Home Uncategorized समय के साथ अपग्रेड रहें, साइबर सिक्योरिटी बनेगी भविष्य की नींवजी.एल. बजाज के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को दी सीख

समय के साथ अपग्रेड रहें, साइबर सिक्योरिटी बनेगी भविष्य की नींवजी.एल. बजाज के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को दी सीख

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समय के साथ अपग्रेड रहें, साइबर सिक्योरिटी बनेगी भविष्य की नींवजी.एल. बजाज के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को दी सीख


मथुरा। आज के डिजिटल युग में डेटा सुरक्षा, नेटवर्क सेफ्टी और हैकिंग से बचाव हर उद्योग और हर व्यक्ति की प्राथमिकता बन चुकी है। टेक्नोलॉजी हर दिन बदल रही है, ऐसे में यदि हम समय के साथ स्वयं को अपग्रेड नहीं करेंगे तो पीछे रह जाएंगे। साइबर सिक्योरिटी न केवल रोजगार का क्षेत्र है बल्कि आने वाले वर्षों में यह राष्ट्रीय और वैश्विक सुरक्षा का आधार भी बनने वाला है। यह बातें जी.एल. बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन्स, मथुरा के ओरिएंटेशन प्रोग्राम में मुख्य अतिथि अरुण कुमार सिंह (सीईओ, इलांटस टेक्नोलॉजी, यूएसए) ने बी.टेक और एम.बी.ए. के नवागंतुक छात्र-छात्राओं को बताईं।
मां सरस्वती की पूजा-अर्चना तथा सरस्वती वंदना के बाद शुरू हुए ओरिएंटेशन प्रोग्राम में मुख्य अतिथि अरुण कुमार सिंह ने कहा कि सी-डॉट के अपने हालिया दौरे में उन्हें अहसास हुआ कि साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भारत कितना आत्मनिर्भर हो गया है, जिसकी कल्पना वे अमेरिका के डलास स्थित अपने इलांटस कार्यालय में बैठकर नहीं कर सकते थे। भारत साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में अपने उत्पादों और सेवाओं का अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात करने के लिए तैयार है।
संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने बी.टेक और एम.बी.ए. के नवागंतुक छात्र-छात्राओं का जीएल बजाज परिवार में स्वागत करते हुए उन्हें संस्थान की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन मूल्यों तथा अवसरों से परिचित कराया। प्रो. अवस्थी ने अपने 25 वर्षों के अनुभव साझा करते हुए छात्र-छात्राओं को बताया कि जीवन अनमोल है, इसे सीखने में निवेश करें। सही समय कभी नहीं आता बल्कि खुद समय को सही बनाना पड़ता है। उन्होंने कहा कि जीवन में समय का बहुत महत्व है लिहाजा कोई भी जरूरी काम कल पर नहीं छोड़ना चाहिए। प्रो. अवस्थी ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे संस्थान को अपना परिवार समझकर अध्ययन करें। यदि किसी प्रकार की कोई परेशानी हो तो उसे अवश्य बताएं ताकि उसका समय से निराकरण किया जा सके।
बी.टेक विभागाध्यक्ष डॉ. वी.के. सिंह ने नवागंतुक छात्र-छात्राओं को समूह विभाजन (भौतिकी व रसायन) की जानकारी दी। इसके बाद विभिन्न विभागाध्यक्षों ने छात्र-छात्राओं को अपने-अपने विषयों एवं अवसरों की विस्तार से जानकारी दी। एम.बी.ए. विभागाध्यक्ष डॉ. शशि शेखर ने भारत के “2047 तक विकसित राष्ट्र” विजन पर प्रकाश डाला। प्रो. प्रमोद कुमार (एआईएमएल विभाग) ने ए.आई. और मशीन लर्निंग की अहमियत बताते हुए शोध एवं तकनीकी अवसरों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करने की सलाह दी। डॉ. भोले सिंह ने छात्र-छात्राओं को अनुशासन, सीनियर-जूनियर संबंध और शिक्षकों के सम्मान का महत्व बताया। महिला प्रकोष्ठ की प्रमुख डॉ. शिखा गोविल ने महिला सुरक्षा, लैंगिक समानता और परामर्श सहायता हेतु सेल की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
बी.टेक और एम.बी.ए. के नवप्रवेशी छात्र-छात्राओं को करियर मार्गदर्शन एवं क्लब परिचय डॉ. नवीन पांडेय ने दिया। डॉ. पांडेय ने करियर गाइडेंस सत्र में छात्र-छात्राओं को उद्योग अपेक्षाओं तथा नियोजित मेहनत की अहमियत बताई। साथ ही उन्हें संस्थान के विभिन्न क्लबों सांस्कृतिक, साहित्य, खेल, पर्यावरण, नाटक व फोटोग्राफी आदि का परिचय कराया। इस अवसर पर वीडियो एवं संदेशों के माध्यम से वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने जी.एल. बजाज संस्थान से जुड़ी अपनी प्रेरक कहानियां साझा कीं।
नवागंतुक छात्र-छात्राओं को संस्थान की महत्वपूर्ण जानकारी देने के बाद बी.टेक और एम.बी.ए. के टॉपरों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का समापन डॉ. अजय कुमार उपाध्याय के धन्यवाद ज्ञापन व राष्ट्रगान के साथ हुआ। संस्थान प्रमुखों द्वारा नवागंतुक छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास, अनुशासन और सहभागिता की परम्परा को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया गया। कार्यक्रम का संचालन बी.टेक. द्वितीय वर्ष की छात्रा काव्या गोयल और अवंतिका त्रिपाठी ने किया।
चित्र कैप्शनः मुख्य अतिथि अरुण कुमार सिंह को स्मृति चिह्न भेंट करतीं प्रो. नीता अवस्थी।

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