Friday, January 16, 2026
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केएम हॉस्पिटल ने दी ग्रामीणों को सौगात, ओपीडी के लिए दर्जनों गांवों में पहुंचेंगी प्रतिदिन फ्री बस सेवा

दर्जनों गांवों के बीमारों को अस्पताल निःशुल्क पहुंचेगी केएम हॉस्पिटल की बस सेवा

मथुरा। केएम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति किशन चौधरी ने ग्रामीणों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए सराहनीय कदम उठाया है। जिसकी ग्रामीणों ने हृदय से प्रशंसा की है। जी हां हम बात कर रहे है केएम हॉस्पिटल की नई निःशुल्क बस सेवा की, जो केएम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति ने ग्रामीणों को सौगात दी है। जो बीमार लोगों को प्रत्येक दिन उनके गंतव्य से निःशुल्क हॉस्पिटल लेकर आएगी और इलाज के बाद उन्हें उनके घर छोड़ेंगी।

विदित रहे कि केएम यूनिवर्सिटी कुलाधिपति एवं हॉस्पिटल के द्वारा ब्रज में रहने वाले सभी लोगों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए 350 गांवों में फ्री बस सेवा लगा रखी है, जो बीमारों को उनके घर से लेकर अस्पताल तक लेकर आती है और इलाज के बाद उन्हें घर छोड़ती है। इसी कड़ी में आज गांव लोहई के ग्राम प्रधान वीरेन्द्र ने केएम की नई बस सेवा का शुभारंभ फीता काट कर किया, इस मौके पर हॉस्पिटल के मार्केटिंग डिपार्टमेंट के असिटेंट मैनेजर आमीन और हरेन्द्र मौजूद रहे।
इस निःशुल्क बस सेवा के शुभारंभ पर केएम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति किशन चौधरी ने बताया कि केएम अस्पताल गरीबों किसानों और आर्थिक स्थिति से कमजोर लोगों को मात्र दवा के खर्चे पर सबसे सस्ता इलाज मुहैय्या करा रहा है। जिसके लिए हॉस्पिटल के प्रचार प्रसार विभाग के पीआरओ ग्रामीण अंचलों में जाकर उन्हें सरकारी रेट से कम रेटों पर इलाज मुहैया कराने की जानकारी दे रहे है। इसी कड़ी में सोमवार सुबह नई बस सेवा शुरू की गई है, यह बस प्रतिदिन सुबह सोमबार से शनिबार 7 बजे लोहई गावं से चलेगी और , झंडा, जरारा, पाती, रामनगला, शिशगढ़ी, खुरा नगला तुलागढ़ी, मदनवारा, सुदामागाढ़ी, राजागढ़ी, अकबरपुर, टैटी गांव, सरकोरीया, इडोल, सामोली, इरौली, वीन्दपुर, नगला भूप सिंह, नगला लोहरे, बीजीली, प्रेमनगर, माण्डीखन, छारी मांट से बीमार मरीजों को लेकर केएम हॉस्पिटल पहुंचेगी तथा इलाज के बाद उन्हें उनके गतंव्य तक छोड़ेगी। बस के शुभारंभ अवसर पर ग्रामीणों ने केएम यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति व जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी का धन्यवाद देते हुए बताया कि के इस कार्य से ग्रामीण अंचलों में फैल रही बीमारियों से छुटकारा मिल सकेगा।

नर्सिंग विद्यार्थी में ज्ञान, मृदु व्यवहार और सेवाभाव जरूरीः डॉ. आर.के. अशोका

के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंसेज में ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित

मथुरा। नर्सिंग के छात्र-छात्राओं को अपनी पढ़ाई अनुशासन में रहकर इस तरह से करनी चाहिए कि वह बेहतर हेल्थ केयर प्रोफेशनल बन सकें। नर्सिंग शिक्षा चिकित्सा का ऐसा सेवाभावी अंग होता है जिसके बिना डॉक्टरी असम्भव है। यह उद्गार के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने सोमवार को के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंसेज के नवागंतुक छात्र-छात्राओं के ओरिएंटेशन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए। कार्यक्रम का शुभारम्भ मां सरस्वती की छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
डॉ. अशोका ने कहा कि नर्सेज चिकित्सकों और मरीजों के बीच की कड़ी होती हैं। ज्ञान और मृदु व्यवहार ही नर्स का गुण होता है। उन्होंने कहा कि नर्सेज को मरीजों के प्राथमिक उपचार और देखभाल में किसी भी तरह से एक चिकित्सक से कमतर नहीं होना चाहिए। इस अवसर पर डॉ. अशोका ने कहा कि आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप शिक्षा के क्षेत्र में जो उच्च मानदंड स्थापित कर रहा है, इसका सारा श्रेय इस ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल को जाता है। डॉ. अग्रवाल चाहते हैं कि आर.के. ग्रुप के शैक्षिक संस्थानों से पढ़कर निकला हर विद्यार्थी समाज के सामने नजीर बने।
इस अवसर पर के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंसेज के प्राचार्य शिवराज सिंह त्यागी ने अपने उद्बोधन में नवागंतुक छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे यहां अनुशासन में रहकर शिक्षा हासिल करें तथा अपने सेवाभावी कार्यों से चिकित्सा के क्षेत्र में नजीर स्थापित करें। महाप्रबंधक अरुण अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को कड़ी मेहनत तथा अच्छे व्यवहार के लिए प्रेरित किया। श्री अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंसेज का चयन करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि यहां न केवल किताबी ज्ञान मिलेगा बल्कि प्रयोगात्मक अनुभव हासिल करने का अवसर भी मिलेगा।

चित्र कैप्शनः नवागंतुक छात्र-छात्राओं को सम्बोधित करते हुए के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंसेज के प्राचार्य शिवराज सिंह त्यागी


के.डी. मेडिकल कॉलेज के उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने कहा कि नर्सिंग स्टाफ मरीज के ज्यादा करीब होता है और उनकी देखरेख करता है लिहाजा उसके चेहरे पर हमेशा मुस्कराहट तथा रोगी के प्रति विनम्र व्यवहार होना चाहिए। यदि उनका व्यवहार अच्छा रहा तो इससे संस्थान की ख्याति भी बढ़ेगी। उप-महाप्रबंधक मनोज गुप्ता ने अपने सम्बोधन में कहा कि नवागंतुक छात्र-छात्राएं कॉलेज को अपना घर-परिवार मानकर शिक्षा ग्रहण करें। नर्सिंग सुपरिंटेंडेंट शीला एलेक्स ने छात्र-छात्राओं से अच्छे नर्स बनकर देश-दुनिया में अपने कॉलेज का नाम गौरवान्वित करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर गौरव त्यागी ने वृत्तचित्र के माध्यम से आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप तथा के.डी. कॉलेज ऑफ नर्सिंग एण्ड पैरामेडिकल साइंसेज की जानकारी छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को दी। ओरिएंटेशन कार्यक्रम में एच.आर. मैनेजर अनमोल रतन जौहरी, मनोज गोस्वामी, संस्थान के प्राध्यापक, छात्र-छात्राएं और अभिभावक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन अनू चौधरी और श्रेया चौहान ने किया। आभार प्राचार्य शिवराज सिंह त्यागी ने माना।

एटा के श्रद्धालु का मोबाइल लूट ले गए बाइकसवार युवक

बरसाना। श्रावण मास के अधिक मास में राधा रानी के दर्शन करने आए एटा के श्रद्धालु का मोबाइल कोबाइकसवार दो युवक लूट ले गए। पीड़ित युवक ने थाने में जाकर मोबाइल लूट ले जाने की तहरीर दी। पुलिस ने मोबाइल नंबर को ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन राजस्थान के कामा में मिली। 

रविवार को रात्रि आठ बजे एटा कन्नौज के  युवकों एक दस लोगों का दल बरसाना स्थित कीर्ति मंदिर के दर्शन करके अपने गंतव्य की तरफ पैदल निकल रहे थे कि रानू मिश्रा पुत्र रविन्द्र प्रसाद मिश्रा निवासी एटा परोली स्वहागपुर थाना जेन्थरा

अपने मोबाइल से बात करने लगा कि तभी दो बाइक सबार युवक उसके मोबाइल को छिना ले गए। पीड़ित युवक कुछ समझता बाइक सबार तेजी से राजस्थान बार्डर की तरफ नाले के  रास्ते से भाग गए। पीड़ित युवक ने पीली कोठी तिराहे पर जाकर पुलिस कर्मियों को बाइक सवारों के द्वारा मोबाइल लूटने की जानकारी दी तो कस्बा इंचार्ज रोहित ने मोबाइल नम्बर ट्रेस किया तो उसकी लोकेशन राजस्थान के कामा बार्डर की तरफ मिली। पीड़ित ने थाने में जाकर लिखित तहरीर दी। पुलिस मोबाइल लुटेरों की तलाश में जुट गई। 

मेरी माटी मेरा देश के तहत संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा वृक्षारोपण किया गया

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए अजीजपुर, अकबरपुर, दो गांव में 27 एवं 28 जुलाई को वृक्षारोपण किया गया।
विश्वविद्यालय द्वारा गोद लिए गांव के सरपंच एवं ग्रामीणों के साथ बैठक हुई और सर्वसम्मति से गांव में वृक्षारोपण के लिए स्थान का चयन किया गया। अजीजपुर गांव में मंदिर के प्रांगण में वृक्षारोपण किया गया और अकबरपुर के पंचायत भवन के प्रांगण में वृक्षारोपण किया गया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में 27 -28 जुलाई को राष्ट्रीय सेवा योजना के 39 स्वंयसेवी छात्रों ने योगदान दिया। 28 जुलाई को 42 राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वंयसेवी छात्रों ने वृक्षारोपण कार्य किया। इस अवसर पर संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक डॉ. के. के. पराशर, कार्यक्रम अधिकारी दुर्गेश नंदन, सोहन, डॉ. मृत्युंजय मिश्रा, डॉ. कमल पांडेय एवं ग्रामीण आदि उपस्थित थे।
डॉ. पराशर ने ग्रामीणों को वृक्षारोपण का महत्व से ग्रामीणों को अवगत कराया एवं जागरूक किया की वृक्ष इस प्रकृति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। वृक्ष हमें जीवन प्रदान करते है। क्योंकि, यें हमारे जीवन के लिए आवश्यक ऑक्सीजन गैस हमें प्रदान करते है। इन पेड़ों के बिना हमारा कोई अस्तित्व ही नही है। यें पेड़ हमारी कईं आवश्यकताओं की पूर्ति करते है। लेकिन, इसके बदले में यें हमसे कुछ भी नहीं लेते है। वृक्षारोपण से वृक्षों की मात्रा बढ़ेगी। इससे हमारा वातावरण भी शुद्ध रहेगा। वृक्षारोपण के बढ़ने से हम सभी के स्वास्थ्य में सुधार आएगा। पानी की समस्या भी कम होगी और पृथ्वी के नीचे पानी की मात्रा भी बढ़ेगी। यदि वृक्ष की मात्रा अधिक होगी तो वर्षा की मात्रा भी अधिक होगी।

जिलाधिकारी की नई पहल – कदंब पथ

मथुरा से वृन्दावन मार्ग होगा कदंब के वृक्षों से हरा भरा, नवनिर्मित मथुरा से वृन्दावन सड़क मार्ग पर लगेंगे लगभग 400 कदंब के वृक्ष, ट्री गार्ड से सभी 400 वृक्षों की सुरक्षा की जाएगी

मथुरा 30 जुलाई। नवनिर्मित मथुरा से वृंदावन के फोर लेन सड़क मार्ग पर लगेंगे 400 कदंब के वृक्ष। कदंब की खुशबू से महकेगा मथुरा-वृंदावन। कृष्णकालीन पौधे रोपने की योजना 05 अगस्त 2023 से जिलाधिकारी पुलकित खरे के नेतृत्व में प्रारम्भ होगी। जिलाधिकारी की यह नई पहल है, जिसमें ब्रज नगरी को अपने ऐतिहासिक रूप में विकसित करने का पूर्ण प्रयास किया जा रहा है। यह पहल वृन्दावन के नाम को परिपूर्ण करेगी। जिलाधिकारी पुलकित खरे ने कदंब के वृक्षारोपण की इस पहल को अपने महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल किया है। इस योजना में मथुरा से वृंदावन (मसानी चौराहा से राम कृष्ण मिशन सेवा आश्रम) तक फोर लेन के दोनो ओर कदंब के वृक्षों का पौधारोपण का कार्य कराया जायेगा, जिसका नाम कदंब पथ होगा।
प्रत्येक कदंब के वृक्ष के लिए ट्री- गार्ड लगाया जाएगा और नियमित रूप से कदंब के वृक्षों में पानी लगाने का कार्य किया जाएगा। इन वृक्षों की देख रेख अपने बच्चों के समान की जायेगी। ब्रज में प्रतिदिन बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन हर क्षेत्र को कृष्णकालीन रूप देने की तैयारी करता रहता है। इसके लिए पौधारोपण अभियान के तहत कृष्ण कालीन पौधों की संख्या बढ़ाई जा रही है। यह प्रयास खासकर उन क्षेत्रों में किया जा रहा है, जहां प्रतिवर्ष लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसमें प्रमुख रूप से मथुरा से वृंदावन का फोर लेन क्षेत्र शामिल है। फॉर लेन के दोनों ओर 400 कदंब के पौधे लगाए जाएंगे।
यह मार्ग दो पवित्र स्थानों को जोड़ता है, जिसमें प्रमुख मन्दिर शामिल है जैसे श्रीकृष्ण जन्मस्थान, प्रेम मन्दिर, इस्काॅन मन्दिर, रंगजी मन्दिर, श्री बांके बिहारी जी मन्दिर आदि। भगवान श्रीकृष्ण जी की जन्म व लीलाओं से जुड़ी ब्रजभूमि में श्रद्धालुओं की संख्या निरंतर बढ़ रही है। उक्त पौधों से श्रद्धालुओं को छांव मिलेगी, जिसके नीचे बैठकर श्रद्धालु अपनी थकान दूर कर सकेंगे। बरसात के मौसम में कदंब के पौधे लगवाने की तैयारी है। मथुरा से वृन्दावन मार्ग पर जगह जगह कदंब पथ के साइन बोर्ड स्थापित किये जायेंगे, जिससे लोगों को भी इस मार्ग एवं वृक्षारोपण की जानकारी हो।
नवनिर्मित मथुरा से वृंदावन सड़क मार्ग 7.850 किमी का है तथा उक्त मार्ग मसानी चौराहा मथुरा से चालू होता है और राम कृष्ण मिशन सेवा आश्रम वृंदावन के समीप खत्म होता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा मार्ग बनाया गया है जिसकी कुल लागत 3120.24 लाख रुपए है। मार्ग की चौड़ाई (आबादी के भाग को छोड़कर) 2×8.75 मीटर है। सभी 400 ट्री गार्ड नगर निगम मथुरा-वृंदावन द्वारा सामाजिक सहयोग के माध्यम से लगाए जायेंगे। सभी पौधे लोक निर्माण विभाग द्वारा लगाए जाएंगे तथा संरक्षित/ देखभाल का कार्य वन विभाग द्वारा किया जायेगा।

के.डी. डेंटल कॉलेज के गौरव सिंह का शोध आईपीइंडिया जर्नल में प्रकाशित

पेरियोडोंटल फ्लैप एलिवेटर पर किया अनुसंधान
मथुरा। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल छात्र-छात्राओं को दंत चिकित्सा की शिक्षा देने के साथ ही उन्हें अनुसंधान की ओर भी प्रेरित करता है। इसी कड़ी में यहां के एमडीएस तृतीय वर्ष पीरियोडोंटोलॉजी विभाग के छात्र गौरव सिंह ने पेरियोडोंटल फ्लैप एलिवेटर पर अनुसंधान किया है। गौरव सिंह के इस शोध को आईपीइंडिया जर्नल (भारत की बौद्धिक सम्पदा) में जगह मिली है।
अपने इस अनुसंधान पर छात्र गौरव सिंह का कहना है कि पेरियोडोंटल फ्लैप एलिवेटर अंतर्निहित संरचनाओं (दांत और वायुकोशीय) का उचित प्रदर्शन और मूल्यांकन करता है तथा पीरियोडोंटल फ्लैप सर्जरी के दौरान सहायक की आवश्यकता को कम कर देगा। मुझे विश्वास है कि यह उपकरण पीरियोडोंटल फ्लैप सर्जरी में काफी मददगार साबित होगा। गौरव सिंह बताते हैं कि पेरियोडोंटल फ्लैप एलिवेटर स्टील का होता है, इसके दोनों तरफ ठोस ब्लेड के दो सपाट सिरे होते हैं। ब्लेड का प्रत्येक सिरा फ्लैप को घेर लेगा और इस प्रकार इसे ऊपर उठाएगा कि उसे आसानी से स्क्रू से कसा जा सके।
पेरियोडोंटल फ्लैप एलिवेटर पेरियोडोंटल फ्लैप सर्जरी के दौरान बिना किसी सहायता के अंतर्निहित दांत और वायुकोशीय हड्डी को ठीक करने में काफी मददगार साबित होगा। गौरव सिंह बताते हैं कि पेरियोडोंटल फ्लैप सर्जरी मसूड़ों के इलाज की एक प्रक्रिया है। मसूड़े मुंह के मुलायम ऊतक होते हैं जो दांतों की गर्दन को घेरे रहते हैं और हड्डी को सहारा देते हैं। फ्लैप सर्जरी एक बिल्कुल दर्द रहित प्रक्रिया है जो स्थानीय एनेस्थीसिया के तहत मसूड़ों को दांतों से अस्थायी रूप से अलग करने के लिए की जाती है। जब मसूड़ों की बीमारी जैसी मौखिक स्वास्थ्य समस्याओं का प्रारम्भिक चरण में इलाज नहीं किया जाता है, तो यह एक बड़ी समस्या का कारण बनती है।
इस गौरवशाली उपलब्धि पर आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, मैनेजिंग डायरेक्टर मनोज अग्रवाल, कॉलेज के डीन और प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी तथा संस्थान के प्राध्यापकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए छात्र गौरव सिंह को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल का कहना है कि आज की युवा पीढ़ी को जितना किताबी ज्ञान जरूरी है उससे कहीं अधिक अनुसंधान के अवसर और सुविधाएं मिलना जरूरी है।
चित्र कैप्शनः के.डी. डेंटल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी को आईपीइंडिया जर्नल दिखाता छात्र गौरव सिंह।

जीएलए में एक मंच पर जुटे 70 कंपनियों के सीईओ

जीएलए में दिग्गज कंपनियों के सीईओ ने छात्रों को रोजगारपरक बनाने पर दिया जोर

-जीएलए में एक मंच पर जुटे 70 कंपनियों के सीईओ
-जीएलए में दिग्गज कंपनियों के सीईओ ने छात्रों को रोजगारपरक बनाने पर दिया जोर
मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में शुक्रवार छात्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन था। जहां विश्वविद्यालय द्वारा पेशेवर और तकनीकी शिक्षा के माध्यम से रोजगार और उद्यम शीलता का अवसर प्रदान करना पर आयोजित सीईओ सम्मेलन सफलता पूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर 70 से अधिक दिग्गज कंपनियों के सीईओ ने शिरकत की।

शुक्रवार को काॅन्क्लेव का शुभारम्भ मां सरस्वती एवं प्रेरणास्त्रोत श्री गणेषी लाल अग्रवाल जी के चित्रपट के समक्ष कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह, प्रबंधन संकाय के निदेशक प्रो. अनुराग सिंह, मुख्य अतिथि थाइसेन क्रुप इलेवेटर्स (टीकेई) कंपनी के सीईओ मनीश मेहन, विशिष्ट अतिथि दीपक फर्टीलाइजर के प्रेसीडेंट नरेश पिनीसेट्टी एवं दिग्गज कंपनियों के विभिन्न अतिथियों सहित जीएलए ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट काॅरपोरेट रिलेशन जयदीप सिन्हा एवं असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट कनक अंगरीश ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए जीएलए के कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने कहा कि उद्यमिता, कौशल आधारित शिक्षा, अनुसंधान, संस्कृति, टिकाऊ प्रथाओं, वैश्विक चुनौतियां जीएलए की ताकत हैं। दिग्गज कंपनियों के सीईओ, प्रेसीडेंट, सीएचआरओ एवं अन्य अतिथियों ने इस काॅन्क्लेव के लिए अपना कीमती समय छात्रों के हित के लिए दिया, वह धन्यवाद के पात्र हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि मनीष मेहन ने उद्यमिता विकास पर जोर देते हुए कहा कि सफलता प्राप्त करने के लिए कोई भी एक सिद्ध तरीका नहीं है। इसके लिए छात्रों को स्टार्टअप/बिजनेस की शुरुआती जानकारी होना अतिआवश्यक है। उन्होंने कहा कि आज सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर जागरूक है। सरकार ने युवाओं के भविष्य को संजोने के लिए कई रास्ते खोले हैं। उन्होंने जीएलए द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों को सराहा और रोजगार के अनेक नए माध्यम खोलने पर जोर दिया। हर किसी में सीखने के इरादे पर ध्यान केंद्रित करने का संदेश देने के लिए धन्यवाद किया। उन्होंने अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए अपनी संक्षिप्त प्रोफाइल दी।

सम्मानित अतिथि नरेश पिनीसेट्टी ने स्टार्टअप के लिए जीएपी मॉडल की जरूरत पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने कहा कि दुनियां प्रौद्योगिकी से सुसज्जित है। भारत में भी सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप के ईको सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए छात्रों को आगे आने की जरूरत है। आगे आकर ही हमें कौशल विकास को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि केवल शिक्षा प्राप्त करने मात्र से रोजगार का सृजन नहीं होता है जब तक कौशल विकास ना हो।

कॉन्फ्रेंस में दिशा किरन के फाउंडर एंड सीईओ डा. एंडी, ग्लोबल बिजनेस कंसल्टिंग के अमित वदेरा, ग्लोबल मार्केटिंग के को फाउंडर एवं पूर्व ट्विटर डायरेक्टर प्रिथा अथरे, ब्लूपी के फाउंडर एंड सीईओ प्रोनम चटर्जी, पेप्पफ्राई के फाउंडर आषीश षाह, एड्राइट वेल्यूएषन के एमडी मुकेश गुप्ता, वन टू वन हेल्प के बोर्ड मेंबर प्रेम, आर्टीनिकी के फाउंडर एंड सीईओ सुमित रस्तोगी, स्कवायरबोट के सीईओ गौरव गुप्ता, बिड फाॅर बेस्ट के सीईओ जयंत सिंह, पेपर बोट के अरिजीत राय, यू क्लीन को फाउंडर अरूणभ सिन्हा, एआई यूनिवर्सिटी के सीईओ सिद्धार्थ, रेडिएन साॅफ्टवेयर के सीईओ पवन वर्मा, विंग ट्रेवल मैनेजमेंट के फाउंडर एंड डायरेक्टर अरूण खराट, टाॅरियन गु्रप के सीईओ अमिथ बाजला, लेगित के सीईओ हर्श दीप रपल, पंखटेक के सीईओ रिआ रूस्तगी, पोस्टेरिटी कसंल्टिंग के को फाउंडर रायजदा सौरभ बली, संपूर्णा के सीईओ विकास गुप्ता, फिलिप्स, श्रीराम आदि कंपनियों के पदाधिकारियों ने सीईओ काॅन्क्लेव में स्टार्टटप पर चर्चा की।

प्रबंधन संकाय के निदेशक प्रो. अनुराग सिंह ने कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय में एक मंच पर 70 कंपनियों के सीईओ, को-फाउंडर, सीएचआरओ, एमडी, प्रेसीडेंट जुटे। यह विश्वविद्यालय के लिए बड़ी उपलब्धि है कि कंपनी प्रमुखों के सामने छात्रों ने अपने सवाल-जवाब कर अपनी संकाओ को दूर किया और छात्रों को भी उद्यमिता और रोजगारपरक बनने के लिए काफी सहायता मिली है। इसी दौरान सेंटर फाॅर स्किल एंड एंटरप्रेन्याॅरषिप डेवलपमेंट में जीएलए के छात्रों द्वारा मशहूर टीवी शो शार्क टैंक की तर्ज पर अपने स्टार्टअप आईडियाज को कंपनी सीईओ के सामने प्रस्तुत किया। सभी सीईओ ने निवेशकों तथा पेशेवर सलाहाकार की भूमिका निभाते हुए छात्रों का उत्साहवर्धन किया। ऐसे करीब 14 स्टार्टअप आइडियाज पर चर्चा हुई।

काॅन्क्लेव के अंत में गलानाइट सूफी-सुरी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में आफताब सबरी और हासिम सबरी ने कब्बाली से सभी का मन मोह लिया।

जीएलए के सीईओ नीरज अग्रवाल एवं सीएफओ विवेक अग्रवाल ने ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट काॅरपोरेट रिलेशन जयदीप सिन्हा एवं असिस्टेंट वाइस प्रेसीडेंट कनक अंगरीश एवं काॅन्क्लेव के काॅर्डिनेटर को सफल कार्यक्रम हेतु धन्यवाद दिया।

इस अवसर पर सीएसई विभाग के डीन प्रो. अशोक भंसाली, प्रबंधन संकाय पीजी के विभागाध्यक्ष डॉ. उत्कल खंडेलवाल, डा. विवेक अग्रवाल, डा. कुशाग्र कुलश्रेश्ठ, नीरज पाठक, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट काॅरपोरेट रिलेशन जयदीप सिन्हा ने सभी अतिथियों को धन्यवाद दिया। इस मौके पर सुनील कुमार, डा. सतेन्द्र यादव, मोनिशा डुले, डा. हरिप्रपन शर्मा, डा. मनीश गोस्वामी, डा. पिनाज मिश्रा का सहयोग सराहनीय रहा।

क्रीमबेल कम्पनी का भ्रमण कर लौटे जी.एल. बजाज के छात्र-छात्राएं

कम्पनी पदाधिकारी ने दी आइसक्रीम उत्पादन प्रक्रिया की जानकारी

मथुरा। जो बातें पुस्तकें पढ़कर भी समझ में नहीं आतीं वही बातें छात्र-छात्राएं शैक्षिक भ्रमण में आसानी से सीख व समझ लेते हैं। इसीलिए कहा जाता है कि देखना ही विश्वास करना है। जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस, मथुरा छात्र-छात्राओं को पुस्तकीय ज्ञान देने के साथ ही उन्हें प्रयोगात्मक जानकारी दिलाने के लिए समय-समय पर शैक्षिक भ्रमण को भेजता रहता है। हाल ही में डॉ. तनुश्री गुप्ता तथा श्रुति गौतम के मार्गदर्शन में यहां के प्रबंधन छात्र-छात्राओं ने छाता स्थित क्रीमबेल आइसक्रीम इंडस्ट्रीज लिमिटेड का शैक्षिक भ्रमण किया।
इस शैक्षिक भ्रमण में कम्पनी पदाधिकारी ने एमबीए के छात्र-छात्राओं को बताया कि क्रीमबेल भारत की प्रसिद्ध आइसक्रीम ब्रांडों में से एक है। गर्मी के सीजन में यह संयंत्र प्रतिदिन लगभग 2.25 लाख लीटर बर्फ का उत्पादन करता है। कम्पनी पदाधिकारी ने छात्र-छात्राओं को आइसक्रीम बनाने से लेकर दूध के पाश्चुरीकरण, विभिन्न आइसक्रीमों में स्वाद, रंग का समावेश, ठंडा करने की प्रक्रिया, पैकेजिंग, मोल्डिंग, उत्पादित आइसक्रीम के भंडारण और उसके वितरण आदि की जानकारी दी। कम्पनी का शैक्षिक भ्रमण कर लौटे छात्र-छात्राओं ने बताया कि इससे पहले वह आइसक्रीम का स्वाद तो चखते थे लेकिन यह कैसे तैयार होती है, इसका रखरखाव कैसे किया जाता है, इसकी जानकारी पहली बार मिली।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि छात्र-छात्राओं को शैक्षिक भ्रमण से ही प्रयोगात्मक और व्यावहारिक ज्ञान प्राप्त होता है। औद्योगिक दौरे छात्र-छात्राओं के आत्मविश्वास निर्माण में योगदान करते हैं तथा उन्हें अवधारणाओं की स्पष्टता सुनिश्चित करने में भी मदद मिलती है।
संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने कहा कि जीएल बजाज में शैक्षिक भ्रमण शैक्षणिक कैलेंडर का अभिन्न हिस्सा है। छात्र-छात्राओं को समय-समय पर संबंधित विभागों के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में औद्योगिक भ्रमण पर भेजा जाता है तथा वापस लौटने पर प्रत्येक विद्यार्थी को एक रिपोर्ट जमा करनी होती है जिसे संस्थान द्वारा आंतरिक मूल्यांकन प्रक्रिया में उचित महत्व दिया जाता है।

संस्कृति विवि के शिक्षक शैक्षणिक भ्रमण, प्रशिक्षण के लिए तीन देशों में

मथुरा। संस्कृति विश्विद्यालय शिक्षा के लगातार उन्नयिकरण हेतु प्रयासरत है। विश्विद्यालय द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर को पाने के लिए विदेशी उच्चस्तरीय शैक्षणिक संस्थानों में अपने शिक्षको को प्रशिक्षण के लिए और दूसरे देशों के लोगों को प्रशिक्षित करने के लिए भेजा जा रहा है।
विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एम.बी. चेट्टी ने बताया की विश्वविद्यालय के शिक्षक 3 देशों में शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण के लिए गए हैं। अरुण त्यागी एवं रतीश शर्मा चीन में, दाऊदयाल श्रीलंका में और स्वीडन में डॉ. मोनिका अब्रोल गई है।
विश्वविद्यालय के शिक्षक शैक्षणिक भ्रमण एवं प्रशिक्षण के लिए 3 देश चीन, श्रीलंका, स्वीडन में गए है। झेजियांग ग्रामीण अनुशंधान संस्थान ने रतीश शर्मा को अपनी शैक्षणिक समिति के सदस्य के रूप में नियुक्त किया है, वे चीन और विदेश के प्रशासनिक अधिकारीयों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। यह संस्थान होजोऊ में ईको टूरिज़्म विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यहां ईको टूरिज्म 100 बिलियन का है। शंघाई और हांग्जो जिलों के साथ झेजियांग चीन के अग्रणी राज्यों में से एक है।

जीएलए विश्वविद्यालय अपने शिक्षा के बुनियादी ढांचे को दिन-प्रतिदिन दे रहा मजबूती

मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा अपने शिक्षा के बुनियादी ढांचे को दिन-प्रतिदिन मजबूती देने में लगा है। सीखने से लेकर सिखाने तक आधारभूत संरचना हर एक दिन नया आयाम स्थापित कर रही है। हाल ही में इन्हीं आयामों को परिदृष्य की तरह दर्शाने के लिए जीएलए ने उत्तर अमेरिका की इंटर अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ़ प्यूर्टो रिको के साथ एमओयू साइन किया है।

बीते दिनों उत्तर अमेरिका की इंटर अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ़ प्यूर्टो रिको का दल, जिसमें प्रेसीडेंट डॉ. राफेल रामिरेज-रिवेरा, कुलाधिपति डॉ. जुआन ए नेग्रोन-बेरिओस, असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. आलोक अरूण जीएलए विश्वविद्यालय पहुंचे। यहां उन्होंने सर्वप्रथम जीएलए के कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह एवं इंटरनेशनल रिलेशन एंड एकेडमिक कोलाॅबोरेशन विभाग के डीन प्रो. दिलीप कुमार शर्मा से मुलाकात की। विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों ने अमेरिकन यूनिवर्सिटी के दल का स्वागत किया।

इस दौरान अमेरिकी दल ने जीएलए के विभिन्न विभागों का भ्रमण किया और विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट देखी। कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने जीएलए प्रगति रिपोर्ट साझा की। प्रगति रिपोर्ट में सर्वप्रथम नैक से ए प्लस ग्रेडिंग के साथ उच्चतम स्कोर 3.46 के बारे में जानकर अमेरिकी दल ने जीएलए की सराहना की। तत्पश्च्यात एमओयू पर एक बैठक आयोजित हुई और जीएलए के कुलसचिव अशोक कुमार सिंह एवं इंटर अमेरिकन यूनिवर्सिटी के प्रेसीडेंट डॉ. राफेल रामिरेज-रिवेरा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। हस्ताक्षर के बाद से एमओयू प्रभावी हुआ।

कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने बताया कि जीएलए का इंटरनेशनल रिलेशन एंड एकेडमिक कोलाॅबोरेशन विभाग लगातार देश-विदेश के संस्थानों के संपर्क में है। विश्वविद्यालय अपने छात्रों के हित को देखते हुए आगे बढ़ रहा है। आज भी दर्जनों विदेशी संस्थान ऐसे हैं, जो जीएलए के छात्रों को अपने यहां के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाकर सीखने से लेकर सीखाने का अवसर प्रदान कर रहे हैं। साथ ही विभिन्न इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी द्वारा प्रदान की जाने वाली स्कालरशिप फेलोशिप और इंटर्नशिप के बारे में छात्रों को अवगत कराता रहता है।

इंटरनेशनल रिलेशन एकेडमिक कोलाॅबोरेशन विभाग के डीन प्रो. दिलीप कुमार शर्मा ने आशा व्यक्त की कि यह एमओयू दोनों मेगा विश्वविद्यालयों के बीच शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक लंबा रास्ता तय करेगा। दोनों विश्वविद्यालय एक दूसरे के छात्रों और शिक्षकों के लिए कई गतिविधियां यूनिफाइड इंटरनेशनल बैचलर्स मास्टर प्रोग्राम, डेवलपमेंट ऑफ जॉइंट एजुकेशन प्रोग्राम, रिसर्च प्रोजेक्ट, स्टूडेंट्स एंड फैकेल्टी एक्सचेंज प्रोग्राम तथा स्टूडेंट विजिट एंड एजुकेशन कैंप एवं इंटर्नशिप के अवसर भी प्रदान किये जाएंगे। एकीकृत कार्यक्रमों में विद्यार्थियों को प्रेरित करने के लिए उभरते हुए मुद्दों पर ध्यान केन्द्रित हेतु आकर्शित करेगा। अनुसंधान के क्षेत्र में भविष्य के शोधकर्ताओं और पेशेवरों को प्रशिक्षित करेगा।

इस अवसर पर इंटरअमेरिकन यूनिवर्सिटी के डॉ. राफेल रामिरेज-रिवेरा ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन दोनों विश्वविद्यालयों के बीच सहयोगात्मक अनुसंधान को बढ़ावा देगा। उन्होंने जल्द ही प्यूर्टो रिको में जीएलए विश्वविद्यालय के प्रतिनिधिमंडल की मेजबानी करने की उम्मीद जताई। डॉ. जुआन ए नेग्रोन-बेरिओस ने कहा कि अंग्रेजी अध्ययन, बुनियादी विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में सहयोग के माध्यम से सतत विकास के लक्ष्यों तक पहुंचा जा सकता है।

इस अवसर पर बायोटेक विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. शूरवीर सिंह, अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. रामांजनेय उपाध्याय, डॉ. हरविन्दर नेगी, डॉ. श्याम दुबे, डॉ. विवेक कुमार आदि उपस्थित थे।