भाभा परमाणु अनुसंधान केन्द्र के प्रतिनिधियों ने साझा किए अनुभव
मथुरा। इंजीनियरिंग के क्षेत्र में छात्र-छात्राएं अपने सपनों को पंख कैसे लगाएं इसके लिए जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा की इंस्टीट्यूशन इनोवेशन काउंसिल द्वारा सोमवार को भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र के साथ इंटर्नशिप और परियोजना सम्भावनाओं पर एक अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के प्रतिनिधियों ने छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप और परियोजना सम्भावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्रीकृष्ण गुप्ता राजा रमन्ना फेलो, शाखा सचिवालय और परियोजना निदेशक ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप (जीसीएनईपी) ने डीएई का संक्षिप्त परिचय दिया। उन्होंने छात्र-छात्राओं के साथ ही संकाय सदस्यों को डीएई से जुड़ने की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्र-छात्राओं को विभिन्न संस्थानों एवं उनके कार्यों की जानकारी देते हुए डीएई के विभिन्न प्रोग्रामों तथा आईटीईआर क्रायोस्टेट से भी अवगत कराया। उन्होंने छात्र-छात्राओं को बताया कि परमाणु ऊर्जा विभाग में इंटर्नशिप के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा साइंस का बहुत महत्व है। श्री गुप्ता ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस कम्प्यूटर साइंस का एक सब-डिवीजन है, इसकी जड़ें पूरी तरह से कम्प्यूटिंग सिस्टम पर आधारित हैं। एआई का अंतिम लक्ष्य ऐसे उपकरणों का निर्माण करना है जो बुद्धिमानी से और स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकें तथा मानव श्रम व मैनुअल काम को कम कर सकें। डॉ. हृषिकेश मिश्रा, राजा रमन्ना फेलो, पूर्व निदेशक, इंजीनियरिंग ग्रुप, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव बुद्धि की नकल करने के लिए मशीन लर्निंग का उपयोग करता है। कार्यशाला में डॉ. अर्चना शर्मा, निदेशक, बीम प्रौद्योगिकी विकास समूह, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र और अंशुल कुमार, वैज्ञानिक, ग्लोबल सेंटर फॉर न्यूक्लियर एनर्जी पार्टनरशिप, बहादुरगढ़ ने भी अपने-अपने विचार व्यक्त किए। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने परमाणु ऊर्जा विभाग के वक्ताओं का स्वागत करते हुए कहा कि उन्होंने जी.एल. बजाज के छात्र-छात्राओं का जो मार्गदर्शन किया है, वह उनके करिअर में मील का पत्थर साबित होगा। कार्यशाला में डॉ. अशोक कुमार, डॉ. भोले सिंह, डॉ. मंधीर वर्मा, डॉ. शशी शेखर आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालक डॉ. शिखा गोविल ने किया तथा आभार डॉ. रमाकान्त बघेल ने माना।
जीएलए लाॅ संस्थान के प्रोफेसर और छात्रों के सहयोग से तैयार हुई पुस्तक का लंदन यूके में हुआ मुद्रण
मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के इंस्टीट्यूट ऑफ़ लीगल स्टडीज एंड रिसर्च संस्थान के छात्र-छात्राओं द्वारा गुणवत्तापरक शिक्षा के परिणामस्वरूप समय-समय पर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में अपनी सफलता का परचम लहराया जाता रहा है। देश के प्रतिष्ठित संस्थानों जीएलए के लाॅ के छात्र-छात्राएं जाकर मूट कोर्ट तथा अन्य प्रतियोगिता में लगातार विजयी होकर लौटते रहे हैं। एक बार फिर से विश्वविद्यालय के शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं द्वारा एक उपलब्धि हासिल करते हुए ‘सेनिटेशन‘ विषय पर रेड साइन पब्लिकेशन लंदन यूके द्वारा एक पुस्तक का मुद्रण कराने में सफलता पायी है। इस पुस्तक का विमोचन जीएलए के सीईओ नीरज अग्रवाल ने किया।
संस्थान के डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने बताया कि इस पुस्तक में जीएलए विश्वविद्यालय के शिक्षक डाॅ. तरूण प्रताप यादव तथा बीए एलएलबी के छात्र प्रेष्ठा छपरिया सह-संपादक हैं। जिनके साथ मणीपाल लाॅ स्कूल बैंगुलुरू के निदेशक तथा यूनिवर्सिटी ऑफ़ केलिफोर्निया बरकले की छात्रा भी संपादक मंडल में है। इस पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए डीन प्रो. सोमेश धमीजा ने बताया कि पुस्तक के कुल 15 अध्याय में से 10 अध्याय में जीएलए विश्वविद्यालय के बीए एलएलबी ऑनर्स एवं बीकाॅम एलएलबी के छात्र-छात्राओं ने लेखक/सहलेखक के रूप में अपना योगदान दिया है।
प्रो. धमीजा ने जानकारी देते हुए बताया कि निकट भविष्य में एक और पुस्तक प्रकाशित होने जा रही है, जिसमें जीएलए विश्वविद्यालय के 21 छात्र-छात्राओं ने लेख/सहलेखक के रूप में अपना योगदान दिया है। विभागाध्यक्ष प्रो. आलोक वर्मा ने बताया कि उचित मार्गदर्शन एक ट्रेनिंग के माध्यम से यूनिवर्सिटी के लाॅ छात्र-छात्राओं को इस प्रकार की उपलब्धियों के लिए समय-समय पर प्रशिक्षित किया जाता रहा है। जिसका परिणाम इस अंतर्राष्ट्रीय पुस्तक के रूप में परिलक्षित हो रहा है।
लंदन यूके से मुद्रण पुस्तक के बारे में जानकारी देते हुए विधि संस्थान के असिस्टेंट प्रोफेसर एवं पुस्तक के संपादक डा. तरूण प्रताप यादव ने बताया कि यह किताब ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्र में सेनिटेशन के महत्व तथा सामाजिक विचारधारा को परिलक्षित करती है। कोविड महामारी के पश्चात् भारत जैसे विकाशील देश में सेनिटेशन के संदर्भ में कानूनी प्रावधान लाये जाने की आवश्यकता भी इस किताब के माध्यम से परिलक्षित होती है। इसके साथ ही पुस्तक में अंतर्राष्ट्रीय परिदृष्य को सफलता पूर्वक रेखांकित किया गया है।
विश्वविद्यालय के सीईओ नीरज अग्रवाल ने पुस्तक का विमोचन करते हुए सभी छात्र-छात्राओं को इस उपलब्धि हेतु बधाई दी एवं इसी प्रकार उत्तरोत्तर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ते जाने हेतु शुभाशीष दिया। श्री अग्रवाल ने बताया कि यूनिवर्सिटी बीबीए एलएलबी ऑनर्स, बीकाॅम एलएलबी ऑनर्स एवं बीए एलएलबी ऑनर्स के छात्र-छात्राओं को ध्यान में रखते हुए इंटरनशिप एवं प्लेसमेंट को सुनिश्चित करने हेतु प्रतिबद्ध है एवं एक व्यवस्थित तरीके से टेªनिंग, वर्कशॉप तथा एमओयू के माध्यम से छात्र-छात्राओं को इसके लिए तैयार किया जा रहा है, जिसके सुखद परिणाम शीघ्र ही दृश्टिगोचर होंगे।
के.डी. डेंटल कॉलेज में ओरल केयर क्लीनिकल विशेषज्ञ ने साझा किए अनुभव
मथुरा। दंत चिकित्सा के क्षेत्र में हो रहे परिवर्तनों से छात्र-छात्राओं को अवगत कराने के लिए के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में आंशिक बंधुआ पुनर्स्थापन-एक नया परिप्रेक्ष्य विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें उत्तर-पूर्वी भारत की जानी-मानी ओरल केयर क्लीनिकल विशेषज्ञ डॉ. प्रियंका जैन सिक्का ने अपने अनुभव साझा किए। सीडीई कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी के स्वागत भाषण से हुई। महाविद्यालय के व्याख्यान कक्ष में आयोजित सीडीई कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. प्रियंका जैन सिक्का ने छात्र-छात्राओं को बताया कि आंशिक बंधुआ पुनर्स्थापन एक प्रकार का न्यूनतम कष्टदायी उपचार है। यह दांतों के प्राकृतिक स्वरूप के गुणों को पूरी तरह से क्रियान्वित करने के साथ एक अच्छा सौंदर्यबोध प्रदान कर सकता है, जोकि हर व्यक्ति की प्रमुख चिंताओं में से एक है। उन्होंने बताया कि पार्शियल बॉन्डेड रिस्टोरेशन से मरीजों को पारम्परिक फुल क्राउन रिस्टोरेशन की तुलना में खर्च में भी राहत मिलती है, जिससे यह एक बेहतर उपचार विकल्प बन जाता है। डॉ. प्रियंका ने इस बात पर जोर दिया कि ‘अगर कोई सीखने का इच्छुक नहीं है तो कोई उसकी मदद नहीं कर सकता, लेकिन अगर कोई सीखने के लिए दृढ़ संकल्पित है, तो उसे कोई नहीं रोक सकता।’ उनके व्याख्यान और प्रदर्शन का उद्देश्य मुख्य रूप से आंशिक बंधुआ बहाली और सीमेंटेशन तकनीकों के लिए दांतों की तैयारी के सभी बुनियादी सिद्धांतों पर ध्यान केंद्रित करना था। ये बुनियादी सिद्धांत स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को रोगी देखभाल और सुधार में मदद करेंगे। वक्ता ने आंशिक बंधन की सभी अवधारणाओं को व्याख्यान और लाइव डेमो के माध्यम से बहुत सरल तरीके से समझाया। उन्होंने के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी के आग्रह पर 20 छात्र-छात्राओं को अलग से व्यावहारिक जानकारी भी दी। अंत में डॉ. प्रियंका ने प्रतिभागियों द्वारा रखे गए सभी प्रश्नों का समाधान किया। कार्यक्रम का समापन डॉ. प्रियंका जैन सिक्का और डॉ. मनेश लाहौरी द्वारा सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ। डॉ. लाहौरी ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से छात्र-छात्राओं को न्यूनतम इनवेसिव दंत चिकित्सा की बेहतर जानकारी मिलती है। सभी प्रतिभागियों ने सीडीई कार्यक्रम की मुक्तकंठ से सराहना की।
शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने बनाया मलद्वार
मथुरा। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के जाने-माने शिशु शल्य विशेषज्ञ डॉ. श्याम बिहारी शर्मा द्वारा सर्जरी के माध्यम से गांव हसनपुर, जिला पलवल (हरियाणा) निवासी परवीन की 15 दिन की नवजात बच्ची का मलद्वार बनाने में सफलता हासिल की गई है। डॉ. शर्मा के.डी. हॉस्पिटल में इस तरह की 100 से अधिक शिशुओं की सर्जरी कर चुके हैं। अब बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। जानकारी के अनुसार गांव हसनपुर, जिला पलवल (हरियाणा) निवासी परवीन के घर एक पखवाड़े पहले बच्ची ने जन्म लिया। नवजात बच्ची के जन्म से ही मलद्वार नहीं था और वह योनि मार्ग से मल त्याग कर रही थी। बच्ची की इस समस्या को देखते हुए परिजन उसे के.डी. हॉस्पिटल लाए। नवजात बच्ची का परीक्षण करने के बाद डॉ. श्याम बिहारी शर्मा ने परिजनों को ऑपरेशन की सलाह दी। परिजनों की सहमति के बाद नौ अगस्त को डॉ. श्याम बिहारी शर्मा द्वारा सर्जरी के माध्यम से बच्ची का मलद्वार बनाया गया। इस तरह की सर्जरी प्रायः तीन चरणों में होती हैं लेकिन डॉ. शर्मा ने अपने अनुभव के चलते नवजात बच्ची का एक ही बार में ऑपरेशन करने का निर्णय लिया जोकि सफल रहा। इस सर्जरी में डॉ. श्याम बिहारी शर्मा का सहयोग निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. दीपक अग्रवाल ने किया। डॉ. शर्मा का कहना है कि मेडिकल भाषा में इसे वेस्टिबूलर फिस्टुला कहते हैं तथा ऑपरेशन का नाम एंटीरियर सेजाइटल एनोरेक्टो प्लास्टी है। ऑपरेशन के बाद बच्ची स्वस्थ है तथा मां का दूध पी रही है। इतना ही नहीं सामान्य तरीके से मल त्याग रही है। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने नवजात बच्ची की सफल सर्जरी के लिए चिकित्सकों की टीम को बधाई दी। डॉ. अग्रवाल का कहना है कि के.डी. हॉस्पिटल में हर तरह की बीमारी का उपचार सस्ता और अच्छा हो इसके लिए वह लगातार प्रयासरत हैं।
मथुरा में पहली बार राजीव इंटरनेशनल स्कूल में हुई हैकाथॉन प्रतियोगिता मथुरा। गुरुवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हैकाथॉन प्रतियोगिता में अपनी बौद्धिक क्षमता प्रदर्शित की। कक्षा आठ से बारह तक के विद्यार्थियों के लिए ब्रज मण्डल में पहली बार आयोजित हैकाथॉन प्रतियोगिता में कर्षित अग्रवाल, केशव अग्रवाल, अंकुश, दिव्यम अग्रवाल, परीक्षित कुमार, श्रेष्ठा शर्मा, दीपिका गर्ग तथा मायरा सारस्वत ने अपनी मेधा और कुशाग्रबुद्धि से विजश्री का वरण किया। मथुरा में पहली बार आयोजित हैकाथॉन प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राओं को कैश प्राइज देकर सम्मानित किया गया। गुरुवार को राजीव इंटरनेशनल स्कूल में हैकाथॉन प्रतियोगिता दो ग्रुपों में सम्पन्न हुई। पहले ग्रुप में कक्षा आठ और नौ तथा दूसरे ग्रुप में कक्षा 10 से 12 तक के छात्र-छात्राओं ने अपनी बौद्धिक क्षमता प्रदर्शित की। प्रतियोगिता में कुल 25 दलों ने सहभागिता की तथा छात्र-छात्राओं से अनेक कोडिंग प्रोग्राम करवाए गए। विद्यार्थियों ने गेम्स, ऐप, वेबसाइट आदि में भी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। दोनों ग्रुपों में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को निर्णायक मंडल में शामिल असिस्टेंट प्रोफेसर संजीव कुमार सिंह एवं नंदिनी शर्मा के करकमलों से पुरस्कृत किया गया। विजेता छात्र-छात्राओं को कैश प्राइज के साथ ही ट्रॉफी व सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने विजेता छात्र-छात्राओं को शाबासी देते हुए कहा कि मानसिक विकास के लिए इस तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन बहुत जरूरी है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि आज के डिजिटल युग में सीखने को बहुत कुछ है। समय के साथ चलना है तो कोडिंग आदि की जानकारी तो होनी ही चाहिए। विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने विजेता छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने बताया कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल को मथुरा में पहली बार हैकाथॉन प्रतियोगिता कराने का श्रेय जाता है।
मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा का 26वां शैक्षणिक सत्र ‘‘ओरिएंटेशन’’ कार्यक्रम के साथ शुरू हुआ। ओरिएंटेशन कार्यक्रम की शुरुआत कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत स्व. गणेशीलाल अग्रवाल के चित्रपट के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर की। तत्पश्चात निनाद क्लब के छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने नवागन्तुक छात्र-छात्राओं व उनके अभिभावकों को जीएलए में प्रवेश पर बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में जीएलए की जो पहचान है वह छात्र-छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन के कारण है। जीएलए का एक ही ध्येय है कि विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास एवं सर्वश्रेष्ठ रोजगार। उन्होंने नवागन्तुक विद्यार्थियों को ओरिएंटेशन कार्यक्रम का महत्त्व समझाते हुए छात्रों को बताया कि आज से छात्रों को जीएलए में चार साल अपनी जिंदगी को संवारने में बिताने हैं। इसके बाद बड़ी-बड़ी जिम्मेदारियों को समझते हुए उस राह की ओर अग्रसर होना है। प्रत्येक माता-पिता का यही सपना होता है कि उसका बच्चा पढ़े और पढ़कर आगे बढ़े और जीएलए भी यही चाहता है कि उसके यहां पढ़ने वाला प्रत्येक छात्र रोजगारपरक और उद्यमी बने, जिससे विश्वविद्यालय का नाम रोशन हो।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने विद्यार्थियों से राधे-राधे के साथ अपना संबोधन शुरू करते हुए कहा कि आज आप सभी परम्परागत पाठ्यक्रम के बाद तकनीकी एवं व्यवसायिक पाठयक्रम से जुड़ गए हैं, जो आपके जीवन को नई दिशा प्रदान करेगा। यानि अब विद्यार्थी जीवन के उस रास्ते की शुरुआत करने जा रहे हैं जहाँ से काबिलियत हासिल कर निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना है। ओरिएंटेशन प्रोग्राम के माध्यम से विश्वविद्यालय की विशेषताओं और यात्रा से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
कुलसचिव ने कहा कि यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि विश्वविद्यालय का यह वर्ष सिल्वर जुबली वर्ष है। जब हम विश्वविद्यालय के 25 वर्षों को पूरा कर रहे है। हम सभी ने इन 25 वर्षों में न केवल अपने विद्यार्थियों को उच्चतम शैक्षिक मानकों तक पहुंचाया, बल्कि उन्हें एक समृद्धि से भरपूर जीवन जीने के लिए तैयार किया है। वहीं मंच पर उपस्थित विश्वविद्यालय के अल्यूमनस कमलेन्द्र त्रिपाठी के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि दूसरी बात आपको बताते हुए आपार ख़ुशी हो रही है एक गांव से निकला हुआ लड़का विश्वविद्यालय का पुरातन छात्र अल्यूमनस) विश्व प्रसिद्ध संस्था इसरो में डायरेक्टर के पद पर अपना योगदान दे रहा है। जो आज हमारे बीच में उपास्थित रहा है। इसी बीच तालियों की गड़गड़ाहट ने इसरो के डायरेक्टर का स्वागत किया।
विश्वविद्यालय के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर नीरज अग्रवाल ने विद्यार्थियों को ओलंपिक चैंपियन विल्मा रूडोल्फ, ऑस्ट्रियन अमेरिकी बाॅडीबिल्डर अर्नोल्ड श्वार्जनेगर, मार्टिन लूथर किंग, मुल्ला नसरूद्वीन, दशरथ राम मांझी, माइकल बोल्टन एवं पाब्लो पिकासो (चित्रकार) आदि से जुड़ी प्रेरणादायक कहानियों के माध्यम से प्रेरित किया। इसके अलावा उन्होंने मेंढकों एक कहानी पर प्रकाश डालते हुए अपने अंदाज में बताया कि एक दिन मेंढकों की रेस हो रही थी, उसमें कोई कह रहा था अरे यह पूरा नहीं हो पायेगा, लेकिन एक मेंढक उनमें बिल्कुल बहरा था, यानि वह किसी की नहीं सुन रहा था। इसके बाद फिर क्या उसने लक्ष्य को हासिल करते हुए वह पेड़ पर चढ़ गया। उन्होंने इस अंदाज को बयां करते हुए कहा कि लोग आपसे कहेंगे कि आप यह लक्ष्य हासिल नहीं कर सकते हैं। आपको न नहीं सुनना है और मेंढक की तरह अनसुना बनकर लक्ष्य को साध लेना है।
इसके बाद उन्होंने महान चित्रकार पोब्लो पिकासो (चित्रकार) पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक महिला चित्रकार से एक पेटिंग बनवाने के लिए के लिए गई। महिला की पेंटिंग को चित्रकार ने दो मिनट में बनाकर तैयार कर दिया। तैयार हुई पेटिंग पर महिला ने थोड़ी अनभिज्ञता जाहिर की तो, चित्रकार ने कहा कि इसकी कीमत 50 लाख से अधिक है। महिला ने जब उस पेंटिंग को दूसरे त्रिकार को दिखाया तो, उसने कीमत 50 लाख रूपये लगाई। फिर से महिला पिकासो चित्रकार के पास पहुंची और बोली कि ऐसी पेंटिंग बनाना सिखा दीजिए। इस पर चित्रकार ने कहा कि इस दो मिनट की पेंटिंग को सीखने में मुझे 40 साल लगे। यानि विद्यार्थियों को लक्ष्य हासिल करने में समय लग सकता है, लेकिन हार नहीं माननी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरणादायक स्लाइडस दिखाईं। स्लाइडस के माध्यम से बताया जब तक विद्यार्थी के पास ‘रोलेक्स‘ न हो तो आराम करना सही नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने एक सफल दिव्यांग की फोटो दिखाते हुए कहा कि यकीन मानिए कोई भी उम्मीद खो देना, हाथ पांव खो देने से कहीं अधिक बुरा है। उन्होंने अपने संबोधन को अंतिम रूप देते हुए कहा कि प्रत्येक के जीवन में जीवनसाथी बहुत अधिक महत्व रखता है। इसलिए सही साथी चुनेंगे तो, सदमार्ग दिखाई देगा। आज से सभी विद्यार्थियों का नया दिन और नया समय है, इसलिए अपने जीवन में नया रंग भरने की पूर्ण कोशिश करें।
प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि मोटीवेट हो जाना एक अलग बात है और हमें लगता है कि हम यह कर लेंगे, लेकिन जब बारी आती है अगले दिन सुबह करने की तो, फिर हम नहीं कर पाते हैं, ऐसा अक्सर होता है। इसलिए मोटिवेशन उतना ही काफी है जितना विद्यार्थी रिटेन कर सके। आपने कितना रिटेन किया, यह आने वाले समय में पता लगेगा जब आपके आचरण को और पढ़ाई को विश्वविद्यालय नोटिस करेगा। उन्होंने कहा कि जब एक रिसर्च क्वांटम लर्निंग में पब्लिश हुई। उसमें कहा गया है कि जो भी हम सुनते हैं, उसका केवल 10 प्रतिशत याद रहता है। अगर कोई एक घंटे का भाषण सुनता है तो उसे 10 प्रतिशत तक याद रहता है। जो पढ़ते हैं उसका 20 प्रतिशत, आप जो देखते हैं उसका 30 से 50 प्रतिशत, जो कहा जाता है उसका 70 प्रतिशत और जो कहते और करते हैं उसका 90 प्रतिशत तक हम लोग सीखते हैं। यानि अब जो विद्यार्थी स्कूल की पढ़ाई के बाद तकनीकी शिक्षा की ओर अग्रसर हुए हैं यहां थोड़ा परिवर्तन है। यहां जो लैबोरेटरी हैं वह बहुत ही प्रोफेशन और महत्वपूर्ण हैं। इसलिए विश्वविद्यालय की आशा रहेगी कि सभी विद्यार्थी सीखने और जानने वाले हों। उन्होंने पेस्सिव और एक्टिव लर्निंग के बारे में बात करते हुए कहा कि शिक्षक पढ़ा रहा हैं और आप सुन रहे हैं यह पेसिव लर्निंग है। एक्टिव लर्निंग वह होती है आप क्लास में सीख रहे हैं और उसके बारे डिस्कशन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के पास अभी न तो भविश्य है और न ही भूत। अभी वर्तमान आपसके साथ है। इसलिए वर्तमान में सफलता हासिल कर भविष्य की ओर अग्रसर हों।
जीएलए के अल्यूमनस एवं इसरो के डायरेक्टर कमलेन्द्र त्रिपाठी ने कहा कि कोई भी विद्यार्थी अगर यह सोचकर पढ़ाई में जुट जाये कि उसे रोजगार पाने की वजाय उसे रोजगार देने वाला बनना है, तो यकीन मानिएगा कि वह रोजगार देने वाला ही बनेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने अनुभव साझा किए और कहा कि यह सही है कि आइआइटी, एमएनआईटी में उत्कृष्ट प्रोफेसर हैं, लेकिन जीएलए का विद्यार्थी भी अगर शिक्षक द्वारा दिखाई जा रही राह चल पड़ा तो वह भी आइआइटी के छात्र के बराबर वाली कुर्सी पर बैठेगा। यह वह विश्वास के साथ कह सकते हैं।
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में स्नातक स्तर पर- बी.टेक, बी.फाॅर्मा, बीएससी, बायोटेक, बीए, बीकाॅम, बीए और बीकाॅम एलएलबी ऑनर्स, डिप्लोमा इन फाॅर्मेसी, स्नातकोत्तर स्तर पर एम.फाॅर्मा (फार्मोकोलाॅजी एण्ड फार्मास्यूटिक्स) सहित आदि कोर्सों के नव-प्रवेशित छात्र-छात्राओं ने ओरिएंटेशन में शिरकत की।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के डीन एकेडमिक प्रो. आशीष शर्मा, कम्प्यूटर इंजीनियरिंग विभाग के डीन प्रो. अशोक भंसाली, मुख्य परीक्षा नियंत्रक प्रो. अतुल बंसल, डीन स्टूडेंट वेलफेयर डाॅ. हिमांशु शर्मा, डीन प्रो. आनंद सिंह जलाल, प्रबंधन संकाय निदेशक प्रो. अनुराग सिंह, इलेक्ट्राॅनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. विनय देवलिया ने भी विश्वविद्यालय के शिक्षण सत्र के बारे में छात्रों को जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम का संचालन अंग्रेजी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डा. दिव्या गुप्ता ने किया। इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी दीपक गौड़, सह-प्रशासनिक अधिकारी धर्मेन्द्र कुलश्रेष्ठ एवं विभिन्न पदाधिकारियों का सहयोग सराहनीय रहा।
युवा पीढ़ी राष्ट्रोत्थान का संकल्प लेः डॉ. रामकिशोर अग्रवाल
मथुरा। मंगलवार को आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थानों राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट, राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी, के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर, के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल, जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस तथा राजीव इंटरनेशनल स्कूल में 77वां स्वतंत्रता दिवस उत्साह और उमंग के बीच मनाया गया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने देशभक्तिपूर्ण कार्यक्रम पेश करते हुए अमर शहीदों को नमन किया। स्वतंत्रता दिवस पर राजीव इंटरनेशनल स्कूल के नन्हें-मुन्ने बच्चों ने नयनाभिराम कार्यक्रम पेश किए। स्कूल की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने ध्वजारोहण करते हुए कहा कि हमें जो आजादी मिली है, उसकी रक्षा करना सभी का कर्तव्य है। कार्यक्रम का संचालन स्तुति एवं सारा ने किया। इसी तरह के.डी. डेंटल कॉलेज में प्राचार्य डॉ. मनेश लाहौरी, के.डी. मेडिकल कॉलेज में उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार, जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस में प्रो. नीता अवस्थी, राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट में निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना, राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में निदेशक डॉ. देवेन्द्र पाठक ने ध्वजारोहण कर छात्र-छात्राओं से राष्ट्रचिंतन करते हुए देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने सभी गुरुजनों, छात्र-छात्राओं तथा कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि यह आजादी हमें अमर शहीदों के त्याग और बलिदान से मिली है। इस दिन हमें राष्ट्र निर्माण, देश के विकास व रक्षा का संकल्प लेने के साथ महात्मा गांधी के सत्य व अहिंसा के सिद्धांतों को जीवन में उतारना चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि हमारे पूर्वजों ने शांति और खुशी की धरती दी है, जहां हम बिना भेदभाव के रह सकते हैं। उन्होंने युवा पीढ़ी से राष्ट्रोत्थान का संकल्प लेने का आह्वान किया। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने सभी को स्वतंत्रता दिवस की बधाई देते हुए कहा कि हमारा देश आज तेजी से हर क्षेत्र में विकास कर रहा है, यह आजादी बिना कतई सम्भव नहीं था। के.डी. मेडिकल कॉलेज में ध्वजारोहण करने के बाद उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने मेडिकल छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि आजादी का मतलब मौज-मस्ती नहीं बल्कि राष्ट्रोत्थान होना चाहिए। देश के जिम्मेदार नागरिक होने के नाते हमें हर पल, हर क्षण किसी भी आपात स्थिति के लिये तैयार रहना चाहिए।
वृन्दावन के प्रतिष्ठित विद्यालय हेरीटेज पब्लिक स्कूल में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विद्यालय के संस्थापक नामदेव शर्मा जी ने दीप प्रज्जवलित करके ध्वजारोहण किया। इस मौके पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें देश की आजादी के लिए लड़ने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों, आजादी के बाद भारत को एक लोकतंत्र राष्ट्र बनाने में योगदान देने वाले नेताओं और सीमा पर देश की सुरक्षा करने वाले जवानों की शहादत को याद किया गया। देश को आजाद हुए 76 साल पूरे हो चुके हैं यह बताते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. शालिनी शर्मा ने आज के बच्चों और युवाओं को उस दौर के संघर्ष और शहीद स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की भूमिका से अवगत कराया। वहीं विद्यालय के छात्र मेहुल, प्रिया कृष्णन और वृन्दा आदि ने इस अवसर पर देशभक्ति से जुड़े भाषण दिए और अन्य छात्र – छात्राओं ने रंगारंग कार्यक्रमों में प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन धर्मेन्द्र प्रताप सिंह ने किया। अंत में विद्यालय के निदेशक अनुपम शर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दी। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के मौके पर विद्यालय के समस्त अध्यापकगण उपस्थित रहे।
बरसाना वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडे के आदेश अनुसार जनपद में साइबर अपराधियों व ऑनलाइन ठगी करने वालों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में बरसाना पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है थाना प्रभारी अरुण बालियान के द्वारा दिनांक 15 8 2023 को साइबर अपराध कर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतर राज्य साइबर गैंग के तीन अवयुक्त गण वह एक बालूपचारिक को गिरफ्तार किया है जिसके कब्जे से चोरी के साथ एंड्राइड स्मार्ट मोबाइल फोन 11 फर्जी आईडी और 20 एक्टिव सिम सिम कार्ड सी कंपनी नॉन एक्टिव 17 फर्जी आधार कार्ड चार नटराज कंपनी के फर्जी एंप्लोई आईडी कार्ड बरामद किए हैं अभियुक्त गण बाल अपचारी के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जा रही है अभियुक्त गण में बाल अपचारी द्वारा सीधे साधे लोगों को मोबाइल के माध्यम से स्टे ग्राम ऐप वह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नटराज पेंसिल को घर पर बैठकर पैक करने की नौकरी का झांसा देकर प्रचार प्रसार किया करते थे जिसमें भूले वाले महिला पुलिस अभियुक्त गण के झांसे में आकर दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करते थे अभियुक्त गण उन लोगों से उनके आधार कार्ड वह 620 रुपए रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर लेते थे पिक्स आर्ट ऐप पर फर्जी नटराज कंपनी की एंप्लोई आईडी कार्ड बना कर उनको व्हाट्सएप पर भेज देते थे इन लोगों से व्हाट्सएप पर जो आधार कार्ड प्राप्त होते थे वह अपना फोटो बदल कर नकली आधार कार्ड बना लेते थे जिसका इस्तेमाल फर्जी सिम कार्ड लेनेवो झांसी में आए लोगों को अपनी असली पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड व बरामद नटराज आईडी कार्ड व्हाट्सएप पर भेज देते थे जिससे लोगों को पूर्ण विश्वास हो जाता था इसी क्रम में रजिस्ट्रेशन फीस ₹620 मिल जाने के बाद अभियुक्त गण भोली भाली महिलाओं व पुरुषों के घर पर नटराज कंपनी के सामान पेन पेंसिल डिब्बे व अन्य पैकिंग सामान को भेजने के नाम पर 51 ₹100 डिलीवरी चार्ज के रूप में अपने फर्जी खाते में डलवा ते थे इसी क्रम को जारी रखते हुए किसी न किसी बहाने से पैसे लेते रहते थे फिर जब सामने वाले को शक होता था तो अपना सिम निकाल कर तोड़कर फेंक देते थे और उन्हें फर्जी आधार कार्ड पर प्राप्त नई सिम का इस्तेमाल करते थे अपने कम को अंजाम देते रहते हैं बरामद फर्जी आधार कार्डों पर शमशाद निवासी कामा राजस्थान के द्वारा सिम एक्टिव कर माहिया कराए जाते थे। पकड़े गए अभियुक्त उमरदीन पुत्र असलूप निवासी हाथिया थाना बरसाना, ज़ाहिद पुत्र इसराईल निवासी हाथिया थाना बरसाना, मुजाहिद पुत्र असगर निवासी साहबनगर जटवारी थाना शेरगढ़ और एक बाल अपचारी हैं। गिरफ्तार करने वाली टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक अरुण कुमार बालियान, उप निरीक्षक अरविंद पुनियां, उप निरीक्षक रोहित तेवतिया, हेड कांस्टेबल विनोद कुमार एवं अरविंद कुमार, कांस्टेबल सौरभ एवं शिवम शामिल रहे।
एसपीएस इंटरनेशनल स्कूल कोसीकला में 77वा स्वतंत्रता दिवस देशभक्ति पूर्ण उत्साह के साथ मनाया गया । कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि पुष्पेंद्र रावत ,पी ए सी कमांडेंट बटालियन के हेड, विद्यालय की डारेक्टर डॉ रेखा गोयल व प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार राव, द्वारा राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ रेखा गोयल ने की ।उन्होंने सभी छात्रों को आजादी के अमृत महोत्सव काल के महत्व के बारे में अवगत कराते हुए बताया कि हमारा देश विश्व में नई कीर्तिमान स्थापित करते जा रहा है और आने वाली युवा पीढ़ी को भी ऐसी ऊर्जा और उत्साह के साथ काम करना होगा ।इस मौके पर समस्त शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति के मध्य बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से दर्शकों को जागरूकता का संदेश दिया । स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र कुमार ने विद्यार्थियों को इस दिन के महत्व और अंग्रेजों से आजादी के संघर्ष से अवगत कराया । उन्होंने कहा कि देश की सेवा करने के लिए सबसे पहले अच्छे इंसान बनना चाहिए अपने बड़ों की आज्ञा का पालन करना और उनका सम्मान करना तथा जरूरतमंदों की मदद करना जैसे सरल कार्य करने चाहिए। कार्यक्रम का समापन अंग्रेजी के अध्यापक संजय शर्मा के धन्यवाद भाषण “मेरी मांटी मेरा देश” व राष्ट्रगान के साथ किया गया।