Saturday, January 17, 2026
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जीएलए विश्वविद्यालय में ‘स्पंदन 23‘ का रंगारंग आगाज

जीएलए में मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने किया दो दिवसीय वार्षिक उत्सव स्पंदन 23 का शुभारम्भ

जीएलए विश्वविद्यालय में ‘स्पंदन 23‘ का रंगारंग आगाज
-जीएलए में मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने किया दो दिवसीय वार्षिक उत्सव स्पंदन 23 का शुभारम्भ
मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा में दो दिवसीय स्पंदन 23 के बैनर तले वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का रंगारंग आगाज हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने विद्यार्थियों को दृढ़ निश्चय के साथ आगे बढ़ने की सीख देते हुए अपने अनुभव साझा किए। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में रंगारंग प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य अतिथि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पांडेय, कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल, प्रतिकुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता, कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने मां सरस्वती एवं प्ररेणास्त्रोत श्री गणेशीलाल अग्रवाल जी के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया। तत्पश्च्यात कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय में आयोजित इस वार्षिकोत्सव में प्रतिभाग करने वाले विद्यार्थियों ने अपने हुनर को निखारने के लिए कदम बढ़ाया है, जो कि काफी सराहनीय है। उन्होंने विद्यार्थियों से हमेशां एकेडमिक के साथ-साथ कुछ अलग हटकर सोचने के लिए कहा।

मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय अब प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय की श्रेणी में दर्ज हो चुका है। इस विश्वविद्यालय से वह काफी लंबे समय से जुडे़ हुए है। 8 वर्ष पहले मथुरा में एसपी सिटी के पद पर सेवाएं देने के दौरान भी उन्होंने जीएलए के कई कार्यक्रमों में षामिल होकर रंगारंग और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का लुत्फ उठाया है और अब फिर से विश्वविद्यालय के एक बड़े कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिला है।

उन्होंने कहा कि जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय का यह वार्षिक उत्सव कार्यक्रम कोरोना के चलते तीन वर्ष बाद आयोजित हो रहा है। इसका मुख्य कारण कोरोना की वह त्रासदी जो कभी बुजुर्गों ने भी नहीं देखी। ऐसी त्रासदी जिसने सभी लोगों को घरों में कैद कर दिया। हर घर का दरवाजा बंद करा दिया, लेकिन सभी ने इस चुनौती को डंके की चोट पर हराने का काम किया। उन्होंने कहा कि चुनौतियां आज के समय में कितनी भी हों, लेकिन अगर दृढ़ संकल्प के साथ हौंसला, धैर्य और विश्वास को लेकर आगे बढ़ा जाय तो चुनौतियां कहीं हद तक पीछे रह जाती हैं और हम सभी युवा आगे बढ़ते जाते हैं।
इसलिए ऐसे कार्यक्रम क्लास रूम की शिक्षा से अलग हटकर विद्यार्थियों की रचनात्मकता में निखार लाते हैं। विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने के साथ-साथ ऐसे आनंदित रचनात्मकता में निखार लाने वाले कार्यक्रमों में अक्सर प्रतिभाग करना चाहिए। क्योंकि खुले मंच पर कार्यक्रमों में अपनी रचनात्मकता दर्शाना बेहतर सीजीपीए लाने से कहीं अधिक होता है। इससे पता चलता है कि विद्यार्थी शिक्षा से अलग हटकर क्या कर सकता है ? जिस विद्यार्थी के हाथ में हुनर होता है वह कहीं भी किसी भी कठिन रास्ते पर रूक नहीं सकता।

एसएसपी ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए कहा कि टाॅप लाने पर फोकस करने की बजाय अपने पैरों पर खड़ा होकर जिम्मेदारियों को कैसे और किस प्रकार निभाया जाय इस पर फोकस करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह सिविल सर्विसेस की परीक्षा में फेलियर्स की सूची में रहे हैं। प्राइवेट नौकरी भी की है, लेकिन माता-पिता ने हमेशां ही हौंसला दिया और आगे बढ़ने की सीख दी। इसलिए फेलियर्स से घबराना नहीं चाहिए, क्योंकि वही सक्सेस होते हैं। विद्यार्थी जीवन में आलस बहुत बुरी चीज होती है, लेकिन विद्यार्थी जीवन से अत्यधिक बेहतर लाइफ और कोई हो नहीं सकती। इसलिए विद्यार्थी जीवन ही है जो आपको देश के लिए कुछ करने के लिए अवसर देता है। उन्होंने विद्यार्थियों विश्वविद्यालय प्रशासन और विद्यार्थियों से कहा कि अगर किसी के पास मथुरा-वृंदावन के लिए बेहतर ट्रैफिक प्लान है तो वह पुलिस प्रशासन से साझा करे। क्योंकि सरकार भी चाहती है कि ब्रज दर्शन को आने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को कोई परेशानी न हो, बल्कि वह आनंदित महसूस कर यहां से जाये।

सीईओ नीरज अग्रवाल ने शेरो-शायरी के माध्यम से विद्यार्थियों को मोटीवेट किया। उन्होंने कहा कि क्लास रूम से शिक्षा के अलावा विद्यार्थी को और कुछ नहीं मिलेगा। शिक्षा से विद्यार्थी इंजीनियर, मैनेजर, वाइस प्रेसीडेंट आदि पद पा सकता है, लेकिन शानदार व्यक्तित्व के लिए ऐसे कार्यक्रमों में प्रतिभाग करना जरूरी है। विद्यार्थी के जीवन में हर दिन स्पंदन होना चाहिए। क्योंकि कामयाब बनने के लिए काॅलेज लाइफ ही मिलती है।

कार्यक्रम में अतिथियों के संबोधन के बाद स्पंदन 23‘‘ के अन्तर्गत कहीं बाॅलीवुड और देशभक्ति गीतों पर मस्ती और आनन्द में झूमते छात्र, कहीं अपने सुमधुर स्वर की मिठास से कार्यक्रम को सराबोर करते छात्राएं और इन सभी के बीच विद्यार्थियों के खिलते चेहरे कार्यक्रम के प्रति उनकी उत्सुकता दर्शा रहे थे। आयोजन की विषेशता विद्यार्थियों द्वारा अपनी क्षमतानुसार टीम भावना के साथ की गयी सम्पूर्ण कार्यक्रमो की प्रबन्धन शैली रहीं, जो यह उनकी कुशाग्रता, क्षमता व प्रोफेशनलिज्म को दर्शा रहा था।

इसके बाद सत्र 2021-22 के बीकाॅम (ऑनर्स), बीएड, बीएससी (ऑनर्स) कैमिस्ट्री, बीफार्म, बीएससी (ऑनर्स) एग्रीकल्चर, बीएससी (ऑनर्स) बायोटेक्नोलाॅजी, बीएससी (ऑनर्स) फिजिक्स, बीए एलएलबी (ऑनर्स), बीबीए (ऑनर्स), बीबीए, बीसीए, बीटेक, डीफाॅर्म, एमबीए, एमबीए (एफएमबी), एमसीए एवं पाॅलीटेक्निक डिप्लोमा के 104 विद्यार्थियों को मेरिट सर्टिफिकेट प्रदान किए।

डीप्टी डीन स्टूडेंट वेलफेयर डाॅ. हिमांशु शर्मा ने बताया कि दो दिवसीय इस वार्षिकोत्सव में कलर्स ऑफ़ इंडिया, ड्रामा कॉम्पटीशन, सिंगिंग काॅम्पटीशन, बैटल ऑफ़ बैंड्स, कृतिकला एंड ब्रश्स्टरॉक, मास्टर चीफ, नेल आर्ट एंड मेंहदी, बैटल ऑफ़ डांस, फैशन शो, सांझ आदि रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रत्येक विभाग के विद्यार्थियों ने अपने हुनर को निखारने के लिए प्रतिभाग किया है। निनाद ग्रुप के संयोजक डाॅ. विवेक मेहरोत्रा एवं विभिन्न विभागों के शिक्षक एवं शिक्षिकाओं सहित छात्र-छात्राओं का सहयोग सराहनीय रहा।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि एसएसपी शैलेश कुमार पांडेय को कुलपति प्रो. फाल्गुनी गुप्ता, सीईओ नीरज अग्रवाल ने स्मृति चिन्ह् भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन बीटेक की छात्रा दिव्यांशी, बीबीए की सलोनी, बीकाॅम की महक एवं बीफार्म की शिवांगी ने किया।

डा.अंबेडकर के व्यक्तित्व के सभी पक्षों को साथ लेकर चलेःडा.रजनीश

मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय में भारत रत्न डा.भीमराव अंबेडकर की 132वीं जयंती पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में निर्धारित विषय, राष्ट्रीय एकता में बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के विचारों की प्रासंगिकता, पर अपने ओजपूर्ण संबोधन में मुख्य वक्ता संस्कृति विवि के डाइरेक्टर आफ सेंटर फार एप्लाइड पालिटिक्स एंड स्टडी डा. रजनीश त्यागी ने कहा कि डा. अंबेडकर के व्यक्तित्व को समग्र स्वरूप में देखा जाना चाहिए न कि सिर्फ एक पक्ष को लेकर चलना चाहिए।
डा. रजनीश ने कहा कि डा. भीमराव अंबेडकर महात्मा बुद्ध के अनुयायी थे उन्होंने अपने विस्तृत अध्ययन से सारी दुनिया को अचंभित किया था। अनेक विषयों पर उनकी बहुत महत्वपूर्ण पुस्तकें हैं, जिससे उनके विशाल व्यक्तित्व को गढ़ा जा सकता है। उनके जीवन के सभी पहलुओं को समझना एक कठिन कार्य है। उनके लिए शिक्षित होना कितना महत्वपूर्ण था यह उनके द्वारा कहे इस कथन से स्पष्ट होता है कि शिक्षा शेरनी का वो दूध है जो पीएगा वो दहाड़ेगा। देश के एक और बटवारे के लिए अंग्रेजों ने डा. अंबेडकर पर अनेक डोरे डाले लेकिन वे उनके षडयंत्र में नहीं फंसे और उन्होंने देश को एक और बंटवारे से बचा लिया। इसे दुर्भाग्य ही कहेंगे कि उनकी ऐसी बहुत सी पुस्तकें हैं जिनपर कोई चर्चा नहीं होती। डा. अंबेडकर की कानूनविद्, अर्थशास्त्री और एक राजनेता के रूप में चर्चा की जानी चाहिए, जो नहीं होती। उनके साथ एक ही पक्ष को लेकर चलना डा. अंबेडकर के साथ न्याय नहीं है। डा. अंबेडकर के जीवन को गहराई से समझने की जरूरत है।
डा. रजनीश ने बताया कि डा. अंबेडकर को पढ़ने की बहुत आदत थी। वे 21 घंटे रोज पढ़ते थे। उन्होंने 32 डिग्रियां हासिल कीं थीं। छुआछूत पर उन्होंने तीन पुस्तकें लिखीं। लोगों ने उनके अनेक विचारों से कुछ ही का सिर्फ अपने हित साधने में उपयोग किया। जबकि वे समान नागरिक अधिकारों के पक्षधर थे। डा. रजनीश ने अनेक संदर्भों का जिक्र करते हुए डा. भीमराव अंबेडकर के विशाल व्यक्तित्व को बताया और शिक्षकों से अपेक्षा की वे अपने विद्यार्थियों को डा. अंबेडकर समग्र व्यक्तित्व की जानकारी दें, केवल एक पक्ष की नहीं।
राष्ट्रीय संगोष्ठी के अंत में संस्कृति स्कूल आफ एलाइड साइंसेज के डीन डा. डीएस तौमर ने संगोष्ठी में मौजूद लोगों का धन्यवाद और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज जरूरत है डा. अंबेडकर के विचारों को गहराई से समझने की। संगोष्ठी का संचालन संस्कृति विवि के ट्रेनिंग सेल की सीनियर मैनेजर अनुजा गुप्ता ने। संगोष्ठी का शुभारंभ विवि के डाइरेक्टर जनरल प्रो. जेपी शर्मा एवं विवि की विशेष कार्याधिकारी श्रीमती मीनाक्षी शर्मा द्वारा सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन से किया गया।

राज्यपाल के करकमलों से सम्मानित हुई के.डी. मेडिकल कॉलेज की छात्रा पूर्वा

फिजियोलॉजी में किया डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में टॉप

मथुरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के 88वें दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति एवं महामहिम राज्यपाल आनंदी बेन पटेल एवं कुलपति प्रो. आशुरानी के करकमलों से के.डी. मेडिकल कॉलेज मथुरा की सत्र 2020 की छात्रा पूर्वा जैन को फिजियोलॉजी में सर्वोच्च अंक लाने पर गोल्ड मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। एमबीबीएस की छात्रा पूर्वा ने अन्य विषयों में भी बहुत अच्छे अंक हासिल किए हैं।
मेधावी पूर्वा जैन की इस उपलब्धि पर आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. रामकुमार अशोका, उप-प्राचार्य डॉ. राजेन्द्र कुमार, जनरल मैनेजर अरुण अग्रवाल, विभागाध्यक्ष फिजियोलॉजी डॉ. शालिनी गांधी तथा डॉ. दुष्यंत कुमार ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि हम युवा पीढ़ी को सिर्फ एमबीबीएस की डिग्री हासिल करते नहीं देखना चाहते। मैं चाहता हूं कि यहां से जो बच्चा पढ़-लिखकर जाए वह अपने सेवाभाव से समाज में एक नजीर स्थापित करे।


आगरा में हुए गरिमामय समारोह में सम्मानित होने के बाद के.डी. मेडिकल कॉलेज लौटी पूर्वा जैन ने कहा कि मेरी इस सफलता का सारा श्रेय कॉलेज के अनुशासन और यहां की उच्चस्तरीय शैक्षिक व्यवस्थाओं को जाता है। पूर्वा ने विभागाध्यक्ष डॉ. शालिनी गांधी व डॉ. दुष्यंत कुमार की विशेष रूप से प्रशंसा की और कहा कि इन लोगों ने मुझे हमेशा मोटीवेट किया। पूर्वा का कहना है कि वह सिर्फ चिकित्सक की डिग्री हासिल करने नहीं आईं बल्कि वह एक अच्छे चिकित्सक के रूप में समाज की सेवा कर अपने माता-पिता की उम्मीदों को पूरा करना चाहती हैं।
इस अवसर पर छात्रा पूर्वा के पिता मोहित जैन ने कहा कि जब उनकी बेटी ने एमबीबीएस की पढ़ाई के लिए के.डी. मेडिकल कॉलेज मथुरा को प्राथमिकता दी तो उस समय बेटी से दूर होने का दुख था लेकिन आज मैं बेटी के निर्णय से बेहद खुश हूं। श्री जैन ने कहा कि उनकी पूर्वा से प्रतिदिन बात होती है और वह हमेशा कॉलेज की शिक्षा व्यवस्था तथा अनुशासन की तारीफ ही करती है।
पूर्वा की मां मोनिका जैन बेटी के फिजियोलॉजी में गोल्ड मेडल जीतने से बहुत प्रसन्न हैं। वह कहती हैं कि पूर्वा का बचपन से ही एक कुशल चिकित्सक बनने का लक्ष्य रहा है। वह बचपन में जब खेल-खिलौनों से खेलती थी तब भी वह चिकित्सकों की ही नकल करती थी। यहां तक कि वह अपने नाना से कहती कि मैं आपका आपरेशन करूंगी।

ओरल कैंसर से बचाने के.डी. डेंटल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने किया नुक्कड़ नाटक

तम्बाकू से नाता तोड़ो, स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो

मथुरा। गुरुवार को के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के छात्र-छात्राओं ने इंडियन एसोसिएशन आफ ओरल एण्ड मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजिस्ट के तत्वावधान में आमजन को ओरल कैंसर के प्रति जागरूक करने के लिए के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में तम्बाकू से नाता तोड़ो, स्वस्थ जीवन से नाता जोड़ो, तम्बाकू की आदत, कैंसर को दावत आदि तख्तियों को लेकर रैली निकाली और नुक्कड़ नाटक का मंचन किया। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने मरीजों और अटेंडरों को तम्बाकू उत्पादों का सेवन न करने की शपथ दिलाई। इतना ही नहीं छात्र-छात्राओं ने गीतों और स्लोगन के माध्यम से भी लोगों को कैंसर के दुष्परिणामों से अवगत कराया।
के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के प्राचार्य और डीन डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि भारत में कैंसर तेजी से बढ़ रहा है, इस पर रोक कैसे लगे इसके लिए न केवल सरकार बल्कि इंडियन एसोसिएशन आफ ओरल एण्ड मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजिस्ट भी चिंतित है। यह गौरव की बात है कि इंडियन एसोसिएशन आफ ओरल एण्ड मैक्सिलोफेशियल पैथोलॉजिस्ट ने समाज को ओरल कैंसर से बचाने के लिए जागरूकता टॉर्च के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल को सौंपी है। डॉ. लाहौरी ने कहा कि हर साल होने वाली कुल मौतों में से 12 फीसदी मौतें कैंसर से हो रही हैं लेकिन कैंसर की प्रारम्भिक अवस्था में ही पड़ताल हो जाए तो इसे आसानी से खत्म किया जा सकता है। इसका इलाज सम्भव है, बशर्ते शरीर में इसका फैलाव कम होना चाहिए।


विभागाध्यक्ष ओरल पैथोलॉजी डॉ. उमेश चंद्र प्रसाद ने बताया कि अब ओरल कैंसर को आसानी से ठीक किया जा सकता है। उन्होंने लोगों को कैंसर से सचेत रहने के लिए प्रेरित किया तथा दूसरों को भी जागरूक करने की सलाह दी। डॉ. प्रसाद ने बताया कि के.डी. डेंटल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में ओरल कैंसल से बचाव की बेहतर जांच और उपचार की सुविधाएं हैं। प्रो. (डॉ.) रामवल्लभ उपाध्याय ने बताया कि के.डी. डेंटल कॉलेज के छात्र-छात्राएं इस तरह के कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता लाने का काम कर रहे हैं। कॉलेज का मुख्य उद्देश्य लोगों की सेवा और उन्हें स्वस्थ जीवन के लिए जागरूक करना है। इस अवसर पर डॉ. अंकिता ने छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए सभी से पान, गुटखा, बीड़ी-सिगरेट, शराब आदि से दूर रहने की सलाह दी।
के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर में के.डी. डेंटल कॉलेज के डिपार्टमेंट ऑफ ओरल पैथोलॉजी की ओर से आयोजित नुक्कड़ नाटक की सभी लोगों ने तारीफ की। छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए सभी को पान, गुटखा और बीड़ी-सिगरेट से दूर रहने की सलाह दी। इस नाटक की स्क्रिप्ट छात्र-छात्राओं ने ही लिखी और कड़ी मेहनत के बाद इसे तैयार किया। ओरल कैंसर जागरूकता रैली की थीम आई कैन, वी कैन, इंडिया कैन (मैं कर सकता हूं, हम कर सकते हैं, भारत कर सकता है) रही।

राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र प्रज्ञान आनन्द ने गुरुग्राम में फहराया परचम

रोलर स्केटिंग में सिल्वर मेडल के साथ जीता 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार

मथुरा। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र-छात्राएं शिक्षा के साथ ही सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों में भी लगातार अपने शानदार प्रदर्शन से जनपद का गौरव बढ़ा रहे हैं। नौ अप्रैल को गुरुग्राम (हरियाणा) में हुई 17वीं आल इंडिया आमंत्रण रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा पांच के छात्र प्रज्ञान आनंद ने बेजोड़ प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल जीतकर समूचे ब्रज मण्डल को गौरवान्वित किया है। प्रज्ञान को शानदार प्रदर्शन के लिए सिल्वर मेडल और प्रमाण-पत्र के साथ आयोजकों द्वारा 15 हजार रुपये का नकद पुरस्कार भी प्रदान किया गया।
नौ अप्रैल को गुरुग्राम (हरियाणा) में हुई 17वीं आल इंडिया आमंत्रण रोलर स्केटिंग प्रतियोगिता में राजीव इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा पांच के छात्र प्रज्ञान आनंद ने धाक जमा दी। इस प्रतियोगिता में देशभर के विभिन्न विद्यालयों के रोलर स्केटरों ने सहभागिता करते हुए मेडल जीतने के प्रयास किए। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के होनहार खिलाड़ी प्रज्ञान ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
छात्र प्रज्ञान आनंद की शानदार सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि मैदान में खिलाड़ी का हौसला बड़ा होना चाहिए। शिक्षा हो या खेल सफलता संघर्ष के बिना कतई सम्भव नहीं है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि प्रज्ञान ने राजीव इंटरनेशनल स्कूल ही नहीं समूचे ब्रज क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है, इस होनहार बच्चे की जितनी भी तारीफ की जाए वह कम है।
स्कूल के प्रबंधक निदेशक मनोज अग्रवाल ने छात्र प्रज्ञान आनंद को बधाई देते हुए कहा कि उसने शिक्षा के साथ ही खेल के क्षेत्र में जो सफलता हासिल की है वह काबिलेतारीफ है। श्री अग्रवाल ने कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल छात्र-छात्राओं को उनकी रुचि के अनुरूप अवसर प्रदान करता है ताकि उनका सम्पूर्ण व्यक्तित्व विकास हो।
विद्यालय की शैक्षिक संयोजिका प्रिया मदान ने छात्र प्रज्ञान आनंद का उत्साहवर्धन करते हुए उसे शाबासी दी तथा कहा कि राजीव इंटरनेशनल स्कूल सभी छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास को प्रतिबद्ध है। विद्यालय प्रबंधन प्रज्ञान आनंद के उज्ज्वल भविष्य की कामना करता है।

संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को देश की नामचीन कंपनियों दी नौकरी

मथुरा। देश की प्रसिद्ध कंपनियों टिक साफ्टवेयर लि., कैपेस साफ्टवेयर प्रा.लि., ईकोस्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर्स ने संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अपनी कंपनियों में नौकरी दी हैं। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान लंबी चयन प्रक्रिया के बाद इन विद्यार्थियों को जाब आफर प्रदान किए गए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
कंपनियों द्वारा अपनाई गई चयन प्रक्रिया के दौरान संस्कृति विवि के विद्यार्थियों ने अपने उम्दा प्रदर्शन के दम पर कंपनियों से आए अधिकारियों को प्रभावित किया और जाब लेटर हासिल किए। बीटेक के छात्र गोविंद शर्मा, छात्रा निधि गोस्वामी, बीसीए के छात्र भारत को कैपेस साफ्टवेयर प्रा.लि. में नौकरी मिली है। कैपेस साफ्टवेयर कंपनी के अधिकारियों ने संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि कैपेस साफ्टवेयर में, हम ऐसे टूल बनाते हैं जो आपके विज़न को अमल में लाते हैं। हमारी डिजिटल और तकनीकी क्षमताएं, आपकी आवश्यकताओं के साथ संयुक्त नवीनतम औद्योगिक रुझान गेम-चेंजिंग सॉल्यूशंस की ओर ले जाएंगे। हम सिर्फ एक अन्य आईटी और सॉफ्टवेयर विकास कंपनी से कहीं अधिक हैं। भविष्य अत्याधुनिक तकनीक के साथ बिजनेस इंटेलिजेंस के विलय की मांग करता है।
टिक साफ्टवेयर लि. में नौकरी पाने वाले छात्रों में बीसीए के भारत, हर्षवर्द्धन, नरेंद्र सिंह, तरुण शर्मा हैं। कंपनी के अधिकारियों ने कैंपस प्लेसमेंट के दौरान बताया कि टिक कई प्रकार के निर्माताओं के लिए एक आदर्श इन्वेंटरी समाधान है। यह आपको विभिन्न प्रकार के कार्यों के लिए सरल और जटिल दोनों तरह के जॉब कार्ड बनाने की अनुमति देता है। आप उत्पादन को कारगर बनाने और निर्माण प्रक्रिया के प्रत्येक चरण में जवाबदेही स्थापित करने के लिए कई जॉब कार्डों को व्यापक निर्माण आदेशों में समूहित कर सकते हैं।
ईकोस्पेस इन्फ्रास्ट्रक्चर लि. में नौकरी पाने वाले डिप्लोमा सिविल के छात्र सन्नी कुमार, करन चौधरी हैं। कंपनी के अधिकारियों ने बताय कि ईकोस्पेस का उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण इंजीनियरिंग योजना, डिजाइन और परियोजना प्रबंधन परामर्श सेवाएं प्रदान करना है। इन्फ्रा-वर्ल्ड में हमारी उपस्थिति एक दशक से भी अधिक समय से है, जिसका नेतृत्व सब्जेक्ट मैटर एक्सपर्ट्स (एसएमई) की टीम कर रही है, जिसके पास वर्षों का व्यापक परियोजना निष्पादन अनुभव है, जिसने ग्राहक की अपेक्षाओं को पूरा करने के लिए विभिन्न क्षमताओं में कई संगठनों में काम किया है।

जीएलए बीटेक मैकेनिकल के 12 विद्यार्थी टीसीई में चयनित

जीएलए बीटेक मैकेनिकल के विद्यार्थियों को टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स में मिला रोजगार का अवसर

संस्कृति विवि के विद्यार्थियों को आईटी कंपनी में मिली नौकरी

मथुरा। लखनऊ स्थित देश की नामचीन आईटी कंपनी टेक्सट्रान टेक्नोलाजी ने संस्कृति विश्वविद्यालय के नौ विद्यार्थियों को अपनी कंपनी में नौकरी दी है। कैंपस प्लेसमेंट के दौरान लंबी चयन प्रक्रिया के बाद इन विद्यार्थियों ने जाब आफर हासिल किए। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चयनित विद्यार्थियों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं।
कंपनी द्वारा अपनाई गई चयन प्रक्रिया के दौरान संस्कृति विवि के कंप्युटर साइंस डिप्लोमा के छात्र दीपक सिंह, मोहित उपाध्याय, इलेक्ट्रिक डिप्लोमा के छात्र आसिफ मलिक, राहुल शर्मा, संपत सिंह, रवि कुमार, बीटेक मैकेनिकल के छात्र नितिन शुक्ला, दिव्यांशु यादव, बीटेक सीएस के छात्र अरविंद यादव का चयन किया गया। विद्यार्थियों को कंपनी के अधिकारियों ने अच्छे वेतन के साथ नियुक्तियां प्रदान की हैं। कंपनी के अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि कंपनी को आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर मैनेजमेंट, वेब-बेस्ड सॉल्यूशन, प्रोटोटाइप डिजाइन एंड डेवलपमेंट और प्रोडक्शन एंड मैन्युफैक्चरिंग सपोर्ट के क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्राप्त है। टैक्सट्रॉन टेक्नोलॉजीज की स्थापना वर्ष 2013 में तकनीकी पेशेवरों की योग्य, अनुभवी और समर्पित टीम के साथ पैन इंडिया में औद्योगिक ग्राहकों के लिए समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। हमारी सेवाएं डोमेन में उत्पाद डेवलपर्स की कार्यात्मक आवश्यकताओं और उपयोगकर्ता विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करती हैं। हमारी टीम के पास विभिन्न आर्किटेक्चर और प्लेटफॉर्म पर व्यापक अनुभव है और यह पावर अनुकूलित, मॉड्यूलर और सुविधा संपन्न उत्पाद डिजाइन सुनिश्चित करता है।
विद्यार्थियों के इस चयन पर हर्ष व्यक्त करते हुए संस्कृति विवि के कुलपति प्रोफेसर एमबी चेट्टी ने कहा कि विवि आपके उज्जवल भविष्य की कामना करता है। आप अपनी मेहनत और ज्ञान से कंपनी को तो ऊंचाइयों पर ले ही जाएंगे साथ ही विश्वविद्यालय का भी ना रौशन करेंगे, ऐसी आपसे अपेक्षा है।

दवाओं के रिएक्शन की तत्काल जानकारी देना जरूरीः वत्स

राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में फार्माकोविजिलेंस एवं ड्रग रेगुलेटरी अफेयर पर हुई कार्यशाला
मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में फार्माकोविजिलेंस एवं ड्रग रेगुलेटरी अफेयर पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें फार्मा रेगुलेटरी इंस्टीट्यूट के समन्वयक प्रदीप वत्स एवं पीआरआई के इंस्टीट्यूशन प्रबंधक कुंवर श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को दवाओं के लाभ और उनसे होने वाले दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यशाला का शुभारम्भ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।


कार्यशाला में प्रदीप वत्स ने बताया कि बहुत से मरीज दवाओं के रिएक्शन होने के बावजूद भी शिकायत नहीं करते जिसका प्रभाव दूसरे मरीजों पर भी पड़ सकता है। इसलिए जब भी किसी मरीज को इस तरह का रिएक्शन हो या दवाई का दुष्प्रभाव दिखे तो उसे तत्काल फार्माकोविजिलेंस आफीसर को उसके विषय में अवगत कराना चाहिए। यह प्रत्येक नागरिक की नैतिक जिम्मेदारी है। इससे बहुत से लोगों को परेशानी से बचाया जा सकता है। कुंवर श्रीवास्तव ने छात्र-छात्राओं को बताया कि भारत सरकार द्वारा फार्माकोविजिलेंस आफीसर की बहुत सी नियुक्तियां होने वाली हैं। उन्होंने विद्यार्थियों के मानसिक एवं शैक्षिक विकास को परखने के लिए एक बौद्धिक टेस्ट लिया और सर्वश्रेष्ठ पांच छात्रों का चयन किया।
आर.के. एज्यूकेशनल ग्रुप के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने अपने संदेश में कहा कि हर मनुष्य को अपने जीवन में नैतिकता का निर्वहन करना चाहिए। बच्चे कार्यशालाओं में विशेषज्ञों से जो ज्ञानार्जन करते हैं उसका रिवीजन जरूर करें। प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने कहा कि राजीव एकेडमी में छात्र-छात्राओं को सही राह दिखाने एवं करिअर के अवसर चुनने हेतु ऐसे कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी के निदेशक प्रो. (डॉ.) देवेन्द्र पाठक ने अतिथियों को स्मृति चिह्न एवं बुकें भेंटकर उनका स्वागत किया।
कार्यशाला में छात्र-छात्राओं के साथ ही संस्थान के प्राध्यापक हिमांशु चोपड़ा, तलेवर सिंह, डॉ. मयंक कुलश्रेष्ठ, आर.के. चौधरी, सुनम शाह, विभा, आकाश गर्ग, शिवेन्द्र कुमार, पवन पांडेय, वर्षा स्नेही, रितिक वर्मा, सोम्यदीप, बृजेश, अविनाश मिश्रा, बृजनंदन दुबे, रुचि अग्रवाल, कुलदीप सिंह आदि उपस्थित रहे।

पूर्व विधायक और वर्तमान विधायक की प्रतिष्ठा से जुड़ा होगा चुनाव

बाजना: कस्बे में निकाय चुनाव को लेकर सरगर्मी बढ़ने लगी है। नगर पंचायत में अध्यक्ष व सभासदों के टिकट के लिए जोर आजमाइश शुरू हो गई है। दावेदार इच्छुक पार्टियों से टिकट पाने के लिए अभी से गोटियां बिछाने में लगे हैं। दावेदारों की सबसे लंबी सूची भाजपा के पास है। अधिकांश नेता सत्ताधारी पार्टी से टिकट पाने के लिए हर जतन कर रहे हैं। कोई दलीय निष्ठा का हवाला दे रहा है, तो किसी के पास संघषों की लंबी फेहरिस्त है। भाजपा, बसपा से जुड़े नेता भी अपने-अपने दलों में टिकट पाने के लिए पैरवी में जुट गए हैं। नगर निकायों के चौक-चौराहे बैनर, पोस्टर से सजने लगे हैं। सभी जातीय गोलबंदी व प्रभाव के हिसाब से अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। आरक्षण की सूची जारी होने के बाद नगर पंचायत में अध्यक्ष व सभासद पद के लिए अभी से गोटियां बिछने लगी हैं। दावेदार सक्रिय हो अपने हिसाब से समीकरण साध रहे हैं। सभी दावेदार अपने-अपने राजनीतिक संरक्षकों के सहारे चुनाव वैतरणी पार करने की जुगत में हैं। अगर नगर पंचायत में मुकाबले की बात करें तो मांट विधायक राजेश चौधरी भी मजबूत प्रत्याशी को चुनाव मैदान उतारने के पक्षधर हैं। दूसरी तरफ पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा भी अपनी राजनीतिक जमीन बचाने के लिए पूरी मेहनत करेंगे दोनो नेताओ के चुनाव में आने से यहां का चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है। सभी दावेदार अभी से बैनर, पोस्टर लगाकर अपनी इच्छा का इजहार कर दिया है। अगर दावेदारों की बात करें तो मजबूत दावेदार सुभाष चौधरी जोके पूर्व चेयरमैन रेशमी देवी के सुपुत्र हैंं, दूसरी तरफ दावेदारी में प्रमुखता से एक नाम और चर्चा का विषय बना हुआ है समाज सेवा में हर समय बढ़ चढ़कर हिस्सा लेने वाले और हर धार्मिक कार्य में आगे रहने वाले कस्बे के व्यापारी एवं पूर्व सभासद भोला सेठ का नाम भी चर्चा में चल रहा है। अगर ब्राह्मण प्रत्याशियों में एक जुटता बनती है। तो पूर्व चेयरमैन हरिओम शर्मा के साथ श्याम सुंदर शर्मा के खास कार्यकर्ताओं में गिने जाने वाले ठेकेदार हुक्म चंद शर्मा भी टिकट की रेस में चल रहे हैं। अगर किसी कारण वश ब्राह्मण प्रत्याशियों में एकजुटता नही बनती तो श्याम सुंदर शर्मा का हाथ व्यापारी नेता नरेंद्र कुमार भोला सेठ ऊपर रखा लगभग तय माना जा रहा है।