पास कट से एनएच-2 से तथा परिक्रमा मार्ग कट एनएच -2 से भारी वाहन/ हल्के वाहन सुनरख रोड / वृन्दावन की ओर कोई वाहन प्रवेश नहीं करेगा ।
  10. गोकुल रेस्टोरेन्ट व मसानी चौराहा से कस्वा वृन्दावन की ओर समस्त प्रकार के भारी वाहन पूर्णतः प्रतिबन्धित रहेगे । पार्किंग व्यवस्था ➡️ दिनांक 06.09.23 से 08.09.23 तक युमना एक्सप्रेस- वे से कस्वा वृन्दावन की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को निम्न पार्किंग स्थलों में पार्क कराये जायेंगे ।
  11. शिवा ढावा के सामने पार्किंग ।
  12. पानीगांव पुलिस चौकी के पास पार्किंग ।
  13. पैराग्लाइडिंग पार्किंग ।
  14. पानी गांव पशु पैठ (बड़े वाहन बस, इत्यादि)
  15. पवन हंस हैलीपैड ।
  16. मंडी पार्किंग ।
  17. दारुक पार्किंग ।
  18. TFC मैदान पार्किंग ।

➡️ दिनांक 06.09.23 से 08.09.23 तक मथुरा शहर की ओर से वृन्दावन को आने वाले श्रद्धालुओं के सभी वाहन निम्नलिखित पार्किंग स्थलों पर पार्क होंगे—

  1. TFC मैदान पार्किंग ।
  2. चौहान पार्किंग ।
  3. मंडी पार्किंग ।
  4. ITI कॉलेज पार्किंग । (समस्त प्रकार की बडी बसे / ट्रैवलर )
  5. पागल बाबा अस्पताल की खाली भूमि गांव धौरेरा । (चार पहिया वाहन)

➡️ दिनांक 06.09.23 से 08.09.23 तक NH-19 छटीकरा से कस्वा वृन्दावन की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के सभी वाहन निम्नलिखित पार्किंग स्थलों पर पार्क होगें—

  1. माता वैष्णों देवी मंदिर के सामने पार्किंग-1 (बड़े वाहन)
  2. माता वैष्णों देवी मंदिर के सामने पार्किंग-2 (बडे वाहन)
  3. माता वैष्णों देवी मंदिर के वरावर में खाली मैदान में पार्किंग-3 (बडे वाहन)
  4. रॉयल भारती मोड़ पार्किंग (छोटे वाहन)
  5. रुकमणि विहार गोलचक्कर के पास पार्किंग
  6. मल्टीलेबल पार्किंग ।
  7. हरेकृष्णा ऑर्चिड के सामने पार्किंग (ई-रिक्शा स्टेण्ड)
  8. प्रेम मंदिर के पीछे सुनरख तिराहा मोड़ पार्किंग ।
  9. जादौन पार्किंग । (वी0आई0पी0 पार्किंग)

➡️ दिनांक 06.09.23 से 08.09.23 तक NH-19 थाना जैत कट से कस्वा वृन्दावन की ओर आने वाले श्रद्धालुओं के सभी वाहन निम्नलिखित पार्किंग स्थलों पर पार्क होगें—

  1. रामताल चौराहा के पास खाली भूमि (बडे वाहन बस/ट्रैवलर , चार पहिया)
  2. छः शिखर तिराहा के पास पार्किंग (चार पहिया वाहन)

➡️ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कस्वा वृन्दावन की यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन हेतु 43 स्थानो पर वैरियर लगाकर यातायात को डायवर्ट/प्रतिबंधित किया जायेगा तथा 17 पार्किंग स्थलों पर श्रध्दालुओं के वाहनों को पार्क कराया जायेगा ।

नोटः- श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर दिनांक 06.09.2023 से 08.09.2023 तक कस्वा वृन्दावन मे इन सभी प्रतिबन्धों के अलावा फायर सर्विस / एम्बूलेन्स एवं इमरजेन्सी वाहन के लिए आवागमन खुला रहेगा ।

राजीव इंटरनेशनल स्कूल में हर्षोल्लास से मना शिक्षक दिवस

भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कृतित्व को किया याद

गुरुजनों को बैच व उपहार भेंट कर किया सम्मानित

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार को विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के बीच भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के कृतित्व को याद करते हुए शिक्षक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने अपने शिक्षकों को उनके पद व गरिमा के अनुरूप टाइटल भी प्रदान किए।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल में मंगलवार को सुबह से ही शिक्षक दिवस को लेकर उत्साह और उमंग देखी गई। विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से पूर्व शिक्षकों तथा छात्र-छात्राओं द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने अपने गुरुजनों के सम्मान में नयनाभिराम प्रस्तुतियों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कक्षा 9 की छात्रा स्तुति द्विवेदी ने काव्य पाठ कर कार्यक्रम को जहां चार चाँद लगाए वहीं अन्य छात्र-छात्राओं ने सभी गुरुजनों को बैच व उपहार भेंट कर सम्मानित किया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षक उस सड़क की तरह होते हैं जो स्वयं तो उसी स्थान पर रहते हैं लेकिन विद्यार्थियों का जीवन संवार कर उन्हें आगे बढ़ा देते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि शिक्षक की महत्ता को शब्दों में बयां करना मुश्किल है। शिक्षक तो उस दीपक के समान होते हैं जो स्वयं जलकर अपनी रोशनी से सबको प्रकाशित करते हैं। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सर्वपल्ली राधाकृष्णन भारतीय संस्कृति के संवाहक, महान शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे। उनका कहना था कि जहां कहीं से भी कुछ सीखने को मिले उसे अपने जीवन में उतार लेना चाहिए। वह पढ़ाने से ज्यादा छात्र-छात्राओं के बौद्धिक विकास पर जोर देने की बात करते थे। हम सभी के जीवन में सफलता के पीछे एक शिक्षक का हाथ होता है।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने सभी गुरुजनों को शिक्षक दिवस की बधाई देते हुए कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल की प्रगति में आप सभी का अमूल्य योगदान है। यहां के छात्र-छात्राएं हर क्षेत्र में जो सफलता हासिल कर रहे हैं, उसमें शिक्षकों का मार्गदर्शन सबसे अहम है। श्री अग्रवाल ने कहा कि माता-पिता के बाद एक शिक्षक ही होता है, जो हमेशा चाहता है कि उसका छात्र अपने जीवन में उससे भी ज़्यादा कामयाबी हासिल करे। शिक्षक ही सिखाते हैं कि कैसे हमें अपने जीवन में लक्ष्य तक पहुँचने के लिए कठिन परिश्रम करना है। शिक्षक ही हमें सही और गलत की पहचान करना सिखाते हैं। जब हम किसी मुश्किल में फंस जाते हैं, तो शिक्षक ही उस मुश्किल से बाहर निकलने में हमारी मदद करते हैं। शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता ज्ञान से जुड़ा एक रिश्ता है, जिसमें सीखना और सिखाना निरंतर चलता ही रहता है। विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की हार्दिक बधाई देते कहा कि एक अच्छा शिक्षक अपने छात्र-छात्राओं में उम्मीद को जगाता है, कल्पना को प्रज्वलित करता है तथा सीखने की ललक बढ़ाता है।

बिना त्याग किए सफलता हासिल नहीं होतीःडा. सचिन गुप्ता

संस्कृति दीक्षा आरंभ-2023

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में नवीन सत्र के शुभारंभ पर आयोजित दो दिवसीय समारोह ‘दीक्षारंभ-23’ के पहले दिन विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डा. सचिन गुप्ता ने विश्वविद्यालय के नवीन सत्र के विद्यार्थियों में ऊर्जा का संचार करते हुए कहा कि बिना त्याग किए सफलता हासिल नहीं हो सकती। सफलता की परिभाषा लक्ष्य के आधार पर अलग-अलग हो सकती है लेकिन त्याग किए बिना इसको हासिल करना कठिन है।
डा. सचिन गुप्ता ने संस्कृति विवि में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि तय कर लें आप नौकरी की इच्छा रखने वाले बनना चाहते हैं या फिर नौकरी देने वाले उद्यमी। संस्कृति विवि ने दोनों तरह के विद्यार्थियों की इच्छा पूरी करने के लिए सभी साधन जुटाए हैं। उन्होंने सफलता के लिए मूल मंत्र बताते हुए कहा सबसे पहले आपमें अपने लक्ष्य के लिए प्रतिबद्धता जरूरी है। उन्होंने कहा आपको कोई आयडिया आए तो उसे उसी समय नोट करें और फिर उस आयडिया को कैसे लागू करें उसका प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा हारने से नहीं डरना चाहिए। निर्णय किसी के भी गलत हो सकते हैं। उन्होंने कई सफल लोगों के उदाहरण देते हुए कहा कि सफल वही हुए हैं जिन्होंने प्रतिबद्धता के साथ कोशिश करना जारी रखा है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि विवि में आपके लिए परिपूर्ण लाइब्रेरी है, रोजाना एक घंटे लाइब्रेरी जाने और पढ़ने की आदत डालें। खेलने और मनोरंजन की सभी सुविधाएं मौजूद हैं।
डा. गुप्ता ने कहा कि हमारे लक्ष्य बड़े होने चाहिए। आप क्या बनना चाहते हैं उसकी प्लानिंग आज करें। मन में निराशा का भाव कभी न लाएं। आप वह उपलब्धि हासिल करें जिससे आपके माता-पिता और विश्वविद्यालय आपके ऊपर गर्व कर सके। इससे पूर्व विवि की सीईओ श्रीमती मीनाक्षी शर्मा ने बहुत सहज शब्दों में विद्यार्थियों के प्रति आत्मीयता के साथ अनेक सवाल पूछे और उनकी जिज्ञासाएं शांत कीं। उन्होंने कहा कि संस्कृति विश्वविद्यालय उच्च शिक्षा का एक ऐसा संस्थान है जहां न केवल संस्कार, वरन पारिवारिक मूल्यों के प्रति भी संवेदनशीलता बरती जाती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को ज्ञान प्राप्त करने के लिए अहंकार को त्यागना चाहिए, झुकना सीखना चाहिए। विश्वविद्यालय के कुलपति डा. एमबी चेट्टी ने नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए विश्वविद्यालय की सोच और विश्वविद्यालय के बारे में विद्यार्थियों को विस्तार से बताया। विश्वविद्यालय के डाइरेक्टर जनरल डा. जेपी शर्मा ने संस्कारों के महत्व की बात की। उन्होंने कहा कि अक्सर लक्ष्य प्राप्ति में इतनी बाधाएं नहीं होतीं जितनी हम स्वयं खड़ी कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मस्तिष्क ही हमारी राह तय करता है। दौड़ पैरों से नहीं हौसले से जीती जाती है। एश्वर्य अवस्थी ने परीक्षा प्रणाली की, स्टूडेंट वेलफेयर के डीन डा. डीएस तौमर ने अनुशासन, समयबद्धता और विवि ड्रेस की, स्कूल आफ एग्रीकल्चर के डीन डा.केके सिंह ने छात्रवृत्तियों की, एनसीसी के इंचार्ज विपिन सोलंकी ने एनसीसी की जानकारी विद्यार्थियों को दी। डा. रेनू गुप्ता ने क्लास में अटेंडेंस से जुड़े नीयमों की जानकारी दी। इस मौके पर कल्चरल हेड डा. दुर्गेश वाधवा के निर्देशन में विद्यार्थियों ने सांस्कृति कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम का संचालन अनुजा गुप्ता ने किया।

राजीव एकेडमी की चार छात्राओं और एक छात्र को मिली इण्टर्नशिप

मल्टीनेशनल एण्ड लीडिंग बिजनेस कम्पनी में एक माह लेंगे प्रशिक्षण

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में अध्ययनरत एमबीए की चार छात्राओं और एक छात्र को मल्टीनेशनल एण्ड लीडिंग बिजनेस कम्पनी इन्सप्लोर कन्सल्टेंट में इण्टर्नशिप मिली है। चयनित विद्यार्थियों को कम्पनी प्रशिक्षण के साथ ही 15 हजार रुपये स्टाइफण्ड भी देगी।
राजीव एकेडमी के ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग के अनुसार एमबीए की अवन्तिका गोयल, आयुषी अग्रवाल, चेतना कुशवाह, हर्षित खण्डेलवाल तथा सोनिया कुशवाह को एक माह की ट्रेनिंग के लिए मल्टीनेशनल एण्ड लीडिंग बिजनेस कम्पनी इन्सप्लोर कन्सल्टेंट में प्रशिक्षण के लिए चयनित किया गया है। इस सफलता पर विद्यार्थियों के साथ ही उनके अभिभावक खुश हैं। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि बिजनेस कन्सल्टिंग कम्पनी में ट्रेनिंग के दौरान जो ज्ञान प्राप्त होगा, वह करिअर निर्माण में सहायक होगा। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आज के समय में प्रबंधन के क्षेत्र में बहुत सम्भावनाएं हैं। छात्र-छात्राएं समय का सदुपयोग करते हुए इस क्षेत्र में अपने सपनों को साकार कर सकते हैं।
संस्थान के निदेशक अमर कुमार सक्सेना ने चयनित विद्यार्थियों से परिश्रम पूर्वक प्रशिक्षण हासिल करने का आह्वान किया। डॉ. सक्सेना का कहना है कि राजीव एकेडमी का ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट सेल व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत विद्यार्थियों के शत-प्रतिशत प्लेसमेंट के लिए प्रयासरत है। यह खुशी की बात है कि संस्थान में आ रही नेशनल और मल्टीनेशनल कम्पनियां यहां के छात्र-छात्राओं को लगातार सेवा का अवसर प्रदान कर रही हैं।

विज्ञान प्रदर्शनी में आरआईएस के छात्र-छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

तरह-तरह के मॉडलों के माध्यम से दी ज्ञानवर्धक जानकारी

मथुरा। शनिवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल में विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया जिसमें कक्षा चार से कक्षा 12 तक के छात्र-छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विभिन्न मॉडलों के माध्यम से ज्ञानवर्धक जानकारी दी। छात्र-छात्राओं के इस प्रयास और मॉडलों की निर्णायकों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल में शनिवार को छात्र-छात्राओं की बौद्धिक क्षमता के सतत मूल्यांकन के लिए विज्ञान प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। विज्ञान प्रदर्शनी में छात्र-छात्राओं ने स्मार्ट सिटी, विंडमिल, वर्किंग रोबोट, सोलर सिटी, वर्किंग हर्ट, वोल्केनो, स्ट्रीट लाइट, ग्लोबल वार्मिंग, वर्किंग मॉडल ऑफ किडनी, 3-डी सोलर सिस्टम, वर्किंग रेन वाटर हार्वेस्टिंग, चंद्रयान जैसे एक से बढ़कर एक मॉडल प्रस्तुत किए।
निर्णायक मंडल में शामिल डीआईओएस साइंस कोर्डिनेटर अमित तायल तथा जीएलए यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर मैकेनिकल डिपार्टमेंट कुंवर मौसम ने छात्र-छात्राओं के मॉडलों का अवलोकन करने के बाद उनकी बौद्धिक क्षमता की सराहना की। छात्र-छात्राओं ने निर्णायकों को अपने-अपने मॉडलों की उपयोगिता भी बताई।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि आज विज्ञान का युग है। ऐसे में छात्र-छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ ही मौजूदा समयकाल के मुताबिक तालीम दिया जाना जरूरी है। डॉ. अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं के मॉडलों की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान के प्रति बच्चों में रुचि बढ़ाने के लिए इस प्रकार के आयोजन जरूरी हैं।
प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि मौजूदा समय में विज्ञान या तकनीक के बिना कुछ भी सम्भव नहीं है, इसलिए शिक्षा में तकनीकी ज्ञान दिया जाना बहुत जरूरी है। श्री अग्रवाल ने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी की प्रतिभा को निखारना हमारा प्रमुख उद्देश्य है। विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने विज्ञान प्रदर्शनी में प्रस्तुत मॉडलों की सराहना करते हुए सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

स्टार वायर इंडिया ने चंद्रमा के बाद सूर्य से भी नाता जोड़ा

0

मथुरा। देश ही नहीं विदेशों तक में अपनी धाक जमाने वाली कंपनी स्टार वायर इंडिया ने चंद्रमा को चूमने के बाद अब सूर्य से भी नाता जोड़ लिया है। यह कंपनी चंद्रमा की शीतलता का लुफ्त लेने के बाद अब सूर्य की गर्माई का भी आनंद लेगी।
     आदित्य एल-1 की सफल लॉन्चिंग में इसरो के साथ-साथ स्टार वायर इंडिया का भी योगदान है इसे नकारा नहीं जा सकता। क्योंकि चंद्रयान-3 और आदित्य एल-1 में जो स्टील का प्रयोग किया गया था वह स्टार वायर इंडिया की ही देन है। अंतरिक्ष में जाने वाले राकेटों के लिए यह खास स्टील स्टार वायर इंडिया कंपनी के वैज्ञानिकों द्वारा अनुसंधान के बाद तैयार की जाती है।
     इसरो से स्टार वायर इंडिया का करार है जिसके तहत अंतरिक्ष में जाने वाले सभी राकेटों का कवच व अन्य सामान उन्हीं के यहां तैयार की गई खास स्टील का होता है। स्टार वायर इंडिया द्वारा इतनी अच्छी क्वालिटी की स्टील इसरो को निर्यात किए जाने के लिए इसरो के डिप्टी डायरेक्टर द्वारा पत्र लिखकर स्टार वायर इंडिया के अध्यक्ष महेंद्र कुमार गुप्ता व पूरी टीम को चंद्रयान-3 की सफलता के बाद धन्यवाद दिया जा चुका है।


     उल्लेखनीय है कि स्टार वायर इंडिया कंपनी फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में स्थित है। महावर वैश्य समाज की विभूति सेठ सीताराम गुप्ता इसके संस्थापक हैं। उन्होंने लगभग पांच दशक पूर्व इस कंपनी की स्थापना की थी। सेठ सीताराम जी वर्तमान अध्यक्ष महेंद्र कुमार गुप्ता के पिता हैं।
     ज्ञात रहे स्टार वायर इंडिया कंपनी की धाक न सिर्फ देश में वल्कि विदेशों तक में है। ब्रह्मोस मिसाइल का पूरा ढांचा इसी कंपनी में तैयार किया गया है। यही नहीं एशिया में सबसे पहले बुलेट प्रूफ कार व बुलेट प्रूफ जैकेट इसी कंपनी में बननी शुरू हुई थीं। आज भी इस कंपनी में बनी बुलेट प्रूफ जैकेट भारी मात्रा में विदेशों में निर्यात की जाती हैं। इस कंपनी में हवाई जहाज, रेल, सेना आदि के लिए तमाम सामान की सप्लाई की जाती है।
     सेठ सीताराम गुप्ता मथुरा से जुड़े हुए हैं। उनकी ससुराल मंडी रामदास स्थित बिन्दीमल श्रीनाथ शोरा वालों के यहां है तथा स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी लाला नवल किशोर गुप्ता उनके मौसा जी हैं। सेठ सीताराम गुप्ता आज 91 वर्ष की उम्र में भी सक्रिय हैं। उनकी दानशीलता किसी से छिपी नहीं है। वे अंतर्मुखी तथा प्रसार प्रचार से दूर रहने वाले दुर्लभ स्वभाव के व्यक्ति हैं।
     चंद्रयान- 3 व आदित्य एल-1 की सफलता के बाद सेठ सीताराम गुप्ता व कंपनी के अध्यक्ष महेंद्र कुमार गुप्ता को चारों ओर से बधाइयां मिल रही हैं। लोगों का कहना है कि सेठ सीताराम द्वारा देश की जो सेवा की जा रही है वह बेमिसाल है। वे देश की शान हैं, ईश्वर उन्हें शतायु करें।

सफलता का मूलमंत्र है समय और अनुशासनः डॉ. आर.के. अशोका

के.डी. मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस-2023 सत्र का शुभारम्भ
ओरिएंटेशन कार्यक्रम में नवागंतुक छात्र-छात्राओं को दी अनुशासन की सीख

मथुरा। हमारा समाज चिकित्सक को भगवान तुल्य मानता है लेकिन यह तभी सम्भव है, जब हम एक अच्छे और कुशल चिकित्सक के रूप में पीड़ित मानवता की सेवा करें। जीवन का हर क्षण अमूल्य है। जो छात्र समय के मूल्य को पहचानते हैं वही सफलता के शिखर पर पहुंचते हैं। समय का मूल्य भी अनुशासन में रहकर ही समझ में आता है। उक्त उद्गार शुक्रवार को के.डी. मेडिकल कॉलेज के सभागार में आयोजित ओरिएंटेशन कार्यक्रम में प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने एमबीबीएस के नवागंतुक छात्र-छात्राओं और अभिभावकों को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
मां सरस्वती की वंदना और दीप प्रज्वलित करने के बाद प्राचार्य डॉ. अशोका ने कहा कि छात्र जीवन में अनुशासन का बहुत महत्व है। अनुशासन में रहकर एक साधारण विद्यार्थी भी सफलता के शिखर पर पहुंच सकता है। डॉ. अशोका ने अपने सम्बोधन में सभी अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वह अपने बच्चे को कुशल चिकित्सक बनाने का सपना देख रहे हैं तो उनका यह दायित्व है कि उसकी हर गतिविधि पर नजर रखें। डॉ. अशोका ने नवागंतुक छात्र-छात्राओं तथा अभिभावकों को आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के सभी शैक्षिक संस्थानों के साथ ही के.डी. मेडिकल कॉलेज की उपलब्धियों तथा शैक्षिक और प्रयोगात्मक गतिविधियों की भी विस्तार से जानकारी दी।
महाप्रबंधक अरुण अग्रवाल ने कहा कि के.डी. मेडिकल कॉलेज में प्राध्यापकों द्वारा प्रत्येक छात्र एवं छात्रा को सही मार्गदर्शन देने के साथ उनमें नैतिक एवं भावनात्मक बदलाव लाने के प्रयास किए जाते हैं। मेडिकल के प्रत्येक छात्र-छात्रा को समय की कीमत पहचानते हुए नियमित रूप से कक्षाओं में जाने के साथ ही प्राध्यापकों द्वारा दिए गए सुझावों पर अमल करना चाहिए। उप महाप्रबंधक मनोज गुप्ता ने कहा कि के.डी. मेडिकल कॉलेज में प्रत्येक छात्र-छात्रा को पारिवारिक माहौल देने की कोशिश की जाती है। श्री गुप्ता ने अभिभावकों और छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एवं रिसर्च सेण्टर को अपना परिवार समझें। संस्थान में किसी भी छात्र-छात्रा को कोई परेशानी नहीं होगी। अंत में शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने सभी छात्र-छात्राओं को अनुशासन और चिकित्सकीय नैतिकता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर अभिभावकों और नवागंतुक छात्र-छात्राओं ने एम.बी.बी.एस. की पढ़ाई के लिए के.डी. मेडिकल कॉलेज के चयन पर भी अपने विचार बताए।
ओरिएंटेशन कार्यक्रम के संयोजक डॉ. अभी भूषण मिश्रा ने छात्र-छात्राओं का उत्साहवर्धन करते उन्हें कुशल चिकित्सक बनने की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर विभागाध्यक्षों डॉ. वी.पी. पाण्डेय, डॉ. फतेह मोहम्मद, डॉ. मंजू पाण्डेय, डॉ. लीना गोयल, डॉ. के.पी. दत्ता, डॉ. शालिनी गांधी, डॉ. प्रणीता सिंह, लाइब्रेरियन डालचंद गौतम आदि ने नवागंतुक छात्र-छात्राओं को अपने-अपने विभागों की जानकारी दी। कार्यक्रम का संचालन रिया सिंह, रूपेश कुमार वर्मा, शुभ गोयल तथा साक्षी जैन ने किया। आभार डॉ. प्रणीता सिंह ने माना।

जीएलए के बायोटेक विभाग को मिला बड़ा प्रोजेक्ट

पशुओं की लाइलाज प्रमुख रोग जोन्स बीमारी की रोकथाम हेतु इंजेक्शन टीके की तर्ज पर ‘ओरल टीका‘ बनाने हेतु डीबीटी-बाईरैक द्वारा एक बड़ा प्रोजेक्ट बायोटेक विभाग को दिया गया
-पहले भी बायोटेक के विभागाध्यक्ष प्रो. शूरवीर एवं उनकी टीम के द्वारा इंजेक्शन के माध्यम से लगने वाला टीका तैयार कर चुके हैं, जो कि एक वंडर टीके की श्रेणी में आता है
-ओरल टीका भी पशुओं की जाॅन्स डिजीज नामक लाइलाज रोग के उपचार एवं रोकथाम में मिल का पत्थर साबित होगा

मथुरा : एक के बाद एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के बायोटेक विभाग ने जोहन्स रोग पर शोध में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। विभाग की इन्हीं उपलब्धियों को मद्देनजर रखते हुए भारत सरकार के डीबीटी-बाईरैक स्कीम के माध्यम से एक नया प्रोजेक्ट मिला है। इस प्रोजेक्ट के माध्यम से जीएलए का बायोटेक विभाग पशुओं में उत्पन्न होने वाली जाॅन्स बीमारी से बचाव व उपचार के लिए ‘ओरल वैक्सीन‘ यानि ‘मौखिक टीका‘ तैयार करेगा।

विदित रहे कि घरेलू पशुओं की पैराट्यूबरकुलोसिस (पीटीबी) नामक अत्यधिक व्यापक संक्रामक बीमारी के खिलाफ ‘ओरल वैक्सीन‘ विकसित करने के लिए यह परियोजना दी गई है। रोग को जॉन्स रोग (जेडी) के रूप में भी जाना जाता है, यह गाय, भैंस, बकरी, भेड़, ऊंट, याक आदि की एक लाइलाज बीमारी है। यह पाचन और प्रतिरक्षा प्रणाली दोनों को नुकसान पहुंचाती है। इस संक्रमण से पषु को दीर्घकालिक दस्त और वजन कम हो जाता है और पशु एक या दो प्रसव के भीतर अनुत्पादक हो जाता है। ऐसे संक्रमित पशुओं के दूध को मनुष्यों द्वारा सेवन करने पर यह संक्रमण मनुष्यों में तथा पशुओं की आने वाली अगली पीढ़ी में संचारित होता रहता है।
यह भी कह सकते हैं कि यह एक दूध के माध्यम से पशुओं की अगली पीढ़ी तथा मनुष्यो में फैलने वाले संक्रमण को रोकने के लिए ही जीएलए बायोटेक विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. शूरवीर सिंह के नेतृत्व में बायोटेक टीम पहले ही इंजेक्शन के रूप में एक अत्यधिक प्रभावी टीका जाॅन्स रोग के विरूद्ध विकसित कर चुकी है। यह टीका बायोवेट मालर बैंगलोर कंपनी के साथ मिलकर बनाया गया था और जिसमें 2008 से 2014 तक के 6 वर्षों के अथक प्रयासों से निर्मित किया गया एवं डीसीजीआई भारत सरकार द्वारा मान्यता भी दी गई थी। भारत बायोवेट के प्रमुख डाॅ. इल्ला इस प्रोजेक्ट में पूरी तरह से सम्मिलत थे। यह डाॅ. इल्ला वही व्यक्ति हैं जिन्होंने, कोविड़-19 हेतु को-वैक्सीन बनाई, अपनी दूसरी कंपनी भारत बायोवेट के द्वारा जो कि हैदराबाद में स्थित है। उन्होंने ने जोन्स रोग के टीका बनाने की विधि की तर्ज पर ही कोविड वैक्सीन बनाई है, जिसमें उनको जोन्स रोग के टीके के अनुभव का पूरा लाभ मिला।

चूंकि देश में 500 मिलियन से अधिक घरेलू पशुधन है, जो कि बहुत कम दूध व मास उत्पादक है। इस कम उत्पादकता का मुख्य कारण केवल भारत में ही नहीं अपितु विश्व स्तर पर घरेलू पशुधन आबादी में इस रोग का अत्याधिक संक्रमण है। इसलिए प्रत्येक जानवर को हर वर्ष या तीन वर्ष में एक बार (पशुओं की स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर) इंजेक्शन लगाना संभव नहीं है। इस बड़ी समस्या को देखते हुए टीम ने उपयोगकर्ता के अनुकूल ‘ओरल वैक्सीन‘ का विचार प्रस्तावित किया है, ताकि किसान निर्देशों के अनुसार अपने जानवरों को मौखिक रूप से टीकाकरण कर सकें। इस वैक्सीन को 18 महीने के रिकॉर्ड समय में बनाकर बाजार में लाने की एक बड़ी चुनौती है।

विभागाध्यक्ष प्रो. शूरवीर सिंह ने बताया कि डीबीटी-बाईरैक के माध्यम से मिले प्रोेजेक्ट के तहत तैयार की जाने वाली यह ‘ओरल वैक्सीन‘ (टीका) एक पोलियो रोग के टीके की तरह है। इस वैक्सीन को पशु को मुंह के माध्यम से दिया जायेगा। टीका भी चिकित्सीय प्रकृति का होगा और अनुत्पादक पशुओं की उत्पादकता में सुधार करके उन्हें किसानों के लिए उपयोगी बना देगा। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट पर कार्य करने के लिए 38 लाख की राशि जारी हुई है। इसमें पीएचडी के विद्यार्थियों का भी सहयोग लिया जायेगा।

जीएलए प्रबंधन ने बायोटेक विभाग की इस उपलब्धि की सराहना की है और जीएलए विश्वविद्यालय पर विचार करने और विश्वविद्यालय की अनुसंधान क्षमता में विश्वास जताने के लिए डीबीटी बाईरैक को धन्यवाद दिया है।