Thursday, January 1, 2026
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राजीव एकेडमी में कैम्पस टू कॉरपोरेट पर अतिथि व्याख्यान आयोजित


व्यावहारिक दक्षता और सकारात्मक सोच सफलता के मूलमंत्रः लतिका मित्तल
मथुरा। कॉर्पोरेट जगत में सफलता की राह शैक्षणिक क्षेत्र से ही शुरू होती है। शैक्षणिक उपलब्धियों का महत्व निर्विवाद है लेकिन सिर्फ किताबी ज्ञान से आगे नहीं बढ़ा जा सकता। अकादमिक क्षेत्र से कॉर्पोरेट जगत में पहुंचने के लिए विद्वतापूर्ण कौशल, व्यावहारिक दक्षता और सकारात्मक सोच का सहज समन्वय आवश्यक है। यह बातें ईजी एरिक्सन प्रा.लि. की एचआर लतिका मित्तल ने कैम्पस टू कॉरपोरेट विषय पर आयोजित अतिथि व्याख्यान में राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट के छात्र-छात्राओं को बताईं।
अतिथि वक्ता लतिका मित्तल ने छात्र-छात्राओं को बताया कि पारस्परिक और नेतृत्व कौशल को समग्र रूप से विकसित करने के लिए आपको पाठ्येतर गतिविधियों, इंटर्नशिप और स्वयंसेवी कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि टीम में सहयोग करने, प्रभावी ढंग से संवाद करने और आलोचनात्मक सोच विकसित करने की आपकी क्षमता कॉर्पोरेट जगत में सफलता की नींव है। इसलिए, कक्षाएं केवल सैद्धांतिक ज्ञान का स्थान नहीं बल्कि एक सफल पेशेवर यात्रा के लिए आवश्यक व्यावहारिक कौशलों का प्रशिक्षण स्थल बन जाती हैं।
रिसोर्स पर्सन ने कहा कि अकादमिक लर्निंग और प्रोफेशनल (कॉरपोरेट) जगत के बीच जो भी कुछ है, उसे समझना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि उचित सोच, रणनीतिक दूरदर्शिता और सावधानीपूर्वक तैयारी के साथ, कोई भी कॉर्पोरेट जगत के गतिशील परिदृश्य में एक बेहद संतोषजनक और शानदार सफल करियर की ओर आत्मविश्वास से आगे बढ़ सकता है। हम व्यावसायिक दुनिया की चुनौतियों को सीखकर उच्च पैकेज पर प्लेसमेंट की सम्भावना को मजबूत कर सकते हैं।
रिसोर्स पर्सन ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आपके अंदर कम्युनिकेशन, टीमवर्क, अच्छी लीडरशिप, समस्या-समाधान की योग्यता तथा लोगों को समझने की समझ बहुत महत्वपूर्ण है। ये योग्यताएं किसी भी कार्य में सफलता दिलाने में सहायक होती हैं और कॉरपोरेट जॉब में व्यक्तिगत शक्ति के रूप में कार्य करती हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आभासी दुनिया के सकारात्मक और नकारात्मक प्रभावों के प्रयोग और इम्पैक्ट्स सीखने पर बल दिया।
लतिका मित्तल ने छात्र-छात्राओं से कहा कि आपकी प्रोफाइल में केवल आपकी योग्यताएं ही नहीं दिखनी चाहिए बल्कि आपके कौशल, उपलब्धियों और आपके करियर की आकांक्षाओं का स्पष्ट दर्शन होना चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मजबूत अकादमिक नींव बनाना, एक प्रभावशाली रिज्यूमे तैयार करना, नेटवर्किंग की कला में निपुणता प्राप्त करना और कार्यस्थल पर आवश्यक दक्षताओं को निखारना, ये सभी सफल परिवर्तन के स्तम्भ हैं। चुनौतियों को व्यक्तिगत और व्यावसायिक विकास के अवसरों के रूप में स्वीकार करना, गतिशील परिवर्तनों के सामने अनुकूलनशीलता बनाए रखना तथा निरंतर सीखने के लिए प्रतिबद्ध रहना अनिवार्य रणनीतियां हैं।
विभागाध्यक्ष प्रबंधन डॉ. विकास जैन ने अतिथि वक्ता का स्वागत करते हुए उनका आभार माना। संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक सिंह भदौरिया ने छात्र-छात्राओं से रिसोर्स पर्सन के अनुभवों से सीख लेने और उनके द्वारा साझा किए गए मूल्यवान विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।
चित्र कैप्शनः मां सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्वलित करते अतिथि वक्ता लतिका मित्तल, साथ में डॉ. विकास जैन। दूसरे चित्र में प्राध्यापक और छात्र-छात्राएं।

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