बीसीए के पांच छात्र-छात्राओं को मिला उच्च पैकेज पर सेवा का अवसर
मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राएं लगातार राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय कम्पनियों में चयनित हो रहे हैं। हाल ही में बीसीए के पांच विद्यार्थियों को एच.सी.एल. कम्पनी में उच्च पैकेज पर जॉब मिलने से उनमें खुशी का माहौल है। चयनित छात्र-छात्राओं ने अपनी इस सफलता का श्रेय संस्थान की उच्चस्तरीय शिक्षा प्रणाली तथा शिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया है। ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट विभाग के प्रमुख ने बताया कि विगत दिनों एच.सी.एल. कम्पनी के कैम्पस प्लेसमेंट में बीसीए के पांच विद्यार्थियों ने परीक्षा और साक्षात्कार में श्रेष्ठता सिद्ध करते हुए सेवा का अवसर प्राप्त किया है। चयनित छात्र-छात्राओं में आरती भारद्वाज, नेहा शर्मा, पुनीत कुमार सिंह, राघव अग्रवाल, रिषभ शर्मा शामिल हैं। चयन प्रक्रिया शुरू करने से पूर्व कम्पनी पदाधिकारियों ने बताया कि एच.सी.एल. पब्लिक कम्पनी है। 1991 से संचालित इस कम्पनी का मुख्यालय नोएडा है। यह मूलतः आईटी की कम्पनी है, जिसे मैन्युफैक्चरिंग, एअरो स्पेस एण्ड डिफेंस, फाइनेंशियल सर्विसेज, टेलीकॉम, रिटेल एण्ड सीपीजी लाइफ इंश्योरेंस एण्ड हेल्थकेयर, मीडिया एण्ड एण्टरटेनमेंट, ट्रेवल ट्रांसपोर्ट एण्ड लॉजिस्टिक, आटोमोटिव, हेल्थकेअर आदि की विशेषज्ञता प्राप्त है। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि वे अपनी लगन और मेहनत से कम्पनी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं।
जीएलए के छात्र और शिक्षकों सहित एनसीसी कैडेट्स ने किया सर्वप्रथम योग दिवस पर योग
मथुरा : जिस प्रकार सेना के कर्तव्य निर्वहन को देखकर भारत वासियों का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। ठीक उसी प्रकार एनसीसी कैडेट्स भी हमारे देश की शान हैं, जो कि अपने कर्तव्यों का अच्छे तरीके से पालन करते हुए देखे जाते हैं। देश के प्रति उनको कर्तव्यों से अवगत कराने तथा देश के हित में काम आने वाले सैन्य प्रशिक्षण हेतु जीएलए विश्वविद्यालय में 10 दिवसीय शिविर का आयोजन का किया गया है। शिविर में मथुरा जनपद के 10 यूपी बटालियन सहित अलीगढ़ के एनसीसी कैडेट पहुंचे हैं।
10 दिवसीय इस एनसीसी शिविर में एनसीसी कैडेट को एकता और अनुशासन के गुण के साथ सैन्य प्रशिक्षण के अन्तर्गत ड्रिल, मेप रीडिग, फायरिंग प्रशिक्षण, बाधा प्रशिक्षण, टैंट पिचिंग एवं जजिंग डिस्टेंस आदि के प्रशिक्षण प्रदान किये जायेंगे। इस शिविर में इंटर बटालियन कम्पटीशन का भी आयोजन किया जा रहा है। शिविर में विभिन्न बटालियन के एनसीसी कैडेट प्रतिभाग कर रहे हैं। जो कि अगले माह होने वाले प्री-टीएमसी के लिए चयनित होंगे।
10यूपी बटालियन के कर्नल राजेन्द्र सिंह एवं डिप्टी कैम्प कमाण्डेंट ले0 कर्नल आनन्द कुमार ने बताया कि जीएलए विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले कैम्प में मथुरा जनपद सहित अन्य जनपदों से करीब 13 इंटर स्कूली एवं डिग्री काॅलेज के करीब 450 एनसीसी कैडेट्स शामिल हुए हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स देश सेवा के प्रति जागरूक करना तथा एकता और अनुशासन के गुण बताकर आगे बढ़ाना है।
जीएलए एनसीसी एएनओ डा. अरूणांषु दुबे ने बताया कि आर्मी पब्लिक स्कूल, अमरनाथ डिग्री काॅलेज, अमरनाथ सीनियर सैकेण्डरी स्कूल, बाजना इंटर काॅलेज, राश्ट्रीय इंटर काॅलेज सुरीर आदि काॅलेजों से आये एनसीसी कैडेट्स ने विष्वविद्यालय का भी भ्रमण किया। उन्होंने यहां सुसज्जित व्यवस्थाओं और हरे-भरे माहौल को सराहते हुए कहा कि चारों तरफ दिख रही वृक्षों की छाया वाकई में पढ़ाई के दौरान आनंदित कर देती होगी। उन्होंने बताया कि यह एनसीसी शिविर उपकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता एवं कुलसचिव अषोक कुमार सिंह के सहयोग से आयोजित हो रहा है।
जीएलए में छात्र-शिक्षक और कैडेट्स ने किया योग मथुरा : जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर एनसीसी कैडेट्स सहित छात्र और शिक्षकों ने योग किया। योगा ट्रेनर वेदप्रकाश पांडेय ने अनुलोम, विलोम, भुजंगासन, कपालभाति, वृक्षासन, सूर्य नमस्कार आदि कराए। इस दौरान उन्होंने कहा कि योगा दिमाग और शरीर की एकता का प्रतीक है। मनुष्य और प्रकृति के बीच सामंजस्य, विचार, संयम और पूर्ति प्रदान करने वाला है। योगा हमारी बदलती जीवन षैली में यह चेतना बनकर जनवायु परिवर्तन से निपटने में भी मदद कर सकता है। इस अवसर पर जीएलए परिवार के पदाधिकारियों सहित विभिन्न काॅलेज के 15 एनसीसी एएनओ, 15 पीआई स्टाफ, 11 सिविल स्टाफ और अन्य अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
संस्कृति विवि में मनाया गया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर विवि के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने कुशल प्रशिक्षक की देख-रेख में विवि के सभागार में विभिन्न उपयोगी आसन लगाए और प्रणायाम किया संस्कृति विवि के कैंपस वन स्थित सभागार में सुबह छह बजे से साढ़े सात बजे तक अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर योग अभ्यास किया गया। विश्वविद्यालय के मुख्य सभागार में संस्कृति आयुर्वेद कालेज के कुलपति प्रो. एमबी चेट्टी ने परंपरागत तरीके से योग अभ्यास का शुभारंभ कराया। इस मौके पर विशेष योग प्रशिक्षक दिलीपजी ने प्राचीन भारतीय योग विद्या के महत्व और उसके लाभ को विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जो अपने जीवन में प्रतिदिन योगाभ्यास करते हैं, वे ताजगी से भरपूर और बीमारियों से दूर रह पाते हैं। यह हमें कार्य करने की शक्ति और मन में प्रफुल्लता देता है। योग प्रशिक्षक दिलीपजी के निर्देशन में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, अधिकारी और कर्मचारियों ने सुबह साढ़े छह बजे से लगभग डेढ़ घंटे तक पादह्स्तासन, अर्ध्द चक्रासन, वज्रासन, वक्रासन, मकरासन, भुजंगासन, पवनमुक्तासन व शवासन का अभ्यास किया। साथ ही उन्होंने इन आसनों के लाभों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। प्राणायाम के तहत कपालभांति, नाड़ीशोधन, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी का अभ्यास कराया गया। वहीं मन की शांति के लिए ध्यान लगाना भी सिखाया। कार्यक्रम का शुभारंभ ऋग्वेद मंत्र से हुआ तथा समापन शांति मंत्र के पाठ से हुआ। योगाभ्यास करने वालों में कुलपति प्रो.एमबी चेट्टी के अलावा संस्कृति स्कूल आफ नर्सिंग के प्राचार्य डा. केके पाराशर, असिस्टेंट रजिस्ट्रार रवि त्रिवेदी, समन्वयक डा.विधि सिंह, शिक्षिका डा. अंकिता, डा. स्नेहा, प्रो. सरस्वती, प्रो.ब्लेसी जार्ज, डा. करिश्मा, सुश्री रोशनी, सुश्री नीतू, कीर्ति, सौभाग्यो स्मिता, श्रष्ठी, साक्षी, कोमल, सावन, हर्षदीप के अलावा अनेक विद्यार्थी शामिल हुए।
छात्र-छात्राएं योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं- डॉ. रामकिशोर अग्रवाल
मथुरा। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थानों के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर, के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल, जी.एल. बजाज ग्रुप आफ इंस्टीट्यूशंस, कान्ती देवी नर्सिंग कॉलेज एण्ड पैरा मेडिकल साइंस, राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट, राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी तथा राजीव इंटरनेशनल स्कूल में बुधवार को यौगिक क्रियाओं के बीच अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया गया। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि यदि हमें तन-मन से स्वस्थ रहना है तो योग को अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि योग से मानसिक एवं शारीरिक विकास होता है, इसीलिए समूची दुनिया ने हमारी योग पद्धति को अपनाया है और इस पद्धति से ही स्वास्थ्य लाभ भी ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यौगिक क्रियाओं का एक पवित्र प्रभाव होता है जो शरीर, मन, चेतना और आत्मा को संतुलित करता है। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि यौगिक क्रियाएं हमें दैनन्दिन की समस्याओं और परेशानियों का मुकाबला करने में शक्ति प्रदान करती हैं। योग स्वयं के बारे में समझ, जीवन का प्रयोजन और ईश्वर से हमारे सम्बन्ध की जानकारी विकसित करने के लिए सहायता करता है। श्री अग्रवाल ने कहा कि योग हमारे मस्तिष्क को तनावमुक्त और शांतचित्त रखने में मदद करता है। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में पिछले बीस दिनों से मेडिकल के छात्र-छात्राओं को स्पोर्ट्स आफीसर डॉ. सोनू शर्मा यौगिक क्रियाओं का अभ्यास करा रहे थे। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर यौगिक क्रियाएं योग गुरु सोनिका वर्मा ने कराईं। इस अवसर पर प्राचार्य एवं डीन डॉ. आर.के. अशोका, उप महाप्रबंधक मनोज कुमार गुप्ता तथा डॉ. वी.पी. पांडेय ने छात्र-छात्राओं को योग से होने वाले फायदे बताए। के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में यौगिक क्रियाएं जाने-माने योग गुरु डॉ. बालकृष्ण शास्त्री (एमडी क्लीनिकल नेचुरोपैथी) ने कराईं। इस अवसर पर डीन और प्राचार्य डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि नियमित योग से तनाव कम होता है। योग का प्रभाव तन ही नहीं बल्कि मन पर भी पड़ता है। जी.एल. बजाज में स्पोर्ट्स आफीसर लोकेश शर्मा के मार्गदर्शन में प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं ने योगाभ्यास किया। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने छात्र-छात्राओं को बताया कि योग-प्राणायाम के नियमित अभ्यास से शरीर रोगों के प्रति काफी अधिक प्रतिरोधी बन जाता है। इसी तरह राजीव इंटरनेशनल स्कूल में शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने छात्र-छात्राओं को नियमित योग से मिलने वाले लाभों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति को प्रतिदिन कुछ समय योग के लिए जरूर देना चाहिए।
अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर वृषभान कुंड पर योगा करते हुए चेयरमेन प्रतिनिधि पदम् फौजी, सभासद और नगर पंचायत के सभी कर्मचारी
बरसाना । अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर नगर पंचायत के सभी कर्मचारियों ने वृषभान कुंड पर योग कर योग दिवस मनाया । बुधवार को नगर पंचायत बरसाना के चेयरमेन प्रतिनिधि पदम फौजी के नेतृत्व में 9वां योग दिवस वृषभान कुंड पर मनाया गया। योग दिवस के मौके पर पदम् फौजी ने बताया कि इस वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2023 का विषय ‘वसुधैव कुटुम्बकम के लिए योग’ है जो भारतीय सामाजिक-सांस्कृतिक विरासत का संकेत देता है और जो “एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य” के लिए हमारी साझा आकांक्षा को खूबसूरती से दर्शाता है। वसुधैव कुटुंबकम का अर्थ है- धरती ही परिवार है। इस थीम का उद्देश्य धरती पर सभी लोगों को एक परिवार के रूप में स्वास्थ्य के लिए योग को अपनाना चाहिए । 9वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर दुनियाभर में भारत का डंका बज रहा है ।
योग मानव जीवन में अहम योगदान रखता है। योग करके न सिर्फ शरीर को फिट रखा जा सकता है। बल्कि खुद को भी फिट और शांत रखा जा सकता है। अधिशाषी अधिकारी पूजा सिंह ने बताया कि हम यहां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं। यह एक ऐसा दिन है, जो उस प्राचीन प्रथा को समर्पित है जिसने दुनिया भर के लाखों लोगों के बीच सद्भाव और कल्याण लाने के लिए सीमाओं को पार कर लिया है। यह एक ऐसा दिन है जब योग को अपनाने के लिए सभी लोग एक साथ आ रहे हैं। सभासद प्रतिनिधि विवेक अग्रवाल ने बताया कि योग, प्राचीन भारत से उत्पन्न केवल एक शारीरिक व्यायाम नहीं है बल्कि एक समग्र अभ्यास है। इसकी मदद से हम मन और आत्मा को शांति की ओर ले जा सकते हैं। योग आंतरिक शांति और व्यक्तिगत विकास का मार्ग प्रदान करता है। योग के कई दूरगामी लाभ हैं। नियमित अभ्यास से शारीरिक शक्ति, लचीलापन और संतुलन में सुधार होता है । योग मानसिक स्पष्टता को बढ़ाता है, तनाव कम करता है । योग ध्यान, आत्म-जागरूकता और करुणा को प्रोत्साहित करता है, सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा देता है ।इस अवसर पर चेयरमेन विजय देवी, गौरव शर्मा, रवि शर्मा, सभासद श्रीराम, महेश गौड़, सभासद देवी सिंह, भूषण ,सभासद राकेश, राजाराम यादव , प्रभात शंकरा, आकाश, आदि लोग उपस्थित थे ।
राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के अन्य छात्रों का भी उच्च पैकेज पर चयन
मथुरा। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के शैक्षिक संस्थान राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी की छात्रा खुशबू चौधरी का मल्टीनेशनल कम्पनी फाइजर में छह लाख रुपये सालाना के पैकेज पर फार्माकोविजिलेंस आफीसर के पद पर चयन हुआ है। इसी तरह छात्र प्रशांत जादौन, अभिलाष कुमार जायस, पंकज शर्मा और राजू भी विभिन्न कम्पनियों में उच्च पैकेज पर जॉब हासिल करने में सफल हुए हैं। संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेन्द्र पाठक ने बताया कि प्रतिवर्ष की भांति इस साल भी राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के छात्र-छात्राओं को नामचीन कम्पनियों में सेवा का अवसर मिला है। प्रो. पाठक ने बताया कि हाल ही में अमेरिकन मल्टीनेशनल कम्पनी फाइजर में यहां की छात्रा खुशबू चौधरी का फार्माकोविजिलेंस आफीसर के पद पर चयन हुआ है। फाइजर इनकॉर्पोरेशन राजस्व के मामले में दुनिया की सबसे बड़ी कम्पनियों में से एक है। इसी तरह छात्र प्रशांत जादौन सन फार्मा में पांच लाख रुपये सालाना के पैकेज पर मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के पद पर चयनित हुए हैं। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के ही छात्र पंकज शर्मा और राजू की ऐकम फार्मास्युटिकल लिमिटेड हरिद्वार में क्वालिटी इंश्योरेंस आफीसर के पद पर पांच लाख रुपये सालाना के पद पर नियुक्ति हुई है वहीं अभिलाष कुमार जायस को मेडिकामैन बायोटेक लिमिटेड में चार लाख रुपये सालाना के पैकेज पर फार्मुलेशन एण्ड डेवलपमेंट आफीसर के पद पर सेवा का अवसर मिला है। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, संस्थान के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेन्द्र पाठक तथा प्राध्यापकों ने चयनित विद्यार्थियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल का कहना है कि राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को पढ़ाई के समय ही दवा निर्माण और उसकी गुणवत्ता को जांचने की पूरी जानकारी दे दी जाती है, यही वजह है कि शिक्षा पूरी करने से पहले ही यहां के छात्र-छात्राओं को राष्ट्रीय-बहुराष्ट्रीय दवा निर्माता कम्पनियों में आसानी से जॉब मिल जाता है। यह मथुरा के लिए गौरव की बात है कि यहां से शिक्षा ग्रहण करने वाले एक दर्जन से अधिक छात्र-छात्राएं प्रदेश के अधिकांश जिलों में ड्रग इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
परिजनों ने माना के.डी. हॉस्पिटल और अपना घर का आभार
मथुरा। जुलाई, 2016 में पंजाब के फाजिल्का जिले के गांव टहली बाड़ा से लापता हुए शिंदर सिंह को आखिरकार के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के मनोचिकित्सा विभाग ने उसकी मां सुरजीत कौर से मिलवाने में सफलता हासिल की है। साढ़े सात साल बाद बेटे से मिल मां की आंखों में जहां खुशी के आंसू छलक आए वहीं उन्होंने इसके लिए के.डी. हॉस्पिटल के चिकित्सकों और अपना घर का दिल से आभार माना है। परिजनों से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिंदर सिंह (26) बचपन से ही मंदबुद्धि था। जुलाई, 2016 में अचानक वह घर से लापता हो गया। घर वालों ने उसकी खोज-खबर की लेकिन वह नहीं मिला। आखिरकार परिजनों ने थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी। बेटे से बिछड़ जाने का सदमा जहां पिता सहन नहीं कर सका और उसकी मौत हो गई वहीं बहन भी मानसिक परेशानी का शिकार हो गई। तीन दिन पहले जैसे ही मां सुरजीत कौर को के.डी. हॉस्पिटल द्वारा शिंदर की खबर दी गई, उनके चेहरे पर चमक आ गई। साढ़े सात साल बाद बेटे की खबर पाते ही शिंदर के परिजन ही नहीं बल्कि गांव टहली बाड़ा (कवाया) के लोग भी खुश हो गए। सुरजीत कौर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते गांव वालों ने ही उसके मथुरा आने-जाने की व्यवस्था की। सुरजीत कौर अपने भाई गुरजीत सिंह जोकि पीएसपीसीएल में कार्यरत हैं उनके साथ पंजाब से के.डी. हॉस्पिटल आईं और बेटे से मिल उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। कोकिला वन शनिधाम के पास स्थित अपना घर के कार्यालय प्रभारी राकेश कुमार का कहना है कि कोई सात साल पहले शिंदर कोसीकलां में मिला था। उसे अपना घर लाया गया तथा बहुत कोशिश करने के बाद भी वह अपने निवास और परिजनों की जानकारी नहीं दे सका। के.डी. हॉस्पिटल के न्यूरो साइंस सेण्टर और मनोरोग विभाग की टीम अपना घर में रह रहे लावारिश लोगों से प्रायः मिलती रहती है। एक पखवाड़े पहले के.डी. हॉस्पिटल की डॉ. प्रियंका, डॉ. विदुषी तथा डॉ. रवनीत जोकि पंजाब की ही रहने वाली हैं उनकी मुलाकात शिंदर से हुई। शिंदर और तीन अन्य की खराब स्थिति को देखते हुए उन्हें के.डी. हॉस्पिटल लाया गया तथा उनका उपचार शुरू किया गया। शिंदर में आशातीत सुधार होने के बाद उससे उसके माता-पिता और निवास की जानकारी मिली, उसके बाद पंजाब पुलिस से सम्पर्क कर उसके घर वालों को बताया गया कि वह के.डी. हॉस्पिटल में है। विभागाध्यक्ष मनोरोग चिकित्सा डॉ. गौरव सिंह का कहना है कि के.डी. हॉस्पिटल के न्यूरो साइंस सेण्टर तथा मनोरोग विभाग द्वारा मनोरोगियों का न केवल उपचार होता है बल्कि उनके खाने और रहने की व्यवस्था भी निःशुल्क की जाती है। के.डी. हॉस्पिटल के चिकित्सकों की टीम प्रायः अपना घर, कृष्णा कुटीर आदि में रह रहे लावारिस लोगों के बीच पहुंचती है और जिनकी मनःस्थिति ठीक नहीं होती उन्हें हॉस्पिटल में लाकर उपचार किया जाता है। डॉ. गौरव सिंह का कहना है कि यह सब आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल के सेवाभाव से ही सम्भव हो पा रहा है। डॉ. गौरव सिंह बताते हैं कि शिंदर सिंह के उपचार में जहां न्यूरो सर्जन डॉ. अजय कुमार, डॉ. अवतार सिंह, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. कमल किशोर वर्मा, डॉ. शिवानी नागपाल की प्रमुख भूमिका है वहीं उसे उसके परिजनों से मिलाने में डॉ. प्रियंका, डॉ. विदुषी, डॉ. रवनीत, डॉ. अंकुश तथा मनोनैदानिक विज्ञानी सचिन गुप्ता और संध्या कुमारी का विशेष योगदान है।
कोसीकला समीपवर्ती गांव निवासी एक युवती को पड़ोस का ही रहने वाला एक युवक गत रात्रि बहला-फुसलाकर अपने साथ खेत पर बने ट्यूबेल की कोठरी में ले गया जहां उसने युवती के साथ दुराचार किया इसी दौरान उसके अन्य दो दोस्त भी मौके पर पहुंच गए और तीनों ने बारी-बारी से उसके साथ दुराचार किया पीड़ित की मां की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है मिली जानकारी के अनुसार थाना क्षेत्र की चौकी शाहपुर के अंतर्गत आने वाले एक गांव में एक युवती अपने छत पर सो रही थी इसी दौरान पड़ोस का ही एक युवक उसकी छत पर पहुंच गया और उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ट्यूबेल पर ले गया जहां उसके साथ उसने दुराचार किया इसी दौरान उसके दो दोस्त भी ट्यूबेल पर पहुंच गए और युवती को ब्लैकमेल कर उसके साथ बारी बारी से दुराचार किया प्रातः थाना पहुंच युवती के परिजनों ने थाना में नामजद तहरीर दी लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की देर शाम युक्ति के अन्य परिजन एवं रिश्तेदार थाना पहुंच गए और जमकर हंगामा काटा इसके बाद थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है कार्यवाहक प्रभारी निरीक्षक क्राइम इंस्पेक्टर नेतराम शर्मा ने बताया कि युक्ति को बहला-फुसलाकर एक नामजद युवक ने उसके साथ दुराचार किया पीड़िता की मां की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर मामले की पड़ताल की जा रही है थाना पुलिस ने एक नामजद के खिलाफ दुराचार एवं उसके दो साथियों के खिलाफ शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया है वहीं परिजनों का कहना है कि युवती की 10 जुलाई को शादी निश्चित हो चुकी है
मथुरा। जीवन और मौत ईश्वर के हाथ होती है लेकिन चिकित्सक भी भगवान से कम नहीं होते। के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के विशेषज्ञ न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह तथा उनकी टीम गांव सेवलगढ़, छाता, जिला मथुरा निवासी रोहित (15) के लिए भगवान साबित हुई। तीन जून को सीढ़ियों से गिरे रोहित के बेजान हुए हाथ-पैरों में जान डालने का काम के.डी. हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जनों ने बड़ी मशक्कत के बाद स्पाइन सर्जरी के माध्यम से कर दिखाया। ज्ञातव्य है कि सेवलगढ़, छाता, जिला मथुरा निवासी रोहित तीन जून को सीढ़ियों से गिर गया तथा उसकी गर्दन से सिर को जोड़ने वाली हड्डी टूट गई थी। इस गम्भीर चोट की वजह से रोहित के हाथों और पैरों ने पूरी तरह से काम करना बंद कर दिया। बचपन में ही पिता को खो चुके रोहित की इस स्थिति को देख उसकी मां का बुरा हाल हो गया। आखिरकार 6 जून को रोहित को के.डी. हॉस्पिटल के न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति के पास लाया गया। रोहित की स्थिति को देखते हुए उसकी कुछ जांचें कराने के बाद डॉक्टरों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन का निर्णय लिया। 7 जून को रोहित की एक मुश्किल स्पाइन सर्जरी (सी-1-सी-2 रेडक्शन एण्ड फिक्सेशन) की गई जोकि इससे पहले शायद ही मथुरा में कभी हुई हो। सर्जरी सफल रही तथा अब रोहित के हाथों और पैरों ने काम करना शुरू कर दिया है तथा वह सहारे से चलने-फिरने भी लगा है। इस कठिन सर्जरी में न्यूरो सर्जन डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह का सहयोग डॉ. समर्थ सिन्हा, निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ. लीना गोयल तथा टेक्नीशियन राजवीर, रजनीश एवं राबिन ने किया। इस सर्जरी पर डॉ. अजय प्रजापति का कहना है कि रोहित को हॉस्पिटल लाने में परिजनों ने विलम्ब किया लेकिन सर्जरी की सफलता को देखते हुए दावे से कहा जा सकता है कि अब वह पहले की तरह कुलांचें जरूर भरेगा। डॉ. प्रजापति का कहना है कि मथुरा में स्पाइन का यह पहला सबसे जटिल ऑपरेशन है। इतना ही नहीं बड़े शहरों में यह ऑपरेशन जहां 6 से 8 लाख रुपये में होता है वहीं के.डी. हॉस्पिटल में मरीज की आर्थिक स्थिति को देखते हुए उसका ऑपरेशन सिर्फ 80 हजार रुपये में किया गया है। आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, उप प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार ने डॉ. अजय प्रजापति और डॉ. अवतार सिंह तथा उनकी टीम को इस मुश्किल सफल सर्जरी के लिए बधाई देते हुए रोहित के शीघ्र पूर्ण स्वस्थ होने की ईश्वर से कामना की है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स टेक्नोलाॅजी क्षेत्र में जीएलए से छात्रों को मिलेंगे रोजगार के शानदार अवसर, प्रवेश शुरू
मथुरा : ऑटोमोबाइल के बाद अब हम इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की दुनिया में कदम बढ़ा रहे हैं। केंद्र समेत तमाम राज्य सरकारें भी अपने यहां इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई-नई पॉलिसी ला रही हैं। ऐसे में जब हमारी रफ्तार की दुनिया इलेक्ट्रिक होने जा रही है, तो वहीं देश के नौजवानों के लिए भी रोजगार के शानदार मौके हैं। ऐसे में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी सीमेंस इंडिया के सहयोग से बीटेक इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलाॅजी कोर्स की शुरुआत की है। इस कोर्स के लिए प्रवेश भी शुरू हो गए हैं।
इस पाठ्यक्रम की शुरुआत के लिए जीएलए विश्वविद्यालय ने सीमेंस इंडिया के साथ मिलकर मानव संसाधन विकास के लिए साझेदारी की है। सीमेंस एक अग्रणी व्यापार और औद्योगिक संगठन है जो इलेक्ट्रिक वाहन टेक्नोलाॅजी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती है। इस पाठ्यक्रम में छात्रों को इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी के विभिन्न पहलुओं में प्रशिक्षण प्राप्त होगा। अपने अध्ययन के दौरान छात्रों को ईवी बैटरी टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन, ऑटोमोटिव एंबेडेड प्रोग्राम, ईवी पावरट्रेन डिजाइन, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिजाइन, ईवी रखरखाव और सेवा, विद्युत मोटर्स, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, वाहन के बायोमेट्रिक्स और संचालन तकनीक आदि के क्षेत्र में बेहतर ज्ञान मिलेगा।
जीएलए के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की इस पहल के माध्यम से छात्रों को उच्च गुणवत्ता में षिक्षा प्राप्त होगी। जिससे उन्हें इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थानांतरित होने के दौरान किसी भी परेषानी का सामना न करना पडे़। इस पाठ्यक्रम की शुरुआत से यह स्पष्ट है कि जीएलए विश्वविद्यालय अपने छात्रों को विशेषज्ञता और अद्यतन ज्ञान के साथ इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तैयार करने के लिए संकल्पित है। यह पहल छात्रों को नवीनतम इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक सशक्त रोल निभाने का अवसर प्रदान करेगी।
एसोसिएट डायरेक्टर प्रो. शांतनु चौधरी एवं विभागाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार देवलिया ने बताया कि जीएलए ने एक बुनियादी ढांचा तैयार किया है, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल डिजाइन लैब, प्रोटोटाइप निर्माण के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ एक कार्यशाला और इलेक्ट्रिक वाहनों और घटकों के कामकाजी मॉडल शामिल हैं। छात्र कहीं भी जाए बिना हमारे नेटवर्क के केंद्रों में डिजाइन तैयार कर सकते हैं और डिजाइन को अंतिम उत्पाद में बदल सकते हैं।
उन्होंने बताया कि छात्रों के द्वारा इस क्षेत्र में नए आइडिया को उत्पाद में बदलने के लिए भी विश्वविद्यालय में न्यूजेन आइईडीसी सेल गठित है, जहां छात्रों को पूर्ण सहायता प्रदान कर प्रोटोटाइप तैयार करने और उनको मार्केट में उतारने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित है।
कोर्स काॅर्डिनेटर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. अरविंद कुमार यादव ने बताया कि बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्पेसलाइजेशन कोर्स इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलाॅजी कोर्स 4 वर्ष की अवधि का है। उन्होंने बताया कि यह कोर्स छात्रों के भविष्य के अनुरूप ही तैयार किया गया है। विभाग में स्थापित इलेक्ट्रिक मशीन लैब, इलेक्ट्रिक ड्राइव लैब, राॅकवेल ऑटोमेशन लैब जैसी आधुनिक लैब्स और तैयार की जा रही हैं। इन सभी लैबों के माध्यम से छात्र प्रषिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।