Monday, February 26, 2024
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राजीव एकेडमी के छात्र-छात्राओं को बताए तकनीकी कौशल के फायदे

  • उभरती हुई तकनीक और करिअर पर हुआ अतिथि व्याख्यान

मथुरा। समय के साथ शिक्षा प्रणाली भी बदल रही है। अब पुस्तकीय ज्ञान के साथ ही जिसमें तकनीकी कौशल होगा उसे करिअर बनाने में आसानी होगी। आज के समय में कोई भी युवा नए आईटी कौशल तथा तकनीकी ज्ञान में इजाफा कर आसानी से अपना करिअर संवार सकता है। यह बातें गुरुवार को सॉफ्टवेयर एण्ड ए.आई.एम.एल. इंजीनियर प्रदीप कुमार ने राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के एमबीए और एमसीए के छात्र-छात्राओं को बताईं।
राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट द्वारा उभरती हुई तकनीक और करिअर विषय पर आयोजित अतिथि व्याख्यान में सॉफ्टवेयर एण्ड ए.आई.एम.एल. इंजीनियर प्रदीप कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि आज के समय में जो लोकप्रिय तकनीक हैं, वे करिअर निर्माण में बहुत उपयोगी सिद्ध हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि आज के समय में मशीन लर्निंग, यूएक्स डिजाइनर, रोबोटिक्स इंजीनियरिंग डेटा वैज्ञानिक आदि ऐसी तकनीकें हैं जिन्हें सीखकर छात्र-छात्राएं अपने करिअर को ऊंची उड़ान दे सकते हैं।
अतिथि वक्ता ने कहा कि आज केवल प्रौद्योगिकी ही नहीं बल्कि उसके साथ नए-नए कौशलों का चलन भी बढ़ता जा रहा है लिहाजा विद्यार्थियों को इन्हें सीखना चाहिए। उन्होंने हाइब्रिड रिमोट वर्क स्ट्रक्चर की विस्तार से चर्चा करते हुए डेटा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग और इंटरनेट आफ थिंग्स जैसी उभरती हुई प्रौद्योगिकियों को उत्तम तथा नई टेक्नोलॉजी की नींव बताया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी हर उद्योग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। जैसे-जैसे नवाचार तकनीकी कौशल की बढ़ती मांग को प्रेरित करता है, आईटी में करिअर पहले से कहीं अधिक व्यवहार्य हो गया है। सच कहा जाए तो अब भविष्य के कौशल हासिल करने और आईटी करियर के साथ आने वाले रोमांचक अवसरों का लाभ उठाने का सही समय है।
अतिथि वक्ता प्रदीप कुमार ने छात्र-छात्राओं को बताया कि उभरते तकनीकी करिअर को समझने और उसमें काम करने के लिए आपको हमेशा औपचारिक शिक्षा की आवश्यकता नहीं होती है। जिस नौकरी की भूमिका में आपकी रुचि है, उस पर शोध करके शुरुआत करें। जिस उद्योग में आप काम करना चाहते हैं या जिस करिअर को आप अपनाना चाहते हैं, उसके बारे में यथार्थवादी दृष्टिकोण प्राप्त करने का सबसे अच्छा तरीका उसी क्षेत्र के किसी व्यक्ति से बात करना हो सकता है। अतिथि व्याख्यान से पहले संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने गुलदस्ता भेंट कर अतिथि वक्ता प्रदीप कुमार का स्वागत किया।

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