Friday, January 16, 2026
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जीएलए में बीटेक इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलाॅजी कोर्स शुरू

इलेक्ट्रिक व्हीकल्स टेक्नोलाॅजी क्षेत्र में जीएलए से छात्रों को मिलेंगे रोजगार के शानदार अवसर, प्रवेश शुरू

मथुरा : ऑटोमोबाइल के बाद अब हम इलेक्ट्रिक व्हीकल्स की दुनिया में कदम बढ़ा रहे हैं। केंद्र समेत तमाम राज्य सरकारें भी अपने यहां इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए नई-नई पॉलिसी ला रही हैं। ऐसे में जब हमारी रफ्तार की दुनिया इलेक्ट्रिक होने जा रही है, तो वहीं देश के नौजवानों के लिए भी रोजगार के शानदार मौके हैं। ऐसे में जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग ने इलेक्ट्रिक वाहन प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनी सीमेंस इंडिया के सहयोग से बीटेक इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलाॅजी कोर्स की शुरुआत की है। इस कोर्स के लिए प्रवेश भी शुरू हो गए हैं।

इस पाठ्यक्रम की शुरुआत के लिए जीएलए विश्वविद्यालय ने सीमेंस इंडिया के साथ मिलकर मानव संसाधन विकास के लिए साझेदारी की है। सीमेंस एक अग्रणी व्यापार और औद्योगिक संगठन है जो इलेक्ट्रिक वाहन टेक्नोलाॅजी के क्षेत्र में विशेषज्ञता रखती है। इस पाठ्यक्रम में छात्रों को इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी के विभिन्न पहलुओं में प्रशिक्षण प्राप्त होगा। अपने अध्ययन के दौरान छात्रों को ईवी बैटरी टेक्नोलॉजी एंड डिजाइन, ऑटोमोटिव एंबेडेड प्रोग्राम, ईवी पावरट्रेन डिजाइन, ईवी मैन्युफैक्चरिंग, ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर एंड डिजाइन, ईवी रखरखाव और सेवा, विद्युत मोटर्स, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, वाहन के बायोमेट्रिक्स और संचालन तकनीक आदि के क्षेत्र में बेहतर ज्ञान मिलेगा।

जीएलए के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग की इस पहल के माध्यम से छात्रों को उच्च गुणवत्ता में षिक्षा प्राप्त होगी। जिससे उन्हें इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी क्षेत्र में स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थानांतरित होने के दौरान किसी भी परेषानी का सामना न करना पडे़। इस पाठ्यक्रम की शुरुआत से यह स्पष्ट है कि जीएलए विश्वविद्यालय अपने छात्रों को विशेषज्ञता और अद्यतन ज्ञान के साथ इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तैयार करने के लिए संकल्पित है। यह पहल छात्रों को नवीनतम इलेक्ट्रिकल व्हीकल टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में एक सशक्त रोल निभाने का अवसर प्रदान करेगी।

एसोसिएट डायरेक्टर प्रो. शांतनु चौधरी एवं विभागाध्यक्ष प्रो. विनय कुमार देवलिया ने बताया कि जीएलए ने एक बुनियादी ढांचा तैयार किया है, जिसमें इलेक्ट्रिक व्हीकल डिजाइन लैब, प्रोटोटाइप निर्माण के लिए आवश्यक उपकरणों के साथ एक कार्यशाला और इलेक्ट्रिक वाहनों और घटकों के कामकाजी मॉडल शामिल हैं। छात्र कहीं भी जाए बिना हमारे नेटवर्क के केंद्रों में डिजाइन तैयार कर सकते हैं और डिजाइन को अंतिम उत्पाद में बदल सकते हैं।

उन्होंने बताया कि छात्रों के द्वारा इस क्षेत्र में नए आइडिया को उत्पाद में बदलने के लिए भी विश्वविद्यालय में न्यूजेन आइईडीसी सेल गठित है, जहां छात्रों को पूर्ण सहायता प्रदान कर प्रोटोटाइप तैयार करने और उनको मार्केट में उतारने के लिए इन्क्यूबेशन सेंटर स्थापित है।

कोर्स काॅर्डिनेटर एवं असिस्टेंट प्रोफेसर डाॅ. अरविंद कुमार यादव ने बताया कि बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में स्पेसलाइजेशन कोर्स इलेक्ट्रिक व्हीकल टेक्नोलाॅजी कोर्स 4 वर्ष की अवधि का है। उन्होंने बताया कि यह कोर्स छात्रों के भविष्य के अनुरूप ही तैयार किया गया है। विभाग में स्थापित इलेक्ट्रिक मशीन लैब, इलेक्ट्रिक ड्राइव लैब, राॅकवेल ऑटोमेशन लैब जैसी आधुनिक लैब्स और तैयार की जा रही हैं। इन सभी लैबों के माध्यम से छात्र प्रषिक्षण प्राप्त कर सकेंगे।

संस्कृति स्कूल आफ फैशन डिजाइनिंग में हुआ शत-प्रतिशत प्लेसमेंट

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय का स्कूल आफ फैशन डिजाइनिंग विशेषकर छात्राओं के लिए एक विशेष शिक्षण संस्थान साबित हो रहा है जहां से वे विभिन्न कोर्स कर देश और विदेश में उच्च वेतनमान पर रोजगार हासिल कर रही हैं। इस बार भी(वर्ष 2020-23) सभी विद्यार्थियों का प्लेसमेंट हो चुका है यानी प्लेसमेंट शत-प्रतिशत रहा है। यहां प्रवेश लेने वाले छात्र भी हैं और छात्राएं भी। कुछ छात्र यहां से पाठ्यक्रम पूरा कर अपने रोजगार भी खड़े कर रहे हैं।
स्कूल आफ फैशन डिजाइनिंग की शिक्षिका सुश्री शुभांगी पाटीदार बताती हैं कि राष्ट्रीय स्तर और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर फैशन उद्योग ने बहुत बड़ी जगह बना ली है। आज हर कोई फैशनेबल दिखना चाहता है। वह सुंदर और डिजाइनर वाली पोशाकें पहनना चाहता है। चाहे उठने, बैठने का ढंग हो या फिर मेकअप कर सुंदर दिखने की चाह हर मौकों के अनुसर ही सजना संवरना चाहता है। महिलाओं में तो सभी जानते हैं सुंदर दिखने की होड़ किस तरह रहती है। इसी चाह ने फैशन उद्योग में कैरियर के लिए नए आयाम खड़े कर दिए हैं। फैशन डिजाइनिंग कोर्स के अंतर्गत स्वयं को और निखारने के लिए प्रसाधनों का प्रयोग सिखाया जाता है। इसी के अंतर्गत ड्रेस डिजाइनिंग, मेकअप डिजाइनिंग, ज्वैलरी डिजाइनिंग आता है। आंतरिक भावों को और खुलकर बताना का एक तरीका पेंटिंग है, यह भी फैशन डिजाइनिंग के अंतर्गत ही आता है।
सुश्री पाटीदार बताती हैं कि संस्कृति स्कूल आफ फैशन डिजाइनिंग में दो प्रकार के कोर्स चलाए जाते हैं। पहला बीए फैशन डिजाइनिंग, जो तीन साल में पूरा होता है। बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद विद्यार्थी इसमें प्रवेश के योग्य हो जाता है। दूसरा कोर्स है डिप्लोमा इन फैशन डिजाइनिंग, यह भी तीन साल का ही कोर्स है लेकिन इसमें विद्यार्थी दसवीं कक्षा पास करने बाद ही प्रवेश ले सकता है। बीए फैशन डिजाइनिंग डिग्री या डिप्लोमा डिग्री हासिल करने के बाद विद्यार्थी टैक्सटाइल डिजाइनर, वेब डिजाइनर, मेकअप आर्टिस्ट, स्टाइलिश ज्वैलरी डिजाइनर, ड्रेस डिजाइनर बन सकता है। इस कोर्स को करने के बाद विद्यार्थी अपना खुदका बुटीक भी खोल सकता है। अपना खुद का फैशन ब्रांड खड़ा सकता है। अपने डिजाइन किए वस्त्रों को विभिन्न प्रकार के डिजिटल प्लेटफार्म पर बेच सकता है। उन्होंने बताया कि हमारे यहां के वर्ष 2020-23 बैच के विद्यार्थियों का शतप्रतिशत प्लेसमेंट हो चुका है। हमारे यहां के विद्यार्थी संगम अपेरल्स, भीलवाड़ा जैसे ब्रांड्स से जुड़ चुके हैं।
उन्होंने कहा कि छात्राओं के लिए यह कोर्स बहुत उपयोगी साबित हो रहा है। लड़कियां युवकों की तुलना में ज्यादा रचनात्मक मानीं जाती हैं। यह कोर्स उनको आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाता है, उनके अंदर स्वयं का व्यवसाय खड़ा करने में सहायक बनकर आत्मविश्वास में वृद्धि करता है।

प्रशासन, आपके द्वार’’ के अन्तर्गत ग्राम पंचायतों में डिजिटल सचिवालय सेवा शुरू। एक ही छत के नीचे मिलेंगी 243 ऑनलाइन सेवायें।

15 जून 2023 को जनपद की समस्त 495 ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को एक ही छत के नीचे समस्त ऑनलाइन शासकीय सेवाओं को प्रदान किये जाने के उद्देश्य से ‘‘डिजिटल सचिवालय सेवा’’ का उद्घाटन माननीय जन-प्रतिनिधि, जिलाधिकारी मथुरा, मुख्य विकास अधिकारी, जिला पंचायतराज अधिकारी, सम्बन्धित ब्लॉक प्रमुख, सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारी मथुरा, सम्बन्धित सहायक विकास अधिकारी (पं.) तथा सभी ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधानों द्वारा किया गया।
श्रीमती हेमामालिनी जी सांसद मथुरा-वृन्दावन लोकसभा के प्रतिनिधि श्री जनार्दन शर्मा व श्री भानु प्रताप सिंह द्वारा ग्राम पंचायत ऊंचागांव, श्री लक्ष्मीनारायन चौधरी मंत्री जी, जिला पंचायतराज अधिकारी मथुरा एवं ब्लॉक प्रमुख चौमुहां के द्वारा ग्राम पंचायत तरौली शुमाली, श्री ओमप्रकाश जी माननीय विधान परिषद सदस्य द्वारा ग्राम पंचायत जैंत, श्री पूरन प्रकाश जी माननीय विधायक द्वारा ग्राम पंचायत भरतिया, श्री मेघश्याम जी माननीय विधायक द्वारा ग्राम पंचायत महरौली, श्री श्रीकान्त शर्मा जी माननीय विधायक द्वारा ग्राम पंचायत सकराया, श्री किशन चौधरी जी माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष के द्वारा ग्राम पंचायत गांठौली, जिलाधिकारी मथुरा व जिला पंचायतराज अधिकारी मथुरा द्वारा ग्राम पंचायत अगनपुरा, मुख्य विकास अधिकारी मथुरा द्वारा ग्राम पंचायत नगला माना तथा श्री महेन्द्र सिंह उपनिदेशक (पंचायत) आगरा मण्डल आगरा के द्वारा ग्राम पंचायत बेरी में डिजिटल सचिवालय सेवा का उदघाटन किया गया। मौके पर बहुतायत संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।
ग्राम पंचायत नगला माना में डिजिटल सेवा के उद्घाटन के अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि सचिवालय केन्द्र पर जन-सामान्य को 243 सेवायें प्रदान की जायेंगी, जिसमें प्रमुख रूप से आय प्रमाण-पत्र, विधवा पेंशन, जाति प्रमाण-पत्र, वृद्धा पेंशन, निवास प्रमाण-पत्र, दिव्यांग पेंशन, जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र, खसरा-खतौनी की नकल, शादी अनुदान, राशन कार्ड ऑनलाइन, छात्रवृत्ति फार्म आदि के ऑनलाइन आवेदन-पत्र ग्राम पंचायत सचिवालय से ही ऑनलाइन किये जा सकेंगे।
श्री लक्ष्मीनारायन चौधरी माननीय मंत्री जी द्वारा ग्राम पंचायत तरौली शुमाली में किये गये उद्घाटन के समय ग्रामीणों द्वारा डिजिटल सचिवालय के माध्यम से विभिन्न प्रकार की ऑनलाइन सेवाओं हेतु आवेदन किये गये तथा खसरा-खतौनी की नकल भी प्राप्त की गयी। ग्रामीण इस सुविधा से प्रसन्न दिखाई दिये। ग्रामीणों द्वारा बताया गया कि पहले खसरा-खतौनी की नकल प्राप्त करने हेतु तहसील या जनपद तक जाना पड़ता है, अब गांव में ही हमें यह सुविधा प्राप्त हो रही है, यह बहुत ही अच्छा प्रयास है। हम सबको इस डिजिटल सचिवालय से बहुत फायदा होगा।
श्री मेघश्याम जी माननीय विधायक विधानसभा गोवर्धन द्वारा ग्राम पंचायत महरौली में डिजिटल सचिवालय सेवा के उदघाटन के समय बताया कि इससे सरकार की सेवाएं एवं योजनाएं त्वरित गति से जनता को मिलेंगी।
श्री पूरन प्रकाश जी माननीय विधायक विधानसभा बल्देव द्वारा ग्राम पंचायत भरतिया में डिजिटल सचिवालय सेवा के उदघाटन के समय बताया कि ग्राम की जनता इससे अपने अधिकारों के प्रति सजग होगी और योजनाओं का लाभ पाकर जीवन में व्यापक बदलाव भी आयेंगे।
श्री किशन चौधरी माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष द्वारा बताया गया कि ‘एक ही छत सभी सेवायें’ ग्रामीण जनता भी अब शहरी तरीके से सरकारी योजनाओं से लाभान्वित होगी।
श्री ओमप्रकाश सिंह विधान परिषद सदस्य द्वारा बताया गया कि जनता अधिक से अधिक पंचायत घर पर अपनी भागीदारी दिखाये और योजनाओं का लाभ लें।
श्री जनार्दन शर्मा, सांसद प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि सचिवालय ग्राम पंचायत की विकास की रीढ़ है तथा ग्रामवासियों का जागरूकता का प्रमुख केन्द्र बनेगा।
ग्राम पंचायत अगनपुरा में डिजिटल सेवा के उद्घाटन के अवसर पर जिलाधिकारी मथुरा ने बताया कि ‘‘प्रशासन, आपके द्वार’’ के तहत समर्पित सेवा प्रदाताओं के द्वारा माननीय मुख्यमंत्री महोदय के निर्देशों के क्रम में इसका शुभारम्भ किया गया है, जिससे ग्रामीणों को सेवाओं के लिए विकास खण्ड तथा जनपद स्तर पर भटकना न पड़े और पूर्ण पारदर्शिता के साथ ग्रामीण अपनी ही पंचायत में 243 सेवाओं से लाभान्वित हो सकें। जिलाधिकारी ने मौके पर लाभार्थी श्री अजब सिंह के आधार कार्ड पंचायत सहायक के माध्यम से निकलवाकर उपलब्ध कराया गया एवं श्री रामकरन के द्वारा पंचायत सहायक के माध्यम से खतौनी की नकल उपलब्ध करायी गयी तथा निर्धारित शुल्क सम्बन्धित द्वारा पंचायत सहायक को उपलब्ध कराया गया।
मौके पर उपस्थित जिला पंचायतराज अधिकारी ने बताया कि डिजिटल सचिवालय केन्द्र के माध्यम से ऑनलाइन सेवायें प्राप्त करने हेतु शासन द्वारा सेवा शुल्क के रुप में प्रति सेवा हेतु मु. 30/- रुपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है, जिसमें मु. 17.50/- रुपये शासकीय कर तथा मु. 5.00/- रुपये पंचायत सहायक का सेवाशुल्क तथा मु. 7.50/- रुपये ग्राम पंचायत की आय सम्मिलित है। उक्तानुसार ग्राम पंचायत में ही ऑनलाइन सेवायें प्रारम्भ होने से जन-सामान्य के साथ-साथ ग्राम पंचायत की आय भी हो रही है, यह शासन की महत्वाकांक्षी योजनाओं में सम्मिलित है, जिसको पूरे जनपद में आज प्रारम्भ किया जा रहा है।

राजीव इंटरनेशनल स्कूल के मेधावी ध्रुव ने नीट में फहराया परचम

656 अंकों के साथ आल इंडिया स्तर पर 5457 रैंक हासिल की

मथुरा। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती, सच्चे मन और पूरी लगन से की गई मेहनत मंजिल तक जरूर ले जाती है। नीट में प्रथम प्रयास में ही सफलता हासिल कर इसे चरितार्थ किया है राजीव इंटरनेशनल स्कूल के पूर्व मेधावी छात्र ध्रुव छापड़िया ने। ध्रुव छापड़िया ने राष्ट्रीय पात्रता व प्रवेश परीक्षा (नीट) में 656/720 अंक हासिल कर डॉक्टर बनने की अपनी पहली उड़ान शानदार तरीके से पूरी कर ली है। ध्रुव ने ऑल इंडिया स्तर पर 5457 रैंक हासिल कर डॉक्टर बनने के अपने सपने की तरफ मजबूती से कदम बढ़ा दिए हैं।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की तरफ से आयोजित राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का परीक्षा परिणाम ध्रुव छापड़िया के लिए खुशियों का पैगाम लेकर आया और उसने 720 में से 656 अंक हासिल किए। ध्रुव के नम्बर और रैंक को देखते हुए उसे शासकीय मेडिकल कॉलेज में प्रवेश मिलना तय है। अपने लाड़ले की उपलब्धि पर समूचे परिवार में खुशी का माहौल है।
ध्रुव की इस सफलता से उसके माता-पिता धीरज और प्रिया छापड़िया न केवल खुश हैं बल्कि कहते हैं कि उनके बेटे की नींव मजबूत करने में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षकों का बहुत बड़ा योगदान है। ध्रुव कक्षा एक से 10वीं तक राजीव इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ा तथा उसकी छोटी बहन धृतिका छापड़िया भी राजीव इंटरनेशनल स्कूल में नौवीं कक्षा में पढ़ रही है। धृतिका भी डॉक्टर बनना चाहती है।
ध्रुव के पिता और छटीकरा के पास संचालित छापड़िया आई सेण्टर के संचालक डॉ. धीरज छापड़िया का कहना है कि ध्रुव ने बचपन से ही डॉक्टर बनने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। दरअसल, ध्रुव ने अपने चचेरे डॉक्टर भाई-बहनों से प्रेरित होने के बाद ही डॉक्टर बनने का निर्णय लिया। मां प्रिया छापड़िया का कहना है कि ध्रुव रात-दिन पढ़ाई करता था तथा खाली समय में उसे म्यूजिक सुनता है तथा बैडमिंटन खेलना पसंद है।
ध्रुव का कहना है कि मेरा यह पहला ही प्रयास था और मुझे पूरी उम्मीद थी कि मैं अच्छे अंक और बेहतर रैंक हासिल करूंगा। ध्रुव बताता है कि माता-पिता ने कभी भी मेरे ऊपर किसी चीज का दबाव नहीं डाला। हमेशा यही कहा जो इच्छा है, उसे पूरी लगन से करो। मुझे मम्मी-पापा की प्रेरणा तथा राजीव इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षकों के मार्गदर्शन से ही यह सफलता मिली है। म्यूजिक और बैडमिंटन में दिलचस्पी रखने वाला ध्रुव एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी करने के बाद हृदयरोग विशेषज्ञ बनना चाहता है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, प्रशासनिक अधिकारी के.डी. डेंटल कॉलेज नीरज छापड़िया तथा राजीव इंटरनेशनल स्कूल के शिक्षकों ने ध्रुव को शानदार सफलता के लिए बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

परमेश्वरी देवी धानुका विद्यालय के 3 छात्रों को मिली NEET UG में सफलता

वृंदावन। परमेश्वरी देवी धानुका सरस्वती विद्या मंदिर के 3 प्रतिभाशाली छात्रों ने इस वर्ष की NEET UG परीक्षा में स्थान बनाते हुए पुनः विद्यालय को गौरवान्वित किया है। विद्यालय के मीडिया प्रभारी मोहित गुप्ता के अनुसार भैया शिवम गुप्ता (630/720), कन्हैया सारस्वत (630/720) एवं ललित सिंह राघव (627/720) ने चिकित्सा के क्षेत्र की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त करके इस उपलब्धि से समस्त विद्या मंदिर परिवार को हर्ष के पल उपलब्ध कराए हैं।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्याम प्रकाश पांडेय, उप प्रधानाचार्य ओम प्रकाश शर्मा वरिष्ठ आचार्य देवेंद्र गौतम सहित सम्पूर्ण प्रबंधन समिति ने इन छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आशीर्वाद प्रदान किया।

रक्तदान कर बचाएं दूसरों का जीवनः डॉ. रामकिशोर अग्रवाल

के.डी. हॉस्पिटल में छात्रों और पुलिस कर्मियों ने किया रक्तदान

मथुरा। विश्व रक्तदान दिवस पर के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में बुधवार को के.डी. मेडिकल कॉलेज, जीएलए विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के साथ ही पुलिस कर्मियों और चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर लोगों की जीवन रक्षा का एक अनुकरणीय उदाहरण पेश किया। इस अवसर पर चैतन्य कुमार तहसीलदार छाता ने रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन करते हुए इसे बहुत ही नेक कार्य माना और कहा कि इससे दूसरों का जीवन बचाने में मदद मिलेगी। शिविर में 60 लोगों ने रक्तदान किया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि रक्तदान महादान है, इससे बड़ा कोई भी दान नहीं है लिहाजा हर व्यक्ति को रक्तदान अवश्य करना चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को रक्तदान जैसे जीवन रक्षक कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि रक्त दो, प्लाज्मा दो, जीवन साझा करो, अक्सर साझा करो, इस साल विश्व रक्तदान दिवस का थीम है।


डॉ. अग्रवाल ने बताया कि रक्तदान दिवस की शुरुआत विश्व स्वास्थ्य संगठन ने वर्ष 2004 में की थी। इस दिवस की महत्ता वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर को समर्पित है। नोबेल पुरस्कार से सम्मानित वैज्ञानिक कार्ल लैंडस्टीनर ने ही ब्लड ग्रुप सिस्टम की खोज की थी, इसीलिए उनके जन्मदिन पर समूची दुनिया में रक्तदान दिवस मनाया जाता है। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि रक्तदान से बढ़कर मानवता की सेवा का कोई और दूसरा उदाहरण नहीं है। श्री अग्रवाल ने कहा कि 18 वर्ष से अधिक का कोई भी युवा रक्तदान कर किसी दूसरे का जीवन बचा सकता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से किसी भी प्रकार की कोई शारीरिक परेशानी भी नहीं होती।
के.डी. हॉस्पिटल ब्लड बैंक के टेक्निकल सुपरवाइजर एच.एस. शेखावत की देखरेख में आयोजित रक्तदान शिविर में टेक्नीशियन वीरेश कुमार, अजय शर्मा, विजय, रवीन्द्र, पंकज तथा नर्सिंग स्टाफ से सीमा, सुषमा, बंटी और विष्णू ने रक्तदाताओं का सहयोग किया। रक्तदान करने वालों में एच.एस. शेखावत, अखिलेश शुक्ला, आयुष नागल, प्रवेश यादव, लक्ष्य गर्ग, राजीव शर्मा, नीरज कुमार पांडेय, भुवनेश बुधानिया, युवराज सिंह, प्रदीप सारस्वत, आदित्य, उत्कर्ष, तरुण जैन, रोहित गुप्ता, रिषभ आर्य, प्रवीण, जतिन वर्मा आदि शामिल हैं। गौरतलब यह कि एच.एस. शेखावत ने 138वीं बार रक्तदान किया।

जीएलए और ह्यूमेनिटिक्स के मध्य एमओयू साइन

आईटी क्षेत्र में रोजगार के बढ़ते अवसरों को देख इंडस्ट्रियों से करार करने में जुटा जीएलए विश्वविद्यालय

मथुरा : देश की आईटी इंडस्ट्री बदलावों के दौर से गुजर रही है। एआई के रूप में एक बड़ा अवसर, चुनौतियों के साथ सामने है। सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री ने भी भारत में एक बड़ी छलांग मारी है। आईटी इंडस्ट्री में मिल रहे रोजगार के अवसरों को पाने और इंडस्ट्री क्षेत्र की मांग के अनुसार अपने विद्यार्थियों को भविष्य के अनुरूप तैयार करने के उद्देश्य से जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा ने ह्यूमेनिटिक्स डायमेनसंस साॅफ्टवेयर कंपनी के साथ एमओयू साइन किया है।

बीते दिनों हुए जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के कम्प्यूटर इंजीनियरिंग एंड एप्लीकेशन विभाग के डीन प्रो. अशोक भंसाली, एसोसिएट विभागाध्यक्ष डाॅ. शशिशेखर, ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग के सीनियर मैनेजर काॅरपोरेट रिलेशन मुकुट बल्लभ दुबे ने ह्यूमेनिटिक्स डायमेनसंस साॅफ्टवेयर कंपनी के एमडी एवं सीईओ जीजे कुलकर्णी से मुलाकात की। इस दौरान जीएलए के पदाधिकारियों ने कंपनी सीईओ को विश्वविद्यालय को मिली उपलब्धियों और आईटी क्षेत्र में किए जाने वाले अनुसंधान के बारे में जानकारी दी। इसके बाद कंपनी सीईओ जीजे कुलकर्णी ने भी कंपनी द्वारा तकनीकी क्षेत्र में किए गए प्रयासों के बारे में बताया। उन्होंने बताया कि कंपनी में एक से बढ़कर साॅफ्टवेयर डेवलपर आज के इस तकनीकी युग में बेहतर तकनीक देने में जुटा हुआ है।

तत्पश्च्यात जीएलए विश्वविद्यालय ने ह्यूमेनिटिक्स डायमेनसंस साॅफ्टवेयर कंपनी के साथ एमओयू साइन किया। यह एमओयू जीएलए कुलसचिव अशोक कुमार सिंह और ह्यूमेनिटिक्स के एमडी जीजे कुलकर्णी के साइन के बाद प्रभावी हुआ। इसके बाद दोनों ही संस्थानों ने आशंका ही नहीं बल्कि पूर्ण विश्वास के साथ आगे बढ़ने और एक लंबे समय तक छात्रों के भविष्य के अनुरूप कार्य करने पर बल दिया।

इस एमओयू के बाद ख़ुशी जाहिर करते हुए इंटरनेशनल रिलेशन एंड एकेडमिक कोलैबोरेशन के डीन प्रो. दिलीप कुमार शर्मा ने कहा कि उत्कृष्ट शिक्षा तथा रोजगार के ढेरों अवसर देने में सुविख्यात जीएलए विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराने के अपने अटूट प्रयास में निरंतर कार्यरत है। इसी उद्देश्य के चलते विश्वविद्यालय ने आईटी इंडस्ट्री के साथ एक बहुआयामी अनुबंध किया है। इस अनुबंध से विश्वविद्यालय के विद्यार्थी तथा शिक्षक दोनों ही लाभान्वित होंगे।

कंप्यूटर इंजीनियरिंग एंड एप्लीकेशन विभाग के डीन प्रो. अशोक भंसाली ने बताया कि इस अनुबंध का उद्देश्य कॉर्पोरेट और शोध सहयोग विकसित करना तथा आपसी समझ को बढ़ावा देना है। ह्यूमेनिटिक्स डायमेनसंस सॉफ्टवेयर कंपनी एक निजी स्वामित्व वाली सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कंपनी है, जो कि मुख्य रूप से बीपीएम नामक एक इन-हाउस टूल पर एप्लिकेशन विकसित कर रही है। यह कंपनी एचआर डोमेन में विशिष्ट दक्षता रखती है। हाल ही में कंपनी ने पार्टनर के तौर पर माइक्रोसॉफ्ट सीआरएम पर काम करना शुरू किया है। इस कंपनी ने जीएलए के विद्यार्थियों को कैंपस प्लेसमेंट के माध्यम से रोजगार भी दिया है।

विश्वविद्यालय के एसोसिएट विभागाध्यक्ष डॉ. शशि शेखर तथा ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट विभाग के सीनियर मैनेजर काॅरपोरेट रिलेशन मुकुट बल्लभ दुबे ने बताया कि इस अनुबंध पर हस्ताक्षर करके दोनों संस्थान आपसी हित और लाभ के कई क्षेत्रों में शैक्षणिक और उद्योग संबंध विकसित करने की प्रतिबद्धता को स्वीकार करते हैं। इस अनुबंध के अंतर्गत नियमित अंतराल पर अतिथि व्याख्यान और कार्यशालाओं का आयोजन करना, ह्यूमैनिटिक्स डाइमेंशन्स सॉफ्टवेयर कंपनी द्वारा जीएलए के छात्रों को अपने कैंपस ऑफ-कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव में भाग लेने की अनुमति देना तथा समय समय पर कंपनी के विशेषज्ञों द्वारा नवीनतम तकनीकी सत्रों का आयोजन करना मुख्य रूप से शामिल रहेगा।

इस अवसर पर कंपनी सेल्स हेड, रोहित सिंह तथा एचआरडी हेड ललित मिश्रा उपस्थित रहे।

संस्कृति विवि के छात्रों ने संकल्प पूरा करने को चलाया अभियान

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के शिक्षक और विद्यार्थियों द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस पर लिए गए संकल्प के अनुसार विश्वविद्यालय को हराभरा और पालीथिन से मुक्त वातावरण देने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत शिक्षकों ने विवि परिसर में नए पौधे लगाए और परिसर के कूड़े-कचरे व पालिथिन को साफ किया।
विश्व पर्यावरण दिवस पर लिए गए संकल्प को पूरा करने के लिए शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ पोस्टर मेकिंग कम्पटीशन में भाग लिया तथा पर्यावरण के महत्व को पोस्टर के माध्यम से बताया। शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने परिसर में जगह-जगह उपयोगी पौधों का रोपण किया। इस मौके पर शिक्षकों एवं विद्यार्थियों ने साफ सफाई एवं प्लास्टिक रोक थाम पर जोर दिया। स्कूल ऑफ़ एजुकेशन की डीन डॉ. रेनू गुप्ता ने प्लास्टिक की रोकथाम एवं उसके निस्तारण के तरीकों की विद्यार्थियों को जानकारी देते हुए प्रोत्साहित किया। डॉ. सरस्वती घोष ने पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए मौसम के अनुसार पौधारोपण की जानकारी दी। डॉ. निशा चंदेल ने कबाड़ से जुगाड़ कर पर्यावरण को सुरक्षित करने के महत्व और उपयोगिता की जानकारी दी। डॉ. मृत्युंजय मिश्रा ने पर्यावरण को सुरक्षित एवं संरक्षित करने के लिए पौधारोपण एवं कचरा के निस्तारण तथा साफ सफाई के लिए विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया। विद्यार्थियों को विभिन्न डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से पर्यावरण सुरक्षा हेतु प्रोत्साहित किया गया। इस अवसर पर डॉ. विक्रांत भास्कर, सुष्मिता मुखर्जी, जयप्रकाश आदि उपस्थित थे।
डा. मृत्युंजय मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 1972 में पर्यावरण के प्रति वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और सामाजिक जागृति लाने हेतु पर्यावरण दिवस मनाने की घोषणा संयुक्त राष्ट्र ने की थी। इसे पांच जून से 16 जून तक संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन में चर्चा के बाद शुरू किया गया था। यह कई गैर-सरकारी संगठनों, व्यवसायों, सरकारी संस्थाओं द्वारा समर्थित है और पर्यावरण का समर्थन करने वाले संयुक्त राष्ट्र के प्राथमिक आउटरीच दिवस का प्रतिनिधित्व करता है। इसी दिन संस्कृति विवि के शिक्षकों और विद्यार्थियों द्वारा अपने परिसर के पर्यावरण को अनुकूल बनाने का संकल्प लिया गया था। इसी संकल्प को पूरा करने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि पांच जून 1973 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। तभी से ही यह समुद्री प्रदूषण, अधिक जनसंख्या, ग्लोबल वार्मिंग, टिकाऊ विकास और वन्यजीव अपराध जैसे पर्यावरणीय मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने का एक मंच रहा है। विश्व पर्यावरण दिवस सार्वजनिक आउटरीच के लिए एक वैश्विक मंच है, जिसमें सालाना 143 से अधिक देशों की भागीदारी होती है। प्रत्येक वर्ष, कार्यक्रम ने पर्यावरणीय कारणों की वकालत करने के लिए व्यवसायों, गैर सरकारी संगठनों, समुदायों, सरकारों और मशहूर हस्तियों के लिए एक थीम और मंच प्रदान किया है।

कनाडा में राधे-राधे के बीच देवकीनंदन महाराज का अभिनंदन

कनाडा में भारतीय छात्रों के हितों पर सहयोग करेगी कंजर्वेटिव पार्टी

वृन्दावन। विपक्षी पार्टी कंजर्वेटिव पार्टी के प्रमुख नेता और कनाडा के अगले प्रधानमंत्री माने जा रहे पीयरे पोइलीवरे ने देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज का स्वागत कर उन्हें अभिनंदनपत्र सौंपा । टोरोंटो में कथा के दौरान हिंदी और हिंदू समुदाय को शांति-सद्भाव का प्रतीक बताते हुये पोइलीवरे ने कनाडा कोे सभी के लिये समान अवसर और सम्मान प्रदान करने वाला देश बताया । इस दौरान देवकीनंदन महाराज ने कनाडा में भारतीय छात्रों के हितों का मामला भी उनके सामने रखा ।

कनाडा के टोंरोटो शहर मे भागवत प्रवचन कर रहे देवकीनंदन महाराज ने अप्रवासी भारतियों को देश का प्रतिनिधि बताते हुये पूरे विश्व में भारत का नाम और सम्मान ऊँचा करने की सीख दी । रविवार को कथा समापन से पूर्व हिंदु सभा मंदिर में अप्रवासी भारतीयों से भरे कथा स्थल पर कनाडा की कंजर्वेटिव पार्टी प्रमुख पीयरे पोइलीवरे पहुँचे तो राधे-राधे और जय श्रीराम की जोरदार ध्वनि से उनका स्वागत हुआ । 

कनाडा के अगले प्रधानमंत्री माने जा रहे पीयरे ने व्यासपीठ को हाथजोड़कर प्रणाम किया और सनातन धर्मालंबियों का अभिभावदन स्वीकार किया । प्रमुख विपक्षी दल की ओर से उन्होने देवकीनंदन महाराज को शांति संदेशों के प्रचार-प्रसार के लिये अभिनंदन पत्र सौंपा । देवकीनंदन महाराज ने उन्हें स्मृति चिन्ह प्रदान किया । संक्षिप्त वार्ता में पियरे ने भारतीय छात्रों के प्रवेश सम्बंधित मामले में कंजर्वेटिव पार्टी के सहयोग का विश्वास दिलाया । बड़ी देर तक वे भक्तों के बीच बैठककर भजनों पर झूमते रहे । 

इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपस्थित भक्तों को सम्बोधित करते हुये पीयरे पोइलीवरे ने कहा कि कनाडा एक ऐसा देश है जहां इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आपका नाम चांग है या चार्ल्स, आपका नाम सिंह है या स्मिथ, आप पॉलीव है या पटेल, यहाँ का प्रत्येक निवासी उज्ज्वल भविष्य का हकदार है। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की तरह ही यह भी एक सार्वभौमिक संदेश है। कहा कि ‘‘मैं हिंदी सीखकर में अगली बार हिंदी में बातें करना चाहुँगा ।’’ यह शांति और प्रेम की भाषा है ।  पियरे ने हिंदु सभा मंदिर में कथा के बीच चित्रों को अपने ट्वीटर हैंडल पर साझा करते हुये आभार व्यक्त किया ।

टीसीएस में चयनित हुए राजीव एकेडमी के सात विद्यार्थी

सफलता पर छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नालॉजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राएं शिक्षा ही नहीं जॉब हासिल करने के मामले में भी श्रेष्ठ हैं। हाल ही में टीसीएस कम्पनी के कैम्पस प्लेसमेंट में यहां के बीसीए के सात छात्र-छात्राओं को जॉब हासिल करने में सफलता मिली है। विद्यार्थियों की इस सफलता पर अभिभावकों की सकारात्मक प्रतिक्रियाएं हैं।
प्लेसमेंट विभाग से मिली जानकारी के अनुसार टीसीएस कम्पनी के कैम्पस प्लेसमेंट में राजीव एकेडमी के बीसीए के सात छात्र-छात्राओं को जॉब हासिल करने में सफलता मिली है। चयनित छात्र-छात्राओं में आरती भारद्वाज, चारू सिंघल, केतन चौहान, राघव अग्रवाल, राकेश पाण्डेय, सुनील गुप्ता तथा तृप्ति कश्यप शामिल हैं। चयनित छात्र-छात्राओं ने अपनी इस सफलता का श्रेय संस्थान की उच्चस्तरीय शिक्षा प्रणाली को दिया है।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने चयनित छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि सूचना क्रांति के इस दौर में प्रतिदिन नए-नए सॉफ्टवेयर आ रहे हैं। कम्प्यूटर हो या मोबाइल नए सॉफ्टवेयर उपभोक्ताओं को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं लिहाजा राजीव एकेडमी के सभी छात्र-छात्राएं नई तकनीकी दक्षता प्राप्त कर आईटी के क्षेत्र में अपना भविष्य संवारें।
संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने बताया कि टीसीएस कम्पनी के कैम्पस प्लेसमेंट में बीसीए के सात छात्र-छात्राओं का चयन बड़ी उपलब्धि है। यह छात्र-छात्राएं ग्रेजुएट ट्रेनी के पद पर आईटी कम्पनी टीसीएस में सेवाएं देते हुए अपने करिअर को नई दिशा देंगे।